भाजपा ने ‘बाबर की विरासत’ वाली पोस्ट से साधा जेन-जी पर निशाना, छात्रा का दिया जवाब हुआ वायरल; PPT से बताई खामियां

CJP ने छात्रा का वीडियो शेयर कर लिखा, BJP ने इस GenZ लड़की को ‘बाबर की विरासत’ कहकर बदनाम करने की कोशिश की। देखिए, उसने कितनी शानदार PPT प्रेजेंटेशन तैयार की। आप GenZ को हरा नहीं सकते…। उधर अरविंद केजरीवाल ने भी क्लिप पर कमेंट करते हुए लिखा, ’गॉड ब्लेस यू बेटा। तुम्हारी पॉजिटिविटी बहुत अच्छी लगी।’

बच्चे की परवरिश पर 1.39 करोड़ रुपये का दावा कर फंसे इन्फ्लुएंसर, लोगों ने लगा दी क्लास

क्या भारत में एक बच्चे की परवरिश पर करोड़ों रुपये खर्च हो सकते हैं? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इसी सवाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक कंटेंट क्रिएटर ने बच्चे की परवरिश का अनुमानित खर्च बताते हुए दावा किया कि माता-पिता को जन्म से लेकर 18 साल की उम्र तक बड़ी रकम खर्च करनी पड़ सकती है। हालांकि, उनके आंकड़ों से ज्यादा लोगों का ध्यान उस तुलना ने खींचा, जिसमें उन्होंने पैरेंटहुड की तुलना एक लग्जरी कार खरीदने से कर दी।

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे व्यावहारिक गणना बताया, जबकि कई लोगों ने इस सोच को गलत और भावनाओं से परे करार दिया। आखिर इस वीडियो में ऐसा क्या कहा गया कि इंटरनेट पर बहस छिड़ गई और लोग दो हिस्सों में बंट गए? जानिए पूरा मामला।

क्यों चुना ‘Child-Free’ रहने का फैसला?

करीब 2.88 लाख फॉलोअर्स वाले विख्यात ने बताया कि उन्होंने खुद माता-पिता न बनने का फैसला किया है। उनका कहना है कि उन्होंने बच्चे की परवरिश से जुड़े संभावित खर्चों का आकलन किया और इसी आधार पर अपनी सोच लोगों के सामने रखी।

गर्भावस्था से शुरू किया पूरा हिसाब

विख्यात ने सबसे पहले गर्भावस्था और डिलीवरी के खर्च का अनुमान लगाया। डॉक्टर की फीस, जांच, दवाइयां, मैटरनिटी कपड़े और निजी अस्पताल में डिलीवरी को मिलाकर उन्होंने करीब 3 लाख रुपये का खर्च बताया। इसके बाद उन्होंने बच्चे के शुरुआती दो साल में डायपर, दूध, टीकाकरण, खिलौने, किताबें, स्ट्रोलर, पालना और अन्य जरूरी सामान पर करीब 6 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया।

पढ़ाई बनी सबसे महंगी जिम्मेदारी

उनके अनुसार बच्चे की शिक्षा सबसे बड़ा खर्च है। प्री-स्कूल से लेकर स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल एक्टिविटीज को जोड़ते हुए उन्होंने करीब 33 लाख रुपये का अनुमान लगाया। उनका कहना था कि यह आंकड़ा दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के औसत खर्च के निचले स्तर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

खाने से गैजेट्स तक, हर चीज का लगाया हिसाब

विख्यात ने 2 से 18 साल की उम्र तक खाने पर 15 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया। इसके अलावा ट्यूशन पर 9 लाख, इलाज और हेल्थकेयर पर 5.4 लाख, मनोरंजन पर 9 लाख, कपड़ों पर 7.2 लाख, गैजेट्स पर 4 लाख, खेल और अन्य गतिविधियों पर 8 लाख और ट्रांसपोर्ट पर भी करीब 8 लाख रुपये जोड़े।

बड़े घर का किराया भी जोड़ा

उन्होंने दावा किया कि बच्चे के लिए अतिरिक्त कमरे की जरूरत पड़ने पर बड़े घर का किराया भी बड़ा खर्च बन जाता है। इसी वजह से उन्होंने 18 साल में अतिरिक्त किराए के रूप में 32.4 लाख रुपये का अनुमान शामिल किया। विख्यात का कहना था कि इस हिसाब में कॉलेज की पढ़ाई, महंगाई और निवेश से मिलने वाले संभावित रिटर्न को शामिल नहीं किया गया है। यानी वास्तविक खर्च इससे भी ज्यादा हो सकता है।

