सोना खरीदने की क्या जरूरत? इन 5 सरकारी और प्राइवेट Gold ETF ने 3 साल में दिया 34% तक का छप्परफाड़ रिटर्न

Top Performing Gold ETFs in India: भारतीय बाजारों में सोने को हमेशा से निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया माना गया है। लेकिन अब लोग फिजिकल सोना यानी गहने या सिक्के खरीदने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में पैसा लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसमें न तो मेकिंग चार्ज की टेंशन होती है, न चोरी होने का डर और रिटर्न भी दमदार मिलता है।

हाल ही में आए म्यूचुअल फंड डेटा (ACE MF) के मुताबिक, देश के बड़े गोल्ड ईटीएफ ने पिछले 3 सालों में निवेशकों को 34% तक का सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। इस लिस्ट में UTI Gold ETF सबसे आगे रहा है। आइए जानते हैं कि गोल्ड ईटीएफ क्या है और इस समय रिटर्न के मामले में कौन से टॉप 5 फंड्स धमाल मचा रहे हैं।

क्या होता है Gold ETF?

गोल्ड ईटीएफ एक तरह का म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट ही होता है, जो शेयर बाजार में लिस्टेड होता है। इसे आप अपने डीमैट अकाउंट के जरिए ठीक वैसे ही खरीद और बेच सकते हैं, जैसे किसी कंपनी के शेयर को।

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इसका प्रदर्शन सीधे तौर पर घरेलू बाजार में सोने की वास्तविक कीमतों को ट्रैक करता है। जब सोने के दाम बढ़ते हैं, तो आपके गोल्ड ईटीएफ की वैल्यू भी बढ़ जाती है। इसमें निवेश करने के लिए आपको लिक्विडिटी यानी आसानी से बेचने की सुविधा और कम ट्रैकिंग डिफरेंस का फायदा मिलता है।

3 साल के रिटर्न में UTI Gold ETF रहा नंबर-1

2 जुलाई के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, कम से कम ₹1500 करोड़ से अधिक के एसेट अंडर मैनेजमेंट वाले फंड्स की कैटेगरी में UTI Gold ETF ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।

बेंचमार्क को पछाड़ा: 3 साल की अवधि में जहां इसके बेंचमार्क ने महज 1.7% का रिटर्न दिया, वहीं यूटीआई गोल्ड ईटीएफ ने 34% का सालाना रिटर्न (CAGR) देकर अपने बेंचमार्क को 32.2% से मात दी।

1 साल का रिटर्न: 1 साल की अवधि में भी यह फंड टॉप पर रहा, जिसने निवेशकों को 45.6% का बंपर रिटर्न दिया, जबकि इसका बेंचमार्क 10.1% ही बढ़ सका।

सबसे बड़ा फंड: हालांकि, साइज (फंड साइज) के मामले में ICICI Pru Gold ETF सबसे बड़ा है, जिसका कुल कॉर्पस ₹27578.2 करोड़ है।

Top 5 Gold ETFs: रिटर्न और फंड साइज का पूरा रिपोर्ट कार्ड

अगर आप भी सोने में डिजिटल तरीके से निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इन टॉप 5 स्कीम्स के प्रदर्शन पर नजर डाल सकते हैं:

Top 5 Gold ETFs: रिटर्न और फंड साइज का पूरा रिपोर्ट कार्ड

(नोट: इस रैंकिंग में केवल उन्हीं स्कीमों को शामिल किया गया है जिनका AUM ₹1500 करोड़ से ज्यादा है। 1 महीने और 3 महीने की छोटी अवधि में मीरा एसेट गोल्ड ईटीएफ का प्रदर्शन अन्य के मुकाबले थोड़ा बेहतर रहा है, जहां गिरावट क्रमशः -8.6% और -2.5% तक सीमित रही।)

