Asian Paints Share : नतीजों के बाद 1% से ज्यादा टूटा शेयर, मैनेजमेंट से जानें आगे का प्लान फिर लें निवेश का फैसला

Asian Paints Share : पहली तिमाही में एशियन पेंट्स की आय 18 फीसदी और मुनाफा करीब 40 फीसदी बढ़ा है। इस अवधि में कंपनी की EBITDA ग्रोथ भी करीब 34 फीसदी रही है। इसके साथ ही मार्जिन भी 2.5 फीसदी बढ़कर 20.2 फीसदी पर रहे हैं। कंपनी के डेकोरेटिव सेगमेंट की वॉल्यूम ग्रोथ भी 9 फीसदी रही है। नतीजों के बाद आई कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री में कहा गया है कि वॉल्यूम और प्राइस बढ़ाने से ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। इंडस्ट्रियल कोटिंग्स में मिड टीन ग्रोथ रही है। VAM-VAE का फेज पहली छमाही में कमीशन होगा कंपनी ने आगे लिए दिए गए गाइडेंस में कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहनी संभव है। मार्जिन भी 18-20% रहने की उम्मीद है।

पेंट इंडस्ट्री में डिमांड की स्थिति मजबूत

नतीजे और ग्रोथ आउटलुक पर बातचीत करते हुए कंपनी के MD & CEO अमित सिंगले ने कहा कि पहली तिमाही कंपनी के लिए काफी अच्छी रही। पहली तिमाही में वैल्यू ग्रोथ 18% रही है। पेंट इंडस्ट्री में डिमांड स्थिति मजबूत रही है। ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत डिमांड बरकरार है। अर्बन क्षेत्र में B2B बिजनेस ग्रोथ अच्छी रही है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट का भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। कीमतें बढ़ाने का नतीजों पर पॉजिटव असर देखने को मिला है। Q2 में भी वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहनी संभव है।

कंपनी के मार्जिन 18-20% रहने की उम्मीद

उन्होनें आगे कहा कि तिमाही में प्रोडक्ट कीमतें 12-14% तक बढ़ाई गई हैं। अप्रैल और जून में प्रोडक्ट के दाम बढ़ाए गए हैं। कच्चे माल के दाम में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कुछ कमोडिटी के दाम कम होना शुरु हुए हैं। कुछ कमोडिटी के दाम स्थिर बने हुए है। जरूरत पड़ने पर कीमतों की समीक्षा करेंगे। कंपनी के मार्जिन 18-20% रहने की उम्मीद है।

कीमतें बढ़ाने का स्टॉकिंग पर ज्यादा असर नहीं

अप्रैल में डीलर्स की तरफ से काफी स्टॉकिंग हुई है। फेस्टिवल से पहले स्टॉकिंग बढ़ जाती है। कीमतें बढ़ाने का स्टॉकिंग पर ज्यादा असर नहीं होगा। आगे भी डिमांड में कोई कमी नहीं आएगी।

ग्लोबल बिजनेस में करीब 27% की ग्रोथ

B2B सेगमेंट में काफी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। अर्बन क्षेत्र में डिमांड में मजबूती देखने को मिली है। कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बढ़ने से भी मांग मजबूत हुई है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। डेकोरेटिव और प्रीमियम प्रोडक्ट की मांग बेहतर रही है। ग्लोबल बिजनेस में करीब 27% की ग्रोथ रही है।

टेक्सर प्रोडक्ट से मांग को मिला सपोर्ट

एशियन पेंट्स  ने पहली तिमाही में एंटी डैम्प प्रोडक्ट लॉन्च किया है। एंटी डैम्प प्रोडक्ट की प्राइसिंग कम रही है। नए टेक्सर प्रोडक्ट से मांग को सपोर्ट मिला है। नया एंटी इमलशन भी लॉन्च किए गए हैं।

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स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

प्रभुदास लीलाधर ने 29 जुलाई,2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में एशियन पेंट्स के लिए 2,720 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इस शेयर में बने रहने की सलाह दी है। उधर जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का कहना है कि कंपनी के प्रोडक्टस की अच्छी मांग बनी हुई है और ऊंचे बेस और बढ़ते कॉम्पिटिशन के बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए वॉल्यूम ग्रोथ का अपना अनुमान बरकरार रखा है। 29 जुलाई जारी एक नोट में,नोमुरा ने कंपनी के लिए पहली तिमाही को शानदार बताया है। ब्रोकरेज में इस स्टॉक पर BUY रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस को 3,600 रुपये से बढ़ाकर 3,750 रुपये कर दिया है।