BMW से तुलना ने भड़का दिया इंटरनेट

अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने कहा कि बच्चे की परवरिश पर इतना पैसा खर्च करने के बजाय कोई व्यक्ति लगभग उसी रकम में BMW M4 Competition जैसी लग्जरी स्पोर्ट्स कार खरीद सकता है। यही तुलना लोगों को पसंद नहीं आई और वीडियो देखते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।

किसी ने कहा ‘गलत तुलना’, तो किसी ने बताया ‘बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया’

वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उनके खर्च के अनुमान पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने कहा कि बच्चे की परवरिश का खर्च हर परिवार के लिए अलग होता है और 1.39 करोड़ का आंकड़ा वास्तविकता से काफी दूर है। एक यूजर ने लिखा कि उसने अपने घर में छोटे बच्चे की परवरिश देखी है और इतना खर्च कभी नहीं हुआ।

‘बच्चे की मुस्कान की कोई कीमत नहीं’

कई लोगों ने इस बहस में भावनात्मक पक्ष भी रखा। एक यूजर ने लिखा कि उसके छह महीने के बेटे की एक मुस्कान किसी भी रकम से ज्यादा कीमती है और बच्चों की परवरिश को सिर्फ पैसों के तराजू में नहीं तौला जा सकता।

सोशल मीडिया पर जमकर हुई आलोचना

कई यूजर्स ने इन्फ्लुएंसर की सोच की आलोचना करते हुए कहा कि बच्चों की तुलना किसी लग्जरी कार से करना गलत है। कुछ लोगों ने इसे “बेकार तुलना” बताया, तो कुछ ने ऐसे कंटेंट पर सवाल उठाते हुए कहा कि पैरेंटहुड सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि भावनाओं, जिम्मेदारियों और खुशियों का भी नाम है।

ओडिशा में परीक्षा के दौरान व्हाट्सऐप पर वायरल हुआ PG मेडिकल का पेपर, यूनिवर्सिटी ने दिए आंतरिक जांच के आदेश

Odisha Medical exam Paper Leak

Odisha Medical Exam Paper Leak: ओडिशा में पोस्टग्रेजुएट (PG) मेडिकल परीक्षा के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। जनरल सर्जरी थ्योरी परीक्षा का प्रश्नपत्र हल किए जाने के समय ही व्हाट्सऐप पर लीक होने का आरोप लगा है। मामला सामने आते ही ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) ने उच्चस्तरीय आंतरिक जांच शुरू कर दी है और बाकी परीक्षाओं के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

 

दरअसल, ओडिशा में स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। 2023-26 बैच के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों की 'जनरल सर्जरी थ्योरी' परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र कथित तौर पर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया। शुरुआती जांच के अनुसार, यह घटना बेरहामपुर स्थित एमकेसीजी (MKCG) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से जुड़ी मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि सोमवार को परीक्षा हॉल में छात्रों को प्रश्नपत्र बांटे जाने के महज कुछ ही मिनटों बाद किसी व्यक्ति ने उसकी तस्वीरें खींचकर व्हाट्सऐप पर वायरल कर दीं।

 

इस बात का खुलासा तब हुआ जब भुवनेश्वर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के छात्र ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उस छात्र के पास कथित तौर पर वायरल प्रश्नपत्र की तस्वीरें मौजूद थीं। ALSO READ: NEET विवाद के बीच प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, पदभार संभालते ही कही बड़ी बात

यूनिवर्सिटी की आपात बैठक

मामले की गंभीरता को देखते हुए OUHS के कुलपति मानस रंजन साहू ने उन सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक की, जहाँ ये परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं। एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य हरेकृष्ण दलई ने बताया कि कुलपति ने सभी संस्थानों को बची हुई परीक्षाओं के लिए सुरक्षा इंतजाम सख्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। ALSO READ: NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

इसे पेपर लीक नहीं कह सकते

हालांकि, प्राचार्य हरेकृष्ण दलई का मानना है कि इसे तकनीकी रूप से 'पेपर लीक' नहीं कहा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया, अगर प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचने से पहले बाहर आ जाता, तो हम इसे लीक कहते। लेकिन इस मामले में प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने और छात्रों के हाथों में पहुंचने के बाद हॉल से बाहर गया है।

बची हुई परीक्षाओं पर नजर

PG थ्योरी परीक्षाओं का यह दौर 21 जुलाई से शुरू हुआ था। आगामी परीक्षाएं 1 अगस्त और 5 अगस्त को आयोजित होनी हैं। अकेले बेरहामपुर के एमकेसीजी कॉलेज में ही 150 से अधिक डॉक्टर-छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं, जिसके चलते प्रशासन अब किसी भी तरह की चूक के मूड में नहीं है।

