Silver Price Today:दशहरे के दिन क्या है चांदी का रेट? दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु समेत इन शहरों की कीमतें देखें

Silver Price Today: देश में चांदी की कीमतों में दबाव जारी है। 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर अलग-अलग शहरों में चांदी का भाव में नरमी आई है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 2.15 लाख रुपये प्रति किलो पर है। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमत 2,30,000 रुपये प्रति किलो पर है।

दशहरे के कारण घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) में आज कारोबार बंद है। लेकिन इससे पहले तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा घटकर 209825 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,09,828 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियंस के मुताबिक चांदी की कीमत 2,10,260 रुपये किलो हो गई। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 57.30 डॉलर प्रति औंस हो गई।

कहां है निवेशकों की नजर

निवेशक अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग 27-28 अक्टूबर को है। सितंबर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने अपनी बेंचमार्क ओवरनाइट ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद ये 3.75%-4.00% की रेंज में आ गईं।

भारत में कीमतें अंतरराष्ट्रीय बुलियन (सोना-चांदी) के रुझानों, USD/INR मुद्रा की चाल, और त्योहारों के दौरान होने वाली भारी खरीदारी की उम्मीदों से तय होती हैं। आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 20 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

 शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,30,000
मुंबई₹ 2,30,000
कोलकाता₹2,30,000
चेन्नई₹2,40,000
लखनऊ₹2,30,000
पटना₹2,30,000
जयपुर₹2,30,000
अहमदाबाद₹2,30,000
पुणे₹2,30,000
बेंगलुरु₹ 2,30,000
हैदराबाद₹2,30,000
भोपाल₹2,30,000
चंडीगढ़₹2,30,000
नोएडा₹2,30,000
गुरुग्राम₹2,30,000

बाजार जानकार का कहना है कि पिछले हफ्ते $55.40 के निचले स्तर पर सपोर्ट मिलने के बाद, चांदी (सिल्वर) एक अहम मोड़ पर है। अब आगे की चाल से यह तय होने की संभावना है कि क्या मंदी का रुझान (bearish trend) जारी रहेगा या फिर इसमें कोई रिकवरी (countertrend recovery) देखने को मिलेगी।

चांदी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

चांदी खरीदने से पहले उसकी शुद्धता, वजन और पक्का बिल जरूर जांचें। 999 शुद्धता वाली चांदी में 99.9 प्रतिशत चांदी होती है, जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर में 92.5 प्रतिशत चांदी होती है। गहनों की कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू GST भी जुड़ सकता है।

Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ा

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Commodity Cornor: क्रूड में नरमी से महंगाई की चिंता हुई कम , यील्ड में गिरावट से सोने को मिला सहारा

सोने की कीमतों में स्थिरता रही। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने सोने को और सहारा दिया। शाम के सत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) लगभग 4,165 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव से 0.09 प्रतिशत बढ़कर 4,185 डॉलर प्रति औंस (12:40 GMT) के करीब पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप, घरेलू बाजार में MCX पर हाजिर सोना शाम के सत्र में 1,45,353 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि 4 दिसंबर की डिलीवरी के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.08 प्रतिशत गिरकर 1,47,793 रुपये प्रति 10 ग्राम (18:16 IST) पर आ गया।

LKP सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “सोने में काफी हद तक स्थिरता रही। 4,190 डॉलर के ऊपरी स्तरों से प्रॉफिट बुकिंग के बाद, यह कॉमेक्स (Comex) सोने के रुझान का अनुसरण कर रहा है। 4,200 डॉलर का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस (बाधा) बना हुआ है, जबकि डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से सोने में तेजी सीमित हो रही है।”

डॉलर इंडेक्स 0.09 फीसदी बढ़कर 101.93 पर कारोबार कर रहा था, जबकि फ्यूचर्स ट्रेड में ब्रेंट क्रूड 1.17 प्रतिशत गिरकर 108.58 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

