IND vs NZ: रात 7:30 बजे नहीं शुरू होगा भारत-न्यूजीलैंड मैच, जानें कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

भारत टीम 5 मैचों की टी20 न्यूजीलैंड दौरे पर है। साल 2026 में दूसरी बार भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज खेलने उतरेगी। इस बार सीरीज के सभी मुकाबले न्यूजीलैंड की धरती पर होंगे। इससे पहले दोनों टीमों के बीच इसी साल टी20 मुकाबलों की सीरीज खेली जा चुकी है। इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। वहीं न्यूजीलैंड की कमान स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। वहीं दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा। वहीं इस सीरीज में भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी हो रही है। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

कितने बजे से शुरू होगा मुकाबला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सभी फॉर्मेट की सीरीज की शुरुआत T20I मुकाबलों से होगी। पांच मैचों की इस सीरीज का पहला मैच गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला रात 7:30 बजे से नहीं शुरू होगा। पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होंगे। मैच शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले यानी दोपहर 12 बजे टॉस किया जाएगा।

भुवनेश्वर-अर्शदीप होंगे तेज गेंदबाज

न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह संभालेंगे। भुवनेश्वर भारत के लिए अब तक 88 T20I मैच खेल चुके हैं, जबकि अर्शदीप सिंह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में दोनों गेंदबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

मिचेल के हाथों में हैं कमान

न्यूजीलैंड ने भी भारत के खिलाफ घरेलू T20I सीरीज के लिए मजबूत टीम तैयार की है। टीम की कप्तानी स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर करेंगे। इसके अलावा, टीम में फिन एलन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड की टीम में छह विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया गया है, जिनमें जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर के नाम शामिल हैं। ये सभी गेंदबाज अपनी रफ्तार और गेंदबाजी के दम पर भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। ऐसे में इस सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के सामने कीवी टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी।

कब-कब होंगे मुकाबले

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर, गुरुवार को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 24 अक्टूबर, शनिवार को दूसरे मैच में आमने-सामने होंगी। सीरीज का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर, मंगलवार को, चौथा मैच 31 अक्टूबर, शुक्रवार को और पांचवां व आखिरी मुकाबला 1 नवंबर, रविवार को खेला जाएगा। इस तरह दोनों टीमों के बीच यह टी20 सीरीज अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर नवंबर की शुरुआत तक चलेगी।

भारत: श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा (VC), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (WK), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव

न्यूज़ीलैंड: मिशेल सेंटनर (C), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर

IND vs NZ: रात 7:30 बजे नहीं शुरू होगा भारत-न्यूजीलैंड मैच, जानें कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

भारत टीम 5 मैचों की टी20 न्यूजीलैंड दौरे पर है। साल 2026 में दूसरी बार भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज खेलने उतरेगी। इस बार सीरीज के सभी मुकाबले न्यूजीलैंड की धरती पर होंगे। इससे पहले दोनों टीमों के बीच इसी साल टी20 मुकाबलों की सीरीज खेली जा चुकी है। इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। वहीं न्यूजीलैंड की कमान स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। वहीं दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा। वहीं इस सीरीज में भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी हो रही है। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

कितने बजे से शुरू होगा मुकाबला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सभी फॉर्मेट की सीरीज की शुरुआत T20I मुकाबलों से होगी। पांच मैचों की इस सीरीज का पहला मैच गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला रात 7:30 बजे से नहीं शुरू होगा। पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होंगे। मैच शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले यानी दोपहर 12 बजे टॉस किया जाएगा।

भुवनेश्वर-अर्शदीप होंगे तेज गेंदबाज

न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह संभालेंगे। भुवनेश्वर भारत के लिए अब तक 88 T20I मैच खेल चुके हैं, जबकि अर्शदीप सिंह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में दोनों गेंदबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

मिचेल के हाथों में हैं कमान

न्यूजीलैंड ने भी भारत के खिलाफ घरेलू T20I सीरीज के लिए मजबूत टीम तैयार की है। टीम की कप्तानी स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर करेंगे। इसके अलावा, टीम में फिन एलन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड की टीम में छह विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया गया है, जिनमें जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर के नाम शामिल हैं। ये सभी गेंदबाज अपनी रफ्तार और गेंदबाजी के दम पर भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। ऐसे में इस सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के सामने कीवी टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी।

