Gold Silver price Today: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी 1.5% उछली, इन अहम आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

Gold Silver price Today: देश और दुनिया में सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। COMEX पर, सोने के वायदा (futures) $4,319.30 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे थे, जो $19.70 या 0.46% ज़्यादा थे। शुरुआती कारोबार में चांदी के वायदा 1.48% बढ़कर $62.515 प्रति औंस हो गए, जिससे उसने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया।

निवेशक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के बारे में नए संकेत पाने के लिए US की ‘नॉन-फार्म पेरोल’ रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे थे, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं। सबकी नजरें US की जुलाई की जॉब्स रिपोर्ट पर टिकी हैं,जो आज बाद में आने वाली है।

इस डेटा से बाजार की उम्मीदें तय होने की संभावना है कि क्या फेडरल रिज़र्व सितंबर में अपनी पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ाएगा या नहीं।

क्रूड में गिरावट ने सोने को दिया सपोर्ट

सोना जनवरी के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। इस कीमती धातु को कच्चे तेल की कीमतों में कमी से सहारा मिला है, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। ऊर्जा की कम कीमतों से इस उम्मीद में कमी आ सकती है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी; यह एक ऐसा कारक है जो आम तौर पर सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों की मांग को बढ़ाता है।

हालांकि, बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स US में एक और बार ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को ध्यान में रख रहे हैं।

इन डेटा पर होगी नजर

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाज़ार अभी सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना लगभग 55% मान रहा है। फेडरल रिज़र्व के अधिकारियों की हालिया टिप्पणियों ने भी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें ऊंची रखी हैं। सेंट लुइस फेड के प्रेसिडेंट अल्बर्टो मुसालेम ने कहा कि सेंट्रल बैंक को जुलाई की मीटिंग में दरें बढ़ानी चाहिए थीं, जबकि पॉलिसी बनाने वालों ने बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5%-3.75% पर ही बनाए रखा, भले ही महंगाई फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई थी।

इस बीच, रात में जारी US लेबर मार्केट डेटा ने मिली-जुली तस्वीर पेश की। पिछले हफ़्ते शुरुआती बेरोज़गारी दावों (initial jobless claims) में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जबकि जुलाई में छंटनी (layoffs) दो साल के निचले स्तर पर आ गई, जिससे पता चलता है कि लेबर मार्केट मोटे तौर पर मज़बूत बना हुआ है।

निवेशक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं, क्योंकि US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ टकराव जल्द ही खत्म हो सकता है, हालांकि उन्होंने कुछ सैन्य उपकरणों को प्रभावित करने वाली सप्लाई की समस्याओं को भी स्वीकार किया।

US की रोज़गार रिपोर्ट, साथ ही वेतन वृद्धि और बेरोजगारी के डेटा के निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों के लिए मुख्य कारक होने की उम्मीद है। उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा से ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें और मजबूत हो सकती हैं, जबकि कमज़ोर आंकड़े मॉनेटरी टाइटनिंग (मौद्रिक सख्ती) में रोक लगने की उम्मीद बढ़ाकर बुलियन (कीमती धातुओं) को बढ़ावा दे सकते हैं।

Gold Rate Today: सोने का भाव और बढ़ा; मुंबई, कोलकाता में ₹137260 पर 22 कैरेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: फिर चढ़ी चांदी, दिल्ली, मुंबई में ₹2.40 के पार भाव, खरीदारी से पहले चेक कर लें अपने शहर का ताजा भाव

Silver Price Today:    चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। देश की दिल्ली में आज चांदी की कीमत लगभग ₹240 प्रति ग्राम और ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। वहीं मुंबई में भी कीमतें ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक चांदी की कीमत उछलकर करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर है। आगे जानिए देश के अलग-अलग शहरों में चांदी के ताजा रेट क्या हैं।