PL कैपिटल के कमोडिटी प्रमुख आशीष राजोदिया ने कहा, “अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है और यील्ड कम रहती है, तो सोने और चांदी में रिकवरी जारी रह सकती है। हालांकि, अगर तेल की कीमतों में फिर से उछाल आता है या फेड (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) की ओर से कोई सख्त रुख (hawkish signal) देखने को मिलता है, तो सोने की ये बढ़त खतरे में पड़ सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि बाजार अब यह मानकर चल रहा है कि 27-28 अक्टूबर की बैठक में फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। “अब सबकी नजरें फेड के बयान के लहजे और महंगाई के आंकड़ों के अगले दौर पर टिकी हैं।” ओम्निसिएंस कैपिटल के CEO विकास गुप्ता का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक सोने के बड़े खरीदार हैं, लेकिन साथ ही कुछ बड़े विक्रेता भी हो सकते हैं जो सोना बेच रहे हैं, जिससे सोने की कीमतें नियंत्रित बनी हुई हैं।

गुप्ता ने कहा, “भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आने वाला है। आमतौर पर इससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि, फेड (Fed) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए, वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। भारत में त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है, लेकिन उसके बाद कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।”

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Holiday: आज, 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर शेयर बाजार बंद; MCX पर भी नहीं होगी ट्रेडिंग

आज, 20 अक्टूबर को देश विजयादशमी (दशहरा) का त्योहार मना रहा है। अधर्म पर धर्म की जीत के इस पर्व पर देश में बैंक, स्कूल, सरकारी ऑफिस समेत कई अन्य संस्थान बंद हैं। शेयर बाजारों में भी छुट्टी है, यानि कि BSE और NSE पर ट्रेडिंग नहीं होगी। शेयर बाजार और MCX हर शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी इनमें छुट्टी रहती है। 20 अक्टूबर को कमोडिटीज में ट्रेडिंग के प्लेटफॉर्म MCX (Multi Commodity Exchange) में दशहरा पर सुबह के सेशन में छुट्टी है। लेकिन शाम को 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक का सेशन ओपन है।

BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स, NDS-RST में ट्रेडिंग हॉलिडे है। लेकिन कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) सेगमेंट में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन है।

इसी तरह NSE में भी इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स, सेगमेंट्स में मंगलवार को छुट्टी है। कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में छुट्टी है लेकिन शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन है।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार बंद

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

Muhurat Trading: दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग का हुआ ऐलान, दोपहर 2:20 बजे से खुलेगा बाजार

शनिवार/रविवार को पड़ रहे त्योहार

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: चांदी की चमक बढ़ी या हुई सस्ती? जानें आपके अपने शहर में आज का सिल्वर रेट

Silver price Today: देश में चांदी की कीमत और नीचे आ गई है। 19 अक्टूबर की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते सप्ताह चांदी का भाव 13,500 रुपये नीचे आया। MCX पर चांदी का वायदा भाव 758 रुपये यानी 0.36 प्रतिशत बढ़कर 2,11,418 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,10,660 रुपये पर बंद हुआ था। बुलियंस के मुताबिक चांदी 2,11,840 रुपये प्रति किलो और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 57.52 डॉलर प्रति औंस पर है।

हाई से अब इतनी सस्ती Silver 

बीते पांच कारोबारी दिनों में चांदी की वायदा कीमत में आई गिरावट के बाद अब Silver अपने लाइफ टाइम हाई से और भी ज्यादा सस्ती हो गई है. बता दें जनवरी महीने में वायदा चांदी का भाव अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बात 4 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर के पार निकली थी और इसने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का हाई लेवल छुआ था लेकिन इसके बाद चांदी की कीमत ज्यादातर दिनों क्रैश होती नजर आई और ताजा गिरावट के बाद तुलना करें, तो Silver Price अपने हाई लेवल से 2,08,630 रुपये किलो कम हो चुका है

आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 16 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,29,900
मुंबई₹ 2,29,900
कोलकाता₹2,29,900
चेन्नई₹2,39,900
लखनऊ₹2,29,900
पटना₹2,29,900
जयपुर₹2,29,900
अहमदाबाद₹2,29,900
पुणे₹2,29,900
बेंगलुरु₹ 2,29,900
हैदराबाद₹2,29,900
भोपाल₹2,29,900
चंडीगढ़₹2,29,900
नोएडा₹2,29,900
गुरुग्राम₹2,29,900

कीमतों में दबाव क्यों

अमेरिकी मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) में बढ़ोतरी के कारण फेड द्वारा ब्याज दरों में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है, जिससे चांदी (XAG) पर दबाव कायम है। अमेरिकी डॉलर में हालिया गिरावट से चांदी की कीमतों में कुछ सुधार आ सकता है, लेकिन ऊर्जा की ऊंची लागत और ब्याज दरें और बढ़ने का जोखिम इस सुधार को सीमित कर सकता है।

