LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

mahakaleshwar

Latest News Today Live Updates in Hindi : सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। लखीसराय के अशोक धाम और बीरभूम के तारापीठ में हुए 2 दर्दनाक हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी…

सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला। सालभर में केवल एक दिन, नाग पंचमी पर ही खुलता है यह मंदिर।राहुल गांधी ने UGC-NET की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति चिंता जताते हुए NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

बिहार के लखीसराय में स्थित इंद्र दमनेश्वर मंदिर में बिजली का पोल गिरने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह मंदिर अशोकधाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 8 श्रद्धालुओं की मौत
 

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास बिंदिशिनी होटल में सोमवार सुबह करीब 4 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। एसी में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। ALSO READ: तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

fire in hotel near tarapeeth

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में सोमवार सुबह आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 7 श्रद्धालुओं की मौत

 

बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ और इस समय बिंदिशिनी होटल में रुके सभी गेस्ट सो रहे थे। कहा जा रहा है कि होटल में आग ने पहले ग्राउंड फ्लोर को अपनी चपेट में लिया और फिर यह ऊपर की ओर फैली। आग लगने की वजह से पूरा होटल धुएं से भर गया। इससे वजह से लोगों का दम घुटने लगा। मौके पर कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।

 

पुलिस ने हादसे में 7 लोगों के मारे जाने की पुष्‍टि की है। घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। ALSO READ: 'वंदे मातरम' विवाद के बाद सोनिया और राहुल की बढ़ी मुश्किलें, दोनों के खिलाफ थाने में दर्ज हुई FIR, मामले पर क्‍या बोले बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज?

 

तारापीठ क्यों है खास?

गौरतलब है कि बीरभूम का तारापीठ मां तारा की उपासना के लिए प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। 51 शक्तिपीठों में से 5 यहीं हैं, जिनमें बकुरेश्वर, नालहाटी, बन्दीकेश्वरी, फुलोरा देवी शामिल हैं।

दर्शन से पहलेे गई जान

सावन सोमवार होने की वजह से मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आए हुए हैं। होटल में ठहरे सभी श्रद्धालु तारापीठ मंदिर में दर्शन के लिए ही आए हुए थे। उन्हें सोमवार को मंदिर में दर्शन करने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी जलकर मौत हो गई। 

Bihar Temple Stampede: बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में भगदड़! 7 लोगों की मौत, बिजली का तार गिरने से एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालु घायल

Bihar Temple Stampede: बिहार के लखीसराय में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर 17 अगस्त की सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ‘न्यूज 18’ के मुताबिक, इस हादसे में एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में सभी महिलाएं होने की जानकारी सामने आई है।

हादसे के वक्त मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 50 हजार श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में मौजूद थे।  बताया जा रहा है कि वहां बिजली का एक खंभा गिर गया। इससे लोग बिजली की चपेट में आ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

लखीसराय के DM शैलेंद्र कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। सुबह करीब 6.30-6.45 बजे दो ट्रेनें आईं, जिससे भीड़ और बढ़ गई। हमने भीड़ का अंदाजा लगाते हुए इंतजाम किए थे। फिर हमें पता चला कि भीड़ की वजह से एक तरफ की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। हमने तुरंत 10-15 लोगों को यहां भेजा।”

7 लोगों की मौत की पुष्टि

मंदिर में हुए हादसे पर SDPO शिवम कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, “सात लोगों की मौत की खबर है। बताया जा रहा है कि वहां बिजली का एक खंभा गिर गया और लोग बिजली की चपेट में आ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हम पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही सही वजह बता पाएंगे।” घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। उनका इलाज जारी है।

बिजली के खंभे की अफवाह से मची भगदड़?

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हादसा अशोक धाम रेलवे स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर हुआ। बताया जा रहा है कि रात के दौरान इस रास्ते पर एक बिजली का खंभा गिर गया था। सोमवार सुबह भीड़ के बीच अचानक यह अफवाह फैल गई कि गिरे हुए बिजली के खंभे में करंट दौड़ रहा है।

इस खबर से श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और लोग अचानक इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते रास्ते पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भीड़ में कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और दूसरे श्रद्धालुओं ने भीड़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने और घायलों की मदद करने की कोशिश की।

सभी घायल महिलाएं, कई की हालत गंभीर

हादसे में घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के महिला होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और चिकित्सा व्यवस्था में जुट गईं।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग और राहत-बचाव दलों को भी घटनास्थल पर लगाया गया है। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़

सोमवार को सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी होने के कारण अशोक धाम मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से लोग आए थे। भारी भीड़ के बीच बिजली के खंभे को लेकर फैली अफवाह ने अचानक लोगों में डर पैदा कर दिया। इस दौरान देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। बिहार प्रशासन की ओर से फिलहाल घटना की डिटेल्स जांच की जा रही है। हादसे के सही कारण और मृतकों एवं घायलों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

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Gold Rate Today: सावन के तीसरे सोमवार को सोना आया और नीचे, मुंबई में ₹142190 में बिक रहा 22 कैरेट

सोमवार, 17 अगस्त को देश में सोने की कीमत और कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 155270 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुंबई में भाव 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अन्य शहरों में भी ​सोना फिसला है। पिछले सप्ताह अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 3490 रुपये तक ​बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 3200 रुपये तक महंगा हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,379.9 डॉलर प्रति औंस पर है। बीते सप्ताह सोने की वैश्विक कीमत लगभग 0.9 प्रतिशत बढ़ी।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 155270 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली142340155270
मुंबई142190155120
अहमदाबाद142240155170
चेन्नई142190155120
कोलकाता142190155120
हैदराबाद142190155120
जयपुर142340155270
भोपाल142240155170
लखनऊ142340155270
चंडीगढ़142340155270

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट का रुख है। 17 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 249900 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले सप्ताह भाव 5000 रुपये ​बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस पर है।

जुलाई में सोने का आयात मामूली बढ़ा, चांदी का घटा

कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि के बाद जुलाई में भारत के सोने और चांदी के आयात में नरमी आई। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में सोने का आयात केवल 4.77 प्रतिशत बढ़ा और 4.16 अरब डॉलर रहा। चांदी का आयात 66.1 प्रतिशत घटकर 17.16 करोड़ डॉलर रह गया। सरकार ने 13 मई से कीमती धातुओं पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था।

Nag Panchami 2026: नाग पंचमी के त्योहार पर बन रहा ये खास संयोग, भूल कर भी न करें ये गलतियां

Nag Panchami 2026: हर साल की तरह इस बार भी नाग पंचमी सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होगी। 17 अगस्त 2026 दिन सोमवार को नाग पंचमी मनाई जाएगी। यह और भी खास हो गई है, क्योंकि इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार पड़ रहा है। ऐसे शुभ दिन पर नाग पंचमी और सावन सोमवार का यह संयोग पर्व के महत्व और ज्यादा बढ़ा देता है। माना जाता है कि इस विशेष संयोग में शुभ मुहूर्त पर नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को 4 गुना ज्यादा फल मिलता है। पूजा मन लगाकर विधि विधान से करनी चाहिए।

पूजा विधि

इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाने वाली है। ज्योतिष के मुताबिक नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होती है। इस दिन नाग देवताओं की पूजा होती है, जिससे सर्प दंश (काटने) का भय न हो, जीवन में सुख शांति समृद्धि बनी रहे, और प्रकृति तथा जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान करने का भी ये एक जरिया है। इस दिन यदि आप सावन सोमवार का व्रत कर रहे हैं, तो आपको नागव्रत का संकल्प नहीं कर सकते हैं। एक बार में एक व्रत किया जा सकता है। इसके बाद शिव जी की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। फिर नाग देवता की पूजा करनी चाहिए। जल अर्पित कर तिलक, चावल, फूल, भोग चढ़ाएं। वस्त्र अर्पित करें। वहीं दूध और खीर चढ़ाना न भूलें।

ये काम करने से बचें

1-सांपों का बिल जमीन के अंदर होता है। इसलिए नाग पंचमी के दिन गलती से भी जमीन, खेत वगैरह की खुदाई न करें। ऐसा करने से सांपों को चोट पहुंच सकती है, जो अशुभ होगा।

