अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान उनकी हत्या करने में कामयाब होता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई में अत्यधिक सैन्य बल का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने पहले ही निर्देश दे दिए हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को द न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में कहा, मैं का
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखेगा, लेकिन युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर लिखा, “ईरान ने हमसे बातचीत जारी रखने की मांग की है। हमने इस पर सहमति जता दी है, लेकिन अम
इजरायल ने हाल ही में अमेरिका को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी साझा की है। जिसके अनुसार ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की एक नई साजिश तैयार कर रहा है। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने अपने सूत्रों के हवाले से दी है।रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अ
LPG Price Today: अगर आप आज (10 जुलाई) गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा एलपीजी (LPG) रेट जरूर देख लें। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 10 जुलाई 2026 के लिए नई कीमतें जारी कर दी हैं। आज भी 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ शांति समझौते को खत्म बताने और अमेरिका द्वारा नए हमले शुरू करने के बाद LPG, CNG और PNG की कीमतों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।
इससे एनर्जी सप्लाई के लिए अहम रास्ते, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी चिंता पैदा हो गई है। ट्रंप ने कहा है कि US-ईरान युद्ध को खत्म करने का अंतरिम समझौता खत्म हो गया है। 17 जून के समझौते को खत्म करने के कुछ घंटों बाद, अमेरिका ने बुधवार को ईरान के खिलाफ नए और बड़े सैन्य हमले किए। इन हमलों में देश के दक्षिणी तट पर मौजूद ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा करना बताया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि शुरुआती शांति समझौते और चल रही बातचीत के बावजूद उसने फिर से हमले शुरू कर दिए हैं।
भारत में इंडियन ऑयल ने 1 जुलाई से 19-kg वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत कम की, जो 2026 में पहली कटौती थी। अलग-अलग शहरों में यह कटौती ₹173 से ₹183.50 के बीच थी। सरकार ने कहा कि देश भर में घरेलू LPG, PNG और CNG की सप्लाई पूरी तरह से बनाए रखी जा रही है। सरकार ने यह भी कहा कि सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने के बाद होटलों, रेस्तरां और दूसरे व्यवसायों को कमर्शियल LPG की सप्लाई संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दी गई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल LPG की कीमतों में कटौती पिछले हफ्ते कमर्शियल ग्राहकों को सप्लाई बहाल होने के बाद की गई। घरेलू उत्पादन में सुधार और इंपोर्टेड LPG कार्गो के आने की उम्मीद के कारण कमर्शियल LPG सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटा ली गई थीं। इसके अलावा, बुधवार को एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण जेट फ्यूल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती थी। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट पर एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है।
14 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दाम (रुपये में)
दिल्ली: ₹942
नोएडा: ₹939.50
मुंबई: ₹941.50
कोलकाता: ₹968
पटना: ₹1,031.50
लखनऊ: ₹979.50
चेन्नई: ₹957.50
चंडीगढ़: ₹951.50
जयपुर: ₹945.50
हरियाणा: ₹943.50
असम: ₹991
19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम (रुपये में)
दिल्ली: ₹2,930
नोएडा: ₹2,930
मुंबई: ₹2,885.50
कोलकाता: ₹3,081.50
पटना: ₹3,227
लखनऊ: ₹3,052.50
चेन्नई: ₹3,106
चंडीगढ़: ₹2,954.50
जयपुर: ₹2,957.50
हरियाणा: ₹2,932
असम: ₹3,173.50
कब बदलती हैं LPG की कीमतें?
