Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

India Semiconductor Mission (ISM 2.0): केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को India Semiconductor Mission (ISM 2.0) को मंजूरी दे दी। इस मिशन के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजट तय किया गया है। यह पहले चरण के ₹76,000 करोड़ से करीब 68% ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ चिप बनाना नहीं है। अब पूरी सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन भारत में तैयार करने पर जोर रहेगा, ताकि देश आयात पर कम निर्भर हो और दुनिया का बड़ा चिप हब बन सके।

आखिर ISM 2.0 में नया क्या है?

पहले चरण यानी ISM 1.0 का फोकस चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लाने पर था। अब ISM 2.0 का दायरा और बड़ा कर दिया गया है। सरकार अब चिप डिजाइन से लेकर मशीनें, केमिकल, गैस, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग और रिसर्च तक पूरा इकोसिस्टम देश में तैयार करना चाहती है।

6 बड़े पिलर पर तैयार हुआ मिशन

सरकार ने ISM 2.0 को छह बड़े हिस्सों में बांटा है।

  • सबसे पहले भारत को चिप डिजाइन के क्षेत्र में मजबूत बनाया जाएगा। सरकार स्टार्टअप और डिजाइन कंपनियों को मदद देगी, ताकि वे दुनिया के लिए चिप डिजाइन कर सकें।
  • दूसरा फोकस सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर रहेगा। चिप बनाने वाली मशीनें, स्पेशलिटी केमिकल, गैस और जरूरी कच्चा माल देश में ही तैयार करने की कोशिश होगी।
  • तीसरे चरण में नई सिलिकॉन फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब और दूसरी निर्माण इकाइयों में निवेश बढ़ाया जाएगा।
  • चौथा लक्ष्य ATMP और OSAT यानी चिप की एडवांस पैकेजिंग और टेस्टिंग क्षमता को मजबूत करना है।
  • पांचवें हिस्से में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर जोर रहेगा। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ मौजूदा तकनीक तक सीमित न रहे, बल्कि अगली पीढ़ी की चिप टेक्नोलॉजी भी विकसित करे।
  • छठा फोकस स्किल डेवलपमेंट पर होगा। इस सेक्टर के लिए बड़ी संख्या में इंजीनियर और एक्सपर्ट तैयार किए जाएंगे।

105 स्टार्टअप पहले से कर रहे हैं काम

सरकार के मुताबिक, देश में 105 स्टार्टअप पहले से सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं। नई योजना के तहत इन्हें तकनीकी और वित्तीय मदद दी जाएगी। सरकार चाहती है कि भारत चिप डिजाइन के क्षेत्र में भी दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो।

2028 तक शुरू हो सकती है पहली चिप फैक्ट्री

सरकार ने कहा है कि भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) यूनिट 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। इससे देश में चिप निर्माण को नई रफ्तार मिलेगी।

पहले चरण में क्या हासिल हुआ?

सरकार के मुताबिक, India Semiconductor Mission (ISM) 1.0 के तहत अब तक 12 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें एक सिलिकॉन फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एक गैलियम नाइट्राइड माइक्रो LED डिस्प्ले फैब और 9 पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं। इन परियोजनाओं में ₹1.64 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश को मंजूरी मिली है।

Micron, Kaynes और CG Semi में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। एक और यूनिट इस साल के अंत तक प्रोडक्शन शुरू कर सकती है।

68 हजार छात्रों को मिली ट्रेनिंग

सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए कुशल ह्यूमन रिसोर्स भी तैयार कर रही है। अभी 315 विश्वविद्यालयों में आधुनिक Electronic Design Automation (EDA) टूल्स के जरिए पढ़ाई हो रही है। अब तक 68,000 से ज्यादा छात्रों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

बड़ी कंपनियों की भी दिलचस्पी

भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में विदेशी कंपनियों का भरोसा भी बढ़ रहा है। AMD और Applied Materials ने 40-40 करोड़ डॉलर, Microchip Technology ने 30 करोड़ डॉलर, Lam Research ने 110 करोड़ डॉलर और KLA ने 40 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया है।

वहीं ASML, Merck और IBL Electron ने टाटा ग्रुप के साथ समझौते किए हैं। इनका मकसद भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

सरकार का बड़ा लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि भारत सिर्फ चिप आयात करने वाला देश नहीं बनना चाहता। सरकार का लक्ष्य पूरी वैल्यू चेन भारत में तैयार करना है। आने वाले वर्षों में भारत की सेमीकंडक्टर मांग 50 अरब डॉलर से बढ़कर 100 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है। सरकार चाहती है कि इस बढ़ती मांग का बड़ा हिस्सा देश में ही पूरा हो।मजबूत बनाना है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बड़ी चेतावनी! अगर आप भी पीते हैं सिगरेट या शराब, तो आज ही जान लें हेल्थ इंश्योरेंस का यह नियम वरना फंस जाएगा क्लेम!

Smoking Impact Health Insurance Premium & Claims: जब भी लोग अपने लिए कोई नया हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं, तो उनका पूरा ध्यान पॉलिसी के कवरेज, प्रीमियम की लागत और कैशलेस अस्पतालों के नेटवर्क पर ही होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंश्योरेंस कंपनियां पॉलिसी देने से पहले एक और बेहद महत्वपूर्ण चीज पर पैनी नजर रखती हैं? वह है आपका लाइफस्टाइल।

स्मोकिंग और अत्यधिक शराब पीने जैसी आदतें इंश्योरेंस कंपनियों के लिए जोखिम का आकलन करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। अधिकांश लोगों को यह अंदाजा नहीं होता कि ये आदतें प्रीमियम की कीमतों और पॉलिसी की शर्तों को कितना प्रभावित कर सकती हैं। आइए समझते हैं कि सिगरेट और शराब की लत से आपके हेल्थ इंश्योरेंस पर क्या असर पड़ता है।

धूम्रपान करने वालों के लिए क्यों महंगा होता है इंश्योरेंस?