शेयर की चाल पर एक नजर

12.40 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 31.90 रुपए यानी 1.16 फीसदी की गिरावट के साथ 2730 रुपए के आसपास नजर आ रहा था। आज का इसकी इंट्राडे लो 2,666.20 रुपए है। वहीं, इसका दिन का हाई 2,767.90 रुपए है। 1 हफ्ते में यह शेयर 2.37 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 3.63 फीसदी तेजी आई है। इस साल अब तक यह शेयर 1.39 फीसदी गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 13.01 फीसदी की तेजी दिखाई है। जबकि, 3 साल में इसने 19.52 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Waaree Energies Share Price: सोलर पीवी मॉड्यूल मेकर का शेयर 6% तक लुढ़का, Q1 नतीजों के बाद भारी सेलिंग; अब क्या करें?

सोलर पीवी मॉड्यूल बनाने वाली वारी एनर्जीज लिमिटेड के शेयरों में 30 जुलाई को शुरुआती कारोबार में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 2,563 रुपये के लो तक गया। कंपनी ने एक दिन पहले मार्केट बंद होने के बाद अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय में सालाना आधार पर 79.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 7,932 करोड़ रुपये रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 1,440 करोड़ रुपये रहा। यह जून 2025 तिमाही के मुकाबले 44 प्रतिशत ज्यादा EBITDA मार्जिन 4 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 18.2 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 22.5 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही में Waaree Energies को 16,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। कंपनी की ऑर्डर बुक 61,500 करोड़ रुपये की थी। कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने ऑपरेटिंग EBITDA गाइडेंस को 7,000 करोड़ से 7,700 करोड़ रुपये के बीच ही बरकरार रखा।

वारी एनर्जीज अक्टूबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 4321.44 करोड़ रुपये का IPO 79.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के ​पास 64.22 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 महीनों में 21 प्रतिशत नीचे आया है।

Waaree Energies पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने Waaree Energies पर अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट 3,750 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव से 37 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि एडजस्टेड EBITDA अनुमान से कम रहा। इसकी वजह मार्जिन पर बना दबाव था, जिसने कंपनी के अच्छे कामकाज के असर को भी कम कर दिया। नोमुरा ने कहा कि कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक से कामकाज में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद दिखती है। वारी एनर्जीज के शेयर को 19 एनालिस्ट्स को कवर करते हैं। इनमें से 14 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। एक ने ‘होल्ड’ और 4 ने ‘सेल’ की सलाह दी है।

 

Stocks to Watch: 30 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कुछ के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है। इसके अलावा एक सरकारी कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव भी हुआ है। आइए जानते हैं 30 जुलाई को किन 16 शेयरों पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

Eicher Motors

दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 21.4% बढ़कर 1,462 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.5% बढ़कर 6,632 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों ही CNBC-TV18 के अनुमान से बेहतर रहे।

Dabur

एफएमसीजी कंपनी डाबर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.3% बढ़कर 586 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 10.6% बढ़कर 3,764.3 करोड़ रुपये और EBITDA 11% बढ़कर 741.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 19.6% से बढ़कर 19.7% रहा। मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, जबकि बाकी आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहे।

MOIL

सरकारी मैंगनीज माइनिंग कंपनी MOIL का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर 87.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 51.5 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.6% बढ़कर 370.9 करोड़ रुपये और EBITDA 72.3% बढ़कर 135.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 22.6% से बढ़कर 36.6% हो गया।

Bajaj Housing Finance

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये रहा। NII 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये और कुल आय 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 0.30% से घटकर 0.29% और नेट NPA 0.13% से घटकर 0.12% रहा।

Vedanta Oil & Gas

ऑयल एंड गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस ने जून तिमाही में 945 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये और EBITDA 7.7% घटकर 814 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 34.1% से घटकर 32.5% पर आ गया।

