KKR समर्थित लॉजिस्टिक्स कंपनी ला रही है ₹2480 करोड़ का IPO! कल से करें अप्लाई, जानिए कितना चल रहा है GMP

LEAP India IPO Details: वैश्विक निवेश फर्म केकेआर के स्वामित्व वाली लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चैन कंपनी लीप इंडिया का ₹2,480 करोड़ का आईपीओ कल यानी 7 अगस्त 2026 से आम निवेशकों के सबस्क्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है।

इश्यू खुलने से ठीक पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे है। अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो दांव लगाने से पहले प्राइस बैंड, जीएमपी और इश्यू से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स जान लें।

LEAP India IPO की प्रमुख डिटेल्स

  • प्राइस बैंड: ₹151 से ₹159 प्रति शेयर
  • फ्रेश इश्यू : ₹480 करोड़ मूल्य के 3.02 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।
  • ऑफर फॉर सेल (OFS): मौजूदा निवेशक ₹2,000 करोड़ के 12.58 करोड़ शेयर बेचेंगे।
  • एंकर निवेशकों के लिए ओपनिंग: 6 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 7- 11 अगस्त 2026
  • शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 12 अगस्त 2026
  • शेयर लिस्टिंग की तारीख (BSE/NSE): 14 अगस्त 2026

इस इश्यू का बुक-रनिंग लीड मैनेजर जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इसका रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

क्या काम करती है LEAP India

2013 में स्थापित लीप इंडिया एंटरप्राइजेज को एसेट-पूलिंग और सप्लाई चैन सॉल्यूशन मुहैया कराती है। कंपनी ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की कंपनियों को इक्विपमेंट पूलिंग, रिटर्नेबल पैकेजिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्टेशन और रिपेयर एंड मेंटेनेंस जैसी सेवाएं देती है। साल 2023 में वैश्विक निवेश फर्म KKR ने अपनी एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति के तहत कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की थी।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

इश्यू खुलने से पहले अनलिस्टेड मार्केट ट्रैकर्स Investorgain और IPO Watch के मुताबिक, 6 अगस्त की सुबह लीप इंडिया का शेयर अपने अपर प्राइस बैंड से लगभग 3.5% के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि जीएमपी अनऑफिशियल मार्केट का सेंटिमेंट दिखाता है और लिस्टिंग गेन की कोई गारंटी नहीं देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Emcure Pharma Q1 Results: नमिता थापर की कंपनी का मुनाफा 42% बढ़ा, रेवेन्यू रहा 23% ज्यादा

एमक्योर फार्मा का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 293.98 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 206.95 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,580.45 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 2,100.54 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 2,188.99 करोड़ रुपये के रहे, जबकि एक साल पहले खर्च 1,809.97 करोड़ रुपये के थे।

एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड का नाता शार्क टैंक इंडिया में जज के तौर पर दिख चुकीं नमिता थापर से है। वह इसमें होल टाइम डायरेक्टर हैं। नमिता के पिता सतीश रमनलाल मेहता कंपनी के फाउंडर, CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA एक साल पहले से 27.8 प्रतिशत बढ़कर 532.5 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 20.6 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का कहना है कि जून 2026 तिमाही के दौरान उसका देश के अंदर कारोबार 10.2 प्रतिशत बढ़कर 1,095.3 करोड़ रुपये हो गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय कारोबार 34.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,485.1 करोड़ रुपये का रहा।

Emcure Pharma का शेयर लाल निशान में बंद

एमक्योर फार्मा जुलाई 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,952.03 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी का शेयर 6 अगस्त को BSE पर 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 1936.10 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 36700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 28 प्रतिशत और एक साल में 36 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 2 साल में कीमत लगभग 50 प्रतिशत बढ़ी है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹90 का स्पेशल डिविडेंड, 7 अगस्त ​रिकॉर्ड डेट; एक साल में कीमत 50% चढ़ी

45वीं सालाना आम बैठक 21 सितंबर को

एमक्योर फार्मा की 45वीं सालाना आम बैठक 21 सितंबर 2026 को होने वाली है। इस मीटिंग में वित्त वर्ष 2026 के लिए घोषित किए जा चुके 3.60 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी भी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर 30 दिनों के अंदर डिविडेंड का पेमेंट कर दिया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO: 12 अगस्त को खुलेगा आईपीओ! ₹92-₹97 तय हुआ प्राइस बैंड, निवेश से पहले जानिए पूरी डिटेल

Shiprocket IPO Price Band and Date: एमएसएमई, डी2सी ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को ई-कॉमर्स सॉल्यूशन मुहैया कराने वाली टेक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट अपना आईपीओ ला रही है। कंपनी ने अपने ₹1,617.5 करोड़ के इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर तय किया है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन ₹7,057.5 करोड़ बैठ रहा है। अगर आप भी इस टेक प्लेटफॉर्म के आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले इश्यू से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स जान लें।

Shiprocket IPO: कब से कब तक कर सकेंगे आवेदन?

