न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि वे सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए शहर आने वाले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी की कानूनी संभावना पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में शहर के विधि विभाग के साथ बातचीत चल रही है। ममदानी ने कहा कि वे वही करेंगे, जिसकी कानून इजाजत देगा। उन्होंने दोहराया कि उनके मुताबिक नेतन्याहू का स्थान द हेग में है, जहां अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोपियों पर मुकदमा चलता है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने नवंबर 2024 में गाजा में कथित युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ममदानी ने न्यूयॉर्क टाइम्स के पॉडकास्ट द इंटरव्यू में कहा कि नेतन्याहू युद्ध अपराधों के आरोपी हैं और कई लोग यही मानते हैं। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने ममदानी पर यहूदी विरोधी माहौल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममदानी बढ़ते यहूदी विरोध का सामना करने के बजाय इजराइल के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। डैनन ने पुष्टि की कि नेतन्याहू 22 से 28 सितंबर के बीच होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में संबोधन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेयर का रुख इससे कोई फर्क नहीं डालेगा। उन्होंने X पर लिखा कि अगर किसी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए तो वह न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हैं। हाल ही में एक रेडियो इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा था कि उन्हें ममदानी की गिरफ्तारी संबंधी धमकियों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूयॉर्क के मेयर हमास का समर्थन करते हैं और अमेरिका से नफरत करते हैं। अमेरिका और इजराइल, दोनों ICC के सदस्य नहीं हैं। अमेरिकी संघीय कानून राज्य और स्थानीय प्रशासन को ICC के अनुरोधों पर सहयोग करने से रोकता है। पिछले साल न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल भी कह चुकी हैं कि मेयर के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है।

वेस्टइंडीज के प्रमुख ऑलराउंडर्स में से एक गैरी सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। क्रिकेट वेस्टइंडीज के हवाले से इस खबर की पुष्टि हुई। बहुत कम क्रिकेटर्स के नाम के आगे सर जुड़ा होता है ऐसे में वह कितने महान थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उनके नाम के आगे सर लगता था।
सर गैरी सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में हुआ था। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 17 साल की उम्र में ही पदार्पण कर लिया था। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज थे और बाएं हाथ से ही तेज गेंदबाजी करते थे। यही नहीं जरुरत के हिसाब से वह स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते थे । उस जमाने में उन्होंने उच्च कोटि का क्षेत्ररक्षण कर नजीर पेश की। करियर की बात करें तो उन्होंने 93 टेस्ट में 8032 रन बनाए और 235 विकेट लिए और 109 कैच लिए।
Tributes pour in from across the cricketing world following the untimely passing of West Indies great Sir Garfield Sobers.https://t.co/NgZWfI7866
— ICC (@ICC) July 18, 2026
सबसे पहले बनाया 6 छक्कों का रिकॉर्ड
क्रिकेट की दुनिया के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स ने रथम श्रेणी क्रिकेट में 1 ओवर में 6 छक्के उड़ाने का अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया था।बाएं हाथ के महान बल्लेबाज सर गैरी सोबर्स ने इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में नॉटिंघमशायर टीम की ओर से खेलते हुए यह ऐतिहासिक एवं आश्चर्यजनक उपलब्धि हासिल की थी। सोबर्स ने स्वासनिया में ग्लेमोर्गन के खिलाफ खेलते हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मैल्कम नैश के 1 ओवर की 6 गेंदों पर 6 छक्के उड़ाकर यह रिकॉर्ड बनाया था।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की एक रिपोर्ट के मुताबिक मैच में रनों की रफ्तार को रोकने के लिए टीम के कप्तान ने मैल्कम को स्पिन गेंदबाजी करने के लिए कहा था लेकिन उनका यह दांव उल्टा साबित हुआ और सोबर्स ने 1 ओवर में छक्कों की झड़ी लगाते हुए यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। विंडीज के महान ऑलराउंडर सोबर्स इस मैच में 76 रन बनाकर नाबाद रहे थे।
