20 साल के भारतीय नागरिक वरुण बटचिगरी को जर्मनी में गिरफ्तार किया गया है। उन पर अमेरिका के एरिजोना में अपनी 19 साल की गर्लफ्रेंड जुलिसा रूबी सलाजार की गला दबाकर हत्या करने का आरोप है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, वरुण पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का शक है। जुलिसा का शव गुरुवार को एरिजोना यूनिवर्सिटी के पास टक्सन स्थित उसके अपार्टमेंट में मिला था। जुलिसा के परिवार ने उसकी चिंता होने पर पुलिस से वेलफेयर चेक कराने को कहा था। टक्सन पुलिस विभाग के मुताबिक, वे गुरुवार शाम करीब 4 बजे अपार्टमेंट पहुंचे, जहां जुलिसा बेहोश मिली। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने आरोपी को जर्मनी में ट्रेस किया जांचकर्ताओं का कहना है कि वरुण जुलिसा का फोन और क्रेडिट कार्ड लेकर गया था। उसने जुलिसा की मां को कई मैसेज भी भेजे। पुलिस को पता चला कि वरुण टक्सन से भाग चुका है। वह टक्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा और वहां से ह्यूस्टन की फ्लाइट ली। इसके बाद उसने जर्मनी के बर्लिन जाने वाली दूसरी फ्लाइट ली। अधिकारियों का मानना है कि वरुण भारत लौटने की कोशिश कर रहा था। उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अधिकारियों ने वरुण का पता लगाया और जर्मनी पहुंचने के बाद उसे हिरासत में लिया। उसे एरिजोना लाए जाने की उम्मीद है, जहां उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का आरोप लगाया जाएगा और उसे पिमा काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर में दर्ज किया जाएगा। रिश्ता खत्म करना चाहती थी जुलिसा इस मामले में वरुण और जुलिसा के रिश्ते और उनसे जुड़े दुर्व्यवहार के आरोपों की भी जांच हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलिसा यह रिश्ता खत्म करना चाहती थी। उसके साथ यौन हमले और दुर्व्यवहार होने की बात भी सामने आई है। 5 अगस्त को जुलिसा के रूममेट्स ने उसके कमरे से तेज चीखने की आवाज सुनी थी। इससे वे चिंतित हो गए और उन्होंने जुलिसा से संपर्क कर पूछा कि वह सुरक्षित है या नहीं। रूममेट्स को जवाब मिला कि वह ठीक है और कमरे में केवल बहस हुई थी। एक महिला ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया था कि वरुण ने हैलोवीन के दिन जुलिसा पर यौन हमला किया था। हालांकि, जुलिसा ने इस घटना की शिकायत उस समय नहीं की थी। वरुण को यूनिवर्सिटी से निकाला गया वरुण एरिजोना यूनिवर्सिटी में बिजनेस एनालिटिक्स की पढ़ाई कर रहा था। हालांकि, एक लड़ाई के बाद उसे यूनिवर्सिटी से निकाल दिया गया और उसकी पढ़ाई बीच में ही रुक गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके खिलाफ घरेलू हिंसा से जुड़े आरोपों का भी रिकॉर्ड रहा है। उसने हाल ही में नौकरी खो दी थी, जिससे उसके लिए किराया देना मुश्किल हो गया था और उसका इमिग्रेशन स्टेटस भी खतरे में पड़ गया था। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 27 साल की भारतीय महिला की हत्या:आरोपी बॉयफ्रेंड भारत से गिरफ्तार, उसी के अपार्टमेंट में शव मिला था अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में भारतीय मूल की महिला निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में उसके एक्स बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। निकिता न्यू ईयर से लापता थी। पूरी खबर पढ़ें…
20 साल के भारतीय नागरिक वरुण बटचिगरी को जर्मनी में गिरफ्तार किया गया है। उन पर अमेरिका के एरिजोना में अपनी 19 साल की गर्लफ्रेंड जुलिसा रूबी सलाजार की गला दबाकर हत्या करने का आरोप है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, वरुण पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का शक है। जुलिसा का शव गुरुवार को एरिजोना यूनिवर्सिटी के पास टक्सन स्थित उसके अपार्टमेंट में मिला था। जुलिसा के परिवार ने उसकी चिंता होने पर पुलिस से वेलफेयर चेक कराने को कहा था। टक्सन पुलिस विभाग के मुताबिक, वे गुरुवार शाम करीब 4 बजे अपार्टमेंट पहुंचे, जहां जुलिसा बेहोश मिली। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने आरोपी को जर्मनी में ट्रेस किया जांचकर्ताओं का कहना है कि वरुण जुलिसा का फोन और क्रेडिट कार्ड लेकर गया था। उसने जुलिसा की मां को कई मैसेज भी भेजे। पुलिस को पता चला कि वरुण टक्सन से भाग चुका है। वह टक्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा और वहां से ह्यूस्टन की फ्लाइट ली। इसके बाद उसने जर्मनी के बर्लिन जाने वाली दूसरी फ्लाइट ली। अधिकारियों का मानना है कि वरुण भारत लौटने की कोशिश कर रहा था। उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अधिकारियों ने वरुण का पता लगाया और जर्मनी पहुंचने के बाद उसे हिरासत में लिया। उसे एरिजोना लाए जाने की उम्मीद है, जहां उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का आरोप लगाया जाएगा और उसे पिमा काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर में दर्ज किया जाएगा। रिश्ता खत्म करना चाहती थी जुलिसा इस मामले में वरुण और जुलिसा के रिश्ते और उनसे जुड़े दुर्व्यवहार के आरोपों की भी जांच हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलिसा यह रिश्ता खत्म करना चाहती थी। उसके साथ यौन हमले और दुर्व्यवहार होने की बात भी सामने आई है। 5 अगस्त को जुलिसा के रूममेट्स ने उसके कमरे से तेज चीखने की आवाज सुनी थी। इससे वे चिंतित हो गए और उन्होंने जुलिसा से संपर्क कर पूछा कि वह सुरक्षित है या नहीं। रूममेट्स को जवाब मिला कि वह ठीक है और कमरे में केवल बहस हुई थी। एक महिला ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया था कि वरुण ने हैलोवीन के दिन जुलिसा पर यौन हमला किया था। हालांकि, जुलिसा ने इस घटना की शिकायत उस समय नहीं की थी। वरुण को यूनिवर्सिटी से निकाला गया वरुण एरिजोना यूनिवर्सिटी में बिजनेस एनालिटिक्स की पढ़ाई कर रहा था। हालांकि, एक लड़ाई के बाद उसे यूनिवर्सिटी से निकाल दिया गया और उसकी पढ़ाई बीच में ही रुक गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके खिलाफ घरेलू हिंसा से जुड़े आरोपों का भी रिकॉर्ड रहा है। उसने हाल ही में नौकरी खो दी थी, जिससे उसके लिए किराया देना मुश्किल हो गया था और उसका इमिग्रेशन स्टेटस भी खतरे में पड़ गया था। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 27 साल की भारतीय महिला की हत्या:आरोपी बॉयफ्रेंड भारत से गिरफ्तार, उसी के अपार्टमेंट में शव मिला था अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में भारतीय मूल की महिला निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में उसके एक्स बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। निकिता न्यू ईयर से लापता थी। पूरी खबर पढ़ें…
RBI loan recovery rules: अगर आपने पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन की EMI नहीं चुकाई है, तो भी बैंक आपका मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट लॉक नहीं कर सकेंगे। RBI ने साफ कर दिया है कि ऐसा सिर्फ उसी स्थिति में हो सकता है, जब उसी डिवाइस को खरीदने के लिए बैंक ने लोन दिया हो। इसमें भी कुछ शर्तें रहेंगी।
बैंकों और रिकवरी एजेंटों की सख्त वसूली, उत्पीड़न और ग्राहकों के डेटा के गलत इस्तेमाल की शिकायतों के बाद RBI ने यह फैसला लिया है। RBI ने 6 अगस्त 2026 को नए नियम जारी किए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।
कब लॉक हो सकता है डिवाइस?
अगर बैंक ने उसी मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप की खरीद के लिए लोन दिया है, तभी उस पर पाबंदी लगाई जा सकती है। लेकिन यह भी तुरंत नहीं होगा।
RBI के मुताबिक, पहले बैंक को नोटिस देना होगा। अगर नोटिस के बाद भी 30 दिन तक किस्त नहीं चुकाई जाती, तभी सीमित पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। पूरी तरह लॉक करने की कार्रवाई 60 दिन बाद ही हो सकेगी और वह भी तभी, जब इसकी शर्त लोन एग्रीमेंट में हो।
जरूरी सुविधाएं बंद नहीं होंगी
बैंक किसी भी हाल में इनकमिंग कॉल, SMS और इमरजेंसी SOS जैसी जरूरी सुविधाएं बंद नहीं कर सकेंगे। यानी जरूरत पड़ने पर आप इनका इस्तेमाल करते रहेंगे।
रिकवरी एजेंट नहीं कर सकेंगे परेशान
RBI ने रिकवरी एजेंटों के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं। वे गाली-गलौज नहीं कर सकते। धमकी नहीं दे सकते। सोशल मीडिया पर बदनाम नहीं कर सकते। रिश्तेदारों, दोस्तों या सहकर्मियों पर दबाव डालने के लिए संपर्क भी नहीं कर सकते।
निजी डेटा भी रहेगा सुरक्षित
बैंक या उनकी थर्ड पार्टी एजेंसियां आपके फोन का निजी डेटा नहीं देख सकेंगी। कॉन्टैक्ट्स, SMS, कॉल लॉग, फोटो और लोकेशन हिस्ट्री जैसी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी हालत में लोन वसूली के लिए नहीं किया जा सकेगा।
इसका मतलब क्या है?