  • एंकर बुक ओपनिंग: 11 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 12-14 अगस्त 2026
  • न्यूनतम निवेश: ₹97 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों को 1 लॉट के लिए कम से कम ₹14,938 लगाने होंगे।
  • अलॉटमेंट की तारीख: 17 अगस्त 2026
  • शेयर लिस्टिंग डेट: 19 अगस्त 2026

इश्यू का साइज 

गुड़गांव बेस्ड इस कंपनी के कुल ₹1,617.5 करोड़ के इश्यू में फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल हैं। कंपनी ₹885.5 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी करेगी। साथ ही मौजूदा निवेशक और प्रमोटर्स जैसे- Lightrock, Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, साहिल गोयल, गौतम कपूर आदि ₹732 करोड़ के शेयर बेचेंगे। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर ₹9 प्रति शेयर की विशेष छूट दी है, जिनके लिए ₹1 करोड़ के शेयर आरक्षित रखे गए हैं।

आईपीओ से जुटाए पैसों का क्या करेगी कंपनी?

शिपरॉकेट नेट फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल इस प्रकार करेगी:

₹365.6 करोड़: अपने प्लेटफॉर्म के विकास और विस्तार में खर्च करेगी।

₹210 करोड़: मौजूदा कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। (10 जुलाई 2026 तक कंपनी पर ₹244.5 करोड़ का कुल कर्ज था)।

बकाया राशि: अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग होगी।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

कंपनी का प्रदर्शन रेवेन्यू के मामले में मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 24% बढ़कर ₹2,024.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन FY24 के ₹595.1 करोड़ के शुद्ध घाटे के मुकाबले FY26 में घाटा काफी घटकर ₹79.2 करोड़ रह गया है। इस आईपीओ के मर्चेंट बैंकर्स एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Oneindig Tech IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, 25% प्रीमियम पर एंट्री के बाद और चढ़ा ₹96 का शेयर

Oneindig Tech IPO Listing: देश भर में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली वनइंडिग टेक के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.73 गुना भरा था। इसके आईपीओ के तहत ₹96 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹120.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 25% का लिस्टिंग गेन (Oneindig Tech Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹126.00 (Oneindig Tech Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 31.25% मुनाफे में हैं।

Oneindig Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

वनइंडिग टेक का ₹28 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 जुलाई से 3 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.05 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.40 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28.80 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹20.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Oneindig Tech के बारे में

वनइंडिंग टेक एक रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी है जो देश भर में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कमीशनिंग) सर्विसेज मुहैया कराती है। यह रेजिडेंशियल, C&I (कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल) रूफटॉप, ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) सर्विसेज ऑफर करती है तो PPA (पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स) के जरिए IPP (इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर) एक्टिविटीज करती है। साथ ही यह सोलर पीवी मॉड्यूल्स, इंवर्टर्स, बैट्रीज, एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स, माउंटिंग स्ट्रक्चर्स, सोलर पम्प्स, कंट्रोलर्स और इनसे जुड़े इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स जैसे सोलर प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है।

कंपनी ने दिल्ली, हरियाणा,यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सोलर प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 47.72% बढ़कर ₹6.16 करोड़ और टोटल इनकम 24.75% उछलकर ₹57.56 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹1,559.13 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,006.52 करोड़ पड़े थे।

Juniper Green Energy IPO Listing: ₹245 पर लिस्ट ₹225 का शेयर, खुदरा निवेशकों का हिस्सा नहीं भरा था पूरा

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज को ₹874 करोड़ का मुनाफा, बुलियन कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने का प्लान

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज BSE ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.6% बढ़कर ₹874 करोड़ हो गया। मार्च तिमाही में यह ₹797 करोड़ था।

