Hot Stocks : IT शेयरों के दम पर आज बाजार में तेजी की रफ्तार कायम दिख रही है। निफ्टी 130 अंक चढ़कर 24150 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी 250 प्वाइंट से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रौनक है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 4% फिसलकर 13 के नीचे आ गया है। इससे तेजड़ियों को रात मिली है। IT शेयरों में आज 5 साल के निचले स्तरों से जोरदार रिवर्सल आया है। निफ्टी IT INDEX करीब 4% उछला है। इंफोसिस और HCL TECH 4% उछाल के साथ निफ्टी के टॉप गेनर बने हैं। साथ ही कोफोर्ज और परसिस्टेंट 5% उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। इसके अलावा मेटल शेयरों में भी तेजी है। लेकिन कैपिटल गुड्स और डिफेंस में हल्का दबाव है।
आज क्या हो रणनीति
निफ्टी व्यू
बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि मार्केट में साफ तौर पर एक अच्छा रिवर्सल देखने को मिला है। सीरीज के पहले दिन ही कल हमें अच्छा रिवर्सल देखने को मिल। 90% इंडेक्स फ्यूचर्स में शॉर्ट दिख रहा है एफआई से भी काफी अच्छा सेंकेत देखने को मिल रहा है। जहां तक एक्सपायरी की बात है जो कि निफ्टी की एक्सपायरी मंगलवार को और सेंसेक्स की एक्सपायरी आज है। ओवरऑल ऐसा लग रहा है कि मोमेंटम पॉजिटिव ही रहेगा।
निफ्टी के लिए 23,800-23,700 पर स्ट्रांग सपोर्ट बना हुआ है। 24100 के ऊपर जाने पर हमें मार्केट में फ्रेश ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। निफ्टी जब तक 23,800 के ऊपर है हमें बाय ऑन डिप्स की रणनीति पर कायम रहना चाहिए। निफ्टी में हमें 24,100- 24,200 के टारगेट्स देखने को मिल सकते हैं। बॉयर्स को पॉजिटिव व्यू के साथ गिरावट पर खरीदारी की सलाह रहेगी।
बैंक निफ्टी व्यू
यही व्यू बैंक निफ्टी पर भी है। बैंक निफ्टी में भी एक एक्सीलेंट ब्रेकआउट नजर आ रहा है। बैंक निफ्टी यहां से 58,400 से 58,8500 तक के लेवल पर है। इसने 57,600 के आसपास अच्छा सपोर्ट बनाया है। अगर बैंक निफ्टी में हल्की-फुल्की गिरावट आती है तो 57,600 का स्टॉप लॉस लगा कर खरीदारी करना चाहिए। इसमें हमें 58,400 से 58,8500 तक के टारगेट्स देखने को मिल सकते हैं।
अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर
अरुण कुमार मंत्री ने आज के लिए दो स्टॉक्स सुझाए हैं। दोनों बॉय साइड से हैं और दोनों आज के अच्छे सेक्टर्स में से है। पहला स्टॉक कैपिटल मार्केट थीम से HDFC AMC है। इसमें एक एक्सीलेंट ब्रेकआउट देखने को मिला है। कल इसकी 2740 रुपए के ऊपर क्लोजिंग हुई थी। इसमें करंट लेवल के आसपास खरीदारी करने की सलाह है। 2702 का स्टॉप लॉस रहेगा। इसमें 2819 रुपए तक के टारगेट्स आ सकते हैं।
दूसरा स्टॉक डिफेंस स्पेस से मझगांव डॉक है। इसमें भी अच्छा मोमेंटम है। स्टॉक 2530 के आसपास चल रहा है। इसमें 2481 रुपए का स्टॉप लॉस लगा कर खरीदारी करने की सलाह है। स्टॉक में 2623 रुपए के टारगेट देखने को मिल सकते हैं।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Share Market Rally: इस वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के दूसरे दिन भी मार्केट में शानदार रौनक है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ी तो कच्चे तेल फिसल गया और मार्केट में रौनक छा गई। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप आधे-आधे फीसदी मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:25 AM पर सेंसेक्स 295.10 प्वाइंट्स यानी 0.38% की बढ़त के साथ 77,217.74 और निफ्टी 50 भी 89.45 प्वाइंट्स यानी 0.37% की बढ़त के साथ 24,095.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 526.61 प्वाइंट्स चढ़कर 77,449.25 और निफ्टी 153.60 प्वाइंट्स उछलकर 24,159.45 तक पहुंचा था।
Share Market Rally: ये है वजह
अमेरिका-ईरान वार्ता
कतर का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है। यह रास्ता कच्चे तेल के लिए काफी अहम है क्योंकि युद्ध से पहले वैश्विक सप्लाई का पांचवा हिस्सा यहीं से होकर गुजरता था।
कच्चे तेल में गिरावट
लगातार तीसरे दिन कच्चे तेल में गिरावट ने मार्केट में रौनक बिखेरी है। अमेरिका और ईरान के बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर इस पर दबाव बढ़ा। ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक गिरकर प्रति बैरल $71 के नीचे आ गया को यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 1% से अधिक टूटकर प्रति बैरल $68 के नीचे आ गया।
रुपये की मजबूती
कच्चे तेल की गिरावट से रुपये को सपोर्ट मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 32 पैसे मजबूत 94.93 के भाव पर खुला।
