Meesho कब आएगी मुनाफे में? शेयर खरीदने से पहले प्वाइंटवाइज चेक करें एक्सपर्ट कैलकुलेशन

Meesho Share Price: दिग्गज ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस मीशो के शेयरों की घरेलू ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा ने खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। वेंचुरा ने इसके शेयरों का जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, उसके मुताबिक मौजूदा लेवल से यह 33% से अधिक ऊपर चढ़ सकता है। अभी की बात करें तो पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.51% की बढ़त के साथ ₹208.60 पर बंद हुआ था। आईपीओ के तहत ₹111 के भाव पर जारी होने के बाद इसके शेयर घरेलू मार्केट में 10 दिसंबर 2025 को लिस्ट हुए थे और लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद 18 दिसंबर 2025 को यह ₹254.65 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचा था।

Meesho पर क्यों हुआ ब्रोकरेज फिदा

ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा की रिपोर्ट के मुताबिक देश में ऑनलाइन खरीदारी का बाजार तेजी से बढ़ने वाला है। वेंचुरा के मुताबिक जैसे-जैसे टियर-2, टियर-3 और गांवों में इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट्स और ऑनलाइन रिटेल का दायरा बढ़ रहा है, वित्त वर्ष 2025 से वित्त वर्ष 2030 के बीच इसकी GMV (ग्रास मर्चेंडाइज वैल्यू) सालाना 20% की रफ्तार से बढ़ सकती है।

वेंचुरा का मानना है कि ग्रोथ के सुनहरे मौके को भुनाने के लिए मीशो ने खुद को मजबूत स्थिति में रख लिया है।

मीशो का मार्केटप्लेस मॉडल ऐसा है कि पूंजी की जरूरत कम से कम पड़ती है और दुकानदारों को अपना सामान सस्ते में बेचने की सहूलियत मिलती है जिससे दाम देखने वाले ग्राहकों के बीच इसे कॉम्पटीटिव एडवांटेज मिल रहा है।

वेंचुरा के मुताबिक अभी मीशो का फोकस ग्राहक और ऑर्डर्स बढ़ाने पर है लेकिन जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, हर ऑर्डर और ग्राहक से कमाई ज्यादा हो सकती है।

कमाई में उछाल के उम्मीद की वजह ये है कि अधिक ऑर्डर्स होने से प्री-ऑर्डर लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम हो सकती है, एआई की मदद को ग्राहकों को सही प्रोडक्ट्स दिखाए जा सकते हैं, वाल्मो (Valmo) के जरिए लॉजिस्टिक्स अधिक बेहतर हो सकती है, सेलर्स से एडवरटाइजिंग और दूसरी सर्विसेज की कमाई बढ़ सकती है, और फाइनेंशियल सर्विसेज और सेलर सॉल्यूशंस जैसे रेवेन्यू के नए रास्ते तैयार हो सकते हैं।

वेंचुरा के मुताबिक कुल मिलाकर मीशो को सिर्फ सामान बेचने से नहीं बल्कि ऐड, लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और सेलर सर्विसेज से भी कमाई हो सकेगी।

मीशो के ATU (एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स) यानी साल में कम-से-कम एक बार मीशो पर खरीदारी करने वाले यूजर्स की संख्या अभी 27.4 करोड़ है और वेंचुरा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक यह 40.9 करोड़ पर पहुंच सकता है तो ऑर्डर्स की संख्या सालाना करीब 28.2% की रफ्तार से वित्त वर्ष 2029 में 561.9 करोड़ तक पहुंच सकता है।

वेंचुरा का अनुमान है कि मीशो का रेवेन्यू 26.2% की रफ्तार से ₹25,403 करोड़ पर पहुंच सकता है। वहीं ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि यह वित्त वर्ष 2028 तक ऑपरेटिंग लेवल पर प्रॉफिटेबल हो सकती है और शुद्ध मुनाफा हासिल हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक वित्त वर्ष 2029 तक कंपनी ₹1,404 करोड़ के EBITDA और ₹1,702 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच सकता है।

इन सब बातों को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म ने खरीदारी की रेटिंग और ₹278 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है।

अब रिस्क की बात करें तो यूजर्स के बढ़ने की रफ्तार उम्मीद से कम होने और कॉम्पटीशन बढ़ने से मीशो के कारोबार को झटका लग सकता है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank एक साल के निचले स्तर पर, रिकवरी में ₹1172 तक जाएगा शेयर, मैक्वेरी ने सीईओ को लेकर जताई दो संभावनाएं