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, जरूरत पड़ने पर महीने के बीच में भी घरेलू या कमर्शियल सिलेंडर के दाम बदले जा सकते हैं।
घर बैठे ऐसे करें अपने शहर का LPG रेट चेक
अगर आप अपने शहर में एलपीजी सिलेंडर की सटीक कीमत जानना चाहते हैं, तो इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ताजा रेट देख सकते हैं। वहां हर शहर के अनुसार अपडेटेड कीमतें उपलब्ध रहती हैं। फिलहाल 10 जुलाई 2026 को एलपीजी उपभोक्ताओं को कीमतों में किसी तरह की राहत नहीं मिली है। घरेलू एवं कमर्शियल दोनों कैटेगरी के सिलेंडरों के दाम स्थिर बने हुए हैं।
Diljit Dosanjh: हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान, जब एक फैन ने दिलजीत दोसांझ को US ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने का सुझाव दिया, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। यह कमेंट उस रिपोर्ट के कुछ महीनों बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि एक्टर-सिंगर 2022 से US के नागरिक हैं – एक ऐसा दावा जिसकी न तो दिलजीत ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है।
लाइव सेशन के दौरान, दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद पर बात कर रहे थे, जिसे रिलीज़ होने के 48 घंटों के भीतर ही Zee5 इंडिया से हटा दिया गया था। हालांकि, जब एक फैन ने उन्हें US ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने को कहा, तो दिलजीत ने नागरिकता से जुड़ी अटकलों का सीधे जवाब देने के बजाय उस पल को मजाक में बदल दिया।
प्रशंसक के सवाल का जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “मैं एक कार्ड लूंगा और उसे हरे रंग से रंग दूंगा।”उन्होंने आगे कहा, “मैं कुछ नहीं कह रहा। सब छोड़कर ये खबर बन जाएगी। ऐसा नहीं होता। दुनिया का नाटक कभी खत्म नहीं होगा। लेकिन मेरा मानना है कि हर किसी को बिना वीजा के किसी भी देश की यात्रा करने की अनुमति होनी चाहिए। पूरी दुनिया को एक हो जाना चाहिए। मैं ठीक हूं, लेकिन ऐसा संभव नहीं है, है ना?”
यह बात इसलिए खास थी क्योंकि यह दिलजीत की नागरिकता के स्टेटस को लेकर चल रही अटकलों के बीच कही गई थी। इस साल की शुरुआत में, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया था कि दिलजीत ने 2022 में अमेरिकी नागरिकता ले ली थी और 1 सितंबर 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं। एक्टर-सिंगर ने इस रिपोर्ट पर सार्वजनिक रूप से कोई बात नहीं की है।
फैन ने दिलजीत से डोनाल्ड ट्रंप से बात करने को कहा। एक और लाइव सेशन में, एक फैन ने मजाक में दिलजीत से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने और सभी को अमेरिकी नागरिकता दिलाने में मदद करने को कहा। इस सुझाव पर हंसते हुए दिलजीत ने जवाब दिया, “आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? मैं तो बस एक आर्टिस्ट हूं। मैं उनसे नागरिकता के मुद्दों को हल करने के लिए कैसे कह सकता हूं? उनकी बेटी मुझे फोलो करती है, लेकिन मैंने कभी उनसे भी बात नहीं की है। मैं कभी किसी से कोई फेवर नहीं मांगता। अगर कुछ होना होता है, तो वह होता है। अगर नहीं होना होता, तो नहीं होता।”
दिलजीत के हल्के-फुल्के जवाब ने एक बार फिर नागरिकता की अफवाहों पर सीधे बात करने से बचा लिया, साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह नहीं चाहते थे कि यह बातचीत कोई और हेडलाइन बने। मई में, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया कि दिलजीत दोसांझ 2022 में अमेरिकी नागरिक बन गए थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट 2018 में मुंबई में जारी किया गया था और वे 1 सितंबर, 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि दिलजीत की पत्नी, संदीप कौर, अमेरिकी नागरिक हैं। अमेरिकी नागरिकता लेने के समय, दिलजीत ने कैलिफ़ोर्निया के एक पॉश इलाके में स्थित पांच बेडरूम वाले बंगले को लिया था। अमेरिकी ग्रीन कार्ड किसी व्यक्ति को ‘कानूनी तौर पर स्थायी निवासी’ का दर्जा देता है, जिससे वे बिना किसी अस्थायी वीजा या नियोक्ता (employer) की स्पॉन्सरशिप के, अमेरिका में कहीं भी अनिश्चित काल तक रह सकते हैं, काम कर सकते हैं और पढ़ाई कर सकते हैं। पात्रता की शर्तें पूरी करने के बाद, यह अमेरिकी नागरिकता पाने का एक जरिया भी बन सकता है।
