दूसरे टेस्ट के पहले दिन गिरे 18 विकेट, स्टार्क के बाद शोरिफुल का जलवा

AUSvsBAN मैके में एक रोमांचक पहले दिन 18 विकेट गिरे। क्वींसलैंड के इस तटीय मैदान पर पहले टेस्ट के शुरुआती दिन बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ों ने छह-छह विकेट लेकर इसे पुराने ज़माने के गेंदबाज़ों का खेल बना दिया। डार्विन में मिली करारी हार के कुछ ही दिनों बाद, ऑस्ट्रेलिया ने ज़बरदस्त वापसी की। मिशेल स्टार्क के शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने बंगलादेश को 64 रन पर ऑल-आउट कर दिया – जो उनका चौथा सबसे कम टेस्ट स्कोर है। हालांकि, बाद में ऑस्ट्रेलिया की पारी भी लड़खड़ाई, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक उन्होंने 101 रनों की अहम बढ़त बना ली।

पैट कमिंस ने टॉस जीता और बिना किसी हिचकिचाहट के बंगलादेश को पहले बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया। इसके बाद स्टार्क ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मैच की पहली ही गेंद पर शादमान इस्लाम को गली में कैच आउट करा दिया। विकेटों के गिरने का सिलसिला तेज़ी से चला; टॉप-6 बल्लेबाज़ों में से चार बिना खाता खोले आउट हो गए और बंगलादेश का स्कोर सात ओवर के अंदर 5 विकेट पर 12 रन हो गया।

नई गेंद के साथ स्टार्क की गति और स्विंग का बल्लेबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने 22 गेंदों के अंदर पांच बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेज दिया, लेकिन मुशफिकुर रहीम के डटकर खेलने की वजह से उन्हें हैट्रिक का मौका नहीं मिला। पारी के बीच में थोड़ी देर के लिए बंगलादेश की स्थिति संभली। मेहदी हसन मिराज और हसन महमूद ने पहला सेशन निकाला और ब्रेक तक बांग्लादेश का स्कोर 6 विकेट पर 35 रन तक पहुंचा, लेकिन यह राहत ज़्यादा देर नहीं रही। लंच के बाद कमिंस ने दो और विकेट लिए, जबकि जोश हेज़लवुड ने भी एक विकेट चटकाया।

इसके बाद स्टार्क ने वापसी की और बाकी बचे विकेट लेकर 10 ओवर में 12 रन देकर 6 विकेट का शानदार कारनामा पूरा किया। इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने डेल स्टेन के 439 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बंगलादेश की टीम सिर्फ़ 34 ओवर में ऑल-आउट हो गई। दूसरे सेशन के एक घंटे से भी कम समय में उनकी पारी खत्म हो गई। निचले क्रम के बल्लेबाजों की हिम्मत भरी बल्लेबाजी की वजह से ही वे इस फ़ॉर्मेट में अपने अब तक के सबसे कम स्कोर (वेस्टइंडीज के खिलाफ़ 43 रन) से आगे निकल पाए।

वापसी कर रहे मैट रेनशॉ, ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन के नाकाम रहने के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि वे दिन का खेल पूरी तरह से दबदबे के साथ खत्म करेंगे। स्टीवन स्मिथ और कैमरन ग्रीन ने ऐसी पिच पर बल्लेबाजी को आसान बना दिया, जिसने सुबह से ही बल्लेबाजों को परेशान किया था। उन्होंने हल्के हाथों से गैप में शॉट खेले और छोटी या सीधी गेंदों का फायदा उठाकर स्कोरिंग रेट को पांच रन प्रति ओवर से ऊपर पहुंचाया। इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ़ 108 गेंदों में 77 रन जोड़े।

