Silverstorm Parks And Resorts IPO Listing: पार्क और रिजॉर्ट कंपनी की फ्लैट शुरुआत, शेयर लगभग IPO प्राइस पर ही लिस्ट

SME सेगमेंट की कंपनी सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिजॉर्ट्स की 31 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्टिंग न अच्छी रही, न बुरी। कंपनी के शेयर BSE SME पर फ्लैट नोट के साथ 132.90 रुपये पर लिस्ट हुए। IPO का फाइनल इश्यू प्राइस 133 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 82.43 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.91 गुना भरा था। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.81 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.19 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.41 गुना सब्सक्राइब हुआ।

Silverstorm Parks & Resorts IPO में 62 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का पब्लिक इश्यू 24 जुलाई को खुला था और 28 जुलाई को बंद हुआ। सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड एम्यूजमेंट और टूरिज्म कंपनी है। यह भारत में एम्यूजमेंट पार्क, वॉटर पार्क, स्नो पार्क और हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज चलाती है। कंपनी की फ्लैगशिप डेस्टिनेशन, केरल के अतिरापिल्ली में स्थित ‘सिल्वर स्टॉर्म थीम पार्क’ है। यह लगभग 17.38 एकड़ में फैला है। इसमें एक एम्यूजमेंट और वॉटर पार्क, केरल का पहला इनडोर स्नो पार्क, कई रेस्टोरेंट और सिल्वर स्टॉर्म रिसॉर्ट शामिल हैं। कंपनी झारखंड के जमशेदपुर में भी एक स्नो पार्क चलाती है और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक नया स्नो पार्क और फैमिली एंटरटेनमेंट सेंटर बना रही है।

कंपनी एम्यूजमेंट और स्नो पार्क के टिकट बेचकर, खाने-पीने की सर्विसेज से, मर्चेंडाइज, रिजॉर्ट बुकिंग और प्राइवेट व कॉर्पोरेट इवेंट्स से कमाई करती है। यह अतिरापिल्ली में 1.2 किलोमीटर लंबे एरियल केबल कार प्रोजेक्ट के साथ अपनी सर्विस का विस्तार भी कर रही है। इसके साथ ही, नए एम्यूजमेंट राइड्स और वॉटर अट्रैक्शन भी जोड़े जा रहे हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IMD का बड़ा अलर्ट: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

weather update 31 july

देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के कई राज्यों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर लगातार जारी है। जुलाई महीने के आखिरी दिन यानी आज 31 जुलाई 2026 को मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

असम और गुजरात बाढ़ से बेहाल

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में वर्षा जन्य हादसों में अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है।

 

पहाड़ी राज्यों में बरस आफत या राहत?

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड सरकार ने आज बारिश की वजह से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी है। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

दिल्ली NCR में कैसा रहेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। IMD के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में तो कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन नमी बढ़ने के कारण उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
 

उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून सक्रिय

 

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तटीय जिलों में मानसून एक बार फिर मेहरबान हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बादलों का डेरा है और कुछ स्थानों पर वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) की चेतावनी भी जारी की गई है। किसानों के लिए यह बारिश धान की फसल के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।

 

मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेेश और राजस्थान में भारी की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

UP News: योगी सरकार का बड़ा कदम, 3 से 10 अगस्त तक चलेगा ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’; ITI में लगेंगे विशेष रोजगार कैंप

yogi adityanath plantation drive on 12th july

दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा प्रदेश भर में 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' का आयोजन 3 से 10 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस विशेष पहल का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त दिव्यांगजनों सहित अन्य योग्य इच्छुक दिव्यांग युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

 

अभियान के दौरान प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई में विशेष रोजगार गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को रोजगार के साथ-साथ विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक संस्थानों से समन्वय कर रिक्तियों की जानकारी जुटाएगा, वहीं एमएसएमई विभाग स्वरोजगार योजनाओं और लीड बैंक के माध्यम से ऋण व वित्तीय सहायता में सहयोग करेगा।

 

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी और जिला रोजगार सहायता अधिकारी रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को रिक्तियों से जोड़ेंगे। अभियान की खास बात यह है कि पिछले दो चरणों में लाभान्वित दिव्यांगजनों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन हो सके।

 