निवेशकों के लिए काम की सलाह

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग टाइम फ्रेम में फंड्स की रैंकिंग बदल सकती है। इसलिए हेडलाइन या 3 साल के लंबे रिटर्न को देखने के साथ-साथ शॉर्ट-टर्म (1 महीना, 3 महीना) और मीडियम-टर्म के प्रदर्शन को भी समझना जरूरी है। सोने में निवेश हमेशा पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने और महंगाई से सुरक्षा पाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Metal Stocks : मेटल स्टॉक्स में गिरावट का डर, राकेश अरोड़ा बोले- अब तेजी आते ही करें मुनाफावसूली

Metal Stocks : अगर हाल के दिनों में मेटल शेयरों में तेजी देखकर आप खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा रुक जाइए। GoIndiaStocks.com के फाउंडर राकेश अरोड़ा का मानना है कि मेटल स्टॉक्स के अच्छे दिन खत्म होने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि फिलहाल मेटल शेयरों में नई खरीदारी करने के बजाय मुनाफा वसूलने पर विचार करना चाहिए।

उनके मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे मेटल कंपनियों के लिए अच्छे रह सकते हैं। लेकिन बाजार पहले ही इसकी उम्मीद लगा चुका है। यानी अच्छी खबर का असर काफी हद तक शेयरों की कीमतों में दिख चुका है। आने वाले महीनों में कमोडिटी की कीमतें नरम पड़ सकती हैं। ऐसे में कंपनियों की कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

Q1 नतीजों से पहले आ सकती है थोड़ी तेजी

राकेश अरोड़ा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मेटल शेयर 20% से 30% तक टूटे थे। इसलिए मजबूत जून तिमाही नतीजों से पहले इनमें थोड़ी तेजी या रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्हें नहीं लगता कि ये शेयर इतनी जल्दी अपने पुराने हाई पर पहुंच जाएंगे।

एल्युमिनियम कंपनियों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता

राकेश अरोड़ा की सबसे बड़ी चिंता एल्युमिनियम सेक्टर को लेकर है। उनका कहना है कि कई ब्रोकरेज और एनालिस्ट अब भी अपने अनुमान में एल्युमिनियम का भाव करीब 3,200 डॉलर प्रति टन मान रहे हैं। लेकिन उनकी राय इससे अलग है।

उन्हें लगता है कि मिडिल ईस्ट और इंडोनेशिया से नई सप्लाई आने वाली है। इससे बाजार में एल्युमिनियम की उपलब्धता बढ़ेगी। ऐसे में कीमत घटकर करीब 2,600 डॉलर प्रति टन तक आ सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो एल्युमिनियम कंपनियों की कमाई के अनुमान घटाने पड़ेंगे। इसका सीधा असर शेयरों पर भी दिख सकता है।

स्टील सेक्टर पर भी बहुत भरोसा नहीं

राकेश अरोड़ा स्टील सेक्टर को लेकर भी ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। उनका कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में स्टील कंपनियों के नतीजे अच्छे आ सकते हैं। Vedanta जैसी कंपनियां भी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। लेकिन स्टील की कीमतें अब अपना पीक देख चुकी हैं।

एक तरफ चीन से स्टील का निर्यात बढ़ रहा है। दूसरी तरफ भारत की कंपनियां तेजी से उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे बाजार में सप्लाई ज्यादा हो सकती है। अगर सप्लाई बढ़ी, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आएगा।

इसी वजह से उनका मानना है कि स्टील शेयरों में अभी और गिरावट आ सकती है। हालांकि, वैल्यूएशन के लिहाज से ये एल्युमिनियम कंपनियों के मुकाबले सस्ते जरूर हैं।

वेदांता के आयरन और स्टील को लेकर क्या कहा?

