Bonus Issue: हर एक शेयर पर एक नया शेयर फ्री देगी कंपनी, एक महीने में शेयर 60% उछला

अहमदाबाद की इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी चावड़ा इंफ्रा बोनस शेयर देने जा रही है। कंपनी के हर शेयरहोल्डर को प्रत्येक एक शेयर पर एक नया शेयर मिलेगा। कंपनी के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बोर्ड ने अथॉराइज्ड शेयर कैपिटल 35 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 70 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

कंपनी के बोर्ड ने डिविडेंड पर भी किया विचार

चावड़ा इंफ्रा ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को बतया है। कंपनी ने कहा है कि बोर्ड ने शेयरधारकों को डिविडेंड के प्रस्ताव पर भी विचार किया। लेकिन, कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने और कैश रिजर्व के लिए प्रॉफिट को बनाए रखने का फैसला लिया गया। आम तौर पर कंपनियां प्रॉफिट के बाद डिविडेंड का ऐलान करती है। इसमें कंपनी प्रॉफिट का एक हिस्सा अपने शेयरहोल्डर्स को देती है।

बोनस शेयर के लिए अभी रिकॉर्ड डेट का ऐलान नहीं

कंपनी ने कहा है कि कंपनी का फोकस बिजनसे ग्रोथ बढ़ाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर है। इससे लंबी अवधि में शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएट करने में मदद मिलेगी। हाल में कंपनी ने 89.45 करोड़ रुपये का रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट मिलने का ऐलान किया था। कंपनी ने बोनस शेयर के लिए अभी रिकॉर्ड डेट के बारे में नहीं बताया है। माना जा रहा है कि कंपनी बाद में इस बारे में ऐलान करेगी।

कंपनी को अहमदाबाद में मिला एक बड़ा रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट

कंपनी हाल में मिले रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के तहत अहमदाबाद के अदाणी शांतिग्राम टाउनशिप में बहुमंजिला रेजिडेंशियल टावर बनाएगी। यह प्रोजेक्ट 24 महीनों में पूरा हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट कंपनी को ऐसे वक्त मिला है, जब वह अपनी एग्जिक्यूशन कपैसिटी बढ़ाने पर फोकस कर रही है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश कुमार चावड़ा ने ने कहा कि नए प्रोजेक्ट से यह संकेत मिलता है कि कंपनी की एग्जिक्यूशन कपैसिटी में कस्टमर्स का भरोसा बढ़ रहा है।

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बीते एक महीने में 60 फीसदी चढ़ा है कंपनी का शेयर 

चावड़ा इंफ्रा का शेयर 7 अगस्त को 5.47 फीसदी चढ़कर 140 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर 60 फीसदी से ज्यादा उछला है। हालांकि, 7 अगस्त को शेयर बाजारों में गिरावट दिखी। निफ्टी 0.27 फीसदी गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 0.58 फीसदी यानी 455 अंक की गिरावट आई। बैंक निफ्टी भी 0.55 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

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मेनबोर्ड सेंगमेंट में आरडी इंडस्ट्रीज का ₹425.87 करोड़ का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। अब 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने और 12 अगस्त को कंपनी की NSE और BSE पर लिस्टिंग का इंतजार है। शेयरों के अच्छी बढ़त में शुरुआत करने का संकेत है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 28.30 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया। Ardee Industries IPO के लिए प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Ardee Industries की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 57 प्रतिशत बढ़कर ₹1,168.88 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹743.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 155 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹84.68 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹33.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान आरडी इंडस्ट्रीज पर ₹182.75 करोड़ की उधारी थी।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को पूरी तरह या कुछ हद तक चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। इस IPO के लिए रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का ₹3,066.89 करोड़ का IPO 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इससे पहले एंकर बुक में कंपनी ने ₹918.3 करोड़ जुटाए हैं। BSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने 72 एंकर इनवेस्टर्स को ₹871 प्रति शेयर के भाव पर 1.05 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर अलॉट किए। घरेलू म्यूचुअल फंड्स का हिस्सा सबसे बड़ा रहा। 12 फंड हाउसेज ने 46 स्कीमों के जरिए निवेश किया। उन्हें 64.59 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए।

एंकर बुक में कई घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया। इनमें SBI म्यूचुअल फंड (MF), ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल AMC, निप्पॉन इंडिया MF, फ्रैंकलिन टेंप्लेटन, टाटा MF, इनवेस्को MF, HSBC MF, PGIM इंडिया MF, सुंदरम MF, व्हाइटओक, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक, एक्सिस MF, मिरे एसेट, अमंडी फंड्स, आलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स, गवर्नमेंट पेंशन फंड, SBI लाइफ इंश्योरेंस, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, बजाज आलियांस लाइफ इंश्योरेंस, HDFC लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस जैसे नाम शामिल हैं।

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं, जिनमें वायरिंग हार्नेस, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, बैटरी पैक, टर्मिनल, कनेक्टर, केबल और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी के प्रोडक्ट टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थ मूवर, खेती के उपकरण, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों के लिए इस्तेमाल होते हैं।

IPO में ₹1,400 करोड़ के नए शेयर

धूत ट्रांसमिशन के IPO में ₹1,400 करोड़ के 1.61 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,666.89 करोड़ के 1.91 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स- BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड और मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड, प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल की एक एंटिटी है। प्राइस बैंड ₹829-₹871 प्रति शेयर और लॉट साइज 17 शेयर है। IPO के 12 अगस्त को बंद होने के बाद अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

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IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने IPO में नए शेयर जारी कर जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपना और अपनी सब्सिडियरी कंपनियों का कर्ज चुकाने, हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर में वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने, पहले से न पता अधिग्रहणों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च करेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में धूत ट्रांसमिशन का शेयर अभी से 28.36 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Dhoot Transmission की वित्तीय सेहत

धूत ट्रांसमिशन का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 31 प्रतिशत बढ़कर ₹4,563.70 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,472.24 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹396.84 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹353.89 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ की उधारी थी। इस IPO के​ लिए एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), SBI कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bonus Share: हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर मिलेगा फ्री, 20 अगस्त रिकॉर्ड डेट

वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनी ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स बोनस शेयर देने जा रही है। कंपनी के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 20 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे। कंपनी पहली बार बोनस शेयर देगी।

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी 51,99,637 तक फुली पेड अप बोनस इक्विटी शेयर बांटने वाली है। इनके अलॉटमेंट की तारीख 21 अगस्त है। इनमें ट्रेडिंग 24 अगस्त से की जा सकेगी। कंपनी अक्टूबर 2023 में BSE SME पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 50 करोड़ रुपये का रहा था।

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) समाधान देती है। इसके बिजनेस वर्टिकल में बिल्ड ओन ऑपरेट ट्रांसफर (BOOT) मॉडल, EPC मॉडल और मुख्य उपकरणों की सप्लाई शामिल है। कंपनी वेस्ट मैनेजमेंट में EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेवाएं, कमीशनिंग सेवाएं, वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर में कंसल्टिंग और एडवाइजरी सेवाएं; वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग, निर्माण और मैनेजमेंट; लेबोरेटरी सेवाएं और अन्य सेवाएं देती है।

Organic Recycling का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत कमजोर

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 241.05 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 15.07 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर की BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 315 रुपये और एडजस्टेड लो 206 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 ​तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 31 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 2.34 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 2.70 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 43.76 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 4 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 4.65 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 10 अगस्त से शुरू हफ्ते में Milky Mist, Shiprocket समेत 8 नए इश्यू, 8 कंपनियां होंगी लिस्ट

10 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से काफी अच्छा रहने वाला है। 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 4 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड हैं। जहां तक नई लिस्ट होने जा रही कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 8 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Dhoot Transmission IPO: ₹3,066.89 करोड़ का इश्यू 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इसमें 12 अगस्त तक ₹829-₹871 प्रति शेयर के भाव पर 17 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। इश्यू बंद होने के बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Molbio Diagnostics IPO: यह 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹939.70 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹768-₹807 प्रति शेयर है। लॉट साइज 18 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 अगस्त को होने वाली है।

Milky Mist Dairy Food IPO: कंपनी ₹1,553 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 11 अगस्त को खुलने वाला है। इसमें ₹133-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। IPO 13 अगस्त को बंद होगा। उसके बाद कंपनी NSE और BSE पर 18 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

Sham Foam IPO: यह 11 अगस्त को खुल रहा है। साइज ₹40.48 करोड़ है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹130 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,000 शेयर है। IPO की क्लोजिंग 13 अगस्त को होगी। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 18 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹66.98 करोड़ का इश्यू 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। बोली ₹148-₹156 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 18 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Behari Lal Engineering IPO: ₹302 करोड़ का पब्लिक इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹271-₹285 प्रति शेयर है। लॉट साइज 52 शेयर है। IPO में 14 अगस्त तक बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी के NSE और BSE पर 19 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Pramodini Medicare IPO: कंपनी का इरादा ₹69.04 करोड़ जुटाने का है। इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा और 14 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹110-₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 19 अगस्त को लिस्ट होने वाले हैं।

Shiprocket IPO: ₹1,617.48 करोड़ का इश्यू भी 12 अगस्त को ओपन होगा। बोली लगाने के लिए 14 अगस्त तक मौका रहेगा। प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर और लॉट साइज 154 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 19 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले IPO

LAPL Automotive IPO: ₹32.40 करोड़ का इश्यू 6 अगस्त को खुला था और 10 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 31.41 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹88-₹94 प्रति शेयर और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 13 अगस्त को होगी।

LEAP India IPO: इसका साइज ₹2,480 करोड़ है। यह 7 अगस्त को खुला था। अभी तक 28 प्रतिशत भरा है। इसमें 11 अगस्त तक ₹151-₹159 प्रति शेयर के भाव पर और 94 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 14 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Technocraft Ventures IPO: इस इश्यू की ओपनिंग भी 7 अगस्त को हुई थी और क्लोजिंग 11 अगस्त को होगी। कंपनी ₹251.88 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अभी तक 2.59 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹200-₹212 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 14 अगस्त को होने वाली है।

Optimystix Entertainment IPO: यह 7 अगस्त को खुला था और 11 अगस्त को बंद होगा। कंपनी 107.88 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड 165-174 रुपये प्रति शेयर है। इस पब्लिक इश्यू को अभी तक 73 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को होने की उम्मीद है।

AGS Health IPO: ₹4800 करोड़ के इश्यू के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट जमा, रहेंगे ₹1800 करोड़ के नए शेयर

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 10 अगस्त को NSE SME पर Anawil Wire & Engineering के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 11 अगस्त को BSE SME पर Aegeus Technologies की लिस्टिंग होने वाली है। 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसी दिन BSE SME पर G.V. Electricals की लिस्टिंग हो सकती है। 13 अगस्त को BSE SME पर LAPL Automotive के लिस्ट होने की उम्मीद है। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं। इसी दिन NSE SME पर Optimystix Entertainment के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AGS Health IPO: ₹4800 करोड़ के इश्यू के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट जमा, रहेंगे ₹1800 करोड़ के नए शेयर

ब्लैकस्टोन ग्रुप की कंपनी AGS Health भारत में अपना IPO लाना चाहती है। इसके जरिए इरादा 4,800 करोड़ रुपये तक जुटाने का है। कंपनी ने IPO के लिए 7 अगस्त को SEBI के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया। AGS हेल्थ, अमेरिका में हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के लिए रेवेन्यू साइकिल मैनेजमेंट (RCM) सॉल्यूशंस देती है। यह सीधे US के बड़े हेल्थ सिस्टम्स, अस्पतालों और बड़े डॉक्टर ग्रुप्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट करती है। यह मरीजों के एक्सेस, कोडिंग, बिलिंग और कलेक्शन जैसे रेवेन्यू साइकिल ऑपरेशंस को बेहतर बनाने में मदद करती है। इससे हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स को ज्यादा से ज्यादा रेवेन्यू पाने, एडमिनिस्ट्रेटिव लागत कम करने और क्लिनिकल केयर पर फोकस करने में मदद मिलती है।

कंपनी ने मार्च 2026 में कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल रूट से IPO का ड्राफ्ट जमा किया था। मंजूरी जून महीने में मिली थी। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं।

कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस), फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है।

IPO में 1800 करोड़ के नए शेयर

IPO में नए शेयर जारी करके 1,800 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। साथ ही ब्लैकस्टोन ग्रुप की इनवेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी BCP Asia II Topco VIII Pte ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचेगी। AGS Health 360 करोड़ रुपये तक का प्री-IPO प्लेसमेंट भी ला सकती है, यानि कि IPO से पहले इतने पैसे जुटा सकती है। अगर ऐसा होता है तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा।

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल इनडायरेक्ट सब्सिडियरी कंपनियों- AGS Health BCP LLC और AGS Health BCP Holdings Inc. का कर्ज चुकाने के लिए करना चाहती है। मार्च 2026 तक, कंपनी पर कुल 4,238.8 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था। बाकी रकम का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट कामों के लिए किया जाएगा।

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AGS Health की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान AGS हेल्थ का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 206.9 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 2,041.4 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के क्लाइंट्स में बेयलर स्कॉट एंड व्हाइट हेल्थ, बार्टन हेल्थ, क्यूराना हेल्थ, ड्यूक हेल्थ, नेशनल सीटिंग एंड मोबिलिटी, रीनाउन हेल्थ, सेंट जोसेफ्स हेल्थ, अपोलोएमडी और शार्प हेल्थकेयर जैसे बड़े हेल्थकेयर प्रोवाइडर शामिल हैं।

AGS हेल्थ के IPO को मैनेज करने के लिए ICICI सिक्योरिटीज, जे.पी. मॉर्गन इंडिया, JM फाइनेंशियल, जेफरीज इंडिया और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Technocraft Ventures IPO: टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स का आईपीओ खुला, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

Technocraft Ventures IPO: टेक्नोक्रॉफ्ट वेंचर्स का आईपीओ 7 अगस्त को खुल गया। कंपनी ने प्रति शेयर 200-212 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 252 करोड़ रुपये का है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है। इसका मतलब है कि कंपनी के पुराने इनवेस्टर्स यह प्रमोटर्स अपने शेयर बचेंगे। इस इश्यू में 11 अगस्त तक निवेश किया जा सकता है।

क्या कंपनी सिर्फ नए शेयर इश्यू करेंगी?

Technocraft Ventures आईपीओ में निवेशकों को 202 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी। बाकी 50 करोड़ रुपये के शेयर ओएफएस के जरिए बेचे जाएंगे। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 50 फीसदी शेयर रिजर्व हैं। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए 15 फीसदी और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व हैं।

कंपनी का बिजनेस क्या है?

कंपनी की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसका हेडक्वार्टर दिल्ली-एनसीआर में है। यह पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी कंपनी है। इसके प्रोजेक्ट्स राजस्थान, उत्तर प्रदेशन, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार और मध्यप्रदेश में हैं। ये प्रोजेक्ट्स वाटर सप्लाई स्कीम, सिवरेज नेटवर्क्स, सिवेज ट्रीटमेंट प्लांटंस (STPs), पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हैं। कंपनी की ऑर्डरबुक में सिवरेज और वेस्टवाटर प्रोजेक्ट्स की करीब 91 फीसदी हिस्सेदारी है।

क्या कंपनी मुनाफा कमा रही है?

कंपनी को करीब पूरा बिजनेस सरकार के डिपार्टमेंट्स और म्युनिसिपल बॉडीज से मिलता है। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की स्पॉन्सर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होती हैं। बीते तीन सालों में कंपनी की ग्रोथ अच्छी रही है। FY26 में कंपनी का टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) 43.31 करोड़ रुपये रहा। पीएटी मार्जिन 12.56 फीसदी रहा। ऑपरेशन से रेवेन्यू 345 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू ग्रोथ 23.40 फीसदी रही। कंपनी की ऑर्डरबुक 1,236 करोड़ रुपये की थी।

शेयर की वैल्यूएशन ज्यादा या कम?

इश्यू से आए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल करेगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर इश्यू बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 840 करोड़ रुपये का होगा। शेयर की कीमत FY26 की अर्निंग्स का 19.4 गुना है। प्राइस-टू-बुक रेशिया 2.3 गुना है। प्रतिद्वद्वी कंपनियों के मुकाबले वैल्यूएशन ठीक लगती है। प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के शेयरों का औसत पी/ई करीब 23 गुना है।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा प्रीमियम?

इनवेस्टर को कम से कम एक लॉट शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 70 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,840 रुपये की जरूरत पड़ेगी। शेयरों का एलॉटमेंट 12 अगस्त को होने की संभावना है। बीएसई और एनएसई में कंपनी के शेयर 14 अगस्त को लिस्ट होंगे। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर पर प्रीमियम 13 रुपये चल रहा है। 6 अगस्त को ग्रे मार्केट प्रीमियम 10 रुपये था। यह ज्यादा नहीं है। हालांकि, अभी यह इश्यू का पहला दिन है।

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क्या आपको आईपीओ में पैसे लगाने चाहिए?

ब्रोकरेज फर्म आनंदराठी ने इस आईपीओ में पैसे लगाने की सलाह दी है। उसने कहा है कि कंपनी की ऑर्डरबुक डायवर्सिफायड है। कंपनी नए इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी को इंटिग्रेटेड ईपीसी कपैबिलिटी का फायदा होगा। शेयर की वैल्यूएशन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले कम है। सुशील फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस आईपीओ में पैसे लगाने की सलाह दी है। हालांकि, इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह के बाद इस आईपीओ में निवेश के बारे में फैसला लेना चाहिए।

Stock Market Fall: निफ्टी 24570 से नीचे, सेंसेक्स 503 अंक तक फिसला; बाजार 6 कारणों से लाल

शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को गिरावट है। इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में तेजी रही थी। शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 78,516.08 पर खुला। फिर पिछली क्लोजिंग से करीब 503 अंक तक टूटकर 78,451.99 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,538.90 पर खुला और फिर ​पिछली क्लोजिंग से 107 अंक तक टूटकर 24,529.20 के लो तक गया। गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को लौटी गिरावट के अहम कारण डिटेल में…

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेजी है। यह 1.3% चढ़कर 83.8 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की महंगाई भारत के लिए एक नेगेटिव फैक्टर है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल की बढ़ती कीमतें आयात की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है। साथ ही देश के अंदर महंगाई भी बढ़ सकती है।

वित्तीय शेयरों में गिरावट

शुक्रवार को फाइनेंशियल स्टॉक्स ​दबाव में हैं। बजाज फाइनेंस का शेयर 4.3 प्रतिशत तक लुढ़का। इसकी पेरेंट कंपनी बजाज फिनसर्व में भी 3.6 प्रतिशत की गिरावट दिखी। निफ्टी बैंक 0.3 प्रतिशत नीचे है, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स और PSU बैंक इंडेक्स में भी गिरावट आई।

FII की बिकवाली

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है।

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वैश्विक बाजारों की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख है। दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स लाल निशान में है। वहीं हेंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट में तेजी है। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

रुपये में गिरावट

शुक्रवार को रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 95.28 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

India VIX में बढ़ोतरी

मार्केट में अस्थिरता का पैमाना India VIX 3 प्रतिशत बढ़कर 12.46 पर पहुंच गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता का संकेत देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Fusion Klassroom Edutech IPO Listing: एडटेक कंपनी ने जीता दिल, 7% बढ़त में लिस्ट

फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक की शुक्रवार, 7 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्टिंग खुश करने वाली रही। कंपनी के शेयर ने BSE SME पर करीब 7 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 170 रुपये पर शुरुआत की। फाइनल IPO प्राइस 159 रुपये था। कंपनी का 39.04 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.50 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा फुली सब्सक्राइब हुआ था। नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.47 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO में 31.63 करोड़ रुपये के 20 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 7.41 करोड़ रुपये के 5 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक एक एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह कई शहरों में डिजिटल और हाइब्रिड लर्निंग मॉडल के जरिए प्रोफेशनल और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की कोचिंग देती है। कंपनी CA, CS, CMA और कॉमर्स से जुड़ी दूसरी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रोग्राम चलाती है। इसका एक सब्सक्रिप्शन बेस्ड एजुकेशन OTT प्लेटफॉर्म है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 11.08 करोड़ रुपये जुटाए थे। यह अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, टेक्नोलॉजी एंड AIML मॉडल के डेवलपमेंट, सर्वर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट डेवलपमेंट, नए ऑफलाइन सेंटर्स व AI/ML लैब्स के लिए डेस्कटॉप व लैपटॉप की खरीद, मार्केटिंग पहलों, पहले से न पता अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेकनिक ग्रोथ, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और अन्य खर्चों के लिए करेगी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 129 प्रतिशत बढ़कर 23.10 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू 10.11 करोड़ रुपये था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 162 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7.60 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025 में यह 2.90 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 3.43 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Sons IPO: टाटा संस को IPO लाना ही होगा? RBI से राहत नहीं मिली, अपर लेयर NBFC लिस्ट में बरकरार