फिर शोरिफुल इस्लाम की धीमी गेंद का कमाल दिखा। बांग्लादेश की पारी में सबसे ज़्यादा 14 रन बनाने और हेड व लाबुशेन का विकेट लेने के बाद, इस बाएं हाथ के गेंदबाज ने वही अनुशासन और लाइन-लेंथ दिखाई जिससे स्टार्क को दिन की शुरुआत में सफलता मिली थी। उन्होंने सबसे अहम विकेट लिया और आखिरी सेशन में ड्रिंक्स ब्रेक के ठीक समय पर स्मिथ को 42 रन पर पगबाधा आउट कर दिया।

यहीं से पारी का रुख बदल गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए जो दिन अब तक आसान लग रहा था, वह अचानक मुश्किलों में घिर गया। एलेक्स कैरी आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में लेंथ बॉल को ठीक से नहीं खेल पाए और मिड-ऑन पर कैच दे बैठे, जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 5 विकेट पर 145 रन हो गया। इसके बाद उन्होंने 3 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए; शोरिफुल ने ब्यू वेबस्टर और पैट कमिंस को शून्य पर आउट किया और फिर स्टार्क को भी बोल्ड कर दिया।

इन सबके बीच, एक खिलाड़ी अडिग रहा। कैमरन ग्रीन ने उसी स्पष्टता और शांति के साथ बल्लेबाजी की, जो उन्हें डार्विन में फॉर्म में वापसी वाली सेंचुरी के दौरान मिली थी। उनकी नाबाद 51 रनों की पारी वाकई शानदार थी, खासकर ऐसी पिच पर जिसने लगभग हर दूसरे बल्लेबाज को मुश्किल में डाला था। उनके डटे रहने की वजह से ऑस्ट्रेलिया दिन का खेल खत्म होने तक 101 रन आगे रहा। पहले दिन की उथल-पुथल को देखते हुए यह बढ़त काफी अहम साबित हो सकती है।

संक्षिप्त स्कोर: बांग्लादेश 64 (शोरिफुल इस्लाम 14; मिशेल स्टार्क 6-12, पैट कमिंस 3-25), ऑस्ट्रेलिया 165/8 (कैमरन ग्रीन 51*, स्टीव स्मिथ 42; शोरिफुल इस्लाम 6-35) से 101 रन पीछे।

पहले टेस्ट के तीसरे ही दिन पाकिस्तान को मिली इंग्लैंड के हाथों पारी की हार

ENGvsPAK

ENGvsPAK तेज गेंदबाजों ओली रॉबिन्सन, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग के तीन-तीन विकेटों की बदौलत इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पहले टेस्ट के तीसरे ही दिन शुक्रवार को पारी और 103 रन से पीट दिया। यह सिर्फ़ दूसरी बार है जब इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ों ने टेस्ट मैच में पाकिस्तान के सभी 20 विकेट लिए हैं; इससे पहले 2001 में लॉर्ड्स में ऐसा हुआ था।लीड्स में पाकिस्तान को लगातार दूसरी बार पारी से हार का सामना करना पड़ा है; इससे पहले 2018 में भी उन्हें पारी और 55 रनों से हार मिली थी।

गेंदबाज़ी में भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। पाकिस्तान ने कई मौके गंवाए और दूसरे दिन लंबे समय तक कोई खास असर नहीं डाल पाए, जिससे इंग्लैंड को पहली पारी में बड़ी बढ़त बनाने का मौका मिल गया। इंग्लैंड ने खत्म होने कल के 8 विकेट पर 366 रन से आगे खेलते हुए पहली पारी में 409 रन बनाये और 238 रन की भारी बढ़त हासिल की।

हेडिंग्ले को अपनी पसंदीदा जगह बनाने वाली टीम के खिलाफ़, उन मौकों को गंवाना भारी पड़ने वाला था। इंग्लैंड ने शानदार खेल दिखाया और एक बार बढ़त बनाने के बाद, उन्होंने मेहमान टीम को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। मैच से पहले जो रूट ने इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण की विविधता और गहराई के बारे में बात की थी और बताया था कि वह अपने पास मौजूद अलग-अलग तरह के कौशल को लेकर कितने उत्साहित हैं।

