भारत में अब मुफ्त UPI नहीं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन

MDR charge on UPI payment

मंगलवार को संसद में देश के भुगतान कानूनों में प्रस्तावित संशोधन पेश किए जाने के साथ ही भारत अपने लोकप्रिय यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से किए गए लेन-देन पर मर्चेंट शुल्क को फिर से लागू करने के एक कदम और करीब पहुंच गया है। ALSO READ: UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट नेटवर्क में से एक यूपीआई ने जुलाई में 29.9 ट्रिलियन रुपये ($313.5 बिलियन) मूल्य के 23.6 बिलियन लेन-देन संसाधित किए। वॉलमार्ट का फोनपे और अल्फाबेट का गूगल पे यूपीआई के माध्यम से होने वाले भुगतान में अपना दबदबा बनाए हुए हैं।

उद्योग जगत के अधिकारियों ने लंबे समय से यह तर्क दिया है कि डिजिटल भुगतान में वृद्धि को बनाए रखना कठिन हो गया है क्योंकि भुगतान कंपनियों को यूपीआई लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं मिलता है, जिससे इस पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) में निवेश करने की उनकी क्षमता सीमित हो जाती है।

 

उद्योग और नियामक स्रोतों के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए भारत के भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन से डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुरू करने की अनुमति मिलेगी। सूत्रों ने कहा कि यह बदलाव एमडीआर वसूलने का एक कानूनी आधार तैयार करता है, लेकिन शुल्क के स्तर या वे कहाँ लागू होंगे, इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

 

एमडीआर वह शुल्क है जो व्यापारियों द्वारा डिजिटल लेन-देन को संसाधित करने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को दिया जाता है। हालांकि भारत में क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर लगभग 1.5% और डेबिट कार्ड पर 0.9% तक का एमडीआर लगता है, लेकिन वर्तमान में व्यापारियों के लिए यूपीआई लेन-देन मुफ़्त है।

 

दो दृष्टिकोणों पर विचार किया जा रहा है

नीति निर्माता दो व्यापक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं: एक निश्चित सीमा (थ्रेसहोल्ड) से ऊपर के लेन-देन पर एमडीआर लगाना या व्यापारी के वार्षिक टर्नओवर के आधार पर शुल्क वसूलना। एक प्रस्ताव में केवल बड़े व्यापारियों पर शुल्क लागू करने की बात कही गई है, जबकि उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों के लिए यूपीआई भुगतान मुफ़्त रहेगा।

 

सरकार 1.5 करोड़ रुपये (15 मिलियन रुपये) से अधिक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये ($20.97) से अधिक के लेन-देन पर 0.3% से 0.5% का एमडीआर लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। मंगलवार को जेफरीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन व्यापारी भुगतान मात्रा (वॉल्यूम) का केवल 4% हिस्सा हैं, लेकिन कुल लेन-देन मूल्य (वैल्यू) का लगभग 67% हिस्सा हैं।

BSE Share Price: जल्द रॉकेट बन सकते हैं बीएसई के शेयर, 11 एनालिस्ट्स ने दी निवेश की सलाह

BSE Share Price: अगर आप मोटी कमाई वाले शेयरों की तलाश में हैं तो आप बीएसई के शेयर पर दांव लगाने के बारे में सोच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि जून तिमाही के नतीजों के बाद इस शेयर को कवर करने वाले 18 एनालिस्ट्स में से किसी ने इस शेयर को ‘बेचने’ की सलाह नहीं दी है। इस साल यह शेयर 33 फीसदी चढ़ा है।

5,250 रुपये तक जा सकता है शेयर का प्राइस

11 एनालिस्ट्स ने BSE के शेयरों को खरीदने (Buy) की सलाह दी है। 7 एनालिस्ट्स ने शेयर को अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने (Hold) की सलाह दी है। ईस्ट इंडिया सिक्योरिटीज ने बीएसई के शेयर के लिए सबसे ज्यादा 5,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसके बाद ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने इस शेयर के लिए 4,850 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

शेयर ने 5 साल में निवेशकों का पैसा 26 गुना किया

बीएसई के शेयर का प्राइस 5 अगस्त को 12 बजे 3.40 फीसदी गिरकर 3,494 रुपये पर चल रहा था। यह एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। बीते पांच सालों में यह शेयर 2,487.97 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इस दौरान इस शेयर ने निवेशकों का पैसा करीब 26 गुना कर दिया है। बीएसई का मुकाबला NSE से है। ये दोनों देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज हैं। NSE अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। इस साल इसका आईपीओ आने वाला है। जून तिमाही में बीएसई का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 63 फीसदी बढ़ा।

जेफरीज ने शेयर में निवेश बनाए रखने की सलाह दी

जेपी मॉर्गन ने बीएसई के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 4,090 रुपये का टारेगट प्राइस दिया है। जेफरीज ने निवेशकों को बीएसई के शेयरों में निवेश बनाए रखने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 3,520 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, जेफरीज ने कहा है कि दूसरी तिमाही में बीएसई का एवरेज डेली टर्नओवर में कमी आ सकती है।

FY27 की अनुमानित ईपीएस के 48 गुना पर हो रही ट्रेडिंग

BSE के शेयर में वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित प्रति शेयर अर्निंग्स के 48 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यूबीएस ने भी बीएसई के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 4,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। बीएसई का फोकस नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर है। हाल में एक्सचेंज ने फोकस्ड आईटी डेरिवेटिव्स, एडिशनल इंडेक्स-बेस्ड डेरिवेटिव्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड से जुड़े प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं।

5 जुलाई को सबसे ज्यादा चढ़ने और गिरने वाले शेयर 

5 अगस्त को सेंसेक्स 0.20 फीसदी चढ़कर 78,602 पर चल रहा था। निफ्टी 0.16 फीसदी गिरकर 24,574 पर चल रहा था। Bosch, DLF, Hindustan Zinc, Ambuja Cements चढ़ने वाले शेयर थे। इनमें 5 फीसदी तक की तेजी दिखी। जायडस, अपोलो हॉस्पिटल्स और टीसीएस के शेयरों में गिरावट दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Nykaa Share Price: मजबूत तिमाही नतीजो के बाद शेयर 3% से ज्यादा टूटा, ब्रोकरेज फर्म बुलिश

Nykaa Share Price Today: Nykaa की पेरेंट कंपनी FSN E-Commerce Ventures Ltd. के शेयरों में बुधवार, 5 अगस्त को 3% से ज्यादा गिरा। कंपनी ने एक और मजबूत तिमाही परफॉर्मेंस दिखाई थी , जिसमें जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन में अच्छी बढ़ोतरी और मुनाफे में तीन गुना से ज़्यादा उछाल शामिल था। जून तिमाही (Q1FY27) के लिए, Nykaa ने रेवेन्यू में साल-दर-साल 29.1% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹2,782 करोड़ हो गया। EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 6.5% से बढ़कर 8.5% हो गया।

नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹24.5 करोड़ से तीन गुना से ज़्यादा बढ़कर ₹80 करोड़ हो गया। कंपनी के 13 अपने कंज्यूमर ब्रांड्स के पोर्टफोलियो ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा और साल-दर-साल 43% की ग्रोथ दर्ज की।

अपने मुख्य ब्यूटी बिज़नेस में, ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) 28% बढ़कर ₹4,105 करोड़ हो गई, जबकि फ़ैशन सेगमेंट ने भी मज़बूत रफ़्तार बनाए रखी। Nykaa ने अपने ऑफलाइन नेटवर्क का भी विस्तार किया, तिमाही के दौरान 11 नए स्टोर खोले, जिससे 100 से ज़्यादा शहरों में कुल स्टोर की संख्या 324 हो गई।

तिमाही के दौरान, Nykaa ने प्रीमियम ब्यूटी और स्किनकेयर ब्रांड Aminu Wellness में ₹32 करोड़ में 51% हिस्सेदारी खरीदी। Aminu ने FY26 में ₹19.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया।

नतीजों के बाद क्या है ब्रोकरेज की राय

HSBC ने ₹380 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। इसके पीछे ब्यूटी और फ़ैशन दोनों में मजबूत GMV ग्रोथ, ‘हाउस ऑफ़ ब्रांड्स’ पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार और लगातार ऑपरेटिंग लेवरेज जैसे कारण बताए गए।तिमाही नतीजों के उम्मीद से बेहतर रहने के बाद ब्रोकरेज ने FY27 के EBITDA अनुमानों को 3% बढ़ा दिया।