हालांकि, जो व्यक्ति पहले से ही अमेरिकी नागरिक है, उसे ग्रीन कार्ड की जरूरत नहीं होती। इसी वजह से, चल रही अटकलों के बीच फैन का सुझाव और दिलजीत का मजाकिया जवाब चर्चा का विषय बन गया। दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ के बारे में बात करने के लिए लाइव आए थे।
OTT पर रिलीज होने से पहले, सेंसर की आपत्तियों के कारण यह फिल्म अटकी हुई थी। दिलजीत ने लोगों से यह फिल्म देखने की अपील की और इसे पंजाब और भारत के इतिहास की एक अहम कहानी बताया। ‘सतलुज’ जसवंत सिंह खालरा की कहानी है। उन्होंने उस दौर में अमृतसर और उसके आस-पास हजारों शवों के कथित तौर पर गैर-कानूनी ढंग से अंतिम संस्कार किए जाने का दस्तावेजीकरण किया था, जब पंजाब में उग्रवाद चरम पर था। बाद में खालरा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई।
Zee5 से फ़िल्म को अचानक हटाए जाने के बाद सेंसरशिप, इतिहास और इस बात पर बड़ी बहस छिड़ गई है कि क्या मानवाधिकारों से जुड़े दस्तावेज़ी मुद्दों पर आधारित कहानियों को भारतीय दर्शकों तक पहुंचने दिया जा रहा है।
Gold Prices Outlook: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एक तरफ जहां वैश्विक अनिश्चितता के समय सोने को हमेशा ‘सुरक्षित निवेश’ माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका ने इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
टाटा म्यूचुअल फंड और Augmont के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का एक शानदार मौका साबित हो सकती है। आइए समझते हैं कि सोने की कीमतों में गिरावट की असली वजह क्या है और आगे इसकी चाल कैसी रहेगी।
क्यों दबाव में हैं सोने की कीमतें? समझें बड़ी वजहें
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए शांति समझौते (MOU) को ‘खत्म’ घोषित कर दिया, जिससे तनाव चरम पर पहुंच गया। इसके बाद ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया। इन घटनाक्रमों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 5% से ज्यादा उछल गईं, जिससे ग्लोबल लेवल पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
ब्याज दरों का सोने पर सीधा असर
जब महंगाई बढ़ती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने या उन्हें और बढ़ाने की संभावना बढ़ जाती है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने के बजाय बॉन्ड्स जैसे ब्याज देने वाले एसेट्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं। यही वजह है कि डॉलर की मजबूती और हाई बॉन्ड यील्ड के कारण सोने की कीमतें फिलहाल दबाव में हैं।
US Fed का अगला कदम रहेगा सबसे बड़ा ट्रिगर
ऑगमोंट की रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी के मुताबिक, अमेरिकी फेड की मीटिंग के मिनट्स से साफ है कि समिति के सदस्य आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर बंटे हुए हैं। हालांकि फिलहाल दरों को स्थिर रखने पर सहमति है, लेकिन कुछ सदस्य दरें बढ़ाने के पक्ष में हैं।
CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजार अब सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की 68% संभावना और जनवरी 2027 तक बढ़ोतरी की 87% संभावना मानकर चल रहा है। इन उम्मीदों से डॉलर मजबूत हो रहा है, जो शॉर्ट-टर्म में सोने के लिए नकारात्मक है।
क्या हैं सोने के नए टार्गेट?