बाजार जानकारों का कहना है कि चांदी के आउटलुक को मजबूत करने के लिए इसे $50-$55 के सपोर्ट ज़ोन पर टिके रहना होगा और $60 के स्तर को पार करना होगा।

चांदी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

चांदी खरीदने से पहले उसकी शुद्धता, वजन और पक्का बिल जरूर जांचें। 999 शुद्धता वाली चांदी में 99.9 प्रतिशत चांदी होती है, जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर में 92.5 प्रतिशत चांदी होती है। गहनों की कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू GST भी जुड़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में मामूली बढ़त, जानिए आपके आपने शहर का ताजा भाव

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। आज बाजार की ओपनिंग काफी सुस्त हुई। कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिली है। MCX पर चांदी के भाव (Silver Price) चढ़कर ₹2.19 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली में चांदी की कीमत टूटकर 2,26,000 रुपये प्रति किलो (सभी टैक्स सहित) रह गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमत घटकर 2,35,000 रुपये प्रति किलो हो गई।

इंटरनेशनल बाजार में गिरी चांदी?

इंटरनेशनल मार्केट यानी Comex पर 14 अक्टूबर को सोने के दाम में तेजी देखी गई तो चांदी के दाम में गिरावट आई है। खबर लिखे जाने तक Comex पर सोना 0.26% तक चढ़ गया (Gold Price on Comex) और कीमत 4,188.10 डॉलर प्रति औस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.13% तक गिरे और ऐसे में कीमत 59.445 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

औद्योगिक मांग, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में उतार-चढ़ाव, ये सभी घरेलू स्तर पर चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। स्थानीय बाज़ार की स्थितियों के आधार पर अलग-अलग शहरों में कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।

आइए 13 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नज़र डालते हैं

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,35,000
मुंबई₹ 2,35,000
कोलकाता₹2,35,000
चेन्नई₹2,45,000
लखनऊ₹2,35,000
पटना₹2,35,000
जयपुर₹2,35,000
अहमदाबाद₹2,35,000
पुणे₹2,35,000
बेंगलुरु₹ 2,35,000
हैदराबाद₹2,35,000
भोपाल₹2,35,000
चंडीगढ़₹2,35,000
नोएडा₹2,35,000
गुरुग्राम₹2,35,000

क्या है एक्सपर्ट की राय

Giottus के CEO विक्रम सुब्बुराज ने कहा, “भारतीय निवेशकों के लिए करेंसी में उतार-चढ़ाव भी एक अहम फैक्टर होगा। रुपया कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को सहारा मिल सकता है, जबकि रुपया मजबूत होने से ग्लोबल कीमतों में गिरावट का असर और बढ़ सकता है।”

निवेशकों को किसी भी उछाल को ट्रेंड में बदलाव (ट्रेंड रिवर्सल) मानने से पहले डॉलर, US यील्ड और महंगाई के नए आंकड़ों पर भी नजर रखनी चाहिए।

पिछले दिन क्या रहा चांदी का वायदा भाव

कमजोर हाजिर मांग के बीच कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने से मंगलवार को वायदा कारोबार में चांदी की कीमत 296 रुपये की गिरावट के साथ 2,22,581 रुपये प्रति किग्रा रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्स्चेंज में चांदी के दिसंबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 296 रुपये यानी 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,22,581 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में चांदी की कीमत 0.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 60.59 डॉलर प्रति औंस हो गई। विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों की बिकवाली के कारण मुख्यत: चांदी वायदा कीमतों में गिरावट आई।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Outlook: शॉर्ट टर्म में इस कारण अहम रहेगी सोने-चांदी चाल, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या त्योहारों में बढ़ेंगे दाम

Gold Silver Outlook: सोने और चांदी की कीमतों में 13 अक्टूबर को स्थिरता देखने को मिली। अमेरिका के महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों की उम्मीदों और कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, दिसंबर के सोने के वायदा (futures) का भाव ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम था, जिसमें 0.01% की गिरावट आई। दिसंबर डिलीवरी के लिए चांदी के वायदा का कारोबार ₹2.22 लाख प्रति किलोग्राम पर हुआ, जिसमें 0.05% की गिरावट देखी गई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है क्योंकि बाज़ार अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य पर फिर से विचार कर रहे हैं। हालांकि ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से बुलियन (सोने-चांदी) को सहारा मिल सकता है, लेकिन बॉन्ड यील्ड का बढ़ना और डॉलर का मजबूत होना अभी भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।

लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त हो रही है, हालांकि मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता आगे की बढ़त को सीमित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि निवेशक महंगाई और फेड के अगले नीतिगत कदमों के बारे में नए संकेतों के लिए अमेरिका के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों का इंतज़ार कर रहे हैं।

कीमतों में उतार-चढ़ाव क्यों?