उनके गेंदबाज़ निश्चित रूप से उम्मीदों पर खरे उतरे। आर्चर, एटकिंसन, रॉबिन्सन और टंग ने स्टंप्स पर लगातार गेंदबाज़ी की, सही लेंथ पर गेंद डाली और पूरे मैच के दौरान अपनी योजनाओं में बेहतरीन बदलाव किए। इन सभी ने मिलकर पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखा और यह सुनिश्चित किया कि इंग्लैंड का मैच पर पूरा नियंत्रण रहे।

पाकिस्तान को थोड़ी किस्मत की ज़रूरत थी, और बाबर आज़म के चोट के कारण बाहर होने के बाद तो इसकी और भी ज़्यादा ज़रूरत थी। लेकिन किस्मत अक्सर उनका साथ देती है जो छोटे-छोटे मौकों का भी पूरा फ़ायदा उठाते हैं, और पाकिस्तान इस टेस्ट में ऐसा करने में नाकाम रहा। वे टॉस हार गए और फिर कई अहम मौके गंवा दिए।

मैच की शुरुआत में एक छोटा सा समय ऐसा आया जब इमाम-उल-हक और अब्दुल्ला शफ़ीक़ की 91 रनों की साझेदारी ने उन्हें कुछ हद तक नियंत्रण दिलाया, लेकिन उनमें से किसी एक को उस अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की ज़रूरत थी। इसके बजाय, जोश टंग के खिलाफ़ इमाम के आक्रामक शॉट ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दीं और टीम 117/3 से 171 रन पर ऑल आउट हो गई।

जुलाई 2023 से पाकिस्तान ने विदेश में सिर्फ़ दो टेस्ट मैच जीते थे, और अगर इंग्लैंड में कोई ऐसी जगह थी जहाँ वे अपना रिकॉर्ड सुधारने की कोशिश बिल्कुल नहीं करना चाहते, तो हेडिंग्ले उनमें से एक थी। पिछले दशक में यह इंग्लैंड के लिए एक अभेद्य किला रहा है, और इस जीत के साथ यहाँ खेले गए पिछले नौ टेस्ट मैचों में उनकी यह आठवीं जीत है। इनमें से चार जीत पारी के अंतर से मिली हैं, और दिलचस्प बात यह है कि ये सभी एशियाई टीमों के खिलाफ़ थीं – दो बार पाकिस्तान के खिलाफ़, एक बार भारत के खिलाफ़ और एक बार श्रीलंका के खिलाफ़।

पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद रिजवान ने 41 और शान मसूद ने 29 रन बनाये। ओली रॉबिन्सन, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने तीन-तीन विकेट लेकर पाकिस्तान का दूसरी पारी में पुलिंदा 135 रन पर बाँध दिया जबकि गस एटकिंसन ने एक अन्य विकेट हासिल किया। ओली रॉबिन्सन को मैच में कुल आठ विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

ऑस्ट्रेलिया से पुर्तगाल पहुंच बना कप्तान और जड़ दिए 51 गेंदों में 111 रन

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बिग बैश लीग (BBL) और ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाले मोइसेस हेनरिक्स ने  टी-20 विश्वकप क्वालिफायर में 51 गेंदों में 111 रनों की आतिशी पारी खेली है। इस पारी में 12 चौके और 7 छक्के शामिल थे। लेकिन यह पारी उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं बल्कि पुर्तगाल के लिए खेली है।हाल ही में उन्होंने अपने जन्मस्थान पुर्तगाल से क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई थी। वह पुर्तगाल टीम के कप्तान बने और आज क्वालिफायर में आतिशी पारी खेल डाली।यह पारी उन्होंने यूरोप सब क्वालिफायर में चेकिया देश के खिलाफ खेली।

