CSM Tech IPO Listing: फ्लैट लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट, ₹113 के शेयरों ने दिया बड़ा झटका

CSM Tech IPO Listing: खरीदारी के माहौल में भी गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर को आईटी सर्विसेज देने वाली सीएसएम टेक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.37 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹113 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹113.00 और NSE पर ₹113.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹107.35 (CSM Tech Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.48% घाटे में हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में आज अच्छी तेजी है।

CSM Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सीएसएम टेक का ₹146 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-29 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.02 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.54 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.63 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.82 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,29,01,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹22.63 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹56.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

CSM Tech के बारे में

सीएसएम टेक्नोलॉजीज उन कुछ आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स में शुमार हैं जिन्होंने सरकार और प्राइवेट क्वाइंट्स, दोनों के लिए यूनिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। यह माइनिंग, एग्रीकल्चर, ट्रेड एडुकेशन, हेल्थकेयर, टूरिज्म और पब्लिक सर्विसेज सेक्टर्स में सॉल्यूशंस ऑफर करती है। 27 साल से यह ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और डिजिटल इंफ्रा तैयार कर रही है और सरकारी एजेंसियों के लिए लॉन्ग-टर्म पार्टनर के तौर पर काम कर रही है। इसका कारोबार देश के बाहर भी फैला हुआ है। भारत, इथियोपिया, केन्या, रवांडा, गाम्बिया, गैबन, यूएसए और कनाडा समेत 12 देशों के बाजार में यह है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹15.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹12.55 करोड़ रह गया और अगले वित्त वर्ष 2025 में थोड़ा रिकवर होकर ₹14.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना औसतन 11% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹200.63 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹14.70 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹167.05 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹56.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹88.88 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 24100 के पार Gift Nifty, आज Sensex की एक्सपायरी को V-Mart और Airtel समेत इन पर फोकस

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 142.00 प्वाइंट्स यानी 0.59% की बढ़त के साथ 24,186.00 पर है। चूंकि आज जुलाई सीरीज में सेंसेक्स की पहली वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 01 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

तिमाही बिजनेस अपडेट

Punjab & Sind Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब एंड सिंध बैंक का टोटस बिजनेस 15.33% बढ़कर ₹2.67 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 12.16% बढ़कर ₹1.47 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 19.5% बढ़कर ₹1.19 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए रेश्यो भी 76.19% से सुधरकर 81.18% पर पहुंच गया।

Indian Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडियन बैंक का टोटस बिजनेस 13.6% बढ़कर ₹15.28 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 13.3% बढ़कर ₹8.43 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 13.9% बढ़कर ₹6.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का घरेलू सीएएसए रेश्यो भी 38.97% से सुधरकर 39.64% पर पहुंच गया।

South Indian Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर साउथ इंडियन बैंक का टोटल डिपॉजिट्स 11.39% बढ़कर ₹1.25 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 17.01% बढ़कर ₹1.04 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए 14.61% बढ़कर ₹41,493 करोड़ और सीएएसए रेश्यो 32.06% से सुधरकर 32.99% पर पहुंच गया।

Tamilnad Mercantile Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडियन बैंक का टोटस बिजनेस 23.04% बढ़कर ₹1.21 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 19.7% बढ़कर ₹64,409 करोड़ और ग्रास एडवांसेज 27.01% बढ़कर ₹57,306 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए 16.94% बढ़कर ₹16,852 करोड़ पर पहुंच गया।

Dhanlaxmi Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर धनलक्ष्मी बैंक का टोटस बिजनेस 21.12% बढ़कर ₹35,188 करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 17.1% बढ़कर ₹19,403 करोड़ और ग्रास एडवांसेज 26.5% बढ़कर ₹15,785 करोड़ पर पहुंच गया।

Ashiana Housing Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में आशियाना हाउसिंग का एरिया बुकिंग सालाना आधार पर गिरकर 5.05 लाख स्क्वेयर फीट से 3.61 लाख स्क्वेयर फीट पर आ गया तो बिके एरिया की वैल्यू भी फिसलकर ₹430.97 करोड़ से ₹357.8 करोड़ पर आ गई।

V-Mart Retail Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में वी-मार्ट रिटेल का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹1,089 करोड़ और सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ 1% से 9% पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में 15 स्टोर खोले तो 1 बंद किया।

Sai Silks Kalamandir Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में साई सिल्क्स कलामंदिर का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1% गिरकर ₹375 करोड़ पर आ गया। कंपनी ने कर्नाटक में दो नए स्टोर के जरिए 30 हजार स्क्वेयर फीट का रिटेल स्पेस जोड़ा।

V2 Retail Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में वी2 रिटेल का स्टैंडएलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 58.25% बढ़कर ₹997 करोड़ और सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ 5% से 7.5% पर पहुंच गया। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 57 नए स्टोर खोले और 1 बंद किया।

JTL Industries Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जेटीएल इंडस्ट्रीज की सेल्स वॉल्यूम 18% बढ़कर 1.18 लाख टन पर पहुंच गई।

मंथली बिजनेस अपडेट

Force Motors (June YoY)