गैरी सोबर्स के इस रिकॉर्ड की बराबरी भारतीय ऑलराउंडर रवि शास्त्री ने जनवरी 1985 में की। मौजूदा भारतीय कोच शास्त्री ने बॉम्बे (अब मुंबई) की ओर से खेलते हुए बड़ौदा के लेफ्ट आर्म स्पिनर तिलक राज के 1 ओवर में 6 छक्के उड़ाए थे। इसके अलावा धुरंधर भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह ने 2007 के ट्वंटी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के 1 ओवर में 6 छक्के ठोंककर यह अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के नए प्रारूप को लेकर आईसीसी के फै़सले पर एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों ने नाराज़गी और हैरानी जताई है। नामीबिया, नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड के कप्तानों ने सार्वजनिक रूप से इन बदलावों की आलोचना की है। नए प्रारूप के तहत दो टीमें सिर्फ़ शुरुआती दो मैच खेलने के बाद ही विश्व कप से बाहर हो जाएंगी।
अगले साल दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में तकनीकी रूप से 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2019 और 2023 संस्करणों में10 टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन सबसे निचली रैंकिंग की क्वालीफ़ाई करने वाली टीमों के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत तीन टीमों वाली राउंड-रॉबिन ‘सुपर सीरीज़’ से होगी, जिसके बाद दो टीमें केवल दो मैच खेलकर ही बाहर हो जाएंगी।
इस फै़सले से प्रमुख एसोसिएट देशों के खिलाड़ी नाराज़ हैं, क्योंकि सबसे ज़्यादा असर उन्हीं पर पड़ने की संभावना है। साथ ही उन्होंने मौजूदा क्रिकेट विश्व कप लीग 2 की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें आठ एसोसिएट टीमें 36-36 मैच खेलकर सिर्फ़ अगले साल होने वाले वैश्विक क्वालिफ़ायर में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं।
विश्व क्रिकेट खिलाड़ियों के वैश्विक संगठन (डब्ल्यूसीए) की ओर से जारी बयान में नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा, “किसी भी देश के लिए वनडे विश्व कप में जगह बनाना बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। ऐसे में वर्षों की तैयारी के बाद अगर उस अवसर की वास्तविकता बदल दी जाए, तो यह बेहद निराशाजनक है।”
नीदरलैंड्स ने 2023 विश्व कप के लिए आयरलैंड, ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज जैसी टेस्ट टीमों को पीछे छोड़कर क्वालीफ़ाई किया था। उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका और बंगलादेश को हराकर बड़े उलटफेर भी किए थे। लेकिन उस सफलता के बावजूद उन्हें इसके बाद से किसी भी आईसीसी पूर्ण सदस्य देश के ख़िलाफ़ एक भी वनडे खेलने का मौक़ा नहीं मिला है।
नामीबिया के कप्तान गेर्राड इरास्मस ने कहा, “कई देशों के खिलाड़ियों के लिए वनडे विश्व कप सिर्फ़ एक और टूर्नामेंट नहीं होता। यही हमारा प्रमुख प्रारूप है, इसी के इर्द-गिर्द करियर बनते हैं और पीढ़ियां सपने देखती हैं। हम सभी मानते हैं कि विश्व कप में जगह कमानी पड़ती है, लेकिन क्वालीफ़ाई करने के बाद सबसे बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा का वास्तविक अवसर भी मिलना चाहिए। यह एसोसिएट स्तर पर लंबे समय से चले आ रहे सीमित अवसरों की परंपरा को ही आगे बढ़ाता है।”
Four international captains raise their voices against the new CWC 2027 format, which is engineered for broadcasters. pic.twitter.com/WadkXq2QmA
— Ragav X (@ragav_x) July 17, 2026