मोइसेस हेनरिक्स ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जो कभी भी किसी विश्व खिताब का हिस्सा नहीं रहे क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में कभी कभार ही मौके मिले। 39 साल के हेनरिक्स ने मार्च 2025 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन पिछले समर में न्यू साउथ वेल्स के लिए ए लिस्ट क्रिकेट खेला और जनवरी में सिक्सर्स को BBL फाइनल तक पहुंचाया। उन्हें सिक्सर्स के साथ नया अनुबंध नहीं मिला और BBL की दूसरी टीमों की दिलचस्पी के बावजूद उन्होंने एक ही क्लब के लिए खेलने वाले खिलाड़ीके तौर पर अपना करियर खत्म करने का फैसला किया।

ऐसा रहा करियर

उन्होंने BBL के सभी 15 सीजन में 154 मैच खेले है, जिसमें उनके पहले और आखिरी सीज़न का फ़ाइनल भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में सभी फ़ॉर्मेट में हेनरिक्स के 420 घरेलू मैचों से ज़्यादा किसी ने नहीं खेले हैं; इसमें NSW के लिए 110 प्रथम श्रेणी मैच और 112 A List मैच शामिल हैं। उन्होंने NSW के लिए 38 टी-20 मैच और 2012-13 में चैंपियंस लीग जीतने वाली सिक्सर्स टीम के लिए छह मैच भी खेले। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। उनके नाम 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 T-20I मैच दर्ज हैं।

ICC ने दी पाक क्रिकेट को राहत, इस स्टेडियम से हटाया डिमेरिट अंक

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जून में खेले गए तीसरे वनडे के लिए लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम की पिच को दिए गए डिमेरिट अंक को गुरुवार को वापस ले लिया।पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कहा कि आईसीसी अपील पैनल ने जून में खेले गए मुकाबलों के लिए लगाए गए डिमेरिट अंकों के खिलाफ पीसीबी और क्रिकेट कनाडा की अपील के बाद पिच रेटिंग की समीक्षा की।मैच के फुटेज, रेफरी की रिपोर्ट और कप्तानों की टिप्पणियों की समीक्षा के बाद पैनल ने अपना फैसला पलट दिया।

आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘चार जून को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे पुरुष एकदिवसीय में पिच को ‘असंतोषजनक’ रेटिंग दिए जाने के बाद लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम पर लगाया गया डिमेरिट अंक वापस ले लिया गया है। पैनल ने पाया कि मैच रेफरी ने आईसीसी की पिच और आउटफील्ड निगरानी प्रक्रिया के दिशानिर्देशों का पालन किया था, लेकिन पिच पर अत्यधिक असमान उछाल या स्पिन देखने को नहीं मिली।’’

अपील पैनल ने कहा कि हालांकि मैच रेफरी ने दिशानिर्देशों का पालन किया था इस्तेमाल की गई पिच की स्थिति ‘‘संतोषजनक पिच के अनुरूप’’ थी और उसमें ‘‘अत्यधिक असमान उछाल, सीम मूवमेंट या स्पिन’’ नहीं थी। इसलिए पैनल ने डिमेरिट अंक वापस लेने का फैसला किया।पाकिस्तान ने तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीती थी। तीनों मुकाबलों में दोनों टीमों के स्पिनरों का दबदबा रहा।

श्रीलंका के प्रदर्शन से खुश नहीं कोच, दूसरे टेस्ट से पहले दिया यह बयान

श्रीलंका क्रिकेट टीम के नए कोच गैरी कर्स्टन ने पहले टेस्ट की हार के बाद टीम को समझाइश दी है और दूसरे टेस्ट से पहले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाई है। कोच ने कहा है कि टीम के साथ चोटिल खिलाड़ियों के अलावा कई समस्याएं है लेकिन उनको दरकिनार कर दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने पर टीम का ध्यान होना चाहिए खासतौर पर बल्लेबाजी में।