जून महीने में फोर्स मोटर्स की टोटल सेल्स सालाना आधार पर 23.5% बढ़कर 3,568 यूनिट्स पर पहुं गई। इसमें घरेलू सेल्स सालाना आधार पर 26.63% बढ़कर 3,547 यूनिट्स पर पहुंचा लेकिन निर्यात 76.14% गिरकर 21 यूनिट्स पर आ गया।

NMDC (June YoY)

जून महीने में सालाना आधार पर एनएमडीसी के लौह अयस्क का उत्पादन 44.3% बढ़कर 5.15 टन और इसकी सेल्स 11.2% बढ़कर 3.98 टन पर पहुंच गई।

Stocks to Watch : इन पर भी रहेगी नजर

Lupin

13-17 अप्रैल 2026 के बीच जांच के बाद अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से अमेरिका के न्यू जर्सी के सोमरसेट में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए लुपिन को EIR (एस्टैब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट) मिली है, जिसमें वॉलंटरी एक्शन इंडिकेटेड (VAI) क्लासिफिकेशन को संतोषजनक बताया गया है। वहीं यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (EMA) ने पीडियाट्रिक इन्वेस्टिगेशन प्लान (PIP) के आधार पर NaMuscla के मार्केटिंग ऑथराइजेशन की शर्तों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी में मौजूदा 167 mg स्ट्रेंथ के अलावा दो नई डोज स्ट्रेंथ-62 एमजी और 83 एमजी कैप्सूल भी शामिल हैं।

Hero MotoCorp

हीरो मोटोकॉर्प ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में ₹750 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ अपने दूसरे ग्लोबल पार्ट्स सेंटर (GPC) का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्य में उसका कुल निवेश ₹3,200 करोड़ से ज्यादा हो जाएगा।

Tata Technologies

टाटा टेक्नोलॉजीज और टेनेको एलएलसी ने मोबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए अपनी ग्लोबल पार्टनरशिप को और मजबूत किया है। टेनेको अगले पांच वर्षों में इस साझेदारी में $10.0 करोड़ से अधिक का निवेश कर सकती है।

Bharti Airtel

भारती एयरटेल की सब्सिडियरी एयरटेल मनी ने टाइप II नॉन-डिपॉजिट-टेकिंग NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) के तौर पर कमर्शियल कामकाज शुरू कर दिया है।

Syngene International

सिद्धार्थ मित्तल ने 1 जुलाई से पीटर बेन की जगह सिनजीन इंटरनेशनल के एमडी और सीईओ का पद संभाल लिया है।

Studds Accessories

भरत गोयल को 1 जुलाई से स्टड्स एक्सेसरीज का सीएफओ नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने मनीष मेहता को 1 जुलाई से सीएफओ के पद से हटाकर सीनियर मैनेजमेंट कैटेगरी में वाइस प्रेसिडेंट–टैक्सेशन एंड कंप्लायंस बनाया है।

Coal India

कोल इंडिया को बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड से 600 MW का सोलर प्लांट लगाने के लिए ₹2,831.11 करोड़ का लेटर ऑफ अवार्ड मिला है।

Srivasavi Adhesive Tapes

बेंगलुरु रूरल में श्रीवासवी एडहेसिव टेप्स के पॉलिमर डिवीजन (यूनिट 5) ने एक ग्लोबल मल्टीनेशनल कंपनी के साथ पर्चेजिंग एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी PP, HDPE, फैब्रिक और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की सप्लायर बन गई है।

Sai Parenterals

साई पैरेंटरल्स की ऑस्ट्रेलियाई सब्सिडियरी नौमेड फार्मा ने ऑस्ट्रेलिया की मल्टी-बिलियन डॉलर की फार्मेसी चेन के साथ अपने लॉन्ग टर्म एक्सक्लूसिव OTC (ओवर-द-काउंटर) दवा सप्लाई एग्रीमेंट को रिन्यू किया है। नए एग्रीमेंट में प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाई गई है, समय-सीमा बढ़ाई गई है और कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू भी काफी ज्यादा है। रिन्यू हुए एग्रीमेंट की वैल्यू साढ़े सात साल की बढ़ी हुई अवधि के लिए AUD 20.2 करोड़ (लगभग ₹1,300 करोड़) यानी सालाना लगभग AUD 2.7 करोड़ है। इस एग्रीमेंट में आपसी सहमति से इसे और तीन साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी शामिल है।

लिस्टिंग

आज सीएसएम टेक के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज लॉयड्स एंटरप्राइजेज और चेमबॉन्ड मैटेरियल टेक के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो गुजरात एनर्जी के स्पिन ऑफ की भी आज एक्स-डेट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market News: जून तिमाही में रिटेल निवेशकों ने इक्विटी में की जोरदार खरीदारी, बाजार में लगाए 35,328 करोड़ रुपये

