Metal Stocks : मेटल स्टॉक्स में गिरावट का डर, राकेश अरोड़ा बोले- अब तेजी आते ही करें मुनाफावसूली

Metal Stocks : अगर हाल के दिनों में मेटल शेयरों में तेजी देखकर आप खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा रुक जाइए। GoIndiaStocks.com के फाउंडर राकेश अरोड़ा का मानना है कि मेटल स्टॉक्स के अच्छे दिन खत्म होने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि फिलहाल मेटल शेयरों में नई खरीदारी करने के बजाय मुनाफा वसूलने पर विचार करना चाहिए।

उनके मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे मेटल कंपनियों के लिए अच्छे रह सकते हैं। लेकिन बाजार पहले ही इसकी उम्मीद लगा चुका है। यानी अच्छी खबर का असर काफी हद तक शेयरों की कीमतों में दिख चुका है। आने वाले महीनों में कमोडिटी की कीमतें नरम पड़ सकती हैं। ऐसे में कंपनियों की कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

Q1 नतीजों से पहले आ सकती है थोड़ी तेजी

राकेश अरोड़ा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मेटल शेयर 20% से 30% तक टूटे थे। इसलिए मजबूत जून तिमाही नतीजों से पहले इनमें थोड़ी तेजी या रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्हें नहीं लगता कि ये शेयर इतनी जल्दी अपने पुराने हाई पर पहुंच जाएंगे।

एल्युमिनियम कंपनियों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता

राकेश अरोड़ा की सबसे बड़ी चिंता एल्युमिनियम सेक्टर को लेकर है। उनका कहना है कि कई ब्रोकरेज और एनालिस्ट अब भी अपने अनुमान में एल्युमिनियम का भाव करीब 3,200 डॉलर प्रति टन मान रहे हैं। लेकिन उनकी राय इससे अलग है।

उन्हें लगता है कि मिडिल ईस्ट और इंडोनेशिया से नई सप्लाई आने वाली है। इससे बाजार में एल्युमिनियम की उपलब्धता बढ़ेगी। ऐसे में कीमत घटकर करीब 2,600 डॉलर प्रति टन तक आ सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो एल्युमिनियम कंपनियों की कमाई के अनुमान घटाने पड़ेंगे। इसका सीधा असर शेयरों पर भी दिख सकता है।

स्टील सेक्टर पर भी बहुत भरोसा नहीं

राकेश अरोड़ा स्टील सेक्टर को लेकर भी ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। उनका कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में स्टील कंपनियों के नतीजे अच्छे आ सकते हैं। Vedanta जैसी कंपनियां भी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन स्टील की कीमतें अब अपना पीक देख चुकी हैं।

एक तरफ चीन से स्टील का निर्यात बढ़ रहा है। दूसरी तरफ भारत की कंपनियां तेजी से उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे बाजार में सप्लाई ज्यादा हो सकती है। अगर सप्लाई बढ़ी, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आएगा।

इसी वजह से उनका मानना है कि स्टील शेयरों में अभी और गिरावट आ सकती है। हालांकि, वैल्यूएशन के लिहाज से ये एल्युमिनियम कंपनियों के मुकाबले सस्ते जरूर हैं।

वेदांता के आयरन और स्टील को लेकर क्या कहा?

हाल ही में Vedanta के डीमर्जर के बाद बने Vedanta Iron & Steel के कारोबार पर भी राकेश अरोड़ा ने अपनी राय रखी। उनका कहना है कि आयरन और स्टील कारोबार में होने वाले विस्तार का फायदा शेयर पहले ही कीमत में जोड़ चुका है। इसलिए यहां बहुत ज्यादा तेजी की गुंजाइश नहीं बची है।

वहीं, ग्रुप के ऑयल एंड गैस कारोबार में उन्हें कुछ वैल्यू नजर आती है। लेकिन, रेगुलेटरी चिंताओं की वजह से यह फिलहाल हाई-रिस्क निवेश है। यह वैल्यू ट्रैप भी साबित हो सकता है।

कॉपर सेक्टर पर भी दी चेतावनी

राकेश अरोड़ा मानते हैं कि लंबे समय में कॉपर की मांग अच्छी रह सकती है। लेकिन फिलहाल उन्हें कॉपर कंपनियों के शेयर महंगे लग रहे हैं।

उनका कहना है कि बाजार रिसाइकल्ड कॉपर की बढ़ती सप्लाई को गंभीरता से नहीं ले रहा। अगर रिसाइकल्ड कॉपर की उपलब्धता बढ़ती रही, तो कॉपर की कीमतों पर दबाव आ सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

