बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, बम-बम बोलकर चलने वाले शिवभक्तों पर आपत्ति होती थी। सीएम ने अपना कुर्ता दिखाया और कहा कि इन्हें इस केसरिया रंग से चिढ़ होती थी। यह वही लोग हैं, जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाई थी। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुरादनगर व मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया। 

2017 के पहले शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से हो सकते हैं दंगे, इसे रोका जाए

सीएम ने 2017 में कांवड़ यात्रा की बैठक का जिक्र किया, कहा कि पुराने शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। यदि कुछ लोग यह यात्रा निकालते हैं तो उन्हें घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने से रोका जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा तो पता चला कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाएगी। मैंने कहा कि यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पण रखने वाले शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़ी जाति समेत हर तबके का व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में जाता है। हम उन्हें सुरक्षा व सुविधा देंगे, कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दंगा न होने की गारंटी मैंने ली, क्योंकि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता। वह मर्यादा में चलता है क्योंकि समरसता उसके जीवन का हिस्सा है। 

कांवड़ यात्रा की मर्यादा व अनुशासन को बनाए रखना है

सीएम ने कहा कि अब देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद तक की निकलती है। देश और विदेश से लोग इसे देखने आते हैं, क्योंकि यह भारत में ही संभव है। आस्था को न समझने वाले राम मंदिर, कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाते थे। अब कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। बहुत शीघ्र फिर से कांवड़ यात्रा आने वाली है। सभी कांवड़ संघों व शिवभक्तों से अपील की कि इस आयोजन की मर्यादा, अनुशासन को बनाए रखना है। किसी विरोधी को अवसर नहीं देना है। प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाएं, सरकार भव्य कांवड़ यात्रा निकालने का प्रबंध कराएगी। अब तो गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है। 

आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं सपाई व कांग्रेसी 

सीएम ने आस्था के सम्मान का जिक्र कर कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर, पुरा महादेव में आदियोगी की भव्य प्रतिमा-कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही नई अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी धाम आदि पवित्र तीर्थ स्थल फिर से जगमगा रहे हैं। सपा व कांग्रेस वाले आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं। 

10 साल पहले गाजियाबाद में होता था गैंगवार, अब सुशासन यहां की पहचान 

सीएम ने कहा कि गाजियाबाद अपनी खुद की पहचान रखने वाला, भगवान दुग्धेश्वर नाथ का पावन जनपद है। हस्तशिल्प के लिए जगविख्यात गाजियाबाद की स्थिति एक दशक पहले क्या थी। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, लेकिन इसका नाम लेने से लोग भयभीत होते थे। यहां आने का साहस नहीं करते थे। गंदगी पहचान थी और यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थीं। 10 वर्ष पहले यहां की अराजकता, गुंडागर्दी और गैंगवार को आपने देखा है परंतु अब गाजियाबाद सुशासन के मॉडल के तहत पहचान बना रहा है। अब गाजियाबाद पर फिल्में नहीं बनतीं, बल्कि यहां हरिनंदीपुरम कॉलोनी आती है। अब स्वच्छता रैंकिंग में भी गाजियाबाद का स्थान होता है। 

सीएम ने गाजियाबाद में किए विकास कार्यों को गिनाया

सीएम ने कहा कि जिस दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, आज मात्र कुछ मिनट में वह दूरी तय होती है। गाजियाबाद में बेहतरीन सड़कें हैं। नगर निगम ने साफ-सफाई की शानदार व्यवस्था की है। दिल्ली-मेरठ के बीच पहली रैपिड रेल चल रही है। यह प्रस्ताव मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले से चल रहा था, लेकिन सपा सरकार ने नकार दिया था कि हमें रैपिड रेल नहीं चाहिए। बतौर मुख्यमंत्री मैंने पूछा कि पिछली सरकारों ने क्या निर्णय किया है तो पता चला कि उन्होंने इस पर नकारात्मक रूप से लिखा है। मैंने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया तो अधिकारियों ने बताया कि इसमें 32 हजार करोड़ रुपये लगेगा और इसमें राज्य व केंद्र सरकार बराबर पैसा देगी। सब सशंकित थे, लेकिन मैंने कहा कि राज्य सरकार पैसा देगी। आज लगता है कि 2017 में निर्णय लेकर हमने अच्छा किया। मेरठ से दिल्ली की तीन घंटे की दूरी अब 40 मिनट में तय हो रही है। मोदीनगर व मुरादनगर की दूरी और भी कम हुई है। 

एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा गाजियाबाद

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 वर्ष में देश को सुशासन का मॉडल दिया है। जब कानून का राज होता है, तब सुशासन आता है। कानून के राज के लिए अपराध व अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति कारगर होती है। जहां सुरक्षा होगी, वहां सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा, वहां समृद्धि आएगी, जहां समृद्धि आएगी, वहां विकास, निवेश, रोजगार का सृजन होगा, जिससे नौजवानों के हाथों को काम मिलेगा। गाजियाबाद एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वाह कर रहा है। 

2017 के पहले शासन करने वालों के यहां देर रात तक सजती थी मंडली

सीएम ने कहा कि जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुना तो परिणाम सामने है। आज की नई योजनाएं यहां की गति को और बढ़ाएगी। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले शासन करने वाले लोग 12 बजे सोकर उठते थे। 2 बजे तैयार होते थे, खाने-पीने के बाद उनके जिम जाने का समय हो जाता था। वहां से आते ही उनकी मंडली देर रात तक सजी रहती थी। तब प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू लगता था। सरकार की नीति-नीयत न होने से निवेश और रोजगार नहीं आ पाता था। 

कांग्रेस सरकार में 85 पैसे पर पड़ती थी डकैती, हम उस पैसे को विकास में लगाते हैं 

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि 100 में से 15 पैसा ही नीचे पहुंचता था। सीएम ने कहा कि शेष 85 पैसा वही था, जिसे जनता ने टैक्स के रूप में दिया था। इससे छात्रवृत्ति, पेंशन, गरीबों का मकान, स्वास्थ्य बीमा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती थी। यह लोग यदि उस पैसे को जमीन पर उतारते तो हाईवे, मेट्रो, एयरपोर्ट बन सकता था, लेकिन धऱातल पर उतरने से पहले ही कांग्रेस व सपा के लोग इस 85 पैसे पर डकैती डालते थे, जिससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। 