India VIX में गिरावट
मार्केट को घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट में अनिश्चितता कम होने का संकेत दिया। फिलहाल यह 3.85% की गिरावट के साथ 12.73 पर है।
आईटी शेयरों की जोरदार खरीदारी
लगातार चार कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी आईटी ने आज जोरदार वापसी की और 3% से अधिक उछल पड़ा। फिलहाल सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन हैं लेकिन आईटी और मेटल को छोड़ सभी में 1% से कम तेजी है। निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की बढ़त है।
टेक्निकल आउटलुक
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंज जेम्स का कहना है कि अनुमान के मुताबिक कल की बढ़त 24000 के लेवल से आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन हाई VWAP से इसमें आगे तेजी का संकेत मिल रहा है। उनका कहना है कि निफ्टी को शुरुआत में 24170 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है लेकिन इसके 24600 तक पहुंचने की संभावना अधिक है। हालांकि यह बुलिश रुझान तब तक है, जब तक निफ्टी का 23,970 का लेवल बना रहे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी 24100 पर वापस आ गया है। निफ्टी में इंफोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज,TCS,टेक महिंद्रा ओर इटरनल टॉप गेनर्स में शामिल हैं। जबकि NTPC,पावर ग्रिड कॉर्प,बजाज फाइनेंस,भारती एयरटेल और ONGC टॉप लूजर्स में से हैं। पावर,कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। IT इंडेक्स लगभग 3% ऊपर है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
निफ्टी पर रणनीति
ऐसे में आज के लिए अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24097-24128 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24176-24209/24261 पर है। इसके लिए पहला बेस 23859-23910 पर और बड़ा बेस 23719/23766-23809 पर है। जैसा कल कहा था,नई सीरीज के पहले दिन काउंटर चाल दिखी। निफ्टी रजिस्टेंस-1 (24038) तक पहुंचा। FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली जारी रही। निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में भी बिकवाली रही। FIIs का नेट शॉर्ट 4000 बढ़कर 2.60 लाख हो गया। 24000 पर या 100DEMA के नीचे कंसोलिडेशन के संकेत हैं।
कच्चा तेल 71 डॉलर पर है। यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत है। फिलहाल रजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच ट्रेडिंग रेंज संभव है। 24000 पर ऑप्शन राइटर्स की मजबूत पकड़ है। बेस-1 पर 20 DEMA और 50 DEMA है। रजिस्टेंस-1 पर 100 DEMA है। इस रेंज में ऊपर बेचें, नीचे खरीदने की रणनीति रखें। निफ्टी IT कमजोर है। जबकि बैंक निफ्टी मजबूत है। 24128 के ऊपर रेंज ब्रेकआउट संभव है। 23809 के नीचे कमजोरी और बढ़ सकती है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58241-58423/58567 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58733-58839/59080 पर है। इसके लिए पहला बेस 57517 (10DEMA)-57710 पर है। बड़ा बेस 57710-57341 पर है। जैसा कहा था,बेस-1(10 DEMA)से शानदार रिवर्सल मिला। रेजिस्टेंस-1 का लक्ष्य भी हासिल हुआ। आखिरी घंटे में PSU बैंकों में जोरदार खरीदारी दिखी। मूविंग एवरजेज के क्लस्टर से मजबूत रिवर्सल आया। कच्चा तेल 71 डॉलर पर है। यह बैंकिंग के लिए बड़ा पॉजिटिव है। IT में कमजोरी के बीच,बैंक निफ्टी सबसे सुरक्षित दांव हो सकता है। 58000 पर कॉल-पुट की मजबूत पोजिशनिंग है। फिलहाल इंडेक्स 57710-58241 की रेंज में रह सकता है। 58241 के ऊपर निकलते ही 58567 तक तेजी की उम्मीद है। 58567 पर मजबूती की अगली बड़ी परीक्षा होगी। 58567 के ऊपर टिका तो रजिस्टेंस-2 का रास्ता खुलेगा फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना कम है। 57517-57438 के नीचे ही कमजोरी बढ़ेगी।
चकाचक चार्ट वाले शेयर
चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनका अदाणी एंटरप्राइजेज के फ्यूचर्स में 3152-3153 रुपए के आसपास, 3125 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 3220 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। एटरनल (जोमैटो) में भी इनकी 281.60 रुपए के ऊपर, 277 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 290 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Trading Plan : कुछ दिनों की प्रॉफिट बुकिंग के बाद पिछले सेशन में अच्छी रिकवरी के आई। निफ्टीअपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा। तेल की कीमतों में और गिरावट के साथ ही Nifty 50 के ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि,बाजार जानकारों का कहना है कि मोमेंटम इंडिकेटर पूरी तरह से इसके पक्ष में नहीं हैं और 24,200 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो यह 24,500-24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,900-23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,500-58,700 के जोन में रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। इस रेंज के ऊपर जाने पर ही 59,200-59,300 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए नीचे की तरफ,57,500 के लेवल पर सपोर्ट है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी एक सीमित दायरे में ही बना रहा। यह इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन से यह 24,000 के स्तर के आसपास ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। दायरे में उतार-चढ़ाव के बावजूद,शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है और इंडेक्स ने पूरे सेशन के दौरान मजबूती दिखाई है।
हालांकि,तेजी की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। हालांकि, जब तक निफ़्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है,तब तक तेजी का रुख जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ,इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन लगातार ऊपर की ओर बढ़ने की चाल जारी रख सकता है और निकट भविष्य में 24,200 या उससे भी ऊपर जा सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,500
अहम सपोर्ट: 23,800
स्ट्रैटेजी: 7 जुलाई की एक्सपायरी वाली Nifty 24,000 कॉल 152 रुपये पर खरीदें। स्टॉप-लॉस 120 रुपये और टारगेट 210 रुपये रखें।
रूपक डे का कहना है कि बैंक निफ्टी ने बुधवार का सेशन बढ़त के साथ खत्म किया और एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाया। यह निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाता है। इंडेक्स अभी भी एक कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है और अपने अहम मूविंग एवरेज (जैसे 20-दिन और 200-दिन के DMA) से ऊपर बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।
अपट्रेंड के नए दौर की पुष्टि के लिए 58,500 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। ऐसे में ट्रेडर्स मौजूदा दायरे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57,800 और 57,500 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,500 और 58,700 पर दिख रहा है।
अहम रेजिस्टेंस: 58,500, 58,700
अहम सपोर्ट: 57,800, 57,500
स्ट्रैटेजी: जुलाई एक्सपायरी का Bank Nifty 58,500 कॉल 795 रुपए के ऊपर खरीदें। स्टॉप-लॉस 680 रुपए और टारगेट 1,000 रुपए रखें।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138
डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465
बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।
इंडिया VIX
मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Stock Market News: कई महीनों तक किनारा बनाए रहने के बाद,रिटेल निवेशक भारतीय इक्विटी मार्केट में वापस लौट रहे हैं। जून तिमाही में इनकी खरीदारी में तेजी देखने को मिली है। यह लंबे समय तक सावधानी बरतने के बाद निवेशकों की सोच में आए बदलाव का संकेत है। NSE के डेटा के मुताबिक रिटेल निवेशकों ने जून में 14,088 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह इनकी तरफ से मई में 3,018 करोड़ रुपये और अप्रैल में 18,222 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए। पूरी जून तिमाही की बात करें तो उनकी कुल खरीदारी 35,328 करोड़ रुपये रही। यह दिसंबर 2024 की तिमाही के बाद उनकी सबसे बड़ी तिमाही खरीदारी है। दिसंबर तिमाह में उन्होंने लगभग 56,126 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
जून तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद रिटेल निवेशकों की तरफ से जमकर खरीदारी हुई।
2025 की शुरुआत से ही रिटेल निवेशक बाजार से दूरी बनाए हुए थे। उन्होंने 2025 में 25,615 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। जबकि 2026 के शुरुआती तीन महीनों में उन्होंने सिर्फ 2,750 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड,सौरभ जैन ने कहा कि यह खरीदारी सट्टेबाजी के लिए गिरावट पर की गई खरीदारी नहीं है,बल्कि यह साइड में पड़ी पूंजी का रणनीतिक और मैक्रो-आधारित निवेश है। ब्रॉडर मार्केट के हालात भी इस नजरिए का सपोर्ट करते हैं।