सोने और चांदी से कोई ब्याज आय नहीं मिलती है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है या बाज़ार को उम्मीद होती है कि ब्याज दरें ऊंची बनी रहेंगी, तो निवेशक ब्याज देने वाली संपत्तियों को ज़्यादा आकर्षक मान सकते हैं, जिससे बुलियन की कीमतों पर दबाव पड़ता है। इसके विपरीत, डॉलर का कमजोर होना और ब्याज दरों के कम रहने की उम्मीदें कीमती धातुओं को सहारा दे सकती हैं।

वेंचुरा (Ventura) में कमोडिटी हेड एन एस रामास्वामी ने कहा कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, क्योंकि कमजोर पेरोल आंकड़ों के बाद बाज़ार में अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई हैं। उन्होंने कहा कि साल के आखिर में और 2027 की पहली छमाही में ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें कीमतों पर असर डाल सकती हैं।

जियोपॉलिटिकल तनाव भी ऊर्जा की कीमतों पर असर डालकर बुलियन को प्रभावित कर रहे हैं। रामास्वामी ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई की चिंताओं और ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदों को और बढ़ा सकती हैं, जिससे सोने के लिए निकट भविष्य में चुनौतीपूर्ण माहौल बन सकता है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स में रिसर्च हेड, राजीव शरण ने कहा कि सोने की कीमतों पर सिर्फ़ जियोपॉलिटिकल घटनाओं के बजाय कच्चे तेल और अमेरिकी ब्याज दरों में बदलाव का ज़्यादा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कीमतों में और गिरावट आने पर त्योहारों के मौसम से पहले खरीदारी बढ़ सकती है।

निवेशकों को आगे किस चीज़ पर नजर रखनी चाहिए?

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े बुलियन (सोने-चांदी) की कीमतों के लिए निकट भविष्य में एक अहम कारक हैं। उम्मीद से ज़्यादा महंगाई से ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें मज़बूत हो सकती हैं, जबकि कम महंगाई के आंकड़े मॉनेटरी टाइटनिंग (मौद्रिक सख्ती) की चिंताओं को कम करके कीमतों को सहारा दे सकते हैं।

Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज ने कहा कि सोने और चांदी के लिए निकट भविष्य का आउटलुक सतर्कता वाला बना हुआ है। उन्होंने अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और महंगाई के आंकड़ों को नज़र रखने के लिए अहम कारक बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि करेंसी में उतार-चढ़ाव भी घरेलू बुलियन की कीमतों पर असर डालते हैं क्योंकि भारत अपना ज़्यादातर सोना और चांदी आयात करता है।

भारतीय खरीदारों के लिए, कमज़ोर रुपया आयातित बुलियन को महंगा बना सकता है, भले ही अंतरराष्ट्रीय कीमतें स्थिर हों या गिर रही हों। घरेलू कीमतें आयात शुल्क और स्थानीय मांग से भी प्रभावित होती हैं।

क्या त्योहारों का मौसम सोने को मिलेगा सहारा

धनतेरस और दिवाली से पहले गहनों की खरीदारी से घरेलू सोने की मांग को सहारा मिल सकता है, हालांकि रिटेल खरीदारी से कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी हो ज़रूरी नहीं है।

रामास्वामी को उम्मीद है कि दिवाली से पहले सोना ₹1.50 लाख से ₹1.65 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में ट्रेड करेगा, और त्योहारों की मांग के पीक समय के बाद इसमें कंसोलिडेशन (स्थिरता) हो सकता है। यह बाज़ार का एक अनुमानित आउटलुक है, न कि कीमतों की गारंटी वाली रेंज।

