मुनाफा डबल और ₹14.40 का डिविडेंड, दोहरे सपोर्ट पर 14% चढ़ा शिपिंग शेयर

GE Shipping Share Price: शिपिंग और ऑयलफील्ड सर्विसेज प्रोवाइडर ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी (जीई शिपिंग कंपनी) के शेयरों में आज खरीदारी का जोरदार रुझान दिखा। जून तिमाही में मुनाफे में ढाई गुना से अधिक उछाल और शानदार डिविडेंड के ऐलान ने इसके शेयरों को ऐसा सपोर्ट किया कि यह 14% से अधिक उछल पड़ा। ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के चलते भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी के चलते भाव अब भी मजबूत बने हुए हैं। फिलहाल BSE पर यह 3.27% की बढ़त के साथ ₹1,441.90 पर है। इंट्रा-डे में यह 14.57% चढ़कर ₹1,599.75 तक पहुंच गया था।

Great Eastern Shipping Company की कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी का शुद्ध मुनाफा कंसालिडेटेड लेवल पर 159.43% उछलकर ₹1308.84 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 66.91% चढ़कर ₹2005.36 हो गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी की सेहत तेजी से मजबूत हुई। सालाना आधार पर जून तिमाही में इसका ईबीआईटीडीए ₹642.8 करोड़ से ₹1,337.7 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटीडीए मार्जिन 53.5% से बढ़कर 66.7% पर पहुंच गया। सेगमेंटवाइज बात करें तो कंपनी का शिपिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 90.20% बढ़कर ₹1890.97 करोड़ और ऑफशोर सर्विसेज से रेवेन्यू 18.87% बढ़कर ₹406.02 करोड़ पर पहुंच गया।

नतीजे के साथ-साथ कंपनी ने डिविडेंड का भी ऐलान किया है। ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी हर शेयर पर ₹14.40 का अंतरिम डिविडेंड बांटने वाली है, जिसका रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त फिक्स किया गया है जिसे 27 अगस्त या इसके बाद शेयरहोल्डर्स के खाते में क्रेडिट किया जाएगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी के शेयरों ने निवेशकों की कम समय में ही ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले साल 6 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹914.65 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचले स्तर है। इस निचले स्तर से यह 9 महीने में यह 96.58% उछलकर 19 मई 2026 को ₹1,798.00 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या लगातार खांसी फेफड़ों के कैंसर का संकेत है? ऑन्कोलॉजिस्ट ने बताए चेतावनी वाले ये लक्षण

भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता प्रदूषण और बदलती जीवनशैली का असर हमारी सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को अक्सर लोग रोजमर्रा की थकान या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। खांसी भी ऐसी ही एक आम परेशानी है, जिसे लोग सामान्य समझकर टाल देते हैं। लेकिन जब यही खांसी लंबे समय तक बनी रहे, तो यह शरीर में छिपी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के कई शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग समय पर ध्यान नहीं दे पाते।

ऐसे में अपनी दिनचर्या, खानपान और शरीर में होने वाले बदलावों को समझना बेहद जरूरी हो जाता है। सही समय पर जांच और सावधानी से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है।

लगातार रहने वाली खांसी हो सकती है शुरुआती चेतावनी

रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट ज्योति मेहता के अनुसार, लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी फेफड़ों के कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकती है। हालांकि हर पुरानी खांसी कैंसर नहीं होती, लेकिन कई हफ्तों तक इसे नजरअंदाज करने से बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है, जिससे इलाज के विकल्प प्रभावित हो सकते हैं। डॉक्टर के मुताबिक, फेफड़ों में मौजूद कुछ कोशिकाएं जब अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो ट्यूमर बन सकता है और यही आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकता है।

सिर्फ धूम्रपान करने वालों को ही नहीं होता खतरा

आम धारणा है कि फेफड़ों का कैंसर केवल धूम्रपान करने वालों को होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, धूम्रपान इसका सबसे बड़ा कारण जरूर है, लेकिन इसके अलावा कई दूसरी चीजें भी जोखिम बढ़ा सकती हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • दूसरे लोगों के धुएं के संपर्क में आना (सेकेंड हैंड स्मोक)
  • बढ़ता वायु प्रदूषण
  • रेडॉन गैस
  • एस्बेस्टस जैसे खतरनाक पदार्थ
  • कुछ हानिकारक केमिकल्स

इसके अलावा, जिन लोगों के परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है या कुछ जेनेटिक बदलाव हैं, उनमें भी खतरा हो सकता है।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे लग सकते हैं। यही वजह है कि लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, इन संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है:

  • 3 हफ्ते से ज्यादा समय तक रहने वाली खांसी
  • खांसी के साथ खून आना
  • सीने में लगातार दर्द रहना
  • सांस लेने में परेशानी या घरघराहट
  • बार-बार छाती में संक्रमण होना
  • बिना वजह वजन कम होना
  • भूख कम लगना
  • लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना
  • आवाज में भारीपन या बदलाव लंबे समय तक रहना

इनमें से कोई भी लक्षण दिखने का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन अगर ये लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

इलाज में देरी से बढ़ सकता है खतरा

अगर फेफड़ों के कैंसर का समय पर इलाज न हो, तो यह शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे दिमाग, हड्डियों, लीवर और एड्रिनल ग्लैंड तक फैल सकता है। इससे तेज दर्द, सांस लेने में ज्यादा परेशानी, हड्डियों में फ्रैक्चर और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

समय पर जांच से बच सकती है जिंदगी

मेडिकल क्षेत्र में हुई प्रगति के कारण अब फेफड़ों के कैंसर के इलाज के कई बेहतर विकल्प मौजूद हैं। मरीज की स्थिति के अनुसार सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

डॉक्टरों का कहना है कि अगर बीमारी का पता शुरुआती चरण में चल जाए, तो इलाज के सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें

फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं:

  • धूम्रपान से दूरी बनाएं
  • दूसरों के धुएं से बचें
  • प्रदूषण और खतरनाक केमिकल्स से बचाव करें
  • जरूरत पड़ने पर मास्क और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें
  • संतुलित भोजन लें
  • समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाते रहें

एक सामान्य सी लगने वाली खांसी कभी-कभी शरीर का बड़ा संकेत हो सकती है। इसलिए लंबे समय तक रहने वाली खांसी को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच करवाना बेहतर है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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Poojaa Precision IPO Listing: 56% प्रीमियम पर ₹301 का शेयर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 278 गुना बोली

Poojaa Precision IPO Listing: पूजा प्रिसिजन के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 278 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹301 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹470.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 56.15% का लिस्टिंग गेन (Poojaa Precision Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹488.00 (Poojaa Precision Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 62.13% मुनाफे में हैं।

Poojaa Precision IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पूजा प्रिसिजन का ₹160 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 278.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 206.46 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 463.43 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 247.58 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.33 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 53.10 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹106.34 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Poojaa Precision Engg. के बारे में

पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है जो एलुमिनियम डाई-कास्टिंग और प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स बनाती है। इनका इस्तेमाल इंजन, ड्राइवरट्रेन, ईवी पावरट्रेन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ऑटोमोटिव (कमर्शियल गाड़ियां, पैसेंजर गाड़ियां, दो-पहिया गाड़ियां, इलेक्ट्रिक गाड़ियां), खेती, डिफेंस, एनर्जी, हेल्थकेयर, एयरोस्पेस और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे इंडस्ट्रीज में होता है। इसके ग्राहक भारत से लेकर जर्मनी, अमेरिका, इटली और स्विटजरलैंड तक हैं। हाल ही में अप्रूव्ड वेंडर पार्टनरशिप्स के जरिए एयरोस्पेस सेक्टर तक अपना दायरा फैलाया है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 38% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹30.90 करोड़ और टोटल इनकम 30% के सीएजीआर से ₹295.20 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹41.16 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹118.53 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

वर्ल्ड अपडेट्स:5 साल बाद पहली बार दिखीं म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची; रेड क्रॉस प्रतिनिधि से मुलाकात की

म्यांमार की पूर्व नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची करीब पांच साल बाद पहली बार नजर आई हैं। सैन्य सरकार ने सोमवार को आंग सान सू ची की कुछ तस्वीरें जारी कीं, जिनमें वह इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) के म्यांमार प्रतिनिधि अर्नो डे बैक से मुलाकात करती दिखाई दे रही हैं। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से यह उनका बाहरी दुनिया के साथ सबसे दुर्लभ सार्वजनिक संपर्क माना जा रहा है। सरकार ने बताया कि यह मुलाकात सोमवार सुबह हुई, लेकिन यह नहीं बताया कि बैठक कहां हुई और किन मुद्दों पर चर्चा हुई। जारी तस्वीरों में सू ची अपने 81वें जन्मदिन का केक काटती भी नजर आईं। तस्वीरों में वह मुस्कुराती और सामान्य दिख रही हैं, हालांकि उनकी सेहत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। आंग सान सू ची को फरवरी 2021 में सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा करने के बाद हिरासत में लिया गया था। तब से उन्हें सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा गया है और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क भी बेहद सीमित रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मिस्र के तट पर 5.4 तीव्रता का भूकंप; इजराइल तक महसूस हुए झटके मिस्र के तट के पास सोमवार तड़के 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, मिस्र के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी एंड जियोफिजिक्स (NRIAG) ने इसकी तीव्रता 5.6 दर्ज की और बताया कि इसका केंद्र स्वेज शहर से करीब 38 किलोमीटर उत्तर में था। अलग-अलग एजेंसियों द्वारा तीव्रता में मामूली अंतर अलग मापन प्रणालियों की वजह से होता है। भूकंप के झटके काहिरा और उत्तरी मिस्र के कई इलाकों में महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर कई लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। दक्षिणी इजराइल में भी कंपन महसूस होने की खबर है। भूकंप के बाद मिस्र रेड क्रिसेंट ने प्रभावित इलाकों में आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना लागू कर दी। संगठन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और केवल सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

Sawan First Somwar 2026: सच्ची श्रद्धा के साथ आज दिन में इस समय करें भगवान शिव का जलाभिषेक, जानें विधि और जरूरी नियम

Sawan First Somwar 2026: भगवान शिव के अनेक नामों में से एक नाम ‘भोलेनाथ’ भी है, यानी महादेव अपने भक्त की सच्ची श्रद्धा और संपूर्ण समर्पण चाहते हैं। जो भक्त महादेव की सच्च दिल से आराधना करते हैं, शिव सदा उनके सहायक रहते हैं। भगवान शिव का प्रिय समय यानी सावन का महीना शुरू हो चुका है और आज इस माह का पहला सोमवार है। इस दिन बहुत से भक्त उपवास करते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।

माना जाता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशहाली आती है। आज के दिन छोटे-बड़े सभी शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लग जाती है। आज श्रद्धालु भांग, बेलपत्र, धतूरा और जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और सोमवार का उपवास करते हैं। अक्सर भक्त सावन के सोमवार को महादेव के जलाभिषेक के सही समय को लेकर दुविधा में रहते हैं। ऐसे में आइए जानें भगवान का जलाभिषेक किस समय करना चाहिए।

शिवलिंग जलाभिषेक का समय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह का समय पूजा के लिए सबसे अचछा माना जाता है। इसिलए भगवान का जलाभिषेक सूर्योदय के समय करने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन किसी वजह से सुबह मंदिर नहीं जा पाते ह तो दिन में भी श्रद्धा से पूजा कर सकते है। भगवान शिव के लिए सबसे जरूरी सच्ची श्रद्धा मानी गई है।

पूजा विधि

सुबह स्नानादि के बाद साफ कपड़े पहनें और भगवान शिव का ध्यान करें। शिवलिंग पर साफ जल जढ़ाएं। अगर घर में गंगाजल है तो उसकी कुछ बूंद भी मिला सकते हैं। इसके बाद दूध, बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवायʼ मंत्र का जाप करें। आखिर में आरती करें और भगवान शिव से परिवार की खुशहाली की प्राथना करें।

पूजा के जरूरी नियम

जल्दबाजी में पूजा न करें, पूजा करते समय मन शांत रखें। शिवलंग पर ताजे बेलपत्र और ताजे फूल ही चढ़ाएं। अगर व्रत रख रहे हैं तो अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। मंदिर में साफ-सफाई का ध्यान रखें।

शिव पूजा में ध्यान रखें कि शिवलंग पर तुलसी के पत्ते और केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता। टूटे हुए बेलपत्र, बासी फूल या खराब फल भी भगवान को अर्पित नहीं करने चाहिए। पूजा के दौरान गुस्सा या किसी का अपमान करने से भी बचना चाहिए।

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Advance Technoforge Listing ने दिया झटका, 1% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद ₹95 का शेयर आया और नीचे

Advance Technoforge IPO Listing: फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाने वाली एडवांस टेक्नोफॉर्ज की आज BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ही ओवरसब्सक्राइब हो पाया था। आईपीओ के तहत ₹95 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹94.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 1.05% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹90.00 (Advance Technoforge Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.26% घाटे में हैं।

Advance Technoforge IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडवांस टेक्नोफोर्ज का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.43 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.68 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 25,30,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹7.19 करोड़ मौजूदा प्रेमिसेज में प्रिसिजन मशीन कंपोनेंट्स बनाने के लिए मशीनरी की खरीदारी और इंस्टॉलेशन, ₹7.25 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹2.40 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advance Technoforge के बारे में

एडवांस टेक्नोफोर्ज फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाकर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स ऑटोमोटिव, ऑयल एंड गैस इंडस्ट्रीज, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, रेलवे समेत अन्य सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टो हुक असेंबली, रिटेनर प्लेट्स, क्रास मेंबर, कनेक्टिंग रॉड, बोडेन (एंड कैप) इत्यादि हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका मुनाफा सालाना 54% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹4.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी। वित्त वर्ष 2024 में ₹48.24 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹51.15 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में यह ₹50.73 करोड़ पर आ गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹7.19 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

खुद को जानो! सुकरात का वह सिद्धांत, जिसे बूढ़े होने से पहले हर इंसान को अपनाना चाहिए

ज्यादातर लोग सुकरात को सिर्फ महान फिलोसोफर मानते हैं, उनका मानना था कि मजबूत दिमाग के साथ मजबूत शरीर भी उतना ही जरूरी है। उनका यह विचार आज भी हमें याद दिलाता है कि अपनी क्षमता को पहचानना और खुद को एक अच्छा इंसान बनाना खुद की जिम्मेदारी है।

सुकरात का आज का विचार (Socrates’ Thought of the Day)

सुकरात का कहना था कि हर इंसान को अपने शरीर का ध्यान रखना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति अपनी ताकत और क्षमता को जाने बिना बूढ़ा हो जाए, तो यह दुख की बात है। उनका यह विचार सिर्फ अच्छी बॉडी बनाने के बारे में नहीं था, बल्कि अपने शरीर को हेल्दी और मजबूत रखने के बारे में था। जैसे हम पढ़ाई और काम में मेहनत करते हैं, उसी तरह शरीर के लिए भी समय निकालना भी जरूरी है।

फिटनेस नहीं, जिम्मेदारी (More Than Fitness)

सुकरात कहते है कि फिट रहना सिर्फ अच्छा दिखने के लिए नहीं है। यह हमारी अपनी जिम्मेदारी भी है। अगर शरीर हेल्दी रहेगा, तो रोज के काम आसानी से होंगे, कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और जीवन भी खुशनुमा होगा। इसलिए सेहत को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

शरीर और दिमाग साथ-साथ (Mind & Body Connection)

सुकरात मानते थे कि शरीर और दिमाग एक-दूसरे से जुड़े हैं। अगर शरीर हेल्दी रहेगा, तो मन भी अच्छा रहेगा और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी। वहीं, अगर शरीर कमजोर होगा तो इसका असर कॉन्फिडेंस और काम करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। इसलिए दोनों का बराबर ध्यान रखना जरूरी है।

अपनी ताकत पहचानें (Discover Your Potential)

हर इंसान के अंदर कोई न कोई खास क्षमता होती है। सुकरात कहते है कि हमें अपनी इस क्षमता को पहचानना चाहिए और उसे आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। अगर हम कोशिश ही नहीं करेंगे, तो हमें कभी पता नहीं चलेगा कि हम क्या-क्या कर सकते हैं।

अनुशासन की अहमियत (Power of Discipline)

सुकरात का मानना था कि अच्छी आदतें इंसान को आगे बढ़ाती हैं। रोज थोड़ी एक्सरसाइज करना, नई चीजें सीखना और टाइम का सही उपयोग करना ये सब बातें आगे चलकर बड़ी सक्सेस दिलाती हैं। डिसिप्लिन इंसान को मजबूत और बेहतर बनाता है।

सिर्फ दार्शनिक नहीं, सैनिक भी थे (Socrates as a Soldier)

सुकरात सिर्फ ज्ञान की बातें नहीं करते थे, बल्कि उन्होंने खुद भी कठिन जीवन जिया था। पेलोपोनेसियन युद्ध में सैनिक रहे और मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया। यही वजह है कि वे शारीरिक ताकत और डिसिप्लिन को बहुत महत्व देते थे।

सवाल पूछकर सिखाते थे (Socratic Method)

सुकरात लोगों को सीधे जवाब नहीं देते थे देने के बजाय बल्कि इनसे सवाल पूछते थे। उनका मानना था कि जब इंसान खुद से जवाब ढूंढता है, तभी वह सही मायने में सीखता है। आज भी कई स्कूलों, कॉलेजों और लॉ कॉलेजों में इस तरीके का उपयोग किया जाता है।

खास है यह सीख (Still Matters Today)

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम और मोबाइल में इतने बिजी हो जाते हैं कि अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते। तब सुकरात की यह सीख पहले से भी ज्यादा जरूरी लगती है। उनका मैसेज है कि अच्छा जीवन जीने के लिए सिर्फ पैसा या सफलता नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवन भी जरूरी है।

Tata Motors CV July Sales: एक्सपोर्ट डबल, घरेलू बिक्री में तेज उछाल, 3 अगस्त को शेयरों पर रहेगा फोकस

Tata Motors CV July Sales: टाटा ग्रुप की कमर्शियल वेईकल्स यूनिट टाटा मोटर्स सीवी के लिए पिछला महीना जुलाई धमाकेदार रहा। न सिर्फ घरेलू मार्केट में इसकी कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री में तेज इजाफा हुआ बल्कि निर्यात तो दोगुना से अधिक बढ़ गया। कंपनी ने इसकी जानकारी 1 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और अब इसका असर 3 अगस्त को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के सेहत की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 31 जुलाई को बीएसई पर यह 5.23% की बढ़त के साथ ₹436.95 (Tata Motors CV Share Price) पर बंद हुआ था।

Tata Motors CV के लिए कैसी रही जुलाई?