डब्ल्यूसीए ने भी आईसीसी की निर्णय प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता, संवाद और परामर्श की कमी रही। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम मॉफैट ने कहा कि आईसीसी के “क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने” के घोषित लक्ष्य और टूर्नामेंट के प्रारूप में इस तरह के बड़े बदलाव के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल है।
जब आईसीसी ने पांच साल पहले 14 टीमों वाले विश्व कप की घोषणा की थी, तब प्रस्तावित प्रारूप में सात-सात टीमों के दो ग्रुप और उसके बाद ‘सुपर सिक्स’ चरण शामिल था। इसी योजना के अनुसार टीमों ने पूरे चक्र की तैयारी की, लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ़ 15 महीने पहले उन्हें पता चला कि प्रारूप में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।
स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंगटन ने कहा, “खिलाड़ी यह उम्मीद नहीं करते कि हर फै़सला वही लें, लेकिन ऐसे फै़सलों पर, जिनका खेल और खिलाड़ियों के करियर पर बड़ा असर पड़ता है, उनसे सार्थक तरीके से परामर्श जरूर किया जाना चाहिए। अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आने से बेहतर फै़सले लिए जा सकते हैं और हम चाहते हैं कि खेल में ऐसा सही तरीके से शुरू हो।” दुनिया की 12वीं रैंकिंग वाली आयरलैंड टीम के वनडे कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने कहा कि मौजूदा 48 टीमों वाले फीफा विश्व कप ने दिखाया है कि कम स्थापित खेल राष्ट्र भी वैश्विक आयोजनों में कितना मूल्य और आकर्षण जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट को भी इसी तरह का रास्ता अपनाना चाहिए ताकि खेल को आगे बढ़ाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा अवसर मिल सकें।”
Rohit Sharma Retirement: क्या भारतीय क्रिकेट टीम का एक और शानदार दौर खत्म होने वाला है? PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला तीसरा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच हो सकता है, क्योंकि नेशनल सिलेक्शन कमिटी के UK में चल रही मौजूदा सीरीज के बाद इस शानदार व्हाइट-बॉल खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की उम्मीद कम लग रही है। बता दें कि रोहित शर्मा ने अपने पिछले 8 वनडे मैचों में कुल 241 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 30.1 और स्ट्राइक रेट 88.6 का रहा है। उन्होंने इस दौरान एक हाफ-सेंचुरी भी लगाई है।
सिलेक्टरों के चेयरमैन अजीत अगरकर टूरिंग सेलेक्टर के तौर पर कार्डिफ में हैं, और यह साफ है कि सेलेक्टर अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए 39 साल के, दो बार ICC ट्रॉफी जीतने वाले भारतीय कप्तान पर विचार नहीं कर रहे हैं।
PTI से बातचीत में BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “नेशनल सेलेक्टर चाहते हैं कि यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने तीन पारियों में दो शतक लगाए हैं, उन्हें ज्यादा मौके मिलें। लगभग 20 मैच होने हैं, और जायसवाल को वे 20 मैच मिलने चाहिए।
अधिकारी ने कहा, “कोई भी रोहित को रिटायर होने के लिए नहीं कह सकता, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज को देखते हुए, सेलेक्टर आगे की ओर देखना चाहेंगे। रोहित का भविष्य क्या होगा, यह फैसला उन्हें ही लेना है।”
रोहित शर्मा सिलेक्टर्स के फैसले से खुश नहीं
वहीं, रोहित शर्मा अभी भी भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हैं और उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली भारतीय चयन समिति ने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। समिति ने कथित तौर पर रोहित शर्मा और टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को भी इस योजना की जानकारी दे दी है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा इस फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने इंग्लैंड में चल रही वनडे सीरीज के दौरान BCCI अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत भी की है।
विराट कोहली के बारे में क्या?