राकेश अरोड़ा की सलाह है कि अगर मजबूत जून तिमाही नतीजों की वजह से मेटल शेयरों में तेजी आती है, तो उसे नई खरीदारी का संकेत मत मानिए। उनके मुताबिक, यह तेजी मुनाफावसूली का मौका हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने एक बात और कही। अगर अमेरिकी डॉलर लगातार कमजोर होता है, तो वैश्विक कमोडिटी कीमतों को सहारा मिल सकता है। ऐसे में बेस मेटल्स का आउटलुक बेहतर हो सकता है। यही एक बड़ा फैक्टर है, जो उनके मौजूदा नजरिए को बदल सकता है।

Market Outlook: ‘जून 2027 तक 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स’, मॉर्गन स्टेनली ने कहा- चौंका सकता है आईटी सेक्टर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: ‘जून 2027 तक 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स’, मॉर्गन स्टेनली ने कहा- चौंका सकता है आईटी सेक्टर

Market Outlook: विदेशी ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का मानना है कि जून 2027 तक BSE Sensex 1 लाख के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसकी संभावना 25% ही है। ब्रोकरेज ने इसे अपना बुल केस (Bull Case) बताया है। यानी अगर ज्यादातर चीजें बाजार के पक्ष में रहीं, तो यह लक्ष्य हासिल हो सकता है।

Morgan Stanley का कहना है कि यह अनुमान कुछ अहम हालात के भरोसे है। मसलन, कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहे। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाली नीतियों का असर दिखने लगे। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनियों की कमाई में हर साल औसतन 19% की बढ़ोतरी हो।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि भारतीय शेयर बाजार की वैल्यूएशन में जो गिरावट आई है, वह स्थायी नहीं है। यह एक चक्रीय गिरावट है। यानी जैसे-जैसे ग्रोथ तेज होगी, बाजार की वैल्यूएशन में भी सुधार आ सकता है।

89,000 अंक को माना बेस केस

Morgan Stanley ने जून 2027 तक Sensex के 89,000 अंक तक पहुंचने की 50% संभावना जताई है। इसे उसने अपना बेस केस (Base Case) माना है।

ब्रोकरेज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिद्धम देसाई और नयंत पारेख का कहना है कि पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है। विदेशी निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी भी घटी है। ऐसे में अगर हालात सुधरते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर क्या होगा?

Morgan Stanley के मुताबिक, भारत की आर्थिक ग्रोथ अब निचले स्तर से उबरती दिख रही है। धीरे-धीरे इसमें सुधार भी आ रहा है। हालांकि, अभी भी भारत उन देशों से पीछे है, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे बड़े निवेश का फायदा मिल रहा है।

ब्रोकरेज का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशक भारत और दुनिया की ग्रोथ के अंतर को कैसे देखते हैं। अगर दुनिया में AI पर खर्च को लेकर उत्साह कम होता है और दूसरी तरफ भारत की ग्रोथ तेज होती है, तो बाजार का नजरिया बदल सकता है।

जून तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर

Morgan Stanley का मानना है कि जून तिमाही के नतीजे बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मजबूत आर्थिक संकेतकों की वजह से कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर रह सकते हैं। निवेशकों की नजर मानसून पर भी रहेगी। हालांकि, Morgan Stanley को इसकी ज्यादा चिंता नहीं है।

ब्रोकरेज का कहना है कि भारत में कई बड़े सुधार चल रहे हैं। इनसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए निवेश करना आसान हो सकता है। IPO की बढ़ती संख्या भी बाजार को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि, अगर IPO की बाढ़ आ गई, तो इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है। फिलहाल Morgan Stanley को ऐसा खतरा अगले कुछ महीनों तक नहीं दिखता।

किन सेक्टरों पर Morgan Stanley का भरोसा?

Morgan Stanley को घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर ज्यादा पसंद हैं। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ओवरवेट (Overweight) रेटिंग दी है।

वहीं एनर्जी, मटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर इसकी राय ज्यादा सकारात्मक नहीं है। इन सेक्टरों पर अंडरवेट (Underweight) रेटिंग दी गई है।

आईटी सेक्टर दे सकता है बड़ा सरप्राइज

Morgan Stanley का मानना है कि आईटी सर्विसेज सेक्टर आने वाले समय में सबसे बड़ा सरप्राइज दे सकता है। दुनियाभर की कंपनियां AI एप्लिकेशन और सॉल्यूशन बनाने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं।

हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती, कृषि उत्पादकता में कमजोरी, न्यायिक व्यवस्था में क्षमता की कमी और AI की वजह से रोजगार बाजार पर पड़ने वाला असर शामिल हैं।

