Guru Purnima Essay: हिन्दी निबंध: गुरु पूर्णिमा: गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का महापर्व

A photo of a guru imparting teachings to his disciple on the auspicious occasion of Guru Purnima

Essay on Guru Purnima: प्रस्तावना: भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है-ALSO READ: गुरु पूर्णिमा 2026: आधुनिक भारत के 7 महान गुरु, जिनके ज्ञान ने बदल दी लाखों लोगों की जिंदगी

'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुदेवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः'

– अर्थात् गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं और गुरु ही महादेव हैं। वे साक्षात् परमब्रह्म के समान हैं। इसलिए भारतीय परंपरा में गुरु का सम्मान सर्वोच्च माना गया है। इसी सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता को व्यक्त करने के लिए प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाता है।

 

गुरु पूर्णिमा का इतिहास

गुरु पूर्णिमा का संबंध महर्षि वेदव्यास से माना जाता है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों का संकलन किया तथा महाभारत और अनेक पुराणों की रचना की। इसलिए उन्हें आदि गुरु कहा जाता है। उनके जन्मदिवस के रूप में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है, जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

यह केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और जीवन के सही मार्गदर्शन से भी जुड़ा हुआ है। इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती भी मनाई जाती है। वेदव्यास जी ने चारों वेदों का विभाजन किया, महाभारत की रचना की और अठारह पुराणों का संकलन किया। इसी कारण उन्हें 'आदि गुरु' और 'व्यास ऋषि' के नाम से सम्मानित किया जाता है। इस पर्व को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

 

गुरु केवल विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक ही नहीं होते, बल्कि माता-पिता, आध्यात्मिक गुरु, जीवन में सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक और प्रेरणा देने वाले प्रत्येक व्यक्ति गुरु के समान होते हैं। गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। वे हमें केवल पुस्तक का ज्ञान नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की कला, नैतिक मूल्य, अनुशासन और सही निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करते हैं। अहंकार को त्यागकर गुरु के चरणों में श्रद्धा अर्पित करना ही इस पावन पर्व का वास्तविक संदेश है।

 

गुरु पूर्णिमा पर क्या करते हैं: गुरु पूर्णिमा के दिन विद्यार्थी अपने शिक्षकों का सम्मान करते हैं, उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और उन्हें धन्यवाद देते हैं। आश्रमों, विद्यालयों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा, सत्संग, भजन-कीर्तन, प्रवचन तथा गुरु वंदना का आयोजन किया जाता है। अनेक लोग अपने गुरु को पुष्प, वस्त्र, पुस्तकें या अन्य उपयोगी उपहार भेंट कर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। कई स्थानों पर गुरु के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेना अत्यंत शुभ माना जाता है।

 

वर्तमान समय में गुरु का महत्व: वर्तमान समय में जब तकनीक और आधुनिक जीवनशैली तेजी से बदल रही है, तब भी गुरु का महत्व पहले की तरह बना हुआ है। आज इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों से ज्ञान प्राप्त करना आसान हो गया है, लेकिन सही और गलत का अंतर समझाने, व्यक्तित्व का निर्माण करने तथा जीवन में मूल्यों का विकास करने का कार्य केवल एक सच्चा गुरु ही कर सकता है। इसलिए गुरु का स्थान किसी भी पुस्तक, मशीन या तकनीक से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

 

गुरु पूर्णिमा का संदेश: गुरु पूर्णिमा हमें यह संदेश देती है कि हमें अपने जीवन में जिन लोगों ने ज्ञान, प्रेरणा और सही दिशा दी है, उनके प्रति सदैव सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। गुरु का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल और सार्थक बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

 

उपसंहार: गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का ऐसा महान पर्व है, जो गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध को मजबूत बनाता है। यह दिन हमें विनम्रता, ज्ञान, संस्कार और कृतज्ञता का महत्व सिखाता है। यदि हम अपने गुरु के आदर्शों और शिक्षाओं को जीवन में अपनाएं, तो निश्चित रूप से सफलता, सम्मान और आत्मिक उन्नति प्राप्त कर सकते हैं। यही गुरु पूर्णिमा का वास्तविक संदेश और महत्व है। गुरु पूर्णिमा हमें याद दिलाती है कि हम अपने जीवन में जिनके भी ऋणी हैं- चाहे वे हमारे शिक्षक हों, माता-पिता हों या मार्गदर्शक, उनके प्रति आभार व्यक्त करें। 

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Happy Guru Purnima Messages: गुरु पूर्णिमा के 10 सबसे खास, भावात्मक और आकर्षक शुभकामना संदेश