डॉ. रेनिशा चैनानी के अनुसार, सोने ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना $4,080 का टार्गेट हासिल कर लिया है। अब आगे की चाल मिडिल ईस्ट के हालातों पर निर्भर करेगी:
तेजी का परिदृश्य: अगर सोना $4,090, भारतीय बाजार में लगभग ₹144000 के ऊपर टिका रहता है, तो यह $4,160 यानी ₹147000 की तरफ बढ़ सकता है।
मंदी का परिदृश्य: अगर कीमतें फिसलकर $4,040 (₹1,43,000) के नीचे आती हैं, तो गिरावट बढ़कर $3,950 (₹1,41,000) के स्तर तक जा सकती है।
भारतीय निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
भारतीय निवेशकों के लिए एक राहत की बात यह है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी घरेलू बाजार में सोने की गिरावट को रोकने में मदद करेगी। रुपया कमजोर होने से आयातित सोना महंगा हो जाता है, जिससे स्थानीय कीमतों को सपोर्ट मिलता है।
टाटा म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रहे, लेकिन लंबी अवधि के लिए सोने का आउटलुक बेहद पॉजिटिव है। फंड हाउस ने सलाह दी है कि ‘निवेशकों को हर गिरावट पर सोना खरीदना चाहिए।’ शॉर्ट-टर्म के उतार-चढ़ाव से पैनिक होने के बजाय, इस करेक्शन को धीरे-धीरे अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने के मौके के रूप में देखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।
FII DII Data: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दिखी। इसके बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 9 जुलाई को FIIs ने 1,962.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी खरीदारी के मूड में रहे और उन्होंने 790.16 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यानी दोनों ने मिलकर 2,753 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। ऐसे में बाजार की तेज गिरावट यह संकेत देती है कि अन्य निवेशक वर्गों, खासकर रिटेल निवेशकों की ओर से घबराहट में बिकवाली हुई होगी।
FII-DII ने कितना खरीदा, कितना बेचा
बुधवार के कारोबारी सत्र में FIIs ने कुल 17,463.95 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 15,501.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, DIIs ने 19,165.13 करोड़ रुपये की खरीदारी और 18,374.97 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
एक दिन पहले यानी 8 जुलाई को भी FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। हालांकि, उस दिन DIIs 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे थे।
इस हफ्ते कैसा रहा FII-DII का रुख?
इस सप्ताह अब तक FIIs लगातार चारों कारोबारी सत्र में खरीदार रहे हैं। वहीं, DIIs ने भी चार में से तीन सत्रों में खरीदारी की है। इससे साफ है कि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा अभी बना हुआ है।
| तारीख | FII नेट फ्लो | DII नेट फ्लो |
| 9 जुलाई 2026 | ₹1,962.80 करोड़ | ₹790.16 करोड़ |
| 8 जुलाई 2026 | ₹393.19 करोड़ | -₹383.43 करोड़ |
| 7 जुलाई 2026 | ₹243.03 करोड़ | ₹3,791.42 करोड़ |
| 6 जुलाई 2026 | ₹1,355.33 करोड़ | -₹1,953.89 करोड़ |
भारी गिरावट के बावजूद जारी रही खरीदारी
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया।
शेयर बाजार कितना गिरा
BSE Sensex 1,677 अंक टूटकर 76,504 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 517 अंक गिरकर 23,882 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,900 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार में लगभग हर सेक्टर में बिकवाली रही। Nifty 50 के 50 में से 46 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। Nifty PSU Bank और Nifty Chemicals सबसे ज्यादा टूटने वाले सेक्टर रहे। वहीं, Nifty Bank 1,458 अंक गिरकर 56,743 और Nifty Midcap 963 अंक टूटकर 61,323 पर बंद हुआ।
रुपये पर भी बढ़ा दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती का असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 59 पैसे कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 95.55 पर बंद हुआ। अमेरिका के ईरान पर नए हमलों और Hormuz Strait में बढ़े तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा।
Stocks to Watch: 9 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल
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Stocks to Watch: गुरुवार, 9 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर एक्शन में रह सकते हैं। कहीं बड़ी साझेदारी हुई है, तो कहीं तिमाही नतीजे, बिक्री के आंकड़े, नए ऑर्डर और मैनेजमेंट से जुड़े अपडेट आए हैं। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भी कुछ सेक्टरों पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में इन 16 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
TVS Motor
ऑटो कंपनी TVS Motor Company Ltd ने सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation (IOC) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियां देशभर में LPG सिलेंडर की लास्ट-माइल डिलीवरी को मजबूत करेंगी। इसके लिए टिकाऊ कमर्शियल मोबिलिटी सॉल्यूशंस का इस्तेमाल किया जाएगा।
