Mercedes-AMG CLA 45 returns in 680hp all-electric form

2026 Mercedes-AMG CLA 45

The new-gen Mercedes-AMG CLA 45 4MATIC+ has been unveiled, and unlike its combustion-powered predecessor, it’s an all-electric offering. Based on the Mercedes-Benz CLA Electric that broke cover in 2025, the AMG version is available in sedan and Shooting Brake form factors.

2026 Mercedes-AMG CLA 45 powertrain and performance

Up to 680hp and 1,759Nm

The new AMG CLA is equipped with a 94kWh LFP battery powering a trio of electric motors – one mounted on the front axle and two at the rear – that use the same axial-flux tech introduced with the Mercedes-AMG GT 4-Door Coupe. Compared to conventional radial-flux motors, axial-flux units are smaller, lighter, and offer greater power density.

Combined peak output stands at 680hp – continuous output is rated at 612hp – and 1,759Nm, which is more than three times the 500Nm generated by the prior AMG CLA. During steady driving, the front motor can disconnect to improve efficiency, allowing the new AMG CLA to operate as a RWD car. The two rear motors can also operate independently, enabling torque vectoring and a dedicated Drift Mode.

Though the new AMG CLA weighs just under 2.3 tonnes, the sedan version can accelerate from 0-100kph in a claimed 3 seconds, while the Shooting Brake completes the same in 3.2 seconds. Top speed is electronically limited to 250kph, rising to 270kph with the optional AMG Dynamic Plus Package. The CLA 45 also features seven drive modes and an adaptive sports suspension.

Simulated engine note and vibrations

To enhance its aural experience, the new AMG CLA packs an AMGFORCE S+ driving mode that emulates the soundtrack of the carmaker’s ‘M139’ 2.0-litre 4-cylinder engine, along with gear shifts, artificial power interruptions, and haptics in the seats.

Coming to range, the AMG CLA sedan offers a WLTP-tested range of 670km, while the Shooting Brake is good for 640km. Up to 330kW DC fast charging is supported, allowing for a 10-80 percent charge in 22 minutes and a 270km range top-up in just 10 minutes.

2026 Mercedes-AMG CLA 45 exterior design

More menacing styling updates

Being an AMG model, the new CLA 45 sports a more aggressive body kit that includes a bespoke grille section with 10 slats (which can be optionally illuminated), redesigned bumpers with bigger air ducts, AMG-specific badging, wider fenders and side skirts, and a large rear diffuser.

The new AMG CLA rides on 19-inch alloy wheels as standard – 20-inchers are available as an optional extra – and gets larger brakes as well. The sedan also features an active deploying rear spoiler, while the Shooting Brake gets a roof-mounted spoiler.

2026 Mercedes-AMG CLA 45 interior and features

Sportier steering wheel and bucket seats

Inside, the new CLA 45 receives a similarly sporty treatment, with bucket seats up front, an AMG-spec steering wheel with dedicated drive mode selectors, all-black upholstery with contrasting accents, and more.

The dashboard is dominated by Mercedes-Benz’s ‘Hyperscreen’ triple-display setup – the digital instrument cluster even features a virtual tachometer and gear indicator, both of which work in conjunction with the AMGFORCE S+ drive mode.

Unlike the standard CLA, the AMG variant features two individual rear seats instead of a conventional bench, making for a 4-seat configuration.

Stcoks to Watch: शुक्रवार 10 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शुक्रवार, 10 जुलाई के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। तिमाही नतीजे, जून सेल्स, नए प्रोजेक्ट, बड़ी साझेदारियां और अहम कॉरपोरेट अपडेट के चलते इनमें तेज हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं आज किन 13 शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा। तिमाही में रेवेन्यू 2.2% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा। मार्च तिमाही में यह 70,698 करोड़ रुपये था।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra की कुल बिक्री जून 2026 में सालाना आधार पर 32.5% बढ़कर 1.04 लाख यूनिट रही। पिछले साल जून में कंपनी ने 78,142 यूनिट बेची थीं।

Anand Rathi Wealth

वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Wealth का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 73.6% बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 322 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, EBITDA 15% घटकर 109 करोड़ रुपये रह गया। EBITDA मार्जिन भी 46.6% से घटकर 33.7% पर आ गया।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals ने Semalix Injection Disposable Pen के कुछ बैच स्वेच्छा से वापस मंगाने का फैसला किया है। यह कदम Dr. Reddy’s Laboratories की रिकॉल नोटिस के बाद उठाया गया है। कंपनी प्रोडक्ट की तकनीकी जांच कराएगी।