Stock Market News: कई महीनों तक किनारा बनाए रहने के बाद,रिटेल निवेशक भारतीय इक्विटी मार्केट में वापस लौट रहे हैं। जून तिमाही में इनकी खरीदारी में तेजी देखने को मिली है। यह लंबे समय तक सावधानी बरतने के बाद निवेशकों की सोच में आए बदलाव का संकेत है। NSE के डेटा के मुताबिक रिटेल निवेशकों ने जून में 14,088 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह इनकी तरफ से मई में 3,018 करोड़ रुपये और अप्रैल में 18,222 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए। पूरी जून तिमाही की बात करें तो उनकी कुल खरीदारी 35,328 करोड़ रुपये रही। यह दिसंबर 2024 की तिमाही के बाद उनकी सबसे बड़ी तिमाही खरीदारी है। दिसंबर तिमाह में उन्होंने लगभग 56,126 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

जून तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद रिटेल निवेशकों की तरफ से जमकर खरीदारी हुई।

2025 की शुरुआत से ही रिटेल निवेशक बाजार से दूरी बनाए हुए थे। उन्होंने 2025 में 25,615 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। जबकि 2026 के शुरुआती तीन महीनों में उन्होंने सिर्फ 2,750 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड,सौरभ जैन ने कहा कि यह खरीदारी सट्टेबाजी के लिए गिरावट पर की गई खरीदारी नहीं है,बल्कि यह साइड में पड़ी पूंजी का रणनीतिक और मैक्रो-आधारित निवेश है। ब्रॉडर मार्केट के हालात भी इस नजरिए का सपोर्ट करते हैं।

buying

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान,सेंसेक्स और निफ्टी में 6.3 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो पिछले चार तिमाहियों में उनकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। इस दौरान मेन इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 16.7 प्रतिशत बढ़ा,जो जून 2024 के बाद की इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त रही।

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 24.5% की बढ़त हुई,जो जून 2020 के बाद से इसका सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा। BSE 250 माइक्रोकैप इंडेक्स भी 30% उछला,जो मार्च 2025 में इंडेक्स के शुरू होने के बाद से इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। जून तिमाही के दौरान BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 15% बढ़ा।

जैन ने आगे कहा कि फरवरी के आखिर में शुरू हुई मिडिल-ईस्ट जंग और उसके चलते तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के डर से निवेशकों का भरोसा शुरू में कमजोर हुआ था,लेकिन जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते ने एक बड़ी राहत का काम किया। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमत चार महीने के निचले स्तर $72 पर आ गई और एनर्जी शॉक प्रीमियम का असर भी कम हुआ।

बाजार को मिला पॉलिसी सपोर्ट

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया और केंद्र सरकार के 5 जून के बड़े पॉलिसी पैकेज से इस जियोपॉलिटिकल तनाव के असर को कम करने में काफी मदद मिली। इस पैकेज में FPI बॉन्ड निवेश पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स और विदहोल्डिंग टैक्स को हटाना,’फुल्ली एक्सेसिबल रूट’का विस्तार करना और लॉन्ग-टर्म FCNR फिक्स्ड डिपॉजिट व NRI इक्विटी निवेश के लिए बेहतर इंसेंटिव देना शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि इस पॉलिसी सपोर्ट ने FII की निकासी को रोका,रुपये को स्थिर किया और मैक्रो रिस्क को कम किया। इससे रिटेल निवेशकों को यह भरोसा मिला कि वे मार्केट में गिरावट(करेक्शन)का इस्तेमाल एंट्री के अच्छे मौकों के तौर पर कर सकते हैं और अपने कैश रिजर्व को व्यवस्थित तरीके से इक्विटी में फिर से लगा सकते हैं।

FIIs रहे नेट सेलर

बाजार जानकारों का कहना है कि इस तिमाही के ज्यादातर हिस्से में FIIs नेट सेलर बने रहे। उनकी बिकवाली मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर रहे। इसमें US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं और ग्लोबल स्तर पर रिस्क-ऑफ का माहौल शामिल है। यह भारत के घरेलू मार्केट के फंडामेंटल्स में किसी खराबी के बजाय ग्लोबल एसेट एलोकेशन में बदलाव को दिखाता है।

विदेशी निवेशकों की निकासी को घरेलू निवेशकों ने किया बेअसर

घरेलू निवेशकों से मिले जबरदस्त सपोर्ट के चलते विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बावजूद,भारतीय बाजार मजबूत बने रहे। म्यूचुअल फंड SIP के जरिए लगातार निवेश,घरेलू संस्थागत निवेशकों की जोरदार खरीदारी और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने FII की बिकवाली से बनी सप्लाई को संभाल लिया। इससे बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई और बाजार का ओवरऑल तेजी वाला ढांचा कायम रहा।

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हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में आई मजबूत रिकवरी

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि भले ही बेंचमार्क इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कई लार्ज-कैप और अच्छे मिड-कैप शेयरों ने अपने लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल (जैसे 100 डे और 200 डे मूविंग एवरेज) को बनाए रखा। हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में मजबूत रिकवरी आई, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक शेयर जमा (accumulate) कर रहे हैं,न कि बड़े पैमाने पर बेच रहे हैं। यह एक ऐसा प्राइस पैटर्न है जिसे आम तौर पर टेक्निकल नज़रिए से अच्छा माना जाता है।

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

तीखा सामाजिक-आर्थिक व्यंग्य: दो जून की रोटी

An image featuring sharp satire on the country's economy and rising inflation

साहब! दो जून की रोटी मिल जाए, बस और क्या चाहिए? यह वाक्य सुनने में जितना सरल लगता है, उतना ही भयावह है। दरअसल यह कोई संतोष का वाक्य नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का मृत्युलेख है जिसने करोड़ों लोगों की पूरी जिंदगी को सिर्फ रोटी तक सीमित कर दिया। जिस देश ने चंद्रयान भेज दिया, डिजिटल क्रांति कर दी, जीडीपी के ग्राफ आसमान तक पहुँचा दिए, उसी देश का एक बहुत बड़ा वर्ग आज भी सुबह उठकर यह तय नहीं कर पाता कि शाम को चूल्हा जलेगा भी या नहीं।

 

एक तरफ कांच की ऊंची इमारतों में बैठे लोग वर्क फ्रॉम होम करते हुए एवोकाडो टोस्ट और ग्रीन टी के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल पर वेबिनार कर रहे हैं, दूसरी तरफ शहर के किसी नाले किनारे बैठा रिक्शेवाला अपनी पत्नी से पूछ रहा है आज आटा बचेगा या फिर बच्चों को कहानी सुनाकर सुला दें?

 

यह वही देश है जहां भूख अब आं तों से कम और भाषणों में अधिक पाई जाती है। यहां रोटी पेट से ज्यादा राजनीति में फूलती है। चुनाव आते ही हर दल गरीब की थाली में उतर आता है। कोई कहता है मुफ्त राशन देंगे, कोई कहता है पोषण देंगे, कोई कहता है सब्सिडी देंगे, लेकिन कोई यह नहीं कहता कि ऐसी व्यवस्था देंगे जहां आदमी खुद अपनी रोटी सम्मान से कमा सके। क्योंकि आत्मनिर्भर गरीब राजनीति के लिए उतना उपयोगी नहीं होता जितना राशन कार्ड वाला गरीब।

 

अब रोटी भी वर्ग देखकर परोसी जाती है। अमीर आदमी की थाली में मल्टीग्रेन, लो कार्ब, ग्लूटन फ्री, ऑर्गेनिक रोटियां हैं। गरीब की थाली में रोटी नहीं, समझौता रखा होता है। आधी जली हुई दो बासी रोटियाँ, नमक-मिर्च और बच्चों को यह समझाने की कोशिश कि आज भूख कम लग रही होगी। अमीर के यहां डाइट प्लान बनते हैं, गरीब के यहां रोटी प्लान। वहां लोग वजन घटाने के लिए खाना छोड़ते हैं, यहां लोग पैसे बचाने के लिए।

 

देश की अर्थव्यवस्था बड़ी तेज़ी से बढ़ रही है। हर महीने कोई नया आंकड़ा आता है जो बताता है कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने वाला है। मगर अजीब बात है कि यह अर्थव्यवस्था हमेशा गरीब की थाली के ऊपर से छलांग लगाकर निकल जाती है। स्टॉक मार्केट ऊपर जाता है तो मजदूर की कमर और झुक जाती है। सेंसेक्स को देखकर कॉर्पोरेट जगत मुस्कुराता है, लेकिन दिहाड़ी मजदूर रोज सुबह इस डर से उठता है कि आज काम मिला तो रोटी मिलेगी, नहीं मिला तो लोकतंत्र का भाषण पीकर सोना पड़ेगा।

 

बिहार का मजदूर राजस्थान में ईंट ढो रहा है। उड़ीसा का युवक पंजाब की मंडियों में धूप सेंक रहा है। बुंदेलखंड का किसान दिल्ली में निर्माणाधीन इमारतों पर सीमेंट मल रहा है। और इन सबका सपना क्या है? कोई बंगला नहीं, कोई कार नहीं बस इतना कि घर में चूल्हा जलता रहे। ये लोग इस देश की अर्थव्यवस्था के अनौपचारिक देवता हैं, लेकिन व्यवस्था इन्हें अनस्किल्ड लेबर कहती है, जैसे भूख मिटाने के लिए डिग्री जरूरी हो।

 

महंगाई अब आर्थिक समस्या नहीं रही, वह एक संगठित साजिश जैसी लगती है। प्याज अब सब्जी कम, भावनात्मक हथियार अधिक हो गया है। टमाटर कभी आम आदमी की पहुंच से बाहर जाकर अचानक वीआईपी व्यवहार करने लगता है। गैस सिलेंडर की कीमत सुनकर गृहिणी रोटी बेलने से पहले बजट बेलती है। अब रसोई में मसाले कम और गणित अधिक पकता है। महीने के अंतिम सप्ताह में घर की महिलाएँ वैज्ञानिकों की तरह प्रयोग करती हैं कि बची हुई दाल से कितने दिन और लोकतंत्र चलाया जा सकता है।

 

