एशिया कप में विस्फोटक शतक से स्मृति मंधाना ने तोड़े यह 3 बड़े रिकॉर्ड

Smriti Mandhana

मिताली राज को पीछे छोड़ महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने के बाद स्मृति मंधाना ने कहा कि उन्होंने “कभी कल्पना नहीं की थी” कि वह भारतीय क्रिकेट की इस दिग्गज बल्लेबाज को पीछे छोड़ पाएंगी।मंधाना ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा मिताली राज की कप्तानी में खेला है। मिताली उनके लिए बचपन से ही आदर्श रही हैं।

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम गुरुवार को भारतीय उपकप्तान ने मिताली के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मंधाना के नाम अब तीनों प्रारूपों में कुल 10,880 रन हो गए हैं।मंधाना ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ जब तक मैं बल्लेबाजी कर रही थी, मुझे पता ही नहीं था कि मैं कौन सा रिकॉर्ड तोड़ने वाली हूं, क्योंकि मुझे रनों का सही आंकड़ा मालूम नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए निश्चित रूप से बहुत अच्छा दिन था। मिताली दीदी ऐसी दिग्गज और आदर्श रही हैं, जिन्हें हम सभी ने बचपन से बल्लेबाजी करते हुए देखा है। उनके रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाना मैंने कभी नहीं सोचा था। मुझे इस बात की खुशी है कि इस सूची में शीर्ष दो स्थानों पर भारतीय हैं।’’

हांगकांग के खिलाफ मंधाना ने शानदार शतक जड़कर एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का नया रिकॉर्ड बनाया और श्रीलंका की चमारी अटापट्टू के नाबाद 119 रन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।उनकी पारी की बदौलत भारत ने पांच विकेट पर 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की टीम 16.2 ओवर में सिर्फ 56 रन पर सिमट गई और भारत ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में रनों के लिहाज से अपनी दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके शतकों की संख्या अब 18 हो गई है, जिससे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग (17 शतक) को पीछे छोड़ दिया।

मंधाना ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों के रिकॉर्ड को पार करना खास है। 18 एक अच्छा आंकड़ा है।’’उन्होंने  कहा, ‘‘मेग लैनिंग और मिताली राज महिला क्रिकेट की दो ऐसी दिग्गज हैं, जिन्हें देखते हुए मैं बड़ी हुई हूं और बतौर बल्लेबाज उनसे बहुत कुछ सीखने की कोशिश की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए खुशी है कि मैं इन दिग्गजों को पीछे छोड़ सकी, लेकिन फिर भी मैं इसे सिर्फ एक आंकड़ा ही मानूंगी।’’

भारत की लगातार दो बड़ी जीत के बावजूद मध्यक्रम के बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। मंधाना ने हालांकि अपनी साथी बल्लेबाजों का बचाव करते हुए कहा, “मध्यक्रम में सभी बल्लेबाज विश्वस्तरीय हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेंगी।”मंधाना ने यह भी माना कि दुबई की गर्मी और उमस में लंबे समय तक बल्लेबाजी करना शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा, “आज ऐसा लग रहा था जैसे ‘स्टीम बॉक्स’ में बल्लेबाजी कर रही हूं। गर्मी और उमस के कारण लंबे समय तक बल्लेबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।’’

स्मृति मंधाना के रिकॉर्ड 124 रन के आधे रन भी नहीं बना पाई हॉंगकॉंग की टीम

Smriti Mandhana

सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के तेजतर्रार शतक के बाद दीप्ति शर्मा की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने महिला एशिया कप टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट के ग्रुप ए मैच में बृहस्पतिवार को यहां हांगकांग पर 137 रन की एकतरफा जीत के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

भारत के 194 रन के कड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए हांगकांग की टीम ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा (नौ रन पर तीन विकेट), तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा (छह रन पर दो विकेट), लेग लेग स्पिनर प्रेमा रावत (12 रन पर दो विकेट) और बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी (16 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने 16.2 ओवर में सिर्फ 56 रन पर ढेर हो गई।

 हांगकांग ने अपने अंतिम छह विकेट सिर्फ चार रन पर गंवाए।हांगकांग की ओर से कप्तान नताशा माइल्स ने सर्वाधिक 15 रन बनाए। उनके अलावा सिर्फ मरीना लैमप्लो (14) और यास्मिन दसवानी (11) की दोहरे अंक में पहुंच सकी। स्मृति ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी के दौरान 64 गेंद में 14 चौकों और सात छक्कों से 124 रन की पारी खेलने के अलावा शेफाली वर्मा (28) के साथ पहले विकेट के लिए आठ ओवर में 74 रन जोड़े जिससे भारत ने पांच विकेट पर 193 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

हांगकांग की ओर से ऑफ स्पिनर मरीना लैमप्लो सबसे सफल गेंदबाज रहीं जिन्होंने 46 रन देकर दो विकेट चटकाए। रुचिता वेंकटेश और जॉयलीन कौर ने भी एक-एक विकेट चटकाया।भारत अपना अंतिम ग्रुप मैच शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा।लक्ष्य का पीछा करने उतरे हांगकांग की शुरुआत बेहद धीमी रही और टीम पावर प्ले में मारिको हिल (00) का विकेट गंवाकर 16 रन ही बना सकी। मारिको को नंदिनी शर्मा ने बोल्ड किया।

पावर प्ले के छह ओवर में हांगकांग की ओर से सिर्फ दो बाउंड्री लगी जब यास्मिन ने छठे ओवर में श्री चरणी पर दो चौके मारे।नताशा ने सातवें ओवर में दीप्ति पर अपना पहला चौका जड़ा।दीप्ति ने दसवानी (11) को मिडविकेट पर भारती फुलमाली के हाथों कैच कराया जबकि प्रेमा ने नताशा (15) को विकेटकीपर ऋषा घोष के हाथों कैच कराके हांगकांग का स्कोर 10वें ओवर में तीन विकेट पर 31 रन किया।

लेग स्पिनर प्रेमा ने अपने अगले ओवर में कैरी चान (01) को भी शेफाली के हाथों कैच करा दिया।नंदिनी ने इसके बाद मरयम बिबी (07) को पवेलियन भेजा जिससे हांगकांग की आधी टीम 14वें ओवर में सिर्फ 52 रन तक पवेलियन लौट चुकी थी।श्री चरणी ने मरीना (14) को प्रतिका रावल के हाथों कैच कराके हांगकांग को छठा झटका दिया।

हांगकांग को अंतिम पांच ओवर में जीत के लिए 139 रन की दरकार थी और उसकी टीम इस स्कोर के आसपास भी नहीं पहुंच सकी।दीप्ति शर्मा ने एलिसन सियू (01) और इकरा सहर (00) को चार गेंद के भीतर आउट किया। इसी ओवर में जॉयलीन कौर (01) भी रन आउट हुईं।श्री चरणी ने शहजीन शहजाद (02) को ऋचा के हाथों के स्टंप कराके हांगकांग की पारी का अंत किया।

टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरे भारत को स्मृति और शेफाली की जोड़ी ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने पावर प्ले में 60 रन जोड़कर भारत के बड़े स्कोर का मंच तैयार किया।स्मृति ने पांचवें ओवर में तेज गेंदबाज मरयम बिबी पर तीन चौके मारे जबकि शेफाली ने मरीना लैमप्लो के अगले ओवर में दो चौके और दो छक्के जड़कर अपने तेवर दिखाए।स्मृति ने रुचिता वेंकटेश पर भी लगातार दो चौके मारे लेकिन इसी ओवर की अंतिम गेंद पर मरीना ने लॉन्ग ऑन पर शेफाली का शानदार कैच लपका। उन्होंने 17 गेंद की अपनी पारी में तीन चौके और दो छक्के मारे।

स्मृति ने इकरा सहर की लगातार गेंदों पर छक्के और चौके के साथ 40 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और 11वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।स्मृति ने कैरी चान पर भी छक्का जड़ा लेकिन प्रतिका रावल (10) ने तेज गेंदबाज जॉयलीन कौर की पहली ही गेंद पर प्वाइंट पर मरयम को कैच थमा दिया।ऑफ स्पिनर मरीना ने इसके बाद अपनी ही गेंद पर ऋचा घोष (11) का शानदार कैच लेकर भारत को तीसरा झटका दिया।

स्मृति ने मरीना पर चौके के साथ 57 गेंद में अपना दूसरा शतक पूरा किया। उन्होंने ऑफ स्पिनर रुचिता पर लगातार तीन छक्कों के साथ अपने करियर के पिछले सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ा।कप्तान हरमनप्रीत कौर भी सिर्फ 10 रन बनाने के बाद मरीना की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर जॉयलीन को कैच दे बैठीं।स्मृति भी पारी के अंतिम ओवर में स्ट्राइक पर आने के लिए तेजी से रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गईं।

विश्वकप फाइनल में नाबाद अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज को ऑस्ट्रेलिया ने किया वनडे टीम से ड्रॉप