VT मार्केट्स के प्रिंसिपल एनालिस्ट डैनियल मुंडे ने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में साप्ताहिक निवेश से पता चलता है कि कुछ निवेशक कीमतों में गिरावट का इस्तेमाल अपनी पोजीशन बनाने और अनिश्चितता से बचाव (हेजिंग) के लिए कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि महंगाई के मज़बूत आंकड़े और ब्याज दरें बढ़ने की नई उम्मीदें रिकवरी को धीमा कर सकती हैं।

निवेशकों के लिए, शॉर्ट-टर्म रिबाउंड (अल्पकालिक उछाल) और दिशा में लगातार बदलाव के बीच का अंतर समझना ज़रूरी है। डॉलर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, महंगाई के आंकड़े, कच्चा तेल और निवेश का प्रवाह यह तय करने में मदद करेंगे कि सोना और चांदी रिकवर कर सकते हैं या दबाव में रहेंगे।

 

Gold- Silver price: सोना ₹1.50 लाख के नीचे, चांदी हुई सस्ती, अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold- Silver price: सोना ₹1.50 लाख के नीचे, चांदी हुई सस्ती, अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Gold- Silver price: घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई, क्योंकि डॉलर के मज़बूत होने का असर कीमती धातुओं पर पड़ा। ग्लोबल मार्केट में, कॉमेक्स (Comex) पर सोने के फ़्यूचर्स $4,200 प्रति औंस के आस-पास ट्रेड कर रहे थे, जबकि चांदी $60.50 प्रति औंस के आस-पास ट्रेड कर रही थी। घरेलू बाज़ार में, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फ़्यूचर्स खबर लिखे जाने के समय ₹1,49,450 प्रति 10 ग्राम के आस-पास ट्रेड कर रहे थे, जबकि चांदी के फ़्यूचर्स ₹2,22,650 प्रति किलोग्राम के आस-पास ट्रेड कर रहे थे।

मज़बूत शुरुआत के बाद सोने में गिरावट

सोने के फ़्यूचर्स की शुरुआत तेज़ी के साथ हुई। MCX पर, बेंचमार्क दिसंबर गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट ₹110 की बढ़त के साथ ₹1,49,653 प्रति 10 ग्राम पर खुला। पिछली क्लोजिंग ₹1,49,543 थी।

हालांकि, खबर लिखे जाने के समय, यह कॉन्ट्रैक्ट ₹73 की गिरावट के साथ ₹1,49,470 पर ट्रेड कर रहा था। सोने के फ़्यूचर्स ने इस साल की शुरुआत में ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था।

चांदी की चमक पड़ी फीकी

चांदी के फ़्यूचर्स भी मामूली बढ़त के साथ खुले। MCX पर, बेंचमार्क दिसंबर सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट ₹28 की बढ़त के साथ ₹2,22,905 प्रति किलोग्राम पर खुला। पिछली क्लोजिंग ₹2,22,877 थी। खबर लिखे जाने के समय, यह कॉन्ट्रैक्ट ₹224 की गिरावट के साथ ₹2,22,653 पर ट्रेड कर रहा था।चांदी के फ़्यूचर्स ने इस साल की शुरुआत में ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था।

ग्लोबल मार्केट में सोना चढ़ा, चांदी में नरमी

इंटरनेशनल मार्केट में सोने के फ़्यूचर्स तेज़ी के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि चांदी में मामूली गिरावट थी।कॉमेक्स पर, सोना $4,195.50 प्रति औंस पर खुला। पिछली क्लोजिंग कीमत $4,190.60 थी। खबर लिखे जाने के समय, यह $15.10 की बढ़त के साथ $4,205.70 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। इस साल की शुरुआत में सोने की कीमतें $5,586.20 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं।

कोमेक्स (Comex) सिल्वर फ्यूचर्स $60.55 प्रति औंस पर खुले। पिछली क्लोजिंग कीमत $60.51 थी। यह खबर लिखे जाने के समय, चांदी $0.03 गिरकर $60.48 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। इस साल की शुरुआत में चांदी की कीमतें $121.79 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं।