एनसीआर बता रहा है कि कैसे होता है विकास

सीएम ने कहा कि एनसीआर बता रहा है कि विकास कैसे होता है। पहली रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही मेरठ से हरिद्वार के बीच जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद वालों को अब हिंडन में ही वायुसेवा प्राप्त है। ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरलवे का निर्माण हो चुका है। पीएम मोदी ने यूपी के पांचवें (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) का लोकार्पण किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी पहचान दिला रहा है। विकास की यह कड़ी भावी पीढ़ी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में नई पहचान बनने जा रही है। यहां से कुछ दूरी पर यमुना अथॉरिटी में फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी के निर्माण कर युवाओं के लिए रोजगार लेकर आ रहे हैं। 

 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, डॉ. मंजू शिवाच, धर्मेश सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल आदि मौजूद रहे। 

आदर्श राजनेता थे स्व. राजपाल त्यागी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जब जनता की सेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी जनता के दिल में स्थान बनाने वाले राजनेता थे। आदर्श राजनेता स्व. राजपाल त्यागी छह बार (दो बार निर्दल) विधायक रहे। वे दो बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व दो बार कैबिनेट मंत्री रहे। यह उनकी लोकप्रियता व जनता के मन में उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि माता-पिता की साधना और त्याग पुत्रों के कार्यों में झलकती है। तपस्या, साधना, लोककल्याण के प्रति समर्पण के भाव का परिणाम है कि अजीत पाल लगातार विधायक बनकर पिता के कार्यों को निरंतरता प्रदान कर रहे हैं। जनता का उत्साह उनके प्रेम और सेवा को प्रस्तुत कर रहा है। विधायक अजीत पाल त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया।

Bank Holiday Alert: क्या 17 जुलाई को देश भर में बंद रहेंगे बैंक? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI की हॉलिडे लिस्ट

Bank Holiday Today on 17 July 2026: अगर आप कल यानी 17 जुलाई को बैंक ब्रांच जाकर पैसे जमा करने, चेक क्लियर कराने या लोन से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 17 जुलाई को देश के एक खास राज्य में बैंकों की छुट्टी घोषित की गई है।

ऐसे में ग्राहकों को किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए यह जान लेना जरूरी है कि उनके शहर या राज्य में बैंक खुले हैं या बंद। आइए जानते हैं कि कल कहां बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

17 जुलाई को किस राज्य में बंद रहेंगे बैंक और क्यों?

आरबीआई (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 17 जुलाई को मेघालय राज्य में बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया गया है.

छुट्टी का कारण: मेघालय में स्वतंत्रता सेनानी ‘यू तिरोत सिंग’ की पुण्यतिथि मनाई जाती है।

कौन-से बैंक रहेंगे बंद: मेघालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) और एक्सिस बैंक सहित सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की शाखाएं आज बंद रहेंगी।

कौन थे यू तिरोत सिंग?

यू तिरोत सिंग 19वीं सदी की शुरुआत में मेघालय की खासी पहाड़ियों (Khasi Hills) के एक आदिवासी राजा और देश के वीर स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।

क्या आपके शहर में खुले हैं बैंक?

अगर आप मेघालय को छोड़ दें, तो देश के अन्य सभी राज्यों और प्रमुख शहरों जैसे- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि में आज बैंक पूरी तरह से खुले हैं और वहां सामान्य दिनों की तरह कामकाज हो रहा है। इसलिए बाकी राज्यों के ग्राहकों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

आज यानी 16 जुलाई, गुरुवार को ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में रथ यात्रा और हरेला त्योहार के चलते बैंकों में छुट्टी थी, लेकिन आज वहां भी बैंक खुल चुके हैं।

ब्रांच बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही मेघालय में आज बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन ग्राहकों की सहूलियत के लिए सभी वैकल्पिक और डिजिटल बैंकिंग चैनल 24 घंटे काम कर रहे हैं। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स के जरिए फंड ट्रांसफर हमेशा की तरह चालू रहेगा। आप UPI और ATM का इस्तेमाल कर सकते हैं। चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना, नया खाता खोलना या लॉकर से जुड़े काम जो सिर्फ ब्रांच जाकर होते हैं, वे अगले कार्यदिवस पर ही संभव हो पाएंगे।

जिसे Messi ने गोद में नहलाया, अब उसी से होगी FIFA World Cup Final की जंग! जानिए 19 साल पुरानी तस्वीर की कहानी

किस्मत कभी-कभी ऐसी कहानियां लिख देती है, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। लगभग 19 साल पहले Lionel Messi ने एक चैरिटी फोटोशूट के दौरान एक मासूम बच्चे को गोद में उठाकर नहलाया था। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि वही बच्चा एक दिन FIFA World Cup Final में Messi की टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा होगा।

 

अब 39 वर्षीय Lionel Messi और 19 वर्षीय Lamine Yamal विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर आमने-सामने होंगे। एक तरफ इतिहास रचने वाला महान खिलाड़ी, दूसरी तरफ भविष्य का सबसे चमकता सितारा।


 

कैसे हुई Messi और Lamine Yamal की पहली मुलाकात?

 

यह कहानी दिसंबर 2007 की है। उस समय Messi केवल 20 साल के थे और Barcelona की पहली टीम में अपनी जगह मजबूत कर रहे थे। दूसरी ओर Lamine Yama* महज पांच-छह महीने के थे।

 

दरअसल, स्पेन के अखबार Diario Sport और UNICEF ने एक चैरिटी अभियान चलाया था। इसमें कैटालोनिया के परिवारों के लिए एक रैफल (लॉटरी) आयोजित की गई थी। विजेता परिवारों को Barcelona के खिलाड़ियों के साथ अपने बच्चों का फोटोशूट कराने का मौका मिलता था।

 

किस्मत ने Lamine Yamal के परिवार का नाम चुना और Camp Nou के ड्रेसिंग रूम में उनकी मुलाकात Lionel Messi से कराई गई। फोटोशूट के दौरान Messi ने छोटे से Yamal को प्लास्टिक के बेबी बाथटब में गोद में उठाकर नहलाया। यही तस्वीर बाद में 2008 के चैरिटी कैलेंडर का हिस्सा बनी।

 

सालों तक गुम रहीं तस्वीरें, फिर ऐसे हुईं वायरल

 

यह तस्वीरें कई वर्षों तक लोगों की नजरों से दूर रहीं। 2024 में जब Lamine Yamal ने Spain को Euro Cup जिताने में अहम भूमिका निभाई, तब उनके पिता ने Instagram पर पुरानी तस्वीर साझा की और कैप्शन लिखा—”The beginning of two legends.”