कब-कब होंगे मुकाबले

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर, गुरुवार को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 24 अक्टूबर, शनिवार को दूसरे मैच में आमने-सामने होंगी। सीरीज का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर, मंगलवार को, चौथा मैच 31 अक्टूबर, शुक्रवार को और पांचवां व आखिरी मुकाबला 1 नवंबर, रविवार को खेला जाएगा। इस तरह दोनों टीमों के बीच यह टी20 सीरीज अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर नवंबर की शुरुआत तक चलेगी।

भारत: श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा (VC), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (WK), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव

न्यूज़ीलैंड: मिशेल सेंटनर (C), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर

Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को इन 10 शेयरों पर रहेगी नजर, हिंदुस्तान जिंक से IREDA तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार, 21 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के दम पर फोकस में रहेंगे। कुछ कंपनियों ने सितंबर तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं, तो कुछ के मुनाफे में गिरावट आई है। वहीं, कुछ कंपनियां अपने कारोबार और मैनेजमेंट से जुड़े बदलावों को लेकर चर्चा में हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इन 10 शेयरों पर रहेगी।

Bajaj Finance

नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी Bajaj Finance का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 28.8% बढ़कर ₹6,367 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 23.6% बढ़कर ₹13,335 करोड़ रही। कंपनी की नेट टोटल इनकम 23% बढ़कर ₹15,974 करोड़ पहुंच गई। तिमाही के दौरान कंपनी ने 1.345 करोड़ नए लोन भी दिए।

Hindustan Zinc

वेदांता ग्रुप की मेटल कंपनी Hindustan Zinc का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 142% उछलकर ₹6,412 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का रेवेन्यू 76.5% बढ़कर रिकॉर्ड ₹15,093 करोड़ हो गया। EBITDA भी दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹9,248 करोड़ रहा।

IREDA

सरकारी रिन्यूएबल एनर्जी फाइनेंस कंपनी IREDA का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट मामूली 0.5% बढ़कर ₹552 करोड़ रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर ₹904 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की ग्रॉस NPA घटकर 3.57% और नेट NPA 1.08% रह गई। इससे पिछले साल के मुकाबले खराब कर्ज के स्तर में सुधार दिखा।

Piramal Finance

पिरामल ग्रुप की फाइनेंस कंपनी Piramal Finance का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 67% बढ़कर ₹545 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 35% बढ़कर ₹1,530 करोड़ पहुंच गई। इसके अलावा, SBI के पूर्व चेयरमैन दिनेश खारा को 19 अक्टूबर 2026 से पांच साल के लिए कंपनी का स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है।

L&T Technology Services

टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी L&T Technology Services (LTTS) का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 53.7% बढ़कर ₹548.2 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹3,040 करोड़ रहा। यह ₹3,022.5 करोड़ के अनुमान से ज्यादा है।

Waaree Renewable Technologies

वारी ग्रुप की सोलर EPC कंपनी Waaree Renewable Technologies का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 30% गिरकर ₹82 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 36.53% बढ़कर ₹1,057.84 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की अधूरी ऑर्डर बुक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा है। इसके अलावा, सोलर, बैटरी स्टोरेज और ट्रांसमिशन-डिस्ट्रिब्यूशन प्रोजेक्ट्स में भी बड़े मौके मौजूद हैं।

Just Dial

हाइपरलोकल सर्च प्लेटफॉर्म Just Dial का सितंबर तिमाही में रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.2% बढ़कर ₹343 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹303.1 करोड़ था। EBITDA भी 4.5% बढ़कर ₹91 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 26.4% रह गया। एक साल पहले यह 28.7% था।

Nelco

टाटा ग्रुप की सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज कंपनी Nelco का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 6.79% बढ़कर ₹1.73 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 5.1% बढ़कर ₹78.14 करोड़ रहा। EBITDA में 22% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹9.1 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी एक साल पहले के 10% से बढ़कर 11.7% हो गया।