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज काफी सुस्ती है। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था, जिससे यह रिकवर होकर हल्का ग्रीन हुआ। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के रुझानों के हिसाब से इसकी सुस्ती खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर आउटपरफॉर्म रेटिंग ऐसे समय में दी है, जब बैंक के अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और मैक्वेरी ने इसे लेकर दो संभावनाएं जाहिर की हैं। शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 0.32% की बढ़त के साथ ₹714.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.47% उछलकर ₹715.25 तक पहुंच गया था। इंट्रा-डे में यह 0.79% टूटकर ₹706.35 तक आ गया था। मैक्वेरी ने इसके शेयरों का टारगेट प्राइस ₹1,150 फिक्स किया है।

HDFC Bank के सीईओ को लेकर क्या है Macquarie का कैलकुलेशन

बैंक का अगला सीईओ कौन, इसे लेकर अनिश्चितता शेयरों पर दबाव बनाए हुए है। बैंक के वर्तमान सीईओ शशि जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूहर 2026 को समाप्त हो रहा है यानी बैंक के पास अगले सीईओ के नाम पर फैसला करने के लिए लगभग दो महीने ही बचे हैं। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार इसके चलते ही शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

अब मैक्वेरी के मुताबिक सबसे पहले बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी) कुछ कैंडिडेट्स के नाम पर विचार करेगी और एक नाम चुनेगी जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा। राजीव कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद आरबीआई के पास इसे आखिरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मैक्वेरी के मुताबिक बोर्ड से भेजे गए नाम पर आरबीआई ने हाल-फिलहाल में 30-45 दिनों का समय लिया है। ऐसे में मैक्वेरी ने दो संभावनाएं जताई हैं।

पहला विकल्प- 6 महीने का एक्सटेंशन: अगर शशि जगदीशन को सिर्फ छह महीने का विस्तार मिलता है, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला सीईओ बनाने पर विचार कर रहा है और नए कैंडिडेट की तलाश और आरबीआई की मंजूरी के लिए उसे अतिरिक्त समय चाहिए। मैक्वेरी के मुताबिक ऐसी स्थिति में अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता और लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके अलावा नए सीईओ को बैंक की जिम्मेदारी संभालने और अपनी रणनीति लागू करने में समय लग सकता है यानी बैंक के शेयरों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।

दूसरा विकल्प- पूरे तीन साल का विस्तार: मैक्वेरी के मुताबिक दूसरी संभावना ये है कि शशि जगदीशन को पूरे तीन साल का नया कार्यकाल दे दिया जाए। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ऐसा होने पर अगले सीईओ को लेकर तत्काल बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी, जिससे मौजूदा लेवल्स के आसपास शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। मैक्वेरी के मुताबिक इसके बाद शेयरों की चाल मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार पर निर्भर करेगा।

कुछ दिनों पहले एक साल के निचले स्तर पर था शेयर

एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹1,020.35 पर था। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.77% टूटकर आज 28 अगस्त 2025 को एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹706.35 पर आ गया।

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TD Power Share Price: एक साल में इस शेयर ने पैसा तीन गुना किया, अभी और 107% चढ़ सकता है

TD Power Share Price: आप अगर जोरदार रिटर्न देने वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप टीडी पावर सिस्टम्स के शेयर पर विचार कर सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने इस शेयर पर ‘होल्ड’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। लेकिन, उसने इस शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,512 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 107 फीसदी चढ़ सकता है।

शेयर ने एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना किया

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की रिपोर्ट के बाद TD Power Systems के शेयरों में जारी गिरावट पर 27 अगस्त को ब्रेक लग गया। 3 बजे शेयर का प्राइस 2.02 फीसदी चढ़कर 742.50 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 194 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इसने सिर्फ एक साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना कर दिया है।

बीते दो कारोबारी सत्रों में 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था शेयर 

एक समय यह शेयर एनएसई पर करीब 5 फीसदी चढ़कर 765.50 रुपये पर पहुंच गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ गई। बीते दो कारोबारी सत्रों में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा था। मोनार्क नेटवर्क कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह कंपनी ग्लोबल एआई और डेटा-सेंटर पावर साइकिल का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