हाल ही में Vedanta के डीमर्जर के बाद बने Vedanta Iron & Steel के कारोबार पर भी राकेश अरोड़ा ने अपनी राय रखी। उनका कहना है कि आयरन और स्टील कारोबार में होने वाले विस्तार का फायदा शेयर पहले ही कीमत में जोड़ चुका है। इसलिए यहां बहुत ज्यादा तेजी की गुंजाइश नहीं बची है।

वहीं, ग्रुप के ऑयल एंड गैस कारोबार में उन्हें कुछ वैल्यू नजर आती है। लेकिन, रेगुलेटरी चिंताओं की वजह से यह फिलहाल हाई-रिस्क निवेश है। यह वैल्यू ट्रैप भी साबित हो सकता है।

कॉपर सेक्टर पर भी दी चेतावनी

राकेश अरोड़ा मानते हैं कि लंबे समय में कॉपर की मांग अच्छी रह सकती है। लेकिन फिलहाल उन्हें कॉपर कंपनियों के शेयर महंगे लग रहे हैं।

उनका कहना है कि बाजार रिसाइकल्ड कॉपर की बढ़ती सप्लाई को गंभीरता से नहीं ले रहा। अगर रिसाइकल्ड कॉपर की उपलब्धता बढ़ती रही, तो कॉपर की कीमतों पर दबाव आ सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

राकेश अरोड़ा की सलाह है कि अगर मजबूत जून तिमाही नतीजों की वजह से मेटल शेयरों में तेजी आती है, तो उसे नई खरीदारी का संकेत मत मानिए। उनके मुताबिक, यह तेजी मुनाफावसूली का मौका हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने एक बात और कही। अगर अमेरिकी डॉलर लगातार कमजोर होता है, तो वैश्विक कमोडिटी कीमतों को सहारा मिल सकता है। ऐसे में बेस मेटल्स का आउटलुक बेहतर हो सकता है। यही एक बड़ा फैक्टर है, जो उनके मौजूदा नजरिए को बदल सकता है।

Market Outlook: ‘जून 2027 तक 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स’, मॉर्गन स्टेनली ने कहा- चौंका सकता है आईटी सेक्टर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: ‘जून 2027 तक 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स’, मॉर्गन स्टेनली ने कहा- चौंका सकता है आईटी सेक्टर

Market Outlook: विदेशी ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का मानना है कि जून 2027 तक BSE Sensex 1 लाख के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसकी संभावना 25% ही है। ब्रोकरेज ने इसे अपना बुल केस (Bull Case) बताया है। यानी अगर ज्यादातर चीजें बाजार के पक्ष में रहीं, तो यह लक्ष्य हासिल हो सकता है।

Morgan Stanley का कहना है कि यह अनुमान कुछ अहम हालात के भरोसे है। मसलन, कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहे। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाली नीतियों का असर दिखने लगे। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनियों की कमाई में हर साल औसतन 19% की बढ़ोतरी हो।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि भारतीय शेयर बाजार की वैल्यूएशन में जो गिरावट आई है, वह स्थायी नहीं है। यह एक चक्रीय गिरावट है। यानी जैसे-जैसे ग्रोथ तेज होगी, बाजार की वैल्यूएशन में भी सुधार आ सकता है।

89,000 अंक को माना बेस केस

Morgan Stanley ने जून 2027 तक Sensex के 89,000 अंक तक पहुंचने की 50% संभावना जताई है। इसे उसने अपना बेस केस (Base Case) माना है।

ब्रोकरेज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिद्धम देसाई और नयंत पारेख का कहना है कि पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है। विदेशी निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी भी घटी है। ऐसे में अगर हालात सुधरते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर क्या होगा?

Morgan Stanley के मुताबिक, भारत की आर्थिक ग्रोथ अब निचले स्तर से उबरती दिख रही है। धीरे-धीरे इसमें सुधार भी आ रहा है। हालांकि, अभी भी भारत उन देशों से पीछे है, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे बड़े निवेश का फायदा मिल रहा है।

ब्रोकरेज का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशक भारत और दुनिया की ग्रोथ के अंतर को कैसे देखते हैं। अगर दुनिया में AI पर खर्च को लेकर उत्साह कम होता है और दूसरी तरफ भारत की ग्रोथ तेज होती है, तो बाजार का नजरिया बदल सकता है।

जून तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर

Morgan Stanley का मानना है कि जून तिमाही के नतीजे बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मजबूत आर्थिक संकेतकों की वजह से कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर रह सकते हैं। निवेशकों की नजर मानसून पर भी रहेगी। हालांकि, Morgan Stanley को इसकी ज्यादा चिंता नहीं है।

ब्रोकरेज का कहना है कि भारत में कई बड़े सुधार चल रहे हैं। इनसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए निवेश करना आसान हो सकता है। IPO की बढ़ती संख्या भी बाजार को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि, अगर IPO की बाढ़ आ गई, तो इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है। फिलहाल Morgan Stanley को ऐसा खतरा अगले कुछ महीनों तक नहीं दिखता।

किन सेक्टरों पर Morgan Stanley का भरोसा?

Morgan Stanley को घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर ज्यादा पसंद हैं। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ओवरवेट (Overweight) रेटिंग दी है।

वहीं एनर्जी, मटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर इसकी राय ज्यादा सकारात्मक नहीं है। इन सेक्टरों पर अंडरवेट (Underweight) रेटिंग दी गई है।

आईटी सेक्टर दे सकता है बड़ा सरप्राइज

Morgan Stanley का मानना है कि आईटी सर्विसेज सेक्टर आने वाले समय में सबसे बड़ा सरप्राइज दे सकता है। दुनियाभर की कंपनियां AI एप्लिकेशन और सॉल्यूशन बनाने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं।

हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती, कृषि उत्पादकता में कमजोरी, न्यायिक व्यवस्था में क्षमता की कमी और AI की वजह से रोजगार बाजार पर पड़ने वाला असर शामिल हैं।

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सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिससे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष नाता रहा है। आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। आज एक नया इतिहास बन रहा है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष जोर दिया। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। कल ही चंबल के शिवपुरी में ढाई हजार करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। इससे पूर्व मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। शिवपुरी में बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी, जो पाकिस्तान के किसी भी कोने तक पहुंच सकेगी।

 

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश भी विकास के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ से अधिक निवेश को देखकर विरोधियों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। इस आयोजन में देश-दुनिया के बड़े उद्योगपति और औद्योगिक घराने शामिल हुए।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज 30 लाख करोड़ के निवेश में से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। प्रदेश में पहली बार 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर आने का नया कीर्तिमान बना है। किसान कल्याण वर्ष में जनवरी से लेकर अब तक निवेशकों के साथ 86 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। प्रदेशभर में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में ही 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की बहनों को भी हर महीने सौगात मिल रही है। अब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना में राज्य सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दे चुकी है। अब बहनें रोजगार आधारित उद्योगों में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिया मिलेगा।

 

सभी के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य में अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि डंके की चोट पर हर हालत में यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। अब मध्यप्रदेश एक समान कानून लागू करने वाला देश के बड़े राज्यों में शामिल प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हमारे साथ काम कर रहे हैं। इन देशों से 10 हजार करोड़ का विदेशी निवेश भी मध्यप्रदेश को मिला है।

प्रदेश में छोटे-मझोले उद्योगों की देनदारी खत्म कर दी गई है। बिजली, पानी और सड़क हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। उन्होंने कहा कि सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे।

 

रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है पार्क-मध्य प्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग (IPIP) तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME) के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि भोपाल और मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य की नई आधारशिला रखने का अवसर है। सतगढ़ी स्थित यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पार्क का स्थान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग से लगभग 1.4 किमी की दूरी पर स्थित है तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रमुख शहरी क्षेत्रों से उत्कृष्ट संपर्क रखता है। इससे भोपाल पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था के उद्योगों का भी केंद्र बनेगा।

Shakti Pumps Share Price: ₹354 करोड़ का ऑर्डर मिलने पर निवेशक गदगद, शेयर 8% तक भागा

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली शक्ति पंप्स इंडिया के शेयरों में 6 जुलाई को दिन में 8 प्रतिशत तक की अच्छी बढ़त देखी गई। हालांकि बाद में तेजी की रफ्तार कम हो गई। शेयर में खरीद बढ़ने की वजह है कंपनी को 353.89 करोड़ रुपये का एक ऑर्डर मिलना। शक्ति पंप्स ने शनिवार को शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी थी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी को यह ऑर्डर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से मिला है।