 

इसके बाद तस्वीरें पूरी दुनिया में वायरल हो गईं। कई लोगों को लगा कि ये AI या एडिटिंग का कमाल है, लेकिन UNICEF ने खुद पुष्टि की कि तस्वीरें पूरी तरह असली हैं। संगठन ने बताया कि ये फोटो उनके फंडरेजिंग अभियान के दौरान ली गई थीं और फोटोग्राफर Joan Monfort ने इन्हें कैमरे में कैद किया था।

 

फोटोग्राफर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
 

इन तस्वीरों को खींचने वाले फोटोग्राफर Joan Monfort ने बताया कि Messi उस समय बेहद शर्मीले स्वभाव के थे। जब उन्हें अचानक एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर फोटोशूट करने के लिए कहा गया तो शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि बच्चे को कैसे संभालें।

 

हालांकि कुछ ही देर में उन्होंने खुद को सहज कर लिया और पूरे फोटोशूट को बेहद प्रोफेशनल तरीके से पूरा किया। Monfort के मुताबिक, उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यही बच्चा आगे चलकर विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा युवा सितारा बनेगा।

 

Barcelona से World Cup Final तक का सफर

 

Messi ने Barcelona को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और क्लब की नंबर-10 जर्सी को दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनके क्लब छोड़ने के कुछ साल बाद Lamine Yamal ने Barcelona की पहली टीम में जगह बनाई और आज वही नंबर-10 जर्सी पहन रहे हैं।

 

दिलचस्प बात यह भी है कि Lamine Yamal अपने आइडल Neymar Jr. को मानते हैं, लेकिन वह कई बार कह चुके हैं कि Lionel Messi उनके अनुसार फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं।

 

अब World Cup Final में होगी सबसे खास टक्कर

 

अब कहानी वहीं लौट आई है जहां से इसकी शुरुआत हुई थी। जिस बच्चे को कभी Messi ने अपनी बाहों में उठाया था, वही अब World Cup Final में Argentina के सपनों के सामने सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ा है।

 

एक ओर Messi लगातार दूसरा World Cup जीतकर अपने सुनहरे करियर को यादगार विदाई देना चाहेंगे, वहीं दूसरी ओर Lamine Yamal बेहद कम उम्र में विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब जीतकर नई पीढ़ी के सुपरस्टार के रूप में अपनी पहचान पक्की करना चाहेंगे।

 

यह मुकाबला सिर्फ Argentina और Spain के बीच नहीं होगा, बल्कि एक युग से दूसरे युग तक की विरासत का भी प्रतीक बनेगा। शायद इसी वजह से 19 साल पुरानी वह तस्वीर आज दुनिया की सबसे चर्चित फुटबॉल तस्वीरों में शामिल हो चुकी है।

लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री आपके क्रेडिट स्कोर को कैसे प्रभावित करती है?

आपका क्रेडिट स्कोर तय करने में क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड बहुत बड़ा रोल निभाता है. ऐसे में ये समझना कि लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री आपके स्कोर पर कैसे असर डालती है, आपके पैसे से जुड़े फैसलों को बेहतर करने और अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने में मदद कर सकता है.  

क्रेडिट हिस्ट्री में आपके अब तक लिए गए सभी लोन शामिल होते हैं. आपका सबसे पुराना क्रेडिट अकाउंट कितना पुराना है, ये इसमें बड़ा फैक्टर है और आपके स्कोर को प्रभावित करता है. लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री यानी आपके अलग-अलग क्रेडिट अकाउंट्स का एवरेज पीरियड, जो उनके शुरू होने की डेट से कैलकुलेट किया जाता है.

क्रेडिट हिस्ट्री क्या होती है?

क्रेडिट हिस्ट्री आपके सारे लोन या क्रेडिट का रिकॉर्ड है. इसमें आपके क्रेडिट कार्ड्स, लोन और बाकी डेट की जानकारी होती है. ये रिकॉर्ड दिखाता है कि आप क्रेडिट को कितनी जिम्मेदारी से हैंडल करते हैं, जैसे कि आपका कर्ज कितना है और आप पेमेंट्स कितनी जल्दी करते हैं. आपका क्रेडिट स्कोर, जो ये बताता है कि आप क्रेडिट के लिए कितने भरोसेमंद हैं, इसी हिस्ट्री से बनता है.

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क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड: क्यों है ये जरूरी?

क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड आपके क्रेडिट स्कोर को तय करने में एक अहम हिस्सा है. ये आपके क्रेडिट अकाउंट्स के टोटल पीरियड को दिखाता है. आमतौर पर, पुराना क्रेडिट रिकॉर्ड आपके स्कोर के लिए अच्छा होता है. आइए समझते हैं क्यों:

  • क्रेडिट मैनेज करने की स्किल दिखाता है: क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड लेंडर्स को बताता है कि आप क्रेडिट को कितनी अच्छी तरह मैनेज करते हैं. ये आपके लंबे वक्त की फाइनेंशियल हैबिट्स की पूरी तस्वीर देता है. अगर आपने लंबे समय तक क्रेडिट को अच्छे से हैंडल किया है, तो नए लेंडर्स के लिए ये अच्छा सिग्नल है.
  • हाई क्रेडिट स्कोर बनाने में मदद: क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड ज्यादा डेटा देता है, जो आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाता है. क्रेडिट स्कोर मॉडल्स इस पुराने डेटा की मदद से आपकी क्रेडि वर्थिनेस को और सही तरीके से जज करते हैं.

शॉर्ट क्रेडिट हिस्ट्री के नुकसान

  • कम जानकारी: अगर आपका क्रेडिट रिकॉर्ड पुराना नहीं है, तो स्कोरिंग मॉडल्स के पास जज करने के लिए कम डेटा होता है. इससे आपका क्रेडिट स्कोर नीचे जा सकता है, क्योंकि मॉडल्स को आपकी क्रेडिटवर्थिनेस समझने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं मिलती.
  • ज्यादा रिस्क: क्रेडिट हिस्ट्री आपकी फाइनेंशियल आदतों को दिखाती है. कम पुराने रिकॉर्ड वाले लोगों को लेंडर्स ज्यादा रिस्की मान सकते हैं. इससे क्रेडिट या अच्छे इंटरेस्ट रेट्स पाना मुश्किल हो सकता है.
  • ज्यादा इंटरेस्ट रेट: अगर आपका क्रेडिट रिकॉर्ड ज्यादा पुराना नहीं है, तो लेंडर्स आपको हाई रिस्क बॉरोअर मान सकते हैं. इससे आपको ज्यादा इंटरेस्ट रेट्स, कम क्रेडिट लिमिट या कम अच्छे टर्म्स वाले क्रेडिट प्रोडक्ट्स मिल सकते हैं.