अब क्या बनाए निवेश ऱणनीति

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, तकनीकी रूप से सोने में नई बिकवाली का दबाव देखा जा रहा था। ओपन इंटरेस्ट 5.82 प्रतिशत बढ़कर 17,065 कॉन्ट्रैक्ट हो गया, जबकि कीमतें ₹1,956 गिर गई। सोने को ₹1,48,605 पर सपोर्ट मिल सकता है, और उसके बाद ₹1,47,665 पर। रेजिस्टेंस ₹1,51,040 पर देखा जा रहा है। अगर कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो सोना ₹1,52,535 की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, सपोर्ट से नीचे जाने पर गिरावट और गहरी हो सकती है। तकनीकी नजरिए से चांदी में भी नई बिकवाली का दबाव देखा जा रहा था। ओपन इंटरेस्ट 4.24 प्रतिशत बढ़कर 17,605 कॉन्ट्रैक्ट हो गया, जबकि कीमतें ₹2,878 गिर गईं।

चांदी को ₹2,21,735 पर सपोर्ट मिल सकता है, और उसके बाद ₹2,20,585 पर। रेजिस्टेंस ₹2,24,950 पर देखा जा रहा है। अगर कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो चांदी ₹2,27,015 की ओर बढ़ सकती है। सपोर्ट से नीचे जाने पर मौजूदा गिरावट का ट्रेंड और मजबूत हो सकता है।

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन भी चांदी गिरी, जानिए आपके आपने शहर का ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन भी चांदी गिरी, जानिए आपके आपने शहर का ताजा भाव

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन भी चांदी की कीमतो में गिरावट देखने को मिली। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत गिरकर 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमत 2,40,000 रुपये प्रति किलो हो गई।

आज बाजार ओपन होने से पहले तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 1.24% घटकर यानी 2805 रुपये गिरावट के साथ 2,22,950 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,25,755 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियंस के मुताबिक चांदी की कीमत 2,23,280 रुपये किलो हो गई। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 60.37 डॉलर प्रति औंस हो गई।

औद्योगिक मांग, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में उतार-चढ़ाव, ये सभी घरेलू स्तर पर चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। स्थानीय बाज़ार की स्थितियों के आधार पर अलग-अलग शहरों में कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।

आइए 13 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नज़र डालते हैं

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,39,900
मुंबई₹ 2,39,900
कोलकाता₹2,39,900
चेन्नई₹2,44,900
लखनऊ₹2,39,900
पटना₹2,39,900
जयपुर₹2,39,900
अहमदाबाद₹2,39,900
पुणे₹2,39,900
बेंगलुरु₹2,39,900
हैदराबाद₹2,39,900
भोपाल₹2,39,900
चंडीगढ़₹2,39,900
नोएडा₹2,39,900
गुरुग्राम₹2,39,900

चांदी में गिरावट क्यों

डॉलर मजबूत होने की वजह से चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं आ पा रही है। वहीं, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर है, जिनसे यह संकेत मिलेगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों में क्या बदलाव कर सकता है।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स करीब 18 महीने के ऊंचे स्तर पर है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में तेजी सीमित हो रही है। सोने और चांदी की कीमतों पर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड की ब्याज दरों का सीधा असर पड़ता है। डॉलर मजबूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। वहीं, ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने के बजाय ऐसे विकल्पों में पैसा लगाना पसंद कर सकते हैं, जिनसे ब्याज मिलता है।

दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी बाजार को प्रभावित कर रही हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो दो सप्ताह के ऊंचे स्तर के करीब है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है।

अब कहां रखें नजर

आने वाले दिनों में अमेरिका के महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व के बयान, डॉलर की चाल और अमेरिकी बॉन्ड की ब्याज दरें सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले सप्ताह फेडरल रिजर्व के सख्त रुख, मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड की ऊंची ब्याज दरों से सोने-चांदी पर दबाव पड़ा था। हालांकि, ईरान के साथ बातचीत में प्रगति से जुड़ी टिप्पणियों के बाद तेल की कीमतों और महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई, जिससे बाजार के माहौल में सुधार आया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price: MCX पर सोने-चांदी में बढ़त, क्या आज की तेजी हालिया गिरावट को करेगी खत्म, एक्सपर्ट्स से जानें अब क्या करें निवेश

Gold Silver Price: घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई तेजी, US ट्रेजरी यील्ड में कमी और कमजोर डॉलर से कीमतों को सपोर्ट मिला है । हालांकि, महंगाई की चिंताएं और US फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर नजरिया निवेशकों के लिए अहम बातें बनी हुई हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,690 या 1.13% बढ़कर ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स ₹3,626 या 1.64% बढ़कर ₹2.24 लाख प्रति किलोग्राम हो गया।

PTI के अनुसार, इंटरनेशनल बाजारों में गोल्ड फ्यूचर्स 1.43% बढ़कर $4,191.51 प्रति औंस हो गया, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स 2.16% बढ़कर $60.44 प्रति औंस हो गया।

कीमतों में तेजी क्यों?