योगी सरकार की मंशा है कि कोई भी दिव्यांगजन रोजगार से वंचित न रहे। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनाई गई है, जो अभियान की निगरानी और समन्वय करेगी। 10 अगस्त तक सभी जनपदों से लाभान्वितों का विवरण शासन को भेजा जाएगा और सर्वाधिक रोजगार-स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाले शीर्ष पांच जनपदों के जिलाधिकारियों और उनकी टीम को शासन स्तर पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर 30 जुलाई को मिशन निदेशक पुलकित खरे ने सभी सीडीओ और संबंधित अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

रावण का यहां भगवान जैसा सम्मान! भारत के इन मंदिरों में होती है पूजा…अलग है यहां की कहानी

नितेश तिवारी के निर्देशक में बनी फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ का पहला ट्रेलर रिलीज हो गया है। फैंस को फिल्म का ट्रेलर काफी पसंद आ रहा है। ये फिल्म दो पॉर्ट में रिलीज होने वाली है। पहला पॉर्ट दिवाली 2026 और दूसरा पॉर्ट दिवाली 2027 पर सिनेमाघरों में आएगा। राम और सीता की कहानी में रावण का नाम हमेशा विलेन के तौर पर रहा है। वहीं आपको ये जानकर हैरानी होगी की भारत में कई हिस्सों में ऐसे मंदिर मौजूद हैं, जहां रावण की पूजा होती है।

मान्यता है कि रावण ने शिव तांडव स्तोत्र की रचना की थी और वह वीणा वादन में भी निपुण थे। इसी वजह से देश के कुछ हिस्सों में रावण के मंदिर बने हुए हैं, जहां लोग उनकी श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं। आइए जानते हैं उन मंदिरों के बारे में

बिसरख, उत्तर प्रदेश: बिसरख (उत्तर प्रदेश) को कई लोग रावण का जन्मस्थान मानते हैं। इसी वजह से यहां दशहरे पर रावण के पुतले नहीं जलाए जाते। नवरात्रि के दौरान गांव के लोग विशेष पूजा-पाठ और यज्ञ कर रावण की आत्मा की शांति की कामना करते हैं। यहां स्थित प्राचीन विश्रवेश्वर महादेव मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस मंदिर में मौजूद दुर्लभ अष्टकोणीय शिवलिंग की स्थापना रावण के पिता महर्षि विश्रवा ने की थी, इसलिए यह स्थान रावण से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

मंदसौर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश का मंदसौर रावण से जुड़ी मान्यताओं के कारण खास महत्व रखता है। ऐसा कहा जाता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका इसी क्षेत्र से था, इसलिए यहां रावण को दामाद के रूप में सम्मान दिया जाता है। स्थानीय लोग रावण को भगवान शिव का परम भक्त और महान विद्वान मानते हैं। शहर में रावण की करीब 35 फुट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित है। दशहरे के दिन यहां कई लोग रावण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं और उसकी स्मृति में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

बैजनाथ मंदिर, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ मंदिर का संबंध भी रावण से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं से जोड़ा जाता है। लोककथाओं के अनुसार, रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यहां कठोर तपस्या की थी और अपनी भक्ति का अद्भुत प्रमाण दिया था। इसी कारण बैजनाथ में दशहरे पर रावण का पुतला नहीं जलाया जाता। एक अन्य मान्यता के मुताबिक, भगवान शिव ने रावण को शिवलिंग लंका ले जाने की अनुमति दी थी, लेकिन शर्त थी कि उसे रास्ते में कहीं जमीन पर नहीं रखना होगा। बैजनाथ पहुंचने पर परिस्थितिवश शिवलिंग जमीन पर रख दिया गया और वह वहीं स्थापित हो गया। तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

गढ़चिरौली, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में रहने वाले कुछ गोंड आदिवासी समुदाय रावण और उसके पुत्र मेघनाद को पूजनीय मानते हैं। फाल्गुन महीने में मनाए जाने वाले अपने पारंपरिक त्योहार के दौरान वे दोनों की विशेष पूजा करते हैं। समुदाय की अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण को महान शासक और सम्मानित व्यक्तित्व माना जाता है। इसी वजह से यहां उसकी याद में धार्मिक आयोजन किए जाते हैं और उसे श्रद्धा के साथ सम्मान दिया जाता है।