सरकारें कहती हैं डिजिटल इंडिया बन रहा है। बिल्कुल बन रहा है। अब भूख भी डिजिटल हो गई है। राशन चाहिए तो आधार लिंक कराइए। अंगूठा लगाइए। ओटीपी डालिए। सर्वर डाउन हो तो भूखे रहिए। गरीब आदमी अब रोटी से पहले नेटवर्क खोजता है। सरकारी पोर्टल कहता है भोजन की गारंटी। गांव वाला कहता है साहब, यहां तो नेटवर्क ही नहीं आता। ऐसा लगता है मानो अब पेट भी ऐप डाउनलोड करके ही भरेगा।

 

शिक्षा और भूख का रिश्ता भी बड़ा विचित्र है। गांव के स्कूलों में बच्चे ज्ञान लेने कम, मध्यान्ह भोजन लेने अधिक आते हैं। शिक्षक उपस्थिति दर्ज करते समय जानते हैं कि बच्चे गणित से पहले खिचड़ी गिनना सीख रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षा का सपना उन घरों में भेजा गया जहां मोबाइल से ज्यादा जरूरी आटा था। जिन बच्चों के घर में बिजली नहीं, उनसे कहा गया- डिजिटल बनो। यानी इस देश में गरीब से कहा जा रहा है कि वह भूखे पेट आधुनिक हो जाए।

 

राजनीति भूख की सबसे पुरानी व्यापारी रही है। हर चुनाव में गरीब की थाली कैमरे के सामने परोसी जाती है। नेता रोटी खाते हुए फोटो खिंचवाते हैं, फिर पांच साल तक गरीब लाइन में खड़ा होकर वही रोटी मांगता रहता है। पिछली सरकार कहती है हमने राशन दिया। वर्तमान सरकार कहती है हमने मुफ्त अनाज बढ़ाया। अगली सरकार शायद कहे हमने गरीब को खाने के लिए प्रेरित किया। लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी करोड़ों लोग मुफ्त राशन पर निर्भर क्यों हैं।

 

सबसे भयावह दृश्य सोशल मीडिया पर दिखाई देता है। किसी भूखे बच्चे की वीडियो वायरल होती है। लोग दुखी इमोजी भेजते हैं, मानवता पर लंबी पोस्ट लिखते हैं, फिर अगले ही क्षण किसी सेलिब्रिटी की शादी या क्रिकेट मैच में व्यस्त हो जाते हैं। भूख अब ट्रेंडिंग कंटेंट है। गरीब की पीड़ा अब एल्गोरिद्म के भरोसे चलती है।

 

और इस पूरी व्यवस्था का सबसे क्रूर पक्ष यह है कि अब रोटी भी इज्जत मांगती है। भूखा होना अपराध नहीं माना जाता, लेकिन रोटी मांगना अपमान बना दिया गया है। लोग दान तो करते हैं, पर इस अंदाज़ में कि सामने वाले को उसकी गरीबी का पूरा अहसास हो जाए। अब रोटी पेट नहीं भरती, आत्मसम्मान भी तोड़ती है।

 

सवाल यह नहीं कि देश में अनाज की कमी है। गोदाम भरे पड़े हैं। सवाल यह है कि व्यवस्था की संवेदना खाली क्यों है। एक तरफ शादी-ब्याह में टनों खाना कूड़ेदान में फेंका जाता है, दूसरी तरफ कोई मां अपने बच्चे को पानी पिलाकर सुला देती है ताकि उसे भूख कम लगे। यह केवल आर्थिक असमानता नहीं, सभ्यता की असफलता है।

 

आज दो जून की रोटी कोई साधारण आवश्यकता नहीं रही। यह एक युद्ध है महंगाई और मजदूरी के बीच, भूख और व्यवस्था के बीच, इंसान और उपभोक्ता के बीच। आदमी अब रोटी नहीं खा रहा, वह अपनी जिंदगी किस्तों में चुका रहा है।

 

और शायद इस समय का सबसे बड़ा व्यंग्य यही है कि जिस लोकतंत्र में रोटी सबसे बड़ा मुद्दा हो, वहां भूखा आदमी आंकड़ा कहलाता है और भरी थाली वाला राष्ट्रवाद समझाता है।

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Market Outlook : जुलाई सीरीज का शानदार आगाज, सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Market Outlook: मिले-जुले ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच, बुधवार, 1 जुलाई को घरेलू शेयर बाज़ार में अच्छी खरीदारी देखी गई। इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स 444 पॉइंट्स या 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 140 पॉइंट्स या 0.59% बढ़कर 24,005.85 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी ऊपर गए; निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.34% बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.36% चढ़ा।

BSE-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹474 लाख करोड़ से बढ़कर ₹476 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया, जिससे निवेशक एक ही सेशन में ₹2 लाख करोड़ से थोड़ा ज़्यादा अमीर हो गए।

निफ्टी पर इटरनल, अडानी एंटरप्राइजेज, नेस्ले इंडिया, HUL, एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स में से थे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, TCS, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील लूजर्स थे।

सेक्टोरल फ्रंट पर, रियल्टी इंडेक्स 3.5% ऊपर, FMCG और मीडिया इंडेक्स में 2-2%, ऑटो और PSU बैंक इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर, IT इंडेक्स 2% गिरा, जबकि मेटल इंडेक्स 1% और फार्मा इंडेक्स 0.5% नीचे गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाज़ार 2026 के दूसरे हाफ़ में उम्मीद के साथ आए क्योंकि कई मुश्किलें कम होने लगीं, जिसमें US-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होना और तेल की कीमतें पॉज़िटिव सेंटिमेंट के मुख्य कारण बनकर उभरीं।” नायर ने बताया कि रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई, जिसमें लार्ज कैप्स ने अच्छे वैल्यूएशन और दो साल के आउटफ्लो के बाद FPI सेंटिमेंट में कुछ बदलाव की उम्मीद के कारण बेहतर परफॉर्म किया।

2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल 

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी रेंज-बाउंड रहा क्योंकि इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन में, यह 24,000 मार्क के आस-पास रहा है, जो डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखाता है।

साइडवेज़ मूवमेंट के बावजूद, शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है, इंडेक्स पूरे सेशन में मज़बूती दिखा रहा है। हालांकि, मोमेंटम अभी भी धीमा है।

आगे, जब तक निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक बुलिश बायस बना रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन स्थिर ऊपर की ओर बढ़ती रह सकती है, जिसमें शॉर्ट टर्म में 24,200 और उससे ऊपर जाने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने आज, बेंचमार्क इंडेक्स में पुलबैक रैली देखी गई। निफ्टी 140 पॉइंट्स ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 444 पॉइंट्स ऊपर था। सेक्टर्स में, रियलिटी इंडेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई, जिसमें 3.44 परसेंट की रैली हुई, जबकि IT इंडेक्स सबसे ज़्यादा 2 परसेंट गिरा।

टेक्निकली, डेली चार्ट्स पर, मार्केट ने एक छोटा बुलिश कैंडल बनाया है, और इंट्राडे चार्ट्स पर, यह एक रिवर्सल फॉर्मेशन बनाए हुए है। डे ट्रेडर्स के लिए, 23900/76500 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा। इसके ऊपर, बुलिश मोमेंटम जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, मार्केट 24150-24250/77500-77800 तक जा सकता है। दूसरी तरफ, 23900/76500 से नीचे, सेलिंग प्रेशर बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे, यह 23800/76200 और 20-दिन के SMA (सिंपल मूविंग एवरेज), या 23750/76000 को फिर से टेस्ट कर सकता है।

अभी मार्केट का टेक्सचर नॉन-डायरेक्शनल है, इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी होगी।

VA Tech Wabag Share: रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला ये इंफ्रा सेक्टर का स्टॉक ऑर्डर मिलने के बाद 6% दौड़ा, जानें डिटेल

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Q2 की ग्रीन शुरुआत, Sensex में 444 अंकों का उछाल, ढाई लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty Closes Green: शेयर मार्केट के लिए वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही ग्रीन रही। दो दिनों की गिरावट के बाद आज 1 जुलाई को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) ग्रीन रहे। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया था तो निफ्टी भी 24000 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर अच्छा माहौल दिखा और मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज ऑटो, एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर से अच्छा सपोर्ट मिला। निफ्टी रियल्टी 3% से अधिक तो निफ्टी एफएमसीजी 2% और निफ्टी ऑटो 1% से अधिक मजबूत हुआ। मार्केट पर आज आईटी सेक्टर ने दबाव डालने की काफी कोशिश की और सेंसेक्स के टॉप 3 लूजर इसी सेक्टर से रहे तो निफ्टी आईटी भी 2% से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी मेटल भी 1% कमजोर हुआ तो निफ्टी फार्मा भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस मिल-जुले माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ढाई लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 631.41 प्वाइंट्स चढ़कर 77,110.08 और निफ्टी 50 भी 184.15 प्वाइंट्स उछलकर 24,049.90 तक पहुंचा था।

₹2.93 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 30 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,73,57,184.467 करोड़ था। आज यानी 1 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,50,197.95 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,93,013.483 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 22 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 22 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज जोमैटो की पैरेंट एटर्नल, एशियन पेंट्स और एचयूएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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174 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4447 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2276 शेयर आज मजबूत हुए तो 1995 में गिरावट रही जबकि 176 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 174 शेयर एक साल के हाई और 92 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 13 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 8 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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Vedanta Oil & Gas का शेयर 20% भागा, समूह की बाकी तीन कंपनियों के शेयरों को भी लगे पंख

वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर के बाद बनी चारों कंपनियों के शेयर 1 जुलाई को रॉकेट बन गए। वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता पावर में से सबसे ज्यादा तेजी वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में दिखी। इसकी वजह यह है कि चारों कंपनियों के शेयर बुधवार को ट्रेड-टू-ट्रेड सेगमेंट से बाहर आ गए। ये चारों शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में 15 जून को लिस्ट हुए थे। पहले 10 कारोबारी दिनों के लिए इन्हें टी2टी सेगमेंट में डाला गया था।