टाटा मोटर्स कमर्शियल वेईकल्स की पिछले महीने में घरेलू मार्केट में बिक्री सालाना आधार पर 28% बढ़कर 33,876 यूनिट्स पर पहुंच गई तो निर्यात इस दौरान 2,524 यूनिट्स से 128% बढ़कर 5,765 यूनिट्स पर पहुंच गया। ओवरऑल यानी देशी-विदेशी बिक्री को मिलाकर बात करें तो कंपनी की टोटल सेल्स जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 37% बढ़कर 39,641 यूनिट्स हो गई।

घरेलू बिक्री में अलग-अलग वेईकल सेगमेंट्स में बात करें तो जुलाई में एचसीवी (हैवी कमर्शियल वेईकल) ट्रक्स की बिक्री 6735 यूनिट्स से 33% बढ़कर 8973 यूनिट्स, ILMCV (इंटरमीडिएट, लाइट एंड मीडियम कमर्शियल वेईकल) ट्रक्स की बिक्री 5,068 यूनिट्स से 20% बढ़कर 6,100 यूनिट्स, पैसेंजर कैरियर की बिक्री 4,749 यूनिट्स से 25% उछलकर 5,938 यूनिट्स पर पहुंच गई तो SCV (स्मॉल कमर्शियल वेईकल) कार्गो और पिकअप्स की बिक्री 30% बढ़कर 9,880 यूनिट्स से 12,865 यूनिट्स पर पहुंच गई। इस दौरान MH&ICV (मीडियम एंड हैवी इंटरमीडिएट कमर्शियल वेईकल्स) की घरेलू बिक्री 12,378 यूनिट्स से 25% बढ़कर 15,435 यूनिट्स और निर्यात को मिलाकर कुल बिक्री 13,669 यूनिट्स से 20% बढ़कर 16,364 यूनिट्स पर पहुंच गया।

अब तक कैसी रही टाटा मोटर्स सीवी के शेयरों की चाल

टाटा मोटर्स सीवी के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। टाटा मोटर्स से अलग होकर यानी डिमर्जर के बाद इसके शेयर बीएसई और एनएसई पर 12 नवंबर को लिस्ट हुए थे। बीएसई पर यह ₹330.25 और बीएसई पर ₹335 पर लिस्ट हुआ था। लिस्टिंग के बाद 14 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹306.00 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। इस निचले स्तर से तीन ही महीने में यह 66.32% उछलकर 27 फरवरी 2026 को ₹508.95 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lock Upp 2: ‘डॉक्टरों ने मुझसे कहा था कि मैं छह महीने में मर सकता हूं’, राम कपूर ने लॉकअप में अपना सबसे बड़ा राज खोला

Lock Upp 2: राम कपूर ने ‘लॉक अप’ में अपना तीसरा और एक और चौंकाने वाला राज खोला है। ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ की शूटिंग के दौरान मोटापे से जूझ रहे इस एक्टर ने बताया कि उनकी सेहत इतनी खराब हो गई थी कि वे डिप्रेशन में चले गए थे और डॉक्टरों ने उनसे कहा था कि वे सिर्फ छह महीने में मर सकते हैं।

अपनी पत्नी और बच्चों समेत सबसे छिपाकर रखा गया एक राज़ बताते हुए राम कपूर ने कहा, “मैंने दुनिया से एक राज छिपाकर रखा है। यहां तक कि मेरी पत्नी को भी इसके बारे में नहीं पता। शो (‘बड़े अच्छे लगते हैं’) के दौरान, मैं अपनी ज़िंदगी के सबसे बुरे डिप्रेशन से गुजरा। अपने वजन की वजह से मुझे बहुत प्यार मिला और मेरी इतनी चर्चा हुई कि कुछ समय के लिए मैं सबसे ज़्यादा रेटिंग वाला टीवी स्टार बन गया था।”

एक्टर ने आगे बताया कि कैसे उनका वजन लगातार बढ़ता ही जा रहा था। फिर उन्होंने एक चौंकाने वाली बात बताई, “मेरे डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि मैं अस्वस्थ हो गया हूं और छह महीने में मेरी मौत भी हो सकती है। मुझे डायबिटिक स्ट्रोक हो सकता था क्योंकि मैं दिन में तीन बार इंसुलिन ले रहा था। मेरा शुगर लेवल 400 से 600 के बीच रहता था और मैं दिन में 14 घंटे काम करता था। मैं इस बारे में कुछ नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे बहुत प्यार और पैसा मिल रहा था। मैं यह सब कैसे छोड़ सकता था? मैं बहुत बदसूरत इंसान बन गया था।”

यह बताते हुए कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए खुद को कैसे बदला, राम ने कहा, “अगर मेरे बच्चे नहीं होते, तो मैं भी वही करता जो हर्षद ने किया था। जब आपके बच्चे होते हैं, तो आप उनके लिए जीते हैं और अपनी ज़िंदगी खत्म करने का हक आपको नहीं होता। बस इसी बात ने मुझे बचाया। यही वजह है कि मैं आज ज़िंदा हूं। 10 साल से ज़्यादा हो गए हैं, और आज मैं एक इंसान के तौर पर बहुत खुश हूं। गौतमी और मेरे बच्चों को भी अभी इस बारे में पता चल रहा होगा।”

इससे पहले राम कपूर ने एक बहुत ही इमोशनल राज़ का खुलासा किया था, जिसे सुनकर घर के सभी लोग रो पड़े थे। एक्टर ने बताया, “मैंने अपने पिता की मौत की प्लानिंग में उनकी मदद की थी।” उन्होंने बताया कि उनके पिता एक बार पैंक्रियाटिक कैंसर से लड़ चुके थे, लेकिन 73 साल की उम्र में जब कैंसर दोबारा हुआ, तो वे फिर से इलाज नहीं करवाना चाहते थे; राम उनके साथ खड़े रहे और उनके फैसले का समर्थन किया।

Voda Idea को मिला ₹26.8 करोड़ का नोटिस, अब 3 अगस्त को शेयर फोकस में

Voda Idea Share Price: टेलीकॉम विभाग ने वोडाफोन आइडिया को ₹26.83 करोड़ का लिक्विडेटेड डैमेज यानी हर्जाना भरने का नोटिस भेजा है। कंपनी ने इसके बारे में शनिवार 1 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया। ऐसे में अब इसका असर सोमवार 3 अगस्त को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 31 जुलाई को इसके शेयर पॉजिटिव मार्केट सेंटिमेंट में बीएसई पर 1.09% की बढ़त के साथ ₹13.01 के भाव पर बंद हुए। शुक्रवार को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स (Sensex) 166.49 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 78,094.64 और निफ्टी 0.27% यानी 66.45 प्वाइंट्स के उछाल के साथ 24,383.60 पर बंद हुआ था।

Voda Idea को क्यों मिला है नोटिस

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने वोडा आइडिया को ₹26.83 करोड़ का हर्जाना भरने का नोटिस भेजा है। टेलीकॉम कंपनी को यह नोटिस साल 2022 की नीलामी में मिले स्पेक्ट्रम के लिए तय मिनिमम रोलआउट ऑब्लिगेशन्स को पूरा नहीं करने के आरोप में मिला है। कंपनी का कहना है कि वह 31 जुलाई को मिले इस नोटिस को अभी रिव्यू कर रही है जिसके बाद आगे क्या करना है, इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि कंपनी का यह कहना है कि इस नोटिस की उसकी सेहत और कारोबार पर असर नहीं होगा। कंपनी को यह नोटिस इस बात के लिए मिला है कि स्पेक्ट्रम मिलने के बाद नेटवर्क के रोलआउट के लिए जो न्यूनतम शर्तें हैं, टेलीकॉम कंपनी ने उसका पालन नहीं किया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

वोडा आइडिया के शेयरों ने एक साल के निचले स्तर से शानदार रिकवरी की है और निवेशकों का पैसा फटाफट ढाई गुना हो गया। पिछले साल 14 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹6.12 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 10 महीने में यह 150.82% चढ़कर 15 जून 2026 को ₹15.35 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से शेयर फिलहाल 15% से अधिक नीचे आ चुके हैं लेकिन अब भी यह एफपीओ प्राइस से 18% से अधिक ऊपर हैं। इसके ₹18 हजार करोड़ के एफपीओ के तहत निवेशकों को ₹11 के भाव पर शेयर जारी हुए थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।