सख्त कानून के बीच उठा मामला

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब संसद ने हाल ही में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोकने वाले कानून में संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है। इस नए और सख्त कानून में परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

एक इंजीनियर को मिले 20+ जॉब ऑफर, Adobe से Amazon तक कंपनियों की लगी लाइन! जानें सफलता का राज

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सफलता की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। उन्होंने बताया कि अपने करियर सफर के दौरान उन्हें दुनिया की कई नामी प्रोडक्ट बेस्ड कंपनियों से 20 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले। यह उपलब्धि हासिल करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत, सीखने और असफलताओं से आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उनकी LinkedIn पोस्ट में सिर्फ ऑफर्स की संख्या नहीं, बल्कि उस संघर्ष और तैयारी की झलक भी दिखाई गई है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

बड़ी टेक कंपनियों से मिले इन ऑफर्स ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कई यूजर्स ने उनकी मेहनत की जमकर तारीफ की। आखिर कैसे उन्होंने यह सफलता हासिल की और कौन-कौन सी बड़ी कंपनियों से मिले ऑफर? जानिए पूरी कहानी।

Adobe, Amazon और Tesla जैसी कंपनियों से मिले ऑफर

LinkedIn यूजर निशचय अग्रवाल ने अपनी पोस्ट में बताया कि जॉब सर्च के दौरान उन्हें कई बड़ी कंपनियों से ऑफर मिले। इनमें Adobe, Tesla, Salesforce, Amazon, JioHotstar, eBay, CRED, Twilio, Autodesk और कई अन्य प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक इंटरनेशनल जॉब ऑफर भी मिला है।

कहा- यह सिर्फ कंपनियों के नाम की कहानी नहीं है

निशचय ने अपनी पोस्ट में साफ किया कि उनका मकसद सिर्फ बड़ी कंपनियों के नाम दिखाना नहीं है, बल्कि उस मेहनत और सफर को साझा करना है, जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया। उन्होंने लिखा कि यह कहानी कंपनी के लोगो की नहीं, बल्कि उस यात्रा की है जिसके पीछे लगातार मेहनत छिपी है।

रातों की मेहनत और कई असफल इंटरव्यू का नतीजा

इंजीनियर ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई रातें सीखने में बिताईं। वीकेंड पर भी तैयारी की, कई इंटरव्यू में असफलता मिली और लंबे समय तक कोडिंग व डिबगिंग करते रहे।उन्होंने कहा कि कई बार आत्मविश्वास डगमगाया, लेकिन लगातार सीखने और आगे बढ़ने की आदत ने उन्हें सफलता दिलाई।

परिवार और टीम को दिया सफलता का श्रेय

निशचय ने अपने परिवार, मैनेजर्स, साथियों, रिक्रूटर्स और इंटरव्यू लेने वालों का आभार जताया। उन्होंने अपनी सफलता के लिए भगवान हनुमान का भी धन्यवाद किया और कहा कि हर चुनौती और अवसर ने उन्हें बेहतर इंजीनियर बनने में मदद की।

जॉब तलाशने वालों को दी खास सलाह

उन्होंने नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को सलाह दी कि वे अपनी शुरुआत की तुलना किसी और की सफलता के अगले पड़ाव से न करें। उनका कहना था कि हर व्यक्ति की अपनी यात्रा होती है। लगातार सीखते रहना, नई चीजें बनाना, आवेदन करते रहना और खुद पर भरोसा रखना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने निशचय की जमकर तारीफ की। कुछ लोगों ने उनकी सफलता को लेकर मजेदार कमेंट भी किए। एक यूजर ने मजाक में लिखा कि वह ऑफर लेटर ऐसे जमा कर रहे हैं जैसे पोकेमॉन कार्ड इकट्ठा किए जाते हैं। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि वह सफलता की “समस्या” से जूझ रहे हैं। कई लोगों ने उनकी उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया और कहा कि ऐसी सफलता हर टेक प्रोफेशनल का सपना होती है।

वायरल पोस्ट ने बढ़ाई चर्चा

निशचय की कहानी LinkedIn से आगे बढ़कर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच गई। लोगों ने उनकी मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयास को सराहा। कई यूजर्स ने इसे टेक इंडस्ट्री में सफलता पाने वालों के लिए प्रेरणा बताया।

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Viral Video: ‘उनके लिए इंतजार करना सही था’, जाह्नवी कपूर संग ईशान खट्टर की शादी का वीडियो वायरल