क्षमता बढ़ने पर कंपनी को ऑर्डर पूरा करने में आसानी होगी

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि एक्सपोर्ट्स की मीडियम टर्म में कंपनी की ग्रोथ में बड़ी भूमिका होगी। उसने यह भी कहा है कि कंपनी ने अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान बनाया है। इससे उसे स्ट्रॉन्ग ऑर्डर पाइपलाइन पूरी करने में मदद मिलेगी। कंपनी का प्लान बड़े जेनरेटर्स के फील्ड में एंट्री करने का है। इससे कंपनी के लिए बाजार का आकार बढ़ जाएगा।

जून तिमाही में कंपनी को 730 करोड़ रुपये का ऑर्डर 

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एआई और डेटा-सेंटर की बिजली की बढ़ती जरूरतों की वजह गैस इंजन और गैस टर्बाइन की डिमांड स्ट्रॉन्ग है। FY27 की पहली तिमाही में साल दर साल आधार पर ऑर्डर इनफ्लो 87.4 फीसदी बढ़कर 730 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ऑर्डर फ्लो में एक्सपोर्ट्स और डीम्ड एक्सपोर्ट्स की हिस्सेदारी 93.1 करोड़ रुपये रही।

FY27 की पहली तिमाही में सेल्स 72 फीसदी बढ़ी

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने FY26 से FY28 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स बाद प्रॉफिट की सीएजीआर क्रमश: 32.3 फीसदी, 36.8 फीसदी और 34.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स साल दर साल आधार पर 72.1 फीसदी बढ़कर 640.1 करोड़ रुपये रही। इसमें स्ट्रॉन्ग एग्जिक्यूशन और अच्छी डिमांड का हाथ रहा।

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27 अगस्त को शेयर बाजारों के सूचकांकों पर दबाव

TD Power के शेयर में तब तेजी दिखी, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर बड़ा दबाव था। 3:20 बजे निफ्टी और सेंसेक्स में 0.37 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।

Vedanta Group कंपनियों के शेयरों को लगे पंख, वेदांता ऑयल एंड गैस सबसे ज्यादा 7% उछला

वेदांता ग्रुप की कंपनियों के लिए बुधवार यानी 26 अगस्त का दिन खास रहा। ग्रुप की करीब सभी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी। शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद ये शेयर अच्छी तेजी के साथ बंद हुए। इससे एक दिन में समूह की कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 18,120 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 3.38 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

Vedanta Group की प्रमुख कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन एक दिन में 5.66 फीसदी बढ़कर 3.38 लाख करोड़ रुपये हो गया। सबसे ज्यादा 7.27 फीसदी का उछाल वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में दिखा। इससे इसका भाव 41.78 रुपये पर पहुंच गया। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 20 फीसदी चढ़ा है।

वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों को खरीदने की सलाह

Vedanta Aluminium Metal के शेयरों में 3.33 फीसदी की तेजी आई। इससे इसका भाव 462.75 रुपये पर क्लोज हुआ। इस शेयर में तेजी की वजह ब्रोकरेज फर्म मोतोलाल ओसवाल की रिपोर्ट है। उसने शेयर पर ‘बाय’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 540 रुपये का टारेगट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि आगे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रहने के आसार हैं। यह शेयर बीते एक महीने में करीब 6 फीसदी चढ़ा है।

वेदांता आयरन के शेयरों में करीब 5 फीसदी उछाल

वेदांता ऑयरन एंड स्टील के शेयर में 4.98 फीसदी उछाल आया। इससे इसका भाव 38.78 रुपये पर क्लोज हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 28 फीसदी उछला है। वेदांता का शेयर 4.36 फीसदी चढ़कर 287 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर बीते एक महीने में 8.45 फीसदी चढ़ा है। ग्रुप की मार्केट वैल्यू बढ़ाने में सबसे ज्यादा 10,731 करोड़ रुपये का योगदान वेदांता एल्युमीनियम का रहा। वेदांता लिमिटेड का 4,891 करोड़ रुपये का योगदान रहा।

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हिंदुस्तान जिंक के शेयरों का टारगेट प्राइस 750 करोड़ रुपये

हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में भी तेजी दिखी। यह शेयर 6.29 फीसदी चढ़कर 629.85 रुपये पर बंद हुआ। तेजी की वजह सरकार की तरफ से आया एक स्पष्टीकरण है। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल उसका हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी बेचने का प्लान नहीं है। इस, कंपनी में सरकार की 27.92 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि वेदांता की 60.71 फीसदी हिस्सेदारी है। इस बीच, जेफरीज ने हिंदुस्तान जिंक के शेयरों का टारगेट प्राइस बढ़ाया है। उसने टारगेट प्राइस बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में OFS के बाद फिर आ सकती है तेजी, आनंद राठी ने ₹715 का टारगेट दिया

सरकारी कंपनी Hindustan Copper के शेयर में मंगलवार को काफी दबाव देखने को मिला है। इसकी बड़ी वजह सरकार की हिस्सेदारी बिक्री यानी OFS है। इसके बावजूद घरेलू ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹715 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मंगलवार के बंद भाव से 34.65% अधिक है। OFS की वजह से स्टॉक 7.45% गिरकर 531.40 रुपये पर बंद हुआ।

Anand Rathi Institutional Equities के वाइस प्रेसिडेंट पार्थिव झोंसा का मानना है कि कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं। बढ़ता प्रोडक्शन, कॉपर की ऊंची कीमत और कमाई में सुधार की उम्मीद शेयर को सपोर्ट कर सकती है।

OFS के बाद दबाव कम हो सकता है

झोंसा के मुताबिक, OFS के बाद कुछ समय तक शेयर में दबाव रह सकता है। लेकिन अगले कुछ महीनों में ₹490-500 के स्तर से रिकवरी देखने को मिल सकती है।

उनका कहना है कि सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी के फंडामेंटल नहीं बदले हैं। कारोबार की बुनियाद अब भी मजबूत है। इसलिए OFS को कंपनी की कमाई या ऑपरेशन में बदलाव के तौर पर नहीं देखना चाहिए।

कॉपर प्रोडक्शन-प्राइस बनेगा बड़ा ट्रिगर

Anand Rathi के मुताबिक, आगे शेयर के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर प्रोडक्शन वॉल्यूम होगा। Hindustan Copper की कमाई पर कॉपर की कीमत का सीधा असर पड़ता है। कॉपर की कीमत मजबूत रहने से कंपनी की कमाई को सपोर्ट मिल सकता है।

इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी कंपनी के लिए फायदेमंद हो सकती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज को आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़त की उम्मीद है।

वैल्यूएशन पर क्या कहना है?

Hindustan Copper अभी दो साल के फॉरवर्ड EV/EBITDA के आधार पर करीब 16-18 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन पहली नजर में ज्यादा लग सकती है।

लेकिन Anand Rathi का कहना है कि दुनियाभर की कॉपर माइनिंग कंपनियां भी कॉपर के मजबूत लॉन्ग टर्म आउटलुक की वजह से ऊंची वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं।

सरकार की हिस्सेदारी बड़ी चिंता नहीं

झोंसा को सरकार की बची हुई हिस्सेदारी से ज्यादा परेशानी नहीं दिखती। पूरे OFS के बाद भी सरकार के पास Hindustan Copper की 60% से ज्यादा हिस्सेदारी रहेगी।

वहीं पब्लिक फ्लोट बढ़ने से शेयर में लिक्विडिटी बेहतर हो सकती है। ज्यादा निवेशकों के लिए शेयर में ट्रेडिंग और निवेश करना आसान होगा।

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IT Stock: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इन भारतीय IT कंपनियों की बढ़ाई रेटिंग, क्या आप करेंगे इनमें निवेश

IT Stock:  UBS ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए मौके बना रहा है, लेकिन AI से होने वाली कमाई अभी इतनी कम है कि यह तय नहीं किया जा सकता कि क्या यह पारंपरिक IT सर्विस पर पड़ने वाले कीमतों में गिरावट के दबाव (deflationary pressure) की भरपाई कर पाएगी या नहीं। ब्रोकरेज कंपनी अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रही है और बड़ी Tier-1 कंपनियों के मुकाबले Tier-2 कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रही है।

यह ताज़ा आकलन उन ब्रोकरेज रिपोर्टों की कड़ी में एक और रिपोर्ट है जो भारत के IT सर्विस सेक्टर पर AI के असर को समझने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने भी इस सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भले ही AI नई कमाई के मौके बना रहा है, लेकिन इससे पारंपरिक सर्विस की कीमतों में गिरावट का जोखिम भी पैदा हो रहा है।

बड़ी IT कंपनियों में, UBS ने टेक महिंद्रा की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’  कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,460 से काफी बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया। इसके उलट, HCLTech के शेयर में हालिया तेज़ी के बाद उसने इसकी ‘Buy’ रेटिंग को बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया, हालांकि इसका टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया। UBS ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की रेटिंग भी ‘Buy’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसकी मुख्य वजह वैल्यूएशन थी, जबकि इसका टारगेट प्राइस ₹5,995 से बढ़ाकर ₹6,250 कर दिया।

इसने कोफोर्ज (Coforge) की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,505 से काफी बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया। Mphasis की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी गई और इसका टारगेट ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया गया।

Tier-1 कंपनियों में, UBS का सबसे बड़ा रेटिंग बदलाव टेक महिंद्रा के लिए था। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया।

UBS ने इन्फोसिस पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,425 से बढ़ाकर ₹1,445 कर दिया। TCS पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹2,545 से थोड़ा बढ़ाकर ₹2,565 कर दिया गया, जबकि विप्रो पर भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹200 तय किया गया। LTM लिमिटेड (LTIMindtree) की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ बनी रही, हालांकि UBS ने इसका टारगेट प्राइस ₹4,080 से काफी बढ़ाकर ₹4,995 कर दिया।

AI के मौके बनाम पुराने बिज़नेस में गिरावट

UBS का कहना है कि इन्वेस्टर्स अब IT सर्विस सेक्टर को लेकर मंदी वाले कुछ बुनियादी तर्कों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि भारतीय IT सेक्टर पर तेज़ी का रुख अपनाने के लिए अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पूरे सेक्टर की कमाई में AI से होने वाली कमाई का हिस्सा अभी भी बहुत कम है।

इससे एक अहम सवाल अनसुलझा रह जाता है। क्या AI से मिलने वाले मौके इतने बड़े होंगे कि वे पुरानी सर्विस (लेगेसी सर्विस) में होने वाली गिरावट की भरपाई कर सकें? ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता देती है जो उनके फ्रेमवर्क पर अच्छा स्कोर करती हैं और काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।

भारतीय IT सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज अभी भी चुनिंदा रुख अपना रही हैं

UBS का यह आकलन CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ द्वारा भारतीय IT सेक्टर पर सावधानी भरा या चुनिंदा रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है। इन सभी ने AI के असर और मौजूदा कंपनियों व नई कंपनियों की संभावनाओं पर बार-बार चर्चा की है।

CLSA ने TCS, इंफोसिस और टेक महिंद्रा की रेटिंग को ‘होल्ड’ (बनाए रखें) और विप्रो व एमफेसिस की रेटिंग को ‘अंडरपरफॉर्म’ (कमज़ोर प्रदर्शन) कर दिया है, जबकि कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी मिड-टियर कंपनियों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि बड़ी IT कंपनियों को पुरानी मैनेज्ड सर्विस में AI के कारण गिरावट और मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि AI का वॉल्यूम अंततः FY30 तक इस गिरावट के असर की भरपाई कर सकता है। इसके बाद कोटक ने कहा कि IT शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15-35 प्रतिशत की तेज़ी के बाद इस सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम-लाभ) आकर्षक से बदलकर संतुलित हो गया है।

UPL Share Price: $5 बिलियन के मार्केट कैप वाली इस केमिकल कंपनी के शेयर में 25% का उछाल संभव, जेफरीज बुलिश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Vodafone Idea Share : 1 महीने में 13% भाग चुके वोडा-आइडिया को मिली तेजी की एक और वजह, क्या अब भी स्टॉक में की जा सकती है खरीदारी?

Vodafone Idea Share Price : वोडाफोन (Vodafone Idea) आज के सत्र में बजिंग स्टॉक है। इस स्टॉक में आज हमें 5% तक की तेजी देखने को मिल रही है। इस स्टॉक की खास बात यह है कि यह बड़े मूव्स के लिए ही जाना जाता है। पिछले 1 महीने में इसमें तकरीबन 13% की तेजी देखने को मिली है। वहीं, 1 साल का चार्ट पर नजर डालें तो नजर आएगा कि इसमें इस अवधि में भी बड़े मूव्स देखने को मिले। स्टॉक के टर्निंग पॉइंट की बात करें तो जब यह शेयर 11 रुपए का अपना एफपीओ का भाव पार कर गया तो फिर इसने पलट कर नहीं देखा। अभी यह स्टॉक 15 रुपए के आसपास के काफी अच्छे लेवल्स पर है।

स्टॉक में क्यों आ रही तेजी?

वास्तव में Vodafone Idea में बहुत कुछ पॉजिटिव चल रहा है। इसी के चलते हमें इसमें काफी अच्छा प्राइस एक्शन देखने को मिल रहा है। एक तो मीडिया रिपोर्ट्स यह बता रही है कि SBI की तरफ से कंपनी को बहुत जल्द ही फंडिंग मिल जाएगी। Vodafone Idea के लिए दो चीजें काफी अहम थीं। फंड मिलने से कंपनी को विस्तार पर होने वाले खर्च की चिंता से मुक्ति मिल जाएगी। कंपनी अब जैसे-जैसे फंड रेज करती जाएंगी इसकी बैलेंस शीट काफी सुधरती जाएगी और केपेक्स की पोजीशन भी काफी अच्छी हो जाएगी।

ब्रोकरेज हाउसेज की तरफ से भी बहुत सारी ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं जिसमें बताया गया है कि फंडिंग के मोर्चे पर हुई यह प्रोग्रेस है स्टॉक के लिए बहुत की पॉजिटिव है। इसके अलावा कंपनी को प्रमोटर्स की तरफ से भी सपोर्ट दिया गया है। साथ ही एजीआर का रिलीफ भी मिल गया। कैपेक्स में कमी की वजह से कंपनी दूसरी कंपनियों की तुलना में बहुत पीछे छूट गई थी। लेकिन अब आप देखें तो स्थिति लगातार सुधरती जा रही है। मैनेजमेंट भी कंपनी को लेकर कॉन्फिडेंट दिख रहा है। कंपनी को अब जिस तरह से फंडिंग मिल रही है उससे कैपेक्स में बढ़त होती दिखेगी।

इसके अलावा कपंनी के सब्सक्राइबर एडिशन और ARPU के ट्रेंड में भी सुधार देखने को मिला है। सब्सक्राइबर्स और ARPU में लगातार सुधार जारी है। वोडा-आइडिया के सब्सक्राइबर ट्रेंड पर नजर डालें तो इसने फरवरी में 22,000 से ज्यादा, मार्च में 1.02 लाख से ज्यादा, अप्रैल में 53000 से ज्यादा, मई में 1.21 से ज्यादा और जून में 1.63 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर एडिशन किया।

एक बात ध्यान रखने की है की भारतीय Airtel के केस में ARPU में लगातार बढ़त देखने को मिली है और जब कोई बड़ा प्लेयर ये अपनी कीमतें बढ़ाता है तो दूसरे प्लेयर्स को भी इसका फायदा होता है। ऐसे में Vodafone Idea के पास भी अपने प्लान्स की कीमतें बढ़ाने का मौका होगा। ऐसे में आगे कंपनी ARPU में लगातार बढ़त की गुंजाइश रहेगी।

इन बातों को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज हाउस भी इस स्टॉक को लेकर बुलिश है। सिटी की तरफ से इस स्टॉक पर 17 रुपए का टारगेट प्राइस दिया गया है। हालांकि यह स्टॉक अब 5.50 फीसदी के गेन के साथ इन स्तरों के आसपास आ चुका है।

स्टॉक पर एक्सपर्ट की राय

Prudent Corporate के प्रदीप होतचंदानी का कहना है कि डेली चार्ट्स पर इस स्टॉक ने फ्रेश ब्रेकआउट कंफर्म किया है। अब इसका अगला मेजर टारगेट 17 रुपए के आसपास का है। इसी लेवल के आसपास इसक 500 हफ्ते का एवरेज भी है। यही इसका अगला टारगेट और रेजिस्टेंस भी है। अगर यह शेयर 17 रुपए को मजबूती के साथ क्रॉस कर लेता है तो फिर इसमें एक बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिलेगा। लॉन्ग टर्म्स में इसमें और बड़े टारगेट आ सकते हैं। लेकिन अभी के लिए 17 रुपए का इनिशियल टारगेट लेकर चल सकते हैं। इसमें पिछले कुछ दिनों से कंसोलिडेशन का फेज था जहां से हमने ब्रेकआउट देखा है। अभी स्टॉक के लिए 14.20 रुपए के आसपास सपोर्ट दिख रहा है। इसी लेवल को स्टॉप लॉस रख के लॉन्ग पोजीशन होल्ड कर सकते हैं और फ्रेश खरीदारी भी कर सकते हैं।

 

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