मेडिकल साइंस में धूम्रपान को कई गंभीर बीमारियों की मुख्य वजह माना गया है। सिगरेट पीने से दिल की बीमारी, स्ट्रोक, कैंसर और सांस से जुड़ी कई खतरनाक बीमारियां होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

चूंकि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के बीमार होने की संभावना गैर-धूम्रपान करने वालों से अधिक होती है, इसलिए इंश्योरेंस कंपनियां उनसे समान कवरेज के लिए भी ज्यादा प्रीमियम वसूलती हैं।

कई मामलों में कंपनियां पॉलिसी जारी करने से पहले मेडिकल टेस्ट कराने की मांग भी कर सकती हैं। यह एक्स्ट्रा लागत आपकी उम्र, पहले से मौजूद बीमारियों और आप कितनी मात्रा में धूम्रपान करते हैं, इस पर निर्भर करती है।

शराब पीने की आदत का पॉलिसी पर क्या असर होता है?

अल्कोहल का सेवन करने वाले हर व्यक्ति के लिए प्रीमियम हमेशा बढ़े, ऐसा जरूरी नहीं है। इंश्योरेंस कंपनियां रिस्क का आकलन करते समय आपकी ड्रिंकिंग फ्रीक्वेंसी और वॉल्यूम की जांच करती हैं। अत्यधिक शराब पीने से लिवर, दिल और शरीर के अन्य अंगों से जुड़ी गंभीर बीमारियां होने का जोखिम रहता है।

अगर मेडिकल इवैल्यूएशन में शराब की वजह से स्वास्थ्य जोखिम अधिक पाया जाता है, तो कंपनियां प्रीमियम की रकम को बढ़ा देती हैं। आप कितनी भी कम मात्रा में शराब पीते हों, इसका खुलासा फॉर्म में करना बेहद अनिवार्य है।

पॉलिसी लेते समय सच बताना क्यों है बेहद जरूरी?

हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण नियम है पूरी ईमानदारी। प्रपोजल फॉर्म भरते समय आवेदकों को तंबाकू, धूम्रपान और शराब के सेवन से जुड़ी सभी आदतों का बिल्कुल सही-सही जानकारी देना चाहिए।

अगर कोई निवेशक अपनी इन आदतों को छुपाता है, तो भविष्य में क्लेम के समय बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। गैर-प्रकटीकरण की स्थिति में कंपनियां क्लेम को रोककर मामले की गहन जांच शुरू कर देती हैं।

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शुरुआत में ही सही और पूरी जानकारी देने से पॉलिसी सही शर्तों पर जारी होती है, जिससे भविष्य में क्लेम सेटलमेंट के दौरान किसी भी तरह के विवाद या क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना खत्म हो जाती है।

क्या स्मोकिंग या शराब पीने वालों का क्लेम रिजेक्ट हो जाता है?

केवल स्मोकिंग या शराब पीने की आदत होने की वजह से ही आपका क्लेम खारिज नहीं किया जाता है। असल समस्या तब आती है जब आपने पॉलिसी लेते समय इस बात को छिपाया हो। अगर आपने आवेदन के दौरान अपनी आदतों की बिल्कुल सटीक जानकारी दी है और आप पॉलिसी के नियमों व शर्तों का पालन कर रहे हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी बिना किसी रुकावट के आपके क्लेम को पास करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या धूम्रपान करने वालों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम हमेशा ज्यादा होता है?

जवाब: हां, अधिकांश मामलों में ऐसा ही होता है। धूम्रपान की वजह से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के कारण कंपनियों की नजर में ऐसे लोग ‘हाई-रिस्क’ केटेगरी में आते हैं, जिससे उनका प्रीमियम बढ़ जाता है।

2. क्या कभी-कभार शराब पीने से भी प्रीमियम पर असर पड़ता है?

जवाब: इसका सीधा असर इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शराब पीने की मात्रा से आपके बीमार होने की संभावना कितनी बढ़ रही है। हालांकि, इसकी जानकारी देना हर हाल में जरूरी है।

3. क्या क्लेम के समय धूम्रपान की आदत छिपाना भारी पड़ सकता है?

जवाब: बिल्कुल, अगर क्लेम के दौरान यह पाया गया कि आपने अपनी इस आदत को कंपनी से छिपाया था, तो आपकी क्लेम प्रक्रिया बेहद जटिल हो सकती है और क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।

Trading Plan : इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं, अभी इंट्राडे ही रहना है

Trading Plan : आज बाजार में तेजी टिक नहीं टिक पाई। निफ्टी ऊपरी स्तरों से 150 प्वाइंट से ज्यादा फिसलकर 24050 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी ऊपरी स्तरों से करीब 400 अंक फिसला है। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप में रौनक कायम है। सरकारी बैंक,कैपिटल गुड्स और केमिकल शेयरों में अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। कैपिटल गुड्स में ABB,हिताची एनर्जी और GVT&D चार से पांच फीसदी तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। वहीं IT, मेटल और FMCG में हल्की नरमी है।

कैबिनेट से फर्टिलाइजर और मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिला है। सूत्रों के मुताबिक यूरिया सेक्टर में इन्वेस्टमेंट से लिए गए 3 बड़े फैसले लिए गए हैं। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI 2.0 को भी हरी झंडी मिल गई है। इस खबर के चलते आरसीएफ,एनएफएल,फैक्ट,चंबल फर्टिलाइजर,डिक्शन टेक और अंबर जैसे शेयरों में एक्शन देखने को मिल रहा है।

बाजार: नहीं टिक पायी रैली?

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार अच्छी शुरुआत के बाद अचानक लड़खड़ाया। एक्जैक्ट 24,200-24,250 के जोन से निफ्टी फिसला। हमने सुबह बिकवाली के लिए इन्ही स्तरों की चर्चा की थी। बैंक निफ्टी भी ऊपरी स्तरों से हल्का हुआ है। हालांकि कुल मिलाकर आज का दिन बढिया ही रहा है। एडवांस/डिक्लाइन पूरे दिन अच्छा रहा। इंडिया VIX में भी आज नीचे का ही मूव रहा। IT में दोनों तरफ की चाल मिली। LTTS चला,लेकिन टाटा एलेक्सी गिरा। बडा सवाल यह है कि क्या अब हम एक रेंज में फंस गए हैं?

बाजार: अब क्या?

