यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे चर्चित यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों की संपत्ति को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेज सामने आने के बाद माना जा रहा है कि बेलारूस की रहने वाली 37 साल की डेंटिस्ट कारिना शुलियाक एपस्टीन की संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने मरने से पहले अपनी वसीयत में उनके लिए करीब 959 करोड़ रुपए तक की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, डॉ. शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड रही हैं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या करने से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन भी उन्हें ही किया था। दोनों के निजी ईमेल-तस्वीरें जारी हुए डॉ. कारिना शुलियाक 2019 में एपस्टीन की मौत के बाद से लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उनकी यह कोशिश ज्यादा समय तक नहीं चल सकी। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज और ईमेल जारी कर दिए। इन रिकॉर्ड में डॉ. शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल थीं। इसके बाद दोनों का करीब 8 साल लंबा रिश्ता सबके सामने आ गया। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं शुलियाक ने खुद को कभी एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी उनसे एपस्टीन के मामले में कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थी जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से अस्थायी स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि वहां डेंटिस्ट की अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था और उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी थे। द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, साइबेरिया की एक लड़की ने दोनों की मुलाकात कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने महंगे तोहफों और दूसरी सुविधाओं से शुलियाक को प्रभावित करने की कोशिश की। पहली ही मुलाकात के दौरान उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा कराने में मदद करने की पेशकश भी की। डॉ. शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन एपस्टीन डॉ. शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बता चुका था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपनी क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी करने की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों में साथ घूमते थे। एपस्टीन ने कई सालों में उन्हें करीब 10 लाख डॉलर दिए। इतना ही नहीं, उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने उन्हें कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला दिलाने में मदद की थी और तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भी भरने का फैसला किया था। समय के साथ डॉ. शुलियाक ने जेफ्री एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के मैनेजमेंट में भी मदद करने लगीं। एपस्टीन ने ग्रीन कार्ड दिलाने में भी मदद की 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि अगर कारिना की शादी किसी अमेरिकी महिला से करा दी जाए, तो उन्हें ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता मिलने का रास्ता आसान हो जाएगा। इसके लिए उसने अपनी एक महिला असिस्टेंट से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर दिखाई गई थी। मई 2018 में डॉ. शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले एपस्टीन ने डॉ. शुलियाक के नाम की संपत्ति जुलाई 2019 में जैफ्री एप्सटीन की गिरफ्तारी हो गई। इसके एक महीने बाद उनकी डॉ. शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बातचीत हुई। एपस्टीन ने कहा कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन अपनी जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।

यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद अब भी जारी है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेजों से पता चला है कि बेलारूस की 37 वर्षीय डेंटिस्ट कारिना शुलियाक उसकी संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हो सकती हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने अपनी वसीयत में कारिना के नाम करीब 959 करोड़ रुपए की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कारिना शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड थीं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन कॉल भी उन्हें ही किया था। दोनों के प्राइवेट ईमेल और तस्वीरें सार्वजनिक हुईं जेफ्री एपस्टीन की 2019 में मौत के बाद डॉ. कारिना शुलियाक लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जी रही थीं। हालांकि, यह ज्यादा समय तक नहीं चल सका। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, ईमेल और रिकॉर्ड जारी किए। इनमें डॉ. कारिना शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल हैं। इन दस्तावेजों से दोनों के करीब 8 साल पुराने रिश्ते का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं कारिना शुलियाक ने कभी खुद को एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी एपस्टीन मामले में उनसे कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों कथित पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थीं कारिना जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए उन्हें सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि डेंटिस्ट की पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था। उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी लग चुके थे। एक महिला ने कराई थी मुलाकात द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक महिला ने कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। महंगे तोहफों से प्रभावित करने की कोशिश शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने कारिना को महंगे तोहफे और दूसरी सुविधाएं देकर प्रभावित करने की कोशिश की। पहली मुलाकात में ही उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा करने में मदद की पेशकश भी की। शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन डॉ. कारिना शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बताता था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपने क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों की यात्रा भी साथ करते थे। रिकॉर्ड के अनुसार, एपस्टीन ने कई वर्षों में कारिना को करीब 10 लाख डॉलर दिए। उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने कारिना का कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला कराने में मदद की। उसने तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भरने का भी फैसला किया था। समय के साथ कारिना ने एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के प्रबंधन में भी मदद करने लगीं। ग्रीन कार्ड दिलाने के लिए कराई थी समलैंगिक शादी 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि किसी अमेरिकी महिला से शादी होने पर कारिना के लिए ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा। इसी योजना के तहत उसने अपनी एक महिला कर्मचारी से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का दुरुपयोग किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर थी। मई 2018 में डॉ. कारिना शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले वसीयत में कारिना का नाम जोड़ा जुलाई 2019 में जेफ्री एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद उसकी डॉ. कारिना शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बात हुई। इस दौरान उसने कहा था कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उसकी उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन न्यूयॉर्क की जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. कारिना शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।

Gold Price Today: इस कारण लगातार दूसरे दिन चमका सोना, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट का गोल्ड का भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिका और ईरान ने वीकेंड में एक-दूसरे पर हमले बंद किए तो कच्चे तेल में नरमी आई। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई तो गोल्ड की चमक बढ़ी लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव भी दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक बढ़ी है। इन दो दिनों में राजधानी दिल्ली में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹940 और 22 कैरट वाला ₹860 महंगा हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम का 24 कैरट और 22 कैरट वाला गोल्ड फिलहाल ₹10 ऊपर चढ़ा है। चांदी की बात करें तो आज इसकी भी चमक फीकी हुई है। लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
मुंबई₹1,45,870₹1,33,710₹1,09,400
कोलकाता₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
चेन्नई₹1,45,1870₹1,33,710₹1,11,860
बेंगलुरू₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
हैदराबाद₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400
लखनऊ₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
पटना₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450
जयपुर₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550
अहमदाबाद₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450

दो दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इससे पहले दो दिनों की स्थिरता से पहले एक किलो चांदी 25 जून को ₹5 हजार महंगी हुई थी और 24 जुलाई को ₹5 हजार सस्ती हुई । अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,39,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी यह इसी भाव पर बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इसका फायदा सोने को मिला। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इससे भी सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में तेजी कुछ सीमित रही।

अब किस पर रहेगी नजर?

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक अब मार्केट की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका के जीडीपी के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

Income Tax भरने के लिए कौन-सा क्रेडिट कार्ड सबसे बेहतर?

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Income Tax भरने के लिए कौन-सा क्रेडिट कार्ड सबसे बेहतर? जानिए कौन देता है सबसे ज्यादा रिवॉर्ड

Best Credit Cards for Income Tax Payment: क्रेडिट कार्ड के जरिए इनकम टैक्स का भुगतान करना अब सिर्फ एक सुविधा मात्र ही नहीं रह गया है। अगर सही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाए, तो टैक्स भरते समय लगने वाले कन्वीनियंस फीस की भरपाई के साथ-साथ शानदार रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और माइलस्टोन बेनिफिट्स भी कमाए जा सकते हैं।

हालांकि, सभी बैंक सरकारी या टैक्स भुगतानों पर रिवॉर्ड नहीं देते। कई बैंक टैक्स पेमेंट को रिवॉर्ड कैटेगरी से बाहर रखते हैं या उस पर रिवॉर्ड पॉइंट्स की लिमिट लगा देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन-से क्रेडिट कार्ड्स टैक्स भुगतान के लिए सबसे बेहतरीन साबित हो सकते हैं।

कौन-सा क्रेडिट कार्ड है सबसे बेस्ट?

टैक्स भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स के आधार पर कुछ प्रमुख क्रेडिट कार्ड्स की तुलना नीचे दी गई है:

कौन-सा क्रेडिट कार्ड है सबसे बेस्ट?

HDFC Biz Black Metal क्यों है सबसे आगे?

अगर आप भारी-भरकम इनकम टैक्स भरते हैं, तो HDFC Biz Black Metal कार्ड सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इसकी बेस रिवॉर्ड दर 3.3% है। एक्सीलरेटेड रिवॉर्ड्स के तहत यह 16.66% तक जा सकती है और माइलस्टोन जोड़ने पर कुल वैल्यू 20% से भी अधिक हो जाती है। ज्यादातर कार्ड्स पर रिवॉर्ड की सीमा खत्म होते ही रिवॉर्ड बंद हो जाते हैं, लेकिन यह कार्ड कैपिंग खत्म होने के बाद भी बेस रिवॉर्ड देता रहता है।

ये कार्ड्स भी हैं आपकी रडार में रखने लायक

Kotak Solitaire: टैक्स भुगतानों पर कोई कैपिंग (सीमा) नहीं है। यह ICICI Times Black से बेहतर हो सकता है, लेकिन यह केवल ‘इन्विटेशन-ओनली’ कार्ड है।

HDFC BizPower: जो लोग Biz Black के लिए पात्र नहीं हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प है। हालांकि, इसमें 5X रिवॉर्ड्स अनलॉक करने के लिए आवश्यक ₹25,000 के मासिक खर्च में टैक्स पेमेंट नहीं गिना जाता।

YES Bank Private: टैक्स पेमेंट पर बिना किसी कैपिंग के 2.5% वैल्यू बैक देता है, लेकिन इस प्रीमियम कार्ड को हासिल करना थोड़ा मुश्किल है।

HDFC Marriott Bonvoy: इसकी रिवॉर्ड दर थोड़ी कम है, लेकिन पात्रता की शर्तें आसान हैं और बड़े टैक्स पेमेंट के लिए काम आ सकता है।

क्रेडिट कार्ड से टैक्स भरने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

केवल कार्ड का प्रचार में रिवॉर्ड रेट देखकर फैसला न लें। टैक्स पेमेंट करने से पहले ये बातें जरूर चेक करें:

  • एलिजिबिलिटी और कैपिंग: जांचें कि क्या टैक्स भुगतान पर रिवॉर्ड मिल रहे हैं या नहीं और प्रति माह कितने रिवॉर्ड पॉइंट्स की लिमिट तय की गई है।
  • कन्वीनियंस फीस का हिसाब: टैक्स पेमेंट पर लगने वाले सर्विस चार्ज या कन्वीनियंस फीस की तुलना अपने मिलने वाले रिवॉर्ड वैल्यू से करें।
  • रिडेम्प्शन वैल्यू: रिवॉर्ड पॉइंट्स को कैश, वाउचर या होटल/एयरलाइन माइल्स में रिडीम करने पर असली वैल्यू अलग-अलग हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत में एवरेज क्रेडिट स्कोर क्या है?

भारत में फाइनेंशियल मामलों में क्रेडिट स्कोर का कॉन्सेप्ट तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है. क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट्स के बढ़ते यूज के साथ ये स्कोर लोन लेने या क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने में बड़ा रोल प्ले करता है. ये 300 से 900 तक का थ्री-डिजिट नंबर है जो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर आपकी क्रेडिटवर्थीनेस को रिफ्लेक्ट करता है. हायर स्कोर बेहतर क्रेडिट हेल्थ दिखाता है. क्रेडिट स्कोर, जिसे सिबिल स्कोर भी कहते हैं, रिपेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट यूटिलाइजेशन, क्रेडिट हिस्ट्री कितनी पुरानी है, क्रेडिट टाइप्स और रीसेंट क्रेडिट इंक्वायरीज जैसे फैक्टर्स से तय होता है.

क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स को समझकर आप स्ट्रॉन्ग क्रेडिट रिपोर्ट बनाए रख सकते हैं और अपनी फाइनेंशियल प्रॉस्पेक्ट्स को बेहतर कर सकते हैं.

क्रेडिट स्कोर रेंजेस

भारत में क्रेडिट स्कोर को कई रेंज में बांटा जाता है, जो क्रेडिटवर्थीनेस के अलग-अलग लेवल्स दिखाती हैं.

750 से 900: ये रेंज एक्सेप्शनल मानी जाती है. इस रेंज वाले कंज्यूमर्स को लोअर इंटरेस्ट रेट्स और हायर लोन अप्रूवल चांसेज मिलते हैं.

700 से 749: ये गुड क्रेडिट स्कोर है. ये रिलायबल क्रेडिट हिस्ट्री दिखाता है, लेकिन एक्सीलेंट जितना स्ट्रॉन्ग नहीं.

650 से 699: फेयर रेंज. क्रेडिट ऑफर्स मिल सकते हैं, लेकिन हायर इंटरेस्ट रेट्स के साथ.

600 से 649: पुअर स्कोर. क्रेडिट लेना मुश्किल हो सकता है और अगर मिले तो हायर इंटरेस्ट रेट्स.

600 से नीचे: इमीडिएट एक्शन की जरूरत, क्योंकि लेंडर्स इसे रिस्की मानते हैं.

ट्रांसयूनियन सीबिल रिपोर्ट के मुताबिक, जो कंज्यूमर्स अपनी क्रेडिट को एक्टिवली मॉनिटर करते हैं उनका एवरेज क्रेडिट स्कोर 729 होता है, जबकि जो मॉनिटर नहीं करते उनका 712. साथ ही, सेल्फ-मॉनिटरिंग करने वाले 46% कंज्यूमर्स के स्कोर छह महीने में इम्प्रूव हुए, जबकि नॉन-मॉनिटर्स में 41%.

आप मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर इंस्टैंटली अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं

भारत की क्रेडिट हेल्थ कैसी है?

नवंबर 2023 में पैसे बाजार क्रेडिट इनसाइट्स रिपोर्ट के अनुसार, देश भर के कंज्यूमर्स की क्रेडिट हेल्थ में वैरिड ट्रेंड्स दिखते हैं. स्टडी ने 823 सिटीज के 3.7 करोड़ कंज्यूमर्स का डेटा एनालाइज किया, जो सैलरीड और सेल्फ-एम्प्लॉयड के बीच गैप्स और एज ग्रुप्स के अंतर को हाइलाइट करती है.

सैलरीड बनाम सेल्फ-एम्प्लॉयड

-सैलरीड कंज्यूमर्स में 25% से ज्यादा का क्रेडिट स्कोर 770 और ऊपर है.

-सेल्फ-एम्प्लॉयड में सिर्फ 14% का स्ट्रॉन्ग क्रेडिट प्रोफाइल है.

-दोनों सेगमेंट्स में 32% कंज्यूमर्स गुड क्रेडिट स्कोर कैटेगरी में आते हैं.

अर्बन बनाम नॉन-मेट्रो

-मेजर मेट्रो सिटीज में 24% कंज्यूमर्स का स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर है.

-नॉन-मेट्रो में 22% का स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर, जो इन डेमोग्राफिक्स में समान क्रेडिट बिहेवियर दिखाता है.

हेल्दी क्रेडिट स्कोर वाली सिटीज

स्टडी ने क्रेडिट-हेल्दी कंज्यूमर्स के हाइएस्ट रेशियो वाली सिटीज को हाइलाइट किया:

-बेंगलुरु

-अहमदाबाद

-मुंबई

-पुणे

-चेन्नई

-दिल्ली

-हैदराबाद

-सूरत (नॉन-मेट्रो)

-कोयंबटूर (नॉन-मेट्रो)

ये फाइंडिंग्स दिखाती हैं कि मेट्रो और नॉन-मेट्रो दोनों में क्रेडिट हेल्थ नोटेबल है, और कुछ नॉन-मेट्रो सिटीज अच्छा परफॉर्म कर रही हैं.

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स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर का इम्पैक्ट

स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर कई फाइनेंशियल बेनिफिट्स अनलॉक करता है, जो लोन और क्रेडिट कार्ड्स को आसान और फेवरेबल टर्म्स पर लेने में मदद करता है.

-स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर लोन और क्रेडिट कार्ड्स सिक्योर करने के चांसेज बढ़ाता है, क्योंकि ये रिस्पॉन्सिबल फाइनेंशियल बिहेवियर दिखाता है और लेंडर्स के लिए डिफॉल्ट रिस्क कम करता है.

-हाई क्रेडिट स्कोर वाले कंज्यूमर्स को लोन पर लोअर इंटरेस्ट रेट्स मिलते हैं, जो मंथली रिपेमेंट्स को अफोर्डेबल और मैनेजेबल बनाते हैं.

-स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर प्री-अप्रूव्ड लोन और क्रेडिट कार्ड ऑफर्स के लिए क्वालिफाई करता है, जो जरूरत पड़ने पर फंड्स को फास्ट एक्सेस देता है.

-लेंडर्स हाई क्रेडिट स्कोर वालों को प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स ऑफर करते हैं, जिनमें एन्हांस्ड रिवॉर्ड्स और बेनिफिट्स होते हैं, जो परचेजिंग पावर बढ़ाते हैं.

-गुड क्रेडिट स्कोर हायर लोन अमाउंट्स और क्रेडिट लिमिट्स एक्सेस करने में मदद करता है, जो वैरियस नीड्स के लिए ग्रेटर फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी देता है.

गुड क्रेडिट स्कोर कैसे बनाएं

क्रेडिट स्कोर इम्प्रूव करने के लिए इम्पैक्टिंग फैक्टर्स पर केयरफुल अटेंशन और नॉलेज की जरूरत है. ये कुछ तरीके हैं अपनी क्रेडिटवर्थीनेस को बेहतर करने के:

-क्रेडिट कार्ड बिल्स और लोन ईएमआई का टाइमली रेपेमेंट सुनिश्चित करें, क्योंकि लेट या मिस्ड पेमेंट्स आपके क्रेडिट स्कोर को नेगेटिवली इम्पैक्ट कर सकते हैं.

-एक साथ मल्टिपल लोन एप्लिकेशंस सबमिट करने से बचें, क्योंकि ये लेंडर्स को क्रेडिट के लिए ओवरली इगर लग सकता है.

-क्रेडिट रिपोर्ट को रेगुलरली रिव्यू करें और किसी भी इनएक्युरेसी को तुरंत एड्रेस करें.

-अपनी टोटल क्रेडिट लिमिट के 30% से नीचे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो रखने की कोशिश करें, जो रिस्पॉन्सिबल क्रेडिट मैनेजमेंट दिखाता है.

निचोड़ ये है कि स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर बेहतर फाइनेंशियल ऑपर्च्युनिटीज के दरवाजे खोल सकता है. इसलिए अपनी क्रेडिट हेल्थ को ट्रैक करना बहुत जरूरी है. आप मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर इंस्टैंटली अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं. अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को मॉनिटर करने के लिए डिटेल्ड क्रेडिट रिपोर्ट को आसानी से ट्रैक करें. मनीकंट्रोल क्रेडिट डैशबोर्ड एक्सप्लोर करें ताकि फ्री क्रेडिट स्कोर और डिटेल्ड रिपोर्ट एक्सेस कर सकें.

PhonePe का FY26 में घाटा 62% बढ़ा, रेवेन्यू में रही 11% की ग्रोथ

डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म फोनपे (PhonePe) का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11 प्रतिशत बढ़ा। आंकड़ा ₹7,920 करोड़ दर्ज किया गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹7,115 करोड़ था। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में कंपनी की ओर से जमा की गई फाइलिंग के अनुसार, कंसोलिडेटेड नेट लॉस 62 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹2,792 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹1,727 करोड़ था। PhonePe इस वक्त देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी है। UPI पेमेंट में इसका मार्केट शेयर 45 प्रतिशत से ज्यादा है।

नॉर्मलाइज्ड ऑपरेशनल बेसिस पर, वित्त वर्ष 2026 में PhonePe का नेट लॉस ₹1,377 करोड़ रहा। रेवेन्यू में कंपनी की धीमी ग्रोथ के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि पिछले वित्त वर्ष के बीच में क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट रोकना, सरकार की ओर से रियल मनी गेम्स (RMG) पर बैन लगाया जाना, पिछले साल UPI के लिए सरकारी सब्सिडी न मिलना।

फिलहाल के लिए टल चुका है PhonePe IPO

मार्च 2026 में खबर आई कि PhonePe ने मिडिल ईस्ट में युद्ध और मार्केट के अस्थिर माहौल का हवाला देते हुए अपना IPO टाल दिया। उम्मीद है कि कंपनी इस साल के आखिर में लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी। कंपनी ने जनवरी 2026 में IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा किया था। UDRHP के अनुसार, IPO में केवल ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहेगा। इसमें प्रमोटर WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 5.06 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए ऑफर से मिलने वाली पूरी रकम शेयर बिक्री करने वालों को मिलेगी।

वॉलमार्ट के पास कितनी हिस्सेदारी

WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स का मालिकाना हक वॉलमार्ट इंटरनेशनल होल्डिंग्स इंक के पास है। इसकी PhonePe में 71.77 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वर्तमान में जनरल अटलांटिक सिंगापुर PPIL, फोनपे में 8.98 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर है। इसके बाद 5.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ हेडस्टैंड है। फोनपे में टाइगर ग्लोबल PIP 9-1 और माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस भी निवेशक हैं। कहा जा रहा है कि OFS के जरिए टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट, फोनपे से एग्जिट करेंगी। इसके अलावा फोनपे में रिबिट कैपिटल, टीवीएस कैपिटल, टेनसेंट और कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी जैसों का भी पैसा लगा हुआ है।

फोनपे ने सितंबर 2025 में IPO के लिए SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट जमा किया था। कहा गया था कि मेगा IPO लगभग 12,000 करोड़ रुपये का रहेगा। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं। SEBI ने 20 जनवरी 2026 को PhonePe के कॉन्फिडेंशियल DRHP को मंजूरी दी थी।

Financial Rule: दिखावे पर नहीं, जिंदगी पर खर्च! कपल ने बताए पैसे बचाने और बढ़ाने के 5 नियम

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पैसों को सही तरीके से मैनेज करना हर परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। कई लोग अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा महंगे सामान, लग्जरी लाइफस्टाइल और दूसरों को प्रभावित करने में खर्च कर देते हैं। वहीं, बेंगलुरु के एक कपल ने पैसों को लेकर एक अलग सोच पेश की है। मेघा और शुभम का मानना है कि पैसा सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने अपनी आर्थिक आदतों से जुड़े 5 ऐसे नियम साझा किए हैं, जिनमें अनुभवों, स्वास्थ्य, बचत और भविष्य की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है।

कपल की यह सोच सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आ रही है। उनका कहना है कि सही वित्तीय फैसले महंगी चीजें खरीदने से नहीं, बल्कि समझदारी से खर्च और निवेश करने से बनते हैं।

1. दिखावे पर नहीं, जिंदगी को बेहतर बनाने पर खर्च

मेघा और शुभम का पहला नियम है कि पैसे सिर्फ दूसरों को प्रभावित करने के लिए खर्च नहीं करने चाहिए। उनका कहना है कि वे महंगी कार, डिजाइनर कपड़े या ऐसी चीजों पर खर्च नहीं करते जो सिर्फ स्टेटस दिखाने के काम आएं। इसके बजाय वे अपने घर, आराम और ऐसी चीजों पर खर्च करते हैं, जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाती हैं। उनके लिए अच्छा घर और बेहतर माहौल ज्यादा मायने रखता है।