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,400₹24,000₹2,40,000
कोलकाता₹2,400₹24,000₹2,40,000
मुंबई₹2,400₹24,000₹2,40,000
चेन्नई₹2,400₹24,000₹2,40,000
पटना₹2,400₹24,000₹2,40,000
लखनऊ₹2,400₹24,000₹2,40,000
मेरठ₹2,400₹24,000₹2,40,000
अयोध्या₹2,400₹24,000₹2,40,000
कानपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
गाजियाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
नोएडा₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुरुग्राम₹2,400₹24,000₹2,40,000
चंडीगढ़₹2,400₹24,000₹2,40,000
जयपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
लुधियाना₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुवाहाटी₹2,400₹24,000₹2,40,000
इंदौर₹2,400₹24,0002,40,000
अहमदाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
सूरत₹2,400₹24,000₹2,40,000
वडोदरा₹2,400₹24,000₹2,40,000
पुणे₹2,400₹24,000₹2,40,000
नागपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
नासिक₹2,400₹24,000₹2,40,000
बैंगलोर₹2,400₹24,000₹2,40,000
भुवनेश्वर₹2,400₹24,000₹2,40,000
रायपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
हैदराबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000

ग्लोबल मार्केट में क्या हैं रेट

इंटरनेशनल मार्केट Comex में सोने के दामों में उछाल देखा गया तो वहीं चांदी के दाम (Gold Silver Price Today) में गिरते नजर आए हैं। सुबह करीब 9 बजे सोना comex पर 0.47% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4325.00 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.12% गिरकर 62.215 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

MCX पर क्या हैं ताजा प्राइस?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी के भाव (Silver Price) में 607 रुपये 0.27 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। यह 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।

कल क्या रहे थे भाव

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक ग्लोबल स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उछाल के कारण चांदी की कीमतों में फिर से तेजी आई और यह 6,200 रुपये बढ़कर करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समे्त) पर पहुंच गई। पिछले सत्र में यह 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इससे पहले चांदी 9 जुलाई को इस स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी, जब यह 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, US-ईरान तनाव कम होने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के फिर से खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और निकट भविष्य में US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चर्चा ठंडी पड़ने की संभावना है। इससे US ट्रेजरी यील्ड पर दबाव पड़ रहा है और लोग अपना पैसा US बॉन्ड से निकालकर सोने और अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों में लगा रहे हैं।

7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी चढ़ी, बुलियन में तेजी की क्या है वजह?

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver price Today: 7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी चढ़ी, बुलियन में तेजी की क्या है वजह?

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिली। वहीं चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और गिरती ट्रेज़री यील्ड जैसे कारणों ने सोने-चांदी की मांग को बढ़ावा दिया। COMEX पर, सोने के फ़्यूचर्स 1.3% बढ़कर $4,361.30 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के फ़्यूचर्स 0.65% बढ़कर $62.695 प्रति औंस हो गए। स्पॉट मार्केट में, सोना $4,285.84 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जो 18 जून के बाद का उच्चतम स्तर है।

यह हालिया बढ़ोतरी पिछले सत्र में बुलियन (सोना-चांदी) में फरवरी के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त के बाद हुई है।

कीमतों में बढ़त क्यों

कमजोर डॉलर से सस्ता होता है सोना

प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर कमज़ोर हुआ, जिससे डॉलर-मूल्य वाली कमोडिटीज जैसे सोना और चांदी विदेशी खरीदारों के लिए अधिक किफायती हो गई। कमजोर डॉलर आमतौर पर वैश्विक बाज़ारों में बुलियन की मांग को समर्थन देता है।

बॉन्ड यील्ड में गिरावट

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी कमी आई, जिससे सोने जैसी बिना यील्ड (ब्याज) वाली संपत्तियों को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) कम हो गई। जब बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो निवेशक अक्सर कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाते हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदें

बाजारों में तब आशावाद देखा गया जब रिपोर्टों से संकेत मिला कि राजनयिक प्रयासों से पश्चिम एशिया में कोई समाधान निकल सकता है, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर चर्चा भी शामिल है। तनाव कम होने की उम्मीदों ने तेल की कीमतों को नीचे धकेल दिया।

कच्चे तेल की कम कीमतें ऊर्जा-जनित महंगाई के डर को भी कम करती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो जाती हैं। इससे सोने के लिए एक अनुकूल माहौल बनता है।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें चर्चा में

निजी पेरोल डेटा के उम्मीद से कमजोर रहने और लेबर मार्केट में कुछ नरमी के संकेत मिलने के बाद निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण का भी पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।

बाजार पार्टिसिपेट अब शुक्रवार (7 अगस्त) को आने वाली अमेरिकी नॉन-फ़ार्म पेरोल रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। कमजोर जॉब्स रिपोर्ट ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को मजबूत कर सकती है, जिससे सोने को और समर्थन मिलेगा। इसके विपरीत, उम्मीद से मज़बूत रोज़गार डेटा सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को फिर से जगाकर बुलियन पर दबाव डाल सकता है।

चांदी का क्या हाल है?

