बिना चेतावनी एक ईमेल में गई नौकरी! वायरल पोस्ट ने छेड़ी जॉब सिक्योरिटी पर बहस

सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट ने एक बार फिर कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी की सुरक्षा (Job Security) को लेकर बहस तेज कर दी है। पोस्ट में दावा किया गया कि एक कर्मचारी को अचानक ईमेल भेजकर नौकरी से हटा दिया गया, जिसके बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। इस घटना ने न केवल कंपनियों के कर्मचारियों के प्रति रवैये पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी चर्चा शुरू कर दी कि क्या मौजूदा समय में बिना पूर्व सूचना या स्पष्ट संवाद के कर्मचारियों को नौकरी से निकालना एक सामान्य कॉर्पोरेट प्रथा बनती जा रही है। कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट में ऐसी घटनाएं पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं।

वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कंपनियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद और पारदर्शिता की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। इस वायरल पोस्ट ने रोजगार की स्थिरता और कॉर्पोरेट संस्कृति पर नई बहस को जन्म दे दिया है।

वायरल पोस्ट में क्या था?

X यूजर @coolcoder ने कथित तौर पर कर्मचारी हर्ष राणा को भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट साझा किया। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा, “बिना किसी चेतावनी या फीडबैक के नौकरी से निकाल दिया गया। क्या अब यह सामान्य बात हो गई है?” देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और हजारों यूजर्स ने अपनी राय रखनी शुरू कर दी।

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ईमेल में क्या लिखा था?

स्क्रीनशॉट के अनुसार, कंपनी ने ईमेल में बताया कि प्रोसेस रैंप-डाउन होने के कारण कर्मचारी को मौजूदा भूमिका से हटाया जा रहा है। ईमेल में 7 अगस्त 2026 को अंतिम कार्य दिवस (Last Working Day) बताया गया और कंपनी की सभी एसेट्स जमा कराने के साथ फुल एंड फाइनल (F&F) प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया।

फीडबैक या चेतावनी का नहीं था जिक्र

ईमेल में कहीं भी कर्मचारी के प्रदर्शन, किसी गलती या पहले दी गई चेतावनी का उल्लेख नहीं था। यही वजह रही कि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या कर्मचारी को निर्णय से पहले अपनी बात रखने या सुधार का कोई अवसर दिया गया था।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने कॉर्पोरेट कंपनियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कुछ लोगों का कहना था कि कंपनियां मुनाफे को कर्मचारियों से ज्यादा महत्व देती हैं। वहीं कुछ ने पूछा कि क्या कर्मचारी को अचानक नौकरी जाने के बदले तीन महीने का वेतन या कोई मुआवजा मिलेगा।

‘आज के जॉब मार्केट में यह आम बात है’

कई यूजर्स ने अनुमान लगाया कि मामला कर्मचारी के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट या काम खत्म होने से जुड़ा हो सकता है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि मौजूदा रोजगार बाजार में बिना पूर्व सूचना के छंटनी अब असामान्य नहीं रही और ऐसे मामले लगातार देखने को मिल रहे हैं।

कॉर्पोरेट जॉब में क्या है सबसे बड़ा खतरा? पुणे के प्रोफेशनल का पोस्ट हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉर्पोरेट जॉब को लेकर किया गया पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। इस पोर्ट में पुणे के एक प्रोफेशनल ने बताया कि कॉर्पोरेट जॉब सबसे बड़ी चुनौती क्या होती हैं। प्रोफेशनल ने बताया कि, कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे बड़ी चिंता तब होनी चाहिए, जब आपके पास धीरे-धीरे काम कम होने लगे और टीम के लोग आपको काम देना बंद कर दें। उनके मुताबिक, अगर आपको नई जिम्मेदारियां और कुछ नया सीखने का मौका नहीं मिल रहा है, तो यह आपके करियर के लिए अच्छा संकेत नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपना रिएक्शन दिया है।

काम ना होना चिंता की बात

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो निहार पाटिल ने शेयर किया है। निहार पिछले पांच साल से अधिक समय से कॉर्पोरेट सेक्टर में काम कर रहे हैं। वीडियो की शुरुआत में उन्होंने कहा, “कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे डराने वाली चीज काम का दबाव नहीं होता। असली चिंता तब होती है, जब कोई आप पर निर्भर नहीं रहता और आपके पास करने के लिए कोई काम नहीं बचता।”

