ना खिताब मिला ना गोल्डन बूट, मेस्सी नहीं कर पाए परिकथा अंत (Video)

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FIFA World Cup का टूर्नामेंट जिस हिसाब से जा रहा था ऐसा लग रहा था कि लियोनेल मेस्सी के करियर का परिकथा अंत होगा। लेकिन उनके हाथ ना ही खिताब लगा और ना ही पैर पर गोल्डन बूट लगा। मेस्सी के लिए बस एक बात अच्छी रही कि  वह पिछले साल विजेता टीम का हिस्सा थे अन्यथा इस महान फुटबॉलर को बिना किसी वैश्विक खिताब के रवाना होना पड़ता।

आखिरी सीटी बजने पर उनकी आंखों में नमी और चेहरे पर निराशा को सभी ने देखा। एक तरफ स्पेन के खिलाड़ी जश्न मना रहे थे तो दूसरी तरफ मेस्सी और उनकी टीम स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर अर्जेंटीना के समर्थकों को धन्यवाद दे रही थी और शायद माफी भी मांग रही थी।

बार्सीलोना और पेरिस सेंट जर्मेन के साथ 12 लीग और चार चैम्पियंस लीग खिताब जीतने के बाद मेस्सी ने जब यूरोपीय फुटबॉल से विदा लेकर तीन साल पहले एमएलएस का रूख किया तो लोगों को लगा कि वह रिटायर होकर अमेरिका में बस जायेंगे ।

लेकिन वह एक बार फिर अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल तक ले गए जिनमें उनके खाते में आठ गोल आये और चार में वह सहायक रहे। विश्व कप में उनके 21 गोल हो गए हैं और शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे (22 गोल) के आगे निकलने तक वह शीर्ष पर थे। तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले पहले खिलाड़ी मेस्सी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं और वह सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (146) से पीछे हैं।

स्पेन के खिलाड़ी आखिरी सीटी बजने के बाद मेस्सी को ढांढस बंधाने आये। मेस्सी मैदान पर बैठ गए और हाथ पीछे रखकर एकटक देखते रहे। उपविजेता का पदक लेने आये तो मुस्कुराने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।फिर अपने विचारों में खोये हुए, दुख को छिपाने की कोशिश करते मैदान के एक कोने से चुपचाप बाहर चले गए। विश्व कप से शायद आखिरी बार।

Axis, HDFC और Kotak Bank; Q1 रिजल्ट के बाद शेयर धड़ाम, अब ट्रेडिंग के लिए चार्ट पर मार्क करें ये लेवल्स

Banking Stocks: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की तेज होती आंच में कच्चा तेल उबल पड़ा और प्रति बैरल यह $90 के पार पहुंच गया। इसके चलते घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) धड़ाम हो गए। इन पर प्राइवेट सेक्टर के हैवीवेट बैंकिंग स्टॉक्स एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने काफी दबाव डाला और इनके शेयर 5.5% तक फिसल गए। इन बैंकों के मार्जिन पर जून तिमाही में दबाव दिखा था और अब एनालिस्ट्स को इस तिमाही भी दबाव के आसार हैं।

जेफरीज के एनालिस्ट्स प्रखर शर्मा और विनायक अग्रवाल के मुताबिक कॉर्पोरेट लोन की हिस्सेदारी बढ़ने और हाल ही में होलसेल प्राइसिंग में तेजी पर बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर असर पड़ा और अब सितंबर तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने के आसार हैं। अब जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इन तीन स्टॉक्स की ट्रेडिंग कैसे करनी चाहिए, इसे लेकर बोनांजा के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जागड़ ने कुछ टेक्निकल लेवल्स सुझाएं है और चार्ट पर रेजिस्टेंस-सपोर्ट मार्क किया है।

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक एक बड़े सिमेट्रिकल ट्राईएंगल पैटर्न के अंदर ट्रेड कर रहा है, जो किसी बड़ी हलचल से पहले कंसोलिडेशन का संकेत है। हाल ही में इसे ₹390–₹397 के आस-पास ऊपरी ट्रेंडलाइन के पास रेसिस्टेंस झेलना पड़ा और प्रॉफिट बुकिंग दिखी तो नीचे की तरफ ₹370–₹375 के आस-पास निचली ट्रेंडलाइन से जरूरी सपोर्ट मिल रहा है। RSI न्यूट्रल 45 लेवल के आस-पास बना हुआ है, जिससे इसमें किसी भी तरफ मजबूत मोमेंटम नहीं होने का संकेत मिल रहा है। अगर यह शेयर ₹397 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह ₹420–435 की तरफ बढ़ सकता है। दूसरी तरफ अगर यह ₹370 के नीचे गिरता है, तो इसमें गिरावट बढ़ सकती है और अगला सपोर्ट ₹350 के आस-पास हो सकता है।

Axis Bank

₹1,300–₹1,320 के अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिके रहने में नाकामी के बाद एक्सिस बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। यह मुनाफावसूली का संकेत है और अभी भी यह अपने मीडियम-टर्म ट्रेंडलाइन सपोर्ट यानी ₹1,250–₹1,260 के आस-पास बना हुआ है। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो यह ₹1,220 और ₹1,180 की तरफ फिसल सकता है। RSI के 50 के से नीचे आने से मोमेंटम में कमजोरी दिख रही है और शेयर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है। ऊपर की तरफ शेयर के लिए ₹1,305 और ₹1,320 पर रेजिस्टेंस है। अगर यह ₹1,320 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो नई खरीदारी शुरू हो सकती है और ₹1,380–1,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