काकीनाडा, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जो रावण की भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा से जुड़ा माना जाता है। यहां विशाल शिवलिंग के पास बना ये मंदिर स्थानीय मान्यताओं के कारण खास महत्व रखता है। कहा जाता है कि रावण ने स्वयं इस स्थान को भगवान शिव की आराधना के लिए चुना था। यही वजह है कि आंध्र प्रदेश में यह स्थान उन चुनिंदा जगहों में शामिल है, जहां रावण को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है।

डिस्केलमर- यहां पर दी गई जानकारी पौराणिक कथाओं और मान्याताओं पर निर्धारित है।

योगी सरकार में रेशम क्षेत्र बना रहा आत्मनिर्भरता और रोजगार का मजबूत आधार

CM Yogi Adityanath

Yogi Government Silk Industry UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार रेशम क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। गुरुवार को रेशम निदेशालय लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने यह बात कही। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं, बजट व्यय, प्रशिक्षण कार्यक्रमों व प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश 

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेशम विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध, पारदर्शी व प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही योजनाओं के भौतिक सत्यापन, नियमित मॉनिटरिंग और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

प्रशिक्षण व स्वरोजगार से जुड़ी कार्य योजना बनाने के निर्देश

राकेश सचान ने प्रशिक्षण केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने व प्रशिक्षित लाभार्थियों को स्वरोजगार और रेशम उत्पादन से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट व्यय की समीक्षा करते हुए स्वीकृत धनराशि का नियमानुसार और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही प्रत्येक मद के व्यय का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

 

इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्रदेश को दिलाने के लिए समयबद्ध प्रस्ताव भेजने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नकली दवाओं के सिंडिकेट पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, फर्जी बिलिंग और फेक ट्रांजैक्शन से खेल का खुलासा; 6 FIR दर्ज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नकली और अधोमानक दवाओं के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और फेक बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाओं को बाजार में खपाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना अमीनाबाद, लखनऊ में 6 एफआईआर दर्ज कराई हैं।

इस कार्रवाई से सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश में नकली दवाओं का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही वजह है कि जुलाई माह में लगातार कार्रवाई करते हुए एफएसडीए ने नकली दवाओं की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एक के बाद एक बड़े अभियान चलाए हैं। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दवाओं की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की आर्थिक और लॉजिस्टिक कड़ियों को तोड़ने पर केंद्रित है।

 

फर्जी बिलों के जरिए चल रहा था करोड़ों का खेल

एफएसडीए कमिश्नर डॉ रोशन जैकब ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एफएसडीए की जांच में सामने आया कि मिश्रा एसोसिएट्स (अमीनाबाद), मिश्रा मेडिकल एजेंसी (बछरावां, रायबरेली), श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स (अमीनाबाद), भारत फार्मा तथा एम.डी.एच. फार्मा के संचालक आपस में बिना वास्तविक दवा आपूर्ति के केवल कागजों पर क्रॉस-बिलिंग कर रहे थे। बैंक ट्रांजैक्शन के बिना ही फर्जी लेनदेन दर्शाकर नकली और काउंटरफिट दवाओं को वैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी आधार पर मनीष मिश्रा, आमोद कुमार मिश्रा, सन्नी कश्यप, देवेन्द्र शुक्ला और राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत थाना अमीनाबाद में एफआईआर दर्ज की गई है।

 

भौतिक सत्यापन में खुली पोल

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि भारत फार्मा और एम.डी.एच. फार्मा के नाम पर जिन फर्मों से करोड़ों रुपये की दवा खरीद-बिक्री दिखाई गई थी, वहां वास्तविक रूप से किसी भी प्रकार का दवा भंडारण नहीं मिला। संबंधित प्रोपराइटरों अमरीन अहसन और मंतशा ने लिखित बयान देकर बताया कि उनकी फर्मों का संचालन उनकी जानकारी के बिना देवेन्द्र शुक्ला द्वारा किया जा रहा था। एफएसडीए अधिकारियों ने जब मौके पर भौतिक सत्यापन किया तो वहां कोई दवा स्टॉक नहीं मिला, जिससे फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं के कारोबार की पुष्टि हुई। इन फर्मों के निरीक्षण में यह भी संज्ञानित हुआ कि इन फर्मों के पास इन औषधियों के क्रय बिल भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि इनके द्वारा नकली औषधियों का फर्जी बिल बनाकर सप्लाई की जा रही थी।