जून तिमाही में BSE का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह 0.2% बढ़कर ₹1,566 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, कुल आय 5% बढ़कर ₹1,707 करोड़ हो गई। इसकी बड़ी वजह निवेश से होने वाली आय में तेज उछाल रही।

निवेश से कमाई दोगुनी से ज्यादा

BSE की सबसे बड़ी कमाई ट्रांजैक्शन चार्ज से होती है। यह तिमाही आधार पर 1% बढ़कर ₹1,328 करोड़ हो गया। अन्य ऑपरेटिंग आय में भी 5% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, लिस्टिंग सर्विसेज से होने वाली आय 15% घटकर ₹101 करोड़ रह गई। इसकी वजह IPO बाजार में सुस्ती रही। दूसरी ओर, निवेश से होने वाली आय ₹62 करोड़ से बढ़कर ₹135 करोड़ हो गई।

मुनाफा मार्जिन 51% रहा

BSE का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹1,187 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 51% दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी की नेटवर्थ बढ़कर ₹7,547 करोड़ पहुंच गई। प्रति शेयर आय (EPS) ₹21.22 रही।

कैश मार्केट में BSE का औसत दैनिक कारोबार बढ़कर ₹9,955 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹7,180 करोड़ था। इक्विटी डेरिवेटिव्स में औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर ₹1,155 करोड़ पहुंच गया।

बुलियन कारोबार में बढ़ाएगी हिस्सेदारी

BSE के बोर्ड ने India International Bullion Holding (IIBH) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20% करने को मंजूरी दी है। अभी कंपनी की इसमें 10% हिस्सेदारी है। यह निवेश GIFT City के बुलियन मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। BSE अब इक्विटी ट्रेडिंग के अलावा दूसरे मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में भी विस्तार कर रही है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE का शेयर मंगलवार को 0.64% बढ़कर 3,597.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 24.22% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.69% का रिटर्न दिया है। बीते 5 साल में स्टॉक ने 2,559.59% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.47 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

10 अगस्त को आ रहा है एक और धमाकेदार IPO! टेमासेक-मोतीलाल ओसवाल का सपोर्ट, जानें पूरी डिटेल्स

Molbio Diagnostics IPO: मेडिकल डायग्नोस्टिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मोल्बियो आईपीओ बाजार में दांव लगाने का बड़ा मौका लेकर आ रही है। दिग्गज ग्लोबल निवेशक टेमासेक और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के समर्थन वाली इस कंपनी ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है।

कंपनी का आईपीओ आम जनता के लिए 10 अगस्त 2026 को खुलेगा। इसी दिन धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ भी दस्तक दे रहा है, जिससे 10 अगस्त को प्राइमरी मार्केट में दो बड़े मेनबोर्ड इश्यू के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

Molbio Diagnostics IPO: टाइमलाइन और महत्वपूर्ण तारीखें

एंकर बुक ओपनिंग: 7 अगस्त 2026

पब्लिक इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 10- 12 अगस्त 2026

शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 13 अगस्त 2026

लिस्टिंग की तारीख: 17 अगस्त 2026

इश्यू का साइज और OFS की डिटेल्स

फ्रेश इश्यू: ₹200 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी किए जाएंगे।

ऑफर फॉर सेल (OFS): मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर्स 91.66 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे।

OFS साइज में कटौती: इससे पहले अगस्त 2025 में दाखिल DRHP में 1.25 करोड़ शेयरों की बिक्री की योजना थी, जिसे अब घटाया गया है। सेबी ने दिसंबर 2025 में इसके आईपीओ पेपर्स को मंजूरी दी थी।

शेयरहोल्डिंग पैटर्न: प्रमोटर्स एक्सोरा ट्रेडिंग और डॉ. चंद्रशेखर भास्करन नायर के पास 46.65% हिस्सेदारी है। बाकी 53.35% हिस्सेदारी टेमासेक की सहायक कंपनी ‘V Sciences Investments’ और मोतीलाल ओसवाल के ‘India Business Excellence Fund’ जैसे निवेशकों के पास है।

जुटाए गए फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी फ्रेश इश्यू से प्राप्त नेट प्रोसीड्स का इस्तेमाल इस प्रकार करेगी:

  • R&D और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (₹105.5 करोड़): पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘Bigtec’ द्वारा संचालित रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में।
  • प्लांट व मशीनरी (₹72.2 करोड़): गोवा यूनिट I, गोवा यूनिट II और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए नए प्लांट, उपकरण और मशीनरी की खरीद में।
  • कॉर्पोरेट उद्देश्य: शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

बिजनेस मॉडल और पेटेंट टेक्नोलॉजी

अक्टूबर 2000 में शुरू हुई मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। कंपनी ने ‘Truenat’ नामक पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के माध्यम से यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है।

कंपनी का फाइनेंशियल प्रदर्शन

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स का वित्तीय प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में मजबूत रहा है। मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 14.8% बढ़कर ₹166.6 करोड़ पर पहुंच गया। राजस्व पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कुल राजस्व 41.7% की जोरदार बढ़त के साथ ₹1,445.7 करोड़ रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Poojaa Precision IPO Listing: 56% प्रीमियम पर ₹301 का शेयर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 278 गुना बोली

Poojaa Precision IPO Listing: पूजा प्रिसिजन के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 278 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹301 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹470.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 56.15% का लिस्टिंग गेन (Poojaa Precision Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹488.00 (Poojaa Precision Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 62.13% मुनाफे में हैं।

Poojaa Precision IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पूजा प्रिसिजन का ₹160 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 278.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 206.46 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 463.43 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 247.58 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.33 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 53.10 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹106.34 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Poojaa Precision Engg. के बारे में

पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है जो एलुमिनियम डाई-कास्टिंग और प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स बनाती है। इनका इस्तेमाल इंजन, ड्राइवरट्रेन, ईवी पावरट्रेन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ऑटोमोटिव (कमर्शियल गाड़ियां, पैसेंजर गाड़ियां, दो-पहिया गाड़ियां, इलेक्ट्रिक गाड़ियां), खेती, डिफेंस, एनर्जी, हेल्थकेयर, एयरोस्पेस और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे इंडस्ट्रीज में होता है। इसके ग्राहक भारत से लेकर जर्मनी, अमेरिका, इटली और स्विटजरलैंड तक हैं। हाल ही में अप्रूव्ड वेंडर पार्टनरशिप्स के जरिए एयरोस्पेस सेक्टर तक अपना दायरा फैलाया है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 38% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹30.90 करोड़ और टोटल इनकम 30% के सीएजीआर से ₹295.20 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹41.16 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹118.53 करोड़ पड़े थे।

Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Urban Company का शेयर बना रॉकेट, 17% तक उछला; मॉर्गन स्टेनली से मिला डबल अपग्रेड

होम सर्विसेज देने वाली अर्बन कंपनी के शेयरों में 3 अगस्त को जबरदस्त तेजी है। बीएसई पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 17.6 प्रतिशत तक उछलकर 152 रुपये के हाई तक गई। कंपनी ने शुक्रवार को अपने वित्तीय नतीजे जारी किए थे। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को कंसोलिडेटेड बेसिस पर 92.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी 6.94 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। इसके बावजूद शेयर में बंपर खरीद हो रही है।

इसकी एक वजह यह है कि तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक की रेटिंग को “अंडरवेट” से डबल अपग्रेड कर सीधा “ओवरवेट” कर दिया है। ब्रोकरेज ने अक्टूबर 2025 में स्टॉक पर अपना कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 128 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसके अलावा कंपनी की InstaHelp सर्विस ने 1 लाख डेली डिलीवर्ड ऑर्डर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।

बता दें कि तिमाही आधार पर कंपनी का घाटा कम हुआ है। मार्च 2026 तिमाही में यह 161.16 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 528.34 करोड़ रुपये रहा। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 367.27 करोड़ रुपये रहा था। कुल खर्च बढ़कर 639.88 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 384.25 करोड़ रुपये के थे।

मार्केट लीडरशिप को प्राथमिकता दे रहा है मैनेजमेंट

अर्बन कंपनी का इंडिया बिजनेस से रेवेन्यू जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत ज्यादा रहा। मार्जिन भी बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया। कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि घाटा ज्यादा बना रहेगा क्योंकि कंपनी आगे बाकी सब चीजों से ज्यादा मार्केट लीडरशिप को प्राथमिकता दे रही है। अर्बन कंपनी के शेयर को 7 सात एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 2 ने “बाय” और 2 ने “सेल” रेटिंग दी है। 3 ने “होल्ड” की सलाह दी है।

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अर्बन कंपनी भारत, UAE, