आस्था स्पिनटेक्स का फॉल्कन यॉर्न्स को खरीदने का ऐलान, कॉटन यार्न कारोबार को मिलेगी मजबूत

गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने Falcon Yarns Private Limited के अधिग्रहण का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि इस सौदे से उसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। साथ ही घरेलू और निर्यात बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

क्षमता में होगी बड़ी बढ़ोतरी

आस्था स्पिनटेक्स का दावा है कि अधिग्रहण पूरा होने के बाद उसकी सालाना स्पिनिंग कैपेसिटी 7,700 मीट्रिक टन (MT) से बढ़कर 17,457 MT हो जाएगी। वहीं, स्पिंडल कैपेसिटी 25,920 से बढ़कर 61,824 हो जाएगी।

Falcon Yarns गुजरात में स्पिनिंग यूनिट चलाती है। कंपनी के पास 35,904 स्पिंडल और 9,757 MT सालाना उत्पादन क्षमता है। इस अधिग्रहण से आस्था स्पिनटेक्स को प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ने के साथ ग्राहकों तक पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

आस्था स्पिनटेक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक, Falcon Yarns की आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधा से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और गुणवत्ता से समझौता किए बिना बड़े स्तर पर ग्राहकों की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा

पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार देखने को मिला है। FY23 में कंपनी का रेवेन्यू 240 करोड़ रुपये था, जो FY25 में बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 1.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 23 करोड़ रुपये पहुंच गया।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन FY23 के 5.87% से बढ़कर FY25 में 14.16% हो गया। वहीं EBITDA मार्जिन 6.05% से बढ़कर 14.45% पर पहुंच गया।

हाल ही में हुई है लिस्टिंग

आस्था स्पिनटेक्स का 170 करोड़ रुपये का IPO हाल ही में पूरा हुआ था। कंपनी 6 जुलाई 2026 को NSE और BSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट हुई। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल Falcon Yarns के अधिग्रहण, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉर्पोरेट कामकाज के लिए किया जाएगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘AI से TCS में नौकरियां नहीं जाएंगी’, CEO बोले- बस बदल जाएगा काम का तरीका

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के कृतिवासन का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से कंपनी में कर्मचारियों की संख्या कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि TCS आगे भी भर्ती जारी रखेगी। हालांकि, कर्मचारियों को नए AI स्किल्स सीखने होंगे।

यह बयान इंजीनियरिंग छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। इससे पहले TCS के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने संकेत दिए थे कि कंपनी भर्ती को लेकर पहले से ज्यादा चयनात्मक होगी।

AI खत्म नहीं करेगा नौकरियां

Q1 FY27 के नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में कृतिवासन ने कहा कि AI की वजह से कर्मचारियों का काम जरूर बदलेगा, लेकिन नौकरियां खत्म नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और कोडिंग के साथ अब प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, AI मॉडल की ट्रेनिंग, मॉडल टेस्टिंग और लाइफ-साइकिल मैनेजमेंट जैसे नए रोल तेजी से बढ़ेंगे। इन क्षेत्रों में नए मौके बनेंगे।

उन्होंने कहा कि कंपनी जरूरत के मुताबिक लगातार टैलेंट हायर करेगी। उनका मानना है कि AI से व्हाइट-कॉलर नौकरियों में बहुत बड़ी कटौती नहीं होगी।

भर्ती में दिखी तेजी

कृतिवासन का बयान ऐसे समय आया है, जब TCS ने जून तिमाही में चार साल की सबसे बड़ी भर्ती की है। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। इसके बाद कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

कंपनी ने इस तिमाही में देश के प्रमुख संस्थानों से 14,000 फ्रेशर्स को भी शामिल किया।

तिमाही नतीजे कैसे रहे?

TCS का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में 2.7% घटकर 13,349 करोड़ रुपये रहा। यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम था। कंपनी ने बताया कि एक कानूनी मामले के 668 करोड़ रुपये के एकमुश्त सेटलमेंट का असर मुनाफे पर पड़ा।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के अनुमान से बेहतर था। एकमुश्त खर्चों को छोड़ दें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13.9% और तिमाही आधार पर 2.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

Stcoks to Watch: शुक्रवार 10 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Explainer: भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया, दोनों देशों के बीच हुई डील क्यों है इतना अहम

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में समझौते का ऐलान हुआ है। इसके तहत अब ऑस्ट्रेलिया भारत को शांतिपूर्ण नागरिक न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए यूरेनियम की कमर्शियल सप्लाई कर सकेगा। इस फैसले के साथ करीब दस साल से लंबित प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस बड़े फैसले की घोषणा मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान की गई।

यह समझौता दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में नई साझेदारी की शुरुआत माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडार वाले देशों में शामिल है, जबकि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ऊर्जा बाजारों में से एक है। ऐसे में यह समझौता भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

यूरेनियम डील पर भारत-ऑस्ट्रेलिया ने जताई खुशी

समझौता लागू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते भरोसे और साझा हितों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, “भारत और ऑस्ट्रेलिया सिर्फ अच्छे साझेदार ही नहीं, बल्कि बेहद करीबी दोस्त भी हैं।” अल्बनीज ने बताया कि इस समझौते से ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति आसान होगी। इससे भारत को स्वच्छ और गैर-जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही ऑस्ट्रेलिया के संसाधन क्षेत्र को भी एक नया और बड़ा बाजार मिलेगा।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए कई नए आर्थिक अवसर लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के पास ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने का सुनहरा मौका है। प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों से भारत के बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) क्षेत्र में अधिक निवेश करने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत निवेश के लिए एक सुरक्षित, स्थिर और लंबे समय तक बेहतर विकास वाला देश है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों से भारत में ज्यादा निवेश करने की अपील की।

ये डीस क्यों है खास?

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 2014-15 में नागरिक परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन इसके बाद भी भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी। इसकी वजह यह थी कि दोनों देशों ने व्यावसायिक यूरेनियम आपूर्ति के लिए जरूरी प्रशासनिक और सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी नहीं की थीं।

ऑस्ट्रेलिया परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का सदस्य है। इसलिए वहां से यूरेनियम का निर्यात कड़े नियमों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के तहत ही किया जाता है। अब सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम की आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है।

IAEA की निगरानी में होगा यूरेनियम का इस्तेमाल

भारत परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का सदस्य नहीं है, लेकिन उसने अपने नागरिक परमाणु संयंत्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा नियमों को स्वीकार किया है। नए समझौते के तहत एक ऐसी निगरानी और सत्यापन व्यवस्था बनाई गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाला यूरेनियम केवल भारत के नागरिक परमाणु कार्यक्रम में ही इस्तेमाल हो। समझौते के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया से आने वाले सभी यूरेनियम की आपूर्ति IAEA की निगरानी में होगी। एजेंसी यह सुनिश्चित करेगी कि इस यूरेनियम का उपयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों और बिजली उत्पादन के लिए ही किया जाए।

भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम की जरूरत क्यों है?

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए देश को यूरेनियम की लगातार और भरोसेमंद आपूर्ति की जरूरत होगी। हालांकि, भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े थोरियम भंडार में से एक है, लेकिन यूरेनियम का घरेलू भंडार सीमित है। यही वजह है कि परमाणु बिजली परियोजनाओं के लिए भारत को दूसरे देशों से यूरेनियम आयात करना पड़ता है। फिलहाल भारत में बनने वाली करीब 75 प्रतिशत बिजली अभी भी कोयले से तैयार होती है। वहीं, सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोत पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, लेकिन ये हर समय लगातार बिजली नहीं दे सकते। ऐसे में परमाणु ऊर्जा को भविष्य की स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली का महत्वपूर्ण स्रोत माना जा रहा है।

परमाणु ऊर्जा से मिलेगा स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली उत्पादन