मार्नस लाबुशेन को ज़िम्बाब्वे और साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ होने वाली वनडे सीरीज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम से बाहर कर दिया गया है। इस बीच उन्हें टेस्ट टीम में अपनी जगह के बारे में फ़ैसला होने का इंतज़ार भी है।गौरतलब है कि मार्नस लाबुशेन वही बल्लेबाज हैं जिन्होंने भारत के खिलाफ एकदिवसीय विश्वकप फाइनल में  नाबाद अर्धशतक जड़ा था।

लाबुशेन ने जून में पाकिस्तान और बांग्लादेश के दौरों पर संघर्ष किया था, हालांकि बांग्लादेश के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में बल्लेबाज़ी क्रम में नीचे भेजे जाने के बाद उन्होंने नाबाद 55 रन बनाए थे। लेकिन ट्रैविस हेड और मिचेल मार्श की वनडे टीम में वापसी और चयनकर्ताओं के युवा खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाने के कारण लाबुशेन टीम से बाहर हो गए हैं। साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम की घोषणा अगले सप्ताह की जाएगी।

इस दौरे पर जोएल डेविस के वनडे डेब्यू करने की संभावना है। न्यू साउथ वेल्स के इस ऑलराउंडर ने इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ T20I सीरीज़ में प्रभावित किया था। वहीं बाएं हाथ के बल्लेबाज ऑली पीक को एक और मौक़ा दिया गया है।

ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक वनडे कप्तान पैट कमिंस और उनके साथी तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क साउथ अफ़्रीका में टीम से जुड़ेंगे, वहीं जॉश हेज़लवुड दोनों वनडे सीरीज़ में खेलेंगे।

ज़िम्बाब्वे में मार्श टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि साउथ अफ़्रीका में वह और कमिंस कप्तानी की ज़िम्मेदारी साझा करेंगे। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कमिंस कितने मैच खेलते हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने इस दौरे के लिए अपने तेज़ गेंदबाज़ी विकल्पों को मजबूत करते हुए स्पेंसर जॉनसन और बिली स्टेनलेक को भी टीम में शामिल किया है। बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ जॉनसन ने अपना पिछला वनडे 2025 की शुरुआत में खेला था। लंबी चोट के बाद उन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ T20I टीम में वापसी की थी।

स्टेनलेक पाकिस्तान दौरे के लिए वनडे टीम का हिस्सा थे और रावलपिंडी में खेले गए मैच में उन्होंने सात साल से अधिक समय बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। हालांकि, सीरीज़ में उनके एकमात्र मैच में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था।

चयनकर्ताओं ने वनडे और ऑस्ट्रेलिया ए टीम के बीच खिलाड़ियों को बांटने का फैसला नहीं किया है। 
ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ वनडे मैच 15, 18 और 20 सितंबर को हरारे में खेले जाएंगे। साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ सीरीज़ के मैच 24, 27 और 30 सितंबर को क्रमशः डरबन, जोहैनसबर्ग और पोटचेफ़स्ट्रूम में होंगे।

ज़िम्बाब्वे और साउथ अफ़्रीका दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम

ज़ेवियर बार्टलेट, ऐलेक्स कैरी, कूपर कॉनली, पैट कमिंस (केवल साउथ अफ़्रीका, कप्तान), जोएल डेविस, नेथन एलिस, कैमरन ग्रीन, जॉश हेज़लवुड, ट्रैविस हेड, जॉश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, मिचेल मार्श, ऑली पीक, मैथ्यू रेनशॉ, बिली स्टेनलेक, मिचेल स्टार्क (केवल साउथ अफ़्रीका), ऐडम ज़ैम्पा

5 रन से जिम्बाब्वे जीती T20I मैच, नामिबिया के खिलाफ टाला उलटफेर


NAMvsZIM विंडहोक में खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के मैच में ज़िम्बाब्वे ने नामीबिया से मिली कड़ी चुनौती का सामना करते हुए पांच रन से रोमांचक जीत दर्ज की। टीम 101/6 के स्कोर से उबरकर 195/6 तक पहुँची और आखिरी ओवर में संयम बनाए रखा। नामीबिया, जिसने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार जीत के साथ ट्राई-सीरीज की शुरुआत की थी, लक्ष्य का पीछा करते हुए 76/6 के स्कोर पर मुकाबले से बाहर दिख रहा था, लेकिन ज़ेन ग्रीन और अलेक्जेंडर वोल्शेंक ने सातवें विकेट के लिए सिर्फ़ 49 गेंदों में 109 रनों की शानदार साझेदारी की।

बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद ज़िम्बाब्वे ने मज़बूत शुरुआत की; बेन करन और ब्रायन बेनेट ने पहले विकेट के लिए तेज़ी से 64 रन जोड़े। नामीबिया को पावरप्ले की आखिरी गेंद पर सफलता मिली, जब बेनेट ने जेजे स्मिट की गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में डीप मिडविकेट पर कैच दे दिया; वे 21 गेंदों में 32 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद अगले ओवर में डियोन मायर्स बर्नार्ड शोल्ट्ज़ का शिकार बने; वे एक ऐसी गेंद पर आउट हुए जो तेज़ी से टर्न हुई और ऑफ स्टंप के ऊपरी हिस्से से टकरा गई।

दो गेंदों बाद, गेरहार्ड इरास्मस ने सिकंदर रज़ा को ‘गोल्डन डक’ (पहली ही गेंद पर आउट) पर पवेलियन भेजकर सबसे बड़ी सफलता दिलाई; रज़ा स्लॉग-स्वीप शॉट सही समय पर नहीं खेल पाए। नौवें ओवर में करन के आउट होने से टीम लड़खड़ा गई, और जब इरास्मस ने जल्द ही वेस्ली मधावेरे को भी आउट किया, तो 10वें ओवर तक ज़िम्बाब्वे का स्कोर 79/5 हो गया था।

बाद में रयान बर्ल और ब्रैड इवांस ने आठवें विकेट के लिए 48 गेंदों में 94 रन जोड़े और पारी का रुख पूरी तरह बदल दिया। आखिरी ओवर के लिए स्पिन गेंदबाज़ी का सहारा लेने का नामीबिया का फ़ैसला भी काफ़ी महंगा साबित हुआ। बर्ल ने इरास्मस की गेंदों पर एक छक्का और लगातार तीन चौके जड़े और उस ओवर से 20 रन बटोरे, जिससे ज़िम्बाब्वे का स्कोर 195/6 के शानदार टोटल तक पहुँच गया।

नामीबिया की पारी की शुरुआत में कुछ मुश्किल पल आए, और फिर तीसरे ओवर में ब्लेसिंग मुज़राबानी ने लॉरेन स्टीनकैंप को आउट कर दिया। गेरहार्ड इरास्मस ने तेज़ी से 12 रन बनाए, लेकिन फिर ब्रैड इवांस का शिकार बने। जान निकोल लोफ़्टी-ईटन ने 13 गेंदों पर 20 रन बनाकर कुछ देर के लिए पलटवार किया, लेकिन ब्रायन बेनेट ने तीन गेंदों के अंदर उन्हें और जेजे स्मिट को आउट कर दिया, जिससे नामीबिया का स्कोर 66/4 हो गया।

जान फ्रिलिंक की 29 गेंदों पर 22 रनों की संयमित पारी भी टीम को लड़खड़ाने से नहीं बचा सकी और 11वें ओवर में वेलिंगटन मसकाद्ज़ा ने उन्हें अपना पहला शिकार बनाया। और जब अगले ओवर में रूबेन ट्रम्पेलमैन सिकंदर रज़ा की गेंद पर आउट हुए, तो नामीबिया 76/6 के स्कोर पर हार की कगार पर दिख रहा था।

इसके बाद टीम ने ज़बरदस्त वापसी की। वोल्शेंक ने आक्रामक रुख अपनाया, 13वें ओवर में वेलिंगटन मसकाद्ज़ा के खिलाफ़ दो छक्के जड़े और लगातार छोटी लेंथ की गेंदों को निशाना बनाया। ग्रीन भी उनके साथ जुड़े और धीरे-धीरे लय में आ गए। दोनों ने तेज़ी से रन बटोरे, खराब गेंदों का फायदा उठाया और ज़िम्बाब्वे को जमने का मौका नहीं दिया। उनकी साझेदारी 100 रन के पार पहुँच गई और अचानक नामीबिया को आखिरी ओवर में जीत के लिए सिर्फ़ 16 रनों की ज़रूरत थी, जबकि छह विकेट गिर चुके थे।

आखिरी ओवर फेंकने के लिए बुलाए गए ब्रैड इवांस ने नो-बॉल के साथ शुरुआत की, हालांकि नामीबिया उस पर सिर्फ़ दो रन ही बना सका। इसके बाद दो और रन बने, फिर ग्रीन 26 गेंदों पर 54 रन बनाकर रन आउट हो गए; रज़ा के सीधे थ्रो ने उन्हें नॉन-स्ट्राइकर एंड पर क्रीज़ से बाहर पकड़ लिया।

वोल्शेंक ने सीधे मैदान की तरफ़ एक बाउंड्री लगाकर उम्मीद बनाए रखी, लेकिन उनकी शानदार पारी 29 गेंदों पर 56 रनों पर खत्म हुई; एक फुल और वाइड गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा और मारुमानी ने स्टंप्स के पीछे एक हाथ से शानदार कैच लपका।