कर्स्टन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं श्रीलंकाई क्रिकेट से जुड़कर विशेष रूप से उत्साहित हूं। यहां कुछ शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन टीम को अभी विकसित होने की जरूरत है। जब आप ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं तो यह समझना कभी-कभी मुश्किल होता है कि टेस्ट मैच किस तरह खेलना है।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ महीनों में यह हमारा तीसरा टेस्ट मैच है और मैं पहले से ही टीम को विकसित होते देख रहा हूं तथा हम टीम को एक स्वरूप देने की शुरुआत कर रहे हैं।’’

कोच ने कहा, ‘‘लेकिन किसी समय हमें इसे प्रदर्शन में बदलने में सक्षम होना होगा।’’कर्स्टन इस बात से भी खुश थे कि पहली पारी में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बावजूद श्रीलंका ने संघर्ष किया और मैच को पांचवें और अंतिम दिन तक खींचा।उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे दिन की शुरुआत में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद टेस्ट मैच को पांचवें दिन दोपहर तक ले जाना विशेष रूप से सुखद था। टीम ने संघर्ष किया और टेस्ट मैच में बने रहने की पूरी कोशिश की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सुबह तक भी हमें विश्वास था कि हम या तो टेस्ट मैच जीत सकते हैं या कम से कम उसे ड्रॉ करा सकते हैं। इसलिए टीम की ऊर्जा और रवैये से मैं वास्तव में खुश था।’’

हालांकि कर्स्टन ने माना कि बल्लेबाजी, विशेषकर शीर्ष क्रम की विफलता ने श्रीलंका को नुकसान पहुंचाया।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप पूरे टेस्ट मैच को देखें तो हमने बल्ले से संघर्ष किया, खासकर दोनों पारियों में हमारे शीर्ष क्रम ने। शायद यही हमारी हार का कारण बना।’’

कर्स्टन ने युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा की भी तारीफ की गॉल टेस्ट में 100 और 84 रन की पारियां खेलीं।हालांकि चोटिल खिलाड़ियों को लेकर कर्स्टन का अपडेट मेजबान टीम के लिए दूसरे टेस्ट से पहले उत्साहजनक नहीं रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुसाल मेंडिस को पैर की मांसपेशियों में खिंचाव की गंभीर चोट है। वह कुछ समय तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। पाथुम निसांका भी और दिनेश (चांदीमल) भी अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस लिहाज से हम कुछ खिलाड़ियों को नहीं खिला पाएंगे, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए टीम में आने और अपनी दावेदारी पेश करने का शानदार मौका भी बनता है। वास्तव में इनमें ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका इस देश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बहुत अच्छा रिकॉर्ड है। इसलिए यह उनके लिए अच्छा अवसर है।’’

भारत के पूर्व मुख्य कोच कर्स्टन ने भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की भी तारीफ की और कहा कि उनकी पारी ने भारत को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारत ने पहली पारी में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। देवदत्त पडिक्कल ने मेरी देखी हुई बेहतर टेस्ट पारियों में से एक खेली। उन्होंने जरूरत से ज्यादा आक्रामकता नहीं दिखाई, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। यह किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए एक अच्छी सीख थी।’’

भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से हराकर पाई टेस्ट सीरीज में बढ़त

INDvsSL भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से गॉल टेस्ट में हराकर टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। 372 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही  श्रीलंका को भारत ने 206 रनों पर समेट दिया और सीरीज में निर्णायक बढ़त बना ली। करीब 1 साल बाद भारत किसी बड़ी टीम के खिलाफ जीता है। इससे पहले भारत ने लीड्स में इस ही दौरान इंग्लैंड को हराकर सीरीज 2-2 से बराबर की थी।