SML Mahindra

कमर्शियल गाड़ियों की कंपनी SML Mahindra का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 42.9% गिरकर ₹12 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 20.7% बढ़कर ₹670 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 31% गिरकर ₹29 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 7.6% से घटकर 4.3% रह गया।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent के नॉन-एग्जीक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हरीश भट्ट ने इस्तीफा दे दिया है। वह 12 साल से ज्यादा समय से कंपनी के बोर्ड में थे। उन्होंने बढ़ती पेशेवर और निजी जिम्मेदारियों का हवाला दिया। उनका इस्तीफा 17 अक्टूबर से प्रभावी हुआ। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे 29 अक्टूबर को आने वाले हैं।

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Urmi Sinha IPS Story: मुंगेर की बेटी बनी देश की पहली सबसे कम उम्र की IPS, महज 21 साल की उम्र में यूपीएससी क्रैक कर रचा इतिहास

Urmi Sinha IPS Story: बिहार के मुंगेर जिले से ताल्लुक रखने वाली उर्मी सिन्हा ने शायद खुद भी कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन पूरा देश उनका नाम सम्मान के साथ लेगा। लेकिन उनके बुलंद इरादों और सही दिशा में की गई मेहनत ने इस उपलब्धि को उनकी तरफ मोड़ दिया। उर्मी ने महज 21 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास की। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने लिए आईपीएस सेवा चुनकर सबसे कम उम्र की अधिकारी बनने का खिताब अपने नाम कर लिया।

तेलंगाना स्थित हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में 17 अक्टूबर 2026 को पासिंग आउट परेड में 135 IPS अधिकारियों देश की पुलिस सेवा में शामिल हुए। इसमें उर्मी सिन्हा अपने बैच की सबसे कम उम्र की अधिकारी बनकर उभरी हैं। उर्मी ने प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 170वीं रैंक हासिल की। उनकी आईपीएस ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब वह बतौर आईपीएस आंध्र प्रदेश कैडर में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।

बिहार से है उर्मी सिन्हा का गहरा नाता

आईपीएस उर्मी सिन्हा का देश के पूर्वी राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल से गहरा नाता है। बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर स्थित मारवाड़ी टोला से जुड़ी उर्मी के पिता डॉ. रंजीत सिन्हा हावड़ा के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ हैं और मां कुशल गृहिणी हैं। उनका परिवार पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बस गया था, जहां उनकी शुरुआती पढ़ाई पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बीए की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन पूरी होने के साथ ही उर्मी ने यूपीएससी सीएसई की तैयारी शुरू कर दी थी।

घर पर रह कर पूरी की यूपीएससी की तैयारी

उर्मी सिन्हा ने यूपीएससी की तैयारी अपने घर पर रहकर करने का फैसला किया। उन्होंने 2023 में ग्रेजुएशन के बाद ऑनलाइन स्टडी मटीरियल, मेंटर्स के सही गाइडेंस और खुद के बनाए स्टडी प्लान पर भरोसा किया। उन्होंने प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू, तीनों चरण एक ही बार में पार कर लिए। UPSC CSE 2024 में AIR 170 हासिल कर उन्होंने अपना और अपने परिवार का नाम रोशन किया।

17 अक्टूबर को पासिंग आउट परेड में ली देश सेवा की शपथ

उर्मी 17 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद के SVPNPA में 78वें नियमित बैच की पासिंग आउट परेड में शामिल थीं। इस बैच में 135 भारतीय आईपीएस अफसरों (37 महिला अधिकारी शामिल हैं) के अलावा नेपाल, भूटान और मालदीव के 16 विदेशी अधिकारी भी शामिल थे। इस बैच में 23 वर्षीय उर्मी सबसे युवा अधिकारी रहीं। पासिंग आउट परेड के बाद उर्मी सिन्हा अपने आवंटित आंध्र प्रदेश कैडर में तैनात होंगी और ट्रेनी आईपीएस अधिकारी पुलिस प्रशासन, कानून-व्यवस्था और फील्ड पुलिसिंग की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग हासिल करेंगी।

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दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना जाना होगा आसान, वंदे भारत स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल जारी, जानें रूट और टाइमिंग

नई दिल्ली। दिवाली और छठ पर बिहार जाने वालों के लिए रेलवे ने खास ट्रेन चलाने का फैसला किया है। नई दिल्ली से पटना के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन चलेगी। इससे पैसेंजर को सफर के लिए एक और ऑप्शन मिलेगा। रेलवे ने ट्रेन का समय और रूट भी जारी कर दिया है।