दो गेंदें बाकी थीं और नामीबिया को नौ रनों की ज़रूरत थी। बर्नार्ड शोल्ट्ज़ एक मुश्किल सिंगल लेने की कोशिश में रन आउट हो गए, जिससे जैक ब्रासेल के पास आखिरी मौका बचा। इवांस ने संयम बनाए रखा, ब्रासेल को शून्य पर बोल्ड किया और ज़िम्बाब्वे के लिए पांच रनों की शानदार जीत पक्की कर दी।

संक्षिप्त स्कोर: जिम्बाब्वे 195/6 (रयान बर्ल 57*; गेरहार्ड इरास्मस 3-46) ने नामीबिया 190 (अलेक्जेंडर वोल्शेंक 56, ज़ेन ग्रीन 54; ब्रैड इवांस 3-41) को 5 रन से हराया।

Asia Cup: लचर बल्लेबाजी के बाद भी भारत ने थाईलैंड को 94 रनों से रौंदा

ओपनर शेफाली वर्मा (64) के शानदार अर्धशतक और नंदनी शर्मा तथा दीप्ति शर्मा (तीन-तीन विकेट) की अगुवाई में गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन से भारत ने महिला एशिया कप में रविवार को ग्रुप बी मैच में थाईलैंड को 94 रन से पीटकर विजयी शुरुआत की।

भारत ने निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट पर 159 रन का सम्मानजनक स्कोर बनाने के बाद थाईलैंड को 16.1 ओवर में 65 रन पर निपटा दिया। थाईलैंड की तरफ से नान्नापात कोंचारोएंकाई ने सर्वाधिक 41 रन बनाये और दहाई की संख्या में पहुंचने वाली एकमात्र बल्लेबाज रहीं। नंदनी शर्मा ने 18 रन पर तीन विकेट, श्रीचरणी ने 10 रन पर दो विकेट और दीप्ति शर्मा ने एक रन पर तीन विकेट लिए। क्रांति गौड़ को 26 रन पर एक विकेट मिला।

शेफ़ाली के आक्रामक अर्धशतक से एक समय लग रहा था कि भारत 200 के टोटल को भी छू सकता है लेकिन एक समय भारत के ऊपर ऑलआउट होने का ख़तरा मंडराने लगा लेकिन क्रांति गौड़ और श्री चरणी ने मिलकर यह नौबत नहीं आने दी और भारत के स्कोर को 150 के पार ले गईं। थाईलैंड ने अच्छी फ़ील्डिंग की, कुछ अच्छे कैच लपकने के साथ स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा के रूप में अहम रन आउट भी किए। सुलीपॉर्न लाओमी ने थाईलैंड की ओर से सर्वाधिक तीन और सुनीदा चतुरोंगरतना ने दो विकेट हासिल किए।

भारत की तरफ से शेफाली ने 36 गेंदों पर 64 रन में आठ चौके और तीन छक्के लगाए। प्रतीका रावल ने 22, मंधाना ने 19 और भारती फूलमाली ने 13 रनों का योगदान दिया। अंत में क्रांति गौड़ ने आठ गेंदों में एक चौके और एक छक्के की मदद से महत्वपूर्ण नाबाद 15 रन बनाकर भारत को 159 रनों तक पहुंचाया।हालांकि थाईलैंड ने भारत को 160 से कम पर रोककर क्या शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन उनकी बल्लेबाजों ने बाद में निराश किया।

इंग्लैंड ने पाकिस्तान को लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रनों से हराकर जीती टेस्ट सीरीज

ENGvsPAK

ENGvsPAK ऑली रॉबिंसन (चार विकेट), जोश टंग (तीन विकेट) और जोफ्रा आर्चर (दो विकेट) की घातक गेंदबाजी से इंग्लैंड ने पाकिस्तान को दूसरे टेस्ट के चौथे दिन रविवार को दूसरी पारी में 194 रन पर ढेरकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना ली।

आज खेल शुरू होते ही नतीजा तय था, लेकिन पाकिस्तान को अपनी भलाई के लिए कुछ दिखाना था। बैटिंग पूरे टूर में खराब रही है और बदकिस्मती से आज भी कुछ बेहतर नहीं हुआ। सीरीज़ बराबर करने के लिए 389 रन का टारगेट मिलने पर, वे कुछ ही देर में 14/3 पर सिमट गए। सऊद शकील का समय खराब रहा है और इस सीरीज़ में उनकी कुछ टेक्निकल कमज़ोरियाँ सामने आई थीं, लेकिन वह अपनी छाप छोड़ने के लिए पक्के इरादे से उतरे। उन्होंने शान मसूद के साथ चौथे विकेट के लिए 97 रन की पार्टनरशिप में दबदबा बनाया और फिर टेल के साथ अपना बल्ला चलाना शुरू कर दिया।