भारत की पहली पारी में 462 रन बनाए लेकिन बारिश के कारण यह पारी 2 दिन तक चली। श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 284 रन बनाए और बमुश्किल फॉलोऑन टाल पाई। भारत की दूसरी पारी 194 रनों पर सिमट गई और श्रीलंका के लिए 372 रनों का लक्ष्य दिया गया। श्रीलंका की दूसरी पारी महज 206 रनों पर सिमट गई और इस तरह भारत ने गॉल टेस्ट अपने नाम कर लिया।

77 पर 4 विकेट खोकर अंतिम दिन बल्लेबाजी करनी उतरी श्रीलंका ने मैच के पहले देढ़ घंटे संयम से बल्लेबाजी की लेकिन पहले ज़ड़ेजा और फिर प्रसिद्ध कृष्णा ने टीम को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। भोजनकाल तक श्रीलंका 6 विकेट के नुकसान पर 175 रन बना चुकी थी।

भोजनकाल के बाद मानव सुथार ने एक ही ओवर में 3 विकेट लेकर मैच को भारत की झोली में डाल दिया। आज बारिश के ना आने के कारण ही भारत यह मैच अपनी गिरफत में ले पाया।भाग्य का ऐसा साथ रहा कि भारत के मैच जीतते ही मैदान पर तेज बारिश शुरु हो गई।

वेस्टइंडीज के खाते में गए पुरुष और महिला प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड

वेस्टइंडीज क्रिकेट अपने पतन की ओर है लेकिन कभी कभार किसी बड़ी टीम को हरा लेती है। ऐसे में टीम ने जुलाई के महीने में दोनों पुरुष और महिला टीम के प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड जीते हैं। वेस्टइंडीज पुरुष टीम की ओर से जस्टिन ग्रीव्स और महिला टीम की ओर से हैली मैथ्यू को यह अवार्ड दिया गया।

जस्टीन ग्रीव्स पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में सुर्खियों में आए थे। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट में लगातार 5 मेडन ओवर डालकर 5 विकेट निकाले। टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करने वाले वह पहले गेंदबाज बन गए। उनके इस स्पेल से वेस्टइंडीज को दूसरे दिन पाकिस्तान पर पहली पारी के आधार पर 29 रनों की बढ़त मिल गई।कुल 11 ओवर में उन्होंने 6 मेडन ओवर डालकर सिर्फ 27 रन दिए और 5 पाकिस्तानी बल्लेबाज को चलता किया।

ग्रीव्स ने यह अवार्ड जीतने के बाद कहा , “घर पर खेलते हुए मेरा महीना यादगार रहा, और श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ बैट और बॉल दोनों से योगदान देना मेरे लिए खास रहा।” “टेस्ट क्रिकेट में असरदार परफॉर्मेंस देना हमेशा मेरे लिए यादगार रहेगा, खासकर जब वे हमारे घरेलू फैंस के सामने हों।”

“मुझे टीम के लिए कुछ ज़रूरी परफॉर्मेंस में अपनी भूमिका निभाकर खुशी हो रही है, और मुझे उम्मीद है कि मैं आगे भी अच्छा योगदान दे पाऊंगा। मैं अपने टीम के साथियों और टीम स्टाफ को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद देता हूं और आने वाले महीनों में इस मोमेंटम को और बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।”

वहीं हैली मैथ्यू वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट टीम की ही नहीं विश्वस्तरीय ऑलराउंडर है। हाल ही में हुई आयरलैंड सीरीज में उन्होंने 3 एकदिवसीय मैच में 2 शतक जड़े इसके अलावा गेंद से उन्होंने पहले एकदिवसीय मैच में 3 विकेट लिए और अंतिम वनडे में 2 विकेट चटकाए।

अवार्ड जीतने के बाद मैथ्यूज ने कहा , “मैं एक बार फिर ICC प्लेयर ऑफ़ द मंथ अवॉर्ड जीतकर बहुत खुश हूँ। यह पिछले अवॉर्ड्स जितना ही खास है, और मुझे उम्मीद है कि यह मुझे अपने स्टैंडर्ड्स को बेहतर बनाने, वेस्ट इंडीज़ में योगदान देने और भविष्य में ऐसे और अवॉर्ड्स जीतने के लिए प्रेरित करेगा।”

“यह महिला क्रिकेट के लिए एक रोमांचक समय है, जिसमें पहले से कहीं ज़्यादा ध्यान और दिलचस्पी है। मुझे अपने प्रदर्शन से इसकी ग्रोथ में योगदान देने पर गर्व है और मैं महिलाओं के खेल को लगातार सपोर्ट देने के लिए ICC को धन्यवाद देती हूँ।”

कप्तान बाबर आजम चोटिल होकर इंग्लैंड के खिलाफ हैडिंग्ले टेस्ट से हुए बाहर

Babar Azam_Pakistan

बेकेनहम में टीम के वॉर्म-अप मैच के दौरान हाथ में लगी चोट से उबर न पाने के कारण बाबर आज़म लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ पाकिस्तान के पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं। यह मैच बुधवार से शुरू हो रहा है।

वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ हालिया सीरीज़ से पहले पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान के तौर पर दोबारा चुने गए बाबर की जगह सलमान आगा तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के पहले मैच में कार्यवाहक कप्तान होंगे। 32 साल के आगा 2024 से टी 20 क्रिकेट में पाकिस्तान की कप्तानी कर चुके हैं और 27 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। हेड कोच सरफ़राज़ अहमद ने पुष्टि की है कि वह सीरीज़ के पहले मैच में टीम की कमान संभालेंगे।

पाकिस्तान अभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में आठवें स्थान पर है, जो इंग्लैंड से एक पायदान नीचे है। दोनों टीमें तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के दौरान अपनी स्थिति बेहतर करने की कोशिश करेंगी।

पाकिस्तान अपनी बैटिंग लाइन-अप में भी बदलाव कर सकता है। वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ दोनों टेस्ट मैच न खेलने के बाद सऊद शकील की वापसी की संभावना है। त्रिनिदाद में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ दूसरे मैच में टेस्ट डेब्यू करने वाले अवैस ज़फ़र अपनी जगह बनाए रख सकते हैं, जबकि पूर्व कप्तान शान मसूद भी चोट से उबरने के बाद वापसी की कोशिश कर रहे हैं।

बाबर का न होना पाकिस्तान के लिए एक और झटका है, क्योंकि वे इंग्लैंड की उस टीम का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं जो टेस्ट क्रिकेट में एक नए दौर से गुज़र रही है। इंग्लैंड की कप्तानी जो रूट करेंगे, जबकि मार्कस ट्रेस्कोथिक सीरीज़ के लिए अंतरिम हेड कोच की ज़िम्मेदारी संभालेंगे, जिसके बाद स्टीफन फ्लेमिंग पूर्णकालिक भूमिका संभालेंगे।

डब्ल्यूटीसी टेबल में दोनों टीमों के निचले पायदान पर होने के कारण यह सीरीज़ और भी अहम हो जाती है। पाकिस्तान अभी दूसरे-आखिरी स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड उनसे ठीक ऊपर सातवें स्थान पर है।

टी-20 विश्वकप में उलटफेर करने वाली इटली खेलेगी पहला एकदिवसीय मैच

अपनी फुटबॉल टीम के लिए मशहूर इटली अब क्रिकेट में धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। कुछ महीने पहले ही टी-20 विश्वकप में इटली के स्पिनरों ने हालात का पूरा फ़ायदा उठाकर नेपाल के खिलाफ बेन मैनेंटी ने 9 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि कृष्ण कलुगामागे ने 22 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद मोस्का भाइयों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से नेपाल को कोई मौका नहीं दिया। हां, टारगेट ज्यादा नहीं था लेकिन उन्होंने 12.4 ओवर में उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया।

