आज 65 Km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! यूपी संग इन 5 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया मौसम का ताजा अपडेट

IMD Weather Today: देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने आज यानी 16 अगस्त के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत 5 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही समुद्र तटों और खाड़ी क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे तटीय इलाकों में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

मैदानी, पर्वतीय और तटीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है, जिससे कई जगहों पर निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

यूपी, उत्तराखंड और बंगाल समेत इन 5 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन पांचों राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। आज हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली गिरने की आशंका

बारिश के साथ-साथ आज कई राज्यों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली कड़कने और बादल गरजने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचेगी हवाओं की रफ्तार, समुद्र में मौसम खराब

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के कारण मौसम काफी खतरनाक बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम अरब सागर से लगे इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुारियों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

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Weather Alert : 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बदलेगा मौसम

Weather Alert : 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बदलेगा मौसम

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देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में मौसम में बदलाव की संभावना है। कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।  

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दिल्ली-NCR में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट

दिल्ली-NCR में 16 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है।

मध्य प्रदेश में इन जिलों में बारिश का अनुमान

 

मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल, इंदौर, शिवपुरी, खंडवा और नर्मदापुरम में भारी बारिश और गरज-चमक हो सकती है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

 

 

यूपी में 60-70 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और अयोध्या समेत कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है। यहां हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

 

बिहार में भी भारी बारिश और गरज-चमक

बिहार के पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इस दौरान हवाएं 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

 

पंजाब-हरियाणा में भी तेज बारिश और हवाएं

पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पठानकोट, बठिंडा और होशियारपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हरियाणा में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई इलाकों में मौसम में बदलाव जारी रहेगा।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश का खतरा

 

उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, देहरादून और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। यहां हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और सोलन में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर में भी तेज बारिश और हवाओं का अनुमान

 

जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।

 

21 अगस्त तक पूर्वोत्तर में बारिश का दौर

 

पूर्वोत्तर भारत में 21 अगस्त तक मौसम गीला रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है।

 

दक्षिण भारत में भी बारिश का सिलसिला

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 से 20 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी परेशान कर सकती हैं।

16 अगस्त को बिगड़ेगा मौसम! यूपी, उत्तराखंड और बंगाल संग इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का बड़ा अलर्ट, जानें IMD की चेतावनी

देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने 16 अगस्त को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। IMD ने कई इलाकों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

तटीय इलाकों से लेकर मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों तक मानसूनी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। स्वतंत्रता दिवस के ठीक अगले दिन देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

यूपी, उत्तराखंड और बंगाल में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

इसके अलावा देश के अन्य कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में गर्जना और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

समुद्री क्षेत्रों में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों के लिए एडवाइजरी

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से मौसम काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में न जाने की सख्त सलाह दी है।

तूफानी मौसम का खतरा: यूपी-उत्तराखंड संग इन 15 राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश! यहां 17 अगस्त को एक्स्ट्रीम हैवी रेनफॉल का अलर्ट

India Weather update: दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का कहर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी अपने विशेष बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते के ज्यादातर दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

आईएमडी ने बताया कि मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है। 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जो 15 अगस्त की सुबह दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर स्थित है। यह प्रणाली अगले 12 घंटों के दौरान और कमजोर हो जाएगी। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और निकटवर्ती उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शीयर जोन बना हुआ है जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है।

बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर चलेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 15 से 21 अगस्त तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। मैदानी इलाकों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 15 और 18 अगस्त को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त के दौरान और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर इलाके में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 15 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 से 21 अगस्त के बीच उत्तराखंड और यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखाएगा। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक और बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान 17 अगस्त को उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त को और झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 15 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को बिहार में भीषण आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तक और असम व मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कोंकण में झमाझम

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक तथा विदर्भ में 15 से 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक तथा गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा में 15 से 17 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त और गुजरात क्षेत्र में 15 व 16 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश

दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे में 15 से 21 अगस्त तक तथा लक्षद्वीप में 15-16 और 19-21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और तेज गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

कल का मौसम: 15 अगस्त को दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन 3 इलाकों में IMD ने जारी की ऑरेंज कलर वॉर्निंग

देश के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त दिन देशभर में मानसूनी गतिविधियां सुपर एक्टिव रहने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में बताया है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। ध्वजारोहण समारोह से लेकर विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने तीन प्रमुख राज्यों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि दो दर्जन से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है।

इन तीन इलाकों में रहेगा ऑरेंज अलर्ट, अति भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार सबसे अधिक रहने वाली है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार से अति मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। IMD ने इन तीनों क्षेत्रों के लिए ऑरेंज वॉर्निंग जारी की है। यहां कई स्थानों पर जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है। इन इलाकों के निवासियों और यात्रियों को स्वतंत्रता दिवस के दिन सतर्क रहने और बेवजह यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी, बिहार समेत उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में झमाझम बारिश

देश के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बादलों का डेरा रहेगा। दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में भी मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में खलल पड़ सकता है।

30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अंदेशा जताया गया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में दिन के समय सतह पर तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

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समुद्री क्षेत्रों के लिए एडवाइजरी जारी, मछुआरों को सतर्क रहने के निर्देश

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम को देखते हुए समुद्री तटों पर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। सोमालिया और ओमान तट के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में भी इसी तरह की तूफानी परिस्थितियां बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 15 अगस्त को गहरे समुद्र में जाने से परहेज करें।

El Nino Impact: अल नीनो का कहर! 2026 बन सकता है अब तक का सबसे गर्म साल, रिकॉर्ड गर्मी से क्या बदलेगा बारिश का पैटर्न?

El Nino & Monsoon update: प्रशांत महासागर में तेजी से मजबूत हो रहे अल नीनोके असर से साल 2026 के इतिहास का सबसे गर्म साल बनने की संभावना बेहद बढ़ गई है। अमेरिका के नॉन प्रॉफिट रिसर्च ग्रुप बर्कले अर्थ के ग्लोबल वेदर के मंथली एनालिसिस के मुताबिक अल नीनो के शक्तिशाली रूप लेने के कारण 2026 के सबसे गर्म साल बनने की संभावना जुलाई में दर्ज 12 फीसदी से बढ़कर अगस्त में सीधे 69 फीसदी पर पहुंच गई है। रिसर्चर्स का मानना है कि इसके अलावा साल 2027 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बनने की पूरी उम्मीद है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक बर्कले अर्थ के चीफ साइंटिस्ट रॉबर्ट रोडे ने इसे लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले एक साल या उससे थोड़े अधिक समय में हम कुछ बहुत ही नाटकीय बदलाव देख सकते हैं। यह हमें ऐसी मौसमी स्थितियां देगा जिसकी उम्मीद हम आम तौर पर एक दशक या उससे अधिक समय बाद करते हैं। यह एक बहुत बड़ी घटना साबित होने वाली है।

क्या होता है अल नीनो और कैसे बदलेगा बारिश का पैटर्न?

अल नीनो महीनों तक चलने वाला एक रिकरिंग वेदर फेज है। इसके ग्लोबल लेबल पर गंभीर असर होते हैं। अल नीनो के असर से दुनिया के कई हिस्सों में सूखा पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर भारत, पश्चिमी और दक्षिणी अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलता है। अल नीनो की वजह से इन इलाकों में बारिश की कमी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर अल नीनो की वजह से कुछ दूसरे क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होती है। उदाहरण के लिए इसके असर से दक्षिणी अमेरिका के इलाकों में भारी बारिश की संभावना बढ़ जाती है।

कितना शक्तिशाली है यह अल नीनो?

वैज्ञानिक पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के एक विशिष्ट क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान से अल नीनो की ताकत का आकलन करते हैं। अनुमान बताते हैं कि प्रशांत महासागर के उस विशिष्ट हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक असाधारण रूप से अधिक बढ़ जाएगा। इसकी तुलना में 2015 से 2016 के अल नीनो के दौरान समुद्र का तापमान सामान्य से 2.75 डिग्री सेल्सियस अधिक बढ़ा था। इससे यह साफ पता चल रहा है कि मौजूदा अल नीनो कितना खतरनाक है।

यह अल नीनो इस साल जून में शुरू हुआ था। हालांकि इस साल देर वसंत और शुरुआती गर्मियों में पड़ी भीषण गर्मी के लिए अल नीनो जिम्मेदार नहीं था क्योंकि तब तक इसका असर इतना तेज नहीं हुआ था।

जून-जुलाई में टूटे गर्मी के रिकॉर्ड

बर्कले अर्थ के मुताबिक प्रमुख जलवायु डेटासेट के मुताबिक बीता जुलाई का महीना अब तक दर्ज किया गया सबसे गर्म या दूसरा सबसे गर्म जुलाई रहा। जुलाई के महीने में भीषण गर्मी की वजह से फ्रांस और स्पेन में विनाशकारी जंगलों की आग भड़क उठी जबकि अमेरिका के कई हिस्से हीट डोम की वजह से झुलस गए। अमेरिका के मुख्य भूभाग में जुलाई का औसत अधिकतम तापमान 90 साल पुराने उस रिकॉर्ड को तोड़ गया जो डस्ट बाउल के दौर में बना था। वैज्ञानिक रोडे ने चुटकी लेते हुए कहा कि दुनिया का इतना बड़ा हिस्सा झुलस रहा है कि उन जगहों का नाम लेना आसान है जो गर्म नहीं हैं, अंटार्कटिका में इस बार बहुत ही अत्यधिक ठंड वाली सर्दियां रही हैं।