Happy Guru Purnima Messages: गुरु पूर्णिमा के 10 सबसे खास, भावात्मक और आकर्षक शुभकामना संदेश

An image featuring 10 heartfelt greeting messages dedicated to the Guru on the occasion of Guru Purnima 2026

Guru Purnima 2026 Wishes: भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों और पुराणों के ज्ञान को संकलित कर मानव समाज को अमूल्य धरोहर प्रदान की। गुरु केवल शिक्षा देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन की सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और व्यक्तित्व निर्माण के आधार स्तंभ होते हैं।ALSO READ: गुरु पूर्णिमा 2026: आधुनिक भारत के 7 महान गुरु, जिनके ज्ञान ने बदल दी लाखों लोगों की जिंदगी

 

गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरु, शिक्षक, माता-पिता, आध्यात्मिक गुरु या जीवन में मार्गदर्शन देने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करना शुभ माना जाता है। एक श्रेष्ठ गुरु का मिलना ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार है। आपका मार्गदर्शन मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है। आपने केवल किताबों का ज्ञान नहीं दिया, बल्कि सच्चाई, विनम्रता और मानवता का पाठ भी पढ़ाया। आपके चरणों में मेरा सादर नमन। यह संदेश गुरु पूर्णिमा को खास बना देता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरु, शिक्षकों या मार्गदर्शक को भेजने के लिए यहां 10 बेहद खास, भावात्मक और सम्मानजनक शुभकामना संदेश दिए गए हैं जिन्हें आप WhatsApp, Facebook, Instagram या SMS के माध्यम से साझा कर सकते हैं।

 

यहां पढ़ें संस्कृत श्लोक, भावात्मक तथा पारंपरिक और विचारशील संदेश…

 

1. अज्ञानता के अंधेरे से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले मेरे पूज्य गुरुदेव को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। आप हैं तो मेरी हर राह आसान है। 

 

2. सिर्फ किताबें पढ़ाना ही शिक्षा नहीं, जीवन जीने की सही कला सिखाना असली ज्ञान है। मुझे एक बेहतर इंसान बनाने के लिए आपका कोटि-कोटि धन्यवाद। शुभ गुरु पूर्णिमा!

 

3. जब भी जीवन के रास्तों पर भटका, आपकी सीख ने ही सही मार्ग दिखाया। मेरे जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक को गुरु पूर्णिमा की सप्रेम शुभकामनाएं।

 

4. गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुदेवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥

– आप ही मेरे मार्गदर्शक हैं और आप ही मेरी प्रेरणा। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आपके चरणों में सादर प्रणाम!ALSO READ: गुरु पूर्णिमा पर जरूर जपें ये 5 गुरु मंत्र, जीवन की बाधाएं होंगी दूर और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

 

5. जिसने अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का दीप जलाया, वही सच्चा गुरु है। ऐसे पूजनीय गुरु को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की अनंत शुभकामनाएं।

आपका आशीर्वाद सदैव बना रहे।

 

6. अक्षर-अक्षर हमें सिखाते, शब्द-शब्द का अर्थ बताते।

कभी प्यार से तो कभी डांट से, जीवन जीना हमें सिखाते।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

7. मिट्टी से तराशकर जिसने मुझे इंसान बनाया,

उस गुरु के चरणों में मेरा शत-शत नमन।

हैप्पी गुरु पूर्णिमा! 

 

8. गुरु का सान्निध्य जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। आपका मार्गदर्शन ही मेरी सफलता की सबसे मजबूत नींव है।

गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

9. सफलता के इस मुकाम पर आज मैं जहां भी हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान आपकी सीख और विश्वास का है। गुरु पूर्णिमा पर आपको मेरा सादर प्रणाम।

 

10. गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं। आपके आशीर्वाद से हर कठिन राह आसान हो जाती है। आपके चरणों में मेरा सादर प्रणाम। गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Guru Purnima Gifts 2026: गुरु पूर्णिमा 2026: अपने गुरु को दें 5 में से कोई एक यादगार गिफ्ट

फ्रेंडशिप डे 2026: दोस्तों को दें इन 5 में से कोई एक गिफ्ट

An image showing information about giving a great gift to a friend on Friendship Day.

Friendship Day Gift Guide: दोस्ती जीवन का वह अनमोल रिश्ता है, जो विश्वास, अपनापन और साथ निभाने की भावना पर टिका होता है। फ्रेंडशिप डे सिर्फ शुभकामनाएं देने का दिन नहीं है, बल्कि अपने सबसे अच्छे दोस्त को यह एहसास कराने का भी अवसर है कि वह आपके जीवन में कितना खास है।ALSO READ: Friendship Day Wishes 2026: फ्रेंडशिप डे पर अपने खास मित्रों को भेजें ये 10 फ्रेंडली शुभकामना मैसेज

 

यदि आप इस Friendship Day 2026 पर अपने दोस्त को कोई ऐसा उपहार देना चाहते हैं जो लंबे समय तक याद रहे, तो महंगे गिफ्ट की जरूरत नहीं है। दिल से चुना गया एक छोटा-सा तोहफा भी दोस्ती को और मजबूत बना सकता है।

 

Friendship Day 2026 पर अपने सबसे अच्छे दोस्त को क्या गिफ्ट दें, यदि आप भी इसी उलझन में हैं तो यहां जानिए 5 बेहतरीन और बजट-फ्रेंडली गिफ्ट आइडिया, जो दोस्ती को और भी खास बना देंगे। ये गिफ्ट उन्हें देकर आप अपने दोस्त के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं…

 

1. पर्सनलाइज्ड फोटो फ्रेम या मेमोरी बुक (Personalized Photo Frame / Scrapbook)

आपकी पुरानी यादों, हंसी-मजाक के पलों और साथ बिताए खास दिनों की तस्वीरों से बनी एक स्क्रैपबुक या पर्सनलाइज्ड फोटो फ्रेम से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। यह तोहफा दिल के बेहद करीब होता है और दिखाता है कि आपने उनके लिए वक्त निकालकर इसे खुद तैयार किया है।

 

2. कस्टमाइज्ड गिफ्ट्स (Customized Mug, Keychain, or Hoodie)

आजकल पर्सनलाइज्ड चीजें काफी ट्रेंड में हैं। आप एक मग, की-चेन या कूल हुडी पर दोस्त का पसंदीदा डायलॉग या निकनेम/ Nickname लिखवा सकते हैं। आप दोनों के किसी 'इनसाइड जोक' को प्रिंट करवा सकते हैं।

 

3. स्मार्ट गैजेट्स (Smart Gadgets)

अगर आपका दोस्त टेक-लवर या म्यूज़िक-लवर है, तो कोई उपयोगी गैजेट एक बेहतरीन विकल्प है:

 

ब्लूटूथ स्पीकर या वायरलेस इयरबड्स गिफ्ट में आप अपने गानों के शौकीन दोस्तों के लिए ले सकते हैं। अगर आपका दोस्त अपनी फिटनेस को लेकर सजग रहता है तो स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड दे सकते हैं।

 

4. बुक या जर्नल+कस्टमाइज्ड पेन (Book or Aesthetic Journal)

अगर आपके दोस्त को पढ़ने या लिखने का शौक है:

 

उनकी पसंदीदा जॉनर अर्थात् किसी कला, साहित्य, संगीत या फिल्म की श्रेणी से संबंधित- जैसे फिक्शन, सेल्फ-हेल्प, मिस्ट्री आदि की कोई बेहतरीन किताब गिफ्ट करें। एक एस्थेटिक जर्नल और सुंदर पेन सेट, जिसमें वे अपनी प्लानिंग या विचार लिख सकें।

 

5. एवरग्रीन ऑप्शन: प्लांट या इंडोर सकुलेंट (Indoor Plants / Succulents) 

एक सुंदर सा छोटा पौधा- जैसे लकी बैम्बू, मनी प्लांट या सकुलेंट यानी गूदेदार पौधे, जो दोस्ती के बढ़ने और खिलने का प्रतीक माना जाता है। यह न केवल देखने में सुंदर लगता है, बल्कि यह आपकी गहरी और बढ़ती हुई दोस्ती को दर्शाता है।

 

टिप्स: तोहफा कोई भी हो, उसके साथ अपने हाथ से लिखा हुआ एक छोटा सा 'थैंक यू कार्ड' जरूर जोड़ें। आपकी लिखी 2-4 पंक्तियां इस गिफ्ट को और भी खास बना देंगी!

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

 

Friendship Day Wishes 2026: फ्रेंडशिप डे पर अपने खास मित्रों को भेजें ये 10 फ्रेंडली शुभकामना मैसेज

An image providing information on sending heartwarming Friendship Day wishes to friends

Friendship Day Quotes: फ्रेंडशिप डे यानी मित्रता दिवस एक ऐसा खास अवसर है, जब हम अपने जीवन में मौजूद उन खास दोस्तों को धन्यवाद देते हैं, जो हर सुख-दुख में हमारा साथ निभाते हैं। दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है, जो बिना किसी स्वार्थ के विश्वास, प्यार, अपनापन और यादों से जुड़ा होता है। बचपन के दोस्तों से लेकर जीवन के हर पड़ाव पर मिलने वाले नए साथियों तक, हर दोस्त हमारी जिंदगी को खास बना देता है।ALSO READ: Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

 

फ्रेंडशिप डे 2026 पर लोग अपने दोस्तों को प्यार भरे मैसेज, शुभकामना संदेश, कोट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।

अगर आप भी अपने खास दोस्त को दिल छू लेने वाला संदेश भेजना चाहते हैं, तो यहां दिए गए फ्रेंडशिप डे विशेज और शुभकामना मैसेज आपके रिश्ते में और मिठास घोल सकते हैं।

 

दिल को छू लेने वाले फ्रेंडशिप डे मैसेज

1. “सच्चे दोस्त वही होते हैं, जो रोने की वजह नहीं,
बल्कि मुस्कुराने की वजह बनते हैं।”
— हैप्पी फ्रेंडशिप डे, मेरे यार!

2. “ना किसी से दुश्मनी, ना किसी से कोई गिला,

मुझे तो किस्मत से दुनिया का सबसे प्यारा दोस्त मिला।”

— दोस्ती दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं!

 

3. “किस्मत वाले हैं वो लोग जिन्हें तुम्हारी जैसी 

निस्वार्थ और सच्ची दोस्ती मिली है।

मेरे जीवन में होने के लिए शुक्रिया!”

— Happy Friendship Day!

 

4. “वक्त बदल सकता है, दुनिया बदल सकती है,

पर हमारी हंसी-मजाक और दोस्ती कभी नहीं बदलेगी।”

— Happy Friendship Day Buddy!

 

5. “दोस्ती कोई शब्द नहीं, यह तो एक अहसास है,

जो हर मुश्किल घड़ी में हमेशा हमारे पास है।”

— फ्रेंडशिप डे मुबारक हो!

 

थ्रिल और मस्ती भरे मैसेजेस 

 

6. “तुझ जैसा पागल दोस्त मिलना भी, 

एक अलग ही किस्मत की बात है,

वरना मेरी फालतू बातें सहने का दम किसी में नहीं था!”

— हैप्पी फ्रेंडशिप डे, मेरे भाई!

 

7. “दोस्ती की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती,

चाहे हम कितने भी बूढ़े हो जाएं, 

हमारी शैतानियां कभी खत्म नहीं होंगी।”

— Happy Friendship Day!

 

8. “चाय में चीनी ना हो तो पीने में मजा नहीं आता,

और जिंदगी में तेरे जैसा दोस्त ना 

हो तो जीने में मजा नहीं आता!”

— फ्रेंडशिप डे की बहुत-बहुत बधाई! 

 

9. “दूरियां चाहे कितनी भी आ जाएं, 

हमारी बॉन्डिंग हमेशा नंबर 1 रहेगी।

तू सिर्फ दोस्त नहीं, मेरी फैमिली का हिस्सा है।”

— Happy Friendship Day, Bestie!

 

10. “ना पैसों की मांग, ना तोहफों की चाह,

बस एक सच्चा दोस्त हो 

जो कहे— 'फिक्र मत कर, मैं हूं ना!'”

— हैप्पी फ्रेंडशिप डे!

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

Metalic Technoforge IPO Listing: ₹87 पर लिस्ट ₹77 का शेयर, तगड़ा है कंपनी का बिजनेस

Metalic Technoforge IPO Listing: ऑटो सेक्टर के लिए जरूरी पार्ट्स बनाने वाली फोर्जिंग और मशीनिंग कंपनी मेटलिक टेक्नोफोर्ज के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 8 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹77 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹87.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 12.99% का लिस्टिंग गेन (Metalic Technoforge Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹90.00 (Metalic Technoforge Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 16.88% मुनाफे में हैं।

Metalic Technoforge IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मेटलिक टेक्नोफॉर्ज का ₹50 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21-23 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 8.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 4.58 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 17.07 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 7.00 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 64.88 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹30.81 करोड़ एक यूनिट लगाने और मौजूदा यूनिट को अपग्रेड करने, ₹₹6.72 करोड़ कर्ज हल्का करने, और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Metalic Technoforge के बारे में

मेटालिक टेक्नोफोर्ज क्लोज्ड-डाई फोर्ज्ड और प्रिसिजन-मशीन्ड पार्ट्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कॉम्प्लेक्स, सेफ्टी-क्रिटिकल फॉर्ज्ड और प्रिसिजन-मशीन्ड प्रोडक्ट्स बनाती है जैसे कि छोटी-बड़ी रिंग्स, बॉल स्टड्स, ब्रोचिंग वाले गियर ब्लैंक्स, गियर्स, कपलिंग असेंबली और अलग-अलग इंडस्ट्रीज के लिए दूसरे जरूरी पार्ट्स। कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर में घरेलू और ग्लोबल OEMs (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) को सर्विसेज देती है। ऑटोमोटिव OEMs में ऑटोमोबाइल, ट्रैक्टर और कमर्शियल गाड़ियों के बनाने वाले शामिल हैं। नॉन-ऑटोमोटिव OEMs में खेती के इक्विपमेंट्स, हाइड्रोलिक इक्विपमेंट्स, कंस्ट्रक्शन मशीनरी और जनरल इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स बनाने वाले शामिल हैं। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 70% से अधिक की रफ्तार (CAGR) से बढ़कर ₹12.36 करोड़ और टोटल इनकम भी करीब 38% के सीएजीआर से ₹97.98 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹31.78 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.92 करोड़ पड़े थे।

Gulf Lloyds IPO Listing: फ्लैट लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट, खुदरा निवेशकों को ₹100 के शेयरों ने दिया तगड़ा शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

श्रावण मास में शाक खाना क्यों है वर्जित?

Image related to information about not consuming green leafy vegetables during the month of Shravan

Why Shak is prohibited in Sawan: सनातन धर्म में श्रावण (सावन) मास भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे महीने भक्त व्रत, पूजा, जप, दान और सात्विक जीवनशैली का पालन करते हैं। सावन के दौरान खान-पान को लेकर भी कई विशेष नियम बताए गए हैं। इन्हीं में से एक है शाक यानी हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन न करना। कई लोग इसे केवल धार्मिक परंपरा मानते हैं, जबकि इसके पीछे धार्मिक, आयुर्वेदिक और व्यावहारिक कारण भी बताए जाते हैं।ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

 

श्रावण/ सावन मास में शाक या हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से क्यों बचा जाता है? जानें इसके धार्मिक, आयुर्वेदिक, वैज्ञानिक कारण, चातुर्मास के नियम और सही आहार संबंधी जानकारी।

 

चातुर्मास के नियम

बता दें कि हमारे शास्त्रों में अलग-अलग ग्रंथों और परंपराओं में आहार संबंधी नियमों में कुछ भिन्नताएं मिलती हैं। इसलिए स्थानीय परंपरा और अपने गुरु या परिवार की परंपरा का पालन करना उचित माना जाता है। श्रावण मास चातुर्मास का हिस्सा होता है। चातुर्मास में ऋषि-मुनि और साधु-संत भी भोजन में संयम रखते थे। इस अवधि में कुछ खाद्य पदार्थों का त्याग करने की परंपरा बनी, जिसमें कई स्थानों पर शाक का भी उल्लेख मिलता है।

 

1. वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य कारण

कीड़े-मकोड़ों और जीवाणुओं यानी बैक्टिरिया (Bacteria) का बढ़ाव:

सावन का महीना बारिश का मौसम यानी मानसून का समय होता है। इस समय हवा में नमी बहुत अधिक होती है, जिसके कारण हरे पत्तों पर छोटे-छोटे सूक्ष्म जीव, कीड़े और उनके अंडे पनपने लगते हैं। कई बार ये इतने बारीक होते हैं कि अच्छे से धोने पर भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाते, जिससे पेट के संक्रमण यानी Infections का खतरा रहता है।

 

पाचन तंत्र का धीमा पड़ना:

मानसून के दौरान वातावरण में बदलाव के कारण हमारा पाचन तंत्र या पाचन अग्नि (Digestive System, Metabolism) मंद हो जाती है। साग में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिसे पचाने के लिए शरीर को अधिक ऊर्जा लगानी पड़ती है। इस मौसम में साग खाने से गैस, एसिडिटी, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

 

वात दोष में वृद्धि:

आयुर्वेद के अनुसार, वर्षा ऋतु में शरीर में 'वात दोष' प्राकृतिक रूप से बढ़ता है। हरी पत्तेदार सब्जियां वात को और अधिक बढ़ाती हैं, जिससे जोड़ों में दर्द, वायु विकार और पेट की बीमारियां हो सकती हैं।

 

