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Yogi Adityanath Kanwar Yatra vision: सनातन धर्म में आस्था रखने वाले यह मानते हैं कि शिव कहीं बाहर नहीं, वे हर उस जीव में विद्यमान हैं जो प्रेम, त्याग और तप से जीवन को साधता है। यही कारण है कि सनातन परंपरा भक्त और भगवान के बीच कोई दूरी नहीं मानती। जो शिव का ध्यान करता है, वह स्वयं शिवमय हो जाता है। सावन में जब लाखों कांवड़िए कंधे पर गंगाजल लिए नंगे पांव सैकड़ों किलोमीटर चलते हैं, तो वे केवल जल चढ़ाने नहीं जाते, वे स्वयं उस तप की जीवंत छवि बन जाते हैं जिसे शिव ने कैलाश की एकांत साधना में साकार किया था। उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृष्टि में यही भाव सबसे गहरा है, कांवड़िया केवल एक श्रद्धालु नहीं, चलता-फिरता शिव का प्रतिरूप है और अब जबकि जल्द ही कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है, उत्तर प्रदेश इन तपस्वियों के स्वागत और उन पर पुष्प वर्षा को तैयार है। 

 

निर्विघ्न कांवड़ यात्रा के लिए योगी सरकार ने समय रहते ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इसकी देखरेख कर रहे हैं। यह आस्था के प्रति ऐसी सम्वेदना है जिसमें शासन श्रद्धालु के साथ खड़ा दिखाई देता है। सड़कों की मरम्मत, बिजली-पानी की सुचारु व्यवस्था, चिकित्सा शिविरों की तैनाती, इन सबके पीछे यह भाव है कि किसी श्रद्धालु के पांवों में छाले न पड़ें। सरकार जब सड़क को शिव-पथ मानकर संवारती है, तो वह प्रशासन और आस्था के बीच की दीवार गिरा देती है। इसी भाव से सुरक्षा की चिंता भी उपजी है। मार्ग पर सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा घेरा, गंगा घाटों पर गोताखोरों और जल पुलिस की तैनाती, ये सब उस भावना का विस्तार हैं जिसमें राज्य स्वयं को श्रद्धालु के सेवक के रूप में पाता है। 

 

इसी सोच ने चिकित्सा और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्था को व्यवस्थित किया है। एंटी वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता, जगह-जगह शिविरों में विश्राम और पेयजल की व्यवस्था, शौचालयों की नियमित सफाई और मार्ग की रोशनी, इन सबका उद्धेश्य यही है कि भक्त किसी कष्ट में न पड़े l मार्ग पर मांस और मदिरा की दुकानें बंद रखने का निर्णय, दुकानों पर संचालक का नाम प्रदर्शित करने की अनिवार्यता, यह सब केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, यह पवित्रता के सम्मान का प्रश्न है। शुद्ध आचरण और संयम ही तप की पहली शर्त है और योगी सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं तो कहा जा सकता है कि वह भक्तों के संकल्प में भागीदार बन चुकी है।

Kanwar Yatra UP 2026

इसी सहभागिता ने डीजे की ध्वनि को निर्धारित मानकों में बांधा है। भक्ति में उल्लास स्वाभाविक है, पर यह कोलाहल नहीं बनने पाए, इसके लिए स्पष्ट निर्देश भी दिए गए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की सुगमता को केंद्र में रखते हुए ही यातायात प्रबंधन के तहत वैकल्पिक मार्ग, डायवर्जन प्वाइंट, आरक्षित पार्किंग और आपातकालीन कॉरिडोर बनाए गए हैं। इसी तरह अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर दृष्टि रखने वाली विशेष टीमें, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोरता की चेतावनी, यह दिखाती हैं कि सरकार आस्था की इस विराट धारा को किसी भी विघ्न से बचाने के लिए सतर्क है। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड के प्रशासन से समन्वय और कांवड़ संघों से नियमित संवाद यह सुनिश्चित करते हैं कि यह सुरक्षा-चक्र किसी एक राज्य की सीमा में सिमटा न रहे।