 

ब्रांडेड दवा की कीमत में बड़े अंतर से खुला राज

जांच में यह भी सामने आया कि मिश्रा मेडिकल एजेंसी और मिश्रा एसोसिएट्स ने प्रसिद्ध एंटीबायोटिक दवा Augmentin Duo 625 की खरीद वास्तविक लैंडिंग कॉस्ट करीब 116.70 रुपये के मुकाबले मात्र 56.60 रुपये में दिखाई। जब संबंधित वितरक मेडी किंग फार्मा से जानकारी ली गई तो उसने ऐसी किसी भी बिक्री से लिखित रूप से इनकार कर दिया। इससे जांच एजेंसियों को यह संदेह और मजबूत हुआ कि बाजार में नकली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी।

 

स्थानीय पुलिस की रही महत्वपूर्ण भूमिका

एफएसडीए के साथ इस अभियान में स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि लखनऊ कमिश्नर और उनकी पूरी टीम ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसकी मदद से फर्जी दवा के इन कारोबारियों पर शिकंजा कसने में काफी मदद मिली। डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एफएसडीए को लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को संदिग्ध थोक दवा कारोबारियों, एजेंटों और सप्लाई चेन पर सतत निगरानी रखने, दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने तथा कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

 

जुलाई में लगातार छठवीं एफआईआर, सिंडिकेट पर कसा शिकंजा

योगी सरकार के निर्देश पर एफएसडीए ने जुलाई माह में नकली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। 6 जुलाई को आलमबाग में नकली दवाओं की खेप पकड़कर पहली एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद 19 जुलाई को अमीनाबाद स्थित अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये मूल्य की नकली दवाएं बरामद हुईं। 16-17 जुलाई को बिना लाइसेंस दवा भंडारण और परिवहन के मामले में कार्रवाई हुई। 24 और 25 जुलाई को फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं का कारोबार करने वाले गिरोहों पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। अब 29 जुलाई को दर्ज छठवीं एफआईआर के साथ विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 

 

नौ संदिग्ध फर्मों पर रोक, दुकानें सील

एफएसडीए ने जांच पूरी होने तक अमीनाबाद की कई संदिग्ध दवा फर्मों के संचालन पर रोक लगा दी है। एसकेजी मेडिकल्स, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल, हेल्थ प्लस, एमके फार्मा, मां अम्बे फार्मा, आरएन फार्मा, सनलाइट फार्मा, सोनल फार्मा और सुपरविजन फार्मा के वित्तीय रिकॉर्ड और लेजर की जांच के लिए उनके संचालन पर रोक लगाने तथा कई प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।

 

राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क

एफएसडीए की जांच अब उत्तर प्रदेश से बाहर भी पहुंच चुकी है। विभाग के अनुसार अमीनाबाद से बरामद नकली दवाओं का मुख्य स्रोत राजस्थान से जुड़े कुछ आरोपी हैं, जिनके खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं उत्तराखंड के देहरादून में नकली दवा निर्माण करने वाली अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर चार आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। स्पष्ट है कि योगी सरकार केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि अंतरराज्यीय नकली दवा नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।

Kanwar Yatra : आस्था का सैलाब! ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा यूपी, शिवभक्तों के लिए सेवा-सुरक्षा के खास इंतजाम

सावन का पहला दिन, न कोई थकान, न कोई चिंता, बस एक ही धुन, एक ही गूंज ‘बम-बम भोले!’। कंधे पर कांवड़, होठों पर जयकारा और मन में एक अटूट विश्वास कि शिव कल्याण करेंगे। सुबह की पहली किरण के साथ ही शिवालयों में घंटियों की गूंज शुरू हो गई और भक्तों की कतारें मंदिरों के बाहर लंबी होती चली गईं। उत्तर प्रदेश के कांवड़ मार्ग श्रद्धा-आस्था से प्रकाशमान हो चले हैं।