2. सामान से ज्यादा यादों को देते हैं महत्व

कपल का मानना है कि चीजें कुछ समय बाद पुरानी हो जाती हैं, लेकिन अनुभव हमेशा याद रहते हैं। इसी सोच के चलते वे हर साल एक इंटरनेशनल ट्रिप प्लान करते हैं और सालभर में कई छोटे वेकेशन या स्टेकेशन का आनंद लेते हैं। इसके अलावा वे त्योहारों और खास मौकों पर अपने माता-पिता से मिलने को भी प्राथमिकता देते हैं।

3. फिटनेस और हेल्थ को मानते हैं सबसे बड़ा निवेश

इस कपल के लिए स्वास्थ्य पर खर्च करना कोई अतिरिक्त खर्च नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी है। वे अच्छी डाइट, फिटनेस, जिम और हेल्थ से जुड़ी चीजों पर बिना झिझक खर्च करते हैं। उनका मानना है कि आज शरीर का ध्यान रखने से भविष्य में बड़े मेडिकल खर्चों से बचा जा सकता है।

4. हर साल बढ़ाते हैं निवेश का आंकड़ा

कपल का चौथा नियम है कि हर साल अपने निवेश को पहले से बेहतर बनाना। वे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल गोल्स को ध्यान में रखकर पैसे मैनेज करते हैं। उनके अनुसार, घर के बाहर खड़ी कार से ज्यादा जरूरी वह रकम है, जो उनके निवेश पोर्टफोलियो में बढ़ रही है।

5. पैसों की जिम्मेदारी मिलकर संभालते हैं

मेघा और शुभम का मानना है कि परिवार में आर्थिक जिम्मेदारियां बांटना जरूरी है। मेघा घर के फिक्स खर्च जैसे किराया, बिल और घरेलू स्टाफ की सैलरी संभालती हैं, जबकि शुभम ग्रॉसरी, ट्रैवल खर्च और क्रेडिट कार्ड से जुड़े भुगतान देखते हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

कपल ने अपने ये नियम सोशल मीडिया पर शेयर किए, जिसके बाद कई लोगों ने उनकी सोच की सराहना की। उनका कहना है कि ये कोई परफेक्ट फॉर्मूला नहीं है, बल्कि उनकी फैमिली के लिए काम करने वाली आदतें हैं। उनकी कहानी एक बात साफ बताती है कि अच्छी आर्थिक जिंदगी सिर्फ ज्यादा कमाने से नहीं, बल्कि समझदारी से खर्च और निवेश करने से बनती है।

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Invest Rs 10 Lakh: हाथ में हैं ₹10 लाख? जानें पैसा बढ़ाने की 5 सबसे सेफ और स्मार्ट स्ट्रेटेजी

10 Lakh Investment Options & Strategies: अपने जीवन का पहला ₹10 लाख का फंड जमा करना किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत बड़ा फाइनेंशियल माइलस्टोन होता है। चाहे यह पैसा सैलरी की बचत, बोनस, बिजनेस प्रॉफिट, या किसी प्रॉपर्टी की बिक्री से आया हो, इसे हासिल करने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि इस ₹10 लाख को कहां और कैसे इन्वेस्ट करें ताकि भविष्य में इससे बड़ा वेल्थ बनाया जा सके।

फाइनेंशियल विशेषज्ञों का मानना है कि ₹10 लाख का निवेश करने के लिए ‘वन साइज फिट्स ऑल’ यानी एक जैसा नियम सब पर लागू होने का फॉर्मूला काम नहीं करता। आइए आपको बताते हैं कि सही रणनीति के साथ अपने ₹10 लाख को कैसे निवेश करें।

निवेश से पहले निपटाएं ये 3 सबसे जरूरी काम

₹10 लाख को सीधे बाजार में लगाने की जल्दबाजी न करें। सबसे पहले इन तीन बुनियादी बातों को मजबूत करें:

1- इमरजेंसी फंड: क्या आपके पास कम से कम 6 महीने के खर्चों के बराबर इमरजेंसी फंड है? अगर नहीं, तो इस ₹10 लाख में से कुछ हिस्सा लिक्विड फंड या बैंक एफडी में अलग रखें।

2- हेल्थ इंश्योरेंस: अपने और परिवार के लिए पर्याप्त हेल्थ कवर जरूर लें ताकि मेडिकल इमरजेंसी में आपकी बचत न डूबे।