 

नौ वर्षों के अनुभव ने योगी सरकार को यह सिखाया है कि आस्था की सेवा निरंतर परिष्कृत होने वाली प्रक्रिया है। हर वर्ष व्यवस्था में नई तकनीक, नए संसाधन और नए अनुभव जुड़ते हैं, ड्रोन निगरानी हो या डिजिटल हेल्पलाइन, ये सब पारंपरिक आस्था को आधुनिक प्रशासनिक कुशलता से जोड़ने के प्रयास हैं। पर इन सबके मूल में वही भाव है जिससे यह लेख शुरू हुआ था, कांवड़िया शिव का प्रतिरूप है, और उसकी सेवा शिव की ही आराधना है। 

 

शिव को औघड़दानी कहा जाता है। वे भक्त की भावना देखते हैं, उसकी हैसियत या साधन-संपन्नता नहीं। राजा हो या रंक, भस्म रमाए वनवासी हो या नगर का साधारण मजदूर, कांवड़ मार्ग पर शिव के लिए सब समान हैं। यही समानता की भावना उस प्रशासनिक निर्देश में झलकती है जिसमें मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश के हर जिले में व्यवस्था का स्तर एक जैसा होना चाहिए, चाहे वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बड़ा नगर हो या पूर्वांचल का दूरस्थ कस्बा। जब शासन खुद को इस समभाव में ढालता है, तो वह शिव-तत्व की उसी मूल भावना को आत्मसात करता है जिसमें भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं।

 

कांवड़ यात्रा की तैयारियों में जिस तरह पूर्व अनुभवों से सीख ली गई है, वह किसी योगी की साधना-प्रक्रिया जैसी ही लगती है। प्रशासन ने बीते नौ वर्षों में यात्रा को शनैः-शनैः क्रमबद्ध ढंग से सुगम बनाया है। निरंतर सुधार की प्रक्रिया ही किसी भी बड़े जनआयोजन को सफल बनाती है, और यही प्रक्रिया कांवड़ यात्रा को साल-दर-साल अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाती जा रही है। इस पूरी तैयारी का सबसे अधिक भावनात्मक पक्ष यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे स्वतः आत्मसात कर लिया है। जब कोई मुख्यमंत्री स्वयं अधिकारियों को यह निर्देश देता है कि हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है, तो वह यह संदेश देता है कि राज्य की संवेदना आस्था के साथ खड़ी है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा की तैयारियां अब सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का रूप ले चुकी हैं। 

 

योगी सरकार के प्रयासों की वजह से ही उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अब राज्य और समाज के साझा संकल्प का प्रतीक है। जब लाखों कांवड़िए कंधे पर गंगाजल लिए उत्तर प्रदेश की सड़कों पर उतरेंगे, तो उनके पीछे एक ऐसा तंत्र सक्रिय रहेगा जो हर कदम पर उनकी सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का ध्यान रखेगा, क्योंकि सरकार जानती है कि वह किसी सामान्य यात्री की नहीं, शिव के उस अंश की सेवा कर रही है जो हर कांवड़िए के भीतर बसता है।

यही भाव इस यात्रा को निर्विघ्न बनाने की सबसे बड़ी गारंटी है, और यही भाव उत्तर प्रदेश को हर वर्ष इस दायित्व के लिए और अधिक तैयार करता जा रहा है और इसी भाव की वजह से उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में लोगों को इंतजार है सावन के पहले दिन का। श्रद्धालुओं का मन श्रद्धा-आस्था से सराबोर है। जोश अभी से ही हिलोंरे लेने लगा है कि कब वह वक्त आए कि वे कंधे पर कांवड़ लेकर बम भोले का जयघोष करते हुए हरिद्वार, गोमुख और गंगोत्री की ओर बढ़ चलें। (लेखक महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में प्रोफेसर हैं) 

 

 

Weather Today: आज बिहार में बारिश का तांडव, IMD ने दिल्ली समेत 23 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, यहां दिखेगा मौसम का विकराल रूप