अप्रैल-जून तिमाही के दौरान,सेंसेक्स और निफ्टी में 6.3 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो पिछले चार तिमाहियों में उनकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। इस दौरान मेन इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 16.7 प्रतिशत बढ़ा,जो जून 2024 के बाद की इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त रही।
छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी
छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 24.5% की बढ़त हुई,जो जून 2020 के बाद से इसका सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा। BSE 250 माइक्रोकैप इंडेक्स भी 30% उछला,जो मार्च 2025 में इंडेक्स के शुरू होने के बाद से इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। जून तिमाही के दौरान BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 15% बढ़ा।
जैन ने आगे कहा कि फरवरी के आखिर में शुरू हुई मिडिल-ईस्ट जंग और उसके चलते तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के डर से निवेशकों का भरोसा शुरू में कमजोर हुआ था,लेकिन जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते ने एक बड़ी राहत का काम किया। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमत चार महीने के निचले स्तर $72 पर आ गई और एनर्जी शॉक प्रीमियम का असर भी कम हुआ।
बाजार को मिला पॉलिसी सपोर्ट
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया और केंद्र सरकार के 5 जून के बड़े पॉलिसी पैकेज से इस जियोपॉलिटिकल तनाव के असर को कम करने में काफी मदद मिली। इस पैकेज में FPI बॉन्ड निवेश पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स और विदहोल्डिंग टैक्स को हटाना,’फुल्ली एक्सेसिबल रूट’का विस्तार करना और लॉन्ग-टर्म FCNR फिक्स्ड डिपॉजिट व NRI इक्विटी निवेश के लिए बेहतर इंसेंटिव देना शामिल है।
उन्होंने आगे कहा कि इस पॉलिसी सपोर्ट ने FII की निकासी को रोका,रुपये को स्थिर किया और मैक्रो रिस्क को कम किया। इससे रिटेल निवेशकों को यह भरोसा मिला कि वे मार्केट में गिरावट(करेक्शन)का इस्तेमाल एंट्री के अच्छे मौकों के तौर पर कर सकते हैं और अपने कैश रिजर्व को व्यवस्थित तरीके से इक्विटी में फिर से लगा सकते हैं।
FIIs रहे नेट सेलर
बाजार जानकारों का कहना है कि इस तिमाही के ज्यादातर हिस्से में FIIs नेट सेलर बने रहे। उनकी बिकवाली मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर रहे। इसमें US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं और ग्लोबल स्तर पर रिस्क-ऑफ का माहौल शामिल है। यह भारत के घरेलू मार्केट के फंडामेंटल्स में किसी खराबी के बजाय ग्लोबल एसेट एलोकेशन में बदलाव को दिखाता है।
विदेशी निवेशकों की निकासी को घरेलू निवेशकों ने किया बेअसर
घरेलू निवेशकों से मिले जबरदस्त सपोर्ट के चलते विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बावजूद,भारतीय बाजार मजबूत बने रहे। म्यूचुअल फंड SIP के जरिए लगातार निवेश,घरेलू संस्थागत निवेशकों की जोरदार खरीदारी और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने FII की बिकवाली से बनी सप्लाई को संभाल लिया। इससे बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई और बाजार का ओवरऑल तेजी वाला ढांचा कायम रहा।
हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में आई मजबूत रिकवरी
चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि भले ही बेंचमार्क इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कई लार्ज-कैप और अच्छे मिड-कैप शेयरों ने अपने लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल (जैसे 100 डे और 200 डे मूविंग एवरेज) को बनाए रखा। हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में मजबूत रिकवरी आई, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक शेयर जमा (accumulate) कर रहे हैं,न कि बड़े पैमाने पर बेच रहे हैं। यह एक ऐसा प्राइस पैटर्न है जिसे आम तौर पर टेक्निकल नज़रिए से अच्छा माना जाता है।
डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
June 2026 has set the new retail benchmark for monthly EV sales. With 31,253 units delivered to buyers last month, June 2026 marks the first time that the EV segment in India has surpassed 30,000 monthly sales. While year-on-year retails have more than doubled to 106 percent (June 2025: 15,203 units), the month-on-month growth of 12 percent beats the previous best of May 2026 (27,977 units).