Viral Video: सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर का एक ‘वेडिंग वीडियो’ वायरल हो रहा है, जिसे देखकर फैंस को पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। इस वीडियो में जाह्नवी और ईशान इस बारे में बात कर रहे हैं कि कैसे पता चलेगा कि आपका पार्टनर ही ‘वो खास इंसान’ (the one) है। दोनों शानदार एथनिक कपड़ों में एक खूबसूरत जोड़ी लग रहे हैं। जाह्नवी गहरे लाल रंग के लहंगे में बेहद खूबसूरत लग रही थीं, जबकि ईशान आइवरी रंग के कपड़ों में काफी आकर्षक लग रहे थे।

जाह्नवी से पूछा जाता है, “आपको कब पता चलता है कि वही ‘वो खास इंसान’ है?” वह जवाब देती हैं, “मुझे लगता है कि आपको तब पता चलता है जब वह हमेशा आपका इंतज़ार कर रहा हो।” ईशान कहते हैं कि आपको तब पता चलता है कि “वही ‘वो खास इंसान’ है” जब “वह आपके इंतज़ार के काबिल हो”। ईशान सब्र के साथ दुल्हन के रूप में जाह्नवी को पहली बार देखने का इंतज़ार करते हैं और जब वह सीढ़ियों से नीचे आती हैं, तो उन्हें प्यार भरी नज़रों से देखते हैं।

ईशान, जाह्नवी के करीब आने और उसका हाथ थामकर साथ चलने के लिए आगे बढ़ते हैं। हालांकि, असल बात यह है कि यह वीडियो एक एडवरटाइज़मेंट कैंपेन के लिए है। इस वीडियो ने फैंस की पुरानी यादें ताज़ा कर दी हैं, क्योंकि जाह्नवी और ईशान ने अपनी डेब्यू फ़िल्म ‘धड़क’ में प्रेमी-प्रेमिका का किरदार निभाया था। शशांक खेतान के निर्देशन और करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन्स के प्रोडक्शन में बनी ‘धड़क’, नागराज मंजुले की मशहूर मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ का हिंदी अडैप्टेशन थी।

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इस फ़िल्म में जातिवाद और ऑनर किलिंग जैसे मुद्दों को दिखाया गया और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छा प्रदर्शन किया। कई लोगों का मानना ​​था कि फ़िल्म के बाद ईशान और जाह्नवी के बीच रोमांटिक रिश्ते भी थे। हालांकि, यह सिर्फ़ एक अंदाज़ा था, जिसकी कोई पुष्टि नहीं हुई। दोनों एक्टर्स ने ‘होमबाउंड’ में फिर से साथ काम किया और फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले, ईशान ने जाह्नवी के साथ दोबारा काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात की।

‘ज़ूम’ के साथ एक इंटरव्यू में एक्टर ने कहा, “‘धड़क’ के सेट पर, जाह्नवी और मैं एक-दूसरे का सहारा बन सकते थे।” उन्होंने बताया, “मेरा किरदार बहुत सारे उतार-चढ़ाव से गुज़र रहा है। वह उसके लिए एक मज़बूत आदमी बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसा कर नहीं पा रहा है। वह अपनी ही परेशानियों से जूझ रहा है। उसे उसके परिवार से दूर कर दिया गया है। आप उसमें दरारें और उसकी कमज़ोरी देख सकते हैं। वह साथ देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन असल में वह अपनी ही अंदरूनी मुश्किलों से लड़ रहा है।”

‘धड़क’ में जाह्नवी और ईशान की केमिस्ट्री को काफ़ी पसंद किया गया और इस जोड़ी को उस साल की सबसे चर्चित नई ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में से एक माना गया। उनके नए कैंपेन वीडियो को देखकर फ़ैन्स दोनों एक्टर्स से और भी प्रोजेक्ट्स में साथ काम करने की मांग कर रहे हैं।

ओवरटाइम किया तो बॉस हो गया नाराज! UK ऑफिस के वर्क कल्चर ने भारतीय टेकी को किया शॉक

अक्सर वर्क कल्चर में देर रात तक काम करना और छुट्टियों या ऑफिस आवर्स के बाद भी मैसेज का जवाब देना, एक्टिव रहना मेहनत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन यूरोपीय देशों खासकर ब्रिटेन (UK) में वर्क लाइफ बैलेंस का अलग ही नजरिया देखने को मिला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपना ऐसा अनुभव शेयर किया है जो चर्चा का विषय बन गया है। ब्रिटेन के एक सीनियर डेवलपर के साथ काम कर रहे इस भारतीय टेकी को देर रात काम करने पर अपने बॉस से तारीफ मिलने के बजाय ऐसी चेतावनी मिली कि उसे अपना वर्क स्टाइल बदलने पर मजबूर होना पड़ा।

क्या है पूरा मामला और क्यों मिली चेतावनी?

ओम नाम के एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि वह इंग्लैंड स्थित एक सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर के साथ मिलकर काम करता है। भारत और ब्रिटेन के समय में अंतर होने के कारण जब भी यूके का सीनियर डेवलपर उसके कोड का रिव्यू करता था और उस पर कमेंट छोड़ता था तो ओम तुरंत उसका जवाब दे देता था। भारत में उस समय रात के 9 या 10 बज रहे होते थे। ओम ने बताया कि एक दिन मेरे सीनियर ने इस बात पर ध्यान दिया और मुझसे पूछा कि क्या मैं काम के घंटों के अलावा भी काम कर रहा हूं। जब मैंने हां कहा तो बॉस ने मुझे चेताया।

‘7 बजे के बाद रिप्लाई किया तो एक हफ्ते नहीं करूंगा PR रिव्यू’

बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद जब भारतीय टेकी ने ऑफिस आवर्स के बाद कमेंट्स का जवाब देना जारी रखा तो यूके के सीनियर डेवलपर ने सख्त रुख अपनाया। ओम ने पोस्ट में लिखा कि एक दिन उन्होंने कहा कि अगर तुमने भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे के बाद मेरे कमेंट्स का दोबारा जवाब दिया तो मैं पूरे एक हफ्ते तक तुम्हारे पीआर (Pull Request) का रिव्यू नहीं करूंगा।’

बॉस की इस अनोखी और सख्त हिदायत का असर हुआ। ओम ने बताया कि ‘अब मैं जानबूझकर जवाब देने के लिए अगले दिन का इंतजार करता हूं। हालांकि मैं कभी-कभी अभी भी काम कर लेता हूं, लेकिन इस घटना ने मुझे अहसास कराया कि वे काम से इतर अपनी पर्सनल लाइफ को कितनी प्राथमिकता देते हैं। सच कहूं तो, उन्हें मुझसे ज्यादा मेरे वर्क-लाइफ बैलेंस की परवाह थी, जो बहुत अच्छा था।’

इंटरनेट पर छिड़ी बहस, यूजर्स ने शेयर किए अपने अनुभव

यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और अन्य भारतीय यूजर्स ने भी विदेशी बॉस और यूरोपीय वर्क कल्चर के साथ अपने ऐसे ही अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा कि शुक्रवार को जब मैंने एक पीआर रेज किया तो मेरे रोमानियाई सहकर्मी ने मुझसे लैपटॉप बंद करने को कहा। उस दिन मैंने सीखा कि कभी किसी भारतीय कंपनी या मैनेजर के लिए काम मत करो। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि’ मेरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से रात 11:30 बजे तक है। मैंने चर्चा के लिए एक अमेरिकी सीनियर आर्किटेक्ट को कॉल किया और कहा कि मैं ज्यादा समय नहीं लूंगा। उन्होंने जवाब दिया कि हां, तुम्हें ज्यादा समय लेना भी नहीं चाहिए!’ मैं शर्मिंदा हो गया फिर उन्होंने आगे कहा कि तुम्हारे काम के घंटे खत्म हो चुके हैं, तुम्हें काम नहीं करना चाहिए।’

Video: हाथ में सेल्फी स्टिक पकड़ ‘जलपरी’ की तरह समंदर में तैर स्पेन में घुस गया मोरक्को का ये लड़का!

Video: स्पेन के इलाके ‘स्यूटा’ तक पहुंचने की कोशिश में कम से कम 18 प्रवासियों की मौत हो गई है। हजारों लोगों के मोरक्को के साथ बॉर्डर को पार करके स्पेन के इस छोटे से इलाके में घुसने के बाद स्पेन ने वहां अपनी सेना तैनात कर दी थी। सिविल गार्ड अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्थानीय कर्मचारी संघ के प्रमुख रचिद स्बिही ने इस स्थिति को “गंभीर मानवीय संकट” बताया है।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में एक लड़का दिख रहा है, जो समुद्र में तैरता नजर आ रहा है। हाथ में शेल्फी स्टिक है। ऐसा बताया जा रहा है लड़का मोरक्को का है और तैरकर अवैधरूप से स्पेन में घुस गया है। x पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो पर लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