2. धार्मिक एवं आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

पित्त और वात का संतुलन: आयुर्वेद के नियम 'ऋतुचर्या' के अनुसार, सावन के महीने में शरीर को हल्का और सुपाच्य भोजन चाहिए होता है।

 

सात्विकता और व्रत: सावन मास शिव जी की भक्ति और सात्विक जीवन शैली का महीना है। इस दौरान शरीर को शुद्ध रखने के लिए उन चीजों के त्याग का विधान है जो पाचन पर भार डालती हैं या बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

प्राचीन समय में आज की तरह सब्जियों को कीटाणुरहित करने के उन्नत साधन नहीं थे। इसलिए हमारे ऋषियों ने स्वास्थ्य सुरक्षा के इस नियम को धर्म और परंपरा से जोड़ दिया ताकि आम लोग मानसून में बीमारियों से सुरक्षित रह सकें।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम के लिए जानें खास 7 डाइट प्लान और इम्युनिटी बढ़ाने वाले घरेलू उपाय

 

अस्पताल से डिस्चार्ज होकर राजघाट पहुंचे सोनम वांगचुक, बोले- बापू का शांति का रास्ता आज भी सबसे प्रासंगिक

sonam wangchuk on rajghat

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अपनी पत्नी गीतांजलि आंग्मो के साथ सीधे दिल्ली के राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शांति के रास्ते हर हल मुमकिन है। बापू का रास्ता आज भी प्रासंगिक है। ALSO READ: बिहार छात्र आंदोलन पर AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही सस्पेंड, भाजपा सांसद संबित पात्रा घिरे

 

वांगचुक ने कहा कि 26 दिन के अनशन और इस आंदोलन के अंत पर मैं सबसे पहले बापू को याद करने के लिए राजघाट आना चाहता था। मैं देश को बताना चाहता था कि उनका बताया गया रास्ता आज भी उतना ही उपयुक्त है जितना 100 साल पहले था।

उन्होंने कहा कि मेरी समझ है कि ये तरीके जनता के दिल तक संदेश पहुंचाते हैं। इस बार मुझे यह तसल्ली हुई कि यह देश के स्तर पर प्रासंगिक है। मैं लोगों से कहता हूं कि वे बापू द्वारा शांति के मार्ग पर चलकर ही अपनी बात रखें। मैं सभी नागरिकों को बधाई देता हूं। ALSO READ: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?

 

वीडियो संदेश में क्या बोले सोनम वांगचुक

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी सेहत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह अब काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। वह धीरे-धीरे भोजन कर रहे हैं और उनके शरीर में ताकत लौट रही है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ को भी धन्यवाद दिया।

वांगचुक ने लद्दाख के आंदोलन को मिले व्यापक समर्थन के लिए जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने लोगों की एकजुटता और अपनी आवाज उठाने की सराहना की। वांगचुक ने अपने संदेश में आंदोलन की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी की है जिन्होंने इस मुहिम में साथ दिया।

 

गौरतलब है कि सीजेपी के आंदोलन की सबसे अहम कड़ी सोनम वांगचुक का अनशन ही था। सोनम वांगचुक की 26 दिनों की भूख हड़ताल ने बड़ी संख्या में युवाओं को जंतर मंतर की ओर आने के लिए प्रेरित किया। वांगचुक आ अनशन समाप्त होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

पुण्यतिथि विशेष: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन परिचय और महत्वपूर्ण कार्य

A photograph of Dr. A.P.J. Abdul Kalam, a source of inspiration for millions of Indians

APJ Abdul Kalam Memorial Day: प्रतिवर्ष 27 जुलाई भारत के सबसे प्रिय वैज्ञानिक, शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि मनाई जाती है। साल 2015 में इसी दिन वे भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) शिलांग में छात्रों को संबोधित करते समय ह्रदयघात होने से अचानक गिर पड़े और उनका निधन हो गया। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने अपनी सादगी, दूरदर्शिता और राष्ट्रनिष्ठा से करोड़ों युवाओं के दिलों में सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा जगाई। 

 

उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके विचारों को याद किया जाता है, जो आज भी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

 

संक्षेप में जीवन परिचय

पूरा नाम- अवुल पकीर जैनुलआब्दीन अब्दुल कलाम

जन्म- 15 अक्टूबर 1931, रामेश्वरम (तमिलनाडु)

शिक्षा- सेंट जोसेफ्स कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से भौतिक विज्ञान तथा मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग।

निधन- 27 जुलाई 2015, शिलांग (मेघालय)

प्रसिद्ध पहचान- 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' एवं 'जनता के राष्ट्रपति' के रूप में।

सर्वोच्च सम्मान- भारत रत्न (1997)।

 

डॉ. कलाम का बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा। उनके पिता एक नाविक थे। अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए कलाम साहब बचपन में अखबार तक बेचते थे। मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद वे रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष क्षेत्र में समर्पित हो गए।

 

महत्वपूर्ण कार्य और योगदान

1. अंतरिक्ष और उपग्रह प्रक्षेपण (ISRO)

SLV-III का सफल परीक्षण: इसरो में प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते हुए कलाम साहब के नेतृत्व में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III) बना, जिसने 1980 में रोहिणी उपग्रह को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया।

 

2. 'मिसाइल मैन' और आईजीएमडीपी (DRDO)

डीआरडीओ (DRDO), जिसका पूरा नाम रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) है, इसमें रहते हुए डॉ. कलाम ने इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP) की नींव रखी। इसी कार्यक्रम के तहत भारत को अग्नि और पृथ्वी जैसी स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइलें मिलीं, जिससे भारत रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना।

 

3. पोखरण-2 परमाणु परीक्षण (1998)

1998 में पोखरण में हुए दूसरे परमाणु परीक्षण में डॉ. कलाम ने मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार (Scientific Advisor) की भूमिका निभाई। उनके कुशल नेतृत्व में भारत ने खुद को एक परमाणु-संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।

 

4. भारत के 11वें राष्ट्रपति (2002–2007)

2002 में वे भारत के 11वें राष्ट्रपति चुने गए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति भवन के दरवाजे आम जनता और विशेष रूप से बच्चों के लिए खोल दिए, जिसके कारण उन्हें 'पीपुल्स प्रेसिडेंट' (जनता का राष्ट्रपति) कहा गया।

 

5. स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान (कलाम-राजू स्टेंट)

उन्होंने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सोमा राजू के साथ मिलकर एक किफायती कोरोनरी स्टेंट विकसित किया, जिसे 'कलाम-राजू स्टेंट' के नाम से जाना जाता है। इसने भारत में हृदय रोगियों के इलाज को बेहद सस्ता बनाया।

 

उनकी प्रमुख पुस्तकें

* उनकी आत्मकथा- विंग्स ऑफ फायर (Wings of Fire)

* इंडिया 2020 (India 2020)

* इग्नाटेड माइंड्स (Ignited Minds)

 

निधन: 27 जुलाई 2015 को IIM शिलांग में छात्रों को संबोधित करते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने अंतिम सांस ली। वे अंतिम क्षण तक वह काम करते रहे जो उन्हें सबसे प्रिय था, 'शिक्षा देना और छात्रों से संवाद करना'। 

 

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Bhumi Pednekar: ‘आज हमारे… लिए एक बहुत बड़ा पल है’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भूमि पेडनेकर ने शेयर किया नोट

Bhumi Pednekar: एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट लिखा और कहा कि यह पल एक मज़बूत और निष्पक्ष भारत की शुरुआत का प्रतीक है। एक्ट्रेस ने यह उम्मीद भी जताई कि यह अहम पल कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने की दिशा में एक सार्थक बदलाव लाएगा।

उन्होंने लिखा, “उम्मीद है कि इससे हमारा भारत और मज़बूत और बेहतर बनेगा। आज हमारे लोकतंत्र के लिए एक बहुत अहम पल है। ऐसे नागरिक जिन्होंने हार नहीं मानी और ऐसी लीडरशिप जिसने उनकी बात सुनी। युवाओं ने अपनी बात रखी; उनका पक्का इरादा, उनकी हिम्मत और बदलाव की ताकत में उनका भरोसा वाकई प्रेरणा देने वाला था।”

उन्होंने आगे कहा, “उस मंच पर बहुत कुछ कहा गया, लेकिन आखिर में वही आवाज़ गूंजी जो छात्र सही मायने में चाहते थे। मेरे लिए, जवाबदेही का मतलब है असल और समाधान-केंद्रित बदलाव लाना। कमियों को पहचानना और उन्हें दूर करना। ऐसा असली सुधार जो सच में हमारे छात्रों के भविष्य की चर्चा पर असर डाले। मुझे लगता है कि हर भारतीय के लिए—चाहे आप किसी सरकारी पद पर हों या आम नागरिक—देश, उसकी खुशहाली, उसके लोग और उसकी सुरक्षा हमेशा सबसे पहले होनी चाहिए। जय हिंद।”