Weather Today: देशभर में मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और देश के कई हिस्सों में बारिश का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम की ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आज देश के कई राज्यों में मौसम का विकराल रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत पूर्वोत्तर राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कुल 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी और तटीय क्षेत्रों तक मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

बिहार और पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अगस्त को बिहार समेत तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने यहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली, यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक: इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के बड़े भू-भाग में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों को मिलाकर कुल 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट है।

मध्य और पूर्वी भारत: झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बारिश का जोर बना रहेगा।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

40 से 50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा जताया गया है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ थंडरस्टॉर्म की गतिविधि देखी जा सकती है।

तटीय इलाकों में चलेंगी तेज सतही हवाएं

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर दिन के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

UP Heavy Rain: यूपी में भयंकर बारिश का अलर्ट! इन जिलों के लिए अगले 24 घंटे रहेंगे खतरनाक…IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Heavy Rain: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इसके अलावा, कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की भी आशंका जताई गई है।

आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बने कम दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़े मौसम तंत्र के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। इसी वजह से कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान तराई क्षेत्र के सिद्धार्थनगर जिले में तेज से लेकर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

इन शहरों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में मानसून और ज्यादा सक्रिय रहेगा। मानसून की रेखा उत्तर की ओर बढ़ने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज या भारी बारिश भी हो सकती है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आसमान ज्यादातर बादलों से ढका रह सकता है। इस दौरान बीच-बीच में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना भी जताई गई है।

कब तक होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में अगले दिन अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक शहर में बारिश दर्ज नहीं की गई।

Pappu Yadav Update: सांसद पप्पू यादव पर हमला करने के इस आरोपी हैप्पी शर्मा के बारे में अबतक क्या-क्या पता चला, जानिए कौन है ये शख्स

Pappu Yadav Update: सांसद पप्पू यादव पर हमला करने के इस आरोपी हैप्पी शर्मा के बारे में अबतक क्या-क्या पता चला, जानिए कौन है ये शख्स

Pappu Yadav Update: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे और धक्का-मुक्की के मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी हैप्पी शर्मा के रूप में हुई है। घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने अपने ऊपर जानलेवा हमले और आरोपियों के पास चाकू होने का आरोप लगाया था जबकि आरोपी हैप्पी शर्मा ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है।

कौन है हैप्पी शर्मा और क्यों आया था दिल्ली?

एएनआई के साथ बातचीत में हैप्पी शर्मा ने बताया है कि वो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है। घटना के वक्त उसके साथ उसका दोस्त सुमित गिरी गोस्वामी भी मौजूद था, जो बुलंदशहर के ही सेहपानी गांव का निवासी है। हैप्पी शर्मा के मुताबिक, वह और उसका दोस्त बुलंदशहर से दिल्ली में साधु-संतों के एक विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने और उनका समर्थन करने आए थे। जब वे धरना स्थल पहुंचे तो वहां से संतों को हटाया जा चुका था। इसके बाद उन्होंने सांसद पप्पू यादव से मिलकर सवाल पूछने का फैसला किया।

हैप्पी शर्मा ने पुलिस और मीडिया को बताया कि उसने खबरों में देखा था कि सांसद पप्पू यादव साधु-संतों, सनातन धर्म, भगवा वस्त्रों और पूज्य देवी-देवताओं को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। आरोपी का कहना है कि वह और उसका साथी सिर्फ सांसद से यह कहने गए थे कि वे भगवान राम और संतों का अपमान करना तथा ऐसी बयानबाजी बंद करें। वे वहां किसी तरह का हमला करने या हिंसा करने की नीयत से नहीं गए थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामे और मारपीट का पूरा वाकया