Vedanta Iron & Steel

स्टील कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील ने जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछली तिमाही में कंपनी को 1,939 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 5.2% घटकर 3,662 करोड़ रुपये और EBITDA 8.1% घटकर 508 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 14.3% से घटकर 14% रह गया।

Vedanta Power

बिजली कंपनी वेदांता पावर को जून तिमाही में 423 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 139 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। 487 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल लॉस का असर नतीजों पर दिखा, जबकि रेवेन्यू 31% बढ़कर 2,607 करोड़ रुपये रहा।

Waaree Energies

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 14.1% बढ़कर 850 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये और EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 22.5% से घटकर 18.2% पर आ गया।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड के डायरेक्टर (फाइनेंस) जोस वी. जे. अगले सात महीने तक CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से बढ़ाई गई है। इस विस्तार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।

Star Health

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ का जून तिमाही का मुनाफा 438 करोड़ रुपये से बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की आय भी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,336 करोड़ रुपये थी।

MTAR Tech

इंजीनियरिंग कंपनी MTAR Tech का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 157 करोड़ रुपये से बढ़कर 360 करोड़ रुपये और EBITDA 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 18.1% से बढ़कर 23.5% हो गया।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 287 करोड़ रुपये से बढ़कर 432 करोड़ रुपये हो गया। आय बढ़कर 3,445 करोड़ रुपये और EBITDA 724 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 21.01% हो गया। कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TBO Tek

ट्रैवल टेक कंपनी TBO Tek का जून तिमाही का प्रॉफिट 32.4% बढ़कर 83.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 81.1% बढ़कर 925.7 करोड़ रुपये और EBITDA 86.6% बढ़कर 138 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 14.4% से बढ़कर 14.9% रहा।

TeamLease

स्टाफिंग और एचआर सर्विसेज कंपनी TeamLease का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 31.4% बढ़कर 34.9 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर 3,034.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 2.7% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1% पर स्थिर बना रहा।

Triveni Engineering

इंजीनियरिंग और शुगर सेक्टर की कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.65 करोड़ रुपये हो गया। कंसोलिडेटेड आय 1,950 करोड़ रुपये और EBITDA 52.9 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1.96% से बढ़कर 2.71% हो गया।

Redington

आईटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंग्टन का जून तिमाही का मुनाफा 76.6% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 34.6% बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये और EBITDA 76.8% बढ़कर 708 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 1.5% से बढ़कर 2% रहा।

कल ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, अजंता फार्मा, अपोलो पाइप्स, AWL एग्री बिजनेस, बजाज फाइनेंस, बेस्ट एग्रोलाइफ, एक्साइड इंडस्ट्रीज, ICRA और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Waaree Energies Q1 Results: सोलर कंपनी को ₹850 करोड़ का मुनाफा, अमेरिका में मिली बड़ी राहत

Waaree Energies Q1 Results: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 850 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 745 करोड़ रुपये था। वहीं, मार्च तिमाही में कंपनी ने 773 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह मुनाफा सालाना आधार पर 14.09% और तिमाही आधार पर 9.96% बढ़ा।

रेवेन्यू में 79% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में वारी एनर्जीज का ऑपरेशन से रेवेन्यू 7,932 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 4,426 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में भी कंपनी का रेवेन्यू 4,426 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह रेवेन्यू में सालाना और तिमाही, दोनों आधार पर करीब 79% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही में यह 997 करोड़ रुपये था। यानी तिमाही आधार पर इसमें 44.4% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.2% रह गया। मार्च तिमाही में यह 22.5% था।

अमेरिका से मिला बड़ा फायदा

वारी एनर्जीज ने बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उसे बड़ा फायदा मिला है। कोर्ट ने एक्सपोर्टर्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल ड्यूटी को गैरकानूनी करार दिया था।

इसके बाद अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने रिफंड क्लेम स्वीकार किए। इसी के आधार पर वारी एनर्जीज ने 349.18 करोड़ रुपये को अन्य ऑपरेटिंग रेवेन्यू के तौर पर दर्ज किया। इसके अलावा, कंपनी ने 25.13 करोड़ रुपये को एसेट्स और इन्वेंट्री की लागत में कमी के रूप में भी दर्ज किया।

वारी एनर्जीज के शेयरों का हाल

वारी एनर्जीज का शेयर बुधवार को 1.59% की बढ़त के साथ 2,738 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक लगभग फ्लैट है। वहीं, 1 साल में इसने 14.06% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 78.71 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Vedanta Oil & Gas Share: अंतिम घंटे में शेयरों में आई तेजी, 3 फीसदी से ज्यादा उछला

वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में बाजार बंद होने से ठीक पहले तेजी दिखी। शेयर 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर बंद हुआ। कंपनी ने 29 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी को 945 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ है। साथ ही कंपनी फायदे में आ गई है। मार्च तिमाही में कंपनी को लॉस हुआ था। एक साल पहले की जून तिमाही में भी कंपनी को लॉस हुआ था।

मार्च तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ लॉस

Vedanta Oil & Gas शेयर बाजार में हाल में लिस्ट हुई है। मार्च तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। FY26 की जून तिमाही में कंपनी को 103 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। वेदांता ऑयल एंड गैस वेदांता ग्रुप की कंपनी है। वेदांता ने अपने बिजनेस को डीमर्ज किया था। उसने बिजनेस को चार अलग-अलग कंपनियों में बांटा था।

EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 7.7% घटा

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 2,507 करोड़ रुपये रहा। यह मार्च तिमाही में कंपनी के 2,584 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से 3 फीसदी कम है। हालांकि, FY26 के जून तमाही के 2,303 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। जून तिमाही में कंपनी का EBITDA तिमाही दर तिमाही आधार पर 7.7 फीसदी घटकर 814 करोड़ रुपये रहा।

गैस डिस्कवरी की टेक्निकल और कमर्शियल वैल्यूएशन जारी

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 32.5 फीसदी पर आ गया। मार्च तिमाही में यह 34.1 फीसदी था। कंपनी ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में गैस मिलने की जानकारी दी। उसने कहा कि इस गैस डिस्कवरी की डिटेल टेक्निकल और कमर्शियल वैल्यूएशन का काम चल रहा है।

जून तिमाही में कंपनी के शयेर शेयर बाजार में लिस्ट हुए

Vedanta Oil & Gas के अंतरिम सीईओ एवं होल टाइम डायरेक्टर जिम जॉनी गास्ट ने कहा, “जून तिमाही कंपनी के लिए अहम है, क्योंकि इस दौरान कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुए।” उन्होंने कहा कि जून तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन से कंपनी के बिजनेस की ताकत का पता चलता है।

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29 जुलाई को कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी रही

कंपनी ने कहा है कि उसके राजस्थान ब्लॉक में जून तिमाही में औसत रोजाना ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 63.1 kboepd रहा। 29 जुलाई को कंपनी का शेयर एनएसई पर 3.31 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर 6.45 फीसदी चढ़ा है। 29 जुलाई को शेयर बाजार में भी जबर्दस्त तेजी दिखी। निफ्टी 1.10 फीसदी यानी 264 अंक चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.16 फीसदी यानी 888 अंक के उछाल के साथ 77,654 पर बंद हुआ।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: वेदांता ऑयल एंड गैस ने डिमर्जर और अलग लिस्टिंग के बाद पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी ने 945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और EBITDA में आई गिरावट

जून तिमाही में वेदांता ऑयल एंड गैस का ऑपरेशन से रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA भी 7.7% गिरकर 814 करोड़ रुपये रहा।

वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 32.5% रह गया। मार्च तिमाही में यह 34.1% था।

कितना रहा तेल और गैस उत्पादन?

जून तिमाही में कंपनी का औसत ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 77.7 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन (kboepd) रहा। वहीं, वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 51.1 हजार kboepd रहा।

पूरी तिमाही में कुल ग्रॉस प्रोडक्शन 7.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (boe) रहा। जबकि वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 4.7 मिलियन boe दर्ज किया गया।

राजस्थान में गैस की नई खोज

वेदांता ऑयल एंड गैस ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में RJ-ON-90/1 ब्लॉक के Kaam BCP-1ST कुएं में नई गैस खोज की भी घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि इस खोज का तकनीकी और व्यावसायिक मूल्यांकन अभी जारी है।

CEO ने क्या कहा?

अंतरिम CEO और पूर्णकालिक निदेशक जिम जॉनी गैस्ट ने कहा कि जून तिमाही कंपनी के लिए अहम रही। इसी दौरान कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट हुए।

उन्होंने कहा कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, नई खोज और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति से आगे भी ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। कंपनी अब एक्सप्लोरेशन ड्रिलिंग, ऑयल रिकवरी प्रोजेक्ट और नए डेवलपमेंट प्रोग्राम पर फोकस करेगी।

नतीजों से पहले बुधवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 3.3% की बढ़त के साथ 35.31 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 6.45% चढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

V-Guard Q1 Results: सभी सेगमेंट में जबरदस्त उछाल से 9% दौड़ा शेयर, मुनाफा 76% बढ़ा

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल बनाने वाली कंपनी V-Guard Industries ने FY27 की शुरुआत जबरदस्त तरीके से की है। कंपनी के सभी बिजनेस पोर्टफोलियो में अच्छी ग्रोथ देखी गई। गर्मियों में अच्छी मांग और मजबूत कामकाज की वजह से कंपनी को वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ी सप्लाई की दिक्कतों से निपटने में मदद मिली। अच्छे नतीजों से निवेशक खुश हुए और बुधवार,29 जुलाई को कंपनी के शेयर में लगभग 9% की तेज़ी आई।

कंपनी ने जून तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 76% की बढ़ोतरी के साथ ₹130 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि रेवेन्यू 23.5% बढ़कर ₹1,811 करोड़ हो गया। EBITDA 56% बढ़कर ₹192 करोड़ हो गया और EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 8.4% से बढ़कर 10.6% हो गया, जो बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और लागत के अच्छे मैनेजमेंट को दिखाता है।

यह मज़बूती सिर्फ़ एक प्रोडक्ट कैटेगरी तक सीमित नहीं थी। तिमाही के दौरान हर बिज़नेस सेगमेंट में रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ हुई, जो कंपनी के अलग-अलग तरह के पोर्टफोलियो और हर तरफ मांग में सुधार को दिखाता है।

इलेक्ट्रिकल्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट रहा, जिसमें रेवेन्यू 27.7% बढ़ा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स में 22.8% की ग्रोथ हुई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी 19.2% की अच्छी बढ़ोतरी हुई और Sunflame ने बिज़नेस में शामिल होने के बाद सकारात्मक योगदान देना जारी रखा। ज़्यादातर बिज़नेस में सेगमेंट की मुनाफ़ा कमाने की क्षमता में सुधार हुआ। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स डिवीज़न ने पिछले साल इसी अवधि में नुकसान दर्ज करने के बाद पॉज़िटिव मार्जिन हासिल किया।

इलाके के हिसाब से देखें तो दक्षिणी बाज़ार कंपनी के रेवेन्यू में सबसे बड़ा योगदान देने वाले बने रहे, जहाँ से कुल बिक्री का आधे से ज़्यादा हिस्सा आया।

हालांकि, कंपनी के पारंपरिक मजबूत गढ़ के बाहर भी ग्रोथ में तेज़ी आई; दक्षिण से बाहर के बिज़नेस में सालाना आधार पर 12% की बढ़ोतरी हुई, जो देश भर में अपनी पहुँच बढ़ाने की V-Guard की लगातार कोशिशों को दिखाता है।

मैनेजिंग डायरेक्टर मिथुन के. चिट्टिलाप्पिली ने कहा कि वेस्ट एशिया में संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने तिमाही में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने इस प्रदर्शन का श्रेय बिज़नेस की मज़बूती, पहले से किए गए ऑपरेशनल उपायों और गर्मियों के महीनों में अच्छी मौसमी मांग को दिया।

उन्होंने कहा, “बिज़नेस ने तिमाही के लिए ज़बरदस्त प्रदर्शन किया और सभी सेगमेंट में डबल-डिजिट ग्रोथ हुई। वेस्ट एशिया युद्ध की चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने मज़बूत नतीजे दिए और अच्छे मार्जिन बनाए रखे। यह बिज़नेस की मज़बूती, पहले से किए गए उपायों और गर्मियों के मौसम में मिली मदद की वजह से संभव हुआ।” उन्होंने कहा कि कंपनी जियो-पॉलिटिकल घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखेगी और सप्लाई व मुनाफ़े को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी। साथ ही, उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाली तिमाहियों में भी ग्रोथ की मौजूदा रफ़्तार बनी रहेगी।

निवेशकों ने कंपनी के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों का स्वागत किया। इस घोषणा के बाद, मंगलवार के सेशन में V-Guard Industries के शेयर लगभग 9% बढ़कर ₹316.80 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए, हालांकि बाद में वे दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आकर 301.95 रुपये पर बंद हुआ।

Thangamayil Jewellery Share Price: Q1 मुनाफे में जबरदस्त उछाल के बाद भी शेयर में लगा 10% का लोअर सर्किट, आखिर क्या है इसकी वजह

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Thangamayil Jewellery Share Price: Q1 मुनाफे में जबरदस्त उछाल के बाद भी शेयर में लगा 10% का लोअरसर्किट, आखिर क्या है इसकी वजह

Thangamayil Jewellery Share Price: ज्वैलरी रिटेलर थंगामयिल ज्वैलरी  (Thangamayil Jewellery) के शेयरों में 29 जुलाई को भारी गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही में दमदार मुनाफे के बाद भी शेयर में आज 10 फीसदी का लोअरसर्किट लग गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निवेशकों ने कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बजाय मौजूदा तिमाही के लिए कंपनी के सतर्क नजरिए पर ज्यादा ध्यान दिया, जिससे सेंटीमेंट पर असर पड़ा।

जून तिमाही के दौरान कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों में जबरदस्त ग्रोथ दिखाया है। हालांकि, मैनेजमेंट ने मांग में लगातार कमजोरी की ओर इशारा किया। इसके पीछे उन्होंने वेस्ट एशिया में युद्ध की अनिश्चितता, सोने पर ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी, रुपये की गिरती कीमतों को टहराया है। साथ ही सोने की कीमतें कम होने की उम्मीद में ग्राहकों द्वारा खरीदारी टालने का हवाला भी दिया है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

थंगामयिल ज्वैलरी  ने जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए ₹85 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹45.7 करोड़ से 86% ज्यादा है। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 71.2% बढ़कर ₹2,666.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही में यह ₹1,558 करोड़ था।

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी मजबूत रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 66.2% बढ़कर ₹144.6 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹87 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 5.4% रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 5.6% था।

अच्छे फाइनेंशियल नतीजे दिखाने के बावजूद, कंपनी ने निकट भविष्य में मांग को लेकर सतर्क रुख दिखाया।

30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही के दौरान सेम-स्टोर सेल्स (SSS) ग्रोथ 44.4% रही, जबकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर यह ग्रोथ 72.3% थी। थंगामयिल ज्वैलरी  ने कहा कि सोने की बिक्री की मात्रा (वॉल्यूम) अपेक्षाकृत कम रही, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें पिछली तिमाही (जब कीमतें काफी ऊंची थीं) की तुलना में कम थीं। कंपनी के अनुसार, मांग पर मुख्य रूप से 13 मई, 2026 से सोने पर आयात शुल्क (import duty) 6% से बढ़कर 15% होने और भारतीय रुपये की कीमत में काफी गिरावट का असर पड़ा। इन घटनाक्रमों के कारण कई ग्राहकों ने गहनों की खरीदारी टाल दी, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में अमेरिकी डॉलर के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें कम हो सकती हैं।

कंपनी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई अनिश्चितता का ग्राहकों की धारणा पर बुरा असर पड़ा। कंपनी ने बताया कि जिन इलाकों में वह काम करती है, वहां से आने वाले पैसे (remittances) में कमी के कारण विदेशों में रहने वाले भारतीयों (expatriates) द्वारा सोने की खरीदारी में सुस्ती आई, जिससे तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बिक्री और कम हुई।

मैनेजमेंट ने संकेत दिया कि मौजूदा तिमाही में भी यह कमजोरी बनी हुई है। थंगामयिल ज्वैलरी  ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के पहले 28 दिनों में बिक्री में कोई खास सुधार नहीं दिखा। बिक्री में लगातार सुस्ती की वजह युद्ध को लेकर बनी अनिश्चितता और ग्राहकों की यह उम्मीद रही कि अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आएगी, जिसके चलते उन्होंने खरीदारी को और टाल दिया।