3- महंगे कर्ज: अगर आप पर क्रेडिट कार्ड का बिल या पर्सनल लोन जैसा कोई भारी ब्याज वाला कर्ज है, तो निवेश करने से पहले उसे चुकता करें।

एक साथ पैसा लगाने से बचें, स्टैगर्ड तरीका अपनाएं

बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने के लिए पूरा ₹10 लाख एक बार में निवेश न करें। अपने पैसे को किसी लिक्विड फंड में रखें और वहां से अगले 6 से 12 महीनों के दौरान सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के जरिए इक्विटी फंड्स में ट्रांसफर करें। इससे बाजार के ऊंचे और निचले दोनों स्तरों का फायदा मिलेगा और रिस्क कम होगा।

अपने वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से बांटें पैसा

हर निवेशक का लक्ष्य अलग होता है, इसलिए समय सीमा के हिसाब से अपने पैसों का बंटवारा करें:

शॉर्ट टर्म गोल (1 से 3 साल): अगर आपको बच्चे की पढ़ाई, कार या घर की डाउन पेमेंट के लिए जल्द पैसा चाहिए, तो लो-रिस्क ऑप्शन जैसे डेट म्यूचुअल फंड, एफडी या आर्बिट्राज फंड चुनें।

लॉन्ग टर्म गोल (5 साल से ज्यादा): रिटायरमेंट या लंबी अवधि के वेल्थ क्रिएशन के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड्स (Flexi Cap, Large Cap), एनपीएस, या डायरेक्ट स्टॉक्स में निवेश करें।

एसेट एलोकेशन और डाइवर्सिफिकेशन का नियम

एसेट एलोकेशन और डाइवर्सिफिकेशन का नियम

पोर्टफोलियो की नियमित समीक्षा करें

₹10 लाख का निवेश करने के बाद रोज-रोज के बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर पैनिक न हों। अगर आप पहले से एसआईपी (SIP) चला रहे हैं, तो उसे जारी रखें। साल में एक या दो बार अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर रीबैलेंसिंग करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Union Bank Recruitment 2026: यूनियन बैंक में मैनेजर, सीनियर मैनेजर से लेकर कई पदों पर निकली बंपर भर्ती, 10 अगस्त है आवेदन करने की लास्ट डेट

Union Bank Recruitment 2026: बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए काफी काम की खबर है। देश के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने यूनियन बैंक भर्ती प्रक्रिया 2026-27 के तहत 395 पदों पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत डोमेन विशेषज्ञता वाले अधिकार, साधारण बैंकिंग अधिकारी और विशेष अधिकारी के पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों पर भर्ती के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर 10 अगस्त, 2026 तक अपना अवेदन कर सकते हैं। यूनियन बैंक भर्ती प्रक्रिया 2026-27 की शुरुआत 21 जुलाई से हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवेदन शुल्क भी अदा करना होगा।

पदों का विवरण

वैकेंसी में 163 मैनेजर, 153 सीनियर मैनेजर, 52 चीफ मैनेजर, 20 असिस्टेंट जनरल मैनेजर और 7 डिप्टी जनरल मैनेजर के पद शामिल हैं। कैंडिडेट को आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पूरा करना होगा, बताए गए फॉर्मेट में जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे और आखिरी तारीख से पहले एप्लीकेशन फीस देनी होगी।

यूनियन बैंक रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें?

कैंडिडेट यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • यूनियन बैंक के भर्ती पोर्टल ibpsreg.ibps.in पर जाएं।
  • ‘Click Here for New Registration’ पर क्लिक करें।
  • अपने नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें।
  • आवेदन फॉर्म ध्यान से भरें और सभी डिटेल्स वेरिफाई करें।
  • जरूरी फोटो, सिग्नेचर, बाएं अंगूठे का निशान और हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करें।
  • ‘कम्प्लीट रजिस्ट्रेशन’ पर क्लिक करने से पहले एप्लीकेशन का प्रीव्यू देखें।
  • आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
  • आवेदन सबमिट करें और आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज और ई-रसीद डाउनलोड करें।

यूनियन बैंक रिक्रूटमेंट 2026: आवेदन शुल्क

SC/ST/PwBD कैंडिडेट: Rs. 177 (GST के साथ)

UR/EWS/OBC कैंडिडेट: Rs. 1,180 (GST के साथ)

फीस डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, कैश कार्ड या मोबाइल वॉलेट/UPI से पे की जा सकती है।

कैंडिडेट को पेमेंट कन्फर्मेशन का इंतजार करना चाहिए और सफल भुगतान के बाद ई-रसीद डाउनलोड करनी चाहिए।