चांदी भी मजबूत बनी रही, जिसे उन्हीं मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों का समर्थन मिला जिनसे सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। कम बॉन्ड यील्ड और डॉलर के कमजोर होने से फायदा मिलने के अलावा, चांदी को एक कीमती और इंडस्ट्रियल मेटल, दोनों तरह की भूमिकाओं से भी सपोर्ट मिल रहा है।

निवेशकों की नजरें आने वाले US के आर्थिक डेटा और सेंट्रल बैंक की उम्मीदों पर टिकी हैं, इसलिए आने वाले समय में सोने और चांदी, दोनों में उतार-चढ़ाव के बने रहने की संभावना है।

सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

Gold Silver Price Outlook: देश और दुनिया में सोने और चांदी की कीमतों में 5 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के तौर पर इन कीमती धातुओं की मांग के कारण घरेलू वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में दोनों में तेजी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 4,545 रुपये या 2.05 फीसदी बढ़कर 2,26,160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस साल 9 जुलाई को भी चांदी इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रही थी, जब कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने के वायदा भाव ₹2,165 या 1.5% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए।

ग्लोबल बाज़ार में, दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 2% बढ़कर $4,226.50 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 3.21% बढ़कर $61.46 प्रति औंस हो गए।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों का कहना है कि यह तेजी जियोपॉलिटिकल हालात, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच कीमती धातुओं की बढ़ती मांग की वजह से आई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त देखी गई, क्योंकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोना खरीदना बढ़ाया है।”

जानकारों के मुताबिक, मार्केट में नए सौदे होने से चांदी की कीमतों को भी फायदा हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बातचीत में प्रगति की खबरों से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिसके बाद बुलियन की कीमतों में बढ़त हुई।

कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम कर सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है और कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा मिलता है।

RBI का पॉलिसी फ़ैसला और उसका असर

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लगातार चौथी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

कैपिटलXB के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजिताभ भारती ने कहा कि RBI का यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और महंगाई के जोखिमों पर नजर रखने के बीच संतुलन को दिखाता है। “हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ग्लोबल महंगाई के आउटलुक पर असर डाल रहा है, लेकिन RBI का ध्यान विकास को बढ़ावा देने और साथ ही महंगाई पर बारीकी से नजर रखने पर बना रहेगा।”

इंडियन कंज्यूमर के लिए इस बढ़ोतरी का क्या है मतलब?

सोने-चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई है, जब भारत में आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। ऊंची कीमतें गहने खरीदने के फैसलों पर असर डाल सकती हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपनी मर्जी से या गैर-जरूरी चीजों के लिए खरीदारी करते हैं।

कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और बदलती आर्थिक स्थितियों की वजह से ग्राहक ज़्यादा सतर्क हो सकते हैं।शाह ने कहा, “आर्थिक हालात के अनिश्चित होने की वजह से लोग सतर्क हो रहे हैं। जैसे-जैसे हम त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहे हैं, इसका असर घरेलू मांग पर थोड़ा दिखेगा, खासकर सोना खरीदने के मामले में।”हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोने की पारंपरिक भूमिका यानी मूल्य को सुरक्षित रखने का जरिया – लंबे समय तक इसकी मांग को बनाए रख सकती है।

आगे कहां तक जाएंगे भाव

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि अगर सोने की कीमत $4,200 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसके $4,500 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, इससे सोने की कीमतें लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

वहीं चांदी के आउटलुक पर अगर कीमत लगातार $63 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो यह $70-$71 प्रति औंस की रेंज तक जा सकती है, जो लगभग ₹2.50-2.55 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर है।

Silver Price Today: तेजी से बढ़ रही है चांदी की कीमतें, खरीदारी से पहले जान लें 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today: भारत में सोना ₹1.42 के पार निकला, चांदी ₹2600 चढ़ी,तेजी की क्या है वजह

Silver Gold Price Today: भारत में सोने चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है। MCX पर सोने का भाव 904 रुपये यानी 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 1, 42, 059 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। वहीं चांदी 2600 रुपये यानी 1.2 फीसदी की बढ़त के साथ 2,19,448 रुपये किलोग्राम पर पहुंचा।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में कॉमेक्स (Comex) पर,स्पॉट गोल्ड 0.47 प्रतिशत बढ़कर $4,109.90 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 1.84 प्रतिशत बढ़कर $58.92 प्रति औंस हो गई।

बाजारों की नजर अब इस हफ्ते आने वाली अमेरिकी लेबर मार्केट की कई रिपोर्टों पर है, जिनमें मंगलवार को बाद में आने वाला JOLTS जॉब ओपनिंग्स डेटा, बुधवार को ADP प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट और शुक्रवार को नॉन-फार्म पेरोल्स रिपोर्ट शामिल हैं। उम्मीद है कि यह डेटा फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की चाल के बारे में नए संकेत देगा।

इस बीच, भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी चर्चा में रहे, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और इसे तेहरान के लिए किसी समझौते पर सहमत होने का “आखिरी मौका” बताया। हालांकि, ईरान ने इस बात से इनकार किया कि कोई बातचीत हो रही है या इसकी कोई योजना है।

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा और रिस्क एसेट्स (जोखिम वाली संपत्तियों) को बढ़ावा मिला। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे बढ़कर 95.34 पर पहुंच गया, और ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 5.06 प्रतिशत गिरकर $83.48 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुईं और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। ट्रेडर्स अभी सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 65 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं।

अब क्या करें निवेश

ऑगमोंट (Augmont) की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिषा चैनानी ने कहा कि जब तक लेबर मार्केट का आगामी डेटा अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में स्पष्ट संकेत नहीं देता, तब तक सोने की कीमतें एक निश्चित दायरे में रहने की संभावना है। “हमारी राय में, आज कीमती धातुओं में आई तेज़ी मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के बीच ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की बढ़ती मांग के कारण है। मिडिल ईस्ट में हालिया घटनाक्रम के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं, जिससे सोना, चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम की खरीदारी बढ़ी है। एक और अहम वजह आने वाला US इकोनॉमिक डेटा है, खासकर लेबर मार्केट की रिपोर्ट, जो फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर के फैसले से जुड़ी उम्मीदों पर असर डालेगी।

हमारा मानना ​​है कि निवेशकों को US मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा, ट्रेजरी यील्ड, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतों और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि ये कारक तय करेंगे कि मौजूदा तेज़ी में आगे बढ़ने की ताकत है या नहीं,” तिवारी ने कहा।

ऑगमॉन्ट बुलियन की रिपोर्ट (4 अगस्त) का अनुमान है कि अगर सोने की कीमत $4,000 (₹1,41,000) से नीचे गिरती है, तो यह और गिरकर $3,900 (₹1,38,000) तक जा सकती है। लेकिन अगर यह $4,200 (₹1,46,000) से ऊपर बनी रहती है, तो एक नई तेज़ी इसे $4,500 (₹1,55,000) की ओर ले जा सकती है। चांदी के लिए, $63 (₹2,35,000) से ऊपर की मज़बूत चाल कीमतों को $70–71 की ओर धकेल सकती है। दूसरी ओर, $55 (₹2,14,000) से नीचे की गिरावट इसे $50 (₹2,00,000) तक नीचे ला सकती है।

Silver Price Today: फिर महंगी हुई चांदी, सावन के दूसरे दिन चढ़ा भाव, खरीदारी से पहले जान लें आपके अपने शहर के लेटेस्ट रेट

Gold Silver price: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, जानें बढ़त की क्या है वजह और क्या करें निवेशक

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: फिर महंगी हुई चांदी, सावन के दूसरे दिन चढ़ा भाव, खरीदारी से पहले जान लें आपके अपने शहर के लेटेस्ट रेट

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। आज दिल्ली में चांदी का भाव ₹235 प्रति ग्राम और ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 2630 रुपये चढ़कर 219477 पर ट्रेड कर रहा है जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,16,746 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार दिल्ली में चांदी की कीमत बढ़कर 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,35,000 रुपये प्रति किलो पर है।

इंटरनेशनल मार्केट में कैसी है चाल

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त बनी हुई है। कॉमैक्स पर चांदी भी 1.80 फीसदी चढ़कर 58.895 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। सोने का भाव 0.53 फीसदी चढ़कर 4112 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

चांदी के भाव में किस वजह से आई तेजी?

सोमवार के कारोबार में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद निवेशकों ने इन मेटल्स में खरीदारी बढ़ाई, जिससे चांदी को भी सहारा मिला है। अमेरिकी डॉलर मिड जून के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। साथ ही, जापानी येन को मजबूत करने के लिए अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद डॉलर पर दबाव बढ़ा, जिससे सोना और चांदी जैसी मेटल्स की मांग में इजाफा देखने को मिला।

अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यहां जान लीजिए आपके अपने शहर का ताजा भाव

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,350₹23,500₹2,35,000
कोलकाता₹2,350₹23,500₹2,35,000
मुंबई₹2,350₹23,500₹2,35,000
चेन्नई₹2,350₹23,500₹2,35,000
पटना₹2,350₹23,500₹2,35,000
लखनऊ₹2,350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2,350₹23,500₹2,35,000
अयोध्या₹2,350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
गाजियाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
नोएडा₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुरुग्राम₹2,350₹23,500₹2,35,000
चंडीगढ़₹2,350₹23,500₹2,35,000
जयपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
लुधियाना₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुवाहाटी₹2,350₹23,500₹2,35,000
इंदौर₹2,350₹23,500₹2,35,000
अहमदाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
सूरत₹2,350₹23,500₹2,35,000
वडोदरा₹2,350₹23,500₹2,35,000
पुणे₹2,350₹23,500₹2,35,000
नागपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
नासिक₹2,350₹23,500₹2,35,000
बैंगलोर₹2,350₹23,500₹2,35,000
भुवनेश्वर₹2,350₹23,500₹2,35,000
रायपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
हैदराबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000

 

पिछले दिन क्या रहा भाव

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार दिल्ली में सोमवार को चांदी की कीमत शुक्रवार के 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम के क्लोजिंग लेवल से 1,800 रुपये बढ़कर 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट चांदी की कीमत मामूली रूप से बढ़कर 57.97 डॉलर प्रति औंस हो गई।

क्या कहते है बाजार जानकार

बाजार जानकारों का कहना है कि आगे चलकर, मार्केट का ध्यान फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर रहेगा, जो बुलियन की कीमतों के लिए मुख्य कारक बनी हुई है। निवेशक फेड की ब्याज दरों की दिशा के बारे में नए संकेत पाने के लिए इस हफ्ते के US रोजगार डेटा – (जिसमें ADP रोजगार में बदलाव, नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर शामिल हैं ) पर भी बारीकी से नज़र रखेंगे। तकनीकी रूप से, MCX गोल्ड के निकट भविष्य में ₹1,42,000 से ₹1,45,000 की रेंज में ट्रेड करने की उम्मीद है।

Gold Silver price: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, जानें बढ़त की क्या है वजह और क्या करें निवेशक

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹900 सस्ता हुआ, चांदी का ₹1800 बढ़ा भाव

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमत में ₹900 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना अब ₹1,47,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,48,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोना क्यों हुआ सस्ता?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल सुस्त रही। वहीं, रुपये की मजबूती का भी घरेलू कीमतों पर असर पड़ा। इसी वजह से सोना सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और कीमतों में गिरावट आई।

चांदी में लौटी तेजी

सोने के उलट चांदी की कीमत में ₹1,800 प्रति किलो की तेजी आई। अब चांदी ₹2,26,500 प्रति किलो पर पहुंच गई है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,24,700 प्रति किलो था।

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में खरीदारी बढ़ाई। इससे चांदी के दाम मजबूत हुए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,048.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी भी हल्की तेजी के साथ 57.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च AVP कायनात चैनवाला के मुताबिक, ईरान पर नए हमले की योजना रद्द होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और कीमती धातुओं को थोड़ा सहारा मिला। साथ ही, डॉलर में कमजोरी ने भी सोना और चांदी को सपोर्ट दिया।

इस हफ्ते इन आंकड़ों पर रहेगी नजर

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा गिरावट के बावजूद सोने में बड़ी तेजी नहीं दिख रही है। इसकी वजह यह है कि इस हफ्ते अमेरिका के कई अहम आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं। निवेशकों की नजर फिलहाल इन्हीं आंकड़ों पर टिकी है।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि फिलहाल MCX पर सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच फिलहाल कोई नया तनाव नहीं होना, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर का कमजोर होना है।

अब आगे सोने की चाल कैसी रहेगी

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब सोने की चाल फेडरल रिजर्व के रेट संकेत और अमेरिका के रोजगार से जुड़े अहम आंकड़ों के हिसाब से चलेंगी। उनका मानना है कि तकनीकी रूप से निकट भविष्य में MCX Gold ₹1,42,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

PPF Rules: पीपीएफ में पैसा लगाते समय ये 5 गलतियां न करें, वरना आपके रिटर्न पर सीधा असर पड़ेगा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले जानें अपने शहर के ताजा भाव

Silver Price Today: हफ्ते के पहले दिन सोमवार 3 जुलाई को चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। दिल्ली में चांदी की कीमत में हल्की गिरावट देखने को मिली है। चांदी का भाव 234.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं मुंबई में भी चांदी का भाव 234.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। हालांकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी 10.34 बजे 1.12 फीसदी यानी 2428 रुपये की बढ़त के साथ 2,19,147 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।

इंटरनेशनल मार्केट में कैसी है चाल

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी में बढ़त देखी जा रही है। सोने का भाव आज 0.24 फीसदी चढ़कर कॉमैक्स पर 4117 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। चांदी 1.04 फीसदी उछलकर 58.385 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹234.90₹23,900₹2,34,900
कोलकाता₹2,350₹24000₹2,35,000
मुंबई₹2,350₹23,500₹2,35,000
चेन्नई₹2,350₹23,500₹2,35,000
पटना₹2,350₹23,500₹2,35,000
लखनऊ₹2,350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2,350₹23,500₹2,35,000
अयोध्या₹2,350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
गाजियाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
नोएडा₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुरुग्राम₹2,350₹23,500₹2,35,000
चंडीगढ़₹2,350₹23,500₹2,35,000
जयपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
लुधियाना₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुवाहाटी₹2,350₹23,500₹2,35,000
इंदौर₹2,350₹23,500₹2,35,000
अहमदाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
सूरत₹2,350₹23,500₹2,35,000
वडोदरा₹2,350₹23,500₹2,35,000
पुणे₹2,350₹23,500₹2,35,000
नागपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
नासिक₹2,350₹23,500₹2,35,000
बैंगलोर₹2,350₹23,500₹2,35,000
भुवनेश्वर₹2,350₹23,500₹2,35,000
रायपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
हैदराबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000

पिछले कारोबारी दिन कैसा रहा चांदी का भाव?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) के स्तर पर स्थिर रही। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पर दबाव देखने को मिला। हाजिर चांदी (स्पॉट सिल्वर) की कीमत लगभग 2% गिरकर 57.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

कहां होगी नजर

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों पर दुनिया भर के कई बड़े इकोनॉमिक डेटा का असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोजोन और जापान के पीएमआई (PMI) आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा अमेरिका के जुलाई महीने के रोजगार के आंकड़े, जैसे नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं अमेरिका-ईरान से जुड़े फैक्टर्स और कच्चे तेल की सप्लाई की स्थिति पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Gold Price Today: सावन के पहले सोमवार को सोना फिसला, दिल्ली में ₹132240 पर आया 22 कैरेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SIP vs Lumpsum: ₹2000 की SIP या ₹2 लाख का लंपसम? आपके बच्चे के लिए कौन-सा निवेश बेस्ट रहेगा, पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP vs Lumpsum: बच्चा जब छोटा होता है, तब उसकी पढ़ाई, कॉलेज या करियर की चिंता दूर की बात लगती है। लेकिन समय बहुत तेजी से निकलता है। आज जो बच्चा गोद में है, वही 15-20 साल बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, MBA या विदेश में पढ़ाई का सपना देख सकता है। ऐसे में अगर आपने समय रहते निवेश शुरू नहीं किया, तो एक साथ बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं होगा।

यहीं से एक सवाल शुरू होता है। अगर आपके पास आज ₹2 लाख हैं, तो क्या उन्हें एक साथ निवेश कर देना चाहिए? या हर महीने ₹2,000 की SIP शुरू करना ज्यादा समझदारी होगी? दोनों के अपने फायदे हैं। आइए आसान भाषा और कैलकुलेशन से समझते हैं।

SIP और लंपसम में क्या अंतर है?

SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान में आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। इससे निवेश की आदत बनती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कुछ हद तक संतुलित हो जाता है।

वहीं लंपसम में पूरी रकम एक साथ निवेश की जाती है। अगर निवेश लंबी अवधि का हो, तो पूरी रकम पहले दिन से ही कंपाउंडिंग का फायदा उठाने लगती है।

इसे उदाहरण से समझिए

अब मान लीजिए आपका बच्चा अभी छोटा है और आप उसके भविष्य के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं। दो विकल्प हैं। हर महीने ₹2,000 की SIP करें या आज ही ₹2 लाख का लंपसम निवेश कर दें। मान लेते हैं कि दोनों निवेशों पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

15, 20 और 25 साल में कितना बनेगा पैसा?

निवेश का तरीका15 साल20 साल25 साल
₹2,000 की SIP का अनुमानित फंड₹10.09 लाख₹19.98 लाख₹37.95 लाख
आपका कुल SIP निवेश₹3.60 लाख₹4.80 लाख₹6.00 लाख
₹2 लाख का लंपसम निवेश₹10.95 लाख₹19.29 लाख₹34.00 लाख
लंपसम में अनुमानित मुनाफा₹8.95 लाख₹17.29 लाख₹32.00 लाख

नोट: यह कैलकुलेशन 12% सालाना अनुमानित रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं। इसलिए वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है।

दोनों रिटर्न में अंतर क्यों दिखता है?

15 साल में ₹2 लाख का लंपसम, ₹2,000 की SIP से थोड़ा आगे दिखता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, SIP का फंड बड़ा होता जाता है। इसकी वजह यह नहीं है कि SIP का रिटर्न ज्यादा है, बल्कि इसलिए क्योंकि SIP में हर महीने नया पैसा भी जुड़ता रहता है।

उदाहरण के लिए, 25 साल में SIP के जरिए आपने कुल ₹6 लाख निवेश किए हैं। वहीं, लंपसम में सिर्फ ₹2 लाख लगाए हैं। इसलिए दोनों की तुलना करते समय सिर्फ अंतिम रकम नहीं, बल्कि कुल निवेश को भी ध्यान में रखना चाहिए।

अगर आज ₹2 लाख पड़े हैं…

अब मान लीजिए आपको बोनस मिला है। कोई जमीन बिकी है। या FD मैच्योर हुई है। अगर इस पैसे की अगले 20-25 साल तक जरूरत नहीं है, तो उसे बैंक खाते में पड़ा रहने देने से बेहतर है कि लंबी अवधि के लिए निवेश कर दिया जाए। इससे पूरा पैसा पहले दिन से ही आपके लिए काम करना शुरू कर देगा।

अगर हर महीने बचत करना आसान है…

हर परिवार के पास ₹2 लाख एक साथ नहीं होते। लेकिन ₹2,000 महीने निकालना कई लोगों के लिए मुमकिन होता है। ऐसे में SIP बेहतर विकल्प है। इससे घर का बजट भी नहीं बिगड़ता और धीरे-धीरे अच्छा फंड तैयार हो जाता है।

अगर दोनों कर सकते हैं तो?

मान लीजिए आपके पास ₹2 लाख भी हैं और हर महीने ₹2,000 बचाने की क्षमता भी है। ऐसे में दोनों का फायदा उठाया जा सकता है।

आज ₹2 लाख निवेश कर दीजिए। फिर अगले महीने से ₹2,000 की SIP भी शुरू कर दीजिए। इससे एक तरफ बड़ी रकम लंबे समय तक कंपाउंड होगी और दूसरी तरफ हर महीने नया निवेश भी जुड़ता रहेगा।

सबसे बड़ा रोल समय निभाता है

अक्सर लोग सही म्यूचुअल फंड ढूंढने में महीनों लगा देते हैं, लेकिन निवेश शुरू नहीं करते। जबकि सच यह है कि अच्छे फंड से भी ज्यादा ताकत समय में होती है।

अगर बच्चा अभी 3 साल का है और आपने आज निवेश शुरू कर दिया, तो आपके पास 15 से 20 साल का समय है। यही समय छोटी-छोटी रकम को बड़े फंड में बदल देता है।

इसलिए अगर आज आप सोच रहे हैं कि अगले साल से शुरू करेंगे, तो शायद वही सबसे महंगी गलती होगी। चाहे शुरुआत ₹2,000 महीने से करें या ₹2 लाख एक साथ लगाएं, सबसे जरूरी बात यह है कि शुरुआत जितनी जल्दी होगी, भविष्य उतना ही आसान हो सकता है।