Tata Motors and Mahindra continue to power the Indian EV growth story. While Tata Motors sold over 10,000 units for the second month in a row and scaled a new high in June, Mahindra has registered 7,000 EV sales for the first time and crossed 6,000 units for two straight months. Maruti Suzuki, Vinfast India and BYD India also registered their highest monthly retails since their market entry. Let’s take a close look at the top players’ market performance in June 2026.
Tata Motors
June 2026: 12,023 units, up 125 percent YoY
Tata Motors maintains number one position in the market. In June 2026, Tata sold 12,023 EVs, up 125 percent YoY (June 2025: 5,355 units), marking the first time that it has surpassed 12,000 units and the second straight month of over 10,000 sales after the 10,865 units in May. This gives the company a 38 percent EV share, up three percentage points year on year. While the Nexon EV continues to be Tata Motors’ volume driver, the updated Tiago EV has helped accelerate the momentum generated by the rollout of the new Punch EV in February this year. Both models draw a large percentage of first-time EV buyers.
Nexon EV continues to be Tata’s volume driver.
Mahindra
June 2026: 7,645 units, up 118 percent
Mahindra registered its highest monthly sales in June when it surpassed 7,000 units for the first time. The 7,645 units are a 17 percent month-on-month increase (May 2026: 6,530 units) and give Mahindra a market share of 24 percent. Year-on-year growth is 118 percent (June 2025: 3,513 units). While the BE 6 and XEV 9e continue to see demand, the XEV 9S has given Mahindra a new charge.
JSW MG Motor India
June 2026: 5,785 units, up 23 percent
Third-ranked JSW MG Motor India sold 5,785 units last month, up 23 percent YoY (June 2025: 4,691 units). This gives it an 18.51 percent EV market share in June 2026, substantially down from the 31 percent it had in June 2025. The Windsor EV remains its best-selling product from a portfolio which includes the M9 MPV, Cyberster roadster, ZS EV and Comet EV.
Maruti Suzuki
June 2026: 1,896 units
India’s passenger vehicle market leader continues to see MoM growth for its sole EV – the e-Vitara. Maruti Suzuki delivered 1,896 e-Vitaras to buyers in June, its highest monthly score since its launch in January this year. With this, retail sales have crossed the 6,000 mark. It is understood that due to production constraints, the company has allocated between 2,000-2,500 units for the domestic with far more for exports where the e-Vitara is the third most-exported SUV in the current fiscal. It is understood that the company plans to increase the e-Vitara’s production capacity from August or September this year.
e-Vitara achieved its highest monthly sales yet in June
Vinfast India
June 2026: 1,394 units
The local arm of Vietnamese EV major Vinfast also registered its highest-ever monthly sales in June – 1,394 units. This gives it a 4 percent EV market share. Of the four models in its portfolio, two (VF6 and VF7) are SUVs and two (VF MPV 7 and VF Limo Green taxi) are MPVs. On the wholesales front (April-May 2026), the VF7 is outselling the VF6. For the two MPVs, the Limo Green e-taxi is witnessing far more demand than the VF MPV 7. Vinfast will be looking to achieve higher sales traction when it launches the VF5 hatchback, which is likely to go head-to-head against the Tata Tiago EV or Punch EV, depending upon its specifications.
BYD India
June 2026: 860 units, up 69 percent YoY
BYD India also scaled a new monthly high in June with 860 units, up 69 percent YoY (June 2025: 508 units). Its previous best was in October 2025 (615 units). One of the fillips for higher sales last month could be the fact that BYD is raising its EV prices by 1-2 percent from July 1, which is the second time this year. Meanwhile, the Chinese EV maker has confirmed plans to introduce the Seal U PHEV later this year, which will be its first PHEV.
Kia India
June 2026: 446 units, up 792 percent YoY
Ranked above Hyundai in June and below seventh-ranked BMW India (486 units), Kia India sold 446 EV, up 792 percent YoY on a low year-ago base (June 2025: 50 units). Following the launch of the Carens Clavis EV MPV, which joined the far more expensive EV6 and EV9 imported as CBUs, Kia has seen its monthly numbers improve compared to last year.
Hyundai Motor India
June 2026: 347 units, down 42 percent YoY
Creta Electric still lags behind its competitors in the midsize SUV segment.
Hyundai delivered 347 EVs last month, down 42 percent YoY (June 2025: 596 units). The company, which has only two models in its EV portfolio (Creta Electric and Ioniq 5), continues to feel the heat of the intense competition in the EV market where market leaders Tata Motors, M&M and JSW MG Motor have fast expanded their portfolios at multiple price-points to draw more buyers. As a result, Hyundai’s EV share is down to less than 1 percent from 4 percent a year ago.
Toyota Kirloskar Motor
June 2026: 32 units
Toyota Kirloskar Motor, the latest mainstream manufacturer to plug into the EV industry in India, delivered 32 units of the Urban Cruiser Ebella in June. The Toyota Ebella is the badge-engineered version of the Maruti e-Vitara. The Ebella is currently sold in three variants (E1, E2 and E3) albeit priced at a considerable premium over its Maruti cousin.
Carmaker
June 2026
June 2025
YoY Change
Tata Motors
12,023
5,355
125%
Mahindra
7,645
3,513
118%
JSW MG Motor
5,785
4,691
23%
Maruti Suzuki
1,896
–
–
Vinfast
1,394
–
–
BYD
860
508
69%
BMW
486
242
101%
Kia
446
50
792%
Hyundai
347
596
-42%
Mercedes-Benz
234
113
107%
Volvo
36
26
38%
Tesla
35
–
–
Toyota
32
–
–
Citroen
24
100
-76%
Porsche
8
3
167%
Audi
1
2
-50%
Rolls Royce
1
4
-75%
Jaguar Land Rover
0
0
–
Total
31,253
15,203
106%
Luxury Electric Carmakers Sell Record 801 Units in June
In tandem with the mass-market EV segment, demand for luxury EVs also called a new monthly high in June. Retail sales of the eight OEMs in this sub-segment more than doubled YoY to 801 units (June 2025: 390 units). Month-on-month growth was 20 percent and beat the previous best of 665 units in May 2026. This strong performance continues to be driven by the top two OEMs – BMW and Mercedes-Benz.
BMW India
BMW, which topped the luxury EV category in FY2026 with a record 3,898 EVs and is ranked number 7 in the entire EV segment, maintained its number 1 status with a 486 units, up 101 percent YoY (June 2025: 2421 units). That gives it a 61 percent share for last month.
Mercedes-Benz
With 234 EVs sold last month, Mercedes more than doubled its sales as demand rose 107 percent YoY (June 2025: 113 units). The luxury carmaker registered strong growth on the back of the launch of the CLA electric sedan in end-April. The CLA EV replaced the combustion-powered A Class sedan, plus the EQA and EQB electric SUVs in India.
CLA Electric is contributing meaningfully to Merc’s EV sales.
Volvo
Volvo sold 36 EVs in June 2026, up 38 percent YoY (June 2025: 26 units). This gives it a 4 percent share of the luxury EV market, down from the 7 percent it had a year ago.
Tesla
Tesla, which has expanded its portfolio in India with the extended-wheelbase six-seater Model Y L, sold 35 units last month. This takes its cumulative sales in January-June period to 234 units. Tesla India’s highest monthly sales to date were 69 units in September and December 2025.
Porsche, Audi and Rolls Royce
While German sports car maker Porsche sold 8 units last month, Audi and Rolls-Royce sold one each while JLR did not sell a single EV last month, as per Vahan.
In terms of EV market penetration, these eight luxury EV OEMs had a 2.56 percent share of the record 31,253 e-PVs sold in June 2026.
BCCL Q1 Update: कोल इंडिया की सहायक कंपनी Bharat Coking Coal Ltd (BCCL) का कोकिंग कोल प्रोडक्शन जून 2026 में सालाना आधार पर 12.5% घटकर 21.7 लाख टन रह गया। इस सरकारी कंपनी ने प्रोविजनल मंथली प्रोडक्शन रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, इस दौरान रॉ कोल ऑफटेक (बिक्री/डिस्पैच) लगभग स्थिर रहा और 26.9 लाख टन दर्ज किया गया।
कुल कोयला प्रोडक्शन में भी गिरावट
जून में BCCL का कुल रॉ कोल प्रोडक्शन 11.8% घटकर 22.9 लाख टन रहा, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 26 लाख टन था। वहीं, नॉन-कोकिंग कोयले का प्रोडक्शन 2.6% बढ़कर 1.2 लाख टन रहा। जून के दौरान ओपनकास्ट खदानों से कोयला प्रोडक्शन 12.3% घटकर 22.4 लाख टन रह गया।
दूसरी ओर, अंडरग्राउंड खदानों से प्रोडक्शन 24.3% बढ़कर 50 हजार टन पहुंच गया। वॉश्ड कोकिंग कोयले का प्रोडक्शन लगभग स्थिर रहा। इसमें 0.8% की मामूली गिरावट के साथ प्रोडक्शन 1.4 लाख टन दर्ज किया गया।
ओवरबर्डन हटाने का काम भी धीमा पड़ा
जून में ओवरबर्डन रिमूवल यानी खनन से पहले मिट्टी और चट्टान हटाने की प्रक्रिया 16.1% घटकर 1.084 करोड़ क्यूबिक मीटर रह गया।
हालांकि, रॉ कोल ऑफटेक लगभग स्थिर रहा और 26.9 लाख टन दर्ज किया गया, जो पिछले साल के लगभग बराबर है।
अप्रैल-जून तिमाही में भी कमजोर प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में BCCL का प्रदर्शन कमजोर रहा।
रॉ कोल प्रोडक्शन 27.5% घटकर 65.6 लाख टन रहा।
कोकिंग कोयला प्रोडक्शन 27.9% गिरकर 62.1 लाख टन रह गया।
रॉ कोल ऑफटेक 14.8% घटकर 76.5 लाख टन रहा।
ओवरबर्डन रिमूवल 35.5% घटकर 3.188 करोड़ क्यूबिक मीटर रह गया।
चौथी तिमाही में भी मुनाफे पर दबाव
मार्च तिमाही (Q4FY26) में BCCL का रेवेन्यू सालाना आधार पर 15.1% घटकर 3,282.95 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान तिमाही में 3,865.79 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA 62 करोड़ रुपये के मुनाफे से फिसलकर 335 करोड़ रुपये के घाटे में पहुंच गया। इससे कमजोर ऑपरेशनल प्रदर्शन का संकेत मिलता है।
वहीं, शुद्ध मुनाफा करीब 59% गिरकर 27.2 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 66.5 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस दौरान कंपनी की अदर इनकम 95% बढ़कर 556.5 करोड़ रुपये हो गई।
BCCL के शेयरों का हाल
BCCL का शेयर बुधवार को 0.36% गिरकर 39.19 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में इसने 2.78% का मामूली रिटर्न दिया है। वहीं, 6 में इसका रिटर्न तकरीबन फ्लैट रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 18.30 हजार करोड़ रुपये है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Market Outlook: पिछले करीब तीन महीने से भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में घूम रहा है। कभी हल्की तेजी तो कभी हल्की गिरावट, लेकिन कोई बड़ा मूव देखने को नहीं मिला। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या जुलाई का महीना बाजार के लिए कुछ नया लेकर आएगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इतिहास पर नजर डालें तो जुलाई का महीना शेयर बाजार के लिए अक्सर अच्छा साबित हुआ है। वहीं, मौजूदा आर्थिक हालात भी बाजार के पक्ष में नजर आ रहे हैं।
जुलाई का रिकॉर्ड क्या कहता है?
SAMCO Securities के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट जहोल प्रजापति का कहना है कि ऐतिहासिक आंकड़े जुलाई के पक्ष में इशारा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘साल 2001 से 2025 के बीच 25 साल में निफ्टी 50 ने जुलाई में 18 बार बढ़त दर्ज की है। यानी करीब 72% बार बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान औसत रिटर्न 2.19% रहा। दिसंबर और नवंबर के बाद जुलाई निफ्टी के लिए तीसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला महीना रहा है।’
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुराने ट्रेंड देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। लेकिन जुलाई में हर साल कुछ ऐसे फैक्टर देखने को मिलते हैं, जो बाजार को सपोर्ट देते हैं। इनमें सामान्य मानसून की शुरुआत, पहली तिमाही (Q1) के नतीजों से जुड़ी उम्मीदें और घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी शामिल हैं।
मौजूदा हालात भी बाजार के लिए अच्छे
जहोल प्रजापति का कहना है कि इस समय कई ऐसे फैक्टर हैं, जो बाजार के लिए राहत की खबर हो सकते हैं।
भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद है।
कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।
इससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है।
साल की शुरुआत में कमजोर पड़ा रुपया अब संभलता दिख रहा है।
विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में कोई बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम नहीं होता है, तो ये सभी बातें भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती हैं।
चार्ट क्या बता रहे हैं?