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने आज़ादी से खेला और ऐसा लगा कि उन्हें शॉर्ट बॉल खेलने में मज़ा आ रहा है, जब तक कि वह 97 रन पर शॉर्ट बॉल पर आउट नहीं हो गए। बदकिस्मती से पाकिस्तान के लिए, उनका स्कोर टीम के टोटल का 50 प्रतिशत था क्योंकि बाकी रन इधर-उधर हो गए। इमाम-उल-हक ने एक बार फिर बैटिंग नहीं की और सब कुछ साफ हो गया था। ओली रॉबिन्सन ने 4 विकेट लेकर कमाल कर दिया, टंग ने आखिरी ओवरों में तीन विकेट लिए, जबकि आर्चर ने 2 विकेट लिए।

इससे पहले इंग्लैंड ने कल के सात विकेट पर 177 रन से आगे खेलना शुरू किया और उसकी दूसरी पारी 208 रन पर समाप्त हुई। इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने 389 रन का लक्ष्य रखा।

संक्षिप्त स्कोरबोर्ड :इंग्लैंड 290 और 208, पाकिस्तान 110 और 194

Women’s Champions Trophy: श्रीलंका से छिनी गई चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी, जानें ICC ने क्यों लिया ये फैसला

श्रीलंका क्रिकेट को बड़ा झटका लगा है। 2027 में पहली बार होने वाली ICC विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी अब श्रीलंका के हाथ से निकल गई है। अब 14 से 28 फरवरी के बीच होने वाला छह टीमों का यह टूर्नामेंट अब श्रीलंका में आयोजित नहीं किया जाएगा। श्रीलंका क्रिकेट में सरकारी दखल को लेकर ICC ने आपत्ति जताई है। श्रीलंका से मेजबानी छिनने के बाद अभी तक ICC ने नए मेजबान देश के नाम का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर ICC की अगली बोर्ड बैठक में चर्चा के बाद कोई फैसला लिया जा सकता है।

इससे पहले भी छिनी गई है मेजबानी

मेजबानी छिनने से श्रीलंकाई क्रिकेट के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है। ये फैसला ऐसे समय में आया जब श्रीलंका क्रिकेट और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के बीच प्रशासन और कामकाज को लेकर विवाद अभी सुलझा नहीं है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को 2023-24 में कुछ समय के लिए निलंबित भी किया गया था। उस दौरान बोर्ड के कामकाज में राजनीतिक दखल का मुद्दा सामने आया था। बोर्ड और सरकार के बीच भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के आरोपों को लेकर लंबे समय तक विवाद चलता रहा। इस विवाद का असर क्रिकेट आयोजनों पर भी पड़ा और 2024 में होने वाले पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी श्रीलंका से लेकर दक्षिण अफ्रीका को दे दी गई थी।

क्यों लिया फैसला

इस साल अप्रैल में श्रीलंकाई सरकार ने क्रिकेट बोर्ड के कामकाज को अस्थायी रूप से अपने नियंत्रण में ले लिया था। सरकार ने क्रिकेट से जुड़े विवादों को खत्म करने और बोर्ड में जरूरी बदलाव करने के लिए एक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी बनाने की बात कही थी। वहीं ICC का कहना है कि श्रीलंका क्रिकेट में चुनी हुई व्यवस्था वापस आनी चाहिए और बोर्ड के चुनाव कराए जाने चाहिए। इसी वजह से सरकार की बनाई कमेटी के सदस्यों को ICC की बोर्ड बैठकों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है।

श्रीलंका नहीं करेगी मेजबानी

ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सचिव प्रकाश शैफ्टर ने ‘संडे टाइम्स’ से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी अब श्रीलंका में नहीं होगी। शैफ्टर के मुताबिक, इसे किसी दूसरे देश में आयोजित किया जाएगा, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि टूर्नामेंट की मेजबानी कौन सा देश करेगा। ये फैसला उस वक्त लिया गया है, जब श्रीलंका क्रिकेट अभी भी ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी की निगरानी में चल रहा है।

क्या है आईसीसी के नियम

ICC के नियमों के मुताबिक, किसी भी सदस्य क्रिकेट बोर्ड को सरकारी हस्तक्षेप से स्वतंत्र होकर काम करना जरूरी है। श्रीलंका क्रिकेट का मौजूदा ढांचा इसी नियम को लेकर ICC के साथ विवाद की वजह बना हुआ है। श्रीलंका से टूर्नामेंट की मेजबानी छिनने के बाद अब उसके खुद इस प्रतियोगिता में खेलने पर भी सवाल उठ सकते हैं। पहले तय नियमों के मुताबिक मेजबान देश के अलावा रैंकिंग में ऊपर रहने वाली टीमों को टूर्नामेंट में जगह मिलनी थी। मौजूदा रैंकिंग में श्रीलंका छठे नंबर पर है। हालांकि, ICC ने अभी यह नहीं बताया है कि मेजबान बदलने के बाद टीमों के चयन के नियमों में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।

अनाया बांगर जल्द खेलना चाहती है ऑस्ट्रेलिया के लिए, दक्षिण अफ्रीका की यह ऑलराउंडर हुई नाराज

अनाया बांगर ने हाल ही में यह घोषणा कि वह जल्द ही ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलना चाहती हैं। हाल ही में उनको बिग बैश के लिए हरी झंडी मिल गई है। इस पर दक्षिण अफ्रीका की ऑलराउंडर खिलाड़ी मारीजैन कैप ने कड़ी आपत्ती जताई। उन्होंने कहा कि  अनाया बांगर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। इस पर अनाया बांगर ने कहा है कि ना ही उनका शरीर टेस्टोस्टेरोन बनाएगा ना ही उनके शरीर में खोई हुई मांसपेशिया आएंगी तो इससे किसी को भी क्यों तकलीफ होनी चाहिए।

गौरतलब है कि ‘ट्रांसजेंडर’ खिलाड़ी अनाया बांगड़ सामुदायिक स्तर पर खेलने की अनुमति मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया में अपनी क्रिकेट यात्रा फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं और भले ही उन्हें अभी तक कोई टीम नहीं मिली है लेकिन उन्हें विश्वास है कि इससे उनके लिए अगले साल महिला बिग बैश लीग में खेलने के द्वार खुल जाएंगे।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की ‘बेटी’ अनाया ने इस साल मार्च में लिंग परिवर्तन की सर्जरी कराने से पहले मुंबई के लिए आयु वर्ग के पुरुषों का क्रिकेट  खेला था। अनाया ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘आज का दिन मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कई वर्षों तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैं आखिरकार उस खेल में वापसी के रास्ते के बारे में बात कर सकती हूं जो मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।’’

इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं मार्च 2027 से ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट में वापसी करने की तैयारी कर रही हूं, जिसका उद्देश्य एलीट क्रिकेट खेलना है। मैं यह दावा नहीं कर रही हूं कि मुझे किसी टीम में जगह मिल गई है। मैं बस इतना कह रही हूं कि मुझे टीम में जगह बनाने का मौका मिला है और मैं इसके लिए कड़ी मेहनत करूंगी।’’

अनाया ने इससे पहले बीसीसीआई से महिला क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देने की अपील की थी, लेकिन भारतीय बोर्ड से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। ICC ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया था।

अनाया ने कहा कि हाल ही में हुई उनकी जांच से पता चलता है कि अगले साल मार्च में होने वाले एक और परीक्षण में भी उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर समान बना रह सकता है, जिससे उनके लिए महिला क्रिकेट में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा।उन्होंने कहा, ‘‘अगर वह परीक्षण मेरे अनुकूल रहा तो मैं शीर्ष स्तर की क्रिकेट में खेलने की पात्रता हासिल कर लूंगी।’’

दक्षिण अफ्रीका नहीं जीत पाती नामिबिया से, कल भी हुई उलटफेर का शिकार

दक्षिण अफ्रीका की टीम जो 2 बार टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल और एक बार फाइनल में जगह बना चुकी है वह अपने पड़ोसी देश की टीम और असोसिएट देश नामिबिया की टीम से एक भी टी-20 मैच नहीं जीत पाई। गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे और नामिबिया त्रिकोणीय टी-20 श्रृंखला खेल रहे हैं और कल के शरुआती मुकाबले में मेजबान नामिबिया ने दक्षिण अफ्रीका को 18 रनों से हरा दिया।

यह  नामिबिया की दक्षिण अफ्रीका पर लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले एक टी-20 मुकाबले में नामिबिया दक्षिण अफ्रीका को पहले भी हरा चुकी है। नामिबिया क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। उनको पहला विकेट 10वें ओवर में मिला और नामिबिया ने तब तक 84 रन जड़ दिए। प्रेनेल सुब्रायन ने सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए।