परमाणु ऊर्जा को कम कार्बन उत्सर्जन वाला और लगातार बिजली देने वाला ऊर्जा स्रोत माना जाता है। यही वजह है कि 2070 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की भारत की योजना में परमाणु ऊर्जा की अहम भूमिका है। ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाला यूरेनियम भारत के तीन चरणों वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को भी मजबूती देगा। इस योजना के तहत पहले यूरेनियम आधारित परमाणु रिएक्टरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद भविष्य में भारत अपने विशाल थोरियम भंडार का उपयोग कर परमाणु ऊर्जा उत्पादन को और बढ़ाएगा।

भारत तेजी से बढ़ा रहा है परमाणु ऊर्जा क्षमता

भारत इस समय देश के 7 स्थानों पर 24 परमाणु रिएक्टर चला रहा है। इनकी कुल बिजली उत्पादन क्षमता 8.78 गीगावाट (GW) है। फिलहाल देश के कुल बिजली उत्पादन में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी करीब 3.1 प्रतिशत है। हालांकि, कई नए परमाणु रिएक्टरों का निर्माण जारी है। सरकार को उम्मीद है कि 2031-32 तक यह क्षमता बढ़कर करीब 22 गीगावाट हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य 2047 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 100 गीगावाट तक पहुंचाना है, ताकि देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को स्वच्छ ऊर्जा से पूरा किया जा सके। इस दिशा में भारत ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल की है। कलपक्कम में बने 500 मेगावाट क्षमता वाले प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने पहली बार सफल नियंत्रित परमाणु फर्स्ट क्रिटिकलिटी हासिल की है। इसे भारत के तीन चरणों वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

SIP Investment: बाजार गिरा, फिर भी लोग SIP में क्यों लगा रहे पैसा? मोतीलाल ओसवाल ने बताई बड़ी वजह

SIP Investment: शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव जारी है। इसके बावजूद रिटेल निवेशक SIP के जरिए लगातार निवेश कर रहे हैं। AMFI के ताजा आंकड़े भी यही तस्वीर दिखाते हैं। बाजार में गिरावट के दौरान भी SIP का फ्लो मजबूत बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह अब सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि निवेशकों की आदत बन चुका है।

मार्केट टाइमिंग नहीं, लंबी अवधि पर फोकस

Motilal Oswal Asset Management Company के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ बिजनेस ऑफिसर अखिल चतुर्वेदी का कहना है कि अब लोग SIP को लंबी अवधि की बचत का जरिया मान रहे हैं। पहले की तरह सिर्फ शॉर्ट टर्म रिटर्न के लिए निवेश नहीं किया जा रहा।

उन्होंने बताया कि भारत में घरेलू संपत्ति का सिर्फ 6% हिस्सा इक्विटी में निवेश है। अमेरिका में यह आंकड़ा करीब 48% है। इसका मतलब है कि भारत में इक्विटी निवेश बढ़ने की अभी काफी गुंजाइश है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सेक्टरों में वैल्यूएशन ऊंचे हैं। लेकिन पूरे बाजार में ओवरवैल्यूएशन जैसी स्थिति नहीं दिख रही।

स्मॉलकैप और थीमैटिक फंड में क्यों आ रहा पैसा?

पिछले कुछ वर्षों में स्मॉलकैप और थीमैटिक फंड में निवेश लगातार बढ़ा है। वैल्यूएशन की चिंता के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

सालस्मॉलकैप फंडथीमैटिक फंड
2023₹43,291 करोड़₹31,744 करोड़
2024₹34,874 करोड़₹1,76,915 करोड़
2025₹52,321 करोड़₹38,145 करोड़

अखिल चतुर्वेदी का कहना है कि निवेशक इन फंड्स के जरिए तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं। उनका मानना है कि वैल्यूएशन का आकलन पूरी कैटेगरी के बजाय हर शेयर और सेक्टर के आधार पर करना चाहिए।

छोटे शहरों से बढ़ रहे नए निवेशक

टियर-2 और टियर-3 शहरों से नए निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर युवा निवेशक बाजार से जुड़े प्रोडक्ट्स को तेजी से अपना रहे हैं।

अखिल चतुर्वेदी का कहना है कि SIP अब सिर्फ तेजी वाले बाजार का निवेश नहीं रह गया है। यह धीरे-धीरे लंबी अवधि में संपत्ति बनाने की आदत बनता जा रहा है।

शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से पहले जान लें टैक्स के नियम, नहीं तो मुनाफा हो जाएगा कम

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stcoks to Watch: शुक्रवार 10 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शुक्रवार, 10 जुलाई के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। तिमाही नतीजे, जून सेल्स, नए प्रोजेक्ट, बड़ी साझेदारियां और अहम कॉरपोरेट अपडेट के चलते इनमें तेज हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं आज किन 13 शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा। तिमाही में रेवेन्यू 2.2% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा। मार्च तिमाही में यह 70,698 करोड़ रुपये था।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra की कुल बिक्री जून 2026 में सालाना आधार पर 32.5% बढ़कर 1.04 लाख यूनिट रही। पिछले साल जून में कंपनी ने 78,142 यूनिट बेची थीं।

Anand Rathi Wealth

वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Wealth का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 73.6% बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 322 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, EBITDA 15% घटकर 109 करोड़ रुपये रह गया। EBITDA मार्जिन भी 46.6% से घटकर 33.7% पर आ गया।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals ने Semalix Injection Disposable Pen के कुछ बैच स्वेच्छा से वापस मंगाने का फैसला किया है। यह कदम Dr. Reddy’s Laboratories की रिकॉल नोटिस के बाद उठाया गया है। कंपनी प्रोडक्ट की तकनीकी जांच कराएगी।

Power Grid Corporation

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को Bhadla-III, Ramgarh PS और Kanpur (PG) इंटरस्टेट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी इसे BOOT मॉडल के तहत विकसित करेगी। यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के जरिए मिला है।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल कंपनी Havells India ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कारोबार में एंट्री की है। कंपनी ने नॉर्वे की एनर्जी स्टोरेज कंपनी Pixii AS के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।

Pace Digitek

इलेक्ट्रिकल और पावर सॉल्यूशंस कंपनी Pace Digitek की सब्सिडियरी Lineage Power ने Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ MoU किया है। इसके तहत कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) की सप्लाई करेगी।

Great Eastern Shipping

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping ने 2015 में बने LR2 टैंकर ‘Jag Laxman’ की डिलीवरी ले ली है। इसकी क्षमता करीब 1,09,990 डेडवेट टन (DWT) है। इस खरीद का पूरा भुगतान कंपनी ने अपनी आंतरिक नकदी से किया है।

Muthoot Microfin

माइक्रोफाइनेंस कंपनी Muthoot Microfin का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून तिमाही में सालाना आधार पर 18% बढ़ा। कंपनी ने इसका श्रेय मजबूत लोन वितरण और बेहतर कलेक्शन एफिशिएंसी को दिया है।

CONCOR & GAIL

सरकारी लॉजिस्टिक्स कंपनी Container Corporation of India (CONCOR) और सरकारी गैस कंपनी GAIL (India) ने 15 साल का समझौता किया है। दोनों अहमदाबाद के Khodiyar Inland Container Depot (ICD) में LNG डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करेंगे।

Vikram Solar

सोलर कंपनी Vikram Solar ने Evervolt Solar Tech के साथ 130 मेगावाट क्षमता के सोलर सेल की सप्लाई का समझौता किया है। इस डील से कंपनी की ऑर्डर बुक और सोलर कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

AWL Agri Business

FMCG कंपनी AWL Agri Business ने अपने Regenerative Mustard Programme का विस्तार करने का ऐलान किया है। कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत सरसों की उपज में 30% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Vijaya Diagnostic

डायग्नोस्टिक सर्विसेज कंपनी Vijaya Diagnostic ने Narasimha Raju K.A. को नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 9 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है।

Nifty के 24200-24300 पार करने पर दिखेगी शॉर्ट-कवरिंग, जानिए 10 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Defence Stock: 40% तक क्रैश हो सकता है ये डिफेंस स्टॉक, कोटक ने दी तुरंत बेचने की सलाह

Defence Stock: डिफेंस और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी Solar Industries India के शेयर गुरुवार को शुरुआती बढ़त के बाद 3% ज्यादा गिरकर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह दिन के हाई लेवल से 6% तक टूट गया था। इसकी वजह Kotak Institutional Equities की नई रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने पहली बार कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Sell’ रेटिंग दी है।

Kotak ने शेयर के लिए 10,300 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह गुरुवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 40.8% की संभावित गिरावट दिखाता है।

कंपनी की खूबियां भी गिनाईं

Kotak ने माना कि Solar Industries देश की सबसे बड़ी निजी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी है। साथ ही यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती डिफेंस कंपनियों में भी शामिल है।

कंपनी सिर्फ विस्फोटक ही नहीं बनाती। इसके पोर्टफोलियो में इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव, हाई-एनर्जी मैटेरियल, पिनाका रॉकेट सिस्टम, लोइटरिंग म्यूनिशन और गोला-बारूद जैसे कई डिफेंस प्रोडक्ट भी शामिल हैं।

ग्रोथ को लेकर क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच कंपनी का PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) सालाना औसतन 28% (CAGR) की दर से बढ़ सकता है।

इसके पीछे कई वजहें हैं। डिफेंस कारोबार में करीब 35% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, 10 देशों में फैले अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 26% CAGR की उम्मीद है। इसके अलावा बिजनेस मिक्स बेहतर होने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हो सकता है।

फिर ‘Sell’ रेटिंग क्यों दी?

इतनी मजबूत ग्रोथ का अनुमान होने के बावजूद Kotak ने शेयर खरीदने की सलाह नहीं दी। उनसे इसका कारण भी बताया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है। अभी Solar Industries का शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित मुनाफे के करीब 55 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेशकों को जोखिम के मुकाबले आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना कम दिखती है।

कौन-कौन से जोखिम हैं?

Kotak ने कंपनी के सामने कुछ अहम चुनौतियों का भी जिक्र किया है। माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग में उतार-चढ़ाव का असर कारोबार पर पड़ सकता है। सरकारी डिफेंस ऑर्डर एक साथ और अनियमित तरीके से मिलते हैं, इसलिए कमाई में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

इसके अलावा एक्सप्लोसिव कारोबार से जुड़े नियामकीय नियम, MALE UAV और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी नई डिफेंस टेक्नोलॉजी में विस्तार से जुड़े जोखिम भी मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि कंपनी के करीब 35% रेवेन्यू विदेशी बाजारों से आते हैं। वहीं, डिफेंस ऑर्डर बुक का भी बड़ा हिस्सा निर्यात पर निर्भर है। ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है।

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयर गुरुवार को 3.26% की गिरावट के साथ 17,385 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में इसने 31.79% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल के दौरान इसने 980% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.57 लाख करोड़ रुपये है।

Stock Split: 5 साल में 1200% रिटर्न, अब 5 छोटे टुकड़ों में टूटेगा शेयर; 20 जुलाई है रिकॉर्ड डेट

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TCS Dividend: हर शेयर पर ₹12 का डिविडेंड देगी टाटा की टीसीएस, रिकॉर्ड डेट भी तय

TCS Dividend: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने पहली तिमाही के नतीजों के साथ 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। डिविडेंड का भुगतान 31 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

इससे पहले मार्च 2026 तिमाही में TCS ने 31 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। वहीं जनवरी 2026 में कंपनी ने 11 रुपये का अंतरिम डिविडेंड और 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड मिलाकर कुल 57 रुपये प्रति शेयर का भुगतान किया था।

पिछले 5 साल में कितना डिविडेंड दिया?

सालडिविडेंड
कुल भुगतान (₹/शेयर)

2021₹6 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹15 फाइनल₹35
2022₹7 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹22 फाइनल₹45
2023₹8 अंतरिम + ₹67 स्पेशल + ₹9 अंतरिम + ₹9 अंतरिम + ₹24 फाइनल₹108
2024₹9 अंतरिम + ₹18 स्पेशल + ₹10 अंतरिम + ₹10 अंतरिम + ₹28 फाइनल₹75
2025₹10 अंतरिम + ₹66 स्पेशल + ₹11 अंतरिम + ₹11 अंतरिम + ₹30 फाइनल₹128