उत्तराखंड की ओर से आनेवाले कांवड़िये यूपी सीमा पर अपने सत्कार से अभिभूत हैं। काशी, अयोध्या और प्रयागराज में भी शिवभक्त लंबी यात्रा की तैयारी में जुटे हैं। सबका भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर है जो हर साल ही उनके लिए हर इंतजाम करती आई है। सरकार ने इस बार भी सेवा और सुरक्षा दोनों के इंतजाम कर रखे हैं। 

 

कंधे का बोझ नहीं, आस्था का प्रसाद है कांवड़

कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, यह त्याग, संयम और समर्पण की एक जीती-जागती मिसाल है। यह तपस्या भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। रास्ते भर लगे सेवा शिविरों में जैसे ही उनका डेरा पहुंचता है, अनजान हाथ उन्हें पानी का गिलास थमाते हैं। जाति, धर्म और भेद की कोई दीवार नहीं, बस एक ही भाव शेष है, सेवा का भाव। हरिद्वार से 131 लीटर गंगाजल लेकर बागपत की ओर बढ़ रहे कांवड़िया अभिषेक त्यागी की आंखों में गजब की चमक थी। उन्होंने कहा, ‘योगी सरकार ने इस बार कांवड़ यात्रा के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं। पूरे मार्ग पर सुरक्षा, सफाई, चिकित्सा और सेवा शिविरों की उत्कृष्ट व्यवस्था है। पुलिस की मुस्तैदी से श्रद्धालु निश्चिंत होकर यात्रा कर रहे हैं। इससे हमारी आस्था की यात्रा और अधिक सुगम व सुरक्षित बनी है।‘

 

नन्हे कदमों में अटूट श्रद्धा

इस यात्रा की सबसे मार्मिक तस्वीरें तब सामने आती हैं जब उम्र की सीमाएं भी आस्था के आगे बौनी पड़ जाती हैं। हरियाणा के कैथल निवासी महज 11 वर्ष के एक बालक ने हरिद्वार से 31 लीटर गंगाजल उठाया और अपने गंतव्य की ओर चल पड़ा। सहारनपुर के गागलहेड़ी क्षेत्र में जब यह नन्हा शिवभक्त पहुंचा, तो उसका उत्साह देखकर स्थानीय थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी स्वयं भी उसके साथ काफी दूरी तक चलते हुए उसका हौसला बढ़ाते नजर आए। यह दृश्य ऐसा लगता है जैसे योगी सरकार इस बालक का नमन कर रही हो। कांवड़ यात्रा पूरे समाज का साझा आस्था का उत्सव बन चुकी है, जिसमें प्रशासन भी भक्ति के रंग में रंग गया है।

 

सेवा शिविरों में बहती स्नेह की धारा

मार्ग में जगह-जगह लगे सेवा शिविर इस यात्रा की आत्मा हैं। मेरठ के पूठखास गांव में शुरू हुए एक ऐसे ही शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जहां कांवड़ियों के लिए भोजन, जल और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है। ऐसे सैकड़ों शिविर पूरे मार्ग पर सजे हैं, जहां स्वयंसेवक बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात सेवा में जुटे हैं। यही निःस्वार्थ सेवा भाव इस यात्रा को केवल एक धार्मिक परंपरा से आगे बढ़ाकर मानवता के एक महान उत्सव में बदला है।

 

सीमा द्वारों से गुजरते ही होती है अलौकिक अनुभूति

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बने भव्य सीमा द्वार, जिन्हें विशेष रूप से सजाया गया है। यहां मुख्यमंत्री य़ोगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कांवड़ियों का सत्कार हो रहा है। जैसे ही शिवभक्त इन द्वारों से गुजरते हैं, उनके मन में एक अलौकिक अनुभूति जागृत होती है, मानो पूरा उत्तर प्रदेश ही उनकी अगवानी कर रहा हो। यह क्षण हर कांवड़िए के लिए यात्रा की थकान को भुला देने वाला होता है, जहां आस्था अपने चरम पर पहुंच जाती है।

 

हर कदम में गूंजता एक ही भाव ‘शिवोहम्’