2-नाग पंचमी वाले दिन लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

3-इस दिन नुकीलीं चीजें जैसे चाकू, सुई आदि का यूज करने से बचें।

4-नाग पंचमी वाले दिन भूलकर भी किसी जीव जंतु खासकर सापों को नुकसान न पहुंचाए।

5-इस दिन मदिरा और तामसिक भोजन करने से भी बचना चाहिए।

कथा

सबसे फेमस कथा के मुताबिक एक खेत जोतता किसान था। हल चलाते समय गलती से उसने नागिन के बच्चों को मार दिया ता। दुखी और क्रोधित नागिन ने किसान के पूरे परिवार को डंस लिया था। बाद में किसान की बेटी ने श्रद्धा से नाग देवता की पूजा की और उनसे क्षमा याचना की थी।

उसकी भक्ति को देख नागिन ने प्रसन्न होकर पूरे परिवार को जीवनदान दे दिया था। तभी से नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा की शुरुआत हो गई। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार सुरक्षित रहता है और जीवन में आने वाले संकट कटते हैं।

सावन मास में अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब, अब तक 35 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

सावन मास में अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब, अब तक 35 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

Shravan month Ayodhya Ramlala Darshan: श्रावण मास में श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या धाम में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर श्री रामलला के दर्शन-पूजन के साथ ही प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं तथा भगवान शिव के मंदिरों में जलाभिषेक कर रहे हैं। श्रावण मास के दौरान अब तक 35 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन कर चुके हैं।

 

इस वर्ष श्री रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 10 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री रामलला के दर्शन किए हैं। प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को भी एक लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंच रहे हैं।

 

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को लगभग 3 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर दर्शन-पूजन किया, जबकि द्वितीय सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर लगभग 6 लाख तक पहुंच गई। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

भीड़ प्रबंधन एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस

जिला प्रशासन द्वारा प्रमुख मंदिरों, घाटों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों में अधिकारियों एवं पुलिस बल की तैनाती कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए उच्च अधिकारी स्वयं रात्रि में भी मेला क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का अवलोकन कर रहे है।

 

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता, शौचालय, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। घाटों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ रखा गया है।

नोटों की गिनती के लिए नई व्यवस्था

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मे विगत दिनों हुए चढ़ावा व दान चोरी की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया हालांकि जांच अभी चल रही है। दोषी पाए गए आरोपियों को रिमांड पर लिया जा चुका है। इस बीच, SBI प्रबंधन राम मंदिर में नोटों की गिनती के लिए अपनी व्यवस्था मे बड़ा परिवर्तन करते हुए सेना के सेवानिवृत 10 कर्मियों का चुनाव किया है साथ ही इनका एक प्रभारी भी नियुक्त किया गया है।

 

वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर में सिक्योरिटी सर्विस की सेवा समाप्ति के लिए सरकूलर जारी कर दिया गया है। जानकारी दे दें कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ने दान व चढ़ावे चोरी की घटना के बाद SBI प्रबंधन ने सेक्युरिटी सेवा की समाप्ति के लिए एक सरकूलर भी जारी कर दिया है क्योंकि जेल मे बंद आठ आरोपियों मे से छह आरोपी इसी सिक्योरिटी एजेंसी के ही हैं। 

Hariyali Teej 2026 Date: आज शाम से शुरू हो रहा शुभ मुहूर्त, जानें 15 अगस्त को कब कैसे हरियाली तीज की करें पूजा

Hariyali Teej 2026 Date: आज 14 अगस्त 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है। हिंदू पंचांग के मुताबिक आज सावन महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। वहीं शाम 6 बजकर 46 मिनट से तृतीया तिथि लग जाएगी। सावन का शु्क्रवार दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए शुभ माना गया है। बता दें कि आज हरियाली तीज की तिथि शाम 6 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी और 15 अगस्त की शाम 5 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी।

उत्तर भारत में तीज की धूम

उत्तर भारती में तीज का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। खासकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में अलग ही माहौल होता है। श्रावण और भाद्रपद मास के दौरान महिलाएं 3 तीज मनाती हैं। यह समय जीवन में उत्साह, आनंद और पारिवारिक संतुलन बनाने का प्रतीक होता है। जानिए आज पूजा का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चंद्रोदय और नक्षत्र…

हरियाली तीज 2026 कब होगी?

तृतीया तिथि की शुरुआत 14 अगस्त की शाम 6 बजकर 46 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 15 अगस्त को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर हो जाएगा। उदयातिथि के आधार पर हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026 को किया जाएगा। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करेंगी। पति की लंबी आयु की कामना करेंगी।

त्योहार की तिथि- शुक्ल पक्ष की द्वितीया –शाम 6 बजकर 46 मिनट तक, फिर तृतीया तिथि की होगी शुरुआत

योग- परिघ – सुबह 09 बजकर 28 मिनट तक, फिर शिव होगा शुरू

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजक 52 मिनट तक

अमृत काल- रात्रि 09 बजकर 33 मिनट से रात्रि 11 बजकर 05 मिनट तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल- सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक

गुलिकाल- सुबह 07 बजकर 29 मिनट से प्रातः 09 बजकर 08 मिनट तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में विराजेंगे।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र- अगले दिन सुबह 03 बजकर 42 मिनट (15 अगस्त) तक

नक्षत्र स्वामी- शुक्रदेव

राशि स्वामी- सूर्यदेव

राम मंदिर के पुजारियों का नया ड्रेस कोड लागू, अब बिना सिले वस्त्रों में होगी रामलला की पूजा!

राम मंदिर के पुजारियों का नया ड्रेस कोड लागू, अब बिना सिले वस्त्रों में होगी रामलला की पूजा!

Ram Mandir priest dress code: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजित रामलला की सेवा-पूजा कर रहे पुजारियों की वेशभूषा (ड्रेस कोड) में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा नवगठित 'धार्मिक न्यास समिति' की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया है। ​अब राम मंदिर के पुजारी सिलाई किए हुए वस्त्रों के बजाय बिना सिले वस्त्र (धोती और दुपट्टा/अंगवस्त्र) धारण करके ही पूजा-पाठ करेंगे।

क्यों बदला गया ड्रेस कोड?

​इससे पहले ट्रस्ट की ओर से पुजारियों के लिए पीले रंग की सिलाई वाली चौबंदी (कुर्ता/अंगरखा), सफेद धोती और पगड़ी तय की गई थी, जिस पर तीर्थ क्षेत्र का मोनोग्राम भी छपा हुआ था। हाल ही में हुई धार्मिक न्यास समिति की पहली बैठक में संतों ने इस पर आपत्ति जताई। संतों का तर्क था कि सिलाई वाले वस्त्र पहनना अयोध्या की प्राचीन वैष्णव परंपरा के प्रतिकूल है।

​संतों का सुझाव : गर्भगृह में प्रभु की सेवा के दौरान पुजारियों को पूर्णतः वैष्णव मर्यादा के अनुसार केवल बिना सिले वस्त्र ही धारण करने चाहिए। संतों के इस मार्गदर्शन को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

​रोस्टर बदलाव के साथ नई व्यवस्था प्रभावी

​बदला हुआ ड्रेस कोड सावन शुक्ल प्रतिपदा (13 अगस्त) से पूरी तरह लागू कर दिया गया है। रामलला के पुजारियों की ड्यूटी का रोस्टर हर माह अमावस्या और पूर्णिमा को बदलता है। सावन कृष्ण अमावस्या तक जो पुजारी सुबह की पाली में थे, वे प्रतिपदा से शाम की पाली में आ गए हैं और नई वेशभूषा के साथ अपनी सेवा दे रहे हैं।

Hariyali Teej 2026 Vrat Vidhi: अगर पहली बार करने जा रही हैं तीज का व्रत, जान लें पूरी विधि

Hariyali Teej 2026 Vrat Vidhi: हरियाली तीज 15 अगस्त 2026, दिन शनिवार को मनाई जाने वाली है। इस दिन सभी सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए पूरी श्रद्धा और विधि विधान से व्रत करती हैं। वहीं कुंवारी लड़कियां अच्छे वर को पाने के लिए इस व्रत को रखती हैं। सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को इसे मनाया जाता है। ये त्योहार मां पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन का प्रतीक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत और शिव-पार्वती की पूजा करने से शादीशुदा जीवन सुखों से भरा रहता है। हालांकि, पूर्ण फल पाने के लिए व्रत को विधि-पूर्वक करना बेहद जरूरी है। ऐसे में अगर आप पहली बार हरियाली तीज का व्रत कर रही हैं, तो इसकी पूरी विधि जरूर जान लें।

जानें हरियाली तीज व्रत विधि

1- सावन मास की तृतीया तिथि पर व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह जल्दी उठकर साफ-सफाई करके स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद, साफ कपड़े पहने।

2- हरियाली तीज पर महिलाओं के मायके से सिंधारा या शगुन का सामान आता है। इसमें साड़ी, चूड़ियां, मिष्ठान, श्रृंगार का सामान दिया जाता है। मायके से आए सामान में से ही साड़ी पहननी चाहिए, इसे शुभ माना जाता है। इस दिन हरे रंग की साड़ी पहनना बेहद शुभ माना गया है।

3- महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करती हैं। हरियाली तीज पर सोलह श्रृंगार का बहुत महत्व होता है। इस त्योहार को सुहाग का प्रतीक माना जाता है।

4- हरियाली तीज के दिन सबसे पहले व्रत का संकल्प लें। इसके बाद सुबह शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की स्थापना करें और पूजा करें। माता पार्वती को पूरा श्रृंगार का सामान चढ़ाएं। वहीं शिवजी को बेलपत्र, जल, फूल आदि अर्पित करें। वहीं पूजा के दौरान हरियाली तीज व्रत कथा पाठ भी जरूर करना चाहिए। भगवान को भोग अर्पित करें।

5- मान्यताओं के मुताबिक महिलाएं हरियाली तीज पर अपनी सास को श्रृंगार का सामान देती हैं। साथी ही उनका आशीर्वाद लेती हैं। इस दिन महिलाएं को झूला भी झूलती हैं। वहीं हरियाली तीज पर मेहंदी लगाना अच्छा माना जाता है।

डिस्क्लेमर- यहां पर मौजूद जानकारी की मनीकंट्रोल पुष्टी नहीं करता है। आर्टिकल में मौजूद जानकारी मान्यताओं पर आधारित है।

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बिना प्याज-लहसुन की मछली शाकाहारी? संजय निषाद के बयान पर नेहा सिंह राठौर का तंज, मुंबई में घर को लेकर भी बवाल

sanjay nishad and neha singh rathore on 'vegiterian fish'

उत्तर प्रदेश सरकार मंत्री संजय निषाद ने कहा कि बिना प्याज-लहसुन के मछली खाई जाए तो वह शाकाहारी है। उनके बयान पर नेहा सिंह राठौर ने सवाल उठाया। वहीं मुंबई में खान-पान की आदतों के आधार पर घर देने को लेकर विवाद छिड़ा है। ALSO READ: 'लुंगी वाला' बयान पर संसद में बवाल, सुष्मिता देव को उपसभापति ने लगाई फटकार, सदन में जमकर हंगामा

 

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कहा है कि अगर बिना लहसुन प्याज के मछली खाया जाए तो वह शाकाहारी है। संजय निषाद का यह बयान सावन के महीने में आया है, जब हिंदू समाज के ज्यादातर लोग नॉनवेज तो दूर लहसुन प्याज खाने से भी परहेज करते हैं। 

 

लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तो क्या मंत्रीजी मछली को शुद्ध घी में फ्राई करके सेंधा नमक डालकर व्रत में भी खा सकते हैं?

हालांकि बाद में संजय निषाद ने मामले पर सफाई देते हुए कहा, 'हम लोग मजाकियां अंदाज में कहते रहते हैं कि लोग ऐसा कहते हैं, निश्चित रूप से हम मछली खाने वाले लोग हैं… नेताओं को, इनका भोजन, इनकी मछली, इनको रहने दीजिए…' ALSO READ: फुटपाथ चोरी हो गया साहब! भोपाल में पुलिस से शिकायत, FIR लिखने की मांग

 

सिर्फ 'शाकाहारी' लोगों को ही मिलेगा घर?

मुंबई के टार्देव इलाके में 6.5 करोड़ रुपये के एक अपार्टमेंट की लिस्टिंग पर खड़ा हुआ बड़ा विवाद। मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि यह इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि मुंबई की बहुसांस्कृतिक और सर्वसमावेशी पहचान किस तरह खान-पान के आधार पर भेदभाव की ओर बढ़ रही है, जहां आवासीय सोसाइटी में मांसाहारी भोजन के सेवन पर रोक लगाई जा रही है।


इससे पहले भी फिल्म अभिनेता सैफ अली खान और इमरान हाशमी समेत कई दिग्गजों को आवासीय सोसाइटियां घर देने से इनकार कर चुकी है।