पिछले पांच वर्षों में TCS ने कुल 457 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है। इस दौरान कंपनी ने 2022 और 2023 में शेयर बायबैक भी किए थे।

तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर करीब 14% और पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% अधिक है। ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा।

कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13,349 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4.61% ज्यादा है। वहीं कंपनी ने बताया कि उसका नेट इनकम 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये हो गया।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

जून तिमाही के दौरान TCS ने 9,200 से ज्यादा नए कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS का शेयर गुरुवार को लगभग 2,048 रुपये के आसपास सपाट बंद हुआ। हालांकि, दिन में कारोबार के दौरान यह 2% तक गिर गया था।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Split: 5 साल में 1200% रिटर्न, अब 5 छोटे टुकड़ों में टूटेगा शेयर; 20 जुलाई है रिकॉर्ड डेट

सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा मई महीने में की गई थी और रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जांएगे।

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1970 में हुई थी। कंपनी के 800 से ज्यादा कर्मचारी हैं। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड कास्टिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर की एक प्रमुख भारतीय कंपनी है। इसकी वैश्विक स्तर पर भी अच्छी-खासी मौजूदगी है। यह इंजीनियरिंग जरूरतों के लिए एक ही जगह पर सभी समाधान उपलब्ध कराती है, जैसे कि कास्टिंग, फोर्जिंग, फैब्रिकेशन, मशीनिंग, असेंबली और इक्विपमेंट बनाना। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का शेयर 9 जुलाई को बीएसई पर 518.75 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 425 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Simplex Castings का शेयर 2 साल में लगभग 150 प्रतिशत मजबूत

शेयर की कीमत एक साल में 33 प्रतिशत और 2 साल में 146 प्रतिशत उछली है। 3 साल में यह 980 प्रतिशत और 5 साल में लगभग 1200 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.39 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 623.50 रुपये और एडजस्टेड लो 356.60 रुपये है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में Simplex Castings का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 54.76 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6.18 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 202.90 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 21.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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ये स्टॉक भी होने वाले हैं स्प्लिट

स्टेनलेस स्टील सेक्टर की कंपनी मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड और केमिकल सेक्टर की कंपनी इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टॉक भी स्प्लिट होने जा रहा है। मंगलम वर्ल्डवाइड का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

वहीं इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट रहा है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। कंपनी कम्पैटिबल कलर कॉपियर टोनर के मामले में भारत की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर होने का दावा करती है। इसने 1992 में मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी। प्रोडक्ट्स में लेजर टोनर, कलर टोनर, कॉपियर/डिजिटल टोनर, वाइड फॉर्मेट कॉपियर एंड प्रिंटर टोनर शामिल हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹5 लाख करोड़ की बारिश, Sensex में लौटी तेजी, Nifty उछलकर 24135 पर बंद

Sensex-Nifty closes green: एक कारोबारी दिन पहले ढहते मार्केट में जब सेंसेक्स और निफ्टी 2% से अधिक टूटे थे तो विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे कारोबारी दिन ताबड़तोड़ खरीदारी की थी। आज इसका मार्केट पर पॉजिटिव असर दिखा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 800 प्वाइंट्स से अधिक उछल गया तो निफ्टी भी 24100 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 में 1% से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी आई।

इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹5 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹5 लाख करोड़ से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 238.22 प्वाइंट्स यानी 0.31% की बढ़त के साथ 76,741.82 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.75 प्वाइंट्स यानी 0.34% की मजबूती के साथ 23,962.80 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 823.05 प्वाइंट्स उछलकर 77,326.65 और निफ्टी 252.65 प्वाइंट्स चढ़कर 24,134.70 तक आ गया था।

₹5.67 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 08 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,70,67,521.74 करोड़ था। आज यानी 09 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,76,34,922.98 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹5,67,401.242 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 20 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज सन फार्मा, बजाज फिनसर्व और भारती एयरटेल में आई। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज मारुति, इंफोसिस और एनटीपीसी में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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111 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4416 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2915 शेयर आज मजबूत हुए तो 1323 में गिरावट रही जबकि 178 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 111 शेयर एक साल के हाई और 79 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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आज इन वजहों से मार्केट में छाई रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।