शुक्रवार को US ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर में गिरावट से कीमती धातुओं को सहारा मिला। सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता है, इसलिए जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो यह कम आकर्षक होता है और जब यील्ड कम होती है तो यह अधिक आकर्षक हो जाता है।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में कमोडिटीज और करेंसी की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि US में 30 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की नीलामी से लॉन्ग-टर्म यील्ड ऊंचे स्तरों से नीचे आ गई, जिससे सोने की कीमतों को राहत मिली।

उन्होंने ईरान पर संभावित हमले को टालने और बातचीत को प्रोडक्टिव बताने के बारे में US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों के बाद तेल की कीमतों में नरमी का भी जिक्र किया। तेल की कीमतें बुलियन मार्केट के लिए मायने रखती हैं क्योंकि एनर्जी की लागत महंगाई की उम्मीदों और ब्याज दरों के फैसलों पर असर डाल सकती है।

निवेश की मांग से भी अतिरिक्त सहारा मिला है। नार्वेकर ने कहा कि इस हफ्ते ग्लोबल गोल्ड ETF होल्डिंग्स में 0.3% की बढ़ोतरी हुई, जिससे उनकी बढ़त लगातार 12वें हफ्ते भी जारी रह सकती है। सेंट्रल बैंक की खरीदारी से भी सहारा मिला है।

क्या सोना अपनी रिकवरी बनाए पाएगा?

सोना $4,100 प्रति औंस के स्तर से सुधरा है, जिसे नार्वेकर ने एक अहम सपोर्ट लेवल बताया था। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महंगाई की चिंताएं बनी रहती हैं, तो यह तेजी कम समय के लिए हो सकती है। उन्होंने $4,220 प्रति औंस (जो घरेलू स्तर पर लगभग ₹1,52,000 के बराबर है) के आसपास तुरंत रेजिस्टेंस और $4,300 प्रति औंस (या लगभग ₹1,55,400) के पास मज़बूत रेजिस्टेंस की पहचान की।

VT मार्केट्स के सीनियर मार्केट एनालिस्ट (APAC) जस्टिन खू ने कहा कि सितंबर की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की मीटिंग के मिनट्स से पता चला है कि 18 में से 16 अधिकारियों को उम्मीद थी कि 2026 में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होगी, ताकि महंगाई को फेडरल रिज़र्व के 2% के लक्ष्य से लगातार ऊपर जाने से रोका जा सके।

हालांकि, खू ने कहा कि उम्मीद से कम पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई और कमज़ोर रोज़गार डेटा ने अक्टूबर में तुरंत ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को कम कर दिया है। 14 अक्टूबर को आने वाली सितंबर की US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) रिपोर्ट से महंगाई और फेड के अगले कदम के बारे में और संकेत मिलेंगे।

ब्याज दरें बढ़ने से सोने पर दबाव पड़ सकता है क्योंकि इससे बिना रिटर्न देने वाली एसेट को रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट बढ़ जाती है। इसलिए, निवेशक महंगाई के डेटा और बॉन्ड यील्ड पर नज़र रखेंगे ताकि यह पता चल सके कि शुक्रवार की रिकवरी जारी रह सकती है या नहीं।

चांदी में निवेश के लिए किन बातों का रखें ध्यान

शुक्रवार को चांदी की कीमतों में भी तेज़ी आई, लेकिन इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव ज़्यादा हो सकता है क्योंकि यह मेटल निवेश की मांग और औद्योगिक इस्तेमाल, दोनों से प्रभावित होता है।

Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज ने ₹2.19 लाख–₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम को एक अहम सपोर्ट ज़ोन और ₹2.24 लाख को चांदी के रिकवर करने के लिए पहला ज़रूरी लेवल बताया। शुक्रवार की तेज़ी ने कॉन्ट्रैक्ट को उस लेवल से ऊपर पहुंचा दिया।

गुरुवार (8 अक्टूबर) को कीमतों में इंट्राडे के दौरान जो तेज़ी से उतार-चढ़ाव देखे गए, वे भी अस्थिरता के जोखिम को दिखाते हैं। रिकवरी के दौरान चांदी में तेज़ी से उछाल आ सकता है, लेकिन निवेशकों को उतनी ही तेज़ी से गिरावट की संभावना को भी ध्यान में रखना चाहिए।

रुपये का घरेलू कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?