HDFC Bank

₹810–815 के रेजिस्टेंस जोन के पास रिजेक्शन झेलने के बाद एचडीएफसी बैंक शॉर्ट-टर्म सेलिंग प्रेशर में है। तेज गिरावट के साथ एक बेयरेश कैंडल बनी। फिलहाल यह शेयर अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत है, तो ₹745–750 के पास लॉन्ग-टर्म ट्रेंडलाइन एक अहम सपोर्ट का काम कर रही है। RSI भी ओवरबॉट जोन से नीचे आ गया है जो बुलिश मोमेंटम कम होने का संकेत दे रहा है। जब तक यह स्टॉक ₹815 के नीते है, इसके ऊपर जाने की गुंजाइश सीमित है। नीचे की तरफ बात करें तो इसे ₹775 और फिर ₹750 पर सपोर्ट दिख रहा है तो ऊपर की तरफ ₹815 और फिर ₹850 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर यह ₹815 के ऊपर लगातार बना रहता है तो इसमें बुलिश मोमेंटम फिर से शुरू हो सकता है और शेयर ₹850–870 की तरफ बढ़ सकता है।

₹23 के नीचे आया Yes Bank, धमाकेदार रिजल्ट के बावजूद 4% टूटा शेयर, ये है वजह

HDFC Bank Share Price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 5% तक गिरा; अब बाय, सेल या होल्ड? क्या हो स्ट्रैटेजी?

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

किस भाव तक चढ़ेगा South Indian Bank का शेयर? Q1 रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज का ये है रुझान

South Indian Bank Share Price: साउथ इंडियन बैंक के जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने इसमें फटाफट पैसे लगाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म ने इसके शेयरों को लेकर जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, वह इसके मौजूदा लेवल से करीब 37% ऊपर है। अभी इसकी मौजूदा स्थिति की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर शुक्रवार 17 जुलाई को यह 1.57% की गिरावट के साथ ₹44.62 पर बंद हुआ था।

किस भाव तक चढ़ेगा South Indian Bank का शेयर?

साउथ इंडियन बैंक के लिए एक और तिमाही बेहतरीन रही है और जून 2026 में इसके नतीजे शानदार रहे। बैंक के ग्रोथ, मुनाफे और एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हुआ है। RAM (रिटेल एग्रीकल्चर एंड एमएसएमई) सेगमेंट में मजबूती के दम पर इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में बैंक की क्रेडिट ग्रोथ तिमाही आधार पर 15.8% से बढ़कर 18.6% हो गई तो बेहतर CASA मिक्स की वजह से सीएएसए रेश्यो भी बढ़कर 33% हो गया।

फंडिंग कॉस्ट कम होने से NIM (नेट इंटेरेस्ट मार्जिन) में 28 बीपीएस की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह 3.23% पर पहुँच गया। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी के मुताबिक आगे भी मार्जिन के मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है, क्योंकि रिटेल/MSME मिक्स में सुधार से प्राइसिंग का दबाव कम हो जाएगा।

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि ट्रेजरी से कम कमाई के बावजूद बैंक को मुनाफा अच्छा रहा और स्थिर ऑपरेटिंग परफॉरमेंस और मॉडरेट क्रेडिट कॉस्ट के दम पर लगातार नौवीं तिमाही में RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) 1% से ऊपर बना रहा। एसेट क्वालिटी भी अच्छी बनी रही और ग्रॉस स्लिपेज घटकर 52 बीपीएस हो गया।

ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि बैंक की मिड-टीन लोन ग्रोथ बनी रहेगी और FY27-28 के दौरान करीब 1.1 का RoA और करीब 13% का RoE (रिटर्न ऑफ इक्विटी) रह सकता है। इन सब बातों को देखकर ब्रोकरेज फर्म ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है और 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹61 फिक्स किया है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

साउथ इंडियन बैंक के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले साल 5 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹28.13 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर 10 महीने में ही यह 77.39% ऊपर चढ़कर 7 जुलाई 2026 को ₹49.90 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ अशोक वासवानी ने बताई एग्जिट की वजह, जानिए क्या कहा

कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ अशोक वासवानी ने अपने एग्जिट की वजह बताई है। उन्होंने बताया कि क्यों तीन साल से ज्यादा समय तक बैंक की कमान संभालने के बाद उन्होंने एग्जिट का फैसला लिया। सीएनबीसी-टीवी18 की ऋतु सिंह के साथ बातचीत में उन्होंने कई अहम बातें बताईं।

एग्जिट का इसके अच्छा वक्त नहीं हो सकता था

वासवानी ने कहा, “व्यक्तिगत स्तर पर अपनी पारी पर विराम लगाने का इससे अच्छा वक्त नहीं हो सकता था। बीते साढ़े तीन साल काफी मुश्किल रहे।” उनका इशारा टेक्नोलॉजी इंबार्गो से था, जिससे बैंक को गुजरना पड़ा। पूरी मैनेजमेंट टीम नए सिरे से बनानी पड़ी। बैंक के पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और माइक्रो-फाइनेंस बुक्स को ठीक करने पड़ा।

कोटक बैंक अब आगे के सफर के लिए पूरी तरह तैयार

उन्होंने बताया कि लायबिलिटी के मामले में बैंक पर काफी दबाव था। अब पूरे ग्रुप में एक समान स्ट्रेटेजी है। यह अपनी पारी को विराम देने का सही वक्त था, क्योंकि बैंक अब आगे के सफर के लिए पूरी तरह से तैयार है। कोटक महिंद्रा बैंक देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। यह अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए एएमसी, इंश्योरेंस, सिक्योरिटीज सहित कई सेगमेंट में मौजूदा है।

व्यक्तिगत कारणों से किया पद छोड़ने का फैसला

अपने बारे में व्यक्तिगत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “मैं नाना बन गया। मेरी बेटी सैन फ्रांसिस्को में है। मेरी बेटी अपने पास मुझे बुला रही थी, इससे यह और भी जरूरी हो गया।” उन्होंने कहा कि पद छोड़ने का फैसला उन्होंने अपने व्यक्तिगत कारणों से किया था। उन्होंन बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक तय समयसीमा के अंदर उनके उत्तराधिकारी के नाम आरबीआई को सौंप देगा।

फॉरेन डिपॉजिट से बैंक की डिपॉजिट बुक मजबूत होगी

कोटक महिंद्रा बैंक के कारोबारी प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि जहां तक अंतरराष्ट्रीय बिजनेस की बात है तो बैंक गिफ्ट सिटी से एफसीएनआरबी बिजनेस करेगा। हालांकि, यह अभी काफी शुरुआती अवस्था में है। फॉरेन डिपॉजिट से बैंक को अपनी डिपॉजिट बुक मजबूत करने और स्टैबिलिटी हासिल करने में मदद मिलेगी।

इस साल करीब 12 फीसदी गिरा है कोटक बैंक का शेयर 

उन्होंने कहा कि बैंक का मार्जिन पिछले लगातार तीन सालों से फ्लैट है। साल दर साल आधार पर क्रेडिट कॉस्ट में काफी कमी आई है। हालांकि, तिमाही दर तिमाही आधार पर यह बढ़ा है। उन्होंने इसकी वजह बढ़ते स्लिपेज को बताया। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 17 जुलाई को 3.59 फीसदी चढ़कर 390.70 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 11.92 फीसदी गिरा है।

कमाई तगड़ी पर बचत जीरो! क्या आप भी फंस चुके हैं ‘लाइफस्टाइल क्रीप’ के इस मायाजाल में? जानें बचने के 5 आसान उपाय

Financial Planning and Budgeting Tips: नौकरी में प्रमोशन होना, बंपर सैलरी हाइक मिलना या बिजनेस से होने वाली कमाई का बढ़ना हर किसी को एक सुखद अहसास देता है। इसे देखकर लगता है कि हमारे वित्तीय लक्ष्य बिल्कुल सही रास्ते पर हैं। इसके बावजूद, एक कड़वी हकीकत यह भी है कि समाज में ‘मोटी सैलरी’ कमाने वाले कई लोग भी महीने का अंत आते-आते पैसों की तंगी से जूझने लगते हैं।

असल में दिक्कत यह नहीं है कि वे हर महीने कितना कमा रहे हैं, बल्कि समस्या उस अंतर में है जो उनके बैंक खाते में आने वाले पैसे और चुपके से जेब से बाहर जाने वाले खर्चों के बीच होता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज के दौर में ‘अफोर्डेबिलिटी’ का मतलब केवल यह नहीं है कि आप आज कोई चीज खरीद सकते हैं या नहीं, बल्कि इसका मतलब यह है कि क्या आप अपनी बचत को नुकसान पहुंचाए या बिना कर्ज लिए उसे लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

आइए जानते हैं कुछ ऐसे प्रैक्टिकल बजटिंग टिप्स, जो आपकी अच्छी सैलरी को असल मायने में आपकी ‘आर्थिक सुरक्षा’ में बदल सकते हैं।

1. CTC के भ्रम से बाहर निकलें, ‘इन-हैंड सैलरी’ से बनाएं बजट

ज्यादातर लोग अपने सालाना कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) या ग्रॉस सैलरी के हिसाब से अपने खर्चों की प्लानिंग करने की गलती कर बैठते हैं। सीटीसी का आंकड़ा नौकरी बदलते समय या सैलरी नेगोशिएशन के दौरान तो बहुत काम आता है, लेकिन घर का बजट चलाने में इससे कोई मदद नहीं मिलती।

आपको हमेशा इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि टैक्स (TDS), प्रोविडेंट फंड (PF) और अन्य कटौतियों के बाद हर महीने आपके बैंक अकाउंट में वास्तविक रूप से कितना पैसा क्रेडिट हो रहा है। अगर आप खाते में आने वाली रकम से बड़े आंकड़े पर अपना बजट तैयार करेंगे, तो महीने के आखिरी हफ्ते में निराशा ही हाथ लगेगी।

2. फिक्स्ड खर्चे बयां करते हैं आपके बजट का सच

अपने वित्तीय स्वास्थ्य को समझने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप उन खर्चों की एक लिस्ट बनाएं जिन्हें आप किसी भी कीमत पर टाल नहीं सकते। इसमें आपके घर का किराया या होम लोन की EMI, बच्चों की स्कूल फीस, इंश्योरेंस प्रीमियम, कार लोन, राशन का खर्च और बिजली-पानी के यूटिलिटी बिल शामिल होते हैं।

इन अनिवार्य खर्चों को अलग करने के बाद जो रकम बचती है, वही आपके बजट की असली ‘फ्लेक्सिबिलिटी’ तय करती है। इस एक्सरसाइज को करने के बाद बहुत से लोगों को यह देखकर हैरानी होती है कि अपनी मर्जी से खर्च करने के लिए उनके पास उतनी बड़ी रकम बची ही नहीं है, जितना वे मानकर चल रहे थे।