निफ्टी अब बेहद साफ रेंज में दिख रहा है। 23,800-24,300 की बेसिक रेंज है और 23,250 के करीब बिकवाली आती है। लेकिन 23,900-23,950 पर खरीदारी भी आती है। इसीलिए हमारा नजरिया भी इंट्रा-डे रहने का है और इसी रेंज को स्मार्टली प्ले करना है। बैंक निफ्टी में फिलहाल कोई बडी ट्रेड नहीं है। स्टॉक स्पेसिक मौके अभी भी शानदार हैं।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,950-24,050 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,400 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं। अभी इंट्राडे ही रहना है। चुनिंदा शेयरों में मौके ज्यादा अच्छे हैं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tata Elxsi share: Q1 नतीजों के बाद शेयर 6% टूटा, अब खरीदें, बेचें या रहें बनें, जानें एक्सपर्ट की राय

Tata Elxsi Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एलेक्सी ( Tata Elxsi) के शेयर 15 जुलाई को  6 फीसदी टूट गए और ₹3,473.75 पर आ गया, जो 52 हफ़्ते का सबसे निचला लेवल है।दरअसल,   कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार को पसंद नहीं आए।  टाटा ग्रुप की कंपनी ने जून तिमाही में प्रॉफिट में भारी गिरावट की रिपोर्ट दी, जबकि रेवेन्यू काफी हद तक स्ट्रीट के अनुमानों के मुताबिक ही रहा। यहीं कारण है कि  शेयर आज निफ्टी 500 में भी टॉप लूजर में शामिल है।

इंजीनियरिंग और डिज़ाइन सर्विस फर्म ने लगातार 1.3% की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ की रिपोर्ट दी, जो एनालिस्ट की 1.2% की उम्मीदों से काफी हद तक मेल खाती है। हालांकि, EBIT मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 340 बेसिस पॉइंट्स घटकर 21.2% हो गया, जो स्ट्रीट के 22% के अनुमान से कम है।

मार्जिन में गिरावट मुख्य रूप से बड़ी डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, कस्टमर से जुड़े खर्च, ऑनसाइट सेल्स और डिलीवरी कैपेबिलिटी में इन्वेस्टमेंट, ज़्यादा सबकॉन्ट्रैक्टिंग कॉस्ट, टैलेंट इन्वेस्टमेंट और कुछ एक बार के सालाना खर्चों की वजह से हुई।

मैनेजमेंट ने बताया कि जून तिमाही में मार्जिन पर दबाव सबसे ज़्यादा था, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि सितंबर तिमाही पर सालाना सैलरी हाइक का असर पड़ेगा।

अब क्या करें, जानें क्या कहते है ब्रोकरेजज

JP मॉर्गन ने टाटा एलेक्सी पर अपनी ‘neutral’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,500 रखा है। ब्रोकरेज ने इस तिमाही को मिला-जुला बताया, जिसमें रेवेन्यू उम्मीद से थोड़ा ज़्यादा रहा लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी काफी कम रही।

रेवेन्यू ग्रोथ मीडिया और टेलीकॉम वर्टिकल की वजह से हुई, जबकि ऑटोमोटिव और हेल्थकेयर बिज़नेस दबाव में रहे। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मीडिया और टेलीकॉम में मोमेंटम बना रहेगा, जिसे हाल की डील्स और प्रोजेक्ट रैंप-अप से सपोर्ट मिला है।हालांकि, JPMorgan ने कहा कि FY27 में हाई सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ देने का कंपनी का टारगेट हेल्थकेयर सेगमेंट में रिकवरी पर निर्भर करता है, जहां विजिबिलिटी अभी भी अनिश्चित है।

ब्रोकरेज ने यूरोपियन ऑटोमोटिव मार्केट में लगातार मुश्किलों पर मैनेजमेंट की कमेंट्री को भी हाईलाइट किया, जो टाटा एलेक्सी के ऑटोमोटिव बिज़नेस का 40% से ज़्यादा हिस्सा है।

 JPMorgan 

मार्जिन पर, JPMorgan ने कहा कि यह तेज गिरावट डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, रैंप-अप खर्च, ऑनसाइट डिलीवरी इन्वेस्टमेंट, टैलेंट एडिशन, कस्टमर-रिलेटेड प्रोविजन और एक बार की सालाना कॉस्ट के कॉम्बिनेशन की वजह से हुई। हालांकि इनमें से कुछ कॉस्ट अगले एक से दो क्वार्टर में कम होने की उम्मीद है, लेकिन दूसरों को नॉर्मल होने में ज़्यादा समय लग सकता है।

इस वजह से, जेपी मॉर्गन को सिर्फ़ तीसरी तिमाही से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है और उसने FY27-FY29 के लिए अपने अर्निंग्स एस्टिमेट्स में 1-13% की कटौती की है, जिसका मुख्य कारण कम मार्जिन का अंदाज़ा है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ 

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने स्टॉक पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,000 रखा है।ब्रोकरेज ने कहा कि टाटा एलेक्सी ने इन-लाइन रेवेन्यू दिया लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर निराश किया। जहां मीडिया और कम्युनिकेशंस सेगमेंट को डील रैंप-अप से फ़ायदा हुआ, वहीं ट्रांसपोर्टेशन और मेडिकल डिवाइसेज़ बिज़नेस में मामूली गिरावट आई।

कोटक ने मार्जिन मिस के लिए डील ट्रांज़िशन कॉस्ट और गो-टू-मार्केट (GTM) और डिलीवरी कैपेबिलिटीज़ में अपफ्रंट इन्वेस्टमेंट को ज़िम्मेदार ठहराया। उसका मानना ​​है कि कॉस्ट इन्फ्लेशन का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रक्चरल है और प्रॉफिटेबिलिटी पर इसका असर जारी रह सकता है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि टाटा एलेक्सी अपने सेल्स ऑर्गनाइज़ेशन, खासकर अपनी डील-हंटिंग क्षमताओं में इन्वेस्टमेंट को बढ़ा रही है, कुछ समय के कम इन्वेस्टमेंट के बाद।