NALCO
सरकारी एल्युमीनियम कंपनी NALCO ने सरकारी कंपनी NLC India Ltd के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। दोनों मिलकर ओडिशा के अंगुल में 1,080 मेगावाट (4×270 MW) का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट बनाएंगे।
Oil Marketing Companies
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों पर नजर रहेगी। इसकी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर फिर हमला कर सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका है।
Mahindra & Mahindra
ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra ने अपने गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी 10 जुलाई 2026 से SUV पोर्टफोलियो की कीमतों में औसतन 2.7% और कमर्शियल व्हीकल रेंज में 2% की बढ़ोतरी करेगी।
Tata Consultancy Services
टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) 9 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी करेगी। निवेशकों की नजर कंपनी की कमाई और मैनेजमेंट की गाइडेंस पर रहेगी।
Phoenix Mills
रियल एस्टेट कंपनी Phoenix Mills ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी के मौजूदा मॉल पोर्टफोलियो में रिटेल कंजम्प्शन सालाना आधार पर 32% बढ़कर 4,727 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर ग्राहक मांग, प्रीमियम स्टोर्स और टेनेंट मिक्स में सुधार से कंपनी की ज्यादातर प्रॉपर्टीज में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज हुई।
SBI
सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने अपनी FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम के जरिए सिर्फ एक महीने में 1.5 अरब डॉलर (करीब 12,500 करोड़ रुपये) जुटा लिए हैं। बैंक NRI ग्राहकों को 5.25% से 6% तक ब्याज दे रहा है। साथ ही जमा राशि के आधार पर 9 गुना तक लोन की सुविधा भी दे रहा है।
Axis Bank
प्राइवेट बैंक Axis Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन. एस. विश्वनाथन की दोबारा नियुक्ति को RBI ने मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 27 अक्टूबर 2026 से 26 अक्टूबर 2029 तक रहेगा। अब इस प्रस्ताव पर 31 जुलाई की AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।
Canara Bank
सरकारी बैंक Canara Bank के डिजिटल बैंकिंग विंग के चीफ जनरल मैनेजर महेश एम. पाई ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में बेहतर अवसर मिलने का हवाला दिया है। उनका इस्तीफा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद प्रभावी होगा।
SML Isuzu
कमर्शियल व्हीकल कंपनी SML Isuzu की जून बिक्री सालाना आधार पर 5% बढ़कर 1,896 यूनिट रही। कंपनी का प्रोडक्शन भी बढ़ा है। हालांकि, एक्सपोर्ट 64 यूनिट से घटकर 34 यूनिट रह गया।
Graphite India
ग्रेफाइट उत्पाद बनाने वाली कंपनी Graphite India ने जर्मनी में अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध से बने मुश्किल हालात का हवाला दिया है। जर्मनी का यह कारोबार करीब 105 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर का है।
S H Kelkar
फ्लेवर और फ्रेगरेंस कंपनी S H Kelkar का पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.7% बढ़कर 660 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, कंपनी का नेट डेट बढ़कर 864 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए निवेश की वजह से हुई है।
IRB Infrastructure Developers
इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी IRB Infrastructure Developers Ltd की टोल कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जून 2026 में कंपनी का ग्रॉस टोल कलेक्शन 28% बढ़कर 808 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी महीने यह 631 करोड़ रुपये था।
Aditya Infotech
वीडियो सिक्योरिटी और सर्विलांस प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Aditya Infotech Ltd के खिलाफ मध्यस्थता (Arbitration) की प्रक्रिया शुरू हुई है। Avathon Inc. और SparkCognition India Pvt. Ltd. ने न्यूयॉर्क स्थित International Chamber of Commerce (ICC) में कंपनी के खिलाफ मामला दायर किया है।
Crompton Greaves Consumer Electricals
इलेक्ट्रिकल कंपनी Crompton Greaves Consumer Electricals Ltd को नया ऑर्डर मिला है। MSEDCL ने मौजूदा रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत अतिरिक्त आवंटन किया है। इससे ऑर्डर की कुल वैल्यू बढ़कर 64.99 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) हो गई है।
HFCL
टेलीकॉम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HFCL Ltd ने अपने इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल कनेक्टिविटी पोर्टफोलियो के लिए नया ब्रांड लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका नाम OptiQ AI रखा है। यह अब उसके पूरे ऑप्टिकल कनेक्टिविटी बिजनेस की यूनिफाइड ब्रांड पहचान होगी।