3. ‘लाइफस्टाइल अपग्रेड’ करने से पहले दो बार सोचें

सैलरी में बढ़ोतरी होते ही अक्सर लोग बड़े वित्तीय कमिटमेंट कर लेते हैं। जैसे ही आय बढ़ती है, एक बड़ा घर किराए पर लेना, महंगी कार खरीदना या हर वीकेंड पर महंगे रेस्टोरेंट में जाना बहुत आसान और किफायती लगने लगता है। इस बदलाव का सबसे बड़ा चैलेंज यह है कि ये लाइफस्टाइल अपग्रेड धीरे-धीरे आपके स्थायी फिक्स्ड खर्चों में बदल जाते हैं।

अगर भविष्य में कभी नौकरी में कोई बदलाव होता है, बिजनेस में मंदी आती है या किसी आपातकालीन स्थिति के कारण आपकी आय कम होती है, तो इन बढ़े हुए फिक्स्ड कमिटमेंट्स को संभालना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि फाइनेंशियल प्लानर्स हमेशा सैलरी हाइक मिलने के कम से कम 3 से 6 महीने बाद तक कोई बड़ा लाइफस्टाइल अपग्रेड न करने की सलाह देते हैं।

4. पहले बचत करें, फिर बचे हुए पैसों को खर्च करें

मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों में बजटिंग की सबसे आम गलती यह होती है कि वे महीने भर खुलकर खर्च करते हैं और सोचते हैं कि महीने के अंत में जो कुछ बचेगा, उसे बचा लेंगे। हकीकत में महीने के अंत तक बचने वाली यह रकम या तो बेहद मामूली होती है या फिर शून्य होती है।

वित्तीय सलाहकार हमेशा यह सुझाव देते हैं कि आपको अपनी बचत और निवेश (जैसे- म्यूचुअल फंड एसआईपी या पीपीएफ) को महीने के किसी अन्य जरूरी बिल की तरह देखना चाहिए। जैसे ही सैलरी अकाउंट में आए, सबसे पहले इमरजेंसी फंड, रिटायरमेंट या लॉन्ग टर्म गोल्स के लिए पैसे अलग कर दें। ऐसा करने से फिजूलखर्ची के चक्कर में आपकी बचत कभी नहीं छूटेगी।

5. अनचाहे खर्चों और आपातकाल के लिए रखें जगह

एक ऐसा बजट जो केवल तभी काम करता है जब सब कुछ आपकी प्लानिंग के मुताबिक चल रहा हो, असल में एक बेहद कमजोर बजट है। जिंदगी में कभी भी मेडिकल इमरजेंसी, घर या गाड़ी की अचानक मरम्मत, पारिवारिक संकट या कुछ समय के लिए नौकरी छूटने जैसी परिस्थितियां आ सकती हैं।

इसी वजह से एक मजबूत इमरजेंसी फंड का होना और खुद पर बहुत ज्यादा कर्ज (EMIs का बोझ) न लादना समझदारी की निशानी है। यही एक छोटी सी तैयारी एक सामान्य वित्तीय असुविधा और एक बड़े वित्तीय संकट के बीच का अंतर तय करती है।

कुल मिलाकर आपकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी इस बात से तय नहीं होती कि आपकी सैलरी कितनी बड़ी है। यह इस बात से तय होती है कि क्या आप बिना क्रेडिट कार्ड या कर्ज के जाल में फंसे अपने सभी मासिक खर्चों को पूरा कर पा रहे हैं और भविष्य के लिए पर्याप्त बचत कर रहे हैं या नहीं। हर दो-तीन महीने में अपने खर्चों का रिव्यू करना आपको चौंकाने वाले नतीजे दे सकता है। कई बार फायदा ज्यादा कमाने से नहीं, बल्कि यह समझने से होता है कि आप उसे खर्च कैसे कर रहे हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

वर्ल्ड कप फाइनल से पहले 19 साल पुरानी फोटो पर मेसी का पहला रिएक्शन आया सामने, जानें क्या कहा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हुए एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद अब सभी फैंस को फाइनल मुकाबले का काफी बेसब्री से इंतजार है, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। वहीं इस फाइनल से पहले एक तस्वीर, सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचाए हुए है। तस्वीर में लियोनल मेसी एक छोटे बच्चे को टब में नहलाते दिखाई दे रहे हैं। पहली नजर में यह एक सामान्य पारिवारिक तस्वीर जैसी लगती है, लेकिन इस वर्ल्ड कप में इस तस्वीर की काफी चर्चा है।

 19 साल पुरानी फोटो पर मेसी का पहला रिएक्शन

यह तस्वीर किसी निजी मुलाकात की नहीं, बल्कि साल 2007 में आयोजित एक चैरिटी फोटोशूट की है। उस समय लियोनल मेसी 20 साल के थे और एफसी बार्सिलोना के उभरते हुए सितारे माने जाते थे। दूसरी ओर टब में बैठा बच्चा करीब छह महीने का लामिन यामाल था, जिसे दुनिया तब बिल्कुल नहीं जानती थी। वहीं अपनी इस तस्वीर पर मेसी ने अब र्एक्शन दिया है। उन्होंने आगे कहा, “यमल अभी सिर्फ 19 साल का है। उसका पूरा करियर उसके सामने है और उसके पास इतिहास बनाने का शानदार मौका है। लेकिन हमारी टीम भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।”