SAMCO Securities के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धामेजा का कहना है कि 1 जुलाई को निफ्टी ने अच्छी मजबूती दिखाई और बुलिश कैंडल बनाई। इंडेक्स ने 23,850-23,900 के सपोर्ट जोन को बचाए रखा। यही इलाका हालिया ब्रेकआउट एरिया और 50-DEMA के आसपास भी है। हालांकि, 24,000 के ऊपर पहुंचने के बावजूद निफ्टी को 100-DEMA के पास मजबूत रुकावट मिल रही है। यही वजह है कि बाजार अभी भी एक छोटी रेंज में फंसा हुआ है।
उन्होंने बताया कि RSI अब धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और फिलहाल 55.13 पर है। जब तक RSI 50 से ऊपर रहेगा, तब तक बाजार का रुख पॉजिटिव माना जाएगा। हालांकि, असली तेजी का संकेत तभी मिलेगा, जब निफ्टी मौजूदा रेजिस्टेंस के ऊपर निकल जाएगा। धामेजा ने यह भी कहा कि India VIX 2.63% गिरकर 13.24 पर आ गया है। इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और निवेशक फिलहाल ज्यादा सहज नजर आ रहे हैं।
क्या 24,200 तक जा सकता है निफ्टी?
LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि 1 जुलाई को भी निफ्टी अपनी हालिया ट्रेडिंग रेंज से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सत्रों से इंडेक्स 24,000 के आसपास ही घूम रहा है, जिससे साफ है कि बाजार को अभी नई दिशा नहीं मिली है।
हालांकि, उनका मानना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी की उम्मीद कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह सपोर्ट नहीं टूटता है, तो आने वाले दिनों में निफ्टी धीरे-धीरे 24,200 और उससे ऊपर के स्तर की ओर बढ़ सकता है। 1 जुलाई को निफ्टी 50 में 0.59% की तेजी आई और यह 24,005.85 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex 0.58% चढ़कर 76,922.64 के स्तर पर पहुंच गया।
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India’s passenger vehicle market maintained its momentum in June 2026, with most carmakers reporting year-on-year growth despite a month-on-month slowdown for several brands. Maruti Suzuki retained a comfortable lead in domestic sales, while Tata Motors held on to second place ahead of Mahindra. Hyundai remained fourth, with Toyota rounding off the top five.
Tata Motors retained second place with domestic passenger vehicle sales of 62,076 units in June. The company stayed ahead of Mahindra by 1,683 units, continuing the close contest for the second spot in the passenger vehicle market. During the month, the company launched the Sierra EV and also announced a price increase of up to 1.5 percent across its ICE and EV range from July 1.
Mahindra
Sales: 60,393 units, Change: 27.66 percent YoY
Mahindra recorded domestic SUV sales of 60,393 units in June, remaining close behind Tata Motors. The company continued to report strong demand across its SUV portfolio, with models such as the Scorpio-N, Thar, XUV 3XO and XUV 7XO supporting volumes.
Hyundai
Sales: 39,635 units, Change: -9.97 percent YoY
Hyundai recorded domestic sales of 39,635 units in June. The company said production was affected by a fire at one of its suppliers’ manufacturing facilities, resulting in a loss of around 13,900 units during the month. The company’s volumes continue to be led by the Creta, Venue and Exter, supported by steady demand for its hatchback such as the Grand i10 Nios and i20.
Toyota
Sales: 28,441 units, Change: 7.52 percent YoY
Toyota sold 28,441 vehicles in the domestic market during June, retaining fifth place. The Innova Hycross, Urban Cruiser Hyryder and Glanza continue to account for a significant share of the company’s monthly volumes. Toyota is also set to launch the ninth-gen Hilux pickup in India this July, as per our sources
JSW MG Motor reported sales of 7,568 units in June, remaining ahead of Nissan. The company’s portfolio spans both internal combustion engine and electric models, led by the Windsor EV, Comet EV and Hector. MG is also set to unveil a ‘new energy vehicle’ in India on July 16, expected to be the rebadged Wuling Starlight 560 PHEV.
Nissan
Sales: 3,006 units, Change: 42.67 percent YoY
Nissan recorded domestic wholesales of 3,006 units in June, registering a 42.67 percent year-on-year increase and marking its fourth consecutive month of domestic sales growth. The company attributed the growth to continued demand for the Magnite and the recently launched Gravite. Nissan will unveil the Tekton SUV globally on July 9.