इन नियमों का मतलब यह नहीं है कि लोन माफ हो गया। EMI नहीं चुकाने पर ब्याज लगेगा, क्रेडिट स्कोर खराब होगा और बैंक कानूनी तरीके से वसूली कर सकेंगे। लेकिन अब वे ग्राहकों को डराने या उनकी निजी डिवाइस और डेटा का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
Kisan Credit Card: कैसे बनवाएं किसान क्रेडिट कार्ड? जानें डॉक्यूमेंट और अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
Checking Credit Report Benefits: राजेश एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और सालों से अपनी हर ईएमआई और क्रेडिट कार्ड का बिल बिल्कुल समय पर भरते आए थे। उन्हें पूरा यकीन था कि उनका क्रेडिट स्कोर शानदार होगा। लेकिन जब वे अपने सपनों का घर खरीदने के लिए होम लोन अप्लाई करने बैंक पहुंचे, तो बैंक अफसर ने उनका आवेदन रिजेक्ट कर दिया।
वजह थी उनकी क्रेडिट रिपोर्ट में एक ऐसा लोन ‘एक्टिव’ दिख रहा था, जिसे वे सालों पहले बंद कर चुके थे। साथ ही, एक ऐसे अनजान क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज थी, जिसके लिए उन्होंने कभी अप्लाई ही नहीं किया था।
राजेश की तरह ज्यादातर लोग क्रेडिट रिपोर्ट को तभी याद करते हैं जब उन्हें किसी लोन या नए क्रेडिट कार्ड की जरूरत होती है। लेकिन समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच न करना आपको भारी मुसीबत और वित्तीय नुकसान में डाल सकता है।
साल में कम से कम एक बार जरूर करें ‘फाइनेंशियल चेकअप’
बहुत से लोग सोचते हैं कि जब उन्होंने कोई ईएमआई मिस नहीं की है, तो रिपोर्ट देखने की क्या जरूरत? लेकिन जैसे हम अपनी सेहत के लिए रूटीन बॉडी चेकअप कराते हैं, वैसे ही साल में कम से कम एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना बेहद जरूरी है। इससे यह पक्का होता है कि आपकी लोन हिस्ट्री और पर्सनल डिटेल्स सही तरीके से दर्ज हो रही हैं।
बड़ा लोन लेने से कुछ महीने पहले रिपोर्ट देखना क्यों है जरूरी?
अगर आप आने वाले कुछ महीनों में होम लोन, कार लोन या कोई बड़ा पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन करने से ठीक पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर खंगालें। अगर रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी या गलत एंट्री पाई जाती है, तो उसे ठीक कराने में कुछ हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लगता है। लोन रिजेक्ट होने के बाद दौड़-भाग करने से बेहतर है कि आप पहले ही सतर्क रहें।
क्रेडिट रिपोर्ट में हो सकती हैं मानवीय और तकनीकी गलतियां
क्रेडिट रिपोर्ट पूरी तरह से गलतियों से मुक्त नहीं होती। कई बार बंद किए जा चुके लोन अकाउंट भी सिस्टम में ‘एक्टिव’ दिखाई देते हैं। समय पर चुकाई गई ईएमआई ‘डिलीटेड’ या ‘लेट पेमेंट’ के रूप में दर्ज हो जाती है। नाम या पैन कार्ड की स्पेलिंग मिस्टेक या आइडेंटिफिकेशन एरर की वजह से किसी और का लोन आपके नाम पर लिंक हो जाता है।
अनजान लोन या क्रेडिट कार्ड: कैसे करें फ्रॉड की पहचान
अगर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते समय आपको कोई ऐसा क्रेडिट कार्ड या लोन अकाउंट दिखाई दे जिसके लिए आपने कभी अप्लाई ही नहीं किया था, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह आइडेंटिटी थेफ्ट या जालसाजी का संकेत हो सकता है। समय रहते शिकायत करने से आप किसी बड़े फ्रॉड का शिकार होने से बच सकते हैं।
सिर्फ 3 अंकों के क्रेडिट स्कोर पर न अटके रहें
ज्यादातर लोग सिर्फ अपना 3-अंकों का CIBIL/क्रेडिट स्कोर देखकर खुश या दुखी हो जाते हैं। लेकिन बैंक और वित्तीय संस्थान सिर्फ स्कोर ही नहीं, बल्कि पूरी रिपोर्ट की बारीकियों को देखते हैं:
- आपके नाम पर कितने एक्टिव लोन चल रहे हैं?
- आपने हाल में कितनी बार लोन के लिए इन्क्वायरी की है?
- आपकी पुरानी रीपेमेंट हिस्ट्री कैसी रही है?
केवल रिपोर्ट देखने से नहीं सुधरेगा स्कोर, करने होंगे ये बदलाव
क्रेडिट रिपोर्ट सिर्फ एक आईना है। सिर्फ रिपोर्ट चेक करने से आपका क्रेडिट स्कोर नहीं बढ़ेगा। स्कोर बढ़ाने और बनाए रखने का असली तरीका आपकी वित्तीय आदतें हैं यानी समय पर ईएमआई भरना, क्रेडिट लिमिट का संतुलित इस्तेमाल करना और गैर-जरूरी लोन लेने से बचना। नियमित रिपोर्ट चेक करने का काम सिर्फ इतना है कि यह आपकी अच्छी आदतों पर कोई गलत दाग नहीं लगने देती।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Kisan Credit Card Scheme: भारतीय किसानों को खेती और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए समय पर और किफायती ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना बेहद कारगर साबित हो रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को महाजनों या साहूकारों के भारी-भरकम ब्याज के जाल से बचाना और उन्हें बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है।
शुरुआत में केसीसी का फोकस मुख्य रूप से फसल उगाने के मौसमी खर्चों तक सीमित था, लेकिन अब इसका विस्तार पशुपालन, डेयरी फॉर्मिंग, मत्स्य पालन, पोल्ट्री और मधुमक्खी पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों तक कर दिया गया है। आइए जानते हैं कि इस कार्ड को पाने के लिए कौन-कौन पात्र है, क्या-क्या दस्तावेज चाहिए और इसका आवेदन कैसे होता है।
कौन-कौन ले सकता है किसान क्रेडिट कार्ड?
केसीसी योजना का फायदा उठाने के लिए पात्रता के नियम काफी आसान बनाए गए हैं:
खुद की जमीन वाले किसान: व्यक्तिगत या संयुक्त रूप से खेती करने वाले जमीन के मालिक किसान।
बटाईदार व किरायेदार किसान: पट्टेदार, बटाईदार और किराये पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसान।
किसान समूह: स्वयं सहायता समूह (SHGs) या संयुक्त देयता समूह (JLGs)।
संबद्ध क्षेत्रों के किसान: पशुपालन, डेयरी, मुर्गी पालन, झींगा और मत्स्य पालन से जुड़े किसान।
केसीसी के मुख्य लाभ और ब्याज दर
सस्ता ब्याज दर: केसीसी पर सामान्य ब्याज दर 7% होती है। लेकिन समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को सरकार 3% की अतिरिक्त छूट देती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर केवल 4% प्रति वर्ष रह जाती है।
बिना गारंटी लोन: बिना किसी जमीन या संपत्ति को गिरवी रखे ₹2 लाख तक का लोन आसानी से मिल जाता है।
रिवाल्विंग क्रेडिट लिमिट: केसीसी एक क्रेडिट कार्ड की तरह काम करता है, जिसमें एक तय क्रेडिट लिमिट मिलती है और किसान जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल और जमा कर सकते हैं।
इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
केसीसी के लिए आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित मूलभूत दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- पहचान पत्र: आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, या ड्राइविंग लाइसेंस।
- पते का प्रमाण: आधार कार्ड, राशन कार्ड या बिजली का बिल।
- जमीन के दस्तावेज: जमीन की खतौनी/खसरा/7/12 एक्सट्रैक्ट या पट्टेदारी/किरायेदारी का प्रमाण पत्र।
- फसल की जानकारी: खेत में बोई जाने वाली फसल और रकबे की स्व-घोषणा।
- पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदक के 2 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए कैसे करें अप्लाई?
किसान क्रेडिट कार्ड आप वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों या सहकारी बैंकों के जरिए बनवा सकते हैं:
1. बैंक शाखा के जरिए
अपने नजदीकी बैंक शाखा या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।
वहां से KCC का आवेदन फॉर्म प्राप्त कर भरें।
फॉर्म के साथ सभी जरूरी आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और जमीन के कागजात संलग्न कर जमा करें।
बैंक द्वारा आपके दस्तावेजों के सत्यापन और लोन अप्रूवल के बाद आपको केसीसी जारी कर दिया जाएगा।
2. ऑनलाइन प्रक्रिया
स्टेप 1- जिस बैंक में आपका खाता है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल बैंकिंग ऐप पर जाएं।
स्टेप 2- ‘Kisan Credit Card’ सेक्शन में जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
स्टेप 3- मांगे गए दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
स्टेप 4- अगर आप PM-Kisan योजना के लाभार्थी हैं, तो आपकी ई-केवाईसी और लैंड डिटेल्स पहले से वेरीफाइड होने के कारण एक पन्ने के आसान फॉर्म के जरिए तुरंत मंजूरी मिल जाती है।
भारत में खेती और उससे जुड़ी एक्टिविटीज को आर्थिक मजबूती देने के लिए बैंक और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूतम तमाम स्कीम चलाते हैं। इनमें सबसे अहम और और पॉपुलर स्कीम है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना। अगस्त 1998 में पब्लिक सेक्टर्स के बैंकों द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों को खेती-किसानी की जरूरतों के लिए समय पर और कम दरों पर क्रेडिट यानी कि लोन उपलब्ध कराती है। शुरुआत में इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ मौसमी फसलों के खर्चों को पूरा करना था, लेकिन समय के साथ इसका दायरा बढ़ाकर डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, पशुपालन और मधुमक्खी पालन जैसी एक्टिविटीज तक इसका विस्तार किया गया।
किसान क्रेडिट कार्ड से कैसे मिलता है बेहद सस्ता लोन?
किसान क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इस पर मिलने वाली बेहद कम ब्याज दरें और सरकारी छूट हैं। भारत सरकार की संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत बैंकों को KCC पर अधिकतम 3.00 लाख रुपये तक के कुल लोन पर 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से लोन उपलब्ध कराने के लिए सहायता दी जाती है। जो किसान अपने लोन का भुगतान समय पर करते हैं, उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 3 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज छूट दी जाती है। इस तरह देखें तो समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से सस्ता लोन मिल जाता है। इस ब्याज छूट का कैलकुलेशन लोन मिलने या पैसे विड्रॉल करने की तारीख से से लेकर लोन चुकाने की असल तारीख या बैंक द्वारा तय की गई तारीख (जो भी पहले हो) तक अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए की जाती है।
कौन-कौन कर सकता है अप्लाई?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ समाज के हर वर्ग के किसान और पशुपालक उठा सकते हैं। योजना के तहत पात्र आवेदकों की श्रेणियां नीचे दी गई हैं-
व्यक्तिगत/संयुक्त भू-स्वामी: ऐसे किसान जो स्वयं की भूमि पर खेती करते हैं।
पट्टेदार व बटाईदार: पट्टेदार किसान , मौखिक पट्टेदार और साझा कृषक या बटाईदार।
समूह और संस्थाएं: किसानों, पट्टेदारों या बटाईदारों के स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (JLG)।
दूसरी गतिविधियों से जुड़े किसान: पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम कीट पालन, मशरूम खेती और अन्य गतिविधियों में लगे व्यक्ति।
सरकार के नियमों के अनुसार, KCC योजना के तहत संशोधित ब्याज सबवेंशन का लाभ उठाने के लिए बैंक खातों को आधार से लिंक करना अनिवार्य है।
KCC लोन की सीमा और उपलब्ध फंड की राशि
KCC के तहत लोन की सीमा किसान की भूमि, फसल के प्रकार और गतिविधियों के आधार पर तय की जाती है। योजना में फंड की सीमा को भी तय किया गया है। फसलों की खेती और कटाई के बाद के खर्चों के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये तक की क्रेडिट सीमा तय की गई है। पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, रेशम पालन, मधुमक्खी पालन आदि के लिए वर्किंग कैपिटल के रूप में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की सीमा मिलती है। 1 हेक्टेयर तक की जोत वाले सीमांत किसानों के लिए 10000 रुपये से लेकर 50000 रुपये तक की फ्लेक्सी केसीसी दी जाती है। इसमें जमीन के मूल्य से जोड़े बिना खेती के खर्च, घरेलू जरूरतों और छोटे उपकरणों की खरीद के लिए 5 साल की अवधि के लिए लिमिट तय की जाती है।
क्रेडिट लिमिट और लोन की राशि का आकलन कैसे होता है?
KCC लोन की सीमा 5 वर्षों की अवधि के लिए तय की जाती है और यह एक रिवॉल्विंग क्रेडिट लिमिट के रूप में काम करती है। पहले वर्ष की लोन सीमा का निर्धारण इस फॉर्मूले से होता है:
पहले वर्ष की सीमा = (जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा तय फसल का पैमाना × खेती का क्षेत्रफल) + (कटाई बाद/घरेलू जरूरतों के लिए सीमा का 10%) + (फार्म परिसंपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए सीमा का 20%) + फसल/दुर्घटना बीमा प्रीमियम।
दूसरे से पांचवें साल की सीमा: अगले प्रत्येक वर्ष (2nd, 3rd, 4th और 5th ईयर) के लिए लागत वृद्धि के रूप में सीमा में 10% की बढ़ोतरी की जाती है।
टर्म लोन: भूमि विकास, सिंचाई, कृषि उपकरण खरीदने आदि के लिए 5 साल के समय के लिए टर्म लोन घटक भी इसमें जोड़ा जाता है। 5वें वर्ष की तय अल्पकालिक सीमा और टर्म लोन की कुल राशि मिलाकर कार्ड की मैक्सिमम पर्मिसेबल लिमिट तय होती है।
KCC क्रेडिट की प्रमुख विशेषताएं और इस्तेमाल
किसान क्रेडिट कार्ड योजना सिंगल के तहत किसानों की तमाम जरूरतों को पूरा करती है। अल्पकालिक फसल जरूरतों के तहत इसका फायदा मौसमी फसलों, सब्जियों, फल-फूलों, वृक्षारोपण, मसालों और औषधीय पौधों की खेती के लिए उठाया जा सकता है। उपज की कटाई के बाद के खर्चों और e-NWR (इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद) के एवज में लोन लेने के लिए। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए फसल ऋण के पुनर्गठन पर पहले वर्ष के लिए ब्याज सबवेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अलावा केसीसी में छोटे और सीमांत किसानों को फसल कटाई के तुरंत बाद मजबूरी में कम कीमत पर उपज बेचने से रोकने के लिए वेयरहाउसिंग अथॉरिटी से पंजीकृत गोदामों में रखी उपज की रसीद पर 6 महीने तक ब्याज सबवेंशन मिलता है।
कहां से मिलेगा KCC और आवेदन की प्रक्रिया
किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के लिए किसान अलग अलग फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन में आवेदन कर सकते हैं। KCC जारी करने के लिए अधिकृत संस्थानों की बात करें तो इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, ग्रामीण सहकारी बैंक, लघु वित्त बैंक, कंप्यूटरीकृत प्राथमिक कृषि ऋण समितियां शामिल हैं।
केसीसी के लिए आवेदन की प्रक्रिया
किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट/पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज (या पट्टेदारी का प्रमाण) और आधार कार्ड लगाना होता है। बैंक द्वारा एलिजिबिलिटी और डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद KCC जारी कर दिया जाता है।
RVUNL recruitment 2026: राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) ने अपनी 4 सहयोग सरकारी बिजली कंपनियों के साथ मिलकर 2,005 पदों को भरने के लिए अपने साझा भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 5 अगस्त से 25 अगस्त, 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इस भर्ती में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL), राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPN), जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVN), अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVN) और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JdVVN) के पद शामिल हैं। आरवीयूएनएल भर्ती 2026 के लिए 4 अगस्त, 2026 को जारी विज्ञापन संख्या RVUN/Rectt.-2026-27/02 और RVUN/Rectt.-2026-27/03 के तहत जूनियर इंजीनियर-I, जूनियर अकाउंटेंट और जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II पोस्ट के लिए पद उपलब्ध हैं।
आरवीयूएनएल भर्ती 2026: पोस्ट के हिसाब से वैकेंसी
जूनियर असिस्टेंट / कमर्शियल असिस्टेंट-II : सबसे ज्यादा 765 पद इस श्रेणी के लिए तय किए गए हैं।
जूनियर इंजीनियर-I : कुल 869 पद जूनियर इंजीनियर के लिए हैं, जिसमें इलेक्ट्रिकल के लिए 727,
मैकेनिकल के लिए 110 और सिविल इंजीनियरिंग के लिए 32 पद आवंटित हैं।
जूनियर अकाउंटेंट: कॉमर्स बैकग्राउंड वाले छात्रों के लिए कुल 371 पद सुरक्षित रखे गए हैं।
भर्ती के लिए जरूरी योग्यता
शैक्षणिक योग्यता : अलग-अलग पदों के लिए योग्यता निर्धारित है। जूनियर इंजीनियर संबंधित स्ट्रीम इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या सिविल में बी.ई. (B.E.), बी.टेक (B.Tech) की डिग्री अथवा डिप्लोमा होना अनिवार्य है। जूनियर अकाउंटेंट के लिए बी.कॉम, बीबीए, एम.कॉम या एमबीए डिग्री के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स जैसे RSCIT, CCC आदि होना चाहिए। जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट के पद के लिए 12वीं पास (10+2) या स्नातक के साथ मान्यता प्राप्त कंप्यूटर योग्यता जरूरी है।
उम्र सीमा : आरवीयूएनएल भर्ती 2026 के तहत पदों के लिए हिसाब से उम्र सीमा की अलग-अलग है। जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II और जूनियर अकाउंटेंट पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट की उम्र 18 से 43 साल के बीच होनी चाहिए। जूनियर इंजीनियर-I पोस्ट के लिए अप्लाई करने वालों की उम्र 21 से 43 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र की गिनती 1 जनवरी, 2027 के हिसाब से की जाएगी। योग्य उम्मीदवार लागू सरकारी नियमों के हिसाब से उम्र में छूट का दावा कर सकते हैं।
आवेदन शुल्क
सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार को 1,000 रुपये की आवेदन शुल्क देना होगा। SC, ST, BC, MBC, EWS, PwD और सहरिया श्रेणी के आवेदकों को 500 रुपये देने होंगे। आवेदन शुल्क का भुगतान कैंडिडेट डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI से कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया
- कंप्यूटर बेस्ड रिटन एग्जाम
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
- मेडिकल एग्जाम
जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में सफल घोषित होंगे, वे चयन प्रक्रिया के अगले चरण में जाएंगे।
आवेदन कैसे करें
अभ्यथी राजस्थान बिजली विभाग या संबंधित विद्युत निगम भर्ती वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करना होगा, एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा, जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे, आवेदन शुल्क देना होगा और आखिरी तारीख से पहले फॉर्म जमा करना होगा। उन्हें भविष्य के रेफरेंस के लिए जमा किए गए एप्लीकेशन फॉर्म और पेमेंट रसीद की एक कॉपी भी रखनी चाहिए।