Power Grid Corporation

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को Bhadla-III, Ramgarh PS और Kanpur (PG) इंटरस्टेट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी इसे BOOT मॉडल के तहत विकसित करेगी। यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के जरिए मिला है।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल कंपनी Havells India ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कारोबार में एंट्री की है। कंपनी ने नॉर्वे की एनर्जी स्टोरेज कंपनी Pixii AS के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।

Pace Digitek

इलेक्ट्रिकल और पावर सॉल्यूशंस कंपनी Pace Digitek की सब्सिडियरी Lineage Power ने Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ MoU किया है। इसके तहत कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) की सप्लाई करेगी।

Great Eastern Shipping

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping ने 2015 में बने LR2 टैंकर ‘Jag Laxman’ की डिलीवरी ले ली है। इसकी क्षमता करीब 1,09,990 डेडवेट टन (DWT) है। इस खरीद का पूरा भुगतान कंपनी ने अपनी आंतरिक नकदी से किया है।

Muthoot Microfin

माइक्रोफाइनेंस कंपनी Muthoot Microfin का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून तिमाही में सालाना आधार पर 18% बढ़ा। कंपनी ने इसका श्रेय मजबूत लोन वितरण और बेहतर कलेक्शन एफिशिएंसी को दिया है।

CONCOR & GAIL

सरकारी लॉजिस्टिक्स कंपनी Container Corporation of India (CONCOR) और सरकारी गैस कंपनी GAIL (India) ने 15 साल का समझौता किया है। दोनों अहमदाबाद के Khodiyar Inland Container Depot (ICD) में LNG डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करेंगे।

Vikram Solar

सोलर कंपनी Vikram Solar ने Evervolt Solar Tech के साथ 130 मेगावाट क्षमता के सोलर सेल की सप्लाई का समझौता किया है। इस डील से कंपनी की ऑर्डर बुक और सोलर कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

AWL Agri Business

FMCG कंपनी AWL Agri Business ने अपने Regenerative Mustard Programme का विस्तार करने का ऐलान किया है। कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत सरसों की उपज में 30% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Vijaya Diagnostic

डायग्नोस्टिक सर्विसेज कंपनी Vijaya Diagnostic ने Narasimha Raju K.A. को नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 9 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है।

Nifty के 24200-24300 पार करने पर दिखेगी शॉर्ट-कवरिंग, जानिए 10 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty के 24200-24300 पार करने पर दिखेगी शॉर्ट-कवरिंग, जानिए 10 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

सेंसेक्स और निफ्टी 9 जुलाई को तेजी के साथ बंद हुए। लेकिन, पूरे दिन सूचकांकों में उतार-चढ़ाव दिखा। इसमें सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का कुछ हाथ रहा। कारोबार खत्म होने के अंतिम घंटे में बाजार में प्रॉफिट-बुकिंग दिखी। इससे निफ्टी 24,000 के नीचे आ गया। क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों का असर मार्केट पर पड़ रहा है। सवाल है कि आगे मार्केट की चाल कैसी रहेगी?

निफ्टी ने कारोबार के दौरान ताकत दिखाने की कोशिश की

एनालिस्ट्स का कहना है कि Nifty अगर 24,200-24,300 जोन को पार कर जाता है तो बाजार में शॉर्ट-कविरंग देखने को मिलेगी। शॉर्ट कवरिंग से मार्केट चढ़ेगा। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “निफ्टी के लिए 23,400-23,600 के लेवल पर सपोर्ट है। 8 जुलाई को बड़ी गिरावट के बाद 9 जुलाई को उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी ने बाउंस बैक करने की कोशिश की। कारोबार के अंत में यह 80 अंक ऊपर बंद हुआ।”

इंडिया वीआईएक्स 14 के नीचे आया

इस रिपोर्ट के मुताबिक, “लॉन्ग अपर शैडो के साथ डेली चार्ट पर एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बना था। टेक्निकल रूप से यह ‘इनवर्टेड हैमर’ टाइप कैंडल पैटर्न बनने का संकेत है। गिरावट के बाद आम तौर पर ऐसा पैटर्न बनने को बुलिश रिवर्सल के रूप में देखा जा सकता है।” इंडिया वीआईएक्स में गिरावट आई है। यह 14 के नीचे आ गया है। आज निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी को छोड़ बाकी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

शॉर्ट टर्म में निफ्टी का ट्रेंड कमजोर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा, “निफ्टी का अंडरलाइंग शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर लगता है। लेकिन, 23,800 के सपोर्ट लेवल के करीब से इसके बाउंस बैक करने का संकेत दिख रहा है। अगर यह 24,200-24,300 के लेवल के पार हो जाता है तो बाजार में काफी शॉर्ट कवरिंग दिख सकती है।”

23,780 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है

एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा, “आगे निफ्टी के लिए 23,800-23,780 अगले सपोर्ट जोन का काम करेगा। कई पिछले स्विंग लो इस रीजन में हैं। निफ्टी के 23,780 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इससे वह पहले 23,600 और उसके बाद 23,450 की तरफ बढ़ सकता है। तेजी की स्थिति में निफ्टी के लिए अगला रेसिस्टेंस 24,070-24,100 के जोन में है।”

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गिफ्टी निफ्टी दे रहा हल्की रिकवरी का संकेत

गिफ्ट निफ्टी 10 जुलाई को बाजार में हल्की रिकवरी का संकेत दे रहा है। 9 जुलाई को शाम 7:20 बजे यह 0.19 फीसदी यानी 44.50 अंक की तेजी के साथ 24,039 पर था। हालांकि, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने और क्रूड की कीमतों में उछाल का असर बाजार पर दिख सकता है। हालांकि, क्रूड में हल्की नरमी दिखी है।

ITR Filing 2026: हर कोई नहीं भर सकता ITR-1, इन 10 मामलों में चुनना होगा दूसरा फॉर्म

ITR 2026: ITR-1 (सहज) सबसे आसान इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म माना जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर सैलरी पाने वाले कर्मचारी और पेंशनर्स करते हैं। लेकिन सिर्फ आसान होने की वजह से ITR-1 नहीं भरना चाहिए। अगर आपकी आय या निवेश कुछ खास कैटेगरी में आता है, तो आपको ITR-2 या ITR-3 भरना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग Defective Return Notice भेज सकता है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना बताया कि 10 स्थितियों में ITR-1 नहीं भरा जा सकता। इनके बजाय टैक्सपेयर्स को ITR-2 या ITR-3 भरा जा सकता है।

1. शेयर या म्यूचुअल फंड पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचकर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) कमाया है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-2 भरना होता है। हालांकि, अगर आपकी शेयर ट्रेडिंग को बिजनेस इनकम माना जाता है (जैसे F&O या बार-बार ट्रेडिंग), तो ITR-3 लागू होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन

अगर लिस्टेड शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचने पर धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये से ज्यादा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) हुआ है, तो ITR-1 मान्य नहीं होगा।

3. जमीन, मकान या अन्य संपत्ति बेची हो

अगर आपने जमीन, मकान, गहने, डेट म्यूचुअल फंड या कोई अन्य कैपिटल एसेट बेचा है, तो उससे होने वाले कैपिटल गेन की जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आय हो

अगर आपकी कमाई बिजनेस, फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, प्रोफेशनल फीस या किसी प्रोप्राइटरशिप बिजनेस से होती है, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-3 भरना होता है। अगर आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुनते हैं, तो ITR-4 लागू हो सकता है।

5. F&O या इंट्राडे ट्रेडिंग करते हों

अगर आपने F&O, इंट्राडे ट्रेडिंग या ऐसी ट्रेडिंग की है जिसे बिजनेस इनकम माना जाता है, तो ITR-1 आपके लिए नहीं है।

6. अनलिस्टेड शेयर होल्ड किए हों

अगर पिछले वित्त वर्ष में किसी भी समय आपके पास अनलिस्टेड इक्विटी शेयर रहे हैं, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे में ITR-2 या ITR-3 भरना होगा।

7. किसी कंपनी के डायरेक्टर हों

अगर आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, तो ITR-1 भरने के पात्र नहीं हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में ITR-2 या ITR-3 भरना पड़ता है।

8. विदेश में संपत्ति या बैंक खाते का अधिकार हो

अगर आपके पास विदेश में कोई संपत्ति, वित्तीय निवेश या किसी विदेशी बैंक खाते पर साइन करने का अधिकार है, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में विदेशी संपत्तियों का अलग से खुलासा करना पड़ता है।

9. विदेश से आय होती हो

अगर आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज, किराया या कैपिटल गेन जैसी कोई आय होती है, तो ITR-1 लागू नहीं होगा। आमतौर पर ITR-2 या ITR-3 के साथ जरूरी शेड्यूल भी भरने होते हैं।

10. आय 50 लाख रुपये से ज्यादा हो

अगर आपकी कुल टैक्सेबल आय 50 लाख रुपये से ज्यादा है, पिछले साल का नुकसान (Loss) आगे ले जाना है या लॉटरी, घुड़दौड़ जैसी विशेष श्रेणी की आय है, तो भी ITR-1 नहीं भर सकते।

गलत फॉर्म चुनने से क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय पर ITR भरना जितना जरूरी है, उतना ही सही फॉर्म चुनना भी जरूरी है। गलत ITR फॉर्म भरने पर इनकम टैक्स विभाग Defective Return Notice भेज सकता है। इससे रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है या फिर रिवाइज्ड (Revised) रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है।

शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से पहले जान लें टैक्स के नियम, नहीं तो मुनाफा हो जाएगा कम

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

करोड़ों की नौकरी को कहा ना! Meta का पैकेज भी नहीं डिगा सका IIT बॉम्बे के इस इंजीनियर का इरादा, जानिए क्यों

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बड़ी टेक कंपनियां टैलेंट को अपने साथ जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के पैकेज दे रही हैं। लेकिन कुछ लोग अच्छी खासी सैलरी छोड़कर अपना सपना पूरा करने का रास्ता चुनते हैं। ऐसा ही एक मामला आईआईटी बॉम्बे से पढ़े AI रिसर्चर ऋषभ अग्रवाल का सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स से मिले 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया।

पोस्ट के मुताबिक, ऋषभ ने यह बड़ा ऑफर इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह अपना खुद का AI स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, बाद में खुद ऋषभ अग्रवाल ने इस दावे पर सफाई दी। उनके बयान के बाद इस पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया और कई लोग हैरान रह गए।

IIT बॉम्बे के AI रिसर्चर ने ठुकराया करोड़ों का ऑफर

यह पूरा मामला तब चर्चा में आया, जब X पर एक यूज़र विकास ऑलवेज ने ऋषभ अग्रवाल को लेकर एक पोस्ट शेयर की। पोस्ट में उनके आईआईटी बॉम्बे से लेकर दुनिया की बड़ी AI कंपनियों तक के सफर का जिक्र किया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने जेईई परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 33 हासिल की थी और इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। आगे चलकर उन्होंने गूगल ब्रेन, डीपमाइंड और वेमो जैसी दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों में काम किया।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने उन्हें करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपये) का नौकरी का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय ठुकरा दिया। यही दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

AI की दुनिया में बड़ी पहचान, अब बना रहे हैं अपना स्टार्टअप

वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल AI की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। पोस्ट के अनुसार, वह इस समय पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) नाम की नई पीढ़ी की AI कंपनी तैयार कर रहे हैं। पोस्ट में लिखा गया कि भले ही आम लोग उन्हें ज्यादा न जानते हों, लेकिन AI क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान है। इसकी वजह यह बताई गई कि उन्होंने दुनिया की कई प्रमुख AI कंपनियों और रिसर्च लैब्स में काम किया है। इनमें गूगल ब्रेन, डीपमाइंड, वेमो और मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

करोड़ों का ऑफर छोड़कर अपने स्टार्टअप से जुड़े

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने मेटा में करीब पांच महीने काम करने के बाद मिले करीब 9.5 करोड़ रुपये सालाना के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) में सह-संस्थापक (को-फाउंडर) के रूप में जुड़ गए। पोस्ट के अनुसार, पीरियॉडिक लैब्स अगली पीढ़ी की AI तकनीक पर काम कर रही है। इस स्टार्टअप को एनवीडिया (NVIDIA) और जेफ बेजोस का समर्थन भी मिला हुआ है।

बताया गया है कि कंपनी ऐसा AI वैज्ञानिक (AI Scientist) तैयार कर रही है, जो नई सामग्री, नई दवाओं और यहां तक कि भौतिक विज्ञान से जुड़ी नई खोजों के लिए वास्तविक दुनिया के प्रयोगों के आधार पर नए विचार और परिकल्पनाएं तैयार करने में मदद कर सके।

वायरल पोस्ट पर खुद ऋषभ अग्रवाल ने दी सफाई

यह पोस्ट देखते ही देखते X पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने के फैसले के लिए ऋषभ अग्रवाल की जमकर तारीफ की। जब यह चर्चा बढ़ने लगी, तो ऋषभ अग्रवाल ने खुद इस पोस्ट पर जवाब दिया। उन्होंने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही एक अहम बात भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि मेटा की ओर से मिला ऑफर 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) से भी कहीं बड़ा था। हालांकि, ऋषभ ने ऑफर की वास्तविक रकम का खुलासा नहीं किया। लेकिन उनके बयान से इतना जरूर साफ हो गया कि वायरल पोस्ट में बताई गई राशि से कहीं ज्यादा बड़ा पैकेज उन्हें दिया गया था।

Defence Stock: 40% तक क्रैश हो सकता है ये डिफेंस स्टॉक, कोटक ने दी तुरंत बेचने की सलाह

Defence Stock: डिफेंस और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी Solar Industries India के शेयर गुरुवार को शुरुआती बढ़त के बाद 3% ज्यादा गिरकर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह दिन के हाई लेवल से 6% तक टूट गया था। इसकी वजह Kotak Institutional Equities की नई रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने पहली बार कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Sell’ रेटिंग दी है।

Kotak ने शेयर के लिए 10,300 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह गुरुवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 40.8% की संभावित गिरावट दिखाता है।

कंपनी की खूबियां भी गिनाईं

Kotak ने माना कि Solar Industries देश की सबसे बड़ी निजी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी है। साथ ही यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती डिफेंस कंपनियों में भी शामिल है।

कंपनी सिर्फ विस्फोटक ही नहीं बनाती। इसके पोर्टफोलियो में इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव, हाई-एनर्जी मैटेरियल, पिनाका रॉकेट सिस्टम, लोइटरिंग म्यूनिशन और गोला-बारूद जैसे कई डिफेंस प्रोडक्ट भी शामिल हैं।

ग्रोथ को लेकर क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच कंपनी का PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) सालाना औसतन 28% (CAGR) की दर से बढ़ सकता है।

इसके पीछे कई वजहें हैं। डिफेंस कारोबार में करीब 35% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, 10 देशों में फैले अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 26% CAGR की उम्मीद है। इसके अलावा बिजनेस मिक्स बेहतर होने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हो सकता है।

फिर ‘Sell’ रेटिंग क्यों दी?

इतनी मजबूत ग्रोथ का अनुमान होने के बावजूद Kotak ने शेयर खरीदने की सलाह नहीं दी। उनसे इसका कारण भी बताया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है। अभी Solar Industries का शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित मुनाफे के करीब 55 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेशकों को जोखिम के मुकाबले आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना कम दिखती है।

कौन-कौन से जोखिम हैं?

Kotak ने कंपनी के सामने कुछ अहम चुनौतियों का भी जिक्र किया है। माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग में उतार-चढ़ाव का असर कारोबार पर पड़ सकता है। सरकारी डिफेंस ऑर्डर एक साथ और अनियमित तरीके से मिलते हैं, इसलिए कमाई में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

इसके अलावा एक्सप्लोसिव कारोबार से जुड़े नियामकीय नियम, MALE UAV और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी नई डिफेंस टेक्नोलॉजी में विस्तार से जुड़े जोखिम भी मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि कंपनी के करीब 35% रेवेन्यू विदेशी बाजारों से आते हैं। वहीं, डिफेंस ऑर्डर बुक का भी बड़ा हिस्सा निर्यात पर निर्भर है। ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है।

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयर गुरुवार को 3.26% की गिरावट के साथ 17,385 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में इसने 31.79% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल के दौरान इसने 980% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.57 लाख करोड़ रुपये है।

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Once a Week Insulin Explained: साल में सिर्फ 52 इंजेक्शन, भारत में लॉन्च हुए पहले वन्स-वीकली इंसुलिन की कीमत समेत 5 बड़े फैक्ट्स जानिए

Once a Week Insulin news: भारत में डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। जहां डायबिटीज पीड़ितों के दिन की शुरुआत सुई के दर्द के साथ होती है और उन्हें साल में कम से कम 365 इंसुलिन इंजेक्शन लेने पड़ते हैं, वहीं अब इस संख्या में भारी कमी आने वाली है। डेनमार्क की दवा निर्माता कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) ने भारत में दुनिया का पहला वन्स-वीकली बेसल इंसुलिन (हफ्ते में एक बार लगने वाला इंसुलिन) लॉन्च कर दिया है। हमारे सहयोगी न्यूज18 की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने गुरुवार को भारत में अवीकली (Awiqli) नाम से इस इंसुलिन को लॉन्च किया है। इस दवा के 10 जुलाई से फार्मेसियों पर उपलब्ध होने की संभावना है। नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के प्रबंध निदेशक विक्रांत श्रोत्रिय ने इसे कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया है।

आइए जानते हैं भारत में लॉन्च हुए इस पहले वन्स-वीकली इंसुलिन से जुड़े 5 बड़े फैक्ट्स, इसकी कीमत, काम करने का तरीका और फायदे या नुकसान।

1- कीमत और उपलब्धता: सबसे बड़ा फैक्ट

कितनी है कीमत?: कंपनी ने अवीकली को 2611 रुपये में 700 यूनिट के साथ लॉन्च किया है। यह एक डिस्पोजेबल फ्लेक्सटच पेन के रूप में आता है। इसकी प्रति यूनिट लागत लगभग 3.70 रुपये बैठती है। भारत जैसे कीमत के प्रति संवेदनशील बाजार के लिए कंपनी ने इसे बेहद किफायती रखने का प्रयास किया है। विक्रांत श्रोत्रिय के मुताबिक यह आधुनिक सेकेंड-जनरेशन इंसुलिन की तुलना में औसतन 25 से 35 प्रतिशत तक सस्ता है।

2- साल में 365 के बजाय सिर्फ 52 इंजेक्शन

रोजाना इंसुलिन लेने वाले मरीजों को साल में 365 इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। हफ्ते में सिर्फ एक बार लिए जाने वाले अवीकली से मरीजों को साल में सिर्फ 52 इंजेक्शन ही लेने होंगे। इससे मरीजों को रोज-रोज के दर्द और झंझट से बड़ी मुक्ति मिलेगी।

3- यह शरीर के भीतर कैसे काम करता है? (इसके पीछे का विज्ञान)

इस इंसुलिन का विज्ञान 1950 के दशक की खोजों से जुड़ा है। नोवो नॉर्डिस्क ने इंसुलिन चेन पर तीन अमीनो एसिड की पोजीशन में बदलाव किया है और इसके एक छोर पर फैटी एसिड जोड़ा है। इन बदलावों के कारण शरीर में दवा का प्रभाव 190 घंटे से अधिक समय तक बढ़ जाता है। यह संशोधित मॉलिक्यूल रक्त में मौजूद एल्ब्यूमिन (Albumin) प्रोटीन के साथ प्रतिवर्ती रूप से जुड़ जाता है और घंटों के बजाय कई दिनों तक धीरे-धीरे शरीर में रिलीज होता है। यही वजह है कि एक सिंगल इंजेक्शन पूरे हफ्ते का कवरेज दे देता है। कंपनी के मुताबिक इसके क्लिनिकल प्रोग्राम के छह फेज-3a ट्रायल्स में 4000 से अधिक वैश्विक मरीजों (भारतीयों सहित) पर अध्ययन किया गया। इसमें इसने प्रतिदिन दिए जाने वाले ग्लार्गिन यू100 की तुलना में बेहतर HbA1c नियंत्रण और टाइम इन रेंज का प्रदर्शन किया।

4- किसे करना चाहिए स्विच और क्या हैं इसके फायदे व साइड इफेक्ट्स?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह दवा मुख्य रूप से टाइप 2 डायबिटीज के उन वयस्क मरीजों के लिए है जिनका ब्लड शुगर ओरल दवाओं से कंट्रोस नहीं हो रहा है। फोर्टिस सी-डॉक अस्पताल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन डॉ अनूप मिश्रा के मुताबिक यह इंसुलिन रोजाना के इंजेक्शन के बोझ को कम करेगा और मरीजों में इलाज के प्रति निरंतरता को सुधारेगा। मैक्स हॉस्पिटल्स के ग्रुप चेयरमैन (एंडोक्रिनोलॉजी एंड डायबिटीज) डॉ अमरीश मित्तल ने कहा कि 24 घंटे वाले इंसुलिन की तुलना में 7 दिन में एक बार बड़ी खुराक देना एक महत्वपूर्ण प्रगति है। इससे उन मरीजों को इंसुलिन थेरेपी शुरू करने के लिए मनाना आसान हो जाएगा जो रोज सुई लगाने के डर से मना कर देते हैं।

चुनौतियां और साइड इफेक्ट्स

डोज एडजस्टमेंट में दिक्कत: डॉ. मित्तल के मुताबिक दैनिक इंसुलिन की तरह इसमें डोज को रोजाना माइक्रो-एडजस्ट नहीं किया जा सकता। अगर मरीज का ब्लड शुगर अचानक बहुत कम हो जाता है तो वह स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है क्योंकि एक बार शरीर में जाने के बाद इस इंसुलिन को रोका नहीं जा सकता। हालांकि इसका जोखिम मौजूदा इंसुलिन जितना ही है। अगर हफ्ते की कोई खुराक छूट जाती है तो उसे प्रबंधित करना अधिक जटिल होता है और उसे तुरंत ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए डॉक्टरों और मरीजों को विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होगी।

5- भारत में इंसुलिन से हिचकिचाहट और डायबिटीज के डरावने आंकड़े

भारत में इंसुलिन थेरेपी की उपलब्धता के बावजूद लोग जल्दी इंसुलिन लेना स्वीकार नहीं करते। अध्ययन बताते हैं कि 93 प्रतिशत मरीज इंसुलिन इंजेक्शन नहीं लेना चाहते और डॉक्टर भी हिचकिचाते हैं। लोग जरूरत से 8 या 9 साल की देरी से इंसुलिन शुरू करते हैं। तब तक स्वाभाविक रूप से इंसुलिन बनाने वाली शरीर की करीब आधी बीटा कोशिकाएं हमेशा के लिए खत्म हो चुकी होती हैं।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 20.9% पुरुषों और 17.8% महिलाओं में हाई ब्लड शुगर है या वे इसकी दवा ले रहे हैं। ये आंकड़ा जो NFHS-5 में क्रमशः 15.6% और 13.5% था। भारत में इस समय 10.1 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और 13.6 करोड़ लोग प्रीडायबिटीज की श्रेणी में हैं।

नोवो नॉर्डिस्क के दूसरे अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

इंसुलिन के अलावा नोवो नॉर्डिस्क भारत में कई दूसरी दवाएं लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने भारत में वजन घटाने वाली वेगोवी पिलृ (Wegovy pill) जो कि एक ओरल GLP-1 फॉर्मूलेशन है, की मंजूरी के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा मोटापे और हृदय जोखिम के लिए ‘कैग्रिलिनटाइड-सेमाग्लूटाइड’, ग्रोथ हार्मोन की कमी के लिए वन्स-वीकली थेरेपी और ‘सिकल सेल डिजीज’ के इलाज पर भी काम चल रहा है। भारत में सेमाग्लूटाइड (पेटेंट खत्म होने) के जेनेरिक कंपीटिशन के बावजूद कंपनी का इन-हाउस सप्लाई चेन मजबूत होने के कारण डॉक्टर और मरीज इस पर भरोसा जता रहे हैं।

McLaren unveils limited-run 788HS supercar

Mclaren 788HS

McLaren has unveiled the new 788HS, marking the final evolution of the supercar line that began with the 720S and later expanded to include the 765LT and 750S. Limited to 200 examples, the new model builds on the 750S with a more powerful V8 engine, revised aerodynamics, chassis upgrades and bespoke styling. It is only the third McLaren to wear the ‘HS’ (High Sport) badge, following the MP4-12C HS and MSO HS. 

  1. Only 200 units will be built, split equally between coupe and Spider
  2. 788hp twin-turbo V8 develops 38hp more than the 750S
  3. Generates 10 percent more downforce than the McLaren 765LT

McLaren 788HS exterior

The 788HS receives a redesigned aerodynamic package featuring a new carbon-fibre multi-piece front splitter, bonnet with an integrated S-Duct, larger air intakes, a raised active rear spoiler and a chunky rear diffuser said to take inspiration from Formula 1 – which alone brings a 10% improvement in downforce over the 765LT. 

The coupe also gets a roof scoop finished in gloss black, while buyers can opt for a full exposed carbon-fibre body in either gloss or satin finish. Other exterior changes include a louvred under-wing panel to improve airflow, new forged alloy wheels and a quad-exit titanium exhaust.

McLaren 788HS interior

The cabin retains the driver-focused layout of the 750S but adds several model-specific details. It features a lightweight carbon-fibre centre console, unique HS badging, a dedicated plaque and bespoke upholstery with a new perforation pattern.

Other features include McLaren’s digital instrument display mounted on the steering column, steering wheel-mounted powertrain and handling mode controls, McLaren Infotainment System II and the McLaren Control Launcher, which allows drivers to store preferred vehicle settings.

McLaren 788HS powertrain and performance 

Powering the 788HS is McLaren’s 4.0-litre twin-turbocharged V8 petrol engine, producing 788hp and 800Nm. The engine revs to 8,500rpm and is paired with revised engine mounts, forged pistons, twin-scroll turbochargers and twin fuel pumps. McLaren claims a 0-100kph time of 2.8 seconds, 0-200kph time of 7.0 seconds and a top speed of 330kph.

The car has a dry weight of 1,265kg, giving it a claimed 623hp-per-tonne power-to-weight ratio, the highest achieved by any model in the 720S, 765LT and 750S series. 

The suspension set-up has also been modified, resulting in the 788HS sitting 5mm lower compared to the 750S. Braking is handled by carbon-ceramic discs derived from the McLaren Senna, paired with six-piston forged aluminium front calipers. The new forged centre-lock wheels are a first for this supercar series.

Yogini Ekadashi 2026: 10 या 11 जुलाई कब किया जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? जानें सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

Yogini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। हर हिंदी माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत करने वाले भक्तों को भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके सभी दुख तकलीफें भगवान की कृपा से दूर हो जाती हैं। ऐसा ही एक व्रत है योगिनी एकादशी का, जो आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। पद्म पुराण में बताया गया है कि इस व्रत का फल 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य देता है। इस साल योगिनी एकादशी व्रत का संयोग दो दिन, 10 और 11 जुलाई को पड़ रहा है। 10 जुलाई को एकादशी तिथि सूर्योदय के बाद लग रही है, जबकि 11 जुलाई को एकादशी तिथि में सूर्योदय तो हो रहा है, लेकिन यह बहुत जल्दी समाप्त हो जा रही है। इसलिए इस व्रत की तारीख को लेकर भक्तों में कंफ्यूजन है। आइए जानें इसकी सही तारीख

दो दिन होगा योगिनी एकादशी व्रत

पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ 10 जुलाई शुक्रवार को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर हो रहा है। यह 11 जुलाई शनिवार को प्रात: 5 बजकर 22 मिनट तक मान्य रहेगी। 11 जुलाई को हरि वासर सुबह 10 बजकर 32 मिनट पर खत्म हो रहा है, इस वजह से योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन रखा जाएगा। 10 जुलाई को गृहस्थ लोग योगिनी एकादशी का व्रत रहेंगे, वहीं 11 जुलाई को वैष्णव संप्रदाय के लोग यह व्रत रखेंगे।

योगिनी एकादशी 2026 पूजा का मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त (पूजन के लिए): सुबह 04:54 बजे से सुबह 05:26 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 01:24 बजे से दोपहर 02:28 बजे तक

पारण का समय

शास्त्रों के नियमों के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण हरि वासर समाप्त होने के बाद और द्वादशी तिथि के भीतर किया जाता है।

10 जुलाई को व्रत रखने वालों के लिए पारण समय : 11 जुलाई 2026 (शनिवार) को दोपहर 01:50 बजे से शाम 04:36 बजे के बीच। इस दिन सुबह 10:32 बजे तक हरि वासर रहेगा, इसलिए पारण दोपहर के इस शुभ समय में करना श्रेष्ठ है।

11 जुलाई को व्रत रखने वालों के लिए पारण समय : 12 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 05:32 बजे से सुबह 08:18 बजे के बीच।

Yogini Ekadashi 2026 Date: योगिनी एकादशी पर त्रिपुष्कर योग के साथ रहेगा भरिणी नक्षत्र, जानें कब किया जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत