किसने दिया ऑर्डर?’ पोस्टर लेकर संसद पहुंची कांग्रेस, छात्रों पर पैलेट गन मामले में अमित शाह से मांगा जवाब

opposition leaders protes in parliament

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर मचा बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कांग्रेस सांसदों ने इस मामले में संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। उनके हाथ में एक बड़ा पोस्टर था जिस पर लिखा था- 'किसने दिया ऑर्डर?' ALSO READ: अमित शाह को जाना होगा, छात्रों पर चलवाईं गोलियां, गृह मंत्री को हटाए सरकार, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले राहुल गांधी

 

प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई 'पुलिस कार्रवाई' को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ किया गया।

 

पार्टी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'अमित शाह जवाब दो- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?' आज विपक्ष के सांसदों ने छात्रों पर की गई बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर, मोदी सरकार से जवाबदेही की मांग की। ALSO READ: दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, प्रदर्शनकारी को गोली लगने का दावा गलत, मेडिकल रिपोर्ट में नहीं मिले सबूत

संसद से क्यों भाग रहे हैं गृहमंत्री

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया? दिल्ली में छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया? हमें भारत के गृह मंत्री से जवाब चाहिए। भारत के गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं? आप तो विपक्ष के नेता (LoP) को भी बोलने नहीं दे रहे हैं।

 

क्या गृह मंत्री ने कहा कि SDM ने गलत किया? 

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि ये बड़ी स्पष्ट बात है कि यदि कोई पैलेट गन चलाता है या ऐसी कार्रवाई करता है तो इसकी अनुमति तो कोई देता है। यदि कोई कह रहा है कि SDM ने अनुमति दी तो क्या हमारे गृह मंत्री ने ये कहा कि SDM ने गलत किया? हमारे गृह मंत्री चुप क्यों हैं? इससे साफ जाहिर है कि ये उनकी सहमति से ही हुआ है नहीं तो वे कहते कि SDM ने गलत काम किया है। एक तरफ भाजपा कह रही है कि पैलेट गन नहीं चली और जब साबित हो गया कि पैलेट गन चली तो उन्हें ये बात माननी पड़ी। फिर केंद्रीय गृह मंत्री चुप क्यों है?

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा (Video)

भारतीय मध्यक्रम बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अजिंक्य रहाणे लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर थे ऐसे में वह कई बार कमेट्री बॉक्स में दिखते थे। वहीं फ्रैंचाइजी क्रिकेट में वह कोलकाता नाईट राइडर्स के कप्तान थे।38 वर्षीय अजिंक्य रहाणे ने पिछले 3 वर्षों से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है।रहाणे ने आखिरी बार भारत के लिये 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट आफ स्पेन में खेला था।

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।

रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए। वह निराशाजनक आईपीएल 2025 के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, जहां उनकी टीम 10 टीमों में से आठवें स्थान पर रही। रहाणे ने 14 पारियों में 147.27 के स्ट्राइक रेट से 390 रन बनाए।

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

Waaree Energies Share Price: सोलर पीवी मॉड्यूल मेकर का शेयर 6% तक लुढ़का, Q1 नतीजों के बाद भारी सेलिंग; अब क्या करें?

सोलर पीवी मॉड्यूल बनाने वाली वारी एनर्जीज लिमिटेड के शेयरों में 30 जुलाई को शुरुआती कारोबार में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 2,563 रुपये के लो तक गया। कंपनी ने एक दिन पहले मार्केट बंद होने के बाद अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय में सालाना आधार पर 79.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 7,932 करोड़ रुपये रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 1,440 करोड़ रुपये रहा। यह जून 2025 तिमाही के मुकाबले 44 प्रतिशत ज्यादा EBITDA मार्जिन 4 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 18.2 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 22.5 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही में Waaree Energies को 16,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। कंपनी की ऑर्डर बुक 61,500 करोड़ रुपये की थी। कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने ऑपरेटिंग EBITDA गाइडेंस को 7,000 करोड़ से 7,700 करोड़ रुपये के बीच ही बरकरार रखा।

वारी एनर्जीज अक्टूबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 4321.44 करोड़ रुपये का IPO 79.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के ​पास 64.22 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 महीनों में 21 प्रतिशत नीचे आया है।