स्पेन मोरक्को के साथ अपनी सीमा पर शांति बहाल करने के लिए सेउटा में सेना तैनात करेगा। हजारों प्रवासी स्पेन के इस छोटे से इलाके में घुस आए थे। इस दौरान कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। यह घोषणा तब की गई जब सेउटा के स्थानीय अधिकारियों ने मैड्रिड में केंद्रीय सरकार से अतिरिक्त मदद मांगी। सीमा पर संकट तब और बढ़ गया जब गुरुवार को लोगों की भारी भीड़ ने सीमा पर लगी बाड़ को तोड़ दिया।

स्पेन सरकार ने कहा कि वह “सेउटा शहर में सुरक्षा बनाए रखने” के लिए सिविल गार्ड की मदद के लिए सशस्त्र बल भेजेगी। सरकार ने यह भी घोषणा की कि स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ शुक्रवार को आंतरिक मामलों के मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का के साथ सेउटा का दौरा करेंगे।

सेउटा में सीमा पर पहरा देने वाले स्पेन के सिविल गार्ड अधिकारियों के संगठन के प्रमुख रचिद स्बिही ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, “हालात पूरी तरह से बेकाबू हैं।” उन्होंने कहा, “सटीक संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन हज़ारों प्रवासी सीमा पार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सीमा प्रबंधन व्यवस्था “पूरी तरह से ध्वस्त” हो गई है।

उत्तरी मोरक्को में ‘मोरक्कन एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स’ के सदस्य अशरफ मैमौनी ने स्थिति को “असाधारण” बताया। उन्होंने कहा, “आज सुबह असामान्य परिस्थितियों में ताराजल सीमा खोली गई और लोगों ने सीमा पार की।”

वीडियो फुटेज में लोगों की भीड़ – जिनमें ज़्यादातर मोरक्कन थे – ताराजल बीच पर बने ब्रेकवाटर (लहरों को रोकने वाली संरचना) से होते हुए स्थानीय सड़कों पर आती दिखी। हालांकि ज़्यादातर युवा पुरुष थे, लेकिन महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवार भी शामिल थे।

फ्रीलांस फोटोग्राफर के सामने कुछ लोगों ने “विवा एस्पाना!” (स्पेन जिंदाबाद!) के नारे लगाए। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इतने सारे प्रवासियों को सेउटा की ओर आने के लिए किस चीज ने प्रेरित किया। सेउटा में स्पेन सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गुरुवार को मची अफरातफरी के दौरान कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने मौतों की परिस्थितियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन पानी में शव तैरते हुए देखे जा सकते थे। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस साल सेउटा पहुंचने की कोशिश में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है।

Friendship Day 2026:: अपने बेस्ट फ्रेंड के लिए 5 यूनिक गिफ्ट आइडिया, नया ट्रेंड हो रहा वायरल

Friendship Day 2026:  फ्रेंडशिप डे पर दोस्तों को गिफ्ट देना अपनी भावनाएं और प्यार जताने का एक खूबसूरत जरिया है। समय के साथ गिफ्टिंग का ट्रेंड भी बदल चुका है। अब साधारण या पारंपरिक कार्ड्स और मग्स की जगह पर्सनलाइज्ड, यूजफुल और एक्सपीरिएंस-बेस्ड (अनुभव से जुड़े) उपहारों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। यहाँ फ्रेंडशिप डे 2026 के लिए 5 सबसे यूनिक और ट्रेंडिंग गिफ्ट आइडियाज दिए गए हैं, जो आपके दोस्तों के चेहरे पर तुरंत मुस्कान ले आएंगे।

 

फ्रेंडशिप डे 2026 के 5 यूनिक और ट्रेंडिंग गिफ्‍ट

1. डिजिटल फ्रेंडशिप मेमोरी फ्रेम या ऑडियो-क्यूआर फ्रेम (Audio-QR Frame)

क्या है नया ट्रेंड: आज के डिजिटल दौर में केवल फोटो फ्रेम पुराना हो चुका है। अब ऐसा फोटो फ्रेम ट्रेंड में है जिसमें एक QR कोड लगा होता है।

क्यों है यूनिक: आपका दोस्त जैसे ही उस QR कोड को स्कैन करेगा, उसकी पसंदीदा म्यूजिक प्लेलिस्ट, आपकी और उसकी कोई पुरानी वॉयस नोट, या आपकी खूबसूरत यादों का एक वीडियो चलने लगेगा।

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2. एक्सपीरिएंस-आधारित गिफ्ट (Experience Pass / Concert Tickets)

क्या है नया ट्रेंड: कोई भौतिक वस्तु देने के बजाय साथ में वक्त बिताने और यादें बनाने का ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो रहा है।