टी2टी सेगमेंट के शेयरों पर लागू होती हैं ये शर्तें

T2T सेगमेंट में शामिल शेयरों में हर ट्रांजेक्शन पर डिलीवरी जरूरी होती है। इन शेयरों में इंट्रा-डे बाइंग और सेलिंग की इजाजत नहीं होती है। शेयर की कीमत चढ़ने या उतरने की स्थिति में 5 फीसदी पर ही सर्किट लग जाता है। इन चारों शेयरों के 1 जुलाई को टी2टी सेगमेंट से बाहर आने के बात ये बंदिशें खत्म हो गई हैं। इन शेयरों में इंट्रा-डे ट्रेडिंग भी हो सकेगी। इससे इनमें लिक्विडिटी बढ़ेगी। साथ ही कीमतों में उतार-चढ़ाव भी दिखेगा।

वेदांता ऑयल के शेयरों में 20 फीसदी तक उछाल

2:15 बजे Vedanta Oil & Gas का शेयर 19.98 फीसदी चढ़कर 38.68 रुपये पर चल रहा था। वेदांता पावर का शेयर 11.30 फीसदी के उछाल के 45 रुपये पर चल रहा था। वेदांता आयरन का शेयर 9.98 फीसदी की तेजी के साथ 38.78 रुपये पर था। वेदांता एल्युमीनियम का शेयर 2.60 फीसदी चढ़कर 460.10 रुपये पर चल रहा था। शेयर बाजारों में 1 जुलाई को अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में करीब 0.70 फीसदी की मजबूती थी।

कंपनी विदेशी कंपनियों से कर रही पार्टनरशिप

ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल ने वेदांता ऑयल एंड गैस के बारे में कहा है कि कंपनी ने एंड-टू-एंड आउटसोर्सिंग एप्रोच के इस्तेमाल का प्लान बनाया है। इसके लिए वह ग्लोबल लेवल की सीजमिक, सबसर्फेस इवोल्यूशन, ड्रिलिंग और फील्ड डेवलपमेंट के लिए पार्टनरशिप कर रही है। इससे कंपनी को अपनी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे एफिशियंसी बढ़ेगी, जिसका पॉजिटिव असर वॉल्यूम ग्रोथ पर पड़ेगा।

टॉप 3 प्राइवेट कंपनियों में आने का लक्ष्य

ब्रोकरेज फर्म ने वेदांता पावर के बारे में कहा है कि कंपनी स्थापित क्षमता के लिहाज से भारत के टॉप पांच प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में शामिल है। कंपनी FY33 तक टॉप 3 प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में अपनी जगह बनाना चाहती है। कंपनी कोयला आधारित अपनी क्षमता 4.2GW से बढ़ाकर इस वित्त वर्ष के अंत तक 4.8GW करना चाहती है।

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वेदांता ऑयल का भी बड़ा प्लान

ब्रोकरेज फर्म यस सिक्योरिटीज ने वेदांता ऑयल एंड गैस के बारे में कहा कि मैनेजमेंट ने अपनी उत्पादन क्षमता में बड़ी वृद्धि करने के प्लान के बारे में बताया है। कंपनी के प्रमुख फोकस एरिया में राजस्थान नॉर्थ में एएसपी का डेप्लॉयमेंट, राजस्थान साऊथ में डीप गैस डेवलपमेंट और केजी बेसिन में डीपवाटर शामिल हैं। इससे पोर्टफोलियो की लंबी अवधि की ग्रोथ में मदद मिलेगी।

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Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को लगे पंख, AI में एंट्री के ऐलान का असर

Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को 1 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। शुरुआती कारोबार में शेयर 18 फीसदी तक चढ़ गया। 12 बजे शेयर का भाव 15.90 फीसदी उछाल के साथ 28.79 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में उछाल की वजह कंपनी का एक ऐलान है। कंपनी ने आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और न्यू एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का ऐलान किया है।

बाजार खुलते ही 18 फीसदी चढ़ गया शेयर

1 जुलाई को बाजार खुलते ही Reliance Power का शेयर 18.35 फीसदी चढ़कर 29.40 रुपये पर पहुंच गया। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि उसने तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अलॉयड न्यू-एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का प्लान बनाया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज के जरिए कुछ खास कदम उठाए हैं।

एआई में कंपनी की बड़ी एंट्री

रिलायंस पावर के मुताबिक, इस कदम का मकसद अपने बिजनेस फ्रेमवर्क के तहत एआई और इससे संबंधित टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के ऑब्जेक्ट में संशोधन किया है। रिलायंस पावर ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के नामों में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इनमें Reliance AI Green Power Private Limited, Reliance AI Power Private Limited, Reliance AI Data Control private और Reliance AI Data C Private Limited शामिल हैं।

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तीन महीनों में 30 फीसदी चढ़ा शेयर 

रिलांयस पावर के शेयरों में बीते तीन महीनों में करीब 30 फीसदी तेजी आई है। इस दौरान सेंसेक्स सिर्फ 5 फीसदी चढ़ा है। 1 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। 12 बजे निफ्टी 0.66 फीसदी यानी 158 अंक चढ़कर 24,022 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.72 फीसदी यानी 552 अंक के उछाल के साथ 77,025 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.73 फीसदी की तेजी दिखी।