घटना उस समय हुई जब पप्पू यादव अपने दिल्ली आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। हैप्पी शर्मा का दावा है कि सांसद आवास में प्रवेश करने से पहले मुख्य द्वार पर उनकी बाकायदा सुरक्षा जांच हुई थी। उनके पास कोई हथियार या आपत्तिजनक सामान नहीं था, इसलिए उन्हें अंदर जाने दिया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सांसद से साधु-संतों के अपमान और सांसद अवधेश प्रसाद के चरणों में झुकने को लेकर सवाल किया, जिससे वहां कहासुनी और बहस शुरू हो गई। हैप्पी शर्मा का दावा है कि सिर्फ सवाल पूछने पर पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें बहुत बेरहमी से पीटा। हैप्पी शर्मा के अनुसार समर्थकों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने के बाद ही चप्पलें फेंकी गई थीं।

चाकू और जानलेवा हमले के दावों पर दी सफाई

सांसद पप्पू यादव और उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए चाकू से हमले के आरोपों पर सफाई देते हुए हैप्पी शर्मा ने कहा कि गेट पर चेकिंग होने के कारण अंदर कोई हथियार ले जाना मुमकिन ही नहीं था। उसने कहा कि पूरी घटना पत्रकारों के सामने हुई और लाइव कवरेज हो रही थी, इसलिए चाकू होने का सवाल ही नहीं उठता। उसने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। सुमित को पुलिस थाने ले जाया गया जबकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

योगी सरकार ने महिला कावड़ियों के लिए किए विशेष प्रबंध, जलाभिषेक करने उमड़ पड़ी नारीशक्ति

Yogi government makes special arrangements for female Kanwariyas

– प्रयागराज में महिला शिवभक्तों के लिए संगम और गंगा के प्रमुख घाटों पर चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए

– सुविधा और सुरक्षा के वातावरण में नदियों का पवित्र जल लेकर काशी के लिए प्रस्थान कर रहीं हैं महिला शिवभक्त 

– आपदा सखियों ने भी महिला शिवभक्तों की मदद के लिए घाटों और मार्गों पर संभाला मोर्चा

– महिला शिव भक्तों के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, महिला पुलिस फोर्स की हुई तैनाती

Uttar Pradesh News : कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता है। इसका असर श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा पर भी दिख रहा है। कांवड़ यात्रा कर रहे शिवभक्तों में महिला शिवभक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। इन महिला शिव भक्तों की सुरक्षा और सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। 

 

घाटों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती

पवित्र श्रावण मास में शिवभक्त कावड़ियों की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सकुशल संपन्न कराने के योगी सरकार के निर्देश के क्रम में प्रयागराज में भी यात्रा मार्ग, कांवड शिविरों, भंडारों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत व्यवस्था की गई है।

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संगम नगरी प्रयागराज में कांवड़ लेकर चलने वाली शिवभक्त महिला कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने महिला शिवभक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। प्रयागराज में दशाश्वमेध और संगम घाट से सबसे अधिक महिला कांवड़ियां जल लेकर काशी के लिए निकलती हैं। डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा बताते हैं कि महिला शिव भक्तों के लिए संगम और गंगा नदी के प्रमुख घाटों पर चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए हैं।

घाटों पर महिला पुलिस कर्मियों के दस्ते तैनात हैं। आजीविका मिशन की 44 आपदा सखियां भी महिला कांवड़ियों की मदद के लिए मुस्तैद हैं। इसके अलावा प्रयागराज से वाराणसी के बीच बनाए गए कांवड़ पथ में भी प्रमुख स्थानों में जगह-जगह महिला पुलिस एवं वॉलिंटियर्स मुस्तैद हैं। मनकामेश्वर, सोमेश्वर महादेव , ब्रह्मेश्वर महादेव सहित शहर के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में महिला सुरक्षा कर्मी मुस्तैद हैं। 

 

नारी शक्ति ने उठाई कांवड़, निर्भय होकर कर रहीं जलाभिषेक

 भगवान शंकर की आराधना के लिए श्रावण मास में महिलाओं की जितनी लंबी कतारें शिवालयों में लगती थीं, अब उतनी ही उनकी भागीदारी अब कांवड़ यात्रा में भी दिख रही है। छोटे कस्बों और गांवों से बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त घरों से निकल कर कांवड़ यात्रा पर जा रही हैं।

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प्रयागराज के दारागंज के दशाश्वमेध घाट में गंगा जी से जल लेकर काशी के लिए कांवड़ यात्रा पर निकली ज्योति कहती हैं कि अब महिलाएं रास्ते में सुरक्षित हैं, किसी तरह का भय नहीं है इसलिए उनके कस्बे भरवारी से कई महिलाएं कांवड़ यात्रा में जा रही हैं। 
 

सदियापुर की मीरा देवी भी परिवार के आठ सदस्यों के साथ प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से जल लेकर बैजनाथ धाम कांवड़ यात्रा के लिए निकली हैं। मीरा देवी बताती हैं कि उनके साथ उनकी तीन पीढ़ियां इस बार यात्रा में जा रही है। उनके साथ उनकी दो बहुएं, एक बेटी और तीन नातिन भी जा रहीं हैं। इसके अलावा उनका बेटा भी साथ है। मीरा बताती हैं कि अब कांवड़ मार्गों में किसी तरह की असुरक्षा और असुविधा नहीं दिखती।

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योगी जी की सरकार आने के बाद महिला शिवभक्त हर स्थान पर सुरक्षित हैं। कांवड़ मार्ग में जगह -जगह महिला शिवभक्तों के विश्राम शिविर बनाए गए हैं। सामूहिक यात्रा में भोले बाबा का भजन और कीर्तन करते हुए पूरी उत्साह और हर्ष के साथ महिलाएं कांवड़ यात्रा में निकल रही हैं।

Traffic Diversion: सावन का पहला सोमवार कल, कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली समेत यूपी में ट्रैफिक डायवर्जन, CCTV-ड्रोन से होगी निगरानी

हिंदू धर्म के पवित्र त्योहार सावन के महीने की शुरुआत हो गई है। सावन के महीने में सोमवार को भगवान शिव की पूजा होती है। वहीं सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। सावन के पहले सोमवार और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई जगह ट्रैफिक ट्रैफिक डायवर्जन किए गए हैं। वहीं लोगों की सुविधा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों और आम लोगों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।

सावन के पहले सोमवार पर शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद रहती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भीड़ कम होने के समय मंदिर आने और पुलिस व सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

इन जगहों पर किया गया डायवर्जन

कांवड़ यात्रा और सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कई राज्यों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में कुछ रास्तों पर वाहनों का रूट बदला गया है, जबकि कांवड़ियों के लिए कई मार्ग रिजर्व किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से यात्रा से पहले स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की सलाह दी है। वहीं, मेरठ सहित कई जिलों में भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला भी लिया गया है।

सीसीटीवी से की जाएगी निगरानी

सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। बड़े शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और विशेष सुरक्षा टीमों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है। हाल ही में मिली सुरक्षा संबंधी सूचनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश में प्रशासन और पुलिस को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना : अनाथ और असहाय बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला, योगी सरकार में एक लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच रहा योजना का लाभ

Under Yogi government benefits of Bal Seva Yojana are reaching over one lakh children

– योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो

– सरकार जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता के साथ कार्य कर रही

– पढ़ाई जारी रखने पर 23 वर्ष की आयु तक मिलती है आर्थिक सहायता

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) माता-पिता को खो चुके और असहाय परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए बड़ा सहारा है। संवेदनशील शासन और सामाजिक सुरक्षा की सोच के साथ शुरू की गई यह योजना ऐसे बच्चों को आर्थिक मदद देने के साथ उनकी शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने का काम कर रही है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो। यही कारण है कि योजना के माध्यम से बचपन से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।

 

12वीं के बाद भी नहीं रुकती मदद

इस योजना को केवल बचपन तक सीमित नहीं रखा गया है। ऐसे छात्र-छात्राएं, जिन्होंने माता-पिता दोनों अथवा उनमें से किसी एक को खो दिया है और कक्षा 12 के बाद स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है, उन्हें 18 से 23 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2500 रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह सहायता 23 वर्ष की आयु पूरी होने अथवा पाठ्यक्रम समाप्त होने तक, जो पहले हो, जारी रहती है। 

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1 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंचा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 1,09,539 बच्चे इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

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नियमित आर्थिक सहायता मिलने से बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, पोषण और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। साथ ही उनके संरक्षक परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।

3 अगस्त का मौसम: बिहार समेत इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने दिल्ली से यूपी तक दिया ये अलर्ट

Heavy Rain Alert 3rd August: देश भर में मानसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक सोमवार 3 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल समेत 3 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत मुसलाधार यानी बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से लेकर पहाड़ी इलाकों तक भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बिहार में मानसूनी बारिश का दौर काफी तेज रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 3 अगस्त को बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-यूपी से लेकर पंजाब-हरियाणा तक भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 3 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तर प्रदेश (पूर्व और पश्चिम दोनों क्षेत्र), हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और मध्य भारत: झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के छिटपुट इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी/तटीय इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कड़केगी बिजली

मौसम विभाग ने 3 अगस्त को बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाओं को लेकर भी विस्तृत चेतावनी जारी की है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके वाली तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में मुख्य रूप से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मैदानी व तटीय इलाकों में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

Video: चेहरा काला किया, बिच्छू बूटी से रगड़ा… छेड़छाड़ के आरोपियों के साथ गांव वालों ने किया ऐसा व्यवहार, वीडियो वायरल

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में सामने आई एक घटना ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। यहां छेड़छाड़ के आरोपों का सामना कर रहे दो युवकों को पुलिस के हवाले करने से पहले ग्रामीणों द्वारा दी गई कथित सजा का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में दोनों युवकों के चेहरे काले किए गए और उन्हें बिच्छू बूटी से रगड़ते हुए देखा गया। इस घटना के बाद लोगों के बीच महिलाओं की सुरक्षा, अपराधियों पर कार्रवाई और कानून हाथ में लेने जैसे मुद्दों को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने ग्रामीणों के गुस्से को सही ठहराया, तो कुछ ने सार्वजनिक सजा देने के तरीके पर सवाल उठाए। मामले ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय को जन्म दे दिया है।

सतौली गांव में सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, यह घटना नैनीताल के मुक्तेश्वर क्षेत्र के सतौली गांव की बताई जा रही है। आरोप है कि मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो युवकों ने गांव से गुजरते समय स्थानीय लड़कियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद ग्रामीणों और संबंधित महिलाओं ने दोनों को रोक लिया।

वायरल वीडियो में दिखा ग्रामीणों का गुस्सा

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोगों की भीड़ दोनों युवकों के आसपास नजर आई। आरोपियों के चेहरे काले किए गए थे और उन्हें चप्पलों से पीटते हुए भी देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें बिच्छू बूटी से रगड़ा, जो त्वचा पर तेज जलन और खुजली पैदा करने के लिए जानी जाती है। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर बंटे लोगों के विचार

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूजर्स ने महिलाओं के सम्मान के खिलाफ होने वाले व्यवहार पर सख्ती की बात करते हुए ग्रामीणों के कदम का समर्थन किया। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ा संदेश जाना जरूरी है।

कुछ लोगों ने उठाए कानून हाथ में लेने पर सवाल

वहीं, कई यूजर्स ने इस तरह की सार्वजनिक सजा पर सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि उत्पीड़न एक गंभीर अपराध है और दोषियों पर कार्रवाई पुलिस और कानून के जरिए होनी चाहिए। लोगों ने पूछा कि क्या किसी भी स्थिति में भीड़ को खुद सजा देने का अधिकार मिलना चाहिए?

घटना ने छेड़ी न्याय और भीड़ की कार्रवाई पर बहस

इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, अपराधों पर कार्रवाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बता रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि न्याय की प्रक्रिया कानून के दायरे में ही होनी चाहिए।

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Bhuvneshwar Kumar: ‘कोई अफसोस नहीं है…’टीम इंडिया में वापसी को लेकर भुवनेश्वर कुमार ने तोड़ी चुप्पी

भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिछले काफी समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। हाल ही में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल करने की बात कही थी। अब भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया में अपनी वापसी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि अब भारतीय टीम में उनकी वापसी की संभावना काफी कम है। वहीं आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कुछ दिनों पहले कहा था कि, अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर चयनकर्ताओं को जरूर विचार करना चाहिए।

भुवी ने खुलकर की बात

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने अपने मौजूदा सोच के बारे में खुलकर बात की। भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं IPL और डोमेस्टिक क्रिकेट इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे यह गेम पसंद है। जब आप यंग होते हैं और इंडिया के लिए खेलते हैं, तो आप कहते हैं कि आपको गेम पसंद है। लेकिन सच कहूं तो, ‘जो कंट्रोल में है उसे कंट्रोल करो’, ‘ज्यादा मत सोचो’, या ‘गेम के पैशन के लिए खेलो’ जैसी बातें, मैं अब सच में उन चीजों को महसूस कर सकता हूं।”

भारत के लिए पहले खेल चुका हूं

36 साल के भुवी ने कहा, “मैं पहले भारत के लिए खेल चुका हूं। अब ऐसा नहीं है कि मुझे इसे हासिल करना बाकी है। अगर दोबारा देश के लिए खेलने का मौका मिलता है तो यह मेरे लिए खुशी की बात होगी, लेकिन मैं उस सफर का हिस्सा पहले ही रह चुका हूं। आज मैं जो भी क्रिकेट खेल रहा हूं, वह सिर्फ इस खेल के प्रति अपने प्यार की वजह से खेल रहा हूं। मुझे पता है कि आगे भी मुझे डिसिप्लिन बनाए रखना होगा।”

अपने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा

“मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर में मेरा प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा और इसके बाद मैं भारत की सीमित ओवरों की टीम से बाहर हो गया। टेस्ट क्रिकेट में भी मैंने अपना आखिरी मैच साल 2018 में खेला था। अब मैं घरेलू क्रिकेट और उत्तर प्रदेश टी20 लीग में खेलता हूं। मैं कोशिश करता हूं कि खेल से मेरा तालमेल बना रहे। साथ ही, मैं अपने शरीर को फिट और तरोताजा रखने के लिए जरूरत के मुताबिक आराम भी करता हूं।”

घर पर नहीं होती क्रिकेट की बातें

भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं पूरी तरह शांत हूं और इसका सबसे बड़ा श्रेय अपने परिवार को देता हूं। घर पर हम कभी क्रिकेट की बातें नहीं करते। न ही इस पर चर्चा होती है कि मेरी भारतीय टीम में वापसी होगी या नहीं, मुझे क्यों नहीं चुना गया या क्या गलत हुआ। मुझे किसी बात का कोई अफसोस नहीं है। मैं अच्छी तरह समझता हूं कि बदलाव खेल का हिस्सा है और समय के साथ नई पीढ़ी आती है। यह अनुभव सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ है और न ही मैं आखिरी खिलाड़ी हूं जिसके साथ ऐसा हुआ हो। यही खेल की प्रकृति है। मेरे परिवार ने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। मैं जहां हूं, वहां खुश हूं।”

2022 में खेला था आखिरी मैच

भुवनेश्वर कुमार अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भूवी ने नवंबर 2022 के बाद से भारतीय टीम के लिए कोई मैच नहीं खेला है। लंबे क्रिकेट करियर के दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी में लगातार सुधार किया है। समय के साथ उनकी रफ्तार बढ़ी और उन्होंने यॉर्कर व कटर जैसी गेंदों पर भी अच्छी पकड़ बना ली। यही अनुभव और नई तकनीक उन्हें आज भी एक प्रभावी तेज गेंदबाज बनाती है, जिसकी झलक आईपीएल में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन में देखने को मिलती है।