यह ऑर्डर पूरे महाराष्ट्र के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP, 7.5 HP की 15,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवॉल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स (SPWPS) पंपों के लिए है। ऑर्डर ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’ के तहत है। इस काम को वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के अंदर पूरा किया जाना है।

शक्ति पंप्स पर इन SPWPS पंपों की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी है। ऑर्डर की वैल्यू GST के बिना 324.96 करोड़ रुपये और GST के साथ 353.89 करोड़ रुपये है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

2 साल में Shakti Pumps India शेयर 350 प्रतिशत चढ़ा

शक्ति पंप्स इंडिया का मार्केट कैप बढ़कर 7300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 510 प्रतिशत और 3 महीनों में 18 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में कीमत 36 प्रतिशत फिसली है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 949.95 रुपये और एडजस्टेड लो 457 रुपये है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।

PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 842.36 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 29.13 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 2,643.11 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 243.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। शक्ति पंप्स वित्त वर्ष 2026 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 29 जुलाई 2026 है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी पीसी ज्वेलर लिमिटेड के निवेशकों के लिए 6 जुलाई का दिन बेहद खराब बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर भाव 9.37 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 7900 करोड़ रुपये के करीब रह गया है। शेयर एक साल में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देख चुका है। कंपनी ने 2 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके बाद शुक्रवार, 3 जुलाई को शेयर में इंट्राडे के दौरान 10 प्रतिशत तक की तेजी दिखी थी। हालांकि बाद में शेयर BSE पर 4.4 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ था।

माना जा रहा है कि सोमवार की गिरावट शेयर में ऊंचे स्तरों पर की जा रही प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा हो। लेकिन एक वजह स्टॉक एक्सचेंज की ओर से मांगा गया क्लैरिफिकेशन भी हो सकता है। शुक्रवार को शेयर में हैवी वॉल्यूम को देखते हुए BSE ने पीसी ज्वेलर से सफाई मांगी थी।

तो क्या है PC Jeweller का जवाब

जवाब में पीसी ज्वेलर ने कहा है कि हम यह बताना चाहते हैं कि SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 के अनुसार, कंपनी उन सभी घटनाओं, जानकारियों आदि का समय पर खुलासा करती रही है, जिनका कंपनी के कामकाज/प्रदर्शन पर असर पड़ता है। इनमें प्राइस सेंसिटिव इनफॉरमेशन आदि भी शामिल हैं। कंपनी भविष्य में भी ऐसे खुलासे करती रहेगी।

आगे कहा कि किसी शेयर की कीमत/वॉल्यूम में कोई भी उतार-चढ़ाव बाजार पर निर्भर करता है और यह कई फैक्टर्स के कारण होता है, जिनमें कंपनी की ओर से दी गई कोई भी जानकारी, घटना या इवेंट आदि को लेकर निवेशकों की सोच भी शामिल है। पीसी ज्वेलर ने कहा है कि फिलहाल उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो शेयर की कीमत/वॉल्यूम पर असर डाल सकती हो और जिसका खुलासा करना जरूरी हो।

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Q1 में कैसा रहा बिजनेस

पीसी ज्वेलर का कहना है कि अप्रैल-जून 2026 में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 21% बढ़ा। कंपनी कर्ज-मुक्त होने के अपने लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और उसे उम्मीद है कि वह चालू तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यह मुकाम हासिल कर लेगी। कंपनी ने जॉइंट सेटलमेंट एग्रीमेंट की शर्तों के तहत बैंकों का बकाया कर्ज जून तिमाही के दौरान लगभग 24% कम किया है। चालू तिमाही में बाकी कर्ज चुकाने और कर्ज-मुक्त होने से आने वाले समय में उसकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Oberoi Realty Shares: दिल्ली एनसीआर में ग्रैंड एंट्री, ₹8109 करोड़ की बुकिंग पर शेयरों ने छू दी नई ऊंचाई

Oberoi Realty Shares: लग्जरी होम तैयार करने वाली ओबेरॉय रियल्टी के शेयर आज तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़े और उछलकर यह एक साल के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। गुरग्राम में थर्टी सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट में करीब ₹8109 करोड़ की ग्रास बुकिंग्स पर शेयर चमक उठे। दिल्ली एनसीआर में यह इसका पहला लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपमेंट है। कंपनी ने जब आज एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी तो निवेशक इसके शेयरों पर टूट पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने इसे संभाल लिया।

फिलहाल बीएसई पर यह 2.33% की बढ़त के साथ ₹1,975.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.84% उछलकर ₹1,985.00 तक पहुंच गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। करीब 4 ही महीने पहले यह 23 मार्च 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹1,390.15 पर था। इसे कवर करने वाले 27 एनालिस्ट्स में से 17 ने खरीदारी, 8 ने होल्ड और 2 ने सेल रेटिंग दी है।

Oberoi Realty की दिल्ली एनसीआर में ग्रैंड एंट्री

ओबेरॉय रियल्टी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट दिल्ली एनसीआर में उसका पहला लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपमेंट है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में लगभग 13.52 लाख स्क्वेयर फीट रेरा कारपेट एरिया (23.1 लाख स्क्वायर फीट बिक्री योग्य एरिया) की बुकिंग हुई है। यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम के सेक्टर 58 में गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर लगभग 14.8 एकड़ में फैला है। कंपनी ने बताया कि इसमें आगे चलकर सात रेजिडेंशियल टावर, लैंडस्केप्ड ओपन स्पेस और क्लब थ्री सिक्स्टी नॉर्थ के साथ-साथ रिटेल और कैफे वाला एक खास बुलेवार्ड शामिल होगा।

क्या रुझान है ब्रोकरेज फर्म का?

थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट के पहले चरण को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ओबेरॉय रियल्टी को लेकर पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने इसे खरीदने की सलाह दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,850 से बढ़ाकर ₹2,090 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि कंपनी की FY27 प्री-सेल्स पिछले साल के मुकाबले 123% अधिक रहेगी। नोमुरा का मानना है कि नए मार्केट में एंट्री और लॉन्च पाइपलाइन इसके शेयरों की फिर से रेटिंग के लिए अहम ट्रिगर बनेगा।

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Share Market Rally: 4 वजहों से Sensex में 400 अंकों का उछाल,Nifty पहुंचा 24400 के करीब

Share Market Rally: इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज मार्केट में शानदार रौनक दिखी। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ही उछल पड़े। सेंसेक्स (Sensex) इंट्रा-डे में 400 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी 50 (Nifty 50) चढ़कर 24400 के एकदम करीब पहुंच गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक थोड़ी हल्की है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:58 AM पर सेंसेक्स 379.23 प्वाइंट्स यानी 0.49% की बढ़त के साथ 78,143.14 और निफ्टी 50 भी 113.65 प्वाइंट्स यानी 0.47% की बढ़त के साथ 24,384.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 430.45 प्वाइंट्स चढ़कर 78,194.36 और निफ्टी 123.55 प्वाइंट्स उछलकर 24,394.40 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहति

तेल निकालने वाले देशों के संगठन OPEC+ ने अगस्त से अपने प्रोडक्शन टारगेट को और बढ़ाने पर सहमति जताई तो इसके भाव नरम पड़े और मार्केट को सपोर्ट मिला। रविवार को तेल निकालने वाले खाड़ी देशों (OPEC) और रूस ने अगस्त से हर दिन तेल का उत्पादन 1.88 लाख बैरल बढ़ाने की बात कही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक जून में ओपेक का तेल उत्पादन मई महीने की तुलना में 33 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 1.94 करोड़ बैरल प्रति दिन हो गया।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

प्रोविजनल आंकड़ो के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय स्टॉक मार्केट में ₹1355.33 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की जिससे मार्केट को आज सपोर्ट मिला है। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक कच्चे तेल के प्रति बैरल $72 के नीचे आने, FCNR(B) (फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक)) डिपॉजिट्स से निवेश आने की उम्मीद और वैश्विक एआई ट्रेड की कमजोरी पर विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट का रुख किया है।

बैंकों के मजबूत बिजनेस अपडेट

मार्केट को एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक समेत अन्य बैंकों के वीकेंड पर आए जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट से सपोर्ट मिला। बैंकों ने जून तिमाही के कारोबारी नतीजे से पहले प्रोविजनल आंकड़े पेश किए हैं। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक और बंधन बैंक की लोन ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही तो कोटक महिंद्रा बैंक में हल्की सुस्ती दिखी।

टेक्निकल आउटलुक

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24300 के पार बना हुआ है, मार्केट में तेजी का रुझान कायम रहेगा। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक 24,150 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर निफ्टी को लेकर बुलिश रुझान रहेगा। फिलहाल निफ्टी के लिए यह सपोर्ट लेवल का काम कर रहा है। उनका मानना है कि 24,400 के पार मजबूती से जाने पर 24,600 का रास्ता खुल सकता है लेकिन अगर यह 24,150 के नीचे आया तो मुनाफावसूली के दबाव में यह 24000 तक फिसल सकता है। राजेश के मुताबिक मीडियम टर्म में माहौल पॉजिटिव ही दिख रहा है लेकिन वैश्विक टेक स्टॉक्स में दबाव के चलते तेजी सीमित रह सकती है।

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Crude Oil Price: क्रूड को लेकर आई बड़ी खबर, उत्पादन बढ़ाएगा OPEC+

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adon Agro IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, ₹70 के शेयरों ने बरसाया ताबड़तोड़ पैसा, खुदरा निवेशकों को नहीं पसंद था आईपीओ!

Adon Agro IPO Listing: ड्राई फ्रूट्स बेचने वाली एडॉन एग्रो के शेयरों की आज बीएसई एसएमई पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹70 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹78.25 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11.79% का लिस्टिंग गेन (Adon Agro Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹82.16 (Adon Agro Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 17.37% मुनाफे में हैं।

Adon Agro IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडॉन एग्रो कमोडिटीज का ₹44 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह इश्यू 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 22.47 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.41 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 62.90 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adon Agro Commodities के बारे में

एडॉन एग्रो कमोडिटीज मुख्य रूप से ड्राई फ्रूट्स, नट्स, सीड्स और बेरीज की सोर्सिंग, इंपोर्ट, प्रोसेसिंग, पैकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, किशमिश, सूखी खजूर, खुबानी, अंजीर और अलग-अलग तरह के ड्राई फ्रूट मिक्स शामिल हैं, जो कई ग्रेड, रूप और पैक साइज में मिलते हैं। इन्हें कंपनी बिना प्रोसेस किए थोक में और प्रोसेस करके पैक करके, दोनों तरीके से बेचती है। कंपनी इसे अपने रिटेल ब्रांड हंगर नट्स (Hunger Nuts) ब्रांड के तहत 250 ग्राम से लेकर 30 किग्रा तक के पैक साइज में बेचती है। यह ड्राई फ्रूट हैम्पर्स और कस्टमाइज्ड मिक्स के जरिए कॉरपोरेट और फेस्टिव गिफ्टिंग का काम भी करती है। यह घरेलू मार्केट के साथ-साथ यूएई, अफगानिस्तान, यूएसए, चिली और श्रीलंका से कच्चा माल मंगाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹9 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1.79 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹7.22 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 114% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹103.04 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो 10 महीने में कंपनी को ₹21.55 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹287.33 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹10.19 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹30.45 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex IPO Listing: मुनाफा नहीं बुन पाया ₹136 का शेयर, रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा कंपनी का प्रॉफिट

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹136 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹130.00 और NSE पर ₹130.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 4.41% पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹133.00 (Aastha Spintex Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.21% घाटे में हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।