मजबूत क्रेडिट हिस्ट्री: कैसे बनाएं रखें?

  • जल्दी शुरू करें: क्रेडिट हिस्ट्री बनाने की शुरुआत जल्द से जल्द करें. छोटा सा क्रेडिट कार्ड या आसान लोन लेकर भी आप क्रेडिट रिकॉर्ड बिल्ड करना शुरू कर सकते हैं.
  • बिल्स में देरी न करें: अपने बिल्स हमेशा टाइम पर पे करें. लेट पेमेंट्स आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
  • पुराने अकाउंट्स चालू रखें: अगर आपके पास पुराने क्रेडिट कार्ड्स हैं, तो उन्हें एक्टिव रखना अच्छा है. पुराने अकाउंट्स बंद करने से आपकी लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री कम हो सकती है और स्कोर पर असर पड़ सकता है. लेकिन, इनके मेंटेनेंस कॉस्ट को चेक करें. जैसे, अगर आपके पास लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड है, तो इसे चालू रखने में कोई हर्ज नहीं.
  • क्रेडिट का समझदारी से यूज करें: क्रेडिट का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें. सारे क्रेडिट कार्ड्स को एक साथ यूज करने से बचें, क्योंकि इससे आपका क्रेडिट यूसेज परसेंटेज कम हो सकता है. अपनी क्रेडिट लिमिट का थोड़ा सा हिस्सा ही यूज करें.
  • क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहें: अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को रेगुलर चेक करें और उसमें कोई गलती न हो, ये इंश्योर करें. फ्रॉड या गलत जानकारी आपके क्रेडिट स्कोर और रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा सकती है. मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप फ्री क्रेडिट रिपोर्ट चेक कर सकते हैं.

पुराना और डिटेल्ड क्रेडिट रिकॉर्ड क्यों जरूरी?

पुराना और डिटेल्ड क्रेडिट रिकॉर्ड आपकी फाइनेंशियल रिलायबिलिटी की सही तस्वीर दिखाता है. ये सिर्फ पुराना रिकॉर्ड रखने की बात नहीं, बल्कि इसका संबंध लगातार और जिम्मेदारी से क्रेडिट यूज करने से है. लेंडर्स को ऐसा रिकॉर्ड पसंद आता है, जो दिखाए कि आप लंबे वक्त तक क्रेडिट को अच्छे से मैनेज कर सकते हैं.

लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री आपके क्रेडिट स्कोर को तय करने में अहम रोल निभाती है. क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड और जिम्मेदारी से क्रेडिट मैनेज करने का ट्रैक आपके स्कोर को बेहतर करता है, जबकि कम पुराना रिकॉर्ड स्कोर को नीचे ला सकता है.  क्रेडिट रिकॉर्ड के महत्व को समझकर और इसे बिल्ड व मेंटेन करने के तरीके अपनाकर आप अपनी क्रेडिटवर्थिनेस को बढ़ा सकते हैं और बेहतर फाइनेंशियल रिजल्ट्स पा सकते हैं. मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप फ्री में क्रेडिट स्कोर और डिटेल्ड क्रेडिट रिपोर्ट चेक कर सकते हैं, तो अपने क्रेडिट प्रोफाइल पर नजर रखना न भूलें.

बांग्लादेश ने भारत की जगह चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट:बदले में ₹7 हजार करोड़ का सॉफ्ट लोन; भारत ने ₹9 हजार करोड़ का ऑफर दिया था

बांग्लादेश और चीन के संबंधों में ‘चीनी’ कुछ ज्यादा ही घुलने लगी है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में भारत के इन्वेस्टमेंट ऑफर को ना कर इसे चीन को सौंप दिया है। चीन लगभग 9 हजार करोड़ रुपए के तीस्ता रिवर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (TRMP) में ₹7 हजार करोड़ सॉफ्ट लोन के रूप में देगा। बांग्लादेश को इसे 50 साल में चुकाना होगा। जबकि भारत ने चीन को बाहर रखने के लिए 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार को 9 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। अब रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। इस जीटूजी एग्रीमेंट के तहत चीन के इंजीनियरों का दल पिछले हफ्ते ही बांग्लादेश आया था। लगभग 50 इंजीनियरों और टेक्नीकल स्टाफ ने तीस्ता कैचमेंट एरिया का सर्वे किया। इस मानसून में तीस्ता नदी का सर्वे करेगा चीन सूत्रों के अनुसार इस मानसून के दौरान चीन का दल तीस्ता नदी के फ्लो का आकलन कर बांध, जेट्‌टी और अन्य निर्माण कार्यों का प्लान तैयार करेगा। साथ ही इस सीजन में तीस्ता कैचमेंट एरिया में सिल्ट (तलछट) की सफाई में भी चीन ने सहयोग का वादा किया है। बांग्लादेश की मांग थी कि तीस्ता के रन ऑफ (अतिरिक्त बहाव) को चीन इसी मानसून में रोके। जिससे कि अगले साल से प्रस्तावित प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले ही बांग्लादेश तीस्ता नदी के पानी का खरीफ ​की बुआई के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सके। चीन सेना के इंजीनियर भी प्रोजेक्ट कंपनी में 1. पूर्वोत्तर का एंट्री पॉइंट: परियोजना क्षेत्र (नीलफामारी और रंगपुर) भारतीय सीमा से 10-12 किमी जबकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) से 22 किमी दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर के 7 राज्यों को जोड़ता है। पूर्वोत्तर के एंट्री पॉइंट के लिए खतरा हो सकता है। 2. पावर चाइना कंपनी सेना से जुड़ी: पावर चाइना स्वतंत्र व्यावसायिक कंपनी नहीं, बल्कि चीन की सैन्य-नागरिक फ्यूजन नीति से गहराई से जुड़ी सरकारी कंपनी है। ये कंपनी एशिया और अफ्रीका में कई मल्टी पर्पज प्रोजेक्ट्स काे चला रही है। कंपनी में चीन सेना की इंजीनियरिंग काेर के भी लाेग होते हैं। 3. दो-मोर्चों पर चुनौती: सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता है कि सैकड़ों चीनी इंजीनियरों और तकनीशियनों की भारत की पूर्वोत्तर की संवेदनशील सीमा पर लंबे समय तक मौजूदगी भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्वी मोर्चे पर चीन अपनी पैठ को और बढ़ाने में जुट सकता है। बड़ी डिफेंस डील की तैयारी, चीन फाइटर जेट देगा सूत्रों के अनुसार पीएम तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल शमशुल इस्लाम ने हाल में चीन के राजदूत के साथ मुलाकात की थी। इसमें बांग्लादेश को चीन के साथ जे सीरीज फाइटर जेट्स देने पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि चीन अक्टूबर में 12 जेट्स की पहली खेप देने वाला है। ————————- भारत-बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश ने भारत से छीनकर चीन को दिया मोंगला पोर्ट; सिर्फ 80 किमी दूर बैठेगा चीन, ये कितनी बड़ी चिंता 22 से 26 जून 2026 तक बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान चीन में थे। इसी दौरान बांग्लादेश ने अपने मोंगला पोर्ट का प्रोजेक्ट भारत से छीनकर चीन को दे दिया। यानी हमारे तट से महज 80 किमी दूर मोंगला पोर्ट पर चीन बैठेगा। पूरी खबर पढ़ें…