Waaree Energies पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने Waaree Energies पर अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट 3,750 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव से 37 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि एडजस्टेड EBITDA अनुमान से कम रहा। इसकी वजह मार्जिन पर बना दबाव था, जिसने कंपनी के अच्छे कामकाज के असर को भी कम कर दिया। नोमुरा ने कहा कि कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक से कामकाज में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद दिखती है। वारी एनर्जीज के शेयर को 19 एनालिस्ट्स को कवर करते हैं। इनमें से 14 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। एक ने ‘होल्ड’ और 4 ने ‘सेल’ की सलाह दी है।

 

Juniper Green Energy IPO: दिग्गज एंकर निवेशकों ने लगाए ₹539 करोड़! आज से खुला इश्यू, निवेश करें या नहीं? जानें

Juniper Green Energy IPO Opening: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी जुपिटर ग्रीन एनर्जी का ₹1,800 करोड़ का इश्यू आज, 30 जुलाई को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 3 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। अगर आप भी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो कंपनी के प्राइस बैंड, एंकर बुक, वित्तीय स्थिति और ब्रोकरेज रिपोर्ट से जुड़ी हर अहम बातें जान लें।

Juniper Green Energy IPO: मुख्य तारीखें और प्राइस बैंड

आईपीओ खुलने-बंद होने की तारीख: 30 जुलाई-3 अगस्त 2026

प्राइस बैंड: ₹214 से ₹225 प्रति शेयर

कुल इश्यू साइज: ₹1,800 करोड़ (पूरी तरह से फ्रेश इश्यू )

लिस्टिंग की संभावित तारीख: 6 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

मर्चेंट बैंकर: आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹539.4 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹539.4 करोड़ का फंड जुटाया है। बीएसई सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने ₹225 के अपर प्राइस बैंड पर 31 फंड्स को 2.4 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। कुल एंकर पोर्शन का 74.79% (₹403.43 करोड़) हिस्सा देश के 9 बड़े म्यूचुअल फंड हाउस को मिला। इनमें SBI Mutual Fund, ICICI Prudential, WhiteOak Capital, Nippon India, HSBC और Edelweiss शामिल हैं।

दिग्गज ग्लोबल और इंश्योरेंस इन्वेस्टर फर्म अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने करीब ₹80 करोड़ का निवेश किया। इसके अलावा HDFC Life, Bajaj Life और Tata AIG जैसी इंश्योरेंस कंपनियों ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

आईपीओ से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी आईपीओ के जरिए जुटाए गए ₹1,800 करोड़ में से बड़ा हिस्सा अपना कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी। कंपनी पर कुल ₹13,266 करोड़ का कर्ज है। इसमें से ₹683.24 करोड़ सीधे कंपनी के कर्ज को चुकाने/कम करने में इस्तेमाल होंगे, जबकि ₹728.69 करोड़ इसकी सहायक कंपनियों के बकाए लोन को चुकाने के लिए दिए जाएंगे। बची हुई राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगी।

कंपनी का बिजनेस और वित्तीय स्थिति

गुरुग्राम बेस्ड जुपिटर ग्रीन एनर्जी भारत की टॉप 10 सबसे बड़ी रिन्यूएबल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (IPP) में शामिल है। यह सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स डेवलप और ऑपरेट करती है।

जून 2026 तक कंपनी का कुल प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो 7,910.20 MW तक पहुंच गया है। वर्तमान में इसकी चालू क्षमता 1,795 MW है, जबकि 6,115 MW क्षमता के प्रोजेक्ट्स निर्माण के अधीन हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी का शुद्ध लाभ 10.9% बढ़कर ₹40.5 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹36.5 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी की आय 41.3% उछलकर ₹718.9 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹508.7 करोड़ थी।

ब्रोकरेज की क्या है सलाह?

एसबीआई सिक्योरिटीज ने लंबी अवधि के नजरिए से इस आईपीओ को ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की विंड-सोलर हाइब्रिड( WSH) और FDRE एसेट्स में मजबूत पकड़ है। इसके अलावा, कंपनी की चालू क्षमता 1,795 MW है और 6,115 MW के प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं, जो आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स के चालू होने पर कंपनी को लंबे समय तक मजबूत ग्रोथ विजिबिलिटी प्रदान करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले दिल्ली में सख्ती! इन रूट पर मीट की दुकानों को बंद करने के आदेश, MCD ने सभी 12 जोन को दिए निर्देश

Kanwar Yatra 2026: श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही आज यानी गुरुवार (30 जुलाई) से विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। इस दौरान विभिन्न राज्यों से करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचेंगे। इस बीच, कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी 12 जोनों को कांवड़ यात्रा रूट्स और कांवड़ शिविरों के आसपास संचालित अवैध मीट की दुकानों को बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लाइसेंस वाले मीट की दुकानों की भी जांच की जाएगी। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक 308 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे। इसे देखते हुए एमसीडी ने सभी नागरिक सुविधाओं की तैयारियां यात्रा शुरू होने से पहले पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि MCD ने अधिकारियों से यात्रा से पहले सभी सिविक इंतजाम पूरे करने को भी कहा है, जिसके दौरान 30 जुलाई से 11 अगस्त तक पूरे देश में 308 कांवड़ कैंप चलने वाले हैं।

कांवड़ कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटाने के आदेश

एक ऑफिस मेमोरेंडम में सभी जोनल डिप्टी कमिश्नरों को यह पक्का करने का आदेश दिया गया है कि तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले पहचाने गए कांवड़ कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटा दिया जाए। मेमोरेंडम में कहा गया है कि MCD को यात्रा से काफी पहले कैंप साइट्स से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जोनल अधिकारियों को पहले ही पहचानी गई जगहों की जानकारी दे दी गई है। जबकि जरूरत पड़ने पर और कैंप लगाने की भी इजाजत दी जा सकती है।

सिविक बॉडी ने अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया है कि यात्रा के रास्तों पर या कांवड़ कैंप के आस-पास कोई भी बिना इजाजत या बिना लाइसेंस वाली मीट की दुकान न चले। यह भी कहा गया है कि अगर लाइसेंस वाली मीट की दुकानें अपने लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

साफ-सफाई के आदेश

सख्ती बरतने के अलावा, MCD ने सभी जोन से कैंप साइट और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने को कहा है। इनमें गहरी सफाई, उगी हुई घास-फूस को हटाना और रेगुलर कचरा इकट्ठा करना शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे सफाई बनाए रखने के लिए सफाई कर्मचारी और मशीनरी तीन शिफ्ट में तैनात रहेंगी। हर साल आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा में शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर हरिद्वार पहुंचते हैं। यहां से गंगाजल लेकर अपने गांव या शहर के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की उम्मीद

अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने बताया कि भगवान शिव को जल अत्यंत प्रिय है। इसी कारण शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल ले जाकर अपने-अपने शिवालयों में उनका जलाभिषेक करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, लगभग पखवाड़े भर चलने वाली इस यात्रा के दौरान चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन ने उनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ अधिकारी कई बैठकें कर चुके हैं। यात्रा के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह ने बताया कि कांवड़ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

एसएसपी ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान पहली बार सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। ये भ्रामक, फर्जी और AI से तैयार किए गए वीडियो पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सामान्य भ्रामक वीडियो को 36 घंटे के भीतर, जबकि एआई से तैयार फर्जी वीडियो को लगभग तीन घंटे के भीतर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया मंचों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। एसएसपी ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा के ट्रैफिक से अलग रखा जाएगा।

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हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेले को लेकर सभी विभागों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक स्कूलों में अवकाश रहेगा। इस दौरान स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन क्लासेस चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

आज भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग: MP-महाराष्ट्र में मूसलाधार, IMD ने इन 2 दर्जन राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: देश में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 30 जुलाई के लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए ‘रेड कलर वॉर्निंग’ यानी अत्यंत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब समेत लगभग 2 दर्जन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट दिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक सेंट्रल छत्तीसगढ़ और उससे सटे नॉर्थ इंटीरियर ओडिशा पर बना गहरा दबाव 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। शाम को यह बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के पास केंद्रित था, जो अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे विदर्भ की ओर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इस उग्र वेदर सिस्टम के चलते आज देश के एक बड़े भू-भाग में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं का असर रहेगा।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट: ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

IMD ने आज पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में ‘बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य और पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आज देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर तेज से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश हो सकती है।

तूफानी हवाएं, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप, पूरा महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40-50 किमी/घंटा (गस्टिंग 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है।

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बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम), जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, तटीय कर्नाटक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूरा गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी, जिसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

मांझलपुर उपचुनाव में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग जारी, भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर

voting in manjalpur gujarat

Manjalpur By Election 2026 : वडोदरा की 145-मांझलपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। मतदाता शाम 6:00 बजे तक अपने वोट डाल सकेंगे। 3 अगस्त 2026 को मतगणना होगी और मांझलपुर के नए विधायक के नाम का फैसला होगा। यहां भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर है।

 

मांझलपुर विधानसभा क्षेत्र के कुल 2,19,494 पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिए 260 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए इस बार पहली बार हर मतदान केंद्र पर 'मोबाइल डिपॉजिशन सेंटर' की विशेष व्यवस्था की गई है।

 

सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए 100% वेबकास्टिंग

मतदान प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से सभी 260 मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए कुल 520 कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से मतदान की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर कलेक्ट्रेट में स्थित कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी जा रही है।

 

कानून-व्यवस्था के लिए 1,400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

पोलिंग स्टाफ को 28 रूटों के जरिए सुरक्षित मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इस पूरी चुनाव प्रक्रिया में 286 प्रिसाइडिंग ऑफिसर, 858 पोलिंग ऑफिसर, 286 चपरासी और 1,400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी लगाई गई हैं, जबकि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति की गई है।

 

भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए पूरा जोर लगाया। सालों से भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर भाजपा अपना दबदबा बरकरार रखना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस बदलाव की उम्मीद के साथ मैदान में है। 

 

मांझलपुर सीट का चुनावी इतिहास

वडोदरा की मांझलपुर विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी और तब से यह भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। 2012 में भाजपा उम्मीदवार योगेश पटेल को 67.33% वोट मिले थे। 2017 के चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 1.83% घटकर 65.50% हुआ। 2022 के चुनाव में योगेश पटेल ने 75.85% वोट शेयर हासिल कर शानदार जीत की हैट्रिक लगाई।

 

योगेश पटेल के निधन के कारण हो रहा है उपचुनाव

मांझलपुर के तत्कालीन भाजपा विधायक योगेश पटेल के निधन के कारण यह सीट खाली हुई थी, जिसके चलते यह उपचुनाव कराया जा रहा है। इस चुनाव में भाजपा की ओर से सतीश पटेल और कांग्रेस की ओर से भीखाभाई रबारी मैदान में हैं। आज मतदान के बाद दोनों प्रमुख उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य EVM में कैद हो जाएगा, जिस पर पूरे वडोदरा शहर और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर टिकी हुई है।

All you need to know about the 2026 Toyota Hilux

2026 Toyota Hilux front right quarter

Toyota has launched the ninth-generation Hilux in India for the 2026 model year. One of the Japanese brand’s most iconic nameplates, this new Hilux is priced between Rs 31.99 lakh and Rs 36.69 lakh (ex-showroom, India), making it up to Rs 3.47 lakh more expensive than the previous-gen Hilux. The closest competitor to the Hilux is the Isuzu V-Cross. So, does the 2026 Toyota Hilux make a good proposition if you’re in the market for a lifestyle pickup truck? Let’s find out.

1. What does the 2026 Toyota Hilux look like?

The new model looks sharp yet intimidating

2026 Toyota Hilux front

When it comes to its size, the new Hilux is 5mm shorter than the model it replaces. In terms of their width, height and wheelbase though, these two share identical dimensions. However, the sculpted and upright front fascia of the new Hilux looks imposing, with the bold ‘TOYOTA’ lettering adding to the overall butch appeal. The honeycomb front grille, sleek LED headlamps and C-shaped LED elements in the tail-lamps add a touch of modernity to this design.

2026 Toyota Hilux rear quarter

The new Hilux is sold in the ‘Double Cab’ configuration, but the wheel sizes have shrunk from 18 to 17 inches. The flared wheel arches sport black plastic cladding, while the ORVM housings, door handles, running boards, alloy wheels, roll bars and rear bumper are also finished in black. The latter has integrated steps that make accessing the bed easier from all three sides. Moreover, the tailgate features large ‘TOYOTA’ lettering as well.

2. How is the interior of the 2026 Toyota Hilux?

The cabin looks relatively simple and ergonomics shouldn’t be an issue

2026 Toyota Hilux front seats

Once you haul yourself inside the 2026 Toyota Hilux, there are a few things that will catch your attention. While some surfaces are covered in leatherette, there are enough hard-wearing plastics in this cabin to remind you of its old-school pickup truck origins. Even the top-spec Hilux variant gets an all-black interior theme, manually operated front seats and fabric upholstery. The bare-bones climate control panel also looks out of place in a vehicle this expensive.

2026 Toyota Hilux interior

On the other hand, the three-spoke steering wheel, button-operated glovebox release, toggle-style four-wheel drive (4WD) switch and a rotary drive mode selector look good and work as expected. There are also 7 airbags, 360-degree cameras, wireless Apple CarPlay & Android Auto, wireless charging, a 12.3-inch infotainment display, and an 8-speaker audio system. The abundance of physical controls is another advantage in a utility-based lifestyle truck like the Hilux. The high seating position plus the flat and low-set dashboard should make judging gaps easier. Stepping into the back shouldn’t be too troublesome, courtesy of the fixed running boards and oversized rear grab handles.

3. Is the 2026 Toyota Hilux well-equipped?

Some of the cost-cutting measures here are perplexing

2026 Toyota Hilux dashboard

The new Hilux costs more than its predecessor, but this hasn’t resulted in more equipment. While the design language used here looks modern, expected amenities like leatherette upholstery and powered and ventilated seats are missing. There is no dual-zone automatic climate control – in fact, there’s no auto AC at all. Another modern feature that’s been given a miss is an auto-dimming IRVM (inside rearview mirror). Even the digital driver’s display of the new India-spec Hilux is a downsized 7.0-inch unit – international-spec versions get a 12.3-inch panel.

4. What are the powertrain specifications of the 2026 Toyota Hilux?

The ninth-gen Hilux isn’t mechanically too different to its predecessor

2026 Toyota Hilux engine

The 2026 Toyota Hilux shares its IMV underpinning and diesel-automatic powertrain with the eighth-gen model. This means the output of the 2.8-litre four-cylinder turbo-diesel engine remains the same, at 204hp and 500Nm. While the old model was available with a 6-speed manual gearbox as well, its replacement is only offered with a 6-speed torque converter automatic. Customers still get to pick between two-wheel drive (2WD) and four-wheel drive (4WD) options, but the 48-volt mild-hybrid system available in global models remains out of reach to buyers here.

5. Will the 2026 Toyota Hilux work well as a pickup truck?

The ninth-gen Hilux isn’t mechanically too different to its predecessor

2026 Toyota Hilux off-road settings

At its core, the Toyota Hilux is a pickup truck. Therefore, it can be had with the brand’s Multi Terrain Select (MTS) system, downhill assist control, a rear differential lock and an electronic limited-slip differential. These off-road-centric systems, along with the rugged leaf spring rigid rear axle and hydraulic engine mounts, should allow the Hilux to traverse challenging terrain without much fuss.

2026 Toyota Hilux bed

Toyota also offers a tailgate assist system, which basically allows the drop-down gate to be lowered in a controlled manner. In terms of practicality, the new Hilux can carry up to 500kg worth of cargo in its bed, with tie-down points available to secure the cargo. The three integrated steps in the rear bumper will come in handy if you want to get onto the rear bed for loading or unloading items.

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LPG Cylinder Price: क्या फिर महंगा होगा LPG सिलेंडर? जानें दिल्ली से पटना तक के ताजा रेट

LPG Cylinder Price: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और होर्मुज में टैंकरों पर हो रहे हमले के कारण हाल के दिनों में इस अहम शिपिंग रूट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी कमी आई है। ऐसे में अगर यही सिलसिला जारी रहा तो, जल्द ही पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल, भारत में कई दिनों से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