CLSA ने ₹376 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Outperform’ रेटिंग की राय दी है और कहा कि रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA उम्मीद से बेहतर रहे। ब्रोकरेज ने मजबूत ब्रांड पार्टनरशिप की मदद से फैशन ग्रोथ में तेजी को रेखांकित किया, जबकि मार्जिन बढ़ाने वाले अपने ब्रांड्स ने ब्यूटी सेगमेंट में मुनाफा बढ़ाना जारी रखा।

नोमुरा ने नायका के लिए अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी है और कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ पर भरोसा जताते हुए ₹411 का सबसे ऊंचा टारगेट दिया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि प्रीमियम बनने की ओर झुकाव, ब्रांड पार्टनरशिप का विस्तार, अपने ब्रांड्स का दायरा बढ़ाना और टियर-2 और टियर-3 शहरों में फिजिकल विस्तार से रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जेफरीज ने भी ₹400 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘buy’ रेटिंग दोहराई है और इस तिमाही के नतीजों को अहम पैमानों पर उम्मीद से बेहतर बताया है। ब्रोकरेज ने ब्यूटी सेगमेंट में अच्छी यूजर ग्रोथ, प्रीमियम बनने के ट्रेंड, फैशन में 50% से ज़्यादा की ग्रोथ, नायका के अपने ब्रांड्स (हाउस ऑफ ब्रांड्स) का दायरा बढ़ने और क्विक-कॉमर्स सर्विस की बढ़ती पहुंच पर ज़ोर दिया है।

नायका को ट्रैक करने वाले 26 एनालिस्ट में से 14 ने ‘buy’ रेटिंग दी है, जबकि 6-6 एनालिस्ट ने स्टॉक पर ‘hold’ और ‘Sell’ की सलाह दी है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Investment: सोने में फिर से खरीदारी शुरू करने का आ गया सही मौका! जेफरीज के क्रिस वुड ने क्यों कहा ऐसा?

Gold Price Investment Strategy: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड ने सोने में निवेश को लेकर एक बड़ा और अहम सुझाव दिया है। मनीकंट्रोल को दिए एक खास इंटरव्यू में क्रिस वुड ने कहा कि हालिया गिरावट और एक सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद अब सोने में फिर से खरीदारी शुरू करने का सही समय आ गया है।

क्यों आया सोने में गिरावट का दौर?

क्रिस वुड ने सोने की हालिया चाल का विश्लेषण करते हुए बताया कि जब हाल ही में ईरान संघर्ष की शुरुआत हुई थी, तब भी सोने ने अपना नया रिकॉर्ड हाई नहीं बनाया था।

ईरान युद्ध की खबर के बावजूद सोने का नया ऑल-टाइम हाई न बनाना इस बात का साफ इशारा था कि सोने का बाजार फिलहाल अपने शिखर पर पहुंच चुका है और इसके बाद एक ठहराव या कंसोलिडेशन फेज शुरू होना तय था।

अब सोना इस ट्रेडिंग रेंज के अपने सबसे निचले स्तर के करीब आ गया है, जिससे निवेशकों के लिए इसमें नए सिरे से एंट्री करने का बेहतरीन मौका बन रहा है।

लंबी अवधि में क्यों मजबूत है सोने का आउटलुक?

क्रिस वुड लंबी अवधि के लिए सोने को लेकर बेहद तेजी का रुख रखते हैं। उन्होंने इसके पीछे का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के अवमूल्यन को बताया। वुड ने तर्क देते हुए कहा कि, ‘दीर्घकालिक नजरिए से मुझे सोना इसलिए पसंद है क्योंकि मैं अभी भी ‘डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड’ यानी डॉलर के मूल्य में आने वाली संभावित गिरावट की थ्योरी में पूरा विश्वास रखता हूं।’

निवेशकों के लिए क्रिस वुड की सलाह

सोने में आई हालिया करेक्शन के बाद अब यह एक आकर्षक कंसोलिडेशन जोन में है। इसलिए निवेशकों को हर गिरावट पर इसे अपने पोर्टफोलियो में जोड़ने की रणनीति अपनानी चाहिए।

वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी डॉलर के दीर्घकालिक दबाव को देखते हुए सोना पोर्टफोलियो को मजबूती और सुरक्षा प्रदान करने का सबसे असरदार माध्यम बना हुआ है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्रिस वुड ने लॉर्जकैप स्टॉक्स में तेजी की जताई उम्मीद, कहा- यह सोने में फिर से निवेश शुरू करने का सही वक्त

जेफरीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के ग्लोबल हेड क्रिस वुड का मानना है कि लंबी अवधि में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। उनका यह भी कहना है कि लंबे समय तक मिडकैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन के बाद अब लार्जकैप स्टॉक्स की बारी है। मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता को दिए इंटरव्यू में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार के बारे में कई अहम बातें बताईं।

गोल्ड में निवेश शुरू करने की सलाह

वुड ने कहा कि मिडकैप स्टॉक्स की अर्निंग्स ग्रोथ और रिटर्न स्ट्रॉन्ग रहे हैं। अब ब्लूचिप स्टॉक्स का रफ्तार पकड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने इनवेस्टर्स को हालिया कंसॉलिडेशन (सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव) के बाद सोने में निवेश शुरू करने की भी सलाह दी। गोल्ड की कीमतें इस साल जनवरी की आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई।

मिडकैप की अर्निंग्स ग्रोथ लार्जकैप से ज्यादा

उन्होंने कहा, “रुपये में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स के लिए पिछले साल भारतीय शेयर बाजारों का कुल रिटर्न बहुत खराब नहीं रहा। इंडियन मार्केट में मिडकैप स्टॉक्स को लेकर मेरी राय सबसे ज्यादा पॉजिटिव रही है। उनकी अर्निंग्स ग्रोथ ब्लूचिप शेयरों के मुकाबले ज्यादा रही है।”

अब लार्जकैप स्टॉक्स में दिख सकती है तेजी

लंबी अवधि में भारतीय बाजारों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताते हुए वुड ने कहा कि मिडकैप शेयरों के शानदार प्रदर्शन से यह संकेत मिलता है कि अब लार्जकैप स्टॉक्स में तेजी दिख सकती है। उनका मानना है कि पिछले 18 महीनों में इंडियन मार्केट्स में लार्जकैप शेयरों में स्ट्रॉन्ग थीम का अभाव रहा है। इंडिया में रिवर्स AI ट्रेड देखने को मिला है। इंडिया में एक सेक्टर है, जिसे एआई से बड़ा खतरा है। वह सेक्टर आईटी है।

मध्यपूर्व में लड़ाई से सोने में उछाल नहीं आया

सोने के बारे में वुड ने कहा कि हाल में ऊंचे लेवल से गिरने के बाद सोने की कीमतें अब ऐसे लेवल पर आ गई है, जिस पर इसमें निवेश बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “ईरान वॉर शुरू होने पर गोल्ड की कीमत ने नया हाई नहीं बनाया। यह मेरे लिए एक संकेत था कि गोल्ड की कीमतें फिलहाल अपने पीक पर पहुंच गई हैं और हम कंसॉलिडेशन के दौर में प्रवेश कर चुके हैं।”

डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड की वजह से सोना अट्रैक्टिव

वुड ने कहा, “हम इस ट्रेडिंग रेंज के निचले स्तर पर हैं। मेरा मानना है कि लोगों को फिर से सोने में निवेश शुरू करना चाहिए। लंबी अवधि में सोने को पसंद करने की वजह यह है कि मैं अब भी डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड पर भरोसा करता हूं। “

(नलिन मेहता मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर और नेटवर्क18 में चीफ एआई ऑफिसर-एडिटोरियल ऑपरेशंस हैं। नलिन ‘द न्यू बीजेपी: मोदी एंड द मेकिंग ऑफ द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट पॉलिटिकल पार्टी’ किताब के लेखक हैं।)

HPCL Stock Outlook: 23% तक उछल सकता है सरकारी कंपनी का शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीद की सलाह

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर में आगे 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 470 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 381.25 रुपये से 23 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक पर ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।

सरकारी कंपनी HPCL को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 11,526.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी को 4,575.87 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेजी ​आई। लेकिन फिर भी HPCL ने पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेचा। इसकी वजह से कंपनी का पिछले वित्त वर्ष का दो-तिहाई से अधिक लाभ खत्म हो गया। कंपनी का मुनाफा पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में 17,258.13 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी को तिमाही के दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस LPG की बिक्री पर भारी नुकसान हुआ। इससे रिकॉर्ड रिफाइनिंग मार्जिन खत्म हो गया। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 1.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 1.19 लाख करोड़ रुपये था।

HPCL पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि HPCL ने मार्केटिंग मार्जिन उम्मीद से कम रहने के कारण ₹161.3 अरब का ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया। अनुमान ₹161.3 अरब के ऑपरेटिंग लॉस का था। ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन (इन्वेंट्री सहित) नेगेटिव ₹14.9/लीटर रहा, जबकि अनुमान नेगेटिव ₹9.4/लीटर का था। LPG अंडर-रिकवरी ₹56 अरब रही। ब्रोकरेज को अनुमान है कि HPCL वित्त वर्ष 2028 में इक्विटी पर 17.3 प्रतिशत का रिटर्न दर्ज करेगी।

HPCL का मार्केट कैप 81100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 23 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 54.90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जेफरीज और नोमुरा का रुख

HPCL के शेयर पर जेफरीज ने “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस ₹325 प्रति शेयर रखा है। जून तिमाही में कंपनी का नुकसान ब्रोकरेज के अनुमान से कम था। ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि HPCL पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए घाटा दर्ज कर सकती है। इसकी वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद स्पॉट मार्केटिंग मार्जिन फिर से घाटे में चले गए हैं।

नोमुरा ने HPCL के लिए “न्यूट्रल” रेटिंग और ₹440 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। HPCL पर नजर रखने वाले 33 एनालिस्ट्स में से 15 ने “बाय” रेटिंग दी है। 7 ने “होल्ड” रेटिंग और 11 ने “सेल” रेटिंग दी है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

TVS Motor Share Price: जून तिमाही के नतीजों से टीवीएस मोटर का शेयर उछला, जेफरीज ने बढ़ाया टारगेट प्राइस

TVS Motor Share Price: टीवीएस मोटर के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। 4 फीसदी उछाल के साथ यह एनएसई 500 और बीएसई 500 का सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में शामिल हो गया। टीवीएस मोटर ने 21 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। कंपनी के नतीजे एनालिस्ट्स की उम्मीद से बेहतर हैं। इसका असर कंपनी के शेयरों पर देखने को मिल रहा है।

इस साल अब तक 40 फीसदी चढ़ा है शेयर 

TVS Motor Company का शेयर 22 जुलाई को 2 बजे 3.13 फीसदी चढ़कर 3,910 रुपये पर चल रहा था। खास बात यह है कि शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बावजूद टीवीएस मोटर के शेयर में अच्छी तेजी दिखी। बीते एक साल में टीवीएस का शेयर शेयर करीब 40 फीसदी चढ़ा है। यह बीते एक साल में शानदार प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल है।

जेफरीज ने नतीजों के बाद बढ़ाया टारगेट प्राइस

कंपनी के नतीजों के ऐलान के बाद 21 जुलाई को शेयर 5.6 फीसदी चढ़ा था। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने टीवीएस मोटर के शेयर को ‘खरीदने’ (Buy) की अपनी सलाह बनाए रखी है। जून तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद उसने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 4,900 रुपये कर दिया है।

मौजूदा लेवल से 29 फीसदी चढ़ सकता है शेयर 

जेफरीज ने टीवीएस मोटर के शेयर के लिए जो नया टारगेट प्राइस दिया है, उससे यह संकेत मिलता है कि यह शेयर मौजूदा लेवल से 29 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि टीवीएस मोटर का जून तिमाही में प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। इस वजह से उसने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाया है। ब्रोकरेज फर्म ने FY27-FY29 के लिए अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) के अनुमान को भी 4-5 फीसदी बढ़ा दिया है।

कीमतों में उछाल से बढ़ी है शेयर की वैल्यूएशन

जेफरीज ने कहा है कि घरेलू बाजार के साथ ही विदेश में टू-व्हीलर्स की मांग स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि प्रतिस्पर्धा के लिहाज से टीवीएस मोटर की पोजीशन लगातार मजबूत हो रही है। उसका यह भी मानना है कि कंपनी के मार्जिन को लेकर चिंता खत्म हो चुकी है। हालांकि, इस शेयर में FY27 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 39 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह 10 सालों के 35 गुना के औसत से ज्यादा है।

जून तिमाही में प्रॉफिट में 51 फीसदी उछाल

जून तिमाही में टीवीएस मोटर का प्रॉफिट 51.3 फीसदी बढ़कर 1,174 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 1,022 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 37.8 फीसदी बढ़कर 13,896 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 41 फीसदी बढ़कर 1,779 करोड़ रुपये रहा। मार्जिन 30 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 12.8 फीसदी हो गया।