राष्ट्रीय राजधानी के बीचों-बीच हफ़्तों तक चले बड़े छात्र विरोध-प्रदर्शनों और लगातार जन-आंदोलन के बाद, शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया। छात्र परीक्षा में गड़बड़ियों, खासकर NEET-UG पेपर लीक को लेकर उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे। उनका इस्तीफ़ा 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस की सख़्त कार्रवाई के बाद आया है।

पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे देश में आक्रोश फैल गया और नाराज़ नागरिक बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पर छात्रों का समर्थन करने के लिए उमड़ पड़े।

ये विरोध-प्रदर्शन दिल्ली से पहले मेट्रो शहरों और फिर छोटे कस्बों तक फैल गए। 18 जुलाई की सुबह, सोनम वांगचुक को 21 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पूरी करने के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल से दिल्ली पुलिस द्वारा ज़बरदस्ती हटाए जाने के बाद विरोध-प्रदर्शन और तेज़ हो गए।

अधिकारियों ने उनकी बिगड़ती सेहत, डॉक्टरी सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर हैं।

क्या अब जंतर-मंतर पर नहीं दिखेंगे अभिजीत दिपके? अस्पताल से बोले- ‘सुबह-शाम चढ़ रही है आईवी ड्रिप, फिर भी धर्मेंद्र प्रधान…’

Abhijeet Dipke Diagnosed With Typhoid: ‘रोजाना सुबह-शाम ड्रिप चढ़ रही है, पर हौसला अभी भी फुल चार्ज है…’ देशव्यापी नीट प्रदर्शन की कमान संभाल रहे अभिजीत दिपके ने जब X पर अपनी ब्लड रिपोर्ट शेयर की है। उन्हें टाइफाइड हो गया है। हालांकि, इसके बावजूद CJP संस्थापक ने हुंकार भरी है कि बीमारी उनके आंदोलन की रफ्तार नहीं धीमी कर सकती। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना हेल्थ अपडेट देते हुए साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह छात्र आंदोलन बिना रुके जारी रहेगा।

X पर वीडियो मैसेज शेयर कर बताया हेल्थ अपडेट

अभिजीत दिपके ने आज शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट कर अपने समर्थकों और छात्रों को अपनी सेहत की जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि आप सभी जानते हैं, पिछले कुछ दिनों से मेरी तबीयत ठीक नहीं थी। अब मेरी ब्लड रिपोर्ट आ गई है और मुझे टाइफाइड की पुष्टि हुई है। मेरा इलाज चल रहा है और मुझे रोजाना सुबह और शाम आईवी ड्रिप चढ़ाई जा रही है।’

दिपके ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए देश भर के छात्रों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, ‘मैं देश भर में शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन कर रहे सभी ‘कॉकरोचों’ का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। आप लोगों ने इस आंदोलन को इतना सफल बनाया है।’

उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर प्रदर्शन इसी तरह शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा।

सोनम वांगचुक का अनशन खत्म, पर CJP का आंदोलन रहेगा जारी

सोनम वांगचुक द्वारा अपना 26 दिनों का भूख हड़ताल समाप्त करने पर दिपके ने राहत जताई। उन्होंने कहा, ‘हम अब बेहद खुश और टेंशन फ्री हैं कि सोनम सर ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। उनका जीवन इस देश के लिए बेहद कीमती है।’

वैसे उन्होंने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक का अनशन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक CJP का आंदोलन पूरे देश में पूरी ताकत के साथ चलता रहेगा।

‘इस्तीफा नॉन-नेगोशिएबल’- आशुतोष रांका

इस आंदोलन के नीतिगत रणनीति बनाने वाले CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सरकार को कड़ा संदेश दिया है। आशुतोष रांका ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नॉन-नेगोशिएबल यानी जिस पर कोई समझौता नहीं होने वाला है। अगर सरकार इस पर ‘ना’ कहती है, तो आगे की बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता।’

CJP की सरकार के सामने 3 मुख्य मांगें

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने केंद्र सरकार के सामने अपनी शर्तें पूरी तरह स्पष्ट कर दी हैं:

  1. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
  2. कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित भरोसा: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आंदोलनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई (FIR/केस) न किए जाने का लिखित आश्वासन मिले।
  3. मुआवजे की मांग: नीट पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कल हुई थी बैठक, आज फिर चर्चा की उम्मीद

शुक्रवार दोपहर नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के प्रतिनिधियों के साथ हाई-लेवल बैठक की थी। केंद्रीय मंत्रियों ने पार्टी की मांगों का अध्ययन करने और सरकार का रुख तय करने का भरोसा दिया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच आगे की वार्ता प्रस्तावित है।