El Nino Impact: अल नीनो के खतरे पर PMO में हाई लेवल मीटिंग, खेती-जॉब से खाने-पीने के सामान तक अंदर से निकल कर आईं ये 5 बातें जानिए

El Nino Update: देश में खरीफ सीजन पर और इकॉनमी के दूसरे सेक्टर्स पर अल नीनो के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अलर्ट मोड में आ गया है। PIB की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा की अध्यक्षता में 7 जुलाई पीएमओ में एक हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। इसमें कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, आर्थिक मामलों और उपभोक्ता मामलों सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक का उद्देश्य अल नीनो की वजह से पैदा होने वाले हालात और मंत्रालयों की तैयारियों का डिटेल में एनालिसिस करना था। आइए आपको बताते हैं कि इस बैठक से निकल कर क्या खास बातें सामने आई हैं:-

1- मानसून का हाल और अल नीनो का अनुमान

बैठक की शुरुआत में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून से लेकर 7 जुलाई तक देश में हुई बारिश का डिटेल पेश किया। मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून के आने में करीब 10 दिनों की देरी हुई। वैसे 7 जुलाई तक हुई बारिश के बाद पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर -12% रह गई है।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जुलाई और अगस्त में कमजोर से मध्यम अल नीनो रहने की उम्मीद है। चूंकि मानसून सीजन की 30% से अधिक बारिश जुलाई में ही होती है इसलिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अल नीनो वर्ष का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उस साल सामान्य से कम या बहुत कम बारिश होगी।

2- कृषि और फसलों को लेकर सरकार की तैयारी

कृषि सचिव ने खरीफ सीजन के दौरान अल नीनो के किसी भी संभावित प्रभाव से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। देश के 262 संवेदनशील जिलों के लिए डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर कंटिंजेंसी प्लान को अपडेट किया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने जिलों में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए भारतीय कृषि में अल नीनो जोखिमों के प्रबंधन पर SOP जारी की है।

बारिश, जलाशयों में पानी, फसल की बुवाई, बाजार के रुझान और कीट/बीमारी की स्थिति की निगरानी के लिए राज्यों के साथ फसल मौसम निगरानी समूह की वीकली बैठकें बुलाई जा रही हैं। कमजोर राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज के लिए अभियान शुरू किए गए हैं।

3- खाद्य सामग्री और फर्टिलाइजर का बफर स्टॉक

देश में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी बैठक में मंथन हुआ। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने खुदरा कीमतों की स्थिति और चावल, गेहूं और दालों के पर्याप्त बफर स्टॉक की जानकारी साझा की। उर्वरक विभाग ने बताया कि रबी सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। दोनों विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यक वस्तुओं और उर्वरकों की मैक्रो और माइक्रो दोनों स्तरों पर उपलब्धता की लगातार निगरानी करें।

4- पानी, बिजली और पशुओं के चारे पर फोकस

इस बैठक में पेयजल, सिंचाई और पशुपालन के मोर्चे पर भी मंत्रालयों ने अपनी रिपोर्ट पेश की। पेयजल और स्वच्छता विभाग ने बताया कि स्थिति स्थिर है लेकिन उन्हें संवेदनशील जिलों में माइक्रो लेवल पर प्लानिंग और निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि वर्तमान में भूजल और जलाशयों की स्थिति स्थिर है लेकिन पूरे सीजन इस पर लगातार नजर रखी जाएगी। पशुपालन और डेयरी विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का आकलन करें। इसके लिए चारा विकास योजनाएं बनाने और राज्यों के साथ नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग ने भी उत्पादन और उपलब्धता की स्थिति साझा की।

5- रोजगार, स्वास्थ्य और राज्यों के साथ तालमेल

बैठक में स्वास्थ्य अलर्ट और रोजगार योजनाओं पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि हीट वेव, हाई ह्यूमिडिटी और डेंगू के प्रकोप की निगरानी के लिए एडवाइजरी जारी हुई हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने जानकारी दी कि 1 जुलाई से ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन’ के तहत काम शुरू हो गया है और अब तक 1 करोड़ मानव दिवस रोजगार पैदा किया गया है।

PMO का सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्थिति की लगातार निगरानी की जानी चाहिए। मंत्रालयों को कहा गया है कि वे राज्यों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर माइक्रो रणनीति के साथ काम करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कृषि और आर्थिक गतिविधियां अल नीनो से प्रभावित न हों।

‘अल नीनो’ का एनर्जी सिस्टम पर सबसे ज्यादा असर

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के एक नए एनालिसिस के अनुसार, इस साल के अल नीनो का सबसे बड़ा ग्लोबल असर भारत के एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाला है। अल नीनो मौसम का एक ऐसा चक्र है जो बार-बार आता है। इससे दुनिया भर में तापमान बढ़ता है।

भारत के सामने दोहरी चुनौती

अल नीनो की वजह से हवा और बारिश कम होने से टरबाइन और हाइड्रोपावर से बिजली का उत्पादन घटेगा। जबकि तापमान बढ़ने से एयर कंडीशनिंग (AC) की मांग बढ़ेगी, जिसमें बहुत ज्यादा बिजली खर्च होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल भर कूलिंग अप्लायंसेज (ठंडा करने वाले उपकरण) के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली की मांग 10 टेरावाट-घंटे (TWh) तक बढ़ सकती है, जो दिल्ली की सालाना बिजली खपत का एक-चौथाई हिस्सा है।

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यह एनालिसिस जुलाई 2026 से जून 2027 की अवधि के लिए भारत के पावर सेक्टर पर ला नीना से अल नीनो में बदलाव के असर को दिखाता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत को बिजली देने में सौर ऊर्जा की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अब यह दिन के समय बिजली की 24 प्रतिशत मांग को पूरा करती है। सौर ऊर्जा उत्पादन पर अल नीनो का बहुत कम असर पड़ता है, जिसका मतलब है कि भारत द्वारा लगाया गया हर अतिरिक्त सोलर पैनल और बैटरी ग्रिड को ऐसे खराब मौसम का सामना करने के लिए तैयार करने में मदद करता है।”

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Amazon Prime Day 2026 Sale: iPhone से लेकर Vivo तक पर मिल रहा जबरदस्त ऑफर, चेक करें डील

Amazon Prime Day 2026 की सेल अभी चल रही है और यह आज (सोमवार) खत्म हो जाएगी। इस सेल में स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज और कई अन्य प्रोडक्ट्स पर भारी छूट मिल रही है। ऐसे में अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका साबित हो सकता है। क्योंकि इस सेल में आपको बेहतरीन डील्स मिलेगी।

Prime Day 2026 के बेस्ट स्मार्टफोन डील्स

इस सेल सबसे खास बात Apple के iPhone Air पर मिल रही छूट है। इसका 256GB वाला मॉडल अब ₹96,990 की प्रभावी कीमत पर मिल रहा है, जबकि इसकी असली कीमत ₹1,19,900 है। iPhone Air के अलावा, आप iPhone 17 Pro को भी ₹1,34,900 की जगह ₹1,24,900 की कम कीमत पर खरीद सकते हैं।

Samsung भी अपने लेटेस्ट Galaxy S26 Plus 5G पर बड़ा डिस्काउंट दे रहा है। इसका 12GB RAM और 512GB स्टोरेज वाला वेरिएंट अब ₹1,04,999 में मिल रहा है, जबकि इसकी असली कीमत ₹1,39,999 है।

वहीं, Vivo X300 Ultra की कीमत में सेल के दौरान सबसे बड़ी कटौती हुई है। 16GB + 512GB वाला वेरिएंट अब ₹1,99,999 की जगह ₹1,59,999 की असरदार कीमत पर बिक रहा है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सेल सिर्फ Prime मेंबर्स के लिए है। जो ग्राहक पहले से मेंबर नहीं हैं, वे Prime का सब्सक्रिप्शन लेकर सेल के सभी ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। बता दें कि Amazon इस समय Prime Annual Membership ₹999 में दे रहा है, जबकि इसकी सामान्य कीमत ₹1,499 है। नए यूजर्स को अतिरिक्त ₹500 का डिस्काउंट भी मिल रहा है।

रेगुलर प्लान के अलावा, ग्राहक ‘प्राइम शॉपिंग एडिशन’ (₹200 सालाना) या ‘प्राइम लाइट प्लान’ (₹599 सालाना) चुन सकते हैं।

प्राइम मेंबर्स चेकआउट के समय एलिजिबल बैंक कार्ड का इस्तेमाल करके अतिरिक्त बचत कर सकते हैं। Amazon Pay ICICI क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने वाले ग्राहकों को एलिजिबल खरीदारी पर 5% कैशबैक मिलेगा।

वहीं, SBI और Axis Bank कार्डहोल्डर्स चुनिंदा प्रोडक्ट्स और एलिजिबल EMI ट्रांजैक्शन पर 10% तक का इंस्टेंट डिस्काउंट पा सकते हैं। खरीदार चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर 12 महीने तक की ‘नो कॉस्ट EMI’ का ऑप्शन भी चुन सकते हैं।

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Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: ब्रोकरेज हाउसेज ने 10 शेयरों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके लिए 14% से 43% तक के संभावित अपसाइड का अनुमान लगाया गया है। मजबूत बिजनेस आउटलुक, कमाई में सुधार और ग्रोथ की उम्मीद के दम पर इन शेयरों को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

DLF

ब्रोकरेज Motilal Oswal ने DLF पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 775 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। निवेशकों को यहां करीब 14% तक का रिटर्न मिल सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि कमर्शियल पोर्टफोलियो से मिलने वाली नियमित आय अगले पांच साल तक ग्रोथ का बड़ा आधार रहेगी। रेजिडेंशियल लॉन्च और मजबूत कलेक्शन से कैश फ्लो भी बेहतर रहेगा।

Hindustan Zinc

Emkay Global ने Hindustan Zinc पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 625 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर में 17% से ज्यादा की बढ़त की संभावना जताई गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि डिमर्जर के बाद कंपनी समूह की वित्तीय और परिचालन मजबूती का अहम आधार बनेगी। रेवेन्यू और EBITDA में इसका सबसे बड़ा योगदान रहने की उम्मीद है।

Dixon Technologies

Investec ने Dixon Technologies पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 14,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यानी शेयर में करीब 17% तक का उछाल आ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि Vivo के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को मंजूरी मिलने से पहले भी मोबाइल फोन का वॉल्यूम मजबूत रहेगा। एक्सपोर्ट, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और नए बिजनेस से भी कमाई बढ़ने की उम्मीद है।

Coforge

ब्रोकरेज फर्म Bank of America ने Coforge पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 1,725 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस हिसाब से शेयर में करीब 18% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का मानना है कि बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, सरकारी और ट्रैवल सेक्टर से मजबूत ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी की ऑर्गेनिक रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Lodha Developers

Motilal Oswal ने Lodha Developers पर ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने 1,285 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह शेयर करीब 21% तक का रिटर्न दे सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि नए प्रोजेक्ट लॉन्च, मजबूत एक्सीक्यूशन और लगातार बिजनेस विस्तार से कंपनी अपनी बढ़त बनाए रखेगी। ऑपरेटिंग कैश फ्लो और रेंटल कारोबार का विस्तार भी कमाई को सहारा देगा।

Bharti Airtel

Nomura ने Bharti Airtel को टेलीकॉम सेक्टर में अपनी टॉप पसंद बताया है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 2,220 रुपये से बढ़ाकर 2,355 रुपये कर दिया है। ‘Buy’ रेटिंग भी बरकरार रखी गई है। इस हिसाब से शेयर में करीब 24% तक का अपसाइड मिल सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि 5G रोलआउट अब लगभग पूरा हो चुका है। इससे पूंजीगत खर्च कम होगा। फ्री कैश फ्लो बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में कर्ज भी तेजी से घट सकता है।

MCX

Jefferies ने MCX पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 3,600 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज को शेयर में करीब 28% तक की छलांग की उम्मीद है।

ब्रोकरेज का मानना है कि भारत का कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार अभी शुरुआती दौर में है। कम पैठ की वजह से आने वाले वर्षों में MCX के लिए ग्रोथ की बड़ी गुंजाइश है।

United Spirits

Antique ने United Spirits पर ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने 1,791 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से शेयर करीब 29% तक चढ़ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि तमिलनाडु में डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बदलाव का फायदा कंपनी को मिलेगा। इससे राष्ट्रीय ब्रांडों की पहुंच बढ़ेगी। प्रीमियम पोर्टफोलियो की बिक्री को भी सहारा मिलेगा।

RBL Bank

ब्रोकरेज Nuvama ने RBL Bank पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 470 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस टारगेट के आधार पर शेयर में करीब 30% की तेजी देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक कॉरपोरेट लोन, माइक्रोफाइनेंस और क्रेडिट कार्ड कारोबार की चुनौतियों से काफी हद तक उबर चुका है। Emirates NBD के 26,000 करोड़ रुपये के निवेश से बैंक की पूंजी स्थिति भी मजबूत हुई है।

Jubilant Ingrevia

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Jubilant Ingrevia पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 975 रुपये रखा है। मौजूदा भाव 680.95 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 43% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 कंपनी के लिए टर्नअराउंड वाला साल साबित हो सकता है। भरूच प्लांट में EBITDA बेहतर होने की उम्मीद है। 6.6 करोड़ डॉलर के कर्ज को कम करने की योजना से बैलेंस शीट मजबूत होगी और वित्तीय जोखिम घटेगा।

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₹4000 तक बढ़ेगी टेक-होम सैलरी, लेकिन रिटायरमेंट पर होगा ₹80 लाख का भारी नुकसान! एक्सपर्ट से समझिए नए EPF नियम का पूरा गणित

New EPF Rules Take Home Salary vs Retirement: नए लेबर कोड के तहत मिलने वाली फ्लैक्सिबिलिटी के कारण अब कई कंपनियों में कर्मचारियों को भविष्य निधि (EPF) में अपना योगदान घटाकर न्यूनतम वैधानिक सीमा पर लाने का विकल्प मिल सकता है। ऐसा करने से आपकी हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी तो तुरंत बढ़ जाएगी, लेकिन वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि यह तात्कालिक खुशी आपके रिटायरमेंट के बड़े फंड को भारी चपत लगा सकती है।

यह फैसला पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप हर महीने बचने वाले एक्स्ट्रा पैसे का क्या करेंगे? उसे अनुशासन के साथ सही जगह निवेश करेंगे या सिर्फ खर्च कर देंगे? आइए एक्सपर्ट्स के हवाले से समझते हैं कि पीएफ में कटौती करने का यह नया नियम क्या है और इसके दूरगामी वित्तीय परिणाम क्या हो सकते हैं।

क्या बदल गया है ईपीएफ का नया फ्रेमवर्क?

टैक्सस्पैनर(Taxspanner) के को-फाउंडर और सीईओ सुधीर कौशिक के मुताबिक, ईपीएफ योगदान का मूल सिद्धांत अभी भी 12 प्रतिशत ही है, लेकिन असली पेंच उस ‘वेतन आधार’ का है जिस पर यह 12% लागू होता है।

पहले का नियम: कई कंपनियां या तो वास्तविक बेसिक सैलरी पर 12% पीएफ काटती थीं या इसे ₹15000 प्रति माह की वैधानिक सीमा पर सीमित रखती थीं, जिससे न्यूनतम अनिवार्य पीएफ योगदान ₹1800 प्रति माह होता था।

नया नियम: नए लेबर कोड के तहत, केवल वैधानिक वेतन सीमा (₹15000) तक ही 12% का अनिवार्य योगदान लागू रहेगा। इस सीमा से अधिक वेतन पर पीएफ काटना पूरी तरह स्वैच्छिक होगा, जो कंपनी और कर्मचारी की आपसी सहमति पर निर्भर करेगा।

इसका मतलब है कि अगर आप वर्तमान में अपनी पूरी बेसिक सैलरी पर अधिक पीएफ कटवा रहे हैं, तो आप और आपकी कंपनी आपसी सहमति से इसे घटाकर केवल अनिवार्य ₹1800 प्रति माह के स्तर पर ला सकते हैं। इससे आपकी मंथली टेक-होम सैलरी तो बढ़ जाएगी, लेकिन रिटायरमेंट फंड छोटा हो जाएगा।

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किन्हें पीएफ योगदान घटाने की गलती ‘बिल्कुल नहीं’ करनी चाहिए?

प्रोमोर फिनटेक की को-फाउंडर और डायरेक्टर निशा संघवी के अनुसार, यह विकल्प ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए सही नहीं है। इन 5 तरह के लोगों को पीएफ कम करने से बचना चाहिए:

जिनकी मुख्य बचत सिर्फ ईपीएफ है: अधिकांश वेतनभोगियों के लिए पीएफ ही एकमात्र ऐसी बचत है जो हर महीने ऑटोमैटिक होती है। बिना निवेश अनुशासन के, हाथ में आने वाला एक्स्ट्रा पैसा सिर्फ खर्चों में उड़ जाएगा।

कंपनी का मैचिंग कॉन्ट्रिब्यूशन खोने का डर: अगर कंपनी आपकी पूरी बेसिक सैलरी पर 12% योगदान दे रही है और आपने अपना स्वैच्छिक हिस्सा घटा लिया, तो मुमकिन है कि कंपनी भी वैधानिक सीमा से ऊपर अपना योगदान बंद कर दे। यानी आप कंपनी की तरफ से मिलने वाला फ्री रिटायरमेंट बेनिफिट खो देंगे।

40 और 50 की उम्र वाले कर्मचारी: जिनके पास नौकरी के कम साल बचे हैं, उन्हें कंपाउंडिंग का फायदा कम मिलता है। इसलिए योगदान घटाने से उनके रिटायरमेंट फंड पर बहुत बड़ा और बुरा असर पड़ेगा।

रूढ़िवादी या सेफ इन्वेस्टर्स: वित्तीय वर्ष 2026 के लिए ईपीएफ 8.25% की सरकारी गारंटीड ब्याज दर दे रहा है, जो पूरी तरह टैक्स-फ्री है। इतनी सुरक्षा के साथ इतना बढ़िया रिटर्न किसी अन्य फिक्स्ड-इनकम प्रोडक्ट में मिलना नामुमकिन है।

टेक-होम सैलरी बढ़ाने का लॉन्ग-टर्म नुकसान

एक्सपर्ट निशा संघवी ने एक आसान उदाहरण से इसके वित्तीय नुकसान को समझाया है:

मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹50000 है। अभी 12% के हिसाब से उसका पीएफ योगदान ₹6000 प्रति माह जाता है।

नए नियमों के तहत अगर वह न्यूनतम अनिवार्य सीमा चुनता है, तो उसका पीएफ केवल ₹1800 कटेगा, जिससे उसकी टेक-होम सैलरी में हर महीने ₹4200 बढ़ जाएंगे।

कंपाउंडिंग का नुकसान: अगर यह ₹4200 पीएफ खाते में ही रहते और 8.25% की दर से बढ़ते, तो 25 सालों में यह रकम करीब ₹41 से ₹42 लाख बन जाती।

डबल झटका: अगर आपकी देखा-देखी आपकी कंपनी ने भी एक्स्ट्रा हिस्से पर अपना मैचिंग कॉन्ट्रिब्यूशन बंद कर दिया, तो आपके रिटायरमेंट कॉर्पस में सीधे ₹80 लाख से ज्यादा का बड़ा नुकसान होगा।

इसके अलावा, जो एक्स्ट्रा पैसा आपकी टेक-होम सैलरी में जुड़ेगा, वह आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से पूरी तरह टैक्स के दायरे में आएगा, जबकि पीएफ में रहने पर यह टैक्स-फ्री कंपाउंड होता। यहां आपको बता दें कि सालाना ₹2.5 लाख से अधिक के कर्मचारी योगदान के ब्याज पर ही टैक्स लगता है।

किन्हें चुनना चाहिए कम पीएफ का विकल्प?

यह विकल्प केवल दो ही परिस्थितियों में फायदेमंद हो सकता है:

महंगे लोन चुकाने के लिए: अगर आप 12 से 14 प्रतिशत की भारी ब्याज दर वाला पर्सनल या क्रेडिट कार्ड लोन चुका रहे हैं, तो पीएफ घटाकर लोन का प्री-पेमेंट करना 8.25% के पीएफ रिटर्न से बेहतर परिणाम देगा।

अनुशासित इक्विटी निवेशक: जो लोग हाथ में आने वाले इस अतिरिक्त पैसे को बिना चूके हर महीने लंबी अवधि के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में डाइवर्ट करने का पक्का अनुशासन रखते हैं।

एक्सपर्ट की सलाह है कि कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी कंपनी की ईपीएफ पॉलिसी जांचें। अगर अतिरिक्त पैसा केवल रोजमर्रा के सामान्य खर्चों या लाइफस्टाइल को अपग्रेड करने में जाने वाला है, तो पीएफ योगदान को बिल्कुल न छुएं। आज की थोड़ी सी नकदी का आराम, कल के बुढ़ापे के बड़े फंड को दांव पर लगाने जैसा है।

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Amazon सेल में 59755 रुपए में मिल रहा iPhone 16! जानें ऑफर की पूरी डिटेल

अगर आप नया फोन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो iPhone 16 आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। Amazon Prime Day सेल के दौरान Apple के iPhone 16 पर बड़ी छूट मिल रही है। iPhone 16 अपने दमदार प्रोसेसर, शानदार कैमरा, 5G सपोर्ट और लंबी बैटरी जैसे कई बेहतरीन फीचर्स के लिए जाना जाता है। Amazon Prime Day सेल में iPhone 16 के 128GB मॉडल पर बड़ा डिस्काउंट मिल रहा है। iPhone 16 का 128GB मॉडल फिलहाल 62,900 रुपये में उपलब्ध है, वहीं इसकी लॉन्च कीमत 79,900 रुपये थी। यानी ग्राहकों को सीधे 17,000 रुपये की बचत होगी।

अगर आप चुनिंदा क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते हैं, तो आपको Amazon Pay में 3,145 रुपये तक का कैशबैक मिलेगा। वहीं इसके बाद iPhone 16 की कीमत घटकर सिर्फ 59,755 रुपये रह जाएगी। ऐसे में आइए जानते हैं इसके फीचर्स और ऑफर्स से जुड़ी पूरी जानकारी।

कितनी मिलेगी छूट

Amazon Prime Day सेल में iPhone 16 पर आकर्षक छूट दी जा रही है। फोन पर करीब 21 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिल रहा है। सेल के दौरान ग्राहक कुछ चुनिंदा क्रेडिट कार्ड और SBI डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर 1,750 रुपये तक की अतिरिक्त तुरंत छूट का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज करने का ऑप्शन भी दिया जा रहा है। फोन की स्थिति और मॉडल के अनुसार एक्सचेंज में 41,050 रुपये तक की कीमत मिल सकती है, जिससे नए iPhone की लागत और कम हो जाएगी। इसके साथ ही, अगर ग्राहक चुनिंदा क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते हैं तो उन्हें Amazon Pay कैशबैक के रूप में 3,145 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। इस ऑफर के बाद iPhone 16 की प्रभावी कीमत घटकर 59,755 रुपये रह जाती है।

कार्ड पर मिलेगी छूट

इसके अलावा, ग्राहकों की सुविधा के लिए कुछ चुनिंदा बैंक कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI का ऑप्शन भी दिया जा रहा है, जिससे बिना अतिरिक्त ब्याज के आसान किस्तों में भुगतान किया जा सकता है। अगर ग्राहक iPhone 16 को सबसे कम कीमत में खरीदना चाहते हैं, तो उन्हें ऐसे पात्र क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना होगा, जिस पर Amazon Pay कैशबैक का ऑफर मिल रहा है। खरीदारी पूरी होने के बाद 3,145 रुपये तक की कैशबैक राशि सीधे उनके Amazon Pay बैलेंस में जोड़ दी जाएगी, जिससे फोन की कुल कीमत और कम हो जाएगी। कुछ चुनिंदा बैंक कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आसान किस्तों में फोन खरीदा जा सकता है।

ये ऑफर केवल Amazon Prime मेंबर्स के लिए सीमित समय तक उपलब्ध है। सबसे पहले ये डील ब्लैक रंग वाले iPhone 16 पर लागू है, वहीं अन्य रंगों के मॉडल भी लगभग इसी रियायती कीमत पर खरीदे जा सकते हैं। ऐसे में सेल के दौरान ग्राहक अपनी पसंद का रंग चुनकर इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं।

जानें इसके फीचर्स

iPhone 16 में 6.1 इंच का सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले दिया गया है और ये Apple के दमदार A18 प्रोसेसर के साथ आता है। ये फोन Apple Intelligence फीचर्स को सपोर्ट करता है और लेटेस्ट iOS पर काम करता है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 48MP का मुख्य कैमरा और 12MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा मिलता है, जबकि सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 12MP का TrueDepth फ्रंट कैमरा दिया गया है। iPhone 16 में 5G नेटवर्क का सपोर्ट दिया गया है और चार्जिंग के लिए USB Type-C पोर्ट मिलता है। यह फोन धूल और पानी से सुरक्षा के लिए IP68 रेटिंग के साथ आता है और MagSafe वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है।

UPSSSC Forest Guard Recruitment: यूपी में फॉरेस्ट गार्ड के 708 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, 12वीं और पीईटी क्वालिफाई कर सकते हैं आवेदन

UPSSSC Forest Guard Recruitment: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड मुख्य परीक्षा (PET-2025)/13 के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया है। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए नोटिफिकेशन 23 अप्रैल, 2026 को जारी किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 708 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 जून, 2026 से शुरू हो गया है और 20 जुलाई, 2026 तक चलेगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 जरूरी तारीखें

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए परीक्षा से जुड़ी जरूरी तारीखें नीचे दी गई हैं :

नोटिफिकेशन जारी : 23 अप्रैल, 2026

रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तारीख : 30 जून, 2026

रजिस्ट्रेशन बंद होने की तारीख : 20 जुलाई, 2026

फीस जमा करने के लिए रजिस्ट्रेशन बंद होने की तारीख : 27 जुलाई, 2026

एडमिट कार्ड की तारीख : TBA

एग्जाम की तारीख : TBA

रिजल्ट की तारीख : TBA

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  • आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • कैंडिडेट्स को अपना PET-2025 रजिस्ट्रेशन नंबर और एक OTP इस्तेमाल करना होगा जो कैंडिडेट के मोबाइल नंबर या ईमेल ID पर भेजा जाएगा।
  • पंजीकरण के दौरान इस्तेमाल की निजी जानकारियों की मदद से पोर्टल पर लॉग इन करें।
  • अपनी शैक्षिक योग्यता डालें और अपनी फोटो, सिग्नेचर की स्पष्ट स्कैन फोटो अपलोड करें।
  • सबमिट करने से पहले फॉर्म को ध्यान से देख लें।
  • जारी रखें पर क्लिक करें, दूसरी जरूरी डिटेल्स भरें और एप्लीकेशन सबमिट करें।

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 आवेदन शुल्क

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 के लिए पंजीकरण तब तक पूरा नहीं होगा जब तक उम्मीदवार आवेदन शुल्क का भुगतान नहीं करते। आवेदन शुल्क क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग से अदा कर सकते हैं।

अनरिजर्व्ड (जनरल) Rs. 25

OBC Rs. 25

SC Rs. 25

ST Rs. 25

कौन कर सकता है आवेदन?

शैक्षिक योग्यता : उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या उत्तर प्रदेश के स्टेट बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है।

अन्य योगयता : काम का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत टेरिटोरियल आर्मी में कम से कम 2 साल काम किया हो, या नेशनल कैडेट कोर (NCC) से ‘B’ सर्टिफिकेट हो, या केंद्र या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त किसी संस्था से कंप्यूटर एप्लीकेशन में सर्टिफिकेट लिया हो, या किसी खेल में राज्य का प्रतिनिधित्व किया हो।

उम्र सीमा : 1 जुलाई, 2026 तक कम से कम उम्र 18 साल और ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 40 साल होनी चाहिए। सरकारी नियमों के अनुसार उम्र में छूट दी जाएगी।

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1 July से बदल गए 6 बड़े नियम: Aadhaar, Passport से लेकर Credit Card तक, आपकी जेब पर सीधा असर

rules changes from 1st july

1 July New Financial Rules 2026: नया महीना अपने साथ कई बड़े वित्तीय और नीतिगत बदलाव लेकर आया है। 1 जुलाई 2026 से देश में बैंकिंग, पासपोर्ट और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। अगर आप इन बदलावों से अनजान हैं, तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। ALSO READ: 25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश
 

अगर आपके पास HDFC या SBI का क्रेडिट कार्ड है, या आप नया पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं, तो रुकिए! 1 जुलाई से आपकी जेब ढीली होने वाली है। आइए जानते हैं RBI, UIDAI और प्रमुख बैंकों द्वारा जारी किए गए उन 6 बड़े बदलावों के बारे में, जो सीधे आपके बजट को प्रभावित करेंगे।

 

1. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: फीस में बढ़ोतरी

विदेश यात्रा का सपना देखने वालों के लिए पहला झटका पासपोर्ट ऑफिस से आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के नए सर्कुलर के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की फीस में बढ़ोतरी कर दी गई है:

  • नॉर्मल कैटेगरी : इसकी फीस 1,500 रुपए से बढ़ाकर अब 1,800 रुपए कर दी गई है।
  • तत्काल पासपोर्ट: इसके लिए अब आपको 3,500 रुपए की जगह 4,000 रुपए खर्च करने होंगे।

 

2. Aadhaar Card: ईमेल आईडी अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए UIDAI ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक आधार कार्ड में ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कराना पूरी तरह से मुफ्त होगा।

नोट: इससे पहले इस सर्विस के लिए 50 रुपए का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसमें 50 रुपए की सीधी छूट मिलेगी। हालांकि, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा।

 

3. Credit Card Lounge Access: अब खर्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

अगर आप क्रेडिट कार्ड के जरिए एयरपोर्ट लाउंज (Airport Lounge) का मुफ्त फायदा उठाते थे, तो अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। SBI Card और HDFC बैंक समेत कई बड़े दिग्गजों ने अपने नियम कड़े कर दिए हैं:

  • नया नियम: अब अगली तिमाही (Quarter) में मुफ्त लाउंज एक्सेस पाने के लिए चालू तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए की स्पेंडिंग (खर्च) करना अनिवार्य होगा।
  • पहले यह लिमिट 35,000 रुपए से 50,000 रुपए के बीच हुआ करती थी।

 

4. RBI का 'मिस-सेलिंग' पर नया डंडा: लोन और इंश्योरेंस के नियम सख्त

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बैंकों की मनमानी से बचाने के लिए 'मिस-सेलिंग' (Mis-selling) पर नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।

  • अब कोई भी बैंक या एजेंट आपको लोन देते समय जबरन कोई इंश्योरेंस पॉलिसी या अनचाहा कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट नहीं बेच सकता।
  • अगर कोई बैंक ऐसा करता है, तो ग्राहक सीधे RBI लोकपाल (Ombudsman) से शिकायत कर सकते हैं, और बैंक पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

 

2 july changes

5. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) की ब्याज दरें

वित्त मंत्रालय ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की दरों को इस बार स्थिर रखा गया है। हालांकि, कुछ चुनिंदा फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FD) की दरों में 0.10% का मामूली बदलाव किया गया है, जिसकी पूरी लिस्ट आप पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

 

6. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

पेंशन फंड नियामक PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ट्रांजैक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। 1 जुलाई से सभी NPS खातों में लॉगिन करने के लिए आधार-आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) पूरी तरह अनिवार्य हो गया है। इसके बिना यूजर्स अपने अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

 

टेकअवे (Takeaway)

जुलाई के इस महीने में किसी भी वित्तीय नुकसान से बचने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड के खर्चों को ट्रैक करें और अगर आधार में ईमेल अपडेट पेंडिंग है, तो तुरंत UIDAI के पोर्टल पर जाकर इस मुफ्त सेवा का लाभ उठाएं।

Disclaimer: यह जानकारी संबंधित विभागों (RBI, UIDAI, MEA) के आधिकारिक सर्कुलर और नोटिफिकेशन के आधार पर दी गई है। किसी भी सेवा का लाभ लेने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर नियमों की जांच जरूर कर लें।

IBPS PO Recruitment 2026: पीओ, मैनेजमेंट ट्रेनी, स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 6715 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, जानें आवेदन फीस और अन्य डीटेल

IBPS PO Recruitment 2026: इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल (IBPS) ने अलग-अलग पब्लिक सेक्टर बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO), मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) और स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के 6715 पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियली नोटिफिकेशन का पीडीएफ जारी कर दिया है। इन पदों पर 01 जुलाई से आवेदन शुरू हो गए हैं। यह उन उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन मौका है, जो बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखते हैं। आईबीपीएस के जरिए नियुक्त उम्मीदवारों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काम करने का मौका मिलेगा।

ऑनलाइन पंजीकरण 01 जुलाई, 2026 से शुरू हो चुका है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अपना एप्लीकेशन फॉर्म 21 जुलाई, 2026 तक जमा करना होगा। पंजीकरण प्रक्रिया खत्म होने के बाद आईबीपीएस सभी उम्मीदवारों के लिए फॉर्म करेक्शन विंडो खोलेगा ताकि वे एक बार जमा की गई डिटेल्स को एडिट कर सकें।

आईबीपीएस पीओ नोटिफिकेशन 2026: एक नजर में भर्ती प्रक्रिया

आईबीपीएस ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO), मैनेजमेंट ट्रेनी (MT), और स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) पोस्ट पर भर्ती के लिए कॉमन रिक्रूटमेंट प्रोसेस (CRP PO/MT-XVI और CRP SPL-XVI) का अस्थायी परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है।

जानकारी डिटेल्स

परीक्षा का नाम : IBPS PO 2026 (CRP PO/MT-XVI)

आयोजक संस्था : इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS)

पद : प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO)/मैनेजमेंट ट्रेनी

एप्लीकेशन मोड : ऑनलाइन

नोटिफिकेशन रिलीज : 30 जून 2026

ऑनलाइन अप्लाई शुरू : जुलाई 1, 2026

अप्लाई करने की आखिरी तारीख : जुलाई 21, 2026

सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिम्स, मेन्स, इंटरव्यू

ऑफिशियल वेबसाइट : www.ibps.in

प्रीलिम्स एग्जाम : अगस्त 2026

मेन्स एग्जाम : अक्टूबर 2026

पर्सनैलिटी टेस्ट : नवंबर 2026

इंटरव्यू : नवंबर/दिसंबर 2026

प्रोविजनल अलॉटमेंट : जनवरी 2027

आईबीपीएस पीओ 2026 आवेदन करने का तरीका

आधिकारिक लिंक एक्टिव होने के बाद, उम्मीदवार अपना पंजीकरण पूरा करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं :

  • ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर जाएं।
  • होमपेज पर “Apply Now” लिंक चुनें।
  • रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें और अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल ID डालें।
  • आपके लॉगिन क्रेडेंशियल ईमेल एड्रेस पर भेजे जाएंगे।
  • ऊपर दी गई डिटेल्स का इस्तेमाल करके, पर्सनल, कम्युनिकेशन और एजुकेशन की जानकारी के साथ अपना एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और रजिस्ट्रेशन फीस पे करें।
  • फाइनल सबमिशन से पहले सभी डिटेल्स को ध्यान से रिव्यू करें।

आईबीपीएस पीओ 2026 आवेदन शुल्क

सफल पंजीकरण के लिए उम्मीदवारों को 21 जुलाई, 2026 तक रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। फीस डेबिट/क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, UPI, वॉलेट वगैरह जैसे ऑनलाइन पेमेंट मोड से देना होगा। यह वापस नहीं की जाएगा। कैटेगरी के हिसाब से फीस की जानकारी इस तरह है:

कैटेगरी फीस अमाउंट

SC/ST/PWBD Rs. 175/-

अन्य Rs. 850/-

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों से अंग्रेजी, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीजनिंग विषय से 100 अंकों के 100 बहुविकल्पीय प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में चयनित किए गए उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाएगा। मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों से 200 अंकों के 170 सवाल पूछे जाएंगे। मुख्य परीक्षा की अवधि 160 मिनट निर्धारित की गई है। मुख्य परीक्षा में चयनित किए गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।

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Viral Post: पार्टी और स्पा की लत ने बढ़ाई मुश्किलें, 23 हजार की सैलरी में 3 लाख के कर्ज से परेशान युवक

Viral Post: सोशल मीडिया पर एक युवक का खर्चों को लेकर किया गया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। युवक ने बताया कि गलत खर्चों की वजह से उस पर 3 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज हो गया है। 27 वर्षीय एक युवक ने मुताबिक बार-बार पार्टी करना, स्पा पर पैसे खर्च करना और क्रेडिट कार्ड का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से उस पर 3 लाख रुपये से अधिक का कर्ज हो गया। अब उसे अपने पुराने फैसलों पर पछतावा हो रहा है।

युवक ने बताया कि, उसकी कमाई घर का खर्च और कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए उसने सोशल मीडिया पर लोगों से आर्थिक स्थिति सुधारने और कर्ज से बाहर निकलने की सलाह मांगी। सोशल मीडिया पर युवक की ये कहानी तेजी से वायरल हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट

Reddit पर की गई पोस्ट में युवक ने अपनी फाइनेंस स्थिति का पूरा ब्यौरा शेयर किया। पोस्ट के टाइटल में उन्होंने लिखा, “अपनी बेवकूफी की वजह से कर्ज के जाल में फंस गया।” उसने अपनी पोस्ट के साथ लोन और क्रेडिट कार्ड के बकाया की तस्वीर भी लगाई। उसके अनुसार, उस पर चार पर्सनल लोन और तीन क्रेडिट कार्ड का बकाया है। उसने बताया कि, “हर महीने उसके हाथ में 23,000 रुपये की सैलरी आती है, जिससे घर का खर्च चलाने के साथ कर्ज की किस्तें चुकाना उसके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।”

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3 लाख का हो गया कर्ज

उन्होंने लिखा, “कृपया कोई सलाह दें। मैंने इन कर्जों को चुकाने के लिए 3 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने की कोशिश की, लेकिन मेरी सभी लोन एप्लिकेशन खारिज हो गईं। मेरी मौजूदा सैलरी 23,000 रुपये है। किराया और घर का खर्च निकालने के बाद हर महीने मुश्किल से 4,000 रुपये ही लोन की किस्त के लिए बचते हैं।” युवक ने बताया कि ज्यादा कर्ज और क्रेडिट कार्ड की सीमा का अधिकांश हिस्सा इस्तेमाल करने की वजह से उसका क्रेडिट स्कोर भी लगातार गिर रहा है।

गिर गया क्रेडिट स्कोर

उन्होंने आगे लिखा, “ज्यादा क्रेडिट लिमिट इस्तेमाल करने की वजह से मेरा CIBIL स्कोर 770 से घटकर 765 हो गया है। मैं 27 साल का हूं और मुझसे बड़ी गलती हो गई।” अपडेट में उसने बताया, “मैंने क्रेडिट कार्ड के करीब 80% बकाया को EMI में बदल दिया, लेकिन अब उसकी किस्तें भरना भी मुश्किल हो रहा है। मैं परिवार के साथ रहता हूं और घर में अकेला कमाने वाला हूं। मैंने सारा पैसा पार्टियों और स्पा (बेवकूफी) पर खर्च कर दिया है।”

लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट के सामने आने के बाद कई लोगों ने अपनी राय शेयर किए। कुछ यूजर्स ने खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी, वहीं कई लोगों ने कर्ज चुकाने की बेहतर योजना बनाने और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए व्यावहारिक उपाय अपनाने की बात कही। एक यूजर ने लिखा, “अगर कोई आपको नया लोन नहीं दे रहा है, तो फिलहाल सभी EMI रोक दें। अपने बैंक खाते में पैसा न रखें, क्योंकि ऑटो-डेबिट के जरिए रकम कट सकती है। इसके बाद तीनों प्राइवेट लोन और दोनों क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक या कंपनी से सेटलमेंट की बात करें।”

एक यूजर ने लिखा, “ऐसा बिल्कुल मत करो। तुम अभी सिर्फ 27 साल के हो, अपनी क्रेडिट हिस्ट्री खराब मत होने दो। कर्ज की रकम बहुत बड़ी नहीं है। ये करीब 10 महीने की सैलरी के बराबर है। अगर समझदारी से खर्च करो और लगातार कोशिश करो, तो 12 से 36 महीनों में इसे चुका सकते हो।” एक और यूजर ने लिखा, “अच्छी बात है कि तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है। अब इसे सुधारने पर ध्यान दो। जहां तक हो सके बचत करो, घर का खाना खाओ और थोड़ा-थोड़ा करके भुगतान करते रहो। साथ ही, क्रेडिट कार्ड कंपनियों से बात करके बकाया रकम को EMI में बदलने की कोशिश करो।” एक अन्य यूजर ने सलाह दी कि हालात और बिगड़ने से पहले परिवार या दोस्तों से मदद लेनी चाहिए।

Personal Loan EMI: कम ब्याज पर पर्सनल लोन चाहिए? अप्लाई करने से पहले जरूर करें ये 7 काम

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन सबसे आसान और तेजी से मिलने वाला लोन है। शादी, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, घर की मरम्मत या किसी दूसरी जरूरी जरूरत के लिए लोग अक्सर इसका सहारा लेते हैं। लेकिन कई बार लोग बिना तैयारी के लोन के लिए आवेदन कर देते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि या तो लोन महंगे ब्याज पर मिलता है या फिर आवेदन ही रिजेक्ट हो जाता है।

अगर आप चाहते हैं कि बैंक या NBFC आपको कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन ऑफर करे, तो आवेदन करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं ऐसे 7 काम, जो आपकी ब्याज दर कम कराने में मदद कर सकते हैं।

1. CIBIL Score मजबूत रखें

पर्सनल लोन की ब्याज दर तय करने में CIBIL Score सबसे अहम भूमिका निभाता है। अगर आपका स्कोर 750 या उससे ज्यादा है तो बैंक आपको कम जोखिम वाला ग्राहक मानते हैं। ऐसे ग्राहकों को अक्सर बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना रहती है।

अगर स्कोर कम है तो पहले पुराने बकाया चुकाएं, समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल भरें। कुछ महीनों में स्कोर बेहतर हो सकता है।

2. नौकरी और आमदनी स्थिर होनी चाहिए

बैंक सिर्फ आपकी सैलरी नहीं देखते, बल्कि यह भी देखते हैं कि आपकी नौकरी कितनी स्थिर है। अगर आप लंबे समय से एक ही कंपनी में काम कर रहे हैं और आपकी आमदनी नियमित है, तो लोन मिलने के साथ-साथ बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

अगर अपना रोजगार करते हैं, तो नियमित कमाई और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की भी भूमिका अहम हो जाती है।

3. पहले से ज्यादा कर्ज है तो सावधान रहें

अगर आपकी कमाई का बड़ा हिस्सा पहले से EMI चुकाने में जा रहा है, तो बैंक को लगता है कि आपको लोन देने में जोखिम है। इसे डेट टु इनकम रेशियो कहते हैं यानी कर्ज और कमाई का अनुपात।

हमेशा कोशिश करें कि आपकी कुल EMI, मंथली इनकम के बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा न करे। इससे कम ब्याज पर लोन मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

4. एक साथ कई जगह आवेदन न करें

कई लोग सोचते हैं कि जितने ज्यादा बैंकों में आवेदन करेंगे, लोन मिलने की संभावना उतनी बढ़ जाएगी। लेकिन ऐसा करना उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है।

हर आवेदन पर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में हार्ड इन्क्वायरी दर्ज होती है। कम समय में कई हार्ड इन्क्वायरी होने पर CIBIL Score प्रभावित हो सकता है और बैंक इसे जोखिम का संकेत मान सकते हैं।

5. जिस बैंक से रिश्ता पुराना है, वहां पहले बात करें

अगर आपका सैलरी अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट, होम लोन या दूसरी बैंकिंग सेवाएं पहले से किसी बैंक में हैं, तो उसी बैंक से पहले ऑफर जरूर चेक करें।

मौजूदा ग्राहकों को कई बैंक प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन या कम ब्याज दर की पेशकश करते हैं।

6. सिर्फ पहली पेशकश पर हामी न भरें

हर बैंक और NBFC की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और दूसरी शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए पहला ऑफर मिलते ही लोन लेने की बजाय अलग-अलग संस्थानों के ऑफर की तुलना करें।

अगर आपका क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है, तो कई मामलों में ब्याज दर पर सौदेबाजी की भी गुंजाइश होती है।

7. जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें

जरूरत से ज्यादा रकम का लोन लेने पर EMI का बोझ बढ़ जाता है। वहीं बहुत लंबी अवधि चुनने पर कुल ब्याज भी ज्यादा देना पड़ सकता है।

इसलिए उतना ही लोन लें, जिसकी वास्तव में जरूरत हो। साथ ही, लोन की अवधि भी अपनी सहूलियत के हिसाब से रखें। ताकि EMI भी आराम से चुकाई जा सके और कुल ब्याज भी ज्यादा न बढ़े।

इन बातों को भी नजरअंदाज न करें

सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला न करें। प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज, प्रीपेमेंट नियम, लेट पेमेंट पेनल्टी और दूसरी शर्तों को भी ध्यान से पढ़ें। कई बार कम ब्याज वाला लोन भी छिपे हुए चार्ज की वजह से महंगा पड़ सकता है।

कम ब्याज पर पर्सनल लोन पाना सिर्फ किस्मत की बात नहीं है। ये सिबिल स्कोर, कमाई और आपकी सौदेबाजी के हुनर पर काफी निर्भर करता है। इसलिए आवेदन करने से पहले थोड़ी तैयारी कर लें। इससे आपकी जेब पर EMI का बोझ भी कम रहेगा और लोन चुकाना भी आसान होगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।