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Share Market Rally: 4 वजहों से Sensex में 400 अंकों का उछाल,Nifty पहुंचा 24400 के करीब

Share Market Rally: इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज मार्केट में शानदार रौनक दिखी। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ही उछल पड़े। सेंसेक्स (Sensex) इंट्रा-डे में 400 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी 50 (Nifty 50) चढ़कर 24400 के एकदम करीब पहुंच गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक थोड़ी हल्की है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:58 AM पर सेंसेक्स 379.23 प्वाइंट्स यानी 0.49% की बढ़त के साथ 78,143.14 और निफ्टी 50 भी 113.65 प्वाइंट्स यानी 0.47% की बढ़त के साथ 24,384.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 430.45 प्वाइंट्स चढ़कर 78,194.36 और निफ्टी 123.55 प्वाइंट्स उछलकर 24,394.40 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहति

तेल निकालने वाले देशों के संगठन OPEC+ ने अगस्त से अपने प्रोडक्शन टारगेट को और बढ़ाने पर सहमति जताई तो इसके भाव नरम पड़े और मार्केट को सपोर्ट मिला। रविवार को तेल निकालने वाले खाड़ी देशों (OPEC) और रूस ने अगस्त से हर दिन तेल का उत्पादन 1.88 लाख बैरल बढ़ाने की बात कही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक जून में ओपेक का तेल उत्पादन मई महीने की तुलना में 33 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 1.94 करोड़ बैरल प्रति दिन हो गया।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

प्रोविजनल आंकड़ो के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय स्टॉक मार्केट में ₹1355.33 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की जिससे मार्केट को आज सपोर्ट मिला है। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक कच्चे तेल के प्रति बैरल $72 के नीचे आने, FCNR(B) (फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक)) डिपॉजिट्स से निवेश आने की उम्मीद और वैश्विक एआई ट्रेड की कमजोरी पर विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट का रुख किया है।

बैंकों के मजबूत बिजनेस अपडेट

मार्केट को एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक समेत अन्य बैंकों के वीकेंड पर आए जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट से सपोर्ट मिला। बैंकों ने जून तिमाही के कारोबारी नतीजे से पहले प्रोविजनल आंकड़े पेश किए हैं। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक और बंधन बैंक की लोन ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही तो कोटक महिंद्रा बैंक में हल्की सुस्ती दिखी।

टेक्निकल आउटलुक

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24300 के पार बना हुआ है, मार्केट में तेजी का रुझान कायम रहेगा। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक 24,150 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर निफ्टी को लेकर बुलिश रुझान रहेगा। फिलहाल निफ्टी के लिए यह सपोर्ट लेवल का काम कर रहा है। उनका मानना है कि 24,400 के पार मजबूती से जाने पर 24,600 का रास्ता खुल सकता है लेकिन अगर यह 24,150 के नीचे आया तो मुनाफावसूली के दबाव में यह 24000 तक फिसल सकता है। राजेश के मुताबिक मीडियम टर्म में माहौल पॉजिटिव ही दिख रहा है लेकिन वैश्विक टेक स्टॉक्स में दबाव के चलते तेजी सीमित रह सकती है।

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GIFT Nifty दे रहा सेंसेक्स-निफ्टी के फ्लैट शुरुआत के संकेत, एशिया बाजार में मिलाजुला कारोबार

GIFT Nifty ने सोमवार को इंडियन बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दिया, भले ही ग्लोबल संकेत काफी पॉजिटिव थे, क्योंकि इन्वेस्टर्स ने घरेलू इक्विटी में हालिया रैली के मुकाबले क्रूड ऑयल की घटती कीमतों, रिस्क सेंटिमेंट में सुधार और ग्लोबल अर्निंग्स सीजन की उम्मीद के बीच बैलेंस बनाया। OPEC+ के प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने के बाद ऑयल की कम कीमतों ने मार्केट के लिए सपोर्टिव बैकग्राउंड बनाए रखा।

GIFT Nifty सुबह करीब 8.30 बजे 24,327.50 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले निफ्टी क्लोज से 27.00 पॉइंट या 0.11 परसेंट नीचे था, जिससे पता चलता है कि शुक्रवार को लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के बाद सेंसेक्स और निफ्टी थोड़ी कम खुल सकते हैं।

IT, फार्मा, मेटल और रियल्टी स्टॉक्स में बड़े पैमाने पर खरीदारी से सपोर्टेड, इंडियन बेंचमार्क इंडेक्स ने शुक्रवार को अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। सेंसेक्स 261.79 पॉइंट्स या 0.34 परसेंट बढ़कर 77,763.91 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 95.15 पॉइंट्स या 0.39 परसेंट बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ।