 

उन्होंने कहा, “काम न होने से बेहतर है कि आपके पास काम हो। क्योंकि काम के दौरान ही आप नई चीजें सीखते हैं, समस्याओं का समाधान करना सीखते हैं, गलतियों से अनुभव हासिल करते हैं और लोगों का भरोसा जीतते हैं। यही चीजें आपके करियर को आगे बढ़ाती हैं।”

समय के साथ खिखना जरुरी

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप बिना नई जिम्मेदारियां संभाले या नई स्किल्स सीखे सिर्फ हर महीने सैलरी मिलने से संतुष्ट हैं, तो यह भविष्य में परेशानी बन सकता है। हर बीतते महीने के साथ आपकी सीखने की कमी बढ़ती जाती है, जबकि कोई दूसरा व्यक्ति लगातार आगे निकल रहा होता है। कॉर्पोरेट दुनिया तेजी से बदल रही है और टेक्नोलॉजी उससे भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रही है।” निहार ने कहा कि अगर ऑफिस में खाली समय मिले, तो उसका इस्तेमाल नई स्किल्स सीखने, सर्टिफिकेशन करने और नई जिम्मेदारियां लेने में करना चाहिए। उनके मुताबिक, लगातार सीखने वाले लोग ही अपने करियर में आगे बढ़ते हैं।

हर महीने सैलरी से खुश है

उन्होंने कहा, “अगर काम का दबाव सही तरीके से संभाला जाए, तो यह एक अच्छी बात है। इसका मतलब है कि आप अभी भी सीख रहे हैं और अपने काम में अहम भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन जिस दिन आपका करियर जरूरत से ज्यादा आरामदायक लगने लगे, उस दिन खुद से यह सवाल जरूर पूछिए कि क्या मैं वास्तव में आगे बढ़ रहा हूं या सिर्फ हर महीने सैलरी ले रहा हूं?” कैप्शन में उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अनहेल्दी वर्क कल्चर या बर्नआउट को बढ़ावा देना नहीं है।

उन्होंने लिखा, “मेरा सिर्फ इतना कहना है कि आराम को करियर ग्रोथ समझने की गलती न करें। अगर काम का दबाव सही तरीके से संभाला जाए, तो यह इस बात का संकेत होता है कि आप लगातार सीख रहे हैं, टीम में योगदान दे रहे हैं और अपनी वैल्यू बढ़ा रहे हैं।”

लोगों ने किया ये कमेंट

वीडियो पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी और निहार पाटिल की बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “अगर आपके पास कोई काम नहीं है, तो यह एक बड़ा वॉर्निंग साइन हो सकता है। ऐसी स्थिति में कभी भी नौकरी जाने का खतरा रहता है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “काम न मिलना अपने आप में एक बड़ा रेड फ्लैग है।” एक और यूजर ने कहा, “अगर ऑफिस में आपके पास कोई जिम्मेदारी नहीं है, तो यह संकेत है कि कभी भी नौकरी जा सकती है।”

प्रधानी के चुनाव में कौन किसे वोट देगा? युवक को माता-पिता से हुआ झगड़ा, टॉवर पर चढ़कर किया हंगामा

सीतापुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। युवक वोट देने को लेकर माता-पिता से झगड़ा किया और गुस्सा होकर टॉवर पर चढ़ गया। इसके बाद तीन घंटे तक पुलिस को छकाया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। 

संसद में राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे राहुल गांधी और पप्पू यादव, वाराणसी में FIR

वाराणसी में संत समाज की शिकायत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला संसद के बाहर राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी टिप्पणियों के संबंध में दर्ज किया गया है। संत समाज का आरोप है कि संसद में इस मुद्दे को जिस तरह उठाया गया, उससे सनातन धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि धर्म का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे 

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि कोतवाली थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन वीडियो में पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आ रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता सनातन धर्म का अपमान बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वाराणसी में FIR

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था।

विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए। इस दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मंदिर के पुजारी का रूप धारण कर चढ़ावा इकट्ठा करने का प्रदर्शन किया।

टशन या रीलबाजी का जुनून? गुरुग्राम में एक्सप्रेसवे पर खतरनाक स्टंट; VIDEO वायरल

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर रील्सबाजी के जुनून में थार चला रहे शख्स का खतरनाक स्टंट सामने आया है। युवक स्टेयरिंग फ्री छोड़कर थार के दरवाजे से लटका नजर आ रहा है। पुलिस ने आरोपी और वीडियो बनाने वाले उसके साथी की तलाश तेज कर दी है।

VIDEO: आखिर कैफे और शॉपिंग पर इतना क्यों खर्च कर रहे GenZ? बेंगलुरु की महिला के वीडियो ने छेड़ी बहस

बेंगलुरु की एक कंटेंट क्रिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। कंटेंट क्रिएटर ने सोशल मीडिया पर युवाओं की खर्च करने की आदतों को लेकर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि, आज कई युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बेहतर लाइफस्टाइल, महंगी चीजों और आरामदायक लाइफस्टाइल पर खर्च कर रहे हैं। वह अपने सेविंग और भविष्य की वित्तीय योजना पर उतना ध्यान नहीं दे रहे हैं। बेंगलुरु में रहने वाली कंटेंट क्रिएटर सिमरिधि मखीजा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। उनके इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

उन्होंने बताया कि, शहर में रहने के दौरान उन्होंने लोगों की कुछ ऐसी खर्च करने की आदतें देखीं, जिन्हें समझना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने ये भी कहा कि कई लोग इन खर्चों को आसानी से अफोर्ड कर सकते हैं। वीडियो में मखीजा ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि लोग एक बार कैफे जाने पर करीब 5,000 रुपये कैसे खर्च कर देते हैं। इसी तरह, जब लगभग आधे किराए में अच्छा घर मिल सकता है, तो हर महीने 40,000 रुपये किराया क्यों देते हैं। इसके अलावा, एक ही शॉपिंग ट्रिप में 20,000 रुपये खर्च करना भी मेरी समझ से बाहर है।”

अच्छी कमाई का मतलब ज्यादा खर्च नहीं

सिमरिधि मखीजा ने कहा कि, अच्छी कमाई होने का मतलब ये नहीं है कि हर जगह खुलकर खर्च किया जाए। उनके मुताबिक, करियर की शुरुआत में युवाओं को सादा जीवन अपनाना चाहिए, केवल जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करना चाहिए और अपनी बची हुई आय का बड़ा हिस्सा बचत या निवेश में लगाना चाहिए। उनका कहना है कि भविष्य को देखते हुए आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मखीजा ने ये भी कहा कि कई लोग जैसे-जैसे ज्यादा कमाने लगते हैं, वैसे-वैसे उनके खर्च भी बढ़ जाते हैं।

 

लोगों ने दिया रिएक्शन

उनके अनुसार, बढ़ी हुई आय का मतलब ये नहीं होना चाहिए कि लाइफस्टाइल पर भी उतना ही ज्यादा पैसा खर्च किया जाए। खासकर नौकरी या करियर के शुरुआती वर्षों में युवाओं को फिजूल खर्च से बचकर अपनी कमाई का बेहतर इस्तेमाल बचत और भविष्य की योजना बनाने में करना चाहिए। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ यूजर्स ने कहा कि कम उम्र से बचत करने की आदत भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है। वहीं, कई लोगों का मानना था कि सिर्फ खर्च कम करने पर ध्यान देने के बजाय अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश करना ज्यादा जरूरी है।

लोगों ने दी ये सलाह

एक यूजर ने लिखा, “मेरे हिसाब से तरीका बिल्कुल अलग होना चाहिए। 20 की उम्र में कमाई बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। 30 की उम्र में कमाई, निवेश और संपत्ति बनाने के बीच संतुलन रखना चाहिए। वहीं, 40 की उम्र में अपनी बनाई हुई संपत्ति को सुरक्षित रखने और बढ़ाने पर फोकस होना चाहिए।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “20 की उम्र में सिर्फ पैसे बचाने पर ज्यादा ध्यान मत दीजिए। अपनी कमाई को कई गुना बढ़ाने की कोशिश कीजिए। अगर आपकी इनकम 10 गुना बढ़ती है, तो खर्च दोगुना होने से कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। बहुत ज्यादा सादगी से जीने के बजाय अपने पैसे का आनंद भी लेना चाहिए, क्योंकि आखिर मेहनत करके कमाने का मकसद भी वही है।”

Rohit Sharma: लंदन में बदले-बदले अंदाज में दिखे रोहित शर्मा, रवि शास्त्री के साथ वायरल हुई फोटो

भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा फिलहाल क्रिकेट से ब्रेक लेकर लंदन में समय बिता रहे हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री से हुई। रवि शास्त्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर रोहित शर्मा के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इस फोटो में रोहित का लुक पूरी तरह से बदला हुआ है। रोहित की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रवि शास्त्री ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “लंदन की सड़कों पर घूमते हुए बेहद रिलैक्स मूड में रोहित शर्मा से मुलाकात हुई। उनके साथ समय बिताकर अच्छा लगा।”

लंदन में घूम रहे रोहित शर्मा

भारतीय टीम से दूर चल रहे रोहित शर्मा इन दिनों पूरी तरह आराम के मूड में नजर आ रहे हैं। लंदन में रवि शास्त्री के साथ उनकी मुलाकात के बाद फैंस ने भी उनके बदले हुए लुक पर ध्यान दिया। रोहित पहले के मुकाबले काफी फिट और स्लिम दिख रहे हैं। लंदन में रवि शास्त्री के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीर में दोनों मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। फोटो में शास्त्री ने दोस्ताना अंदाज में रोहित के कंधे पर हाथ रखा हुआ है। माना जा रहा कि हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद वनडे सीरीज के बाद वह काफी सुकून और रिलैक्स महसूस कर रहे हैं।

 

रोहित को लेकर चल रही थी चर्चाएं

लॉर्ड्स में खेले गए आखिरी वनडे से पहले इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद भारतीय मीडिया में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, ऐसी चर्चा थी कि यह मैच रोहित शर्मा का आखिरी वनडे हो सकता है, क्योंकि माना जा रहा था कि साल 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप की टीम में उन्हें जगह नहीं मिलेगी।

लॉर्ड्स वनडे में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 111 गेंदों पर 138 रन की बेहतरीन पारी खेली और अपनी फॉर्म पर उठ रहे सवालों का जोरदार जवाब दिया। भले ही भारत वह मुकाबला 2-1 से हार गया, लेकिन रोहित की इस पारी ने साफ कर दिया कि वह अब भी टीम के लिए अहम खिलाड़ी हैं और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

CWG 2026: बॉक्सिंग में प्रीति और जैस्मिन ने जीता गोल्ड, अब तक भारत ने जीता इतने मेडल

‘मुझे हर दिन मनहूस कहा जाता था’… सरकारी टीचर की मौत से पहले का वीडियो वायरल, पति गिरफ्तार

उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल की रहने वाली 30 वर्षीय सरकारी स्कूल की शिक्षिका सृष्टि कंडारी की 29 जुलाई को देहरादून के डोईवाला क्षेत्र के हर्रावाला स्थित ससुराल में मौत हो गई। उनकी शादी पिछले साल नवंबर में सरकारी कर्मचारी सौरभ खत्री से हुई थी। शादी के केवल आठ महीने बाद ही उनकी मौत हो गई। मौत से पहले सृष्टि ने अपनी मां को एक भावुक वीडियो संदेश भेजा था। इस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ससुराल वाले उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। सृष्टि की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, परिवार का आरोप है कि सृष्टि को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। उन्होंने उनकी मौत की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए हैं।

सुबह 7 बजे मां को भेजा था आखिरी वीडियो

सृष्टि के भाई रितांशु कंडारी ने बताया कि 29 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे सृष्टि ने अपनी मां को 56 सेकंड का एक वीडियो भेजा था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वीडियो में सृष्टि काफी भावुक नजर आ रही हैं। उन्होंने अपनी मां से माफी मांगी और आरोप लगाया कि ससुराल वाले उन्हें बार-बार “मनहूस” कहकर अपमानित करते थे। रितांशु के अनुसार, उनकी मां ने सुबह करीब 7:20 बजे वीडियो देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत सृष्टि, उनके पति, सास और परिवार के अन्य लोगों को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने भी कॉल का जवाब नहीं दिया।