अब यह खबर आ रही है कि आगामी एकदिवसीय विश्वकप क्वालिफायर में इटली आधिकारिक तौर पर अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलेगा।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

बांग्लादेश ने 9 विकेट से ऑस्ट्रेलिया को उसके मैदान पर हराकर दर्ज की एतिहासिक टेस्ट जीत

AUSvsBAN मेहदी हसन मिराज (पांच विकेट) और हसन महमूद (तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन रविवार को नौ विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसी के साथ बांग्लादेश ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। यह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। बांग्लादेश ने टेस्ट में दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को हराने का कारनामा किया है।

ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट पर 161 रन से आगे खेलना शुरु किया। आज सुबह के सत्र में मेहदी हसन मिराज ने एलेक्स कैरी (30) को आउट कर बांग्लादेश को पांचवीं सफलता दिलाई। इसके बाद आने वाले बल्लेबाज थोड़ा संघर्ष करने के बाद अपने-अपने विकेट गवांते रहे। हालांकि इस दौरान कैमरन ग्रीन एक छोर थामे रन बनाते रहे। इस दौरन उन्होंने अपने शतक पूरा किया।

बो वेब्स्टर (पांच), कप्तान पैट कमिंस (आठ), मिचेल स्टार्क (18) रन बनाकर आउट हुये। 93वें ओवर में मिराज ने शतक बना चुके कैमरन ग्रीन को आउट किया। कैमरन ग्रीन ने 201 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाते हुए 104 रनों की पारी खेली। इसके बाद 96वें ओवर में मिराज ने नेथन लॉयन (15) रन को पगबाधा आउटकर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी का 284 रनों के स्कोर पर अंत कर दिया।

बांग्लादेश को जीत के लिए 57 रनों का लक्ष्य मिला। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी बंगलादेश ने 14.2 ओवरों में एक विकेट गवांकर 57 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। एकमात्र आउट होने वाले बल्लेबाज तंजिद हसन (शून्य) रहे। उन्हें जॉश हेजलवुड ने बोल्ड आउट किया। शादमान इस्लाम (25) और मोमिनुल हक (30) रन बनाकर नाबाद रहे।

बांग्लादेश की ओर से मेहदी हसन मिराज ने पांच विकेट लिये। वहीं हसन महमूद ने दोनों पारियों में कुल नौ विकेट लिये और उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया।यह जीत बांग्लादेश के लिए एक बहुत बड़ा पल है, खासकर ऐसे साल में जब उन्होंने राजनीतिक कारणों से टी-20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, मार्च के बाद से उन्होंने काफी जीत हासिल की हैं, और यह बड़ी टेस्ट जीत उसी का नतीजा है।

मैच में हसन महमूद के नौ विकेट और तंजिद हसन के पहले शतक के साथ-साथ मेहदी हसन मिराज की अर्धशतक और पांच विकेट लेने का कारनामा भी देखने को मिला। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बल्ले से और कप्तान के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत को इतना अविश्वसनीय बनाने वाली बात थी इस मैच से पहले बंगलादेश की फॉर्म।

इससे ठीक एक हफ़्ते पहले क्रिकट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में वे 54 रन पर ऑल आउट हो गए थे, और टेस्ट सीरीज में चोटिल नाहिद राणा की कमी को लेकर बहुत चर्चा हो रही थी। फिर भी, बांग्लादेश के गेंदबाजो ने ऑस्ट्रेलिया को दोनों पारियों में 300 रन से कम पर ऑल आउट कर दिया, जबकि उनकी कमजोर बल्लेबाजी लाइन-अप टेस्ट में मज़बूती से डटी रही।

संक्षिप्त स्कोर इस प्रकार रहा:- ऑस्ट्रेलिया पहली पारी 198 रन, दूसरी पारी 284 रन। बंगलादेश पहली पारी 426 रन और दूसरी पारी एक विकेट पर 57 रन।