यह बताना जरूरी है कि हेड कोच गौतम गंभीर और अगरकर इस बात पर सहमत हैं कि अपनी फ़ॉर्म और फिटनेस को देखते हुए विराट कोहली का टीम में चुना जाना तय है, जबकि रोहित के मामले में ऐसा नहीं है।
माना जा रहा है कि अगर इंग्लैंड सीरीज के बाद भी रोहित को टीम में बनाए रखा जाता है, तो जायसवाल- जो उनके बाद टीम में आने के लिए तैयार हैं – का कीमती खेलने का समय जाहिर तौर पर बर्बाद होगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि टेस्ट से संन्यास लेने के मामले में सिलेक्शन कमिटी और रोहित की राय एक जैसी नहीं थी।
हालांकि, सिलेक्शन कमिटी के करीबी सूत्रों का कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि रोहित इंग्लैंड में होने वाले पांच टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो मैच खेलने के बाद कोई फैसला लें, लेकिन रोहित के पक्ष को जानने वालों का कहना है कि उनका इरादा कभी भी सिर्फ दो मैच खेलने का नहीं था और वे पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध थे।
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दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाज का अर्धशतक या शतक रोकने में हार्दिक पांड्या मशहूर है। कल कुछ ऐसा ही काम इंग्लैंड के गस एटिंकसन ने किया। 99 पर नाबाद खड़े जो रूट का उन्होंने शतक नहीं होने दिया। पहले उन्होंने गुरुनूर बराड़ की अंतिम गेंद पर एक रन लिया और फिर अगले ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर चौका मार कर इंग्लैंड को दूसरे एकदिवसीय मैच में भारत के खिलाफ जीत दिला दी।
Another superb knock by Joe Root that fell agonisingly short of a century in England's win over India in the second ODI
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— ICC (@ICC) July 17, 2026
हालांकि मैन ऑफ द मैच बने जो रूट इस बात से ज्यादा आहत नहीं है। रूट शतक नहीं बना सके लेकिन उन्होंने कहा कि भारत जैसी शीर्ष वनडे टीम के खिलाफ जीत अधिक संतोषजनक है और उनका मानना है कि इससे निर्णायक मैच में इंग्लैंड का पलड़ा भारी होगा।उन्होंने कहा ,‘‘ अगर हम हार जाते तो बहुत बुरा लगता। हम जीतने के लिये ही खेलते हैं। अब हमारे पास दुनिया की नंबर एक टीम को श्रृंखला में हराने का मौका है।’’
रूट ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले घरेलू 50 ओवरों की नियमित प्रतिस्पर्धाओं के जरिये उस तरह का अनुभव नहीं मिल पा रहा जो पहले खिलाड़ियों को मिलता था।उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे लगता है कि टीम और युवा खिलाड़ियों के लिये यह सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।उन्होंने कहा ,‘अभी ही नहीं बल्कि आने वाले समय में भी , जो भी खिलाड़ी टीम में आयेगा उसे 50 ओवरों के क्रिकेट में उतना अनुभव या समझ नहीं होगी क्योंकि अब यह प्रारूप उतना खेला नहीं जाता है।’’
जो रूट ने पहले एकदिवसीय मैच में भी 79 रन बनाकर 106 पर 6 विकेट गंवाकर मुश्किल स्थित में पहुंच चुकी इंग्लैंड को 258 रनों तक पहुंचाया था। पहले एकदिवसीय मैच में भी वह नाबाद रहे थे। दो नाबाद पारियों के कारण वह इस सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाज बन गए हैं।
दूसरे एकदिवसीय मैच में दूसरी ही गेंद से क्रीज पर आए जो रूट ने 133 गेंदों में 9 चौके लगाकर 99 नाबाद रन बनाए। उन्होंने जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा का मुश्किल स्पैल निकाला।

ENGvsIND इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट मैचों की भारत के खिलाफ एकदिवसीय मैच में भी एक छोर पकड़कर रखा और इंग्लैंड को भारत पर 5 साल बाद एकदिवसीय मैच में जीत दिला दी। इससे पहले अंतिम बार इंग्लैंड 2021 में भारत में अहमदाबाद में बाद में बल्लेबाजी कर मैच जीता था।
99 रनों पर नाबाद जो रूट शतक से महरूम रह गए लेकिन लगातार 2 एकदिवसीय मैच में वह अपनी टीम की इज्जत बचा गए वह भी बिना आउट हुए। इस पारी के लिए उनको मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। पहले मैच में उन्होंने 79 रनों की नाबाद पारी खेली थी। इंग्लैंड ने भारत को दूसरे वनडे में गुरूवार को 35 गेंद शेष रहते चार विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल कर ली।
भारत ने श्रेयस अय्यर (66) और विराट कोहली (65) के अर्धशतकों से 44 ओवर में 233 रन का स्कोर बनाया जबकि रूट की बेहतरीन पारी से इंग्लैंड ने 44.1 ओवर में छह विकेट पर 235 रन बनाकर सीरीज को बराबरी पर ला दिया। प्लेयर ऑफ द मैच बने रूट ने एक छोर संभालकर खेलते हुए 133 गेंदों की अपनी मैच विजयी पारी में नौ चौके लगाए।
An efficient chase by England has secured them a comprehensive victory over India in the second ODI
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— ICC (@ICC) July 16, 2026
जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा ने इंग्लैंड को शुरुआती झटका दे दिया था और फिर गुरनूर बराड़ ने भी इंग्लैंड को तीसरा झटका दिया। लेकिन इसके बाद जो रूट डट गए और पहले हैरी ब्रूक(16) के साथ उन्होंने साझेदारी की। इसके बाद सैम करन (26) और जोस बटलर (17) के साथ साझेदारी करते हुए उन्होंने इंग्लैंड को मुक़ाबले में बनाए रखा। विल जैक्स (30) के साथ वह इंग्लैंड को जीत के क़रीब ले गए लेकिन जैक्स बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गए। हालांकि रूट अंत तक डटे रहे और गस एटकिंसन (नाबाद 23) के साथ इंग्लैंड को जीत दिलाकर ही वापस लौटे।
एटकिंसन ने प्रसिद्ध कृष्णा की शॉर्ट गेंद को डीप स्क्वायर लेग की दिशा में पुल किया और बटोर लिया विजयी चौका, इसका मतलब है कि रूट 99 के स्कोर पर ही रहेंगे, बहरहाल इंग्लैंड ने सीरीज बराबर कर ली है। तीन मैचों की सीरीज़ अब 1-1 की बराबरी है जिसका फ़ैसला अब 19 जुलाई को लॉर्ड्स में होगा।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा घोषित अभिशासन, सदस्यता और सदस्यों की सहायता में में बदलावों के तहत कैरिबियाई क्रिकेट को लोन मिलेगा। एडिनबर्ग में हुई सिलसिलेवार वार्षिक बैठक के बाद सदस्यों से जुड़े कई फ़ैसले लिए गए, जिनमें वेस्टइंडीज़ क्रिकेट को आर्थिक मदद देना भी शामिल रहा।
अफ्रीकी देश मॉरिशस को ICC का 111वां मेंबर बनाया गया है, जिससे इसके 12 स्थायी सदस्य और 98 अन्य एसोसिएट सदस्य की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है। इसके अलावा, ICC ने घोषणा की कि क्रिकेट कनाडा के लिए बहाली की शर्तें मंज़ूर कर ली गई हैं; इस बोर्ड पर लगे मौजूदा निलंबन को हटाने से पहले इन शर्तों को पूरा करना ज़रूरी है।
वहीं दूसरी ओर ICC को श्रीलंका क्रिकेट से संशोधित संविधान के बारे में अपडेट मिला है। फ़िलहाल, चुनाव होने तक श्रीलंका क्रिकेट ICC बोर्ड की बैठकों में प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएगा। इस बीच, ICC सदस्यता मानदंड का उल्लंघन करने के कारण फ़्रांस क्रिकेट को नोटिस दिया गया है।

वेस्टइंडीज़ क्रिकेट के लिए समर्थन
ICC ने क्रिकेट वेस्टइंडीज़ को समर्थन के तौर पर 1.28 करोड़ डॉलर का लोन दिया है। यह बोर्ड, जो कई सालों से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है, आईसीसी से मदद की मांग करता रहा है। यह बात समय-समय पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी उठाया है।
30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुए साल के वित्तीय विवरण के अनुसार, CWI को 28 मिलियन डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल उसे 24 मिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ हुआ था। 2026 चक्र में 26 मिलियन डॉलर के लॉस के अनुमान के साथ, CWI के स्टेटमेंट में अनुदान की कमी को पूरा करने के लिए ICC से Loan Financing और Commercial Banking क्रेडिट सुविधाओं का ज़िक्र किया गया था। अब यह हकीकत बन गया है।
इससे पहले 2012 में, तत्कालीन वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड को ज़िम्बाब्वे के साथ ICC से सहायता फ़ंडिंग मिली थी। 2020 में, COVID-19 महामारी के दौरान, क्रिकेट वेस्टइंडीज़ को ECB से 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन मिला था, जिसे समय पर चुका दिया गया।

कुछ दिन पहले मीडिया में छपी खबरों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद एकदिवसीय विश्वकप के लिए सुपर 6 प्रणाली का क्रियान्वन करने वाला था जो कि साल 2003 की प्रणाली से मेल खाती थी। लेकिन अब ने ना केवल एकदिवसीय विश्वकप में सुपर 6 की जगह सुपर 7 चरण बल्कि टी-20 विश्वकप में सुपर 8 की जगह सुपर 10 चरण प्रणाली अपनाई है। इसे फैंस आसानी से इन दो टेबल से समझ सकते हैं।
एकदिवसीय विश्वकप 2027
टूर्नामेंट के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीम पहले सुपर सीरीज दौर खेलेंगी। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम दूसरे चरण में पहुंचेगी जहां छह टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा।प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीम और दोनों ग्रुप में अगली सबसे बेहतर टीम Super-7 चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी (पहले यहां Super-6 चरण होना था)। सुपर-7 चरण की चार सर्वश्रेष्ठ टीम सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
NEW WORLD CUP FORMAT
The ICC has approved a new format for the 14-team Men's ODI World Cup.