सलामी बल्लेबाजों के अलावा नामिबिया के लिए कोई खास रन नहीं आए लेकिन लौरेन स्टीनकैंप और जैन फ्राएलिंक (41 और 60 रन ) ने नामिबिया को 9 विकेटों के नुकसान पर 163 रनों तक पहुंचा दिया। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत खराब रही टीम ने शीर्ष 3 बल्लेबाज 7 ओवर में 39 रन बनाकर ही गंवा दिए।

डेवाल्ड ब्रेविस ने 75 रन बनाकर टीम की जीत को जिंदा रखा लेकिन जैसे ही वह आउट हुए दक्षिण अफ्रीका ताश के पत्तों की तरह ढह गई और निर्धारित 20 ओवरों में सिर्फ 145 रन ही बना पाई। मैन ऑफ द मैच नामिबिया के जेे जे स्मट को मिला जिन्होंने 31 रन देकर 3 विकेट लिए।

श्रीलंका ने किला लड़ाकर किया कोलंबो टेस्ट ड्रॉ लेकिन भारत ने सीरीज 1-0 से जीती

Sonal Dinusha

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनूशा और पुछल्ले बल्लेबाजों ने पांचवे दिन कमाल का संघर्ष दिखाते हुए मैच ड्रॉ करा लिया। 229 पर 6 विकेट खोकर अंतिम दिन  श्रीलंका की टीम ने बारिश का इंतजार नहीं किया और पूरे दिन बल्लेबाजी की। श्रीलंका की टीम ने 429 रन 9 विकेट गंवाए।

इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शतकवीर सोनल दिनूशा से हाथ मिला लिया। श्रीलंका के सोनल दिनुशा शुरु से अंत तक आउट नहीं हुए और उन्होंने 251 गेंदों में नाबाद 131 रन बनाए।

हालंकि यह सीरीज भारत के नाम रही क्योंकि गॉल टेस्ट भारत ने 300 रनों के अंतर से जीता था। लेकिन यह टेस्ट ना जीत पाने के कारण भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंकतालिका में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस चक्र में यह भारत का दूसरा ड्रॉ मैच है।

श्रीलंका ने ड्रॉ की नीव पहले सत्र में ही डाल दी थी जब टीम ने 29 ओवर में बिना विकेट खोए 100 रन बना लिए थे। दूसरे सत्र में टीम ने 2 विकेट गंवाए जिसके कारण टीम बहुत धीमे खेली और 31.2 ओवर में सिर्फ 54 रन बनाए। अंतिम सत्र में टीम ने 46 रन बनाए और सिर्फ एक विकेट गंवाया।

पैर में जकड़न से जूझने के बावजूद दिनुशा ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए नाबाद 133 रन की पारी के दौरान 264 गेंद का सामना किया और भारत को जीत से वंचित कर दिया। उन्होंने अपनी पारी में और आठ चौके और दो छक्के जड़े। कल के नाबाद सात रन से आगे खेलते हुए दिनुशा ने स्वीप शॉट का शानदार तरीके से इस्तेमाल किया और भारतीय गेंदबाजों को अंतिम दिन पूरी तरह से बेअसर साबित किया।

दिनुशा की अगुआई में श्रीलंका ने दूसरी पारी में जब 154 ओवर में 9 विकेट पर 429 रन बनाए थे तब दोनों टीम मैच ड्रॉ कराने पर सहमत हो गईं। इस समय श्रीलंका को 216 रन की बढ़त हासिल थी।श्रीलंका ने छठा विकेट निरोशन डिकवेला के रूप में 65वें ओवर में गंवा दिया था जिसके बाद दिनुशा ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ 89 ओवर से अधिक बल्लेबाजी करके भारत की जीत हासिल करने की उम्मीदों को ध्वस्त किया।

दिनुशा और केशारा नुवांता (46 रन, 150 गेंद) ने सातवें विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की दौरान 246 गेंद का सामना किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इसके बाद लाहिरू कुमारा (12 रन, 90 गेंद) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी के दौरान भी मिलकर 170 गेंद खेली जिससे भारत की जीत हासिल करने की रही सही उम्मीद भी टूट गई।

भारत की ओर से रविंद्र जडेजा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और सारांश जैन ने एक-एक विकेट चटकाया।भारत ने इससे पूर्व अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम दिनुशा के 103 रन के बावजूद 290 रन पर सिमट गई थी और उसे फॉलोआन के लिए मजबूर होना पड़ा था।

भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा।

भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए।

स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे।श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे।

पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे।

पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया।

जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया।लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा।

दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी।जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा।

दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया।कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।