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Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

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VA Tech Wabag Share: रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला ये इंफ्रा सेक्टर का स्टॉक ऑर्डर मिलने के बाद 6% दौड़ा, जानें डिटेल

VA Tech Wabag Share Price: इंफ्रा सेक्टर की दिग्गज कंपनी और रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला स्टॉक, VA Tech Wabag के शेयर बुधवार, 1 जुलाई को इंट्राडे में 6 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते नजर आए। शेयर में यह तेजी उस वक्त आई जब कंपनी ने बताया कि उसे ऑस्ट्रिया के वियना में डोनौइंसेल वॉटर वर्क्स के विस्तार के लिए एक “बड़ा” ऑर्डर मिला।

VA Tech Wabag का शेयर प्राइस ₹2,010.75 के पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹2,039.95 पर खुला और सुबह के सेशन में 6.30% उछलकर ₹2,137.45 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। हालांकि, स्टॉक ने जल्द ही बढ़त कम कर दी और सुबह 11.20 बजे के आसपास 3.37% बढ़कर ₹2,075 पर ट्रेड करता नजर आया।

VA Tech Wabag को ऑस्ट्रिया में ऑर्डर मिला

बुधवार, 1 जुलाई को मार्केट खुलने से पहले, कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे वियना शहर, म्युनिसिपल डिपार्टमेंट MA 31 – वीनर वासर से ऑस्ट्रिया के वियना में डोनौइंसेल वॉटर वर्क्स को बढ़ाने के लिए एक बड़ा ऑर्डर मिला है। ऑर्डर की वैल्यू ₹250 से ₹600 करोड़ के बीच होने की उम्मीद है।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, पूरी फैसिलिटी 2030 में पूरी होने और चालू होने वाली है, जिसके बाद एक्सेप्टेंस माइलस्टोन तय किए जाएंगे। कंपनी ने कहा, “Wabag के लिए, यह प्रोजेक्ट ऑस्ट्रिया में एक फ्लैगशिप रेफरेंस है और यूरोप पर ग्रुप के स्ट्रेटेजिक फोकस को दिखाता है।”

कंपनी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट वियना शहर की ‘वीनर वासर 2050’ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा कि इसकी डिज़ाइन कैपेसिटी 1,000 लीटर प्रति सेकंड है, जो लगभग 86 MLD के बराबर है।

डोनौइनसेल वॉटर वर्क्स के विस्तार से वियना के पीने के पानी के सिस्टम की मज़बूती बढ़ेगी, क्योंकि इससे शहर के मशहूर अल्पाइन स्प्रिंग वॉटर सप्लाई के साथ एक कंट्रोल किया जा सकने वाला ग्राउंडवॉटर-बेस्ड सप्लाई पिलर जुड़ जाएगा। यह प्लांट सुरक्षित कुओं के खेतों से ग्राउंडवॉटर को ट्रीट करेगा और वियना के वॉटर सप्लाई सिस्टम में अच्छी क्वालिटी का पीने का पानी देगा।

VA टेक वबाग के CEO-यूरोप क्लस्टर, महमूत गेडेक ने कहा, “डोनौइनसेल वॉटर वर्क्स का विस्तार वियना की लंबे समय तक चलने वाली पीने के पानी की सप्लाई के लिए एक मील का पत्थर है और कंपनी की टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञता का एक मज़बूत सबूत है।”

22 मई को CNBC-TV18 के साथ बातचीत में, VA टेक वबाग के चेयरमैन और MD, राजीव मित्तल ने कहा कि कंपनी के लिए पश्चिम एशिया प्रोजेक्ट का काम जारी है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में एग्जीक्यूशन 20% गाइडेंस को पार कर सकता है, जबकि इसका मीडियम-टर्म रेवेन्यू गाइडेंस 15% से 20% के बीच और इसका EBITDA 13% से 15% के बीच बना रहेगा।

रेखा झुनझुनवाला का एक पोर्टफोलियो स्टॉक

जानी-मानी इन्वेस्टर रेखा झुनझुनवाला की पिछली तिमाही में VA Tech Wabag में 8% से ज़्यादा हिस्सेदारी थी। FY25 की मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न डेटा के अनुसार, रेखा झुनझुनवाला के पास VA Tech Wabag में 50,00,000 शेयर थे, जो 8.02% हिस्सेदारी के बराबर है।

मार्च तिमाही के आखिर तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के पास कुल मिलाकर 1,03,44,924 शेयर या कंपनी में 16.60% हिस्सेदारी थी।

VA Tech Wabag एक मल्टीबैगर स्टॉक है

इस स्टॉक ने लंबे समय में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। BSE डेटा के अनुसार, VA Tech Wabag के शेयर तीन साल और पांच साल में क्रमशः 325% और 500% बढ़े हैं।

पिछले एक साल में, स्टॉक ने 46% का रिटर्न दिया है। इस साल 27 जनवरी को ₹1,033.95 के 52-हफ़्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बाद, स्टॉक 25 जून को ₹2,188.95 के 52-हफ़्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था।

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