A new 'Super Series' round will precede the group stage, before a seven-team 'Super 7' decides the semifinalists. pic.twitter.com/N3sS2nUXm2
— Cricbuzz (@cricbuzz) July 15, 2026
इस टूर्नामेंट में 10 टीम सीधे क्वालीफाई करेंगी। तीन मेजबान देशों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पूर्ण सदस्य देश होने के कारण अपने आप क्वालीफाई करेंगे। तीसरा मेजबान देश नामीबिया एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाएगा।वनडे रैंकिंग की शीर्ष आठ टीमें बाकी 10 स्थानों को पूरा करेंगी। बची हुई चार टीम का फैसला वैश्विक क्वालीफायर के जरिए होगा।
T20I विश्व कप 2028
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण के बाद अब सुपर-8 की जगह सुपर-10 चरण होगा।टूर्नामेंट में चार-चार टीम के पांच ग्रुप बनाए जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीम सुपर-10 में पहुंचेंगी।
पिछले चरण में सुपर-8 के प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती थीं। नए प्रारूप में अब प्रत्येक ग्रुप की केवल शीर्ष टीम ही सीधे अंतिम चार में पहुंचेगी। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम विपरीत ग्रुप की तीसरे स्थान वाली टीम के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी जिससे प्रतियोगिता में एक नया रोमांच जुड़ जाएगा।
NEW T20 WORLD CUP FORMAT
The Men's T20 World Cup gets a new look: five groups of four, a 10-team second stage replacing the Super Eights, and Eliminators before the semifinals. pic.twitter.com/UU53aaf3jn
— Cricbuzz (@cricbuzz) July 15, 2026
वहीं 2026 टी20 विश्व कप में खेलने वाली लेकिन स्वतः क्वालीफाई नहीं कर पाने वाली बाकी टीम सीधे वैश्विक क्वालीफायर में पहुंचेंगी।वैश्विक क्वालीफायर के अन्य आठ स्थानों के लिए क्षेत्रीय क्वालीफिकेशन होगा। इनमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीम जबकि अमेरिका और पूर्वी एशिया प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम क्वालीफाई करेगी।वैश्विक क्वालीफायर में प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वश्रेष्ठ टीम 2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अपने सबसे बड़े और प्रमुख टूर्नामेंट्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में यह फैसला लिया गया कि साल 2027 में होने वाले वनडे (ODI) वर्ल्ड कप और 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए जाएंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नए बदलाव के तहत 2027 वनडे वर्ल्ड कप में ‘सुपर 7’ स्टेज को शामिल किया गया है। इसी तरह 2028 में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे चरण में ‘सुपर 8’ की जगह अब ‘सुपर 10’ स्टेज को आजमाने का फैसला किया गया है।
2027 वनडे वर्ल्ड कप: 3 चरणों का खेल और ‘सुपर 7’ का नया नियम
दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहले की योजना के मुताबिक 14 टीमें हिस्सा लेंगी (जो पिछले संस्करण की 10 टीमों से अधिक है)। लेकिन आईसीसी ने प्रतियोगिता को अधिक रोमांचक बनाने के लिए नॉकआउट और फाइनल्स से पहले इसे तीन चरणों में बांट दिया है।
समझिए वनडे वर्ल्ड कप का नया गणित
चरण 1 (सुपर सीरीज राउंड): वर्ल्ड कप के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीमों के बीच एक सुपर सीरीज राउंड खेला जाएगा। इस राउंड में जो टीम टॉप पर रहेगी वह दूसरे चरण (राउंड टू) में आगे बढ़ेगी।
चरण 2 (ग्रुप राउंड): दूसरे चरण में कुल 6 टीमों को दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा।
चरण 3 (सुपर 7 स्टेज): पहले तय किए गए सुपर 6 की जगह पर अब सुपर 7 स्टेज को जोड़ा गया है। दोनों ग्रुपों में से टॉप-3 पर रहने वाली टीमें और इसके साथ ही दोनों ग्रुपों को मिलाकर अगले सर्वोच्च स्थान पर रहने वाली एक और टीम इस सुपर 7 स्टेज में पहुंचेगी।
सेमीफाइनल: इस सुपर 7 स्टेज में प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 4 स्थानों पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए प्रोग्रेस करेंगी।
कैसे होगा टीमों का क्वालिफिकेशन?
इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलेगा। तीन सह-मेजबानों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पूर्ण सदस्य होने के नाते सीधे प्रवेश मिलेगा। तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधा प्रवेश नहीं मिला है। वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमें मिलकर टॉप-10 का हिस्सा बनेंगी। इसके बाद बची हुई 4 टीमों का फैसला एक ग्लोबल क्वालीफायर के जरिए होगा।
2028 टी20 वर्ल्ड कप: सुपर 8 की जगह अब दिखेगा सुपर 10 का रोमांच
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी ने ग्रुप स्टेज के बाद सुपर 8 की जगह सुपर 10 आजमाने का फैसला किया है। आईसीसी ने बताया कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में उभरती हुई टीमों के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित होकर दूसरे चरण में टीमों की संख्या 8 से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया है।
समझिए टी20 वर्ल्ड कप का नया समीकरण
नया ग्रुप फॉर्मेट: शुरुआत में 4-4 टीमों के 5 ग्रुप बनाए जाएंगे। हर ग्रुप से टॉप-2 में रहने वाली टीमें सुपर 10 चरण में प्रवेश करेंगी।
सेमीफाइनल का नया रास्ता: पिछले संस्करण में जहां सुपर 8 के दोनों ग्रुपों से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाती थीं, वहीं अब सिर्फ अपने-अपने ग्रुप में टेबल टॉप करने वाली टीम ही सीधे अंतिम चार (सेमीफाइनल) में जगह बनाएगी।
एलिमिनेटर राउंड का रोमांच: जो टीमें अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहेंगी वे दूसरे ग्रुप की तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी। इससे टूर्नामेंट में नया रोमांच आएगा।
टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्या हैं क्वालिफिकेशन नियम?
बांग्लादेश की जगह अंतिम समय में शामिल होने और 2026 के टूर्नामेंट में विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर स्कॉटलैंड को सीधे ‘यूरोप रीजनल फाइनल’ में प्रवेश दिया जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली वो टीमें जो ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर सकीं वे सीधे ग्लोबल क्वालीफायर में आगे बढ़ेंगी। ग्लोबल क्वालीफायर के बाकी 8 स्थान क्षेत्रीय क्वालिफिकेशन के जरिए भरे जाएंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से 2-2 टीमें और अमेरिका व पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्रों से 1-1 टीम क्वालीफाई करेगी। ग्लोबल क्वालीफायर में हर क्षेत्र से सर्वोच्च स्थान पाने वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली टीमें मिलकर 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।
आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि आईसीसी डेवलपमेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटियों (CEC) की सिफारिश के बाद इस नए मार्की टूर्नामेंट ढांचे को बोर्ड द्वारा एंडोर्स कर दिया गया है। हालांकि नवंबर में होने वाली बैठकों में आईसीसी की फाइनेंस एंड कमर्शियल अफेयर्स कमेटी द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद ही बोर्ड इस पर अपनी अंतिम मंजूरी देगा।
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