इस दिन और इस टाइम पर चलेगी दिल्ली से पटना की ट्रेन

रेलवे के शेड्यूल के मुताबिक, ट्रेन नंबर 02254 नई दिल्ली से पटना के बीच 22 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक चलेगी। यह ट्रेन हफ्ते में तीन दिन चलेगी।

• नई दिल्ली से रवाना होने का समय: सुबह 8:35 बजे

• पटना पहुंचने का समय: रात 9:30 बजे

• चलने के दिन: रविवार, मंगलवार और गुरुवार

वापसी में ट्रेन नंबर 02253 पटना से नई दिल्ली के लिए 24 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक चलेगी।

• पटना से रवाना होने का समय: सुबह 10 बजे

• नई दिल्ली पहुंचने का समय: रात 11:30 बजे

• चलने के दिन: शनिवार, सोमवार और बुधवार

दिल्ली और पटना के बीच चलने वाली यह ट्रेन उत्तर प्रदेश और बिहार के पैसेंजर के लिए भी उपयोगी होगी। रास्ते में इन 6 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन:

1. अलीगढ़

2. कानपुर सेंट्रल

3. प्रयागराज

4. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन

5. बक्सर

6. आरा

इस ट्रेन में AC चेयर कार की सुविधा होगी। दिवाली और छठ पर घर जाने वाले लोग इसमें टिकट बुक कर सकते हैं। टिकट और किराए की जानकारी रेलवे IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट https://www.irctc.co.in/nget पर मिल जाएगी।

दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

चांदनी मशीन्स लिमिटेड का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। कंपनी का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जाएंगे। कंपनी ने इस कॉरपोरेट एक्शन को सितंबर महीने में मंजूरी दी थी।

चांदनी मशीन्स में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 20.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। स्टॉक स्प्लिट में एक कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती।

इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।

Chandni Machines का शेयर एक साल में 190 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 102.13 रुपये है। मार्केट कैप 71 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर साल 2026 में अब तक 40 प्रतिशत चढ़ा है। एक साल में कीमत लगभग 190 प्रतिशत मजबूत हुई है। 3 साल में शेयर लगभग 340 प्रतिशत और 5 साल में 1000 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 127.74 रुपये और एडजस्टेड लो 34 रुपये है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹25 का डिविडेंड, 23 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट; L&T ग्रुप की है कंपनी

कंपनी की वित्तीय सेहत

चांदनी मशीन्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 72 प्रतिशत गिरकर 44.50 लाख रुपये रहा। एक साल पहले यह 25.89 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 1.98 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी 74.68 लाख रुपये के मुनाफे में थी। खर्च 3.74 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 26 करोड़ रुपये के थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

iPhone Duo को टक्कर देने आ रहा Motorola का नया फोल्डेबल फोन! Geekbench पर दिखे फीचर्स

Motorola Razr Flex 27: Apple ने हाल ही में अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo लॉन्च करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अब खबर है कि Motorola भी इस फोन को टक्कर देने की तैयारी कर रही है। ऑनलाइन सामने आई कई लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी Motorola Razr Flex 27 पर काम कर रही है। यह स्मार्टफोन अब Geekbench पर भी दिखाई दिया है। आइए जानते हैं इस अपकमिंग स्मार्टफोन के बारे में अब तक सामने आई सभी अहम जानकारियां।

Geekbench पर दिखा Motorola Razr Flex 27

Motorola Razr Flex 27 को हाल ही में Geekbench 6 के डेटाबेस पर देखा गया है। लीक हुई जानकारी के मुताबिक, इस फोल्डेबल स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर मिल सकता है। इसके साथ फोन में 12GB तक RAM दिए जाने की भी उम्मीद है।

बता दें कि Qualcomm के प्रोसेसर की मौजूदा फ्लैगशिप सीरीज में Snapdragon 8 Gen 5 को ज्यादा पावरफुल Snapdragon 8 Elite Gen 5 से नीचे रखा गया है।

Geekbench की लिस्टिंग से यह भी संकेत मिलता है कि Motorola का यह फोन Android 17 के साथ आ सकता है। हालांकि, बेंचमार्क लिस्टिंग में कई बार ऐसे स्मार्टफोन की जानकारी सामने आ जाती है, जिन्हें कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर लॉन्च नहीं किया है।

फिलहाल, Motorola ने अभी तक Razr Flex 27 के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

पिछले लीक से इस संभावित फोल्डेबल फोन के बारे में और जानकारी सामने आई है। ‘Android हेडलाइंस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फोन में 165Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.92 इंच का AMOLED डिस्प्ले हो सकता है।

खबरों के मुताबिक, इसकी बाहरी स्क्रीन 4.97 इंच की हो सकती है। इससे यूजर्स को मुख्य फोल्डेबल डिस्प्ले खोले बिना ही बेसिक काम करने की सुविधा मिलेगी। सामने आई जानकारी से पता चलता है कि Motorola अपने ‘Razr Flex 27’ में पीछे की तरफ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 50MP का अल्ट्रावाइड कैमरा दे सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, इस फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, इस फोल्डेबल फोन में 5,000mAh की बैटरी और 25W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है। हालांकि, इसकी वायर्ड चार्जिंग स्पीड के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

Motorola Razr Flex 27 कब होगा लॉन्च

लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, Motorola Razr Flex 27 को दिसंबर 2026 के मध्य के आसपास दुनियाभर में लॉन्च किया जा सकता है। यह फोन PANTONE के दो कलर ऑप्शन- Coriander और Dark Botanical Garden में आ सकता है।

हालांकि, स्मार्टफोन के फीचर्स, कलर और लॉन्च की तारीख से जुड़ी ये सभी जानकारियां लीक पर आधारित हैं। Motorola ने अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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शेख हसीना बोलीं- सरकार गिरफ्तार या टॉर्चर कर सकती है:फिर भी दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी; 2024 में छात्र आंदोलन के बाद भारत आई थीं

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को कहा है कि वह दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। उन्होंने कहा, बांग्लादेश की मौजूदा तारिक रहमान सरकार मुझे गिरफ्तार कर सकती है, मार सकती है या टॉर्चर कर सकती है, लेकिन कितना भी खतरा हो, मुझे इसकी परवाह नहीं है। मुझे अपने देश लौटना ही है। उन्होंने आगे कहा कि वह तारिक रहमान की सरकार से डरती नहीं हैं और अपने देश वापस लौटना उनकी जिम्मेदारी है। हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। तब से वह भारत में रह रही हैं। हसीना ने भारत सरकार को शुक्रिया कहा शेख हसीना ने मुश्किल समय में उन्हें शरण देने के लिए भारत सरकार और लोगों का शुक्रिया किया। उन्होंने 1975 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी भारत ने उन्हें सहारा दिया था। हसीना ने कहा, मैं भारत सरकार, यहां के लोगों और सभी राजनीतिक दलों की शुक्रगुजार हूं। उन्होंने मुझे वैसे ही अपनाया, जैसे 1975 में अपनाया था। दरअसल, 1975 में बांग्लादेश में सैन्य तख्तापलट के दौरान हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या कर दी गई थी। वह बांग्लादेश के संस्थापक थे। इस घटना में हसीना की मां, उनके तीन भाइयों और परिवार के कई दूसरे सदस्यों की भी हत्या कर दी गई थी। उस समय हसीना और उनकी बहन अपनी जान बचाने और सुरक्षा के लिए भारत आई थीं। हसीना बोलीं- मेरे खिलाफ मामले चलाकर विपक्ष को दबाया जा रहा शेख हसीना ने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया कि वह उनके और उनकी पार्टी अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामले चलाकर विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं पर लगे आरोपों का फैसला निष्पक्ष सुनवाई के जरिए होना चाहिए। उनके मुताबिक, बांग्लादेश के लोगों को स्वतंत्र और सभी को शामिल करने वाली लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए अपनी सरकार चुनने का मौका मिलना चाहिए। हसीना के भारत आने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव शेख हसीना के भारत आने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार का कहना है कि हसीना की वापसी कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी। बांग्लादेश सरकार हसीना को भगोड़ा अपराधी बताती है। उसने भारत से कहा है कि हसीना को भारतीय जमीन से राजनीतिक गतिविधियां करने या राजनीतिक बयान देने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। दूसरी ओर, बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने कहा था कि शेख हसीना को पनाह देना भारत की मजबूरी थी। अगर भारत उन्हें उतरने की अनुमति नहीं देता तो स्थिति खराब हो सकती थी। दूसरी ओर, भारत ने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के साथ रिश्ते बनाए रखने में दिलचस्पी दिखाई है। प्रधानमंत्री मोदी उन शुरुआती नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने चुनाव में जीत के बाद तारिक रहमान को बधाई दी थी। रहमान की सरकार कई बार प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी तारिक रहमान सरकार ने कई बार हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई है। हसीना को वापस भेजने के मुद्दे का असर तारिक रहमान के भारत दौरे पर भी पड़ा है। भारत ने पिछले महीने हुए BRICS समिट में तारिक रहमान को शामिल होने का न्योता दिया था। इसके अलावा फरवरी से ही भारत की ओर से उन्हें अलग से भारत आने का निमंत्रण दिया गया था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने एक भी बार भारत का दौरा नहीं किया। उनकी तरफ से हर बार हसीना को वापस लौटाने की शर्त रखी गई है। भारत-बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संधि है भारत और बांग्लादेश ने 2013 में प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें कुछ परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को दूसरे देश को सौंपने से इनकार करने के प्रावधान हैं। इनमें राजनीतिक प्रकृति के अपराध से जुड़े मामले भी शामिल हैं। हसीना पर बांग्लादेश में 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और मौतों से जुड़े गंभीर आरोप हैं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार उन्हें वापस लाकर कानूनी कार्रवाई करना चाहती है। बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में हसीना और उनके तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा सुनाई थी। 15 सितंबर 2026 को हसीना सरकार के कुछ पूर्व सहयोगियों को भी सजा सुनाई गई। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की जांच के मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी। ——————— यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश बोला-सऊदी ने बिना बताए हमारे नागरिकों को फांसी दी:मस्जिद में अश्लील हरकत करने पर पति-पत्नी को मौत की सजा मिली थी सऊदी अरब ने मक्का में पिछले बुधवार एक बांग्लादेशी पति-पत्नी को फांसी दे दी। दोनों को एक मस्जिद के अंदर अश्लील हरकत करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

Neogen Chemicals Share Price: एनालिस्ट की पसंद बना ये केमिकल स्टॉक, दे सकता है 24% का रिटर्न

Neogen Chemicals Share Price: पिछले 6 महीनों में अच्छे रिटर्न के बाद घरेलू ब्रोकरेज फर्म ‘एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग’ ने Neogen Chemicals पर कवरेज शुरू किया है। उन्होंने इसे ‘Buy’ की रेटिंग दी है और ₹3,050 का टारगेट प्राइस तय किया है। इसका मतलब है कि ₹2,482 के मौजूदा मार्केट प्राइस से इसमें लगभग 23% की तेजी आ सकती है।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि स्पेशलिटी केमिकल्स बनाने वाली यह कंपनी अब कमाई में तेज बढ़ोतरी के दौर में प्रवेश करने वाली है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि कंपनी का बैटरी केमिकल्स का कारोबार बढ़ रहा है, जिसे घरेलू बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, ग्राहकों की मंजूरी और चीन के बाहर की सप्लाई चेन में मिल रहे मौकों का समर्थन मिल रहा है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा Neogen Chemicals के पास एक मजबूत स्पेशलिटी केमिकल्स कारोबार है और साथ ही बैटरी के क्षेत्र में भी बड़े मौके हैं। चूंकि प्लांट काफी हद तक तैयार हो चुके हैं और ग्राहकों द्वारा मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए मुख्य रुकावटें अब पीछे छूट गई हैं। अब कमाई में तेजी आना बाकी है, जो विकास और री-रेटिंग का एक बेहतरीन मौका बनाता है।”

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26 से FY30 के बीच Neogen का रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद का एडजस्टेड प्रॉफिट (PAT) क्रमशः 45%, 49% और 87% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। हालांकि, इस निवेश की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई सुविधाएं समय पर शुरू होती हैं या नहीं, ग्राहक कितना माल खरीदते हैं, और कंपनी अपने बढ़े हुए कर्ज को कैसे संभालती है।