ग्लोबल इकॉनमी और व्यापार पर अल नीनो की मार

कई देशों विशेष रूप से उभरते बाजारों में अल नीनो द्वारा लाई गई भीषण गर्मी और मूसलाधार बारिश ईरान युद्ध के कारण उपजे आर्थिक संकट को और बढ़ा सकती है। उदाहरण के लिए समुद्र के पानी के गर्म होने की वजह से पेरू में एंकोवी मछली के शिकार/पकड़ने पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

ग्रीनहाउस गैसों का स्थायी असर

बर्कले अर्थ के वैज्ञानिक ज़ेक हॉसफादर ने अल नीनो की तुलना एक बड़े हथौड़े से करते हुए कहा कि अल नीनो एक विशाल हथौड़े की तरह है जिससे जलवायु पर प्रहार होता है इसलिए यह बहुत सी अलग-अलग चीजों को अस्त-व्यस्त कर देगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि अल नीनो किसी एक महीने या साल के तापमान को नाटकीय रूप से प्रभावित कर सकता है लेकिन ग्रीनहाउस गैसों के प्रदूषण से होने वाली ग्लोबल वार्मिंग हमेशा मौजूद रहती है और लगातार बढ़ रही है।

झारखंड में बने डिप्रेशन से यूपी, एमपी, दिल्ली संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 20 अगस्त तक इन राज्यों में होगी मूसलाधार

IMD Heavy Rain Alert: झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी द्वारा 14 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस मौसमी बदलाव की वजह से ओडिशा, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी 20 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है। वहीं पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तराखंड, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

झारखंड में बना डिप्रेशन और प्रमुख मौसमी सिस्टम

आईएमडी के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है जबकि पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन 14 अगस्त की सुबह झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर केंद्रित था। यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ को पार करेगा और अगले 12 घंटों के दौरान कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके असर से कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 14 से 20 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में पूरे सप्ताह हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 से 15 अगस्त और फिर 17 से 18 अगस्त को काफी बारिश और भारी बौछारों का अनुमान है।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अगस्त और 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 14, 16 और 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त और 16 से 20 अगस्त के दौरान मूसलाधार बारिश होगी, जिसमें 14, 16 और 17 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तराखंड में 14 से 17 अगस्त तक, हिमाचल प्रदेश में 14, 17 और 18 अगस्त को और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट भी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मूसलाधार

मध्य भारत में डिप्रेशन के सीधे असर से बारिश का जोर रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 14 से 16 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होग, जबकि 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 17 से 20 अगस्त तक छिटपुट बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इन दोनों राज्यों में 14 और 15 अगस्त को पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी जबकि 16 से 18 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विदर्भ में 14 से 18 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। साथ ही छत्तीसगढ़ में 14 से 18 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, ओडिशा और बिहार में चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 20 अगस्त तक झमाझम बारिश होगी। ओडिशा में 14-15 अगस्त और 17-19 अगस्त के दौरान और बिहार में 16 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी।

झारखंड और ओडिशा में 14 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके बाद 15 से 18 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 और 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 14 से 19 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 से 18 अगस्त तक और असम-मेघालय में 16 अगस्त को बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का मौसम

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून मेहरबान रहेगा। कोंकण और गोवा में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी, जिसमें 14 और 16 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में 14 और 15 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 14 से 18 अगस्त तक भारी वर्षा होने की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 14 से 20 अगस्त तक लगातार बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 14 से 16 अगस्त और 19 से 20 अगस्त के दौरान बारिश का जोर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और केरल में 14 अगस्त को भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 14 से 18 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने और तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन हुआ मजबूत, दिल्ली-NCR समेत इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल

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rain update 8 july

Weather update 14 August 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (14 अगस्त 2026, शुक्रवार) उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक से काफी व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Depression) के कारण मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और भीषण आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

दिल्ली-NCR में झमाझम, राजस्थान में आफत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में आज बादल छाए रहेंगे और कई दौर की तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 26-27°C के आसपास रहने का अनुमान है। 
 

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक और भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, रेड/ऑरेंज अलर्ट