वहीं, अब इस बार देश की केंद्र सरकार दोबारा LPG की सप्लाई को लेकर समस्या नहीं झेलना चाहती है, और इसी वजह से भारत ने मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम करने और सप्लाई में रुकावट से बचने के लिए 2027 तक अपनी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की कुल इंपोर्ट का एक-चौथाई हिस्सा अमेरिका से मंगाने की योजना बना रहा है। भारत के इस कदम से अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर भी बात कुछ आगे बढ़ने की उम्मीद है।

शहरवार LPG की कीमतें

शहर घरेलू सिलेंडर की कीमतकमर्शियल सिलेंडर की कीमत
दिल्ली 942.0 रुपये3113.5 रुपये
मुंबई941.5 रुपये 3067.5 रुपये
कोलकाता968.0 रुपये3256.0 रुपये
चेन्नई 957.5 रुपये 3283.0 रुपये
बेंगलुरु944.5 रुपये 3198.0 रुपये
अमृतसर983.0 रुपये 3220.0 रुपये
लखनऊ979.5 रुपये3236.0 रुपये
गाजियाबाद939.50 रुपये3113.50 रुपये
पटना1031.5 रुपये3400.5 रुपये

खाड़ी देशों से आगे बढ़ेगा भारत का LPG नेटवर्क

साल की शुरुआत में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव और युद्ध जैसे हालात के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी ने भारत के लिए एलपीजी सप्लाई को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। इस संकट के बाद अब भारत ने अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया है। सरकार अब एलपीजी आयात के स्रोतों को बढ़ाने और किसी एक देश पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम उठा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति में घरेलू गैस आपूर्ति प्रभावित न हो।

बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है। 2025 में भारत ने अपने 21.85 मिलियन मीट्रिक टन LPG आयात का लगभग 90% हिस्सा मिडिल ईस्ट से मंगाया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में LPG की कुल खपत में आयात की हिस्सेदारी लगभग 66% थी।

कब बदले थे कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर के दाम

1 जुलाई 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 183.50 की कटौती की गई थी। जिसका सीधा फायदा होटल, रेस्टोरेंट और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को मिला है। जबकि इससे पहले 7 जून को घरेलू LPG सिलेंडर का दाम 29 रुपये बढ़ा गया था।

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‘कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है’; PoK हिंसा पर भ्रामक हेडलाइन के लिए भारत ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को लगाई लताड़

PoK Unrest: अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार (29 जुलाई) को अमेरिका के एक प्रमुख अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर की हेडलाइन को भ्रामक और गलत करार देते हुए कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई चीज नहीं है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित खबर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी हिंसक झड़पों पर आधारित थी। भारतीय दूतावास ने कहा, “न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर का शीर्षक गलत और गुमराह करने वाला है। कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है, सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर है।”

दूतावास ने कहा कि केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत का अभिन्न एवं अविभाज्य हिस्सा रहे हैं, हैं और रहेंगे। भारतीय दूतावास ने कहा, “पाकिस्तान ने इन केंद्र-शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। अब वह कब्जे वाले इलाकों के लोगों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल कर रहा है।”

स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र एजेंसियों के हवाले से प्रकाशित खबर में ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने कहा कि जून में शुरू हुई हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 30 लोग मारे गए हैं। कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का संयुक्त मंच ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पीओके की तथाकथित विधानसभा की 12 विवादित सीट को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है।

जेएएसी का आरोप है कि सत्ता प्रतिष्ठान इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनवाने के लिए करता है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी व्यापक जन प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, वहां के लोगों को मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और उसके प्रशासनिक दमन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।

पाकिस्तानी सेना की बर्बर कार्रवाई

पिछले दो दिनों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई में 30 से अधिक नागरिक मारे गए और 33 से अधिक घायल हो गए। पीओके में स्थानीय निकाय चुनाव के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) इन प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है।

पीओके में पिछले महीने से महंगाई, प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत ने मंगलवार को पीओके में कराए जा रहे स्थानीय निकाय चुनाव को पाकिस्तान की ओर से अपने अवैध कब्जे पर पर्दा डालने और क्षेत्र में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया था।

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सूत्रों ने बताया कि रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक जेएएसी के ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा बल प्रयोग किया। स कार्रवाई में 30 से अधिक नागरिकों की मौत हो गई और 33 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि मरने वालों में उस्मान नजीर भी शामिल है, जो जेएएसी की केंद्रीय समिति के सदस्य उमर नजीर का भाई था।