अधूरे आवेदन या शुल्क भुगतान में फेल होने पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

यूनियन बैंक रिक्रूटमेंट 2026: जरूरी डॉक्यूमेंट्स

  • हाल का पासपोर्ट-साइज कलर फोटो (20 KB-50 KB)
  • सफेद कागज पर काली स्याही से सिग्नेचर (10 KB-20 KB)
  • बाएं अंगूठे का निशान (20 KB-50 KB)
  • कैंडिडेट की अपनी हैंडराइटिंग में हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन (50 KB-100 KB)
  • वैलिड फोटो ID जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर ID
  • रजिस्ट्रेशन और कम्युनिकेशन के लिए एक्टिव मोबाइल नंबर और ईमेल ID

कैंडिडेट्स को सभी डिटेल्स ध्यान से वेरिफ़ाई कर लेनी चाहिए, बताए गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने चाहिए, फीस भुगतान पूरा करना चाहिए, और लास्ट-मिनट की दिक्कतों से बचने के लिए 10 अगस्त, 2026 से पहले आवेदन जमा कर देनी चाहिए।

ISRO Recruitment 2026: बिना लिखित परीक्षा के इसरो में अप्रेंटिस बनने का मौका, 25 जुलाई को होगा 462 पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू

कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ अशोक वासवानी ने बताई एग्जिट की वजह, जानिए क्या कहा

कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ अशोक वासवानी ने अपने एग्जिट की वजह बताई है। उन्होंने बताया कि क्यों तीन साल से ज्यादा समय तक बैंक की कमान संभालने के बाद उन्होंने एग्जिट का फैसला लिया। सीएनबीसी-टीवी18 की ऋतु सिंह के साथ बातचीत में उन्होंने कई अहम बातें बताईं।

एग्जिट का इसके अच्छा वक्त नहीं हो सकता था

वासवानी ने कहा, “व्यक्तिगत स्तर पर अपनी पारी पर विराम लगाने का इससे अच्छा वक्त नहीं हो सकता था। बीते साढ़े तीन साल काफी मुश्किल रहे।” उनका इशारा टेक्नोलॉजी इंबार्गो से था, जिससे बैंक को गुजरना पड़ा। पूरी मैनेजमेंट टीम नए सिरे से बनानी पड़ी। बैंक के पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और माइक्रो-फाइनेंस बुक्स को ठीक करने पड़ा।

कोटक बैंक अब आगे के सफर के लिए पूरी तरह तैयार

उन्होंने बताया कि लायबिलिटी के मामले में बैंक पर काफी दबाव था। अब पूरे ग्रुप में एक समान स्ट्रेटेजी है। यह अपनी पारी को विराम देने का सही वक्त था, क्योंकि बैंक अब आगे के सफर के लिए पूरी तरह से तैयार है। कोटक महिंद्रा बैंक देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। यह अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए एएमसी, इंश्योरेंस, सिक्योरिटीज सहित कई सेगमेंट में मौजूदा है।

व्यक्तिगत कारणों से किया पद छोड़ने का फैसला

अपने बारे में व्यक्तिगत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “मैं नाना बन गया। मेरी बेटी सैन फ्रांसिस्को में है। मेरी बेटी अपने पास मुझे बुला रही थी, इससे यह और भी जरूरी हो गया।” उन्होंने कहा कि पद छोड़ने का फैसला उन्होंने अपने व्यक्तिगत कारणों से किया था। उन्होंन बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक तय समयसीमा के अंदर उनके उत्तराधिकारी के नाम आरबीआई को सौंप देगा।

फॉरेन डिपॉजिट से बैंक की डिपॉजिट बुक मजबूत होगी

कोटक महिंद्रा बैंक के कारोबारी प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि जहां तक अंतरराष्ट्रीय बिजनेस की बात है तो बैंक गिफ्ट सिटी से एफसीएनआरबी बिजनेस करेगा। हालांकि, यह अभी काफी शुरुआती अवस्था में है। फॉरेन डिपॉजिट से बैंक को अपनी डिपॉजिट बुक मजबूत करने और स्टैबिलिटी हासिल करने में मदद मिलेगी।

इस साल करीब 12 फीसदी गिरा है कोटक बैंक का शेयर 

उन्होंने कहा कि बैंक का मार्जिन पिछले लगातार तीन सालों से फ्लैट है। साल दर साल आधार पर क्रेडिट कॉस्ट में काफी कमी आई है। हालांकि, तिमाही दर तिमाही आधार पर यह बढ़ा है। उन्होंने इसकी वजह बढ़ते स्लिपेज को बताया। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 17 जुलाई को 3.59 फीसदी चढ़कर 390.70 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 11.92 फीसदी गिरा है।