ऑटोमोटिव बिज़नेस पर, कोटक को उम्मीद है कि ग्लोबल ऑटोमेकर्स द्वारा R&D खर्च कैलेंडर ईयर 2026 तक कम रहेगा, जिसका कारण जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, इंडस्ट्री में गिरावट और चीनी OEMs से बढ़ते कॉम्पिटिशन को बताया गया है। इसने यह भी कहा कि कई ऑटोमेकर्स ने कमजोर डिमांड के कारण नए व्हीकल डेवलपमेंट प्रोग्राम में या तो देरी की है या उन्हें कैंसिल कर दिया है।

मुश्किल डिमांड के माहौल और ठीक-ठाक मार्जिन आउटलुक को देखते हुए, कोटक ने FY27-FY29 के लिए अपने कमाई के अनुमानों में 10-14% की कमी की है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 550 अंक ऊपर, निफ्टी 24200 के पार, बैंक, फाइनेंशियल शेयरों में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Delhi Power Cut: दिल्ली में आज कई इलाकों में बिजली रहेगी गुल, BSES का अलर्ट; घर से निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट

Delhi Power Cut: दिल्ली में बुधवार यानी 15 जुलाई को भीषण गर्मी और उमस के बीच राजधानी के कई इलाकों में लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। बिजली कंपनी BSES ने मेंटेनेंस, ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड, अंडरग्राउंड केबल बिछाने और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण कई सेक्टरों में कुछ घंटों के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी दी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं को मोबाइल, लैपटॉप और अन्य जरूरी उपकरण पहले से चार्ज रखने तथा अपने दैनिक काम बिजली कटौती के निर्धारित समय के अनुसार करने की सलाह दी है।

11 बजे से शुरू होगी कटौती

BSES के मुताबिक, राजधानी के विभिन्न डिवीजनों में तय समय के अनुसार बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी ताकि बिजली नेटवर्क को मजबूत किया जा सके और आवश्यक रखरखाव कार्य पूरे किए जा सकें। छतरपुर डिवीजन में डॉ. आंबेडकर कॉलोनी, छतरपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक ट्रांसफॉर्मर नेटवर्क अपग्रेड का काम होगा।

वहीं, रात 11 बजे से 12:30 बजे तक 11 केवी फीडर पर पेड़ों की छंटाई के कारण आया नगर, आया नगर एक्सटेंशन, गड़ईपुर DLF फार्म्स, सुल्तानपुर, आदर्श एन्क्लेव और आसपास के कई इलाकों में बिजली बंद रहेगी। निजामुद्दीन डिवीजन में लाजपत नगर-2 के एच और एल ब्लॉक में सुबह 11 बजे से 1 बजे तक HVDS ट्रांसफॉर्मर पर काम होगा।

यहां 3 बजे से 3:45 बजे तक रहेगा अंधेरा

इसके अलावा निजामुद्दीन टाइप-2 क्षेत्र में दोपहर 3 बजे से 3:45 बजे तक RMU मेंटेनेंस के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। टैगोर गार्डन डिवीजन में सुबह 11 बजे से 1:07 बजे तक जनता कॉलोनी (EF ब्लॉक), टैगोर गार्डन (FB ब्लॉक) और मुखर्जी पार्क, चौखंडी तथा विष्णु गार्डन (WZD ब्लॉक) में नई अंडरग्राउंड केबल और LTAB सर्किट बिछाने के कारण बिजली कटौती होगी।

पालम डिवीजन के सागरपुर (RZ ब्लॉक), पालम गांव और महावीर एन्क्लेव के मिर्जापुर क्षेत्र में सुबह 11 बजे से 12:37 बजे तक नेटवर्क अपग्रेड के चलते बिजली नहीं रहेगी। नांगलोई डिवीजन के ज्वालापुरी और पश्चिम विहार के बी ब्लॉक में सुबह 11:07 बजे से दोपहर 2:07 बजे तक ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड का काम चलेगा, जिसके कारण करीब तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

मोहन गार्डन डिवीजन के ओम विहार (फेज-5, हस्तसाल) में सुबह 11 बजे से 1 बजे तक नई अंडरग्राउंड LT केबल कनेक्शन के लिए बिजली बंद रहेगी। जनकपुरी डिवीजन के राजौरी गार्डन के जी और जे ब्लॉक में सुबह 10:07 बजे से 12:07 बजे तक LT सर्किट और RMU मेंटेनेंस के कारण बिजली कटौती होगी।

10 बजे से 12 बजे तक होगा नेटवर्क अपग्रेड

मुंडका क्षेत्र के जय विहार और कमरुद्दीन नगर में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक नेटवर्क अपग्रेड के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। नजफगढ़ डिवीजन की अग्रवाल कॉलोनी और हैबतपुर में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड के कारण बिजली नहीं रहेगी।

दिल्ली बिजली कटौती की पूरी डिटेल्स टाइम के साथ

1. सुबह और दोपहर के स्लॉट (Morning & Afternoon Slots)

सुबह 9:00 से 11:00 बजे तक (नजफगढ़ डिवीजन)

अग्रवाल कॉलोनी और हैबतपुर (ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेडेशन कार्य के कारण)।

सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 बजे तक (मुंडका डिवीजन)

जय विहार और कमरुद्दीन नगर (LT सर्किट और नेटवर्क अपग्रेडेशन)।

सुबह 10:07 से दोपहर 12:07 बजे तक (जनकपुरी डिवीजन)

राजौरी गार्डन के ब्लॉक G और J (LT सर्किट और RMU मेंटेनेंस)।

सुबह 11:00 से दोपहर 12:37 बजे तक (पालम डिवीजन)

ब्लॉक RZ (सागरपुर), पालम गांव, और मिर्जापुर (महावीर एनक्लेव) (LT सर्किट और नेटवर्क अपग्रेडेशन)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक (छतरपुर और मोहन गार्डन डिवीजन)

डॉ. आंबेडकर कॉलोनी, छतरपुर।

ओम विहार फेज 5, हस्तसाल (नए अंडरग्राउंड LT केबल कनेक्शन का काम)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक (निजामुद्दीन डिवीजन)

लाजपत नगर II के ब्लॉक H और L (HVDS ट्रांसफॉर्मर का काम)।

सुबह 11:00 से दोपहर 1:07 बजे तक (टैगोर गार्डन डिवीजन)