एशियाई मार्केट में मजबूती, कमाई की उम्मीद से माहौल बेहतर हुआ

सोमवार को एशियाई इक्विटीज़ में ज़्यादातर बढ़त रही क्योंकि इन्वेस्टर्स ग्लोबल कमाई के सीज़न की शुरुआत पर ध्यान दे रहे थे, जबकि US लेबर मार्केट के नरम डेटा ने जल्द ही फेडरल रिजर्व रेट में बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं को कम किया।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.4 परसेंट बढ़ा। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की तिमाही कमाई से पहले साउथ कोरिया के कोस्पी में 2 परसेंट से ज़्यादा की बढ़त हुई, एनालिस्ट्स को AI से जुड़ी मेमोरी चिप की मज़बूत डिमांड से मुनाफ़े में तेज़ उछाल की उम्मीद थी। पिछले हफ़्ते की मज़बूत बढ़त के बाद जापान का निक्केई थोड़ा गिरा।

स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के कारण शुक्रवार को US मार्केट बंद रहे। हालांकि, एशियाई घंटों में US फ्यूचर्स में बढ़त हुई, जिसमें S&P 500 फ्यूचर्स 0.5 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.4 परसेंट बढ़े, जो कॉर्पोरेट अर्निंग्स और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स को लेकर उम्मीद दिखाता है।

OPEC+ के आउटपुट में बढ़ोतरी से क्रूड पर दबाव बना हुआ है

OPEC+ के अगस्त से प्रोडक्शन टारगेट फिर से बढ़ाने पर सहमत होने के बाद तेल की कीमतें कम हुईं, जिससे ग्लोबल सप्लाई में सुधार की उम्मीदें बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड लगभग 0.6 परसेंट गिरकर $71.7 प्रति बैरल के करीब आ गया, जो चार महीने के सबसे निचले स्तर के करीब है, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड लगभग $68.4 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था। होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए शिपमेंट में रिकवरी और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से भी एनर्जी की कीमतों को कम रखने में मदद मिली है।

इस बीच, उम्मीद से कम US पेरोल डेटा ने US फेडरल रिजर्व द्वारा रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया, जिसके बाद सोना दो हफ़्ते के हाई के पास बना रहा।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान के सुधरते हालात और होर्मुज स्ट्रेट से बिना रुकावट शिपिंग से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई है, जबकि OPEC+ के प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले से तेल की कम कीमतों को और सपोर्ट मिला है। निवेशक AI से चलने वाले सेमीकंडक्टर की मांग पर नए संकेतों के लिए सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की कमाई पर भी करीब से नज़र रखेंगे, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटिमेंट पर असर डाल सकता है।

टेक्निकल नज़रिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है, जिसमें 24,400 का लेवल तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इस ज़ोन से ऊपर लगातार मूव करने से 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता बन सकता है। नीचे की तरफ, 24,200 पहला ज़रूरी सपोर्ट बना हुआ है, इसके बाद 24,000 का साइकोलॉजिकल लेवल है।

पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो मिला-जुला रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर 3 जुलाई को चार सेशन की बिकवाली के बाद नेट बायर बन गए, और उन्होंने 1,355 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। इस बीच, घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने आठ सेशन की खरीदारी का सिलसिला तोड़ा और नेट सेलर बन गए, और 1,953 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market News: कच्चा तेल, मानसून और तिमाही नतीजे; इन बातों से तय होगी Sensex-Nifty की चाल

Stock Market Trend This Week: 6 जुलाई से शुरू हो रहे इस कारोबारी हफ्ते शेयर मार्केट में मार्केट सेंटिमेंट कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक रुझानों और कॉरपोरेट आय सीजन की शुरुआत पर निर्भर करेगी। एनालिस्ट्स के मुताबिक आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी टीसीएस 9 जुलाई को जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश करेगी, जिस पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति और विदेशी निवेशकों की खरीदारी-बिकवाली से भी बाजार की दिशा तय होगी। पिछले कारोबारी हफ्ते सेंसेक्स 663.44 प्वाइंट्स यानी 0.86% की बढ़त के साथ 77,763.91 तो निफ्टी 214.85 प्वाइंट्स यानी 0.89% के उछाल के साथ 24270.85 पर बंद हुआ।

मार्केट की चाल पर क्या है एक्सपर्ट्स का रुझान

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि निवेशकों की नजर 9 जुलाई को टीसीएस के कारोबारी नतीजे पर रहेगी। अजीत के मुताबिक निवेशकों का ध्यान खास तौर पर डिमांड ट्रेंड, डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग और एआई से जुड़े बिजनेस मौकों को लेकर मैनेजमेंट की बातों पर रहेगा।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौड़ का भी कहना है कि घरेलू स्तर पर निवेशकों का ध्यान 9 जुलाई से शुरू होने रहे वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अर्निंग्स सीजन पर रहेगा। उनका मानना है कि कॉरपोरेट अर्निंग्स और मैनेजमेंट की कमेंट्री से डिमांड के माहौल, मार्जिन के रुझानों और अर्निंग्स विलिबिलिटी को लेकर अहम संकेत मिलेगा। प्रवेश के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून और खरीफ की बुवाई भी गांवों में मांग, महंगाई की रफ्तार और ओवरऑल इकनॉमिक ग्रोथ को लेकर अहम संकेत देगा।

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच टेक्निकल बातचीत का अगला दौर 11 जुलाई को होने की उम्मीद है, हालांकि बैठक की जगह के बारे में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से सप्लाई को लेकर चिंता कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें प्रति बैरल $68-$69 के आसपास स्थिर हो गए हैं और अब इन पर निवेशकों की नजर रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के लेबर मार्केट के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे फेडरल रिजर्व के रुख में नरमी की उम्मीदें बढ़ी हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर फेड की जून पॉलिसी मीटिंग के मिनट्स यानी बैठक के ब्यौरे पर रहेगी ताकि अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट रुझान मिल सकें।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के मिनट्स, घरेलू अर्निंग्स सीजन की शुरुआत और मानसून की दिशा से तय होगी।

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स्टॉक मार्केट में  लगातार तीसरे दिन तेजी, क्या अगले हफ्ते 24600 पार कर जाएगा Nifty?

यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए अच्छा रहा। 3 जुलाई को लगातार तीसरे दिन बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स चढ़कर बंद हुए। हालांकि, बैंक निफ्टी और मिडकैप इंडेक्स में कमजोरी दिखी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। सवाल है कि क्या निफ्टी अगले हफ्ते 24,600 का लेवल पार कर जाएगा?

लंबे कंसॉलिडेशन के बाद 24200 के ऊपर ब्रेकआउट

Nifty ने लंबे समय के कंसॉलिडेशन के बाद 24,200 के ऊपर ब्रेकआउट किया है। उधर, India VIX गिरकर करीब 5 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। मोमेंटम इंडियाकेटर्स में भी शुक्रवार को इम्प्रूवमेंट दिखा। हालांकि, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए 24,400 के लेवल पर रेसिस्टेंस है। यह इसका 200-डे EMA भी है। अगर निफ्टी इस रेसिस्टेंस को तोड़ देता है तो इसे 24,600 पर रेसिस्टेंस मिलेगा।

कारोबार के अंतिम घंटों में मुनाफावसूली से कम हुई बढ़त

शुक्रवार को निफ्टी 200 अंक चढ़कर खुला। लेकिन, कारोबार के अंतिम घटों में मुनाफावसूली देखने को मिली। इससे सुबह में 24,376 तक जाने के बावजूद यह 24,300 के लेवल के नीचे आ गया। आखिर में यह 24,271 पर क्लोज हुआ। डेली चार्ट पर इसने बेयरिश कैंडल बनाया है। हालांकि, बुलिश गैप बना हुआ है। तकनीकी रूप से यह रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर अपसाइड ब्रेकआउट के लिहाज से स्ट्रेंथ की कमी का संकेत है।

बुल्स की ताकत धीरे-धीरे बढ़ने का संकेत

RSI दोबारा 60 के लेवल को हासिल किया है। बुलिश क्रॉसओवर में यह 60.95 तक पहुंच गया है। यह बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट का संकेत है। इसके अलावा ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI- को क्रॉस किया है। यह इस बात का संकेत है कि धीरे-धीरे बेयर्स के मुकाबले बुल्स की ताकत बढ़ रही है। MACD हिस्टोग्राम भी मजबूती का संकेत दे रहा है, क्योंकि ग्रीन बार्स बढ़ रहे हैं।

इस हफ्ते निफ्टी में 215 अंक का उछाल

इस हफ्ते निफ्टी 215 अंक यानी 0.89 फीसदी चढ़ा है। पिछले दो हफ्तों में डोजी-लाइक फॉर्मेशन के बाद निफ्टी ने दोनों साइड शैडो के साथ लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाया है। यह इस बात का संकेत है कि मार्केट में कंसॉलिडेशन का फेज जल्द खत्म हो सकता है। इसके बाद निफ्टी फिर से अपसाइड मोमेंटम हासिल कर सकात है। ऐसे में अगले हफ्ते 24,600 के टारगेट पर नजरें होंगी। अगला सपोर्ट 24,050 पर है।

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बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी 50 से कमजोर

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी 50 के मुकाबले कमजोर है। शुक्रवार को यह 93 अंक गिरकर 57,938 पर बंद हुआ। हालांकि, यह अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इसका मतलब है कि इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव है। हालांकि, इसमें आगे कंसॉलिडेशन दिख सकता है। डेली चार्ट पर इसने बेयरिश कैंडल बनाया है। बैंक निफ्टी को 58,400-58,500 के जोन में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ा। इस लेवल को तोड़ने के बाद यह 58,900 तक जा सकता है। गिरावट की स्थिति में इसे 57,500-57,400 के जोन में सपोर्ट मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Experts View : 24400 की दीवार पार होने पर निफ्टी में 24750 का लेवल मुमकिन, 24150-24100 के जोन में तत्काल सपोर्ट

सुदीप शाह

निफ्टी आज गैप-अप के साथ खुला और ज्यादातर समय एक सीमित दायरे में ही रहा,जिसमें 24370–24380 का ज़ोन एक मज़बूत इंट्राडे रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा था। दूसरे हाफ में,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से नीचे आ गया और खुलने के समय बने गैप का एक छोटा हिस्सा भर दिया और आखिर में 0.39% की बढ़त के साथ 24271 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने 13 सेशन और 477 अंकों के कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है। इससे अपट्रेंड के फिर से शुरू होने का संकेत मिल रहा है। RSI ने 60 का स्तर फिर से हासिल कर लिया है,जो बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है,जिससे पता चलता है कि बुल्स धीरे-धीरे बेयर्स पर बढ़त बना रहे हैं।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। उसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर का नंबर रहा। दूसरी ओर,निफ्टी PSU बैंक सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसके बाद निफ्टी एनर्जी का नंबर रहा। स्टॉक्स की बात करें तो HCL टेक और मैक्स हेल्थ सबसे ज्यादा बढ़त वाले दो स्टॉक रहे,जबकि एक्सिस बैंक और SBI में गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिसने पिछले सेशन की कैंडल को पूरी तरह से ढक लिया। यह हालिया पुलबैक के बाद प्रॉफिट बुकिंग को दिखाता है। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स की शुरुआत तो मज़बूत रही,लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सका और धीरे-धीरे नीचे गिरकर फ्लैट नोट पर बंद हुआ।

ब्रॉडर मार्केट में प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं,जो दिखाता है कि तेजी का ट्रेंड मजबूती से बना हुआ है।

दिन के आखिर में मार्केट की ब्रेथ मज़बूत रही,हालांकि एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो थोड़ा मंदडियों के पक्ष में झुका हुआ था। निफ्टी 500 इंडेक्स के कुल शेयरों में से 257 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

आगे की बात करें तो,निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24400-24450 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24750 तक जा सकता है। वहीं दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 के जोन में है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी के मुकाबले कमजोर रहा। हालांकि इसकी शुरुआत अच्छी रही,लेकिन शुरुआती बढ़त पहली कैंडल में ही खत्म हो गई और पूरे सेशन के दौरान यह नीचे की ओर खिसकता रहा,अंत में 0.16% की गिरावट के साथ 57939 पर बंद हुआ।

डेली चार्ट पर,बैंक निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई। इंडेक्स रिलेटिव रोटेशन ग्राफ (आरआरजी) पर कमजोर होते क्वाड्रेंट में प्रवेश कर चुका है,जो ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले रिलेटिव स्ट्रेंथ बनाए रखने के बावजूद गति में कमी का संकेत देता है। वहीं,आरएसआई साइडवेज बना हुआ है,जो मौजूदा कंसोलीडेशन फेज को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58400-58500 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 58900 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59300 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57500-57400 जोन में है।

 

सुदीप शाह SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड हैं.