पंचक काल के चलते भले ही अभी कांवड़ियों की संख्या सीमित हो, लेकिन जो भी भक्त निकल पड़े हैं, उनके कदमों में कोई शिथिलता नहीं। वे जानते हैं कि उनकी यह यात्रा केवल गंगाजल ढोने की नहीं, बल्कि स्वयं को शिव तत्व से जोड़ने की है। हर हर महादेव के जयघोष के बीच, धूल भरे रास्तों पर नंगे पांव चलते ये शिवभक्त असल में यह संदेश देते हैं कि सच्ची भक्ति में न मौसम की परवाह होती है, न राह की कठिनाई की, बस मन में एक ही भाव होता है, समर्पण का, ‘शिवोहम्’ का। उन्हें किसी बात की चिंता नहीं। जानते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी सुरक्षा सेवा के हर इंतजाम कर रखे हैं।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर मामले को लेकर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर “बल प्रयोग” को लेकर बृहस्पतिवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया तथा सरकार एवं गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।

सपा सांसदों ने संसद के मकर द्वार के निकट प्रतीकात्मक रूप से “दान पेटी” रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग के विषय का उल्लेख करते हुए एक बैनर भी ले रखा था जिस पर “ऑर्डर किसने दिया” लिखा हुआ था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, के सी वेणुगोपाल, सपा नेता धर्मेंद्र यादव और कई अन्य सांसद इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

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उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग को लेकर सदन में शाह पर गंभीर आरोप लगाये थे जिसके बाद सत्तापक्ष ने उनसे माफी की मांग की थी।

बाद में गांधी ने संवाददाता सम्मेलन में शाह को छात्रों के साथ कथित बर्बरता के लिए जिम्मेदार ठहराया था और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल सपा के सांसदों ने राम मंदिर मामले पर बुधवार को भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया था।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी “आस्था के साथ विश्वासघात” के दोषी हैं। उन्होंने दावा किया कि दान-पात्र से चढ़ावे की कथित चोरी, गुप्त दान में अनियमितताएं, जमीन सौदों में कथित गड़बड़ियां, सबूत मिटाने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।

उनका कहना है कि यह “अक्षम्य महापाप” है और “लोकधन की लूट” का मुद्दा संसद में उठाना सभी का दायित्व है। यादव ने यह भी कहा कि मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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Miyazaki mango: 4 आम की कीमत 2.11 लाख रुपये! इसकी वजह आपको हैरान कर देगी, यूपी के किसान ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड

Miyazaki mango: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुनिया की सबसे महंगी किस्मों में गिने जाने वाले मियाजाकी आमों ने किसान संदीप चौधरी को देश में एक नई पहचान दिलाई है। सूरत के एक व्यापारी प्रवीण गुप्ता ने चौधरी से कुल मिलाकर लगभग एक किलोग्राम वजन वाले चार मियाजाकी आम 2.11 लाख रुपये में खरीदे हैं। इस किस्म के लिए भारत में इस कीमत पर हुई यह पहली बिक्री बताई जा रही है। इस रिकॉर्ड बिक्री ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि गुप्ता ने ये आम अपनी मां के नाम पर खरीदे।

चौधरी ने बताया कि यह सौदा शुरू में 3.5 लाख रुपये में तय हुआ था। लेकिन जब उन्हें पता चला कि खरीदार यह खरीद अपनी मां को समर्पित करना चाहता है, तो उन्होंने कीमत घटाकर ₹2.11 लाख कर दी। कुल रकम में से ₹1.11 लाख ऑनलाइन मिल चुके हैं। बाकी 1 लाख रुपये का भुगतान 1 अगस्त को डिलीवरी के समय किया जाएगा।

पीएम मोदी से मिली प्रेरणा

थरोली गांव के रहने वाले चौधरी ने बताया कि गुप्ता पिछले साल भी ये आम खरीदना चाहते थे। लेकिन उस समय उन्होंने इन्हें मुख्यमंत्री को भेज दिया था। मौजूदा सौदे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार आम सूरत के गुप्ता को ₹2.11 लाख में बेचे गए। उन्होंने कहा कि इस बिक्री की सबसे खास बात यह थी कि इन्हें खरीदार की मां के नाम पर खरीदा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुप्ता ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी भावना के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि वे दोनों गुजरात में मिलेंगे, जहां आम सौंपे जाएंगे।

