Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

Market Outlook: Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अब अपने सबसे कमजोर दौर से बाहर निकल चुका है। उनके मुताबिक, अगले दो तिमाहियों में पूरे बाजार के बजाय चुनिंदा शेयर बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।

संदीप टंडन का कहना है कि विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारत दूसरे बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां निवेश के लिहाज से पसंदीदा सेक्टर बने रहेंगे।

इंफ्रा और पावर पर सबसे ज्यादा भरोसा

संदीप टंडन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर उनकी सबसे पसंदीदा थीम बनी हुई है। इसकी वजह सरकार और निजी कंपनियों का बढ़ता कैपेक्स है।

उनके मुताबिक, पोर्ट, एयरपोर्ट, सड़क, पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, यूटिलिटीज, टेलीकॉम और चुनिंदा डिफेंस कंपनियों में अच्छे मौके हैं। ऐसे शेयरों पर फोकस करना चाहिए, जिनके फंडामेंटल मजबूत हों। कैश फ्लो अच्छा हो। लेकिन अभी उन पर बाजार की ज्यादा नजर न गई हो।

FII की वापसी से मिलेगा सहारा

संदीप टंडन का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगभग खत्म हो चुकी है। अब FII धीरे-धीरे भारतीय बाजार में लौट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में गिरावट आती है, तो भारत और आकर्षक बन सकता है।

बैंकिंग और IT पर क्या राय?

संदीप टंडन का कहना है कि प्राइवेट बैंकों में रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन यह तेजी बहुत लंबी चलेगी, ऐसा जरूरी नहीं है।

आईटी सेक्टर को लेकर उनका नजरिया पहले से बेहतर हुआ है। कमजोर प्रदर्शन के बाद अब वैल्यूएशन आकर्षक दिख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इस सेक्टर में आक्रामक खरीदारी का समय नहीं है। Quant Mutual Fund ने सिर्फ चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी शुरू की है।

FMCG और स्मॉलकैप में कहां हैं मौके?

उनके मुताबिक, FMCG सेक्टर में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वैल्यूएशन अभी भी ऊंचे हैं। इसलिए यहां भी चुनिंदा शेयरों में निवेश करना बेहतर रहेगा।

संदीप टंडन का मानना है कि मिडकैप के मुकाबले स्मॉलकैप और माइक्रोकैप में ज्यादा अवसर हैं। हालांकि, निवेश से पहले मैनेजमेंट की गुणवत्ता और कैश फ्लो की जांच जरूर करनी चाहिए।

IPO बाजार पर भी भरोसा

संदीप टंडन आने वाले बड़े IPO को लेकर भी सकारात्मक हैं। उन्होंने SBI Funds, NSE और Jio के संभावित IPO का जिक्र किया। उनका कहना है कि भारतीय बाजार अब इतने बड़े इश्यू को संभालने में सक्षम है। हालांकि, कंपनियों का उचित वैल्यूएशन पर आना जरूरी होगा।

संदीप टंडन का कहना है कि अगले कुछ महीनों में स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति ज्यादा काम आएगी। इसलिए निवेशकों को इंडेक्स के बजाय मजबूत कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

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आखिरी 35 मिनट भारी, Sensex में 600 अंकों की गिरावट, डूबे निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़

Sensex-Nifty Closes Red: लगातार चार कारोबारी दिनों तक ग्रीन रहने के बाद आज भी सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले लेकिन शुरुआती बढ़त गंवाते हुए आखिरी में ये रेड जोन में बंद हुए। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी का दिन होने के चलते आज आखिरी 35 मिनट में माहौल ही पलट गया और रिकवरी की कोशिशें नाकाम हो गई। सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24500 के पार जाने के बाद फिसलकर 24400 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर तो और गहरा दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.30% की कमजोरी आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.55% टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी शेयरों ने ऊपर खींचने की काफी कोशिश और इंट्रा-डे में तो इसका निफ्टी इंडेक्स 4% उछल पड़ा था लेकिन दिन के आखिरी में इसकी बढ़त ढाई फीसदी से कम रह गई। मार्केट पर आज मेटल और रियल्टी सेक्टर्स ने काफी दबाव डाला। निफ्टी मेटल 1% से अधिक तो निफ्टी रियल्टी डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोर हुआ है। इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 104.35 प्वाइंट्स यानी 0.13% की फिसलन के साथ 78,180.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 प्वाइंट्स यानी 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 379.85 प्वाइंट्स उछलकर 78,664.92 तक पहुंचा था जिससे यह 633.88 प्वाइंट्स टूटकर 78,031.04 तक और निफ्टी 100.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,530.90 तक जाने के बाद टूट गया और 181.95 प्वाइंट्स गिरकर 24,348.95 तक आ गया।

निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 06 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,50,174.783 करोड़ था। आज यानी 07 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,,79,72,766.93 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,77,407.85 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 11 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट ट्रेंट और बीईएल में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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160 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4397 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1595 शेयर आज मजबूत हुए तो 2637 में गिरावट रही जबकि 165 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 160 शेयर एक साल के हाई और 193 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

4 वजहों से मार्केट पर आया दबाव

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आईटी शेयरों ने दिखाया दम, टीसीएस, इंफोसिस सहित इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

आईटी कंपनियों के शेयरों में 7 जून को तेजी दिखी। आईटी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों से पहले शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी तक उछल गया। हालांकि, बाद में यह 2.3 फीसदी के उछाल के साथ बंद हुआ। बीते दो महीने में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। जुलाई में अच्छी तेजी दिखी है। इस महीने आईटी इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के जून तिमाही के नतीजे 9 जुलाई को आएंगे।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

मंगलवार को टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और एलटीआई माइंडट्री में 3.7 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। पर्सिस्टेंट का शेयर शेयर भी 3.56 फीसदी ऊपर चल रहा था। टीसीएस के नतीजों से आईटी सेक्टर के प्रदर्शन का संकेत मिलेगा। हालांकि, AI की वजह से आईटी कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ कमजोर रहने का अनुमान है।

अच्छे आईटी शेयरों में खरीदारी

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा कि आज आईटी शेयरों में अच्छी तेजी की वजह जून तिमाही के नतीजों से जुड़ी उम्मीद है। ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिखा है। इनवेस्टर्स अच्छी क्वालिटी के आईटी स्टॉक्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 7 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक दोपहर बाद बिकवाली की वजह से दबाव में आ गए। सेंसेक्स और निफ्टी हरे से लाल निशान में आ गए। लेकिन, आईटी शेयरों में तेजी बनी रही।

आईटी सेक्टर को AI बूम का मिल सकता है फायद

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय आईटी कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम का अप्रत्याशित फायदा मिल सकता है। AI की वजह से आईटी शेयरों को लेकर निवेशकों की चिंता के बीच यह सेक्टर विजेता के रूप में उभर सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी इंडिया इक्विटी स्ट्रेटेजी प्लेबुक में कहा है कि दुनियाभर की कंपनियां एआई एप्लिकेशंस के लिए इन कंपनियों का रुख कर रही हैं।

मॉर्गन स्टेनली को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

मॉर्गन स्टेनली ने आईटी सेक्टर को लेकर काफी पॉजिटिव राय व्यक्त की है। बीते एक साल में आईटी शेयरों का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। इसकी बड़ी वजह नए एआई टूल हैं। एआई के कोडिंग करने से ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग मॉडल पर असर पड़ सकता है। इस वजह से आईटी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे हैं। इसके उलट अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ताइवान जैसे बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी है।

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दोपहर बाद प्रमुख सूचकांकों ने गंवाई बढ़त

7 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों ने दोपहर बाद अपनी बढ़त गंवा दी। इससे बीते चार सत्रों से बाजार में जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। निफ्टी 0.13 फीसदी यानी 31 अंक गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.13 फीसदी यानी 104 अंक की गिरावट के साथ 78,189 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ। मिडकैप इंडेक्स में मजबूती दिखी।

SIP Returns: एक जैसा SIP इन्वेस्टमेंट, फिर भी ₹2.85 करोड़ का अंतर! जानिए म्यूचुअल फंड में ‘रिटर्न की टाइमिंग’ का पूरा खेल

Same SIP Different Returns: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करने वाले नए निवेशकों के मन में अक्सर एक सवाल आता है कि ‘क्या मेरी SIP वाकई काम कर रही है?’ निवेश के शुरुआती दो-तीन सालों में जब बाजार में उतार-चढ़ाव होता है, तो पोर्टफोलियो में कोई जादुई ग्रोथ नहीं दिखती। ऐसे में लोग मान लेते हैं कि कंपाउंडिंग की बातें सिर्फ कागजी हैं।

अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप गलत हैं। SIP के शुरुआती साल दौलत बनाने के नहीं, बल्कि एक बड़ा बेस तैयार करने के होते हैं। आइए एडेलवाइस एसेट मैनेजमेंट के हेड निरंजन अवस्थी के इनपुट्स के साथ एक दिलचस्प उदाहरण से समझते हैं कि कैसे एक ही रकम की SIP करने के बावजूद दो लोगों के रिटर्न में ₹2.85 करोड़ का भारी अंतर आ सकता है।

एक जैसा निवेश, फिर भी रिटर्न में जमीन-आसमान का अंतर

मान लेते हैं कि दो अलग-अलग निवेशक A और B हैं। दोनों ही हर महीने ₹50,000 की SIP पूरे 20 साल के लिए करते हैं। दोनों का कुल निवेश बराबर है, लेकिन उन्हें मिलने वाले मार्केट रिटर्न की टाइमिंग अलग-अलग है:

निवेशक A (शुरुआत में बंपर रिटर्न): इसे शुरुआती 5 सालों में 24% का सालाना रिटर्न मिलता है, और आखिरी के 15 सालों में 12% का सालाना रिटर्न मिलता है।

निवेशक B (आखिरी सालों में बंपर रिटर्न): इसके साथ स्थिति बिल्कुल उल्टी है। इसे पहले 15 सालों तक 12% का सालाना रिटर्न मिलता है, लेकिन आखिरी के 5 सालों में 24% का तगड़ा सालाना रिटर्न मिलता है।

हैरान करने वाला नतीजा

20 साल पूरे होने पर निवेशक B का कुल फंड ₹8.77 करोड़ हो जाता है, जबकि निवेशक A का फंड सिर्फ ₹5.92 करोड़ ही रह जाता है। दोनों ने हर महीने एक बराबर पैसा जमा किया, लेकिन रिटर्न की टाइमिंग के फेर के कारण दोनों के बीच ₹2.85 करोड़ का बड़ा फासला आ गया।

अगर यही SIP छोटी रकम यानी ₹10,000 महीना की भी होती, तब भी आखिरी सालों में बड़ा रिटर्न पाने वाला निवेशक करीब ₹57 लाख ज्यादा कमा लेता।

आखिर ऐसा क्यों होता है?

आम तौर पर लोग सोचते हैं कि शुरुआत में ज्यादा रिटर्न मिलने पर पैसा बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलेगा, इसलिए फंड बड़ा होना चाहिए। एकमुश्त निवेश में यह बात सही हो सकती है, लेकिन SIP का नियम अलग है।

जब आप SIP शुरू करते हैं, तो पहले कुछ सालों में आपका कुल जमा फंड बहुत छोटा होता है। अगर उस समय बाजार 24% की रफ्तार से भागता भी है, तो वह छोटी रकम पर ही काम करेगा।

15 साल तक लगातार निवेश करने के बाद आपका फंड बहुत बड़ा हो जाता है। अब इस बड़े फंड पर जब आखिरी सालों में 24% का रिटर्न मिलता है, तो रुपयों के मामले में होने वाला मुनाफा बहुत विशाल होता है।

इस पर निरंजन अवस्थी ने कहा कि, ‘शुरुआती साल अमीर बनने के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग कीमतों पर म्यूचुअल फंड यूनिट्स इकट्ठा करने और एक मजबूत बेस बनाने के लिए होते हैं। असली वेल्थ क्रिएशन बाद में होती है। निवेश में धैर्य रखना कोई मजबूरी नहीं, बल्कि इसकी सबसे बड़ी खूबी है।’

लॉन्ग टर्म SIP में निवेशक कहां करते हैं गलती?

सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग अपनी लॉन्ग टर्म SIP का मूल्यांकन बहुत जल्दी यानी 2-3 साल में ही करने लगते हैं। शुरुआत में आपकी अधिकांश किस्तें हाल ही में बाजार में गई होती हैं, इसलिए कंपाउंडिंग का जादू तुरंत स्क्रीन पर रिफ्लेक्ट नहीं होता। जैसे-जैसे समय बीतता है, वैसे-वैसे आपकी पुरानी यूनिट्स पर मिलने वाला ब्याज आपके फंड को रॉकेट की तरह आगे बढ़ाता है।

क्या हमें शुरुआत में खराब रिटर्न की दुआ करनी चाहिए?

बिल्कुल नहीं, इस उदाहरण का मकसद यह समझाना नहीं है कि शुरुआत में बाजार खराब चले तो अच्छा है। बाजार कब ऊपर जाएगा और कब नीचे, यह किसी के हाथ में नहीं है। मुख्य सीख यह है कि शुरुआती 2-3 साल का धीमा सफर यह तय नहीं करता कि आपकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी फेल हो गई है।

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कुल मिलाकर अगर आपकी SIP को अभी सिर्फ 2 या 3 साल ही हुए हैं और रिटर्न मामूली दिख रहा है, तो भरोसा मत खोइए। यह फेज सिर्फ अनुशासन के साथ बाजार में टिके रहने और ज्यादा से ज्यादा यूनिट्स बटोरने का है। कंपाउंडिंग पहले दिन से काम करती है, लेकिन उसका असली और बड़ा असर तभी दिखाई देता है जब आपके पास एक बड़ा इन्वेस्टमेंट बेस तैयार हो जाता है।

Stock Market Crash: डे-हाई से Sensex में 350 अंकों की गिरावट, 4 वजहों से Nifty आया 24450 के नीचे

Stock Market Crash: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज मार्केट में शुरुआती कारोबार में अच्छी रौनक दिखी। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज उछल पड़े। सेंसेक्स 350 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा था तो निफ्टी भी 24500 के पार चला गया लेकिन फिर इंट्रा-डे हाई से सेंसेक्स 350 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24450 के नीचे तक आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मार्केट में आज शुरुआती कारोबार से ही दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी के करीब गिरावट है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक गिरावट है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो 01:39 PM पर सेंसेक्स 31.33 यानी 0.04% की गिरावट के साथ 78,253.74 और निफ्टी 8.70 यानी 0.04% की फिसलन के साथ 24,421.65 पर है।

Stock Market Crash: ये है वजह

मुनाफावसूली

निवेशकों ने लगातार पांचवे दिन मार्केट में रौनक का फायदा उठाया और ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली की जिससे मार्केट नीचे आया। चार दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी 2.4% मजबूत हुआ और यह करीब 10 हफ्ते के हाई लेवल पर बंद हुआ था।

Nifty की वीकली एक्सपायरी

आज निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है तो इसका भी असर आज मार्केट पर दिखा।

मेटल और रियल्टी शेयरों में गिरावट

मार्केट पर आज मेटल और रियल्टी शेयरों ने काफी दबाव बनाया। मेटल शेयरों के निफ्टी इंडेक्स निफ्टी में 1% से अधिक तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट आई। इसके अलावा हल्की ही सही लेकिन सरकारी और प्राइवेट बैंकों के शेयरों ने भी मार्केट पर दबाव बनाया है जिनके निफ्टी इंडेक्स लाल हैं। हालांकि आईटी सेक्टर मार्केट को ऊपर लाने की पूरी कोशिश कर रहा जिससे मार्केट की गिरावट सीमित हो जा रही है। निफ्टी आईटी में ढाई फीसदी से अधिक तेजी है।

अमेरिका-ईरान तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान के तट पर एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ। इसे लेकर ईरानी स्टेट मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह टैंकर अमेरिकी नौसेना के सपोर्ट से ओमान के समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था, जिसने ईरानी अधिकारियों की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया था जिसके बाद इसे निशाना बनाया गया।

टेक्निकल आउटलुक

जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि एक कारोबारी दिन पहले 24400 के ऊपर निफ्टी के क्लोज होने से 24800-25250 की तरफ इसके बढ़ने का माहौल और सुधरा। हालांकि उन्होंने इस बात को लेकर भी सतर्क किया है कि 24600 के लेवल पर मार्केट को कुछ रिजेक्शन भी झेलना पड़ सकता है। आनंद के मुताबिक 24360 के सपोर्ट पर मार्केट 24600 की तरफ बढ़ सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver price Today: COMEX पर सोना $4,160 प्रति औंस से नीचे फिसला, चांदी भी लगभग 1% गिरी

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार (7 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। पिछले हफ्ते निवेशकों के US मॉनेटरी पॉलिसी और बड़े मार्केट डेवलपमेंट के आउटलुक का आकलन करने के बाद मजबूत रिकवरी के बाद कुछ गिरावट आई।

COMEX सोना $4,152 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो $15.50 या 0.37% नीचे था, जबकि दिन में यह $4,179.50 प्रति औंस के हाई लेवल को छू गया था। COMEX चांदी $62.59 प्रति औंस के सेशन हाई लेवल को छूने के बाद 0.89% गिरकर $61.775 प्रति औंस पर आ गई।यह गिरावट पिछले हफ्ते बुलियन की कीमतों में तेज तेजी के बाद आई है।

उम्मीद से कमजोर US जॉब्स डेटा के बाद कमजोर US डॉलर के सपोर्ट से सोना लगभग 2% बढ़ा, जबकि चांदी लगभग 5% बढ़ी, जिससे उम्मीद बढ़ी कि US फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट्स पर कम एग्रेसिव रवैया अपना सकता है।

रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, बुलियन को होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जियोपॉलिटिकल टेंशन से सपोर्ट मिला, जबकि गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में कमजोर इनफ्लो के बावजूद सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी ने एक्स्ट्रा सपोर्ट दिया।

कोठारी ने कहा कि हाल के निचले लेवल से गोल्ड का रिबाउंड तेज रहा है, जिससे बड़े लेवल पर अपट्रेंड शुरू होने से पहले शॉर्ट-टर्म पुलबैक मुमकिन है। उन्होंने कहा कि सिल्वर में भी हाल की रैली के बाद कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है, इससे पहले कि वह एक और ऊपर जाने की कोशिश करे।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब इंटरेस्ट रेट के रास्ते के बारे में सुराग के लिए नए इकोनॉमिक डेटा और US फेडरल रिजर्व से सिग्नल का इंतज़ार कर रहे हैं। कम इंटरेस्ट रेट्स आमतौर पर गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स को सपोर्ट करते हैं, क्योंकि उन्हें रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट कम हो जाती है।

इस बीच, इन्वेस्टर्स ग्लोबल कमोडिटी मार्केट्स में हो रहे डेवलपमेंट्स पर भी नज़र रख रहे हैं।

मंगलवार (7 जुलाई) को तेल की कीमतें बढ़ीं, हालांकि बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स ने ग्लोबल डिमांड के आउटलुक के मुकाबले OPEC+ प्रोड्यूसर्स से बढ़ी सप्लाई पर विचार किया। कच्चे तेल के बाज़ार में मजबूती से महंगाई की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है, जिससे सोने जैसे सेफ़-हेवन एसेट्स की मांग पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, भारत में गोल्ड-बैक्ड फ़ाइनेंसिंग की मांग मज़बूत बनी हुई है। हाल ही में आई CRISIL रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड लोन सबसे बड़ा सिक्योरिटाइज़्ड एसेट क्लास बनकर उभरा, जो देश के सिक्योरिटाइज़ेशन वॉल्यूम का लगभग 31% था, और इसने व्हीकल लोन को पीछे छोड़ दिया।

रिपोर्ट में इस ट्रेंड का कारण गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में मजबूत ग्रोथ को बताया गया है, जिसमें NBFC लगातार क्रेडिट मांग के बीच फ़ंड जुटाने के लिए सिक्योरिटाइज़ेशन का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं।

Gold Silver price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें 2 हफ्ते के ऊंचे स्तर पर रही स्थिर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 6 स्टॉक्स की लिस्टिंग; Titan-Trent समेत इन शेयरों पर आज Nifty की एक्सपायरी को रहेगी नजर

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में हल्की बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 9.50 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,501.50 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 06 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 521.16 प्वाइंट्स यानी 0.67% की बढ़त के साथ 78,285.07 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 159.50 प्वाइंट्स यानी 0.66% के उछाल के साथ 24,430.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज आएंगे रिजल्ट

चंबल ब्रूअरीज एंड डिस्टिलरीज आज कारोबारी नतीजे पेश करेगी।

तिमाही कारोबारी अपडेट

Titan Company Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाइटन कंपनी का घरेलू बिजनेस 37%, इंटरनेशनल बिजनेस 128%, कंज्यूमर बिजनेस 41%, घड़ियों का बिजनेस 23% और आईकेयर बिजनेस 23% की रफ्तार से बढ़ा। इसके अलावा कंपनी का एमर्जिंग बिजनेस 19% और ज्वैलरी बिजनेस भी जून तिमाही में सालाना आधार पर 39% की रफ्तार से बढ़ा। जून तिमाही में कंपनी ने देश में 76 और देश के बाहर 1 स्टोर खुला और अब इसके कुल 3680 स्टोर्स हो गए हैं।

Trent Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर ट्रेंट का स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹5,666 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में 1 वेस्टसाइज स्टोर और 19 जूडियो स्टोर खोला और अब इसके पास कुल 1312 स्टोर्स हैं।

Jubilant FoodWorks Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 14.1% की रफ्तार से बढ़कर ₹2,569.3 करोड़, स्टैंडएलोन रेवेन्यू 9.2% बढ़कर ₹1,848.5 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 2.5% रही और कंपनी ने जून तिमाही में 76 स्टोर्स जोड़े जिसके बाद इसके 3712 स्टोर्स हो गए।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Hexaware Technologies

हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने अमेरिकी मार्केट में लिस्टेड स्मार्टरेंट के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

Torrent Pharmaceuticals

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), अहमदाबाद ने जेबी केमिकल्स एंड फार्मा के टोरेंट फार्मा के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। अब विलय की यह योजना RoC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) के पास ऑर्डर की सर्टिफाइड कॉपी जमा करने के बाद लागू होगी।

Varun Beverages

वरुण बेवरेजेज की सब्सिडियरी VBL इंडस्ट्रीज (केन्या) ने देवयानी फूड इंडस्ट्रीज (केन्या) के वैल्यू-एडेड डेयरी बेवरेजेज, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बिजनेस को $3.2 करोड़ (₹305 करोड़) में खरीदने के लिए एक एग्रीमेंट किया है।

Blue Jet Healthcare

ब्लू जेट हेल्थकेयर ने 6 जुलाई को अपना QIP इश्यू प्रति शेयर ₹531.7 के भाव पर लॉन्च किया। कंपनी फ्लोर प्राइस पर 5% का डिस्काउंट भी दे सकती है।

Concord Enviro Systems

अनीश गोएल ने कॉनकार्ड एंवायरो सिस्टम्स के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है जो 21 जुलाई को प्रभावी होगा।

RITES

राइट्स को दक्षिण अफ्रीका की वोलांटिस एसेट फाइनेंस से 4,000 HP के केप गेज डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की सप्लाई और कमीशनिंग के लिए $3.58 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

TANFAC Industries

टैनफैक इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹2,341 के भाव पर 7.41 लाख इक्विटी शेयरों के ₹173.5 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है। प्रस्तावित प्रेफरेंशियल इश्यू में प्रमोटर अनुपम रसायन इंडिया का ₹135 करोड़ का निवेश शामिल है, और बाकी हिस्सा एलरॉक्स एंटरप्राइजेज, विवेक जैन (एक्शन ग्रुप) और तत्वम ट्रेड (निवेशाय इन्वेस्टमेंट्स)जैसे इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स सब्सक्राइब करेंगे।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड का ऑफर फॉर सेल विंडो आज खुल रहा जिसमें फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,400 तय किया गया है। सरकार इस इश्यू के जरिए कंपनी में 5.04% हिस्सेदारी बेचेगी।

बल्क डील्स

Karnika Industries

सेजवन (SageOne) ने अपने फ्लैगशिप और कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) ग्रोथ ओई फंड के जरिए कोलकाता की कर्णिका इंडस्ट्रीज के 19.91 लाख शेयर (3.2% हिस्सेदारी) ₹18.18 करोड़ में प्रति शेयर ₹91.33 के भाव पर खरीदे हैं।

Agarwal Toughened Glass India

इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म ग्रीन पोर्टफोलियो ने प्रति शेयर ₹137.74 के भाव पर अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया के 92,400 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹1.27 करोड़ तो द गोल्डन बर्ड इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट-I ने प्रति शेयर ₹138.61 के भाव पर ₹2.86 करोड़ में 2.06 लाख शेयर (1.16% हिस्सेदारी) खरीदे। वहीं दूसरी तरफ वीपीके ग्लोबल वेंचर्स फंड-स्कीम 1 ने प्रति शेयर ₹139.52 के भाव पर ₹2.09 करोड़ में 1.5 लाख शेयर (0.84% हिस्सेदारी) बेचे। मार्च 2026 तक इस फंड के पास अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया में 3.18% होल्डिंग थी।

लिस्टिंग

आज तेजा इंजीनियरिंग और विनीत मोबाइल के शेयरों की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो संपर्क इंडिया लॉजिस्टिक्स, सीमैक्स रिसोर्सेज, अथर्व पॉलीप्लास्ट, और तेजा इंजीनयरिंग इंडस्ट्रीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

आज सन फार्मा, जेएसडब्ल्यू स्टील, सेरा सैनिटीवेयर, डोडला डेयरी और एलकेपी सिक्योरिटीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 7 जुलाई को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 7 जुलाई को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। इनमें कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। कुछ ने अधिग्रहण, मर्जर, फंड जुटाने और नई साझेदारी जैसे बड़े ऐलान किए हैं। इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard में सरकार OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचेगी। पहले 2.52% हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाई जाएगी। ज्यादा मांग होने पर इतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। 7 जुलाई को गैर-रिटेल और 8 जुलाई को रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे।

Tata Motors PV

टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। Punch और Nexon का प्रोडक्शन 80,001 से बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। Curvv और Sierra की बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd ने जून तिमाही में अच्छा कारोबार किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 19% बढ़ा है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह Westside और Zudio स्टोर्स का लगातार विस्तार रहा।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals को कानूनी राहत मिली है। NCLT की अहमदाबाद बेंच ने JB Chemicals & Pharmaceuticals के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। अब दोनों कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

Tata Motors Passenger Vehicles

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में अपने ज्यादातर पैसेंजर व्हीकल मॉडल्स की बिक्री और प्रोडक्शन बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक, Punch, Nexon, Curvv, Sierra, Safari और Harrier जैसे मॉडल्स की मांग मजबूत रही।

Varun Beverages

एफएमसीजी कंपनी Varun Beverages Ltd ने केन्या में बड़ा अधिग्रहण किया है। कंपनी की इकाई VBL Industries (Kenya) Ltd ने Devyani Food Industries (Kenya) Ltd के डेयरी ड्रिंक्स, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कारोबार को खरीदने का समझौता किया है। इस डील की कीमत 3.2 करोड़ डॉलर, यानी करीब 305 करोड़ रुपये है।

Titan

टाटा ग्रुप की ज्वेलरी कंपनी Titan Company Ltd ने जून तिमाही में दमदार कारोबार किया है। कंपनी के कंज्यूमर बिजनेस में 41% की ग्रोथ दर्ज की गई। ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा। घड़ियों और आईकेयर कारोबार में भी 23-23% की बढ़ोतरी रही। कंपनी ने इस दौरान 77 नए स्टोर भी खोले।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज कंपनी Hexaware Technologies Ltd ने SmartRent Inc. के साथ नई साझेदारी की है। दोनों कंपनियां मिलकर AI आधारित सॉल्यूशंस तैयार करेंगी। इनकी मदद से कस्टमर ऑपरेशंस और रेवेन्यू से जुड़े कामों को ज्यादा तेज और स्मार्ट बनाया जाएगा।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का बोर्ड 10 जुलाई को बैठक करेगा। इस बैठक में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अगर बोर्ड मंजूरी देता है, तो कंपनी बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटा सकती है।

Blue Jet Healthcare

फार्मा कंपनी Blue Jet Healthcare ने ग्रोथ के लिए 600 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। इश्यू का सांकेतिक भाव 506 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव 572 रुपये से करीब 10% कम है। कंपनी ने SEBI के नियमों के तहत 531.70 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस भी तय किया है।

Cochin Shipyard OFS : डिफेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 7% डिस्काउंट पर है फ्लोर प्राइस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cochin Shipyard OFS : डिफेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 7% डिस्काउंट पर है फ्लोर प्राइस

Cochin Shipyard OFS : सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) का ऐलान किया गया है। पहले चरण में सरकार 2.52% हिस्सेदारी बेचेगी। अगर निवेशकों की ओर से अच्छी मांग रही, तो ग्रीन-शू ऑप्शन के तहत इतनी ही अतिरिक्त 2.52% हिस्सेदारी भी बिक्री के लिए लाई जाएगी।

कितना है फ्लोर प्राइस?

सरकार ने OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह सोमवार के बंद भाव से करीब 7.2% डिस्काउंट पर रखा गया है। गैर-रिटेल निवेशक 7 जुलाई 2026 को बोली लगा सकेंगे। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए OFS 8 जुलाई 2026 को खुलेगा।

सरकार क्यों बेच रही है हिस्सेदारी?

यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार के विनिवेश (Disinvestment) कार्यक्रम का हिस्सा है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSU) में अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसे जुटा रही है।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 67.91% है। रिटेल इनेवस्टर्स के पास 22.95% हिस्सा है। वहीं, FII 3.10% और DII 6.05% हिस्से के मालिक हैं।

सरकार ने कितना पैसा जुटाया?

केंद्र सरकार ने हाल के महीनों में विनिवेश की रफ्तार तेज कर दी है। 21 मई से अब तक सरकार अलग-अलग PSU कंपनियों के OFS के जरिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा चुकी है।

शेयर का क्या हाल रहा?

Cochin Shipyard Ltd का शेयर सोमवार को 19 रुपये यानी 1.25% गिरकर 1,504.75 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में इस सरकारी कंपनी का स्टॉक 6.94% बढ़ा है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें 26.70% की गिरावट आई है।

Cochin Shipyard का बिजनेस

Cochin Shipyard Ltd भारत की सबसे बड़ी शिपयार्ड कंपनियों में से एक है। कंपनी भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए युद्धपोत और दूसरे रक्षा जहाज बनाती है। इसके अलावा कमर्शियल जहाजों का निर्माण, शिप रिपेयर, जहाजों की मरम्मत और मेंटेनेंस का काम भी करती है। हाल के वर्षों में डिफेंस ऑर्डर और सरकारी फोकस की वजह से कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा है।

Titan Q1 Update: टाटा की कंपनी का ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा, Tanishq-Mia की बिक्री ने भरी उड़ान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: चांदी 5000 रुपये सस्ती हुई, सोने के भी गिरे दाम; चेक करें लेटेस्ट प्राइस

Gold Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी में 24 कैरेट सोना 150 रुपये सस्ता होकर 1,50,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत 1,50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।

वहीं, चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी कीमत 5,000 रुपये टूटकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। शुक्रवार को चांदी 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोने और चांदी के भाव?

सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, वैश्विक बाजार में नरमी और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से निवेशकों ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली की। इसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला।

ट्रेडर्स का कहना है कि फिलहाल बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। एक तरफ पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अब भी बना हुआ है। दूसरी तरफ मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर

बाजार की नजर अब अमेरिका के महंगाई (Inflation) के आंकड़ों पर है। निवेशकों का मानना है कि इन आंकड़ों से यह संकेत मिल सकता है कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाएगा।

इसके अलावा वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे घटनाक्रम पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

स्पॉट गोल्ड घटकर 4,160.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 62.24 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से गोल्ड में हल्की गिरावट आई, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखा।

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अब बाजार की नजर इस सप्ताह आने वाले अमेरिका के मैन्युफैक्चरिंग PMI, नॉन-मैन्युफैक्चरिंग PMI और फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स पर रहेगी। इन आंकड़ों से डॉलर और सोने की कीमतों को नई दिशा मिल सकती है। उनके मुताबिक, इन अहम आर्थिक आंकड़ों के आने तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

*एजेंसी इनपुट के साथ

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