2007 में हुआ था फोटो शूट

दिलचस्प बात यह है कि साल 2007 के उस मशहूर फोटोशूट में शामिल होने का मौका यमल के परिवार को एक लकी ड्रॉ के जरिए मिला था। उनकी मां ने बार्सिलोना के पास मटारो इलाके में आयोजित एक रैफल जीती थी, जिसके बाद परिवार इस चैरिटी फोटोशूट का हिस्सा बना। उसी फोटोशूट में छोटे से लामिन यमल की मुलाकात लियोनेल मेसी से हुई थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर बार्सिलोना का स्टार बनेगा और एक दिन फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी के सामने मैदान पर उतरता नजर आएगा।

अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने कहा कि यह वाकई बेहद हैरान करने वाली बात है कि 19 साल पहले UNICEF के एक फोटोशूट के दौरान उन्होंने नन्हे लामिन यमल को गोद में लेकर नहलाया था और अब दोनों 2026 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में एक-दूसरे के खिलाफ खेलने जा रहे हैं।

इस वर्ल्ड कप  में वायरल हुई तस्वीर

अर्जेंटीना के फाइनल में पहुंचने के बाद साल 2007 की वह पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो गई। इस तस्वीर में युवा मेसी छोटे से लामिन यमल के साथ नजर आ रहे हैं। करीब दो दशक पुरानी इस अनोखी मुलाकात की कहानी एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। यह तस्वीर साल 2007 की है, जब युवा लियोनेल मेसी बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी थे। उस समय उन्होंने स्थानीय अखबार ‘डायरियो स्पोर्ट’ और UNICEF के लिए एक चैरिटी फोटोशूट में हिस्सा लिया था। फोटोशूट के दौरान मेसी छोटे से लामिन यमल को नीले रंग के प्लास्टिक के टब में नहलाते हुए नजर आए थे। बाद में उन्होंने यमल को तौलिए में भी लपेटा था।

जब अमेरिकी फुटबॉल लीग (NFL) के दिग्गज खिलाड़ी टॉम ब्रैडी ने मेसी से इन तस्वीरों के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “वह तस्वीर सच में बेहद खास है। उस समय यमल एक छोटा बच्चा था और आज हम दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरने वाले हैं। यह वाकई कमाल की तस्वीर है।”

मेसी ने कही ये बात

मेसी ने कहा, “मैं लामिन यमल को शुभकामनाएं देता हूं। वह बार्सिलोना का खिलाड़ी है और शानदार फुटबॉल खेल रहा है। लेकिन स्पेन की टीम सिर्फ यमल पर निर्भर नहीं है, उसके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं। हम फाइनल में अपना पूरा दम लगाएंगे और उन्हें कड़ी टक्कर देंगे।” उन्होंने आगे कहा, “यमल अभी सिर्फ 19 साल का है। उसका पूरा करियर उसके सामने है और उसके पास इतिहास बनाने का शानदार मौका है। लेकिन हमारी टीम भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।”

दिलचस्प बात यह है कि साल 2007 के उस मशहूर फोटोशूट में शामिल होने का मौका यमल के परिवार को एक लकी ड्रॉ के जरिए मिला था। उनकी मां ने बार्सिलोना के पास मटारो इलाके में आयोजित एक रैफल जीती थी, जिसके बाद परिवार इस चैरिटी फोटोशूट का हिस्सा बना। उसी फोटोशूट में छोटे से लामिन यमल की मुलाकात लियोनेल मेसी से हुई थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर बार्सिलोना का स्टार बनेगा और एक दिन फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी के सामने मैदान पर उतरता नजर आएगा।

₹1 लाख का लोन लेकर शुरू किया काम, अब सालाना ₹8 लाख की कमाई! मिलिए छत्तीसगढ़ की ‘लखपति दीदी’ दिलमति से

Chhattisgarh Lakhpati Didi Dilmati Success Story: पारंपरिक खेती से जैसे-तैसे गुजारा करने से लेकर आज सालाना ₹8 लाख तक की कमाई करने तक, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की दिलमति की कहानी देश के ग्रामीण इलाकों में आ रहे बड़े बदलाव की मिसाल है। दिलमति ने एक सफल सुअर पालन व्यवसाय खड़ा करके न केवल अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाला, बल्कि वे छत्तीसगढ़ की ‘लखपति दीदी’ बनकर उभरी हैं।

उनकी इस सफलता ने उनके गांव के कई अन्य परिवारों को भी इस बिजनेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। आइए जानते हैं दिलमति के संघर्ष और उनकी कामयाबी की पूरी कहानी।

कौन हैं लखपति दीदी दिलमति?

दिलमति छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बलरामपुर जिले के लादुवा गांव की रहने वाली हैं। वे स्थानीय ‘मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह’ (SHG) की एक सक्रिय सदस्य हैं। कुछ साल पहले तक दिलमति का परिवार पूरी तरह से पारंपरिक खेती पर निर्भर था। सीमित आय के कारण उन्हें घर चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।दिलमति की जिंदगी में यू-टर्न तब आया जब वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। यहां उन्हें सरकार द्वारा समर्थित आजीविका के अवसरों और योजनाओं के बारे में जानकारी मिली।

₹1 लाख के लोन से ऐसे खड़ा किया साम्राज्य

समूह के अधिकारियों और जानकारों से प्रोत्साहन मिलने के बाद दिलमति ने एक साहसिक कदम उठाया। दिलमति ने स्वयं सहायता समूह (SHG) के जरिए ₹1 लाख का लोन लिया। इस रकम से उन्होंने सुअर पालन का काम शुरू करने के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड से 10 सुअर खरीदे।

धीरे-धीरे उनका यह बिजनेस मुनाफे में बदल गया। उनके फार्म में प्रत्येक मादा सुअर 9 से 10 बच्चों (पिगलेट्स) को जन्म देती है, और एक-एक बच्चा बाजार में करीब ₹5,000 में बिकता है। आज के समय में दिलमति के पास 9 मादा सुअर हैं, जिससे उनकी सालाना आमदनी ₹7 लाख से ₹8 लाख के बीच हो जाती है।

कमाई से तैयार किए कमाई के नए साधन

दिलमति केवल सुअर पालन तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने इस बिजनेस से होने वाली कमाई को समझदारी से दूसरी जगहों पर री-इन्वेस्ट किया:

  1. उन्होंने सुअरों के रहने के लिए एक पक्का और आधुनिक शेड बनवाया है।
  2. खेती को आसान बनाने के लिए धान और मक्का की थ्रेशिंग (मिसाई) मशीनें खरीदीं।
  3. अपनी खेती में ड्रिप इरिगेशन तकनीक को अपनाया और बड़े पैमाने पर जैविक सब्जियों की खेती शुरू की।
  4. इन सब अलग-अलग जरियों से अब उनके परिवार के पास कमाई के कई माध्यम तैयार हो चुके हैं।

गांव की महिलाओं के लिए बनीं रोल मॉडल, प्रशासन भी करेगा मदद

दिलमति की इस बड़ी सफलता ने लादुवा गांव की तस्वीर बदल दी है। दिलमति की कामयाबी को देखकर गांव के करीब 10 से 15 अन्य परिवारों ने भी सुअर पालन को अपनी आजीविका के रूप में अपना लिया है। दिलमति खुद अब दूसरी महिलाओं को नियमित बचत करने, समूहों से जुड़ने और लोन लेकर अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करती हैं।

दिलमति की इस उपलब्धि को देखते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन अब इस तरह की आजीविका पहलों को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की योजना बना रहा है। बलरामपुर के कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मुताबिक, प्रशासन अब एक ‘गोट क्लस्टर प्रोजेक्ट’ तैयार कर रहा है। इसके तहत और भी अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए उन्नत नस्ल की बकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

लॉटरी टिकट और लियोनेल मेसी के साथ एक फोटोशूट ने कैसे बदल दी लामिन यमाल की तकदीर?

“जिस बच्चे को कभी खुद लियोनेल मेसी ने अपने हाथों से नहलाया था, आज वही बच्चा मैदान पर मेसी के साम्राज्य को चुनौती देने के लिए तैयार है। यह कहानी सिर्फ फुटबॉल की नहीं है,यह कहानी है गरीबी की मार, माता-पिता के आंसुओं, वफादारी के एक अनोखे वादे और उस किस्मत की… जिसने 5 महीने के एक नवजात को दुनिया का अगला सुपरस्टार चुन लिया था।”

फुटबॉल की दुनिया में जब कोई खिलाड़ी मैदान पर उतरता है, तो वह सिर्फ अपनी टीम के लिए नहीं, बल्कि अपने अतीत, अपने संघर्षों और अपने माता-पिता के आंसुओं के बदले के लिए दौड़ रहा होता है। स्पेन के 19 वर्षीय सनसनी लामिन यमाल (Lamine Yamal) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आज दुनिया उनके पैरों का जादू देख रही है, लेकिन इस जादू के पीछे छुपा है एक बेहद भावुक कर देने वाला अतीत।

माता-पिता का संघर्ष और नाम के पीछे का 'रहस्य'

यमाल का जन्म एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता मुनीर नसराउई मोरक्को के रहने वाले हैं और मां शीला एबाना इक्वेटोरियल गिनी की हैं। दोनों बचपन में ही गरीबी के कारण स्पेन के कैटालोनिया में आकर बस गए थे।

यमाल का पूरा नाम ‘लामिन यमाल नसराउई एबाना’ है। दिलचस्प बात यह है कि खेल की दुनिया में वह जिस 'यमाल' नाम का उपयोग करते हैं, वह उनका सरनेम (उपनाम) नहीं, बल्कि उनके नाम का ही हिस्सा है।

नाम के पीछे की भावुक कहानी: स्पैनिश मीडिया के अनुसार, जब यमाल के पिता पाई-पाई के लिए मोहताज थे, तब उनके दो दोस्तों ने उनकी आर्थिक मदद की थी। पिता ने उस तंगी के दिनों में आभार व्यक्त करने के लिए वादा किया था कि वे अपने बेटे का नाम उन दोस्तों के नाम पर रखेंगे।

  • अरबी भाषा में ‘लामिन’ का अर्थ होता है- ‘ईमानदार या भरोसेमंद’।
  • ‘यमाल’ (जमाल) का अर्थ होता है- ‘सुंदरता या लालित्य’।

अपनी जड़ों को नहीं भूले: क्या है '3-0-4' का राज?

यमाल का बचपन बार्सिलोना के एक ऐसे इलाके में बीता जिसे प्रवासियों का गढ़ और 'वर्किंग क्लास' (कामकाजी वर्ग) का इलाका माना जाता है—रोकाफोंडा। यहाँ कदम-कदम पर अभाव थे, लेकिन सपने बड़े थे।

“आज जब यमाल मैदान पर गोल करते हैं, तो अपनी उंगलियों से ‘3-0-4’ का इशारा करते हैं। यह कोई स्टाइलिश पोज़ नहीं है, बल्कि रोकाफोंडा इलाके का पोस्टकोड (08304) है। यमाल दुनिया को बताना चाहते हैं कि वे चाहे जितने बड़े स्टार बन जाएं, अपनी झुग्गी-झोपड़ी और अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलेंगे।”

यमाल अपने माता-पिता के बलिदानों को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं। वे कहते हैं, “बेहद कम संसाधनों के बावजूद मेरे माता-पिता ने जिस तरह मुझे फुटबॉल खेलने में मदद की, उसका कर्ज मैं जीवन में कभी नहीं चुका पाऊंगा।”

जब 5 महीने के यमाल से टकराई किस्मत: मेसी के साथ वो जादुई मुलाकात

फुटबॉल इतिहास में कुछ संयोग ऐसे होते हैं जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है। एक तरफ सर्वकालिक महानतम फुटबॉलर लियोनेल मेसी हैं और दूसरी तरफ बार्सिलोना के राइट विंग पर उनके उत्तराधिकारी के रूप में उभर रहे लामिन यमाल। आगामी बड़े मुकाबले में जब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी, तो इतिहास रचेगा। लेकिन इनका रिश्ता आज का नहीं, बल्कि दो दशक पुराना है।

साल 2007 में, जब मेसी महज 20 साल के थे और बार्सिलोना की टीम में अपनी जगह बना रहे थे, तब लामिन यमाल सिर्फ 5 महीने के एक मासूम बच्चे थे।

  • कैसे हुई मुलाकात? यमाल के माता-पिता ने कैटलन अखबार ‘स्पोर्ट’ और अंतर्राष्ट्रीय संस्था ‘यूनिसेफ’ द्वारा आयोजित एक लॉटरी (रैफल) जीती थी। इनाम यह था कि विजेता के बच्चे का फोटोशूट बार्सिलोना के किसी सीनियर खिलाड़ी के साथ होगा।
  • किस्मत का खेल: भाग्यवश, उस दिन लामिन यमाल के परिवार की जोड़ी लियोनेल मेसी के साथ बनी। यह फोटोशूट कैंप नोउ स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में हुआ।

फोटोग्राफर का खुलासा: शर्मीले मेसी और खुशमिजाज यमाल

उस ऐतिहासिक तस्वीर को खींचने वाले फोटोग्राफर जोन मोनफोर्ट बताते हैं कि मेसी स्वभाव से बेहद शर्मीले और अंतर्मुखी थे। जब उनके सामने अचानक एक छोटा बच्चा लाया गया, तो वह काफी असहज हो गए थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि बच्चे को कैसे संभालें। लेकिन यमाल एक खुशमिजाज बच्चा था और जल्द ही मेसी ने भी उसे गोद में ले लिया।

खुद फोटोग्राफर को भी 2024 तक यह नहीं पता था कि वह बच्चा लामिन यमाल था! इस राज से पर्दा तब उठा जब यमाल के पिता ने इंस्टाग्राम पर उस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा—

“दो दिग्गजों की शुरुआत” (The beginning of two legends).

आज लामिन यमाल का इतनी कम उम्र में विश्व स्तर पर चमकना और मेसी का इस उम्र में भी शीर्ष पर बने रहना, फुटबॉल के दो अलग-अलग युगों का मिलन है। यमाल की यह कहानी साबित करती है कि अगर आपके पास प्रतिभा है और माता-पिता का आशीर्वाद, तो किस्मत भी आपके सामने घुटने टेक देती है। रोकाफोंडा की गलियों से निकलकर ग्लोबल आइकॉन बनने का यमाल का यह सफर आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

Yes Bank Q1 FY27 Financial Results: यस बैंक ने आज, 18 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में यस बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 33.5% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। साथ ही बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी तगड़ा उछाल आया है।

हालांकि, तिमाही आधार पर बैंक के प्रोविजंस यानी लोन डूबने की आशंका में रखी रकम में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। आइए आपको बताते हैं यस बैंक के पहली तिमाही के नतीजों की हर एक बड़ी बात।

मुनाफा 33.5% बढ़ा, नेट इंटरेस्ट इनकम में भी उछाल

यस बैंक के लिए मुनाफे और कोर इनकम के मोर्चे पर यह तिमाही बेहतर साबित हुई है। जून तिमाही में यस बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.5% बढ़कर ₹1,070 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा कम था। यह प्रदर्शन सीएनबीसी-टीवी18 के पोल के अनुमान (₹1,100 करोड़) के बिल्कुल करीब रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 17.5% की ग्रोथ के साथ ₹2,786.3 करोड़ रही है।

तिमाही आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़े प्रोविजंस

नतीजों में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला आंकड़ा प्रोविजंस का रहा है। मार्च तिमाही के मुकाबले जून तिमाही में यस बैंक का प्रोविजन 100% से भी ज्यादा बढ़कर ₹394 करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹187 करोड़ था। प्रोविजंस का बढ़ना यह दिखाता है कि बैंक ने संभावित खराब लोन से निपटने के लिए सुरक्षित फंड की राशि को बढ़ाया है।

एसेट क्वालिटी रही पूरी तरह स्थिर, नहीं बढ़ा एनपीए

प्रोविजंस बढ़ने के बावजूद बैंक की एसेट क्वालिटी पिछली तिमाही के स्तर पर ही पूरी तरह टिकी हुई है। ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही के समान ही 1.3% पर स्थिर रहा। हालांकि वैल्यू के हिसाब से यह मार्च के ₹3,604 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹3,704 करोड़ रहा है। नेट एनपीए भी बिना किसी बदलाव के 0.2% पर बरकरार रहा। वैल्यू के मामले में यह पिछली तिमाही के ₹653 करोड़ के मुकाबले ₹677 करोड़ रहा है।

लोन और डिपॉजिट का कैसा रहा हाल?

यस बैंक के लोन ग्रोथ नेट एडवांस में सालाना आधार पर 18.4% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है और यह ₹2.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही के मुकाबले भी यह 4.3% बढ़ा है। बैंक के कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 14.3% की बढ़त हुई है और यह ₹3.15 लाख करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही आधार पर मार्च के मुकाबले डिपॉजिट में 1.1% की मामूली गिरावट देखी गई है।

निफ्टी बैंक में वापसी के बाद शेयरों की स्थिति

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन नतीजों से ठीक पहले यस बैंक का शेयर 0.9% की मामूली गिरावट के साथ ₹23.53 पर बंद हुआ था। इस साल की शुरुआत से बात करें तो यस बैंक के शेयर ने निवेशकों को करीब 10% का रिटर्न दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हाल ही में इंडेक्स रिशफल के दौरान यस बैंक को दोबारा निफ्टी बैंक इंडेक्स में शामिल कर लिया गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर बढ़ा है।

PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Punjab National Bank FY27 Q1 Results: सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सालाना आधार पर बैंक के कोर पैरामीटर्स भले ही थोड़े सुस्त नजर आ रहे हैं, लेकिन बैंक के नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

टैक्स खर्चों में आई भारी कमी ने पीएनबी के मुनाफे को तगड़ा बूस्ट दिया है, जिससे बैंक का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि पहली तिमाही में पीएनबी का प्रदर्शन कैसा रहा और निवेशकों के लिए इस रिजल्ट में क्या खास है।

नेट प्रॉफिट में बंपर उछाल, टैक्स में राहत ने बदली बाजी

PNB के लिए जून तिमाही मुनाफे के लिहाज से शानदार साबित हुई है:

मुनाफे में बड़ी छलांग: जून तिमाही में पीएनबी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही (Q1) में बैंक का मुनाफा केवल ₹1,675 करोड़ था।

टैक्स खर्च में भारी गिरावट: बैंक के मुनाफे में इस रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह टैक्स देनदारी का कम होना है। जून तिमाही में पीएनबी का टैक्स खर्च घटकर ₹1,725 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹5,083 करोड़ था।

ब्याज से कमाई 6 तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर

अगर बैंक के मुख्य कामकाज यानी ब्याज से होने वाली कमाई की बात करें तो सालाना आधार पर पीएनबी की शुद्ध ब्याज आय 2.1% बढ़कर ₹10,798 करोड़ रही। हालांकि सालाना ग्रोथ मामूली है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले 6 तिमाहियों में बैंक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।

एसेट क्वालिटी में सुधार: डूबा हुआ पैसा यानी NPA घटा

बैंक की एसेट क्वालिटी यानी बैड लोन की स्थिति इस तिमाही में काफी स्थिर और बेहतर नजर आई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही (मार्च) के 2.95% से घटकर 2.78% पर आ गया है। रुपयों में बात करें तो यह ₹37,124 करोड़ से घटकर ₹35,380 करोड़ रह गया है।

बैंक का नेट एनपीए भी मार्च तिमाही के 0.29% से मामूली सुधरकर 0.28% पर आ गया है। वैल्यू के हिसाब से यह ₹3,609 करोड़ से घटकर ₹3,433 करोड़ बचा है।

बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि नए खराब लोन की रफ्तार धीमी हुई है। जून तिमाही में नए स्लिपेज ₹2,080 करोड़ रहे, जो मार्च तिमाही के ₹2,758 करोड़ से काफी कम हैं।

हालांकि, लोन डूबने की आशंका में रखी जाने वाली रकम पिछली तिमाही के ₹424 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹541 करोड़ हो गई है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दिखा थोड़ा दबाव

सालाना आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि फंड की लागत थोड़ी बढ़ी है:

ग्लोबल एनआईएम: यह सालाना आधार पर 2.7% से घटकर 2.5% पर आ गया। हालांकि, मार्च तिमाही (2.47%) के मुकाबले इसमें 3 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़त है।

डोमेस्टिक एनआईएम: घरेलू स्तर पर बैंक का मार्जिन पिछले साल के 2.84% से 20 बेसिस पॉइंट घटकर 2.64% रहा, लेकिन यह भी मार्च के 2.61% से 3 बेसिस पॉइंट बेहतर है।

PNB के शेयरों का क्या है हाल?

नतीजों से ठीक पहले, यानी शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन पंजाब नेशनल बैंक का शेयर एनएसई पर 0.75% की बढ़त के साथ ₹106.01 पर बंद हुआ था। हालांकि, अगर इस साल की शुरुआत से बात करें तो पीएनबी का स्टॉक अब तक करीब 15% टूट चुका है। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर इन नतीजों का असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।

Kotak Mahindra Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 26% बढ़कर हुआ ₹4123 करोड़, एसेट क्वालिटी में सुधार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।