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

 

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 3 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,250 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 261.79 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ। आज लगभग 2182 शेयरों में बढ़त हुई,1879 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज फिनसर्व,अपोलो हॉस्पिटल्स और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि, गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,M&M, SBI,L&T और टेक महिंद्रा शामिल रहे।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज़्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी IT(1.7 प्रतिशत),निफ्टी फार्मा (1.7 प्रतिशत)और निफ्टी मेटल (0.7 प्रतिशत) की बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी PSU बैंक में सबसे ज़्यादा गिरावट (1.5 प्रतिशत) आई। इसके बाद निफ्टी एनर्जी (-1.30 प्रतिशत),निफ्टी ऑटो (-0.4 प्रतिशत),निफ्टी मीडिया (-0.4 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.3 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.16 प्रतिशत) का नंबर रहा।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव और प्रॉफ़िट-बुकिंग के बावजूद,घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को अच्छे ग्लोबल संकेतों से मदद मिली। US लेबर मार्केट के नरम आंकड़ों के बाद ब्याज दरों के माहौल में नरमी आने की उम्मीदें बढ़ीं हैं। भारत-जापान समिट के अच्छे नतीजों और IT सेक्टर में लगातार रिकवरी से भी बाजार का मूड बेहतर हुआ। घरेलू मोर्चे पर,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी एक अहम पॉजिटिव फ़ैक्टर है। आगे चलकर बाजार का फोकस वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के नतीजों और कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहेगा। मॉनसून पर भी बाजार की नजर रहेगी। आगे बाजार में गिरावट पर खरीदारी का रुख बने रहने की संभावना है।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले का कहना है कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में अच्छी बढ़त रही। निफ्टी 0.89 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ है। जबकि सेंसेक्स में 663 अंकों की तेजी रही। सेक्टरों की बात करें तो रियल्टी इंडेक्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 7.20 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि एनर्जी इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक्निकल नज़रिए से देखें तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन के बाद निफ्टी ने एक बार फिर 23,800 के आसपास सपोर्ट लिया और तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा। वीकली चार्ट पर, इसने एक बुलिश कैंडल बनाया है और’हायर बॉटम’फॉर्मेशन भी बनाए रखा है,जो काफी हद तक पॉजिटिव संकेत है।

शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का मिजाज पॉजिटिव है,लेकिन ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छी रणनीति गिरावट पर खरीदारी और तेज़ी पर बिकवाली की होगी। नीचे की तरफ,24,150-24,000 अहम सपोर्ट जोन होंगे। जबकि बुल्स के लिए 24,500-24,700 अहम रेजिस्टेंस एरिया होंगे। हालांकि,24,000 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटीमेंट बदल सकता है। 24,000 के नीचे गिरावट आने पर 23,800-23,750 के लेवल दोबारा टेस्ट हो सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने वीकली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाकर हफ़्ते की क्लोजिंग की। जबकि डेली चार्ट हालिया तेजी के बाद एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड कंसोलिडेशन) का संकेत दे रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल रुख बुलिश बना हुआ है। इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह बड़ा पॉजिटिव संकेत है।

इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट 57,500–57,200 के लेवल पर हैं। जबकि रेजिस्टेंस 58,500–58,800 के आसपास दिख रहा है। अच्छे रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो के लिए ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। जब इंडेक्स रेजिस्टेंस जोन के पास पहुेचे तो प्रॉफ़िट बुकिंग करने की सलाह होगी।

अमोल अठावले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए हायर बॉटम सपोर्ट 57,500 के आस-पास है। इस लेवल के ऊपर,पॉजिटिव मोमेंटम 58,700-59,000 की तरफ जारी रह सकता है। इसके विपरीत,57,500 के नीचे गिरावट आने पर अपट्रेंड कमजोर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे,ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।

 

Gold-Silver ETFs : गोल्ड और सिल्वर ETF 3% तक भागे, US में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद ने भरा जोश

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Rise: लगातार तीसरे दिन हरियाली, सेंसेक्स 262 अंक चढ़ा; निवेशकों की दौलत में ₹94270 करोड़ का इजाफा

शेयर बाजार में शुक्रवार, 3 जुलाई को लगातार तीसरे दिन तेजी रही। आईटी स्टॉक्स में बढ़त और अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बीच सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स बढ़त में खुलने के बाद पिछली क्लोजिंग से 655 अंक से ज्यादा चढ़कर 78,157.52 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर 200 अंक से ज्यादा उछलकर 24,378.15 के हाई तक गया। बाद में सेंसेक्स 261.79 अंकों की तेजी के साथ 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंकों की बढ़त के साथ 24,270.85 पर बंद हुआ।

मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,80,19,994.09 करोड़ रुपये हो गया। गुरुवार, 2 जुलाई को मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,79,25,723.825 करोड़ रुपये रहा था। यानि कि एक दिन में 94,270.265 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार को सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर बंद हुआ था। निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ था।