क्यों है यूनिक: अपने दोस्त को उसकी पसंद के स्टैंड-अप कॉमेडी शो, म्यूजिक कॉन्सर्ट, एडवेंचर पार्क या किसी एस्केप रूम गेम के टिकट गिफ्ट करें। यह गिफ्ट उन्हें केवल सामान नहीं, बल्कि ताउम्र याद रहने वाला अनुभव देता है।

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3. कस्टम 'फ्रेंडशिप मैप' या स्टार मैप (Custom Star / Map Art)

क्या है नया ट्रेंड: वह स्थान जहाँ आप दोनों पहली बार मिले थे (कॉलेज, कैफे, ऑफिस) या वह तारीख जब आपकी पक्की दोस्ती शुरू हुई थी।

क्यों है यूनिक: उस खास लोकेशन के नक्शे (Map) या उस रात के सितारों की स्थिति (Star Map) का सुंदर आर्ट फ्रेम तैयार करवाकर दें। यह गिफ्ट आपके रिश्ते के ऐतिहासिक पल को हमेशा के लिए संजो कर रखता है।

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4. पर्सनलाइज्ड सेल्फ-केयर और टेक किट (Customized Self-Care / Tech Organizer)

क्या है नया ट्रेंड: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत और उपयोगिता (Utility) का ध्यान रखना सबसे बड़ा ट्रेंड बन चुका है।

क्यों है यूनिक: आप उनके नाम से कस्टमाइज्ड पावर बैंक, लेदर केबल्स ऑर्गनाइजर या फिर एक प्रीमियम एरोमाथेरेपी/स्पा सेट दे सकते हैं। यह गिफ्ट दिखाता है कि आप उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और मानसिक शांति का कितना ध्यान रखते हैं।

 

5. 'ओपन व्हेन' लेटर्स या कस्टमाइज्ड बुक (Open When… Letters)

क्या है नया ट्रेंड: भावनाओं को हाथ से लिखकर बयां करने का पुराना अंदाज नए रूप में वापस लौटा है।

क्यों है यूनिक: आप 5 से 6 लिफाफों का एक सेट बनाकर दे सकते हैं, जिन पर लिखा हो- “ओपन व्हेन यू आर सैड”, “ओपन व्हेन यू मिस मी”, या “ओपन व्हेन यू नीड ए लाफ”। हर लिफाफे में उनके लिए एक प्यारा सा मैसेज या पुरानी यादें होंगी, जो आपके दूर होने पर भी उन्हें आपकी मौजूदगी का अहसास कराएंगी।

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फ्रेंडशिप डे 2026 का नया ट्रेंड क्या है?

ट्रेड का मूल मंत्र: “कम सामान, ज्यादा भावनाएं!” (Less material, more emotion)

2026 में गिफ्टिंग का सबसे बड़ा ट्रेंड यह है कि लोग उपहार की कीमत देखने के बजाय उसकी पर्सनल वैल्यू और उपयोगिता को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। ऐसा गिफ्ट जो आपके दोस्त के तनाव को कम करे, उसे हंसाए या उसकी किसी पुरानी याद को ताजा करे, वही इस साल सबसे सुपरहिट माना जा रहा है।

भरत तिवारी एनकाउंटर में बड़ा एक्शन : STF जवान गिरफ्तार, हथियार डालने के बाद भी गोली चलाने का आरोप

बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने STF के आरोपी जवान अक्षय को आरा से गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार सुबह स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के इस जवान को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। भरत तिवारी की मौत के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि STF के जवान को शुक्रवार सुबह आरा से गिरफ्तार किया गया।

भरत तिवारी की मां ने की ये मांग

वहीं, भरत तिवारी की मां आशा देवी ने इस गिरफ्तारी पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में शामिल बाकी पुलिस अधिकारियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पत्रकारों से कहा, “यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हमारी मुलाकात के दौरान मिले आश्वासन का नतीजा है। गिरफ्तारी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मुठभेड़ में शामिल बाकी अधिकारियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”

17 जून को भरत तिवारी का एनकाउंटर

पुलिस के अनुसार, 17 जून को जब टीम भरत तिवारी को गिरफ्तार करने पहुंची, तो उन्होंने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें भरत तिवारी घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, भरत तिवारी के परिवार का दावा है कि उन्होंने गोली चलने से पहले ही सरेंडर कर दिया था। परिवार का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में वह निहत्थे दिखाई दे रहे हैं, जब पुलिस ने उन पर गोली चलाई। हालांकि, PTI इन वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच राज्य सरकार ने इसकी न्यायिक जांच के आदेश दिए। वहीं, भोजपुर घटना में समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में राज्य पुलिस ने पिछले महीने अपने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया था।