करीब एक घंटे बाद परिवार को फोन कर देहरादून के एक अस्पताल बुलाया गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचने के लिए रास्ते में था, तभी उन्हें बताया गया कि सृष्टि की मौत हो चुकी है। रितांशु का कहना है कि बाद में अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि सृष्टि को सुबह करीब 8:15 बजे ही मृत घोषित कर दिया गया था। परिवार का आरोप है कि उन्हें सृष्टि की हालत की जानकारी समय पर नहीं दी गई।

“वह उस दिन घर आने वाली थी”

सृष्टि के परिवार ने उनकी मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाई रितांशु कंडारी के अनुसार, 28 जुलाई की रात करीब 11 बजे सृष्टि ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि वह अगली सुबह मायके आने वाली हैं। रितांशु का कहना है कि घटना वाले दिन सृष्टि नहा-धोकर मायके जाने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब वह घर आने की तैयारी कर चुकी थीं, तो फिर अचानक ऐसा कदम कैसे उठा सकती हैं।

रिवार ने लगाया प्रताड़ना का आरोप

सृष्टि के परिवार का आरोप है कि शादी के करीब दो महीने बाद ही उन्हें ससुराल में परेशान किया जाने लगा था। रितांशु के मुताबिक, उनकी बहन को बार-बार यह कहकर अपमानित किया जाता था कि वह इस परिवार के स्तर की नहीं हैं और शादी उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं हुई थी।

ससुर की मौत के बाद बढ़ा प्रताड़ना का आरोप

परिवार की शिकायत के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में सृष्टि के ससुर की मौत के बाद उनके साथ कथित तौर पर और ज्यादा दुर्व्यवहार किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि ससुर की मौत का जिम्मेदार भी सृष्टि को ठहराया गया। उन्हें बार-बार “मनहूस” कहकर अपमानित किया जाता था। परिजनों का कहना है कि रिश्तेदार भी यह कहते थे कि शादी के बाद घर में दुर्भाग्य आ गया है। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में सृष्टि ने कहा कि उन्होंने काफी समय तक उम्मीद की कि हालात बदल जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वीडियो में वह कहती हैं कि उन्हें हर दिन “मनहूस” कहकर ताने दिए जाते थे और अब उन्हें नहीं लगता कि ससुराल वालों का व्यवहार कभी बदलेगा।

सृष्टि की मां सीमा कंडारी की शिकायत पर डोईवाला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दहेज और अन्य बातों को लेकर सृष्टि को उनके पति और ससुराल वाले लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिवार का कहना है कि इसी वजह से वह बेहद परेशान थीं। पुलिस ने जांच के दौरान सबूत जुटाने के बाद शनिवार को सृष्टि के पति सौरभ खत्री और उनकी बहन चारू खत्री को गिरफ्तार कर लिया। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने तूल पकड़ने और निष्पक्ष जांच की मांग उठने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सृष्टि कंडारी की मौत की जांच सीबी-सीआईडी से कराने के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इस जांच के जरिए मौत से जुड़ी सभी परिस्थितियों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाएगी।

40 लाख के कर्ज ने छुड़वाई B.Tech की पढ़ाई, आज 80 लाख सालाना कमा रहे हैं अविनाश…ऐसे किया कमाल

आंध्र प्रदेश के रहने वाले अविनाश माडा की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। परिवार पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज होने की वजह से उन्हें बीटेक की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए अपना काम शुरू किया। मुश्किल हालात का सामना करते हुए उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया और आज वह एंटरप्रेन्योरशिप के रूप में हर साल 80 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। उनकी मेहनत और संघर्ष की यह कहानी लोगों को काफी प्रेरित कर रही है।

40 लाख का हो गया था कर्ज

अविनाश माडा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि, जब वह 18 साल के थे, तभी उनके परिवार पर बड़ा संकट आ गया। उनके पिता, जो किसान हैं, उन्हें अपने कारोबार में भारी नुकसान हुआ और परिवार पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज हो गया। इस कठिन समय में उनकी मां ने पूरे परिवार का हौसला बनाए रखा और सभी ने मिलकर मुश्किल हालात का सामना किया। बीटेक की पढ़ाई के पहले साल के दौरान ही अविनाश ने अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया।