इन प्रमुख वजहों से तेजी

अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहने से फेडरल रिजर्व द्वारा निकट अवधि में बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर चिंता कम हुई। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने की इच्छा बढ़ी। इसके अलावा एशियाई बाजारों में तेजी का भी घरेलू बाजार में सेंटिमेंट बे​हतर होने में हाथ रहा। निक्केई-225 में 1.3 प्रतिशत और सेट कंपोजिट में 1.1 प्रतिशत की तेजी है। जकार्ता कंपोजिट 2 प्रतिशत से ज्यादा उछला है। KOSPI 5.4 प्रतिशत चढ़ा है। हेंगसेंग में भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी है। एक वजह यह भी है कि मार्केट के उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाले India VIX में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि बाजार में अनिश्चितता और जोखिम की आशंका कम हुई है, जो आमतौर पर इक्विटी बाजार के लिए अच्छा माना जाता है।

Waterways Leisure Tourism में और 10% तेजी की लहर, लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट

रुपये की चाल

रुपया शुक्रवार को 14 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.21 (अस्थायी) पर रहा। डॉलर सूचकांक के पिछले 15 महीनों के उच्च स्तर से नीचे आने से घरेलू मुद्रा को बल मिला। रुपया गुरुवार को 19 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.35 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold-Silver ETFs : गोल्ड और सिल्वर ETF 3% तक भागे, US में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद ने भरा जोश

Gold-Silver ETFs : शुक्रवार को भारत में गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में 2-3 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। यह बढ़त ग्लोबल मार्केट में प्रोसियस मेटल्स की कीमतों में आई तेजी के कारण हुई। अमेरिकी लेबर मार्केट के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं। इससे यह उम्मीद मजबूत हुई कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपना सकता है।

आज दोपहर के कारोबार में निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES 2.4 प्रतिशत बढ़कर 120.51 रुपये पर पहुंच गया,जबकि ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF 2.4 प्रतिशत बढ़कर 124.90 रुपये पर कारोबार करता दिखा। SBI गोल्ड ETF 2.3 प्रतिशत बढ़कर 124.25 रुपये और टाटा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 2.3 प्रतिशत बढ़कर 14.14 रुपये पर पहुंच गया।

इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतों में तेज उछाल आने के कारण सिल्वर ETF ने गोल्ड ETF के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। निप्पॉन इंडिया सिल्वर BeES 2.6 प्रतिशत बढ़कर 221.95 रुपये पर,टाटा सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 2.6 प्रतिशत बढ़कर 22.55 रुपये पर,SBI सिल्वर ETF 2.5 प्रतिशत बढ़कर 227.28 रुपये पर और ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF 2.4 प्रतिशत बढ़कर 231.28 रुपये पर पहुंच गया।

 स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,165.29 प्रति औंस पर पहुंचा

ग्लोबल मार्केट में बुलियन की कीमतों में आई तेजी के बाद भारतीय बाजार में यह रैली देखने को मिली है। आज स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,165.29 प्रति औंस पर पहुंच गया,जबकि इससे पहले सेशन में यह 23 जून के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। अगस्त डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स 1.3% बढ़कर $4,178.50 पर पहुंच गया है। गोल्ड-सिल्वर अपनी पहली साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहे हैं। इस हफ्ते इनमें लगभग 1.8% की बढ़ोतरी हुई है। US नॉन-फार्म पेरोल्स और प्राइवेट पेरोल्स के आंकड़े उम्मीद से कमज़ोर रहे,जिससे लगातार बनी महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की आशंका को लेकर चिंताएं कम हुईं है, इसका फायदा सोने-चांदी को मिल रहा है।

चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी

चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी है। इसका हाजिर भाव 2.1 प्रतिशत बढ़कर $62.28 प्रति औंस हो गया है। दूसरी कीमती धातुओं की बात करें तो प्लेटिनम की कीमत 2.4 प्रतिशत बढ़कर $1,655.15 पर आ गई है। जबकि पैलेडियम 0.9 प्रतिशत बढ़कर $1,278.89 पर पहुंच गया है। ये तीनों धातुएं एक हफ्तो से ज्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रही है।

शेयर बाजार का भी मूड सुधरा

गोल्ड-सिल्वर ETF में बढ़त के साथ ही आज शेयर बाजार का मूड भी अच्छा बना हुआ था। 3 बजे के आसपास सेंसेक्स 287.65 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,789.77 पर और निफ्टी 101.95 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 24,277.65 पर दिख रहा था। लगभग 2016 शेयरों में बढ़त दिख रही थी। 1828 शेयरों में गिरावट आई थी और 178 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3.34 प्रतिशत की गिरावट आई। यह बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीदों में कमी का संकेत है। इससे तेजड़ियों को राहत मिल सकती है।

 

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी को लगे पंख, इन तीन वजहों से आई तेजी