सिर्फ 10 रुपये में भरपेट खाना…, सिक्योरिटी गार्ड ने कंपनी की ओर से मिलने वाला सस्ता लंच दिखाया, इंटरनेट पर लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन

आजकल पेट भर खाना खाने का खर्च कितना होता है? कई लोगों के लिए तो बाहर साधारण खाना भी 100 रुपये या उससे अधिक का हो जाता है। ऐसे में जब एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि उसे कंपनी का पूरा लंच सिर्फ 10 रुपये में मिलता है। इंटरनेट पर वीडियो चर्चा का विषय बन गया है।

यह वीडियो अब वायरल हो रहा है और इसे इंस्टाग्राम यूजर आनंद कुमार ने शेयर किया है, जो नियमित रूप से अपने ऑफिस में परोसे जाने वाले लंच और डिनर के वीडियो पोस्ट करते हैं। पोस्ट का कैप्शन था, “कंपनी का लंच सिर्फ 10 रुपये में।”

वीडियो में कुमार दर्शकों को दिखाते हैं कि उस दिन लंच में क्या परोसा गया था। वह कहते हैं, “तो दोस्तों, कंपनी का खाना आ गया। हमारी कंपनी सिर्फ 10 रुपये लेती है। लंच का समय हो रहा है। चलिए देखते हैं कि कंपनी ने आज क्या भेजा है।” फिर वह पैकेट खोलता है और एक-एक करके हर चीज दिखाता है। खाने में कुरकुरा पापड़, करेला भुजिया (भुना हुआ करेला), सोयाबीन की सब्जी, भरपूर चावल, दाल और प्याज का एक टुकड़ा शामिल है।

खाना देखने में तो सादा और पेट भरने वाला लग रहा था, लेकिन सबसे ज़्यादा हैरानी कीमत देखकर हुई। कुमार का कहना है कि पूरे खाने का बिल सिर्फ 10 रुपये आया। अपनी कंपनी को धन्यवाद देते हुए वह कहता है, “बाहर यही खाना 50 से 100 रुपये का मिलता है। यहां सिर्फ 10 रुपये का।

वीडियो को देखते ही देखते हज़ारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इतनी कम कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए कंपनी की सराहना की। कई लोगों ने बताया कि इसी तरह का लंच किसी रेस्टोरेंट या यहां तक ​​कि सड़क किनारे के ढाबे पर भी आसानी से कई गुना अधिक महंगा पड़ेगा।

साथ ही, कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि इसे प्लास्टिक बैग में क्यों पैक किया गया था। उन्होंने सुझाव दिया कि कंपनी को दोबारा इस्तेमाल होने वाले लंच बॉक्स या फ़ूड-ग्रेड कंटेनर का इस्तेमाल करना चाहिए। एक यूज़र ने कमेंट किया, “कंपनी से कहें कि वे प्लास्टिक कंटेनर में खाना न परोसें। इससे सेहत से जुड़ी समस्याएं होती हैं।” एक और व्यक्ति ने कहा, “कृपया प्लास्टिक बैग की जगह लंच बॉक्स का इस्तेमाल करें।”

एक व्यक्ति ने यह भी लिखा, “कंपनी को पैकेजिंग में कुछ बदलाव करने चाहिए।” ऐसे ही एक कमेंट का जवाब देते हुए कुमार ने कहा कि वह कंपनी को इस सुझाव के बारे में बताएंगे और इस समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे। पैकेजिंग को लेकर चिंता के बावजूद, कई लोगों को लगा कि इतनी सस्ती कीमत पर खाना उपलब्ध कराने के लिए कंपनी तारीफ़ की हकदार है।

एक यूजर ने लिखा, “जो भी कंपनी है, उसे सलाम। सिर्फ 10 रुपये में किसी को खाना खिलाना। मेरा बहुत सम्मान है। यहां लोग पैकेजिंग को लेकर शिकायत कर रहे हैं! आइए हर छोटी बात पर इतना नकारात्मक न हों। आइए तारीफ करना सीखें।” इस पोस्ट पर यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कई प्रतिक्रियाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे भी उसी कंपनी में काम करना चाहते हैं।

एक यूजर ने लिखा, “कौन सी कंपनी? क्या वे CSE ग्रेजुएट को नौकरी पर रखेंगे?” एक और यूजर ने कमेंट किया, “भाई, प्लीज मुझे भी उसी कंपनी में नौकरी दिला दो।” कई यूजर्स ने कहा कि आज के समय में 10 रुपये में पूरा खाना मिलना लगभग नामुमकिन है।