EF ब्लॉक (जनता कॉलोनी), FB ब्लॉक (टैगोर गार्डन), और WZD ब्लॉक (मुखर्जी पार्क, चौखंडी, विष्णु गार्डन) (नए अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम)।

सुबह 11:07 से दोपहर 2:07 बजे तक (नांगलोई डिवीजन)

ब्लॉक B (ज्वालापुरी, पश्चिम विहार) (3 घंटे की कटौती – ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क अपग्रेड)।

दोपहर 3:00 से 3:45 बजे तक (निजामुद्दीन डिवीजन)

निज़ामुद्दीन टाइप-II क्षेत्र (RMU मेंटेनेंस कार्य के कारण 45 मिनट की कटौती)।

2. देर रात का स्लॉट (Wednesday Night Slot)

रात 11:00 से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक (छतरपुर डिवीजन -पेड़ों की छंटाई का काम)

अया नगर ब्लॉक G

अया नगर एक्सटेंशन और ब्लॉक E

गदईपुर DLF फार्म्स

मंगलापुरी गांव (सुलतानपुर)

आंबेडकर कॉलोनी (अया नगर)

आदर्श एनक्लेव

अया नगर फेज 1 और अया नगर गांव

सुलतानपुर

BSES की अपील

बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले मोबाइल फोन, लैपटॉप, इनवर्टर और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज कर लें। साथ ही, बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्यों की योजना पहले से बना लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।Delhi Power Cut: मेंटेनेंस और नेटवर्क अपग्रेड के चलते 15 जुलाई को राजधानी के कई इलाकों में अलग-अलग समय पर बिजली कटौती होगी।

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GIFT Nifty Indictor: ग्लोबल बाजारों की तेजी क्या भारतीय बाजार पर दिखाएगी अपना असर या करेगी निराश, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

GIFT Nifty Indictor: भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50, बुधवार को मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के साथ धीमी शुरुआत कर सकते हैं। वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों से मिले पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों ने मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर चिंताओं को कम कर दिया।

GIFT निफ्टी सुबह करीब 8:15 बजे 28.50 पॉइंट यानी 0.12 फीसदी की बढ़त के साथ 24,047 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे पता चलता है कि निफ्टी 50 मंगलवार के 24,052.05 के बंद स्तर के पास खुल सकता है।

यह सुस्त संकेत मंगलवार को भारतीय इक्विटी के तेजी से नीचे बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 561.46 पॉइंट या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर आ गया, जबकि निफ्टी 158.95 पॉइंट या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कमजोर ग्लोबल संकेतों से बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई, खासकर IT, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में।

कम महंगाई और बैंकों की अच्छी कमाई से वॉल स्ट्रीट में सुधार

महंगाई के अच्छे आंकड़ों और बड़े बैंकों की अच्छी कमाई की वजह से US स्टॉक्स में बढ़त के बाद रातों-रात ग्लोबल सेंटिमेंट में सुधार हुआ। नैस्डैक 0.90 परसेंट बढ़ा, S&P 500 0.38 परसेंट बढ़ा, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.02 परसेंट बढ़ा।

US में उम्मीद से कम महंगाई की रीडिंग से इन्वेस्टर्स सेंटिमेंट को सपोर्ट मिला, जिससे तेज़ मॉनेटरी सख्ती की चिंता कम हुई। CPI रिपोर्ट के बाद, मार्केट में उम्मीद बढ़ गई कि फेडरल रिजर्व जुलाई की मीटिंग में इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव नहीं करेगा, हालांकि ट्रेडर्स को अभी भी साल खत्म होने से पहले कम से कम एक बार रेट हाइक की उम्मीद है।

बैंक की कमाई से भी सपोर्ट मिला, जबकि सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी आई, जिससे टेक्नोलॉजी-हैवी नैस्डैक को ऊपर उठने में मदद मिली।

एशियाई मार्केट्स में तेजी

बुधवार को एशियाई इक्विटीज ने पॉजिटिव मोमेंटम को बढ़ाया, जिसकी वजह US में कम महंगाई से ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स पर दबाव कम होने के बाद साउथ कोरियन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में मजबूत बढ़त रही। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1.7 फीसदी बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का KOSPI 6 परसेंट और जापान का निक्केई 0.4 परसेंट बढ़ा। शुरुआती एशियाई ट्रेड में US इक्विटी फ्यूचर्स भी थोड़ी ज़्यादा तेज़ी से ट्रेड हुए।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन से एनर्जी की बढ़ती कीमतों को सपोर्ट मिलता रहा, इसलिए मार्केट सतर्क रहे।

मिडिल ईस्ट में टेंशन जारी रहने से तेल $86 से ऊपर चढ़ा

अमेरिका और ईरान के बीच नई मिलिट्री कार्रवाई से होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंता बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में हाल की तेज़ी और बढ़ गई।ब्रेंट क्रूड 1.7 परसेंट बढ़कर लगभग $86.20 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $80 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था। इस हफ़्ते तेल अब 12 परसेंट से ज़्यादा बढ़ गया है, और ब्रेंट जून के बीच के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल पर बंद हुआ।

यह बढ़त तब हुई जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी पोर्ट्स पर फिर से नेवल ब्लॉकेड लगा दिया और ईरान ने उस इलाके में US इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमले किए, जिससे ग्लोबल तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।

जियोपॉलिटिक्स और क्रूड पर शिफ्ट हुआ बाजार का फोकस

मंगलवार को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स नेट सेलर बने रहे, उन्होंने Rs 739 करोड़ के भारतीय इक्विटी बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने सपोर्ट देना जारी रखा, Rs 2,927 करोड़ के इक्विटी खरीदे, जिससे विदेशों में बिकवाली को एब्जॉर्ब करने में मदद मिली।