भारत में सोने और चांदी की कीमतें न केवल अंतरराष्ट्रीय दरों पर, बल्कि रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती हैं। रुपया कमज़ोर होने से डॉलर में कीमत वाली चीज़ों को आयात करने की लागत बढ़ जाती है और इससे घरेलू कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि रुपये की कमजोरी से इम्पोर्ट की गई चीज़ों की घरेलू लागत बढ़ रही है। 9 अक्टूबर के उनके मार्केट अपडेट में यह भी बताया गया कि डॉलर की मजबूती में कमी कीमती धातुओं के लिए मददगार साबित हो रही है, जबकि तेल बाज़ार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

सिर्फ़ शुक्रवार की बढ़त से यह साबित नहीं होता कि बुलियन (सोने-चांदी) में हालिया कमजोरी खत्म हो गई है। सोने के लिए, अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने रहना और नार्वेकर द्वारा बताए गए रेजिस्टेंस लेवल को पार करना ज़रूरी होगा। चांदी में निवेश करने वालों को इसके सपोर्ट ज़ोन और कीमतों में होने वाले बड़े उतार-चढ़ाव पर खास ध्यान देना चाहिए।

जो लोग योजना बनाकर फिजिकल सोना खरीद रहे हैं, वे एक ही ट्रेडिंग सेशन के आधार पर फैसला लेने के बजाय समय के साथ-साथ खरीदारी करने पर विचार कर सकते हैं। जो निवेशक गोल्ड और सिल्वर ETF का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अपने पोर्टफोलियो एलोकेशन, निवेश की अवधि और उतार-चढ़ाव सहने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।

Silver Price Today: ₹2700 और महंगी हुई चांदी, खरीदारी से पहले जानें आपके अपने शहर का ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: दिल्ली-मुंबई से सस्ता सोना मिल रहा यहां, लगातार दूसरे दिन बढ़ी चमक, चेक करें 24 से 18 कैरट का भाव

Gold Rate Today in India: कच्चे तेल की नरमी ने गोल्ड की चमक बढ़ाई है। लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद लगातार दूसरे दिन आज इसके भाव ऊपर चढ़े हैं। इन दो दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹1050 और 22 कैरट वाला ₹960 महंगा हुआ है। इसमें से आज 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 और 22 कैरट वाला ₹10 ऊपर चढ़ा है। चांदी की बात करें तो इंडस्ट्रियल डिमांड की सुस्ती से लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज इसकी चमक फीकी पड़ी है और एक किलो चांदी ₹100 नीचे आई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,50,380₹1,37,860₹1,12,830
मुंबई₹1,50,230₹1,37,710₹1,12,680
कोलकाता₹1,50,230₹1,37,710₹1,12,680
चेन्नई₹1,49,010₹1,36,590₹1,11,190
बेंगलुरू₹1,50,230₹1,37,710₹1,12,680
हैदराबाद₹1,50,230₹1,37,710₹1,12,680
लखनऊ₹1,50,380₹1,37,860₹1,12,830
पटना₹1,50,280₹1,37,760₹1,12,730
जयपुर₹1,50,380₹1,37,860₹1,12,830
अहमदाबाद₹1,50,280₹1,37,760₹1,12,730

छह दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज सस्ती हुई है। इससे पहले लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद 1 अक्टूबर को एक किलो चांदी ₹5 हजार नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो आज 7 अक्टूबर को दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों में मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। वहीं चेन्नई में एक किलो चांदी ₹2,44,900 के भाव में बिक रही है यानी कि चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर होंगी नजरें

इस समय मार्केट की नजर केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों पर है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर आमतौर पर सोने की चमक फीकी पड़ती है। डॉलर में मजबूती का भी निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ता है क्योंकि इससे दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। 7 अक्तूबर को आरबीआई अपनी मौद्रिक पॉलिसी पेश करेगा। इस महीने के अंत में फेडरल रिजर्व अपनी पॉलिसी पेश करेगा।

Gold silver Price: MCX पर सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, एक्सपर्ट्स से जानें अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।