Amazon Great Freedom Sale 2026: Amazon की Great Freedom Sale 2026 की शुरुआत 7 अगस्त से होने वाली है। इस सेल में स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप, वियरेबल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट मिलने वाला है। सेल शुरू होने से पहले ही Amazon ने Samsung, TCL, Xiaomi, Sony और LG जैसे ब्रांड्स के कई स्मार्ट टीवी की कीमतों का खुलासा कर दिया है।
इन ऑफर्स में अलग-अलग स्क्रीन साइज वाले LED, QLED, Mini LED और Crystal 4K मॉडल शामिल हैं। खरीदार बैंक और एक्सचेंज ऑफर्स का इस्तेमाल करके इनकी असल कीमत और कम कर सकते हैं।
Amazon Great Freedom Sale 2026: स्मार्ट टीवी पर बेहतरीन डील्स का खुलासा
Amazon ने ‘Great Freedom Sale’ से पहले कई स्मार्ट टीवी पर छूट की घोषणा की है। खास ऑफर्स में, 55-इंच वाला Xiaomi X 4K Smart Google LED TV 31,249 रुपये में मिलेगा, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत 48,999 रुपये है।
वहीं, Samsung का 55-इंच Mini LED 4K Vision AI TV भी 59,990 रुपये के बजाय 41,990 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा, 65-इंच वाला TCL 4K QD-Mini LED Google TV 61,999 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत 1,52,990 रुपये है।
Sony का 65 इंच BRAVIA 3 4K LED Google TV भी Amazon Great Freedom Sale में बड़े डिस्काउंट के साथ मिलेगा। इसकी कीमत घटकर ₹82,240 हो जाएगी, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत ₹1,64,900 है। यानी ग्राहकों को इस टीवी पर काफी बड़ी बचत का मौका मिलेगा।
इसके अलावा, LG का 55 इंच 4K webOS LED TV भी सेल में सस्ते दाम पर उपलब्ध होगा। इसकी कीमत ₹38,490 रखी गई है, जबकि इसकी सामान्य कीमत ₹85,990 है।
Amazon ने 43-इंच Samsung Crystal 4K Vision AI TV पर भी एक ऑफर की झलक दिखाई है, हालांकि इसकी फाइनल सेल कीमत अभी तक नहीं बताई गई है। लेकिन टीजर से पता चलता है कि सेल के दौरान यह TV डिस्काउंट वाली कीमत पर उपलब्ध होगा।
सेल के दौरान ग्राहक बैंक कार्ड ऑफर का इस्तेमाल करके स्मार्ट टीवी की कीमत को और कम कर सकते हैं। Amazon ने चुनिंदा क्रेडिट कार्ड और EMI ट्रांजैक्शन पर 10 प्रतिशत तक का इंस्टेंट डिस्काउंट और ₹10,000 तक के ऑफर की घोषणा की है। इसके अलावा, ग्राहकों को कई अन्य फायदे भी मिलेंगे। इनमें पहली खरीदारी पर फ्री डिलीवरी, पे ऑन डिलीवरी और योग्य प्रोडक्ट्स पर आसान रिटर्न सुविधा शामिल हैं।
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JKSSB Recruitment 2026: जम्मू और कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (JKSSB) ने विज्ञापन संख्या 08 ऑफ 2026 के तहत 518 वैकेंसी के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। ये भर्ती केंद्र शासित प्रदेश, डिवीजनल और डिस्ट्रिक्ट कैडर के अलग-अलग विभागों में, खासकर तकनीकी और स्वास्थ्य सेवा पदों के लिए उपलब्ध हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 10 सितंबर से 9 अक्टूबर, 2026 तक जेकेएसएसबी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
इस भर्ती प्रक्रिया में जूनियर फार्मासिस्ट, जूनियर स्टाफ नर्स, हॉर्टिकल्चर टेक्नीशियन ग्रेड-IV, जूनियर लैब टेक्नीशियन, जूनियर लेबोरेटरी असिस्टेंट, फीमेल मल्टी-पर्पस हेल्थ वर्कर (FMPHW), मेल मल्टी-पर्पस हेल्थ वर्कर (MMPHW), जूनियर ऑप्थैल्मिक टेक्नीशियन, हेल्थ एजुकेटर, सैनिटरी इंस्पेक्टर, जूनियर थिएटर टेक्नीशियन, सुपरवाइजर, सीनियर कैनिंग अटेंडेंट और पैरा मेडिकल असिस्टेंट जैसे पद शामिल हैं।
पद की जानकारी
इस भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग विभागों और जिलों में 518 पदों पर नियुक्ति शामिल है। ये पद श्रीनगर, बडगाम, गंदेरबल, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग, कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा, राजौरी और पुंछ जिलों के साथ-साथ UT और डिविजनल कैडर पोस्ट के लिए उपलब्ध हैं।
आवेदन के लिए जरूरी योग्यता
जूनियर फार्मासिस्ट : साइंस के साथ 10+2 और किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से फार्मेसी में डिग्री या डिप्लोमा।
जूनियर स्टाफ नर्स : साइंस के साथ मैट्रिक या उससे ज्यादा और जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी में डिप्लोमा।
हॉर्टिकल्चर टेक्नीशियन ग्रेड-IV: 10+2 के साथ एक साल की बेसिक हॉर्टिकल्चर ट्रेनिंग।
जूनियर लैब टेक्नीशियन : मैट्रिक या उससे ज्यादा के साथ लैब टेक्नीशियन कोर्स में दो साल का डिप्लोमा या लैब टेक्नोलॉजी में डिग्री।
जूनियर लैबोरेटरी असिस्टेंट : साइंस के साथ ग्रेजुएट। प्रोफेशनल लैबोरेटरी कोर्स में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा रखने वाले कैंडिडेट को प्राथमिकता दी जाएगी। एप्लिकेंट जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के रहने वाले होने चाहिए और उनके पास वैलिड डोमिसाइल सर्टिफिकेट होना चाहिए।