शेयर बाजारों की 9 जुलाई को कैसी रहेगी चाल? Nifty के लिए ये सबसे अहम लेवल होंगे
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
ईरान और अमेरिका के ताजा हमलों ने माहौल को एक बार फिर गरमा दिया है। पीस प्लान को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जोरदार वार और पलटवार के बाद अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। नाटो के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने तुर्की पहुंचे ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि अमेरिका आज रात ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
ईरान से सीजफायर टूटने के बाद ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान
तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरान के हमलों ने संघर्ष रोकने के लिए हुए अस्थायी समझौते का उल्लंघन किया है। इसी वजह से अब हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की हालिया कार्रवाई से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन कराना नहीं है, लेकिन वह किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के जहाजों पर किए गए हमले अस्थायी संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करना होगा, नहीं तो अमेरिका खुद कार्रवाई करेगा।
इससे पहले ट्रंप ने उस समझौते से अलग होने का ऐलान किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच लड़ाई कुछ समय के लिए रुकी थी और आगे बातचीत की उम्मीद बनी हुई थी। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है और संघर्ष दोबारा शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।
होर्मुज पर संकट के बादल
होर्मुज , दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और मौजूदा संघर्ष का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। यह तनाव फरवरी के आखिर में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बाद और बढ़ गया था। ईरान का कहना है कि वह इस समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। उसका दावा है कि यहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाएगा। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि तय रास्ते से हटने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जा सकती है। हाल के दिनों में ईरानी सेना ने कम से कम तीन जहाजों पर हमला किया। इसके जवाब में मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की।
GIFT Nifty Today: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार के लिए राहत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty शाम 6:30 बजे 119 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 23,992 पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिलता है कि 9 जुलाई को घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है।
बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।
इसी दबाव में निफ्टी 50 2.12% टूटकर 23,882.05 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 2.15% गिरकर 76,503.60 पर आ गया। यह दोनों इंडेक्स का तीन महीने में सबसे खराब कारोबारी सत्र रहा।
ग्लोबल मार्केट पर भी दिखा असर
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी दबाव में आ गए। S&P 500 Futures करीब 0.8% गिर गए। वहीं ब्रेंट क्रूड करीब 5% उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट आई और डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
निफ्टी के लिए अहम स्तर कौन से?
Religare Broking के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, निफ्टी अब 24,000-24,150 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे फिसल चुका है। इससे निकट अवधि की तकनीकी तस्वीर कमजोर हुई है।
उन्होंने कहा कि अब 23,650-23,800 का स्तर अगला मजबूत सपोर्ट होगा। वहीं, अगर बाजार में रिकवरी आती है तो 24,150-24,300 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
उनका कहना है कि India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में फिलहाल सतर्क रहने, चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।
Bajaj Broking ने क्या कहा?
Bajaj Broking के मुताबिक, निफ्टी ने बुधवार को बड़ा बेयरिश कैंडल बनाया। साथ ही हाल की पूरी तेजी भी गंवा दी। कारोबार के दौरान इंडेक्स 24,250 के सपोर्ट के नीचे फिसल गया और दिन में 23,800 तक पहुंच गया।
ब्रोकरेज का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे बंद होता है, तो अगले कुछ सत्रों में यह 23,500-23,600 तक फिसल सकता है। हालांकि, अगर 23,800 का स्तर बचा रहता है, तो निफ्टी 23,800 से 24,350 के दायरे में कुछ समय तक कारोबार कर सकता है। फिलहाल 24,350 के नीचे बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है।
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