तीन साल पहले शुरू की थी आम की खेती

चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने तीन साल पहले मियाजाकी आमों की खेती नई सोच के साथ शुरू की थी। उन्होंने कहा कि हमने सोचा कि किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए महंगी और खास फसलें भी उगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरू में कई लोगों ने उनका मज़ाक उड़ाया। लोगों ने कहा कि आम लाखों में नहीं बिक सकते। लेकिन उनकी मेहनत अब रंग लाई है। उन्होंने बताया कि अभी उनके पास मियाजाकी आम के लगभग 40 पेड़ हैं। यह पहली बार है जब उनके चार आम ₹2.11 लाख में बिके हैं।

कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब लोगों को समर्पित

संदीप चौधरी ने यह भी कहा कि बिक्री से हुई कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। चौधरी ने कहा कि तीन साल की मेहनत के बाद इस डील की कामयाबी से वे बहुत खुश हैं। मियाजाकी आमों को उनके खास लाल-बैंगनी रंग, स्वाद और पोषक गुणों की वजह से दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है।

चौधरी ने बताया कि आम आमों की तुलना में इनमें विटामिन A, विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा मात्रा में होते हैं। उन्होंने दूसरे किसानों से अपील की है कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऑर्गेनिक और ज़्यादा कीमत वाली फसलों की खेती भी करें।

मियाजाकी आम का जापान कनेक्शन

बता दें कि मियाजाकी (Miyazaki mango) आम दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्मों में से एक मानी जाती है। इसका नाम जापान के मियाजाकी प्रांत के नाम पर रखा गया है, जहां इसकी व्यावसायिक खेती शुरू हुई। मियाजाकी आम को जापान में अक्सर ‘Egg of the Sun’ (Taiyo no Tamago) के नाम से भी बेचा जाता है।

यह नाम केवल उन प्रीमियम फलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो आकार, रंग और मिठास जैसे सख्त गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं। भारत के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर मियाज़ाकी आम की खेती शुरू की है। हालांकि इसकी खेती अभी सीमित स्तर पर ही होती है।

मियाजाकी की खासियत

  • पकने पर इसका रंग गहरा लाल या रूबी लाल हो जाता है।
  • एक फल का वजन आमतौर पर 350-500 ग्राम तक होता है।
  • इसमें प्राकृतिक शर्करा (Sugar) की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसका स्वाद बेहद मीठा होता है।
  • इसका गूदा रेशारहित (Fiberless), मुलायम और बेहद रसदार होता है।

मियाजाकी की कीमत

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के अनुसार बहुत अधिक हो सकती है।
  • प्रीमियम ग्रेड के मियाज़ाकी आम की एक जोड़ी (2 आम) की नीलामी जापान में लाखों रुपये के बराबर कीमत तक पहुंच चुकी है।
  • भारत में भी इसकी खेती करने वाले कुछ किसान हैं और यहां भी इसकी कीमत सामान्य आमों की तुलना में कई गुना अधिक रहती है।

कैसे होती है खेती?

  • इसकी खेती नियंत्रित तापमान और विशेष देखभाल में की जाती है।
  • फलों को अक्सर जाल (नेट) में लटकाकर उगाया जाता है ताकि वे सुरक्षित रहें। साथ ही पूरी तरह पकने पर बिना नुकसान के तोड़े जा सकें।

आज भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग: MP-महाराष्ट्र में मूसलाधार, IMD ने इन 2 दर्जन राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: देश में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 30 जुलाई के लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए ‘रेड कलर वॉर्निंग’ यानी अत्यंत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब समेत लगभग 2 दर्जन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट दिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक सेंट्रल छत्तीसगढ़ और उससे सटे नॉर्थ इंटीरियर ओडिशा पर बना गहरा दबाव 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। शाम को यह बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के पास केंद्रित था, जो अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे विदर्भ की ओर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इस उग्र वेदर सिस्टम के चलते आज देश के एक बड़े भू-भाग में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं का असर रहेगा।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट: ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

IMD ने आज पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में ‘बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य और पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आज देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर तेज से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश हो सकती है।

तूफानी हवाएं, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप, पूरा महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40-50 किमी/घंटा (गस्टिंग 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है।

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बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम), जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, तटीय कर्नाटक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूरा गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी, जिसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।