आवेदन शुल्क : जनरल और ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों को 600 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। एससी, एसटी-1, एसटी-2, ईडब्लूएस और पीडब्लूबीडी उम्मीदवारों के लिए फीस 500 रुपये है। आवेदक नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फीस दे सकते हैं। भुगतान पूरा होने के बाद फीस वापस नहीं होगी।
चयन प्रक्रिया
जेकेएसएसबी भर्ती 2026 के तहत उम्मीदवारों का चयन लिखित/ओएमआर परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर होगा। इसमें अंग्रेजी में ऑब्जेक्टिव-टाइप मल्टीपल-चॉइस सवाल होंगे। बोर्ड हर गलत जवाब के लिए 0.25 मार्क्स काटेगा।
लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। जेकेएसएसबी परीक्षा की तारीख और परीक्षा केंद्र की डिटेल्स अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से अनाउंस करेगा।
Trading Loss Loan Trap: शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग में रातों-रात अमीर बनने की चाहत कई लोगों के लिए बर्बादी का कारण बन रही है। मुंबई के एक 35 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल की आपबीती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर तेजी से वायरल हो रही है। MNC में मैनेजर के पद पर कार्यरत इस शख्स ने ट्रेडिंग में लगभग ₹80 लाख गंवा दिए हैं और अब वह ₹60 लाख के भारी-भरकम कर्ज के तले दब चुका है।
हालत यह है कि उसकी महीने की टेक-होम सैलरी ₹1.6 लाख है, जबकि बैंक और डिजिटल लोन ऐप्स की ईएमआई ही ₹1.85 लाख बनती है। सोशल मीडिया पर यूजर ने अपना दर्द शेयर करते हुए इस संकट से निकलने के रास्ते पूछे हैं।
कैजुअल ट्रेडिंग से शुरू हुआ सफर, ऐसे बना ₹60 लाख का कर्ज
रेडिट यूजर (gaushi1614) ने अपनी पोस्ट में बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान उसने स्टॉक मार्केट और F&O ट्रेडिंग में कदम रखा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक गंभीर लत बन गई। पुराने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में वह और अधिक ट्रेडिंग करने लगा, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। ₹80 लाख गंवाने के बाद अब उस पर ₹60 लाख का बकाया कर्ज है।
- दो पर्सनल लोन
- डिजिटल लेंडिंग ऐप्स और NBFCs के लोन
- ₹7 लाख से अधिक का बकाया क्रेडिट कार्ड बिल शामिल है।
घर चलाने के पैसे नहीं, परिवार से छिपा रखी है बर्बादी की कहानी
आईटी मैनेजर का कहना है कि उसकी प्राथमिकता किसी तरह अपनी मासिक ईएमआई का बोझ ₹1.85 लाख से घटाकर ₹1.2 से ₹1.3 लाख के स्तर पर लाना है, ताकि वह अपने परिवार के दैनिक खर्च संभाल सके और धीरे-धीरे पूरे कर्ज का भुगतान कर सके। यूजर ने बताया कि नए लोन लेने और क्रेडिट कार्ड का भारी इस्तेमाल करने के कारण बैंक अब उसे लोन कंसोलिडेशन या रीस्ट्रक्चरिंग की अनुमति नहीं दे रहे हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस व्यक्ति की पत्नी और बच्चों को इस भारी कर्ज की भनक तक नहीं है। उसे डर है कि रिकवरी एजेंटों के घर आने पर उसके परिवार को सच पता चल जाएगा। हालांकि, उसने दावा किया है कि उसने अब तक एक भी ईएमआई बाउंस नहीं होने दी है, लेकिन अब स्थिति असहनीय हो गई है।
रेडिट यूजर्स ने दी काम की सलाह: ऐसे निकल सकते हैं कर्ज के जाल से
पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और वित्तीय विशेषज्ञों ने इस परेशानी से उबरने के लिए व्यावहारिक और कड़े सुझाव दिए हैं:
1- सबसे महंगे कर्ज पहले चुकाएं
यूजर्स ने सलाह दी है कि क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन ऐप पर 36% से 42% तक का सालाना ब्याज लगता है। सबसे पहले संपत्ति जैसे- कार, ज्वेलरी बेचकर या रिश्तेदारों से बिना ब्याज की मदद लेकर इन हाई-इंटरेस्ट लोन का निपटारा करना चाहिए।
2- F&O ट्रेडिंग अकाउंट पूरी तरह बंद करें
ट्रेडिंग की लत आसानी से नहीं छूटती। इसके लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट को स्थायी रूप से बंद कर देना चाहिए और कुछ समय के लिए हर तरह के निवेश से दूरी बना लेनी चाहिए।
3. पत्नी और परिवार से सच साझा करें
अकेले इतने बड़े मानसिक तनाव को झेलना मुश्किल है। रिकवरी एजेंटों के दबाव से पहले पत्नी को स्थिति के बारे में ईमानदारी से बताना चाहिए ताकि वे मिलकर जीवनशैली के खर्चों में कटौती कर सकें।
4. सिक्योर लोन या मोर्टगेज लोन का विकल्प
अगर घर या अन्य कोई संपत्ति है, तो हाई-कॉस्ट पर्सनल लोन को चुकाने के लिए कम ब्याज दर वाले लोन का विकल्प चुना जा सकता है, जिससे ईएमआई आधी हो सकती है।
Desperately need advice – 60L debt due to trading losses and I don’t know how to get out
by
u/gaushi1614 in
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