Silver Price Outlook: चांदी इस साल ₹65000 सस्ती हुई, एक्सपर्ट्स से जानिए अब दाम घटेंगे या बढ़ेंगे

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Silver Price Outlook: चांदी इस साल ₹65000 सस्ती हुई, एक्सपर्ट्स से जानिए अब दाम घटेंगे या बढ़ेंगे

Silver Price Outlook: इस साल चांदी ने निवेशकों को निराश किया है। साल की शुरुआत से अब तक इसकी कीमत करीब 23% गिर चुकी है। सिर्फ जून महीने में ही इसमें 22% की बड़ी गिरावट आई। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। भारत में इसका भाव करीब ₹2.20 लाख प्रति किलो है। इसका मतलब है कि इस साल चांदी ₹65,000 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

हालांकि, पिछले एक साल में चांदी ने 50% से ज्यादा का रिटर्न दिया था। लेकिन अब कीमतें दिसंबर 2025 के स्तर के आसपास लौट आई हैं। सवाल यह है कि आखिर चांदी पर दबाव क्यों बना हुआ है?

तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी वजह

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। ईरान युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा है। इससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और कीमतें चढ़ गईं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 86 डॉलर प्रति बैरल पर है, जो युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले करीब 20% ज्यादा है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो तेल महंगा हो सकता है। इससे महंगाई बढ़ेगी और दुनिया भर के बाजारों पर दबाव आएगा।

फेड की ब्याज दरें क्यों हैं अहम?

तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बनता है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है। ऐसे समय में निवेशक सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले एसेट छोड़कर डॉलर आधारित निवेश की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहता है।

चांदी सोने से ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली

चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं। इसकी वजह यह है कि चांदी सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि औद्योगिक धातु भी है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डेटा सेंटर और पावर ग्रिड जैसे सेक्टरों में होता है। इसलिए औद्योगिक मांग में थोड़ा भी बदलाव कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है।

गोल्ड सिल्वर रेशियो क्या होता है

जून 2026 में जब सोना 4,000-4,060 डॉलर प्रति औंस के बीच था, तब चांदी 60-61 डॉलर प्रति औंस पर थी। उस समय गोल्ड-सिल्वर रेशियो करीब 67 था। इससे पहले मई में यह 55 और जनवरी में 50 तक आ गया था।

गोल्ड-सिल्वर रेशियो बताता है कि 1 औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी चाहिए। इसे सोने की कीमत को चांदी की कीमत से भाग देकर निकाला जाता है। अगर रेशियो 75 या उससे ज्यादा हो, तो इसका मतलब माना जाता है कि चांदी सोने के मुकाबले सस्ती है। वहीं, अगर यह 50-60 या उससे नीचे हो, तो सोना सस्ता माना जाता है।

क्या अभी चांदी सस्ती है?

Bonanza के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेन्द्र यादव का कहना है कि 70 का रेशियो अपने लंबे समय के औसत के करीब है। यह बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी चांदी सोने के मुकाबले थोड़ी सस्ती नजर आती है। खासकर तब, जब औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहे। भारत में दिसंबर 2025 से चांदी की कीमत लगातार ₹2 लाख प्रति किलो से ऊपर बनी हुई है।

आगे किस धातु में ज्यादा दम?

निरपेन्द्र यादव का मानना है कि फिलहाल गोल्ड-सिल्वर रेशियो 65 से 75 के बीच रह सकता है। यह काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर फेड ब्याज दरें घटाता है, डॉलर कमजोर पड़ता है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार आता है, तो चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इससे Gold-Silver Ratio घटकर 60-65 तक आ सकता है।

वहीं, अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, मंदी का खतरा गहराता है या निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं, तो सोना चांदी से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। ऐसे में यह रेशियो 70 से ऊपर बना रह सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय में सिर्फ सोना या सिर्फ चांदी चुनने के बजाय दोनों में संतुलित निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

अगर आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है और आप कम जोखिम लेना चाहते हैं, तो सोना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। लेकिन अगर आप थोड़ा ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं और लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो धीरे-धीरे चांदी में हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। क्योंकि मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से चांदी में आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।

Gold Price Today: अगस्त के पहले दिन सोना हुआ और महंगा, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ गया भाव

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