हालांकि US में महंगाई कम होने और उम्मीद से ज़्यादा बैंक अर्निंग्स के बाद ग्लोबल इक्विटी सेंटिमेंट में सुधार हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय मार्केट के लिए मुख्य शॉर्ट-टर्म रिस्क बनी हुई हैं। एनर्जी की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं, भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ा सकती हैं और अगर जियोपॉलिटिकल हालात और बिगड़ते हैं तो कॉर्पोरेट प्रॉफिट पर असर डाल सकती हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: Kusumgar की लिस्टिंग; EaseMyTrip, Biocon और Delhivery समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अमेरिका में अनुमान से कम महंगाई बढ़ने की रफ्तार के आंकड़ों ने ब्याज दरें बढ़ने की आशंका कम की तो वैश्विक मार्केट में रौनक छा गई। इन सबके बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में भी ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 27.00 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 24,041.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 14 जुलाई को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), एंजेल वन, एमवी फोटोवोल्टिक पावर, फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज, जीटीपीएल हैथवे, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, साई सिल्क (कलामंदिर), मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स, नेटवर्क 18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स, और स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

L&T Technology Services Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 13% बढ़कर ₹356.6 करोड़ और रेवेन्यू 11.5% उछलकर ₹2,940.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 0.4% बढ़कर $30.99 करोड़ पर पहुंचा। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटी 28.1% बढ़कर ₹461.3 करोड़ और ईबीआईटी मार्जिन 200 बीपीएस चढ़कर 15.7% पर पहुंच गया।

Tata Elxsi Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा एलेक्सी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ और रेवेन्यू 14.5% उछलकर ₹1,021.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Anand Rathi Share and Stock Brokers Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.3% बढ़कर ₹23.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम 47.6% उछलकर ₹68.4 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹20.9 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई।

Hero MotoCorp

हीरो मोटोकॉर्प के बोर्ड ने अपनी सहयोगी कंपनी एथर एनर्जी में ₹1,000 करोड़ तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। इस प्रस्तावित निवेश से पहले हीरो मोटोकॉर्प की एथर एनर्जी में 29.48% हिस्सेदारी है।

Belrise Industries

बेलराइज इंडस्ट्रीज ने 14 जुलाई को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया, जिसमें फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹230.79 तय किया गया। कंपनी इस पर 5% तक की छूट भी दे सकती है।

PDS

पीडीएस ने अपने मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस और इंडोनेशिया की कपड़े बनाने वाली दिग्गज कंपनी बुसाना अपैरल ग्रुप के बीच एक रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है।

Kirloskar Brothers

किर्लोस्कर ब्रदर्स की यूके सब्सिडियरी एसपीपी पम्प्स को साइपेम ऑफशोर कंस्ट्रक्शन SPA से वर्टिकल पंप और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई के लिए 1.17 करोड़ पौंड (₹149.59 करोड़) का ऑर्डर मिला है।

Easy Trip Planners

ईजमाईट्रिप (EaseMyTrip) ने झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के साथ एक रणनीतिक एमओयू किया है।

Delhivery

आरबीआई ने डेल्हीवरी की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी डेल्हीवरी फाइनेंशियल सर्विसेज को टाइप 2 एनबीएफसी-एनडी के तौर पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (CoR) देने की मंजूरी दे दी है।

IOL Chemicals & Pharmaceuticals

चीन के नेशनल मेडिकल प्रोडक्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन (NMPA) के सेंटर फॉर ड्रग इवैल्यूएशन (CDE) ने आईओएल केमिकल्स के API प्रोडक्ट Clopidogrel Bisulfate को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इस प्रोडक्ट के लिए कंपनी के पास पहले से मौजूद वैलिड सर्टिफिकेट ऑफ सूटेबिलिटी (CEP) के अलावा है, जिससे इसका रेगुलेटरी पोर्टफोलियो और मजबूत हुआ और अब चीन के फार्मा मार्केट में इसकी पहुंच बढ़ेगी।

Jain Resource Recycling

जैन रिसोर्सेज रिसाइकलिंग ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 14 जुलाई को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में उसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में भट्टी फटने से एक हादसा हुआ। इस घटना में एक मजदूर की मौत हो गई और कई घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया।

Jammu and Kashmir Bank

जम्मू एंड कश्मीर बैंक ने पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के 1.02 करोड़ इक्विटी शेयर (0.50% इक्विटी) मेटलाइफ इंटरनेशनल होल्डिंग्स को प्रति शेयर ₹117.20 के भाव पर ₹120.1 करोड़ में बेचने का प्रस्ताव दिया है।

बल्क एंड ब्लॉक डील्स

Biocon

मिलान (Mylan) ने बायोकॉन में अपनी पूरी 5.64% हिस्सेदारी यानी 9.19 करोड़ शेयर ₹3,678.68 करोड़ में प्रति शेयर ₹400 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, एबेकस, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF, एक्सिस म्यूचुअल फंड, SBI म्यूचुअल फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन MF, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, मिरे एसेट MF, मोतीलाल ओसवाल AMC, सिटीग्रुप, ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, सोसिएट जेनरल और वैनगार्ड इमर्जिंग मार्केट्स ने खरीदे।

SG Mart

पब्लिक सेक्टर की पेंशन इन्वेस्टमेंट बोर्ड ने हर शेयर ₹649.98 के भाव पर एसजी मार्ट के 10 लाख शेयर (0.79% हिस्सेदारी) ₹64.99 करोड़ और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने प्रति शेयर ₹650 के भाव पर कंपनी के 11.23 लाख शेयर (0.89% हिस्सेदारी) ₹72.99 करोड़ में खरीदे। वहीं दूसरी तरफ एचआर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग ने SG मार्ट के 22 लाख शेयर (1.74% हिस्सेदारी) ₹143 करोड़ में प्रति शेयर ₹650.02 के भाव पर बेचे

Radiowalla Network

आशीष कचोलिया के निवेश वाली बंगाल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट ने रेडियोवाला के 1.44 लाख शेयर (2.04% हिस्सेदारी) ₹35.28 लाख में प्रति शेयर ₹24.50 के भाव पर बेचे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार बंगाल फाइनेंस के पास 2.22% हिस्सेदारी थी तो आशीष कचोलिया की कंपनी में 3.24% हिस्सेदारी थी। वहीं अमृतांशु अग्रवाल ने रेडियोवाला के 1.47 लाख शेयर (2.08% हिस्सेदारी) ₹36.12 लाख में प्रति शेयर ₹24.54 के भाव पर खरीद लिए।

लिस्टिंग

आज कुसुमगर के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज टीसीएस, ऑटोमोबाइल कॉरपोरेशन ऑफ गोवा, भारत बिजली, हेरिटेज फूड्स, केफिन टेक, सेंट गोबैन सेकुरिट इंडिया के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो एनर्जी इंफ्रा ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन और ऑर्बिट एक्सपोर्ट्स और रेडियोवाला नेटवर्क के बायबैक की एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market View : भारतीय बाजार के लिए आज मिले-जुले संकेत, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Market View : भारतीय बाजार के लिए आज मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। हालांकि FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 7700 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली हुई है। उधर एशियाई बाजारों में रौनक है। निक्केई 1 फीसदी तो कॉस्पी 6% उछला है। वहीं, चिप शेयरों में खरीदारी लौटने से नैस्डैक करीब एक फीसदी चढ़ा और डाओ और S&P में भी बढ़त देखने को मिली है।

आज क्या हो रणनीति?