नौकरी से नहीं होगा सुधार

माडा ने कहा, केवल डिग्री पूरी करके नॉर्मल नौकरी करने से परिवार की आर्थिक परेशानियां जल्दी खत्म नहीं होंगी। इसी सोच ने उन्हें कुछ अलग करने और नया रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उस समय को याद करते हुए कहा, “मुझे लगा कि अगर मैं बी.टेक पूरा करके 30 से 40 हजार रुपये महीने की नौकरी भी कर लूं, तब भी परिवार का कर्ज चुकाने में कई साल लग जाएंगे।” माडा ने बताया कि उन्हें जल्द ही समझ आ गया था कि सिर्फ पढ़ाई पूरी करके नौकरी करने से परिवार की आर्थिक स्थिति में जल्दी सुधार नहीं आएगा। इसी वजह से उन्होंने अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया।

 

शुरू किया नया बिजनेस

परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अविनाश ने पारंपरिक रास्ते की बजाय नया ऑप्शन चुना। उन्होंने कॉलेज छोड़कर डिजिटल मार्केटिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) सीखना शुरू किया। कारोबार का पहले कोई अनुभव नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपनी खुद की डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी शुरू की। शुरुआत में उन्होंने अपनी स्किल्स को मजबूत करने और नए क्लाइंट्स जोड़ने पर मेहनत की। उनका यह फैसला चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन कुछ ही समय में उन्हें इसका अच्छा परिणाम मिलने लगा।

मां ने बढ़ाया हौसला

अविनाश माडा का दावा किया कि, 19 साल की उम्र तक उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन के कई क्लाइंट्स के साथ काम करना शुरू कर दिया था। उनकी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी को विदेशों से लगातार प्रोजेक्ट मिलने लगे। अविनाश के अनुसार, एजेंसी शुरू करने के पहले ही साल में उन्होंने करीब 30 लाख रुपये की कमाई की। अविनाश ने बताया कि, जब उन्होंने कॉलेज छोड़कर अपना रास्ता चुनने का फैसला किया, तब उन्हें भविष्य को लेकर काफी असमंजस था। वहीं इस मुश्किल समय में उनकी मां ने उनका पूरा साथ दिया।

अविनाश माडा के अनुसार, उनकी मां ने उन्हें कहा था कि पहले कारोबार में अपनी किस्मत आजमाओ। अगर इसमें सफलता नहीं मिली, तो पढ़ाई दोबारा शुरू करने का मौका हमेशा रहेगा। अविनाश ने बताया कि, उनकी मां की यही बात उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।

अविनाश ने की इतने की कमाई

आज अविनाश माडा IG Accelerators और Freedom with AI के संस्थापक हैं। उनके मुताबिक, उनके दोनों कारोबार बिना किसी बड़े शुरुआती निवेश के हर साल 80 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। अविनाश के मुताबिक, नई और व्यावहारिक स्किल्स सीखने के साथ सही समय पर सोच-समझकर जोखिम उठाने के फैसले ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी और उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, “कई बार जिदगी के सबसे बड़े मौके तब मिलते हैं, जब आप तयशुदा रास्ते से हटकर कुछ नया करने का साहस दिखाते हैं।”

यूजर ने किया कमेंट

उनकी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई लोगों ने उनके साहस, मेहनत और परिवार की मदद के लिए बड़ा जोखिम उठाने के फैसले की सराहना की है। एक यूजर ने लिखा, “यह बेहद प्रेरणादायक सफर है। जोखिम लेना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा अहम लगातार नई और उपयोगी स्किल्स सीखते रहना है।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “सम्मान। उन्होंने सिर्फ कॉलेज नहीं छोड़ा, बल्कि एक वास्तविक समस्या का समाधान खोजने का संकल्प लिया।” वहीं तीसरे यूजर ने लिखा, “एक दिन ऐसा भी आएगा, जब आप मेरी कहानी भी इसी तरह लोगों को बताएंगे।”

अंग्रेजी में मास्टर्स डिग्री वाली महिला ने राहुल गांधी पर उठाए सवाल, क्यों माथा पीटने लगे लोग

पोस्ट वायरल होने के बाद कई एक्स यूजर्स ने इंग्लिश ग्रामर की गलतियों पर ध्यान दिलाया। लोगों ने कहा कि अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएट होने का दावा करने वाली प्रोफेसर से इस तरह की गलतियों की उम्मीद नहीं थी।