बांग्लादेश ने भारत की जगह चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट:बदले में ₹7 हजार करोड़ का सॉफ्ट लोन; भारत ने ₹9 हजार करोड़ का ऑफर दिया था

बांग्लादेश और चीन के संबंधों में ‘चीनी’ कुछ ज्यादा ही घुलने लगी है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में भारत के इन्वेस्टमेंट ऑफर को ना कर इसे चीन को सौंप दिया है। चीन लगभग 9 हजार करोड़ रुपए के तीस्ता रिवर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (TRMP) में ₹7 हजार करोड़ सॉफ्ट लोन के रूप में देगा। बांग्लादेश को इसे 50 साल में चुकाना होगा। जबकि भारत ने चीन को बाहर रखने के लिए 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार को 9 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। अब रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। इस जीटूजी एग्रीमेंट के तहत चीन के इंजीनियरों का दल पिछले हफ्ते ही बांग्लादेश आया था। लगभग 50 इंजीनियरों और टेक्नीकल स्टाफ ने तीस्ता कैचमेंट एरिया का सर्वे किया। इस मानसून में तीस्ता नदी का सर्वे करेगा चीन सूत्रों के अनुसार इस मानसून के दौरान चीन का दल तीस्ता नदी के फ्लो का आकलन कर बांध, जेट्‌टी और अन्य निर्माण कार्यों का प्लान तैयार करेगा। साथ ही इस सीजन में तीस्ता कैचमेंट एरिया में सिल्ट (तलछट) की सफाई में भी चीन ने सहयोग का वादा किया है। बांग्लादेश की मांग थी कि तीस्ता के रन ऑफ (अतिरिक्त बहाव) को चीन इसी मानसून में रोके। जिससे कि अगले साल से प्रस्तावित प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले ही बांग्लादेश तीस्ता नदी के पानी का खरीफ ​की बुआई के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सके। चीन सेना के इंजीनियर भी प्रोजेक्ट कंपनी में 1. पूर्वोत्तर का एंट्री पॉइंट: परियोजना क्षेत्र (नीलफामारी और रंगपुर) भारतीय सीमा से 10-12 किमी जबकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) से 22 किमी दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर के 7 राज्यों को जोड़ता है। पूर्वोत्तर के एंट्री पॉइंट के लिए खतरा हो सकता है। 2. पावर चाइना कंपनी सेना से जुड़ी: पावर चाइना स्वतंत्र व्यावसायिक कंपनी नहीं, बल्कि चीन की सैन्य-नागरिक फ्यूजन नीति से गहराई से जुड़ी सरकारी कंपनी है। ये कंपनी एशिया और अफ्रीका में कई मल्टी पर्पज प्रोजेक्ट्स काे चला रही है। कंपनी में चीन सेना की इंजीनियरिंग काेर के भी लाेग होते हैं। 3. दो-मोर्चों पर चुनौती: सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता है कि सैकड़ों चीनी इंजीनियरों और तकनीशियनों की भारत की पूर्वोत्तर की संवेदनशील सीमा पर लंबे समय तक मौजूदगी भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्वी मोर्चे पर चीन अपनी पैठ को और बढ़ाने में जुट सकता है। बड़ी डिफेंस डील की तैयारी, चीन फाइटर जेट देगा सूत्रों के अनुसार पीएम तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल शमशुल इस्लाम ने हाल में चीन के राजदूत के साथ मुलाकात की थी। इसमें बांग्लादेश को चीन के साथ जे सीरीज फाइटर जेट्स देने पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि चीन अक्टूबर में 12 जेट्स की पहली खेप देने वाला है। ————————- भारत-बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश ने भारत से छीनकर चीन को दिया मोंगला पोर्ट; सिर्फ 80 किमी दूर बैठेगा चीन, ये कितनी बड़ी चिंता 22 से 26 जून 2026 तक बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान चीन में थे। इसी दौरान बांग्लादेश ने अपने मोंगला पोर्ट का प्रोजेक्ट भारत से छीनकर चीन को दे दिया। यानी हमारे तट से महज 80 किमी दूर मोंगला पोर्ट पर चीन बैठेगा। पूरी खबर पढ़ें…

Home Loan: सिर्फ सस्ते घर नहीं, आसान होम लोन भी जरूरी; एक्सपर्ट बोले- तभी बढ़ेगा हाउसिंग सेक्टर

Home Loan: भारत में घरों की मांग लगातार बढ़ रही है। अफोर्डेबल हाउसिंग, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज मंजूरियों पर अक्सर चर्चा होती है। लेकिन इन सबसे पहले एक सवाल आता है। क्या आम परिवार के पास घर खरीदने के लिए आसान और समय पर लोन उपलब्ध है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत के हाउसिंग सेक्टर की अगली बड़ी ग्रोथ इसी सवाल के जवाब पर निर्भर करेगी।

होम लोन सिर्फ फाइनेंशियल प्रोडक्ट भर नहीं है। ज्यादातर परिवारों के लिए यह जिंदगी का सबसे बड़ा निवेश होता है। यह आर्थिक सुरक्षा, स्थिरता और बेहतर भविष्य का भरोसा देता है। लेकिन यह सपना तभी पूरा होता है, जब सही समय पर लोन मिल सके। इसलिए हाउसिंग सेक्टर की असली ताकत सिर्फ मकानों की संख्या नहीं, बल्कि लोगों तक क्रेडिट की पहुंच है।

तेजी से बढ़ सकता है होम लोन बाजार

CareEdge Ratings के मुताबिक, भारत का होम लोन बाजार फिलहाल करीब ₹33 लाख करोड़ का है। FY25 से FY30 के बीच इसके 15-16% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। इस रफ्तार से बाजार का आकार ₹77 लाख करोड़ से ₹81 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

हालांकि, यह ग्रोथ सिर्फ बड़े शहरों या कॉर्पोरेट कर्मचारियों से नहीं आएगी। अगली बड़ी मांग छोटे शहरों, स्वरोजगार करने वालों, छोटे कारोबारियों और उन परिवारों से आने की उम्मीद है, जो अपना पहला घर खरीदना चाहते हैं।

असली चुनौती लोन तक पहुंच

देश में ऐसे लाखों लोग हैं, जिनके पास लोन चुकाने की क्षमता है। लेकिन पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था में उन्हें अक्सर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वजह साफ है। बैंक लंबे समय तक सैलरी स्लिप, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) और स्थायी नौकरी को ही सबसे बड़ा आधार मानते रहे हैं।

इस कारण छोटे दुकानदार, फ्रीलांसर, स्वरोजगार करने वाले और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कई लोग लोन से वंचित रह जाते हैं। जबकि उनकी आय और भुगतान क्षमता मजबूत हो सकती है।

AI और डिजिटल डेटा बदल रहे हैं तस्वीर

अब लोन देने का तरीका तेजी से बदल रहा है। फाइनेंस कंपनियां और बैंक डिजिटल डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे ग्राहक की वास्तविक वित्तीय स्थिति और भुगतान क्षमता को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

अब सिर्फ कागजी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि ग्राहक के फाइनेंशियल व्यवहार और लेनदेन का भी आकलन किया जा रहा है। इससे पहले जिन लोगों के लिए लोन लेना मुश्किल था, उनके लिए भी नए अवसर बन रहे हैं।

टेक्नोलॉजी के साथ भरोसा भी जरूरी

डिजिटल प्रक्रिया ने लोन लेना आसान बनाया है। फिर भी पहली बार घर खरीदने वाले लोगों के लिए यह फैसला आसान नहीं होता। दस्तावेज, नियम, EMI और दूसरी शर्तें कई बार लोगों को उलझन में डाल देती हैं।

ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेक्नोलॉजी के साथ भरोसेमंद सलाहकारों की भूमिका भी अहम बनी रहेगी। सही सलाह मिलने से ग्राहक बेहतर फैसला ले पाते हैं और पूरे लोन प्रोसेस को आसानी से समझते हैं।

सफलता का असली पैमाना क्या?

हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में सफलता सिर्फ इस बात से तय नहीं होगी कि कितना लोन बांटा गया। असली सफलता इस बात में होगी कि कितने नए परिवार अपने घर का सपना पूरा कर पाए।

जब ज्यादा लोगों तक आसान होम लोन पहुंचेगा, तो इसका फायदा सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे रियल एस्टेट, निर्माण, रोजगार और पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यही वजह है कि आसान और समावेशी क्रेडिट एक्सेस को भारत की अगली हाउसिंग ग्रोथ स्टोरी का सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है।

(यह आर्टिकल मनीकंट्रोल हिंदी के लिए अतुल मोंगा ने लिखा है, जो बेसिक होम लोन के को-फाउंडर और सीईओ हैं)

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन सस्ते ब्याज पर चाहिए? अप्लाई करने से पहले इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेना आज पहले से काफी आसान हो गया है। कई बैंक और NBFC कुछ ही मिनटों में लोन मंजूर करने का दावा करते हैं। लेकिन जल्दी में लिया गया पर्सनल लोन आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।

पर्सनल लोन पर ब्याज दरें होम लोन या कार लोन से ज्यादा होती हैं। ऐसे में अगर थोड़ी-सी सावधानी बरती जाए, तो हजारों रुपये बचाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं पर्सनल लोन लेने से पहले किन 5 बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. सबसे पहले अपना CIBIL स्कोर सुधारें

अगर आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक आपको कम ब्याज पर लोन देने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं, कम स्कोर होने पर ब्याज दर बढ़ सकती है या लोन भी रिजेक्ट हो सकता है।

मान लीजिए दो लोगों ने 5 साल के लिए ₹5 लाख का पर्सनल लोन लिया। एक को 11% और दूसरे को 15% ब्याज मिला। यानी सिर्फ 4% ज्यादा ब्याज की वजह से आपको करीब ₹62,000 अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है।

ब्याज दरअनुमानित EMIकुल ब्याज
11%करीब ₹10,870करीब ₹1.52 लाख
15%करीब ₹11,895करीब ₹2.14 लाख

2. पहले कई बैंकों का ऑफर तुलना करें

जिस बैंक का पहला ऑफर मिले, उसी पर हामी मत भरिए। कम से कम 3-4 बैंक और NBFC की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और बाकी शर्तों की तुलना करें।

कई बार आपका सैलरी बैंक भी सबसे सस्ता लोन नहीं देता। ऑनलाइन तुलना करने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन इससे अच्छी बचत हो सकती है।

3. जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें

बैंक अगर ₹10 लाख का लोन देने को तैयार है, तो जरूरी नहीं कि आप पूरा पैसा लें।

अगर आपकी जरूरत ₹6 लाख की है, तो उतना ही लोन लें। ज्यादा रकम का मतलब ज्यादा EMI और ज्यादा ब्याज। इससे आप पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है।

4. सिर्फ ब्याज नहीं, बाकी चार्ज भी देखें

कई लोग सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला कर लेते हैं। लेकिन प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज, लेट पेमेंट पेनाल्टी और दूसरी फीस भी आपकी जेब पर असर डालती हैं।

लोन लेने से पहले पूछ लें कि कुल कितना खर्च आएगा। तभी आपको लोन की असली कीमत पता चलेगी।

5. EMI अपनी कमाई के हिसाब से रखें

ऐसी EMI चुनें जिसे आप हर महीने आराम से भर सकें। कोशिश करें कि सभी EMI मिलाकर आपकी मंथली इनकम के 35% से 40% से ज्यादा न हों।

अगर EMI बहुत ज्यादा होगी, तो भविष्य में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है। इससे आपका CIBIL स्कोर भी खराब हो सकता है।

पर्सनल लोन के लिए सबसे जरूरी बात

पर्सनल लोन बिना गारंटी मिलता है। इसलिए इसकी ब्याज दर भी ज्यादा होती है। अगर आप अच्छा CIBIL स्कोर बनाए रखें, अलग-अलग बैंकों के ऑफर की तुलना करें और जरूरत के हिसाब से ही लोन लें, तो कम ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ जाती है। लोन लेने में जल्दबाजी नहीं, सही तुलना करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

क्रेडिट स्कोर बेहतर करने के लिए पहले कौन से लोन चुकाएं?