ब्रोकरेज स्टॉक पर बुलिश क्यों

आने वाले वर्षों में बैटरी केमिकल्स, नियोजेन के विकास का सबसे बड़ा जरिया बनने की उम्मीद है। इसकी सब्सिडियरी कंपनी, ‘नियोजेन आयोनिक्स’, बैटरी इलेक्ट्रोलाइट और लिथियम हेक्साफ्लोरोफॉस्फेट (LiPF6) बनाती है। LiPF6 एक महत्वपूर्ण सॉल्ट है जिसका इस्तेमाल लिथियम-आयन बैटरी में किया जाता है। कंपनी इसके लिए ‘MU आयोनिक सॉल्यूशंस’ की जापानी मैन्युफैक्चरिंग तकनीक का इस्तेमाल करती है और जापान की ‘मोरिता’ के साथ एक जॉइंट वेंचर के जरिए अपना सॉल्ट कारोबार चलाती है।

एंटीक का अनुमान है कि नियोजेन के कुल रेवेन्यू में बैटरी केमिकल्स का हिस्सा FY26 के 4% से बढ़कर FY30 तक 62% हो जाएगा। FY26 तक यह सेगमेंट घाटे में था, क्योंकि उस दौरान इलेक्ट्रोलाइट और सॉल्ट बनाने की सुविधाएं तैयार हो रही थीं और ग्राहकों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही थी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27 तक यह कारोबार EBITDA के स्तर पर ‘ब्रेक-ईवन’ (यानी बिना नुकसान या मुनाफे की स्थिति) तक पहुंच जाएगा। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि, “कमीशनिंग में देरी के कारण काम की गति (रैंप-अप) कुछ आगे खिसक गई है, लेकिन इससे मध्यम अवधि की कमाई के अनुमानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि FY30E (वित्त वर्ष 2030) के हमारे अनुमान जिन क्षमताओं और ग्राहकों की मंजूरी पर आधारित हैं, वे पहले से ही मौजूद हैं।”

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि ग्राहकों द्वारा दी जाने वाली योग्यता(क्वालिफिकेशन) कंपनी को एक प्रतिस्पर्धी बढ़त दिला सकती है। इस तरह की मंजूरी मिलने में 12-24 महीने लग सकते हैं, और एक बार किसी उत्पाद को मंजूरी मिल जाने के बाद, बैटरी निर्माता आमतौर पर अपने सप्लायर को बदलना नहीं चाहते। नियोजेन ने अमेरिका के तीन इलेक्ट्रोलाइट निर्माताओं के साथ अपने प्लांट का अंतिम ऑडिट पूरा कर लिया है। इससे कंपनी उन अमेरिकी टैक्स-क्रेडिट नियमों से जुड़ी मांग को पूरा करने की स्थिति में आ गई है, जो 2027 से कुछ चीनी सप्लायरों से सामान लेने पर रोक लगाते हैं।

भारत में बैटरी निर्माण क्षमता बढ़ने के साथ, घरेलू स्तर पर भी अवसर बढ़ सकते हैं। नियोजेन की दहेज और पाखाजन इकाइयां स्थानीय सेल निर्माताओं को सेवा देने के लिए तैयार हैं, जबकि इसकी लिथियम सॉल्ट क्षमता निर्यात के अतिरिक्त अवसर प्रदान करती है। बैटरी रसायनों के अलावा, कंपनी का स्पेशलिटी केमिकल्स का स्थापित कारोबार कमाई का एक स्थिर आधार देता है। इसे कॉन्ट्रैक्ट सिंथेसिस एंड मैन्युफैक्चरिंग (CSM), एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स और दहेज प्लांट में आग लगने की घटना के बाद उत्पादन में हुए सुधार से भी मजबूती मिलती है।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

इस केमिकल स्टॉक में पिछले 3 महीनों में 14%, 6 महीनों में 64% और पिछले 1 साल में 70% की तेजी आई है। हालांकि, हाल के समय में इसमें 1 हफ्ते में 2% और पिछले 1 महीने में 0.3% की गिरावट देखी गई है। अक्टूबर 2026 में यह स्टॉक अपने 52-हफ्तों के उच्चतम स्तर ₹2785 पर पहुंच गया था, जबकि दिसंबर 2025 में यह अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर ₹978 पर था।

 

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इंडोनेशिया के शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी, क्या अब इमर्जिंग मार्केट का दर्जा गंवाने का खतरा टला?