Tata Sons IPO: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 अगस्त को अपर लेयर NBFC (NBFC-UL) की नई लिस्ट जारी की। इसमें टाटा संस का नाम बरकरार रखा गया है। इसका मतलब है कि RBI ने अभी तक टाटा संस को NBFC-UL फ्रेमवर्क से बाहर निकलने की मंजूरी नहीं दी है।

RBI ने कहा कि कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द कराने के लिए टाटा संस ने जो आवेदन दिया है, वह अभी जांच के दौर में है। केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि अपर लेयर लिस्ट में टाटा संस को शामिल करने का मतलब यह नहीं है कि उसकी डीरजिस्ट्रेशन अर्जी खारिज हो गई है। उस पर अलग से फैसला लिया जाएगा।

अपर लेयर NBFC क्या है?

RBI ने कहा कि अपर लेयर में उन NBFC को रखा जाता है, जिन पर ज्यादा नियामकीय निगरानी की जरूरत होती है। फिलहाल इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये की एसेट सीमा तय है। हालांकि, RBI समय-समय पर इस सीमा की समीक्षा करता है और हर तीन साल में इसे दोबारा देखा जाएगा।

केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि अगर कोई NBFC एक बार अपर लेयर में आ जाती है, तो उसे कम से कम 5 साल तक इसी श्रेणी के कड़े नियमों का पालन करना होगा। भले ही बाद के वर्षों में वह तय मानदंडों पर खरी न उतरे।

किन कंपनियों के नाम हैं लिस्ट में?

नई लिस्ट में REC, PFC, IRFC, PNB Housing Finance, Sammaan Capital समेत कुल 17 NBFC शामिल हैं। RBI ने पहले नियमों में बदलाव करते हुए सरकारी मालिकाना हक वाली योग्य NBFC को भी अपर लेयर में शामिल करने की अनुमति दी थी।

हालांकि, सरकारी NBFC के लिए एक राहत है। उन्हें शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी नहीं होगा। लेकिन निजी कंपनियों को अपर लेयर NBFC बनने के तीन साल के भीतर शेयर बाजार में लिस्ट होना पड़ता है।

टाटा संस के लिए यह मामला क्यों अहम?

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस एक Core Investment Company (CIC) के रूप में रजिस्टर्ड है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये की एसेट थीं। यानी यह RBI की तय सीमा से काफी ऊपर है।

टाटा संस ने अपना CIC लाइसेंस रद्द कराने के लिए आवेदन किया था। ऐसा इसलिए, क्योंकि अगर कंपनी NBFC नहीं रहती, तो उसे शेयर बाजार में लिस्ट होने की अनिवार्यता से राहत मिल सकती है।

टाटा संस लिस्टिंग से क्यों बचना चाहती है?

टाटा संस को 2022 में पहली बार अपर लेयर NBFC में शामिल किया गया था। नियमों के मुताबिक, उसे 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना था। इसी वजह से कंपनी ने CIC लाइसेंस रद्द करने का आवेदन दिया था।

जून में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने RBI को पत्र लिखकर संभावित लिस्टिंग का विरोध किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर टाटा संस की लिस्टिंग होती है, तो इससे टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी का लंबी अवधि स्वरूप बदल सकता है। साथ ही टाटा ट्रस्ट्स के परोपकारी उद्देश्यों पर भी असर पड़ सकता है।

HCC Q1 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹51 करोड़ का मुनाफा, ऑर्डर बुक मजबूत हुई

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।