कंपनी को उम्मीद है कि जियोपॉलिटिकल हालात स्थिर होने और सोने की कीमतों को लेकर नजरिया बेहतर होने पर यह टली हुई मांग वापस आएगी। उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में सुधार होगा।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

हालांकि बुधवार के कारोबार में स्टॉक 10% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। थंगामयिल ज्वैलरी  के शेयरों में पिछले 1 महीने में 10%, 3 महीनों में 62% और पिछले 6 महीनों में 85% की बढ़त हुई है। एक साल के आधार पर, स्टॉक ने मल्टीबैगर रिटर्न दिया है और इसमें 249% की उछाल आई है, जबकि पिछले पांच वर्षों में इसने 1,370% का रिटर्न दिया है।

स्टॉक ने पिछले कारोबारी सत्र में 28 जुलाई को ₹7,429 का अपना 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर ₹1,774.35 पिछले साल जुलाई में दर्ज किया गया था।

Devyani International share Price: Q1 मुनाफे में 4 गुना की दमदार बढ़ोतरी, शेयर 9% भागा, मार्जिन में भी दिखा सुधार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Q1 Results: A-1 लिमिटेड का जून तिमाही में दमदार प्रदर्शन, प्रॉफिट और रेवेन्यू में तगड़ा उछाल

Q1 Results: A-1 लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। इंडस्ट्रियल एसिड और केमिकल सप्लाई के साथ लॉजिस्टिक्स कारोबार से जुड़ी कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा दोनों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन, नए ऑर्डर और बिजनेस विस्तार का फायदा पहली तिमाही के नतीजों में देखने को मिला।

रेवेन्यू 175 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी की ऑपरेशन से होने वाली आय (रेवेन्यू) सालाना आधार पर 170.5% बढ़कर 175.01 करोड़ रुपये रही। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 64.69 करोड़ रुपये थी।

मुनाफे में 429% की बढ़ोतरी

पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) 429.3% बढ़कर 3.16 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने 0.60 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। वहीं, PAT मार्जिन भी 0.92% से बढ़कर 1.81% हो गया।

EBITDA में भी मजबूत सुधार

कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 210.6% बढ़कर 6.07 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1.95 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 3.02% से बढ़कर 3.47% हो गया। कंपनी के मुताबिक, यह बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत नियंत्रण का नतीजा है।

नए ऑर्डर से कारोबार को मिला सहारा

तिमाही के दौरान कंपनी को सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महाधन एग्रीटेक लिमिटेड और साईं बाबा पॉलीमर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड जैसे ग्राहकों से करीब 35 करोड़ रुपये के इंडस्ट्रियल सप्लाई ऑर्डर मिले। इसके अलावा कंपनी 127.50 करोड़ रुपये के इंडस्ट्रियल यूरिया सप्लाई ऑर्डर पर भी काम कर रही है।

केमिकल कारोबार का दायरा बढ़ा

A-1 लिमिटेड को ईशान डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड के सल्फर आधारित इंडस्ट्रियल केमिकल्स के लिए प्राइमरी ऑथराइज्ड डीलर नियुक्त किया गया है। कंपनी का मानना है कि इससे उसके इंडस्ट्रियल केमिकल कारोबार और ग्राहक आधार को मजबूती मिलेगी।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में एंट्री

A-1 लिमिटेड  ने A-1 सुरेजा इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर ली है। इसके बाद यह कंपनी उसकी सब्सिडियरी बन गई है। इस अधिग्रहण के जरिए A-1 लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में भी कदम रखा है, जिसे भविष्य की ग्रोथ के लिए अहम माना जा रहा है।

क्या बोले मैनेजिंग डायरेक्टर?

A-1 लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की मजबूत शुरुआत की है। उनके मुताबिक, इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल, लंबे समय से ग्राहकों के साथ बने रिश्ते और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की बदौलत कंपनी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ाने और शेयरधारकों के लिए लॉन्ग टर्म वैल्यू बनाने पर फोकस बनाए रखेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।