इंडोनेशिया के शेयर बाजारों में मंगलवार यानी 20 अक्तूबर को रिकवरी दिखी। शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक जकार्ता कंपोजिट 3.46 फीसदी चढ़कर 5,168 पर चल रहा था। इसकी वजह एमएससीआई की चेतावनी के बाद अथॉरिटीज की तरफ से उठाए गए कदम हैं। हालांकि, अभी यह सवाल बना हुआ है कि अथॉरिटीज की कोशिश के बाद एमएससीआई का रुख बदलेगा या नहीं। एमएससीआई ने 16 अक्तूबर यानी शुक्रवार को इंडोनेशिया के शेयर बाजार को इमर्जिंग मार्केट्स कि लिस्ट से बाहर करने की धमकी दी थी।

बीते दो सत्रों में करीब 15 फीसदी गिरा था JCI

Jakarta Composite Index (JCI) मंगलवार को एक समय 4.3 फीसदी तक उछल गया था। इससे बीते दो सत्रों में आई करीब 15 फीसदी की गिरावट के बाद बाजार को कुछ राहत मिली है। हालांकि, इस रिकवरी के बावजूद इंडोनेशिया का शेयर बाजार दुनिया में सबसे खराब प्रदर्शन वाला बाजार बना हुआ है। 2026 में जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 40 फीसदी गिर चुका है। दुनिया के किसी बड़े बाजार में इस दौरान शायद ही इतनी गिरावट आई है।

MSCI ने शुक्रवार को दी थी बड़ी चेतावनी 

सबसे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि इंडोनेशिया के शेयर बाजारों में अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई। MSCI ने पिछले हफ्ते कहा था कि इंडोनेशियो को इमर्जिंग मार्केट का अपना दर्जा (Status) गंवाना पड़ सकता है। यह ग्लोबल शेयर सूचकांकों से भी बाहर हो सकता है। एमएससीआई के अचानक इस ऐलान से इंडोनेशिया के शेयर बाजारों में 16 अक्तूबर को बड़ी बिकवाली देखने को मिली थी। अगर एमएससीआई ऐसा करता है तो दक्षिणपूर्व एशिया की इस सबसे बड़ी इकोनॉमी से काफी पैसा बाहर जा सकता है।

एक्सचेंज ने कमी दूर करने के लिए उठाए कदम

ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर MSCI की चेतावनी के बाद इंडोनेशिया स्टॉक एक्सचेंज ने कुछ कदम उठाए हैं। उसने कहा है कि वह बेंचमार्क इंडेक्स के कैलकुलेशन से बहुत ज्यादा ओनरशिप वाली कंपनियों को हटाएगा। इस बारे में 19 अक्तूबर यानी सोमवार को एमएससीआई के प्रतिनिधियों और एक्सचेंज के अधिकारियों की बीच बातचीत हुई।

निवेशकों का भरोसा बहाल करना सबसे जरूरी

इंडोनेशिया स्टॉक एक्सचेंज के सीईओ जेफ्री हेंडरिक के मुताबिक, JCI में ऐसी कंपनियों का वेटेज करीब 18 फीसदी है। उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों को हटाने के समय का ऐलान बाद में होगा। हालांकि, इनवेस्टर्स का कहना है कि सिर्फ बेंचमार्क में बदलाव करने से निवेशकों का भरोसा बहाल नहीं होगा। इसके लिए कंपनियों की ओनरशिप में पारदर्शिता लानी होगी, गवर्नेंस को स्ट्रॉन्ग करना होगा और नियमों के पालन पर फोकस करना होगा।

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फॉरेन इनवेस्टर्स कर चुके हैं 5 अरब डॉलर की बिकवाली

ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, विदेशी निवेशक इस साल इंडोनेशिया के शेयर बाजारों में करीब 4.9 अरब डॉलर की बिकवाली कर चुके हैं। अगर MSCI इंडोनेशिया को इमर्जिंग मार्केट्स की लिस्ट से हटाता है तो बाजार में और बिकवाली दिख सकती है। एमएससीआई इंडोनेशिया को इमर्जिंग मार्केट की लिस्ट से हटाकर स्टैंडएलोन मार्केट की लिस्ट में डाल सकता है। इससे इंडोनेशिया के शेयर बाजार को बड़ा झटका लगेगा।