लोन मैनेज करना और क्रेडिट स्कोर बेहतर करना एक बैलेंसिंग एक्ट की तरह लग सकता है, लेकिन ये जानना कि पहले कौन से लोन चुकाने चाहिए, आपकी फाइनेंशियल हेल्थ को इम्प्रूव कर सकता है. स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर लोन, क्रेडिट कार्ड्स और दूसरे क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट्स लेने के लिए बहुत जरूरी है. स्मार्ट लोन मैनेजमेंट ही क्रेडिट स्कोर इम्प्रूव करने का मूल मंत्र है. 

लेकिन, शुरुआत कहां से करें? आइए, लोन चुकाने का सबसे इफेक्टिव तरीका देखें ताकि आपका क्रेडिट स्कोर बढ़े.

क्रेडिट स्कोर को समझें?

क्रेडिट स्कोर एक नंबर है जो आपकी क्रेडिटवर्थीनेस को दिखाता है, जो आमतौर पर 300 से 900 के बीच होता है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर हायर साइड पर है, तो लेंडर्स आपको भरोसेमंद बॉरोअर मानते हैं. 750 से ऊपर का क्रेडिट स्कोर एक्सीलेंट माना जाता है, और 600 से 750 के बीच का स्कोर गुड होता है. लेकिन अगर आपका स्कोर 600 से नीचे चला जाता है, तो न्यू लोन या क्रेडिट कार्ड्स लेने में दिक्कत हो सकती है.

क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स

पेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट यूटिलाइजेशन, क्रेडिट हिस्ट्री की लेंथ, आपके पास मौजूद क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट्स के टाइप्स और हाल की क्रेडिट इंक्वायरीज जैसे कई जरूरी फैक्टर्स आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करते हैं.

अगर आप सोच रहे हैं कि स्कोर कैसे बढ़ाएं, तो पहले सही लोन चुकाने पर फोकस करना जरूरी है. आप मनीकंट्रोल ऐप पर फ्री में इंस्टैंटली अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं.

क्रेडिट स्कोर इम्प्रूव करने के लिए पहले कौन से लोन चुकाएं?

कौन से लोन पहले चुकाने हैं, ये तय करने में कई फैक्टर्स मायने रखते हैं, जैसे ओवरड्यू पेमेंट्स, इंटरेस्ट रेट्स और लोन का टाइप.

क्रेडिट स्कोर इम्प्रूव करने के लिए लोन पेमेंट्स को प्रायोरिटाइज करने के कुछ आसान टिप्स:

ओवरड्यू लोन से शुरू करें:

अगर आपके कोई अकाउंट्स डेलिंक्वेंट हैं या कलेक्शंस में चले गए हैं, तो इन्हें सबसे पहले चुकाएं. डेलिंक्वेंट लोन आपके क्रेडिट स्कोर को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं और लीगल एक्शन या एसेट्स की सीजिंग तक ले जा सकते हैं. इन अकाउंट्स को पहले क्लियर करने से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को और डैमेज होने से बचाया जा सकता है. ये आपके स्कोर को तुरंत रिस्टोर नहीं करेगा, लेकिन ओवरड्यू अकाउंट्स कम करने से धीरे-धीरे आपकी क्रेडिटवर्थीनेस बेहतर होगी.

क्रेडिट कार्ड लोन चुकाएं:

क्रेडिट कार्ड्स पर बाकी लोन की तुलना में हायर इंटरेस्ट रेट्स होते हैं, और ये रिवॉल्विंग लोन की कैटेगरी में आते हैं, यानी इनका कोई फिक्स्ड पेमेंट टर्म नहीं होता. हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन, यानी अपने अवेलेबल क्रेडिट लिमिट का बड़ा हिस्सा यूज करना, आपके क्रेडिट स्कोर को नेगेटिवली इम्पैक्ट करता है. अगर आपका क्रेडिट कार्ड लोन लिमिट के करीब है, तो इसे टोटल क्रेडिट लिमिट के 30% से नीचे लाने की कोशिश करें.

हाई इंटरेस्ट रेट्स वाले लोन चुकाएं:

क्रेडिट कार्ड्स के अलावा, आपके पास पर्सनल लोन जैसे हाई-इंटरेस्ट लोन हो सकते हैं. ये लोन टाइम के साथ इंटरेस्ट की वजह से कॉस्टली हो जाते हैं. इन्हें पहले चुकाने से लॉन्ग टर्म में आपके पैसे बचेंगे. अपने सभी लोन और उनके इंटरेस्ट रेट्स की लिस्ट बनाएं और सबसे हाई इंटरेस्ट रेट्स वाले लोन को पहले टारगेट करें. ये तरीका आपका ओवरऑल लोन बर्डन कम करने के साथ-साथ क्रेडिट स्कोर भी इम्प्रूव करता है.

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लो लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड्स पर फोकस करें:

अगर आपके पास कई क्रेडिट कार्ड्स हैं, तो लो लिमिट वाले कार्ड्स को पहले चुकाएं. इन कार्ड्स पर आउटस्टैंडिंग ड्यूज चुकाने से आपका ओवरऑल क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो कम होगा, जो क्रेडिट स्कोर इम्प्रूवमेंट का एक बड़ा फैक्टर है. अगर आप इन कार्ड्स को चुकाने के बाद क्लोज करना चाहें, तो आपका टोटल लोन आउटस्टैंडिंग कम हो जाएगा, जो आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को मदद करता है.

स्टूडेंट लोन चुकाएं, अगर हैं:

स्टूडेंट लोन आमतौर पर इंस्टॉलमेंट लोन की कैटेगरी में आते हैं, यानी इनके फिक्स्ड मंथली पेमेंट्स और सेट पीरियड होते हैं. स्टूडेंट लोन चुकाने से आपका डेट-टू-इनकम रेशियो बेहतर हो सकता है, लेकिन ये आपके क्रेडिट स्कोर पर बहुत ड्रामैटिक इम्पैक्ट नहीं डालता.