निफ्टी पर रणनीति

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24173-24223 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24268-24309 पर है। इसके लिए पहला बेस 23928-23970 पर और बड़ा बेस 23809-23869 पर है। एक्सपायरी के दिन निफ्टी रेंज में रहा और कोई रिवर्सल नहीं मिला। FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली रहा, इंडेक्स में शॉर्ट किया। खासकर क्रूड ($86) के चलते बैंक निफ्टी में शॉर्ट किया। अमेरिका के हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी है। जियोपोलिटिक तनाव अभी भी बरकरार है।

FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर 2.65 लाख पर रहा है। स्टॉक फ्यूचर्स में भी भारी बिकवाली रही। 24100-24200-24300 पर कॉल बिके,24000 पर पुट। इसमें कोई शंका नहीं है कि तेजी का मोमेंटम गायब है। लेकिन 24000-23950 का सपोर्ट अब भी कायम है। फिलहाल ट्रेडिंग रेंज 24173-24223 से 24000-23970 के बीच है। पहले इसी दायरे पर नजर रखें। फिलहाल नीचे की ओर बड़ी कमजोरी के संकेत नहीं है। लेकिन 23970 के नीचे धीरे-धीरे दबाव बढ़ सकता है। 57000 के नीचे बैंक निफ्टी गया तो बेस-2 का रास्ता खुलेगा। 24173-24223 के ऊपर ही निफ्टी में मजबूती लौटेगी। इसके ऊपर रजिस्टेंस-2 की ओर तेजी संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 57690-57830 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58078-58271 पर है। इसके लिए पहला बेस 56967-57031/57261 पर और बड़ा बेस 56512-56626 (100/50/200 DEMA) पर है। बैंक निफ्टी 10 DEMA के नीचे फिसला। लेकिन नीचे की ओर बड़ा दबाव नहीं दिखा। FIIs ने बैंक निफ्टी में बिकवाली की है। क्रूड के बढ़ने से अंडरपरफॉर्मेंस की आशंका है।

57261-57031 का जोन सबसे अहम सपोर्ट है। 20 DEMA के बाद यही मजबूत बेस है। बेस-1 बचा तो बैंक निफ्टी रेंज में रह सकता है। रजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच कारोबार संभव है। बेस-1 टूटने पर बेस-2 की ओर फिसलने का खतरा है। तभी बड़ी कमजोरी के संकेत मिलेंगे। क्रूड में नरमी बैंक निफ्टी के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर होगा। इसके साथ 57830 के ऊपर टिकने पर तेजी लौट सकती है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी ABB में 7050 रुपए के टारगेट के लिए, 6825 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी की सलाह है। Polycab में भी इनकी 9800 रुपए के टारगेट के लिए, 9450 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 15 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के हल्की बढ़त के साथ सपाट खुलने की संभावना दिख है,क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,045.50 के आसपास हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में भारी गिरावट आई। इसकी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत रहे। कल बाजार की शुरुआत कमजोर रही और निफ्टी गिरकर 24,100 के नीचे आ गया। पूरे सेशन के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ता दिखा। खासकर IT,ऑटो और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी रही,जिससे इंडेक्स 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। आखिर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही दिन के अपने निचले स्तरों के आस-पास बंद हुए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ।

हॉर्मुज पर 20% टोल टैक्स से पलटे ट्रंप

हॉर्मुज पर 20 परसेंट टोल से ट्रंप पलट गए हैं। उन्होंने खाड़ी देशों के दबाव के बाद फैसला बदला है। उन्होंने कहा है कि इसके बदले में गल्फ के देश US में बड़ा निवेश करेंगे। इधर अमेरिका ने फिर ईरान की नाकेबंदी कर दी है। 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात करते हुए ईरानी ठिकानों पर भीषण हमले जारी हैं।

कच्चा तेल $86 के करीब कायम, सोने में करीब 1% की बढ़त

ट्रंप के टोल टैक्स से पीछे हटने के बावजूद कच्चे तेल में तेजी कायम है। इसका भाव 86 डॉलर के करीब दिख रहा है। उधर US में अनुमान से कम रिटेल महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने में करीब एक फीसदी की बढ़त है।

एक दिन में 25% फिसला IBM, 3% से ज्यादा फिसले इंफोसिस और विप्रो के ADR

IT शेयरों पर आज बाजार की नजर रहेगी। Q2 के कमजोर कारोबारी अपडेट के बाद IBM एक दिन में ही 25% टूट गया। इस स्टॉक में 58 साल में पहली बार एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट आई। इंफोसिस और विप्रो के ADR भी तीन फीसदी से ज्यादा फिसले हैं।

टाटा एलेक्सी का Q1 मुनाफा 22.6% घटा

पहली तिमाही में टाटा एलेक्सी के नतीजे कमजोर रहे हैं। तिमाही आधार पर इसके मुनाफे में 23 फीसदी की कमी आई है। मार्जिन पर भी करीब 3 फीसदी का दबाव दिखा है। हालांकि आय में 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आज आएंगे HDFC LIFE के नतीजे, वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार

नतीजों के लिहाज से आज का दिन अहम है। आज निफ्टी में शामिल HDFC LIFE के नतीजे आएंगे। Q1 में इसका Annual Premium Equivalent 7% बढ़ सकता है। हालांकि VNB MARGIN पर दबाव दिख सकता है। साथ ही ICICI PRU, HDFC AMC समेत वायदा की 5 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 20.50 अंक यानी 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,037 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए सुस्ती का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.59 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.38 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.07 फीसदी की बढ़त दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 1.72 फीसदी की मजबूती नजर आ रही है। वहीं,कोस्पी 6.23 फीसदी भागा है। शांघाई कंपोजिट में 0.05 फीसदी की हल्की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 और नैस्डैक में बढ़त देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद,बड़े बैंकों के अच्छे नतीजों और उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों की जोखिम लेने की भूख बढ़ाई। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 अंक या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया। S&P 500 में 28.55 अंक या 0.38% की बढ़त हुई और यह 7,543.89 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 233.83 अंक या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर पहुंच गया।

MF Investment : जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने जमकर किया निवेश, इनका कैश लेवल 19 महीने के निचले स्तर पर आया

डॉलर इंडेक्स

डॉलर अपने सभी ‘ग्रुप-ऑफ-10’साथियों के मुकाबले कमजोर हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.80 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में बुधवार को शुरुआती कारोबार में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से घटकर 4.58% और 4.18% हो गई है।

एशियन करेंसी

ज्यादातर एशियाई करेंसी में पिछली क्लोज़िंग के मुकाबले मामूली बढ़त दिख रही है। इसमें मलेशियाई रिंगित सबसे आगे है,जिसमें 0.34% की बढ़त हुई है। ताइवान डॉलर में 0.196% और जापानी येन में 0.154% की बढ़त हुई है। फिलीपीन पेसो में 0.123 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर (0.109 प्रतिशत),इंडोनेशियाई रुपया (0.099 प्रतिशत), चीनी रेनमिनबी (0.097 प्रतिशत) और दक्षिण कोरियाई वॉन (0.088 प्रतिशत) का नंबर है। थाई बहत में सबसे कम बढ़त देखी जा रही है। यह अपने पिछले क्लोजिंग भाव से 0.045 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 14 जुलाई को 739 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,927 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में रौनक, कोस्पी 7% चढ़ा, US में कमजोर CPI डेटा और AI ट्रेड में नई तेजी से मिल रहा सपोर्ट

Asian Market Today: आज ग्लोबल बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। निक्केई एक परसेंट तो कॉस्पी 7% से ज्यादा उछला है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी लौटने से नैस्डैक करीब 1 फीसदी चढ़ा है। डाओ और S&P में भी बढ़त देखने को मिली। दरअसल, उम्मीद से कम US महंगाई के आंकड़ों से फेड इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने और AI ट्रेड में नई तेजी से इन्वेस्टर्स के सेटीमेंट को सपोर्ट मिला है। यहीं वजह है कि आज एशिया बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है।

जापान का निक्केई 225 0.87% और टॉपिक्स 0.23% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.95% उछला, जबकि कोसडैक 5.08% चढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स 1.10 फीसदी ऊपर ट्रेड करता नजर आ रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.57 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.43 फीसदी चढ़कर 45,379.03 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 3,974.02 के स्तर पर दिख रहा है।

कैसा रहा अमेरिकी बाजारों का हाल

अमेरिकी स्टॉक मार्केट मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि बैंकों की अच्छी कमाई और उम्मीद से कम महंगाई रिपोर्ट ने सेंटिमेंट को बढ़ावा दिया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 पॉइंट्स या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.55 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,543.89 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 233.83 पॉइंट्स या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 4.06% बढ़ी, AMD के शेयर 2.57% बढ़े, इंटेल के शेयर 4.50% बढ़े, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.92% उछले, SK हाइनिक्स ADR 27.29% उछला, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.55% गिरे, एप्पल के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के शेयर 0.36% बढ़े, जबकि IBM के शेयर 25.21% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी पोर्ट्स पर फिर से नेवल ब्लॉकेड लगा दिया और धमकी दी कि अगर तेहरान ने बातचीत फिर से शुरू नहीं की तो अगले हफ़्ते पावर प्लांट्स और पुलों पर हमला किया जाएगा। US मिलिट्री ने भी लगातार चौथे दिन ईरान पर नए हमले किए। इस बीच, ईरान का कहना है कि पिछले हफ़्ते दुश्मनी फिर से शुरू होने के बाद उसने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है।

US इन्फ्लेशन

US कंज्यूमर इन्फ्लेशन जून में उम्मीद से ज़्यादा धीमी हुई। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स जून तक 12 महीनों में 3.5% बढ़ा, जो अब भी सबसे ज़्यादा है, मई में 4.2% बढ़ने के बाद। CPI मई में 0.5% बढ़ने के बाद महीने में 0.4% गिरा। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स ने अनुमान लगाया था कि CPI साल-दर-साल 3.8% बढ़ेगा और महीने के आधार पर 0.1% गिरेगा।

IBM शेयर्स

कंपनी के दूसरी तिमाही के निराशाजनक शुरुआती नतीजे जारी करने के बाद IBM के शेयर की कीमत 25% से ज़्यादा गिर गई। US की बड़ी टेक कंपनी ने कहा कि वह सॉफ्टवेयर से डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में कॉर्पोरेट खर्च में बदलाव के साथ तालमेल बिठाने में “लड़खड़ा” गई है और दूसरी तिमाही में उसकी कमाई में बड़ा नुकसान होगा।

LSEG के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, IBM ने कहा कि उसे उम्मीद है कि Q2 रेवेन्यू सिर्फ़ 1% बढ़कर $17.2 बिलियन हो जाएगा, जबकि एनालिस्ट्स का अनुमान $17.86 बिलियन था।

आज सोने का रेट

US में महंगाई उम्मीद से कम होने के बाद सोने की कीमतें स्थिर हो गईं। स्पॉट गोल्ड की कीमत थोड़ी बदली और $4,054.36 प्रति औंस रही, जबकि चांदी की कीमतें 0.2% बढ़कर $58.80 प्रति औंस हो गईं।

कच्चे तेल की कीमतें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नेवल नाकाबंदी लगाने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। ब्रेंट तेल की कीमत 1.72% बढ़कर $86.19 प्रति बैरल हो गई, जबकि WTI क्रूड 1.4% बढ़कर $80.40 प्रति बैरल हो गया।

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