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और नदियों में उफान की चेतावनी जारी की है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में हो सकती है भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सीधा असर मध्य भारत पर देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मौसम का सबसे भीषण रूप देखने को मिल सकता है। राज्य में अति-भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश में भोपाल समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश जारी रहेगी, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में ओलावृष्टि 

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गंगा के तटीय क्षेत्रों) और ओडिशा में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ-साथ कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

 

कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मुंबई में तापमान 30°C के आसपास रहेगा। तटीय कर्नाटक और केरल के कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। तमिलनाडु में छिटपुट बारिश के आसार हैं।

जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश:4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी

जापान की राजधानी टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में गुरुवार रात महज एक घंटे में 115 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य तौर पर पूरे अगस्त महीने में होने वाली बारिश के बराबर है। मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 घायल भी हुए हैं। भारी बारिश के कारण नारिता एयरपोर्ट पर 7 हजार यात्री रातभर फंसे रहे, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश देना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहली बार इस इलाके के लिए लेवल-5 की सबसे ऊंची चेतावनी जारी की है। यह सबसे ऊंचा अलर्ट होता है, जिसे जान पर तत्काल खतरा होने की स्थिति में जारी किया जाता है। 45 हजार घरों की बिजली गई, सेना राहत काम में जुटी मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, गर्म और नमी वाली हवा जब ऊपर मौजूद ठंडी हवा से मिली, तो वातावरण बेहद खराब हो गया। इसी वजह से बहुत तेज बारिश हुई। विभाग ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक बारिश जारी रहने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए। करीब 45 हजार घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जापान की सेना भी तैनात की गई है। कारों में फंसे लोगों की जान गई इचिकावा शहर में बाढ़ से भरी सड़क पर 60 से 70 साल उम्र के एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं, सकुरा शहर में 66 साल की एक महिला की मौत हो गई। उनकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई थी। इसके अलावा दो और लोगों की भी मौत हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वे भी बाढ़ के दौरान अपनी कारों से बाहर नहीं निकल सके। गवर्नर बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान के पुराने मौसम रिकॉर्ड को देखते हुए भी यह बेहद खराब स्थिति है। उन्होंने कहा- बेहद खतरनाक हालात हैं। मैंने जीवन में पहले भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी। कुमागाई ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और बचाव अभियान जारी रखा जाएगा। बारिश थमी, लेकिन खतरा अभी बरकरार शुक्रवार को बारिश कम हो गई, लेकिन प्रशासन ने अभी भी बाढ़ के खतरे को लेकर लोगों को सावधान किया है। जापान के भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी कज़ुहितो शिमामोटो ने लोगों से कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा है, वहां अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने लोगों से स्थानीय प्रशासन के निकासी आदेशों पर ध्यान देने और खतरा बढ़ने से पहले सुरक्षित जगह जाने की अपील की। जापान में 15 दिन में 3 तूफान आए मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से जापान में बहुत ज्यादा बारिश और दूसरी खतरनाक मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं। बीते 15 दिनों के भीतर जापान ने एक-एक कर 3 बड़े तूफानों- ‘डॉल्फिन’, ‘चैन-होम’ और ‘पीलोउ’ का सामना किया है। इस वजह से कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, भूस्खलन और भीषण बाढ़ जैसे हालात हैं। ओकिनावा से लेकर टोक्यो तक जनजीवन ठप हो गया है, उड़ानें रद्द हैं और हजारों घरों में अंधेरा छाया हुआ है। —————————– जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Heavy Rain Alert 14 Aug: आज यूपी संग इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश! दिल्ली-NCR में भी मौसम बदलेगा, ऑरेंज अलर्ट जारी

देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 अगस्त के लिए ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों और प्रशासन को सजग रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आज मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वी राजस्थान के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

उत्तर-पूर्व और मध्य भारत में उग्र मानसूनी हलचल

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी मानसून जमकर बरसेगा। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। इसके साथ ही मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा है।

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण और पश्चिमी भारत के तटीय इलाकों में भी मौसम काफी अशांत बना रहेगा। कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और लक्षद्वीप के क्षेत्रों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय भी काफी तेज सतह हवाएं चल सकती हैं।

अरब सागर में उथल-पुथल, मछुआरों के लिए अलर्ट

मौसम प्रणाली में हो रहे बदलावों का सीधा असर समुद्री इलाकों पर भी पड़ रहा है। अरब सागर के मध्य और पश्चिम-मध्य भागों में, खास तौर पर सोमालिया और ओमान तट के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे गहरे समुद्र में जाने से बचें और तटीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।