कई क्रेडिट कार्ड्स पर छोटे बैलेंस:

कई क्रेडिट कार्ड्स पर छोटे-छोटे ड्यूज भी आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. क्रेडिट स्कोरिंग एजेंसीज अक्सर देखती हैं कि कितने कार्ड्स पर बैलेंस है. इन छोटे बैलेंस को चुकाने से आपका स्कोर थोड़ा, लेकिन यूजफुल बूस्ट मिल सकता है. इन छोटे बैलेंस को क्लियर करके अपनी फाइनेंशियल मैनेजमेंट को आसान करें और मल्टिपल अकाउंट्स मैनेज करने का बोझ हटाएं.

लंबे समय से ओवरड्यू बिल्स चुकाएं:

अगर आपके पास लंबे समय से ओवरड्यू बिल्स हैं, तो इन्हें चुकाने में देर नहीं करें. सबसे हाल के पास्ट-ड्यू बिल्स को पहले प्रायोरिटाइज करें, क्योंकि इनका आपके क्रेडिट स्कोर पर सबसे ज्यादा इम्पैक्ट हो सकता है. ओवरड्यू बिल्स चुकाने से क्रेडिट रिपोर्ट से रिकॉर्ड तुरंत नहीं हटेगा, लेकिन लॉन्ग टर्म में आपकी क्रेडिटवर्थीनेस बेहतर होगी.

क्रेडिट स्कोर मॉनिटर और इम्प्रूव करने के स्टेप्स

एक बार जब आपके पास लोन रेपेमेंट की स्ट्रैटेजी तैयार हो, तो अपने प्रोग्रेस को ट्रैक करना जरूरी है. क्रेडिट स्कोर को लगातार मॉनिटर करने से आपको पता चलेगा कि आपके लोन पेमेंट्स स्कोर को कैसे प्रभावित कर रहे हैं.

क्रेडिट स्कोर रेगुलरली चेक करें: क्रेडिट स्कोर ट्रैक करना इसे इम्प्रूव करने का पहला स्टेप है. मनीकंट्रोल ऐप पर आप फ्री में क्रेडिट स्कोर और डिटेल्ड क्रेडिट रिपोर्ट चेक कर सकते हैं.

क्रेडिट यूटिलाइजेशन ट्रैक करें: अपने क्रेडिट कार्ड बैलेंस पर नजर रखें और सुनिश्चित करें कि ये आपके टोटल क्रेडिट लिमिट के 30% से ज्यादा न हों.

न्यू लोन से बचें: न्यू क्रेडिट या लोन के लिए अप्लाई करने से क्रेडिट रिपोर्ट पर हार्ड इंक्वायरीज की वजह से स्कोर कम हो सकता है. पहले मौजूदा लोन चुकाने पर फोकस करें.

पेमेंट रिमाइंडर्स सेट करें: पेमेंट्स मिस करने से क्रेडिट स्कोर पर नेगेटिव असर पड़ता है. रिमाइंडर्स या ऑटोमैटिक पेमेंट्स सेट करके ड्यू डेट्स मिस होने से बचें.

कुल मिलाकर, क्रेडिट स्कोर इम्प्रूव करना एक साथ सभी लोन चुकाने के बारे में नहीं है, बल्कि सही लोन को स्मार्टली चुकाने के बारे में है. ऊपर बताए गए फैक्टर्स पर फोकस करके आप धीरे-धीरे अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को बेहतर कर सकते हैं.

याद रखें, आप मनीकंट्रोल ऐप पर फ्री में रेगुलरली अपना क्रेडिट स्कोर चेक करके अपने प्रोग्रेस को ट्रैक कर सकते हैं. चाहे आप क्रेडिट स्कोर इम्प्रूव करना चाहते हों या अपनी फाइनेंशियल सिचुएशन पर नजर रखना चाहते हों, मनीकंट्रोल आपको जरूरी टूल्स और इनसाइट्स देता है.

वेस्टइंडीज को बदहाल क्रिकेट को सुधारने के लिए मिली 1.28 करोड़ डॉलर की बड़ी राशि

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा घोषित अभिशासन, सदस्यता और सदस्यों की सहायता में में बदलावों के तहत कैरिबियाई क्रिकेट को लोन मिलेगा। एडिनबर्ग में हुई सिलसिलेवार वार्षिक बैठक के बाद सदस्यों से जुड़े कई फ़ैसले लिए गए, जिनमें वेस्टइंडीज़ क्रिकेट को आर्थिक मदद देना भी शामिल रहा।

अफ्रीकी देश मॉरिशस को ICC का 111वां मेंबर बनाया गया है, जिससे इसके 12 स्थायी सदस्य और 98 अन्य एसोसिएट सदस्य की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है। इसके अलावा, ICC ने घोषणा की कि क्रिकेट कनाडा के लिए बहाली की शर्तें मंज़ूर कर ली गई हैं; इस बोर्ड पर लगे मौजूदा निलंबन को हटाने से पहले इन शर्तों को पूरा करना ज़रूरी है।

वहीं दूसरी ओर ICC को श्रीलंका क्रिकेट से संशोधित संविधान के बारे में अपडेट मिला है। फ़िलहाल, चुनाव होने तक श्रीलंका क्रिकेट ICC बोर्ड की बैठकों में प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएगा। इस बीच, ICC सदस्यता मानदंड का उल्लंघन करने के कारण फ़्रांस क्रिकेट को नोटिस दिया गया है।

वेस्टइंडीज़ क्रिकेट के लिए समर्थन

ICC ने क्रिकेट वेस्टइंडीज़ को समर्थन के तौर पर 1.28 करोड़ डॉलर का लोन दिया है। यह बोर्ड, जो कई सालों से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है, आईसीसी से मदद की मांग करता रहा है। यह बात समय-समय पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी उठाया है।

30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुए साल के वित्तीय विवरण के अनुसार, CWI को 28 मिलियन डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल उसे 24 मिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ हुआ था। 2026 चक्र में 26 मिलियन डॉलर के लॉस के अनुमान के साथ, CWI के स्टेटमेंट में अनुदान की कमी को पूरा करने के लिए ICC से Loan Financing और Commercial Banking क्रेडिट सुविधाओं का ज़िक्र किया गया था। अब यह हकीकत बन गया है।

इससे पहले 2012 में, तत्कालीन वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड को ज़िम्बाब्वे के साथ ICC से सहायता फ़ंडिंग मिली थी। 2020 में, COVID-19 महामारी के दौरान, क्रिकेट वेस्टइंडीज़ को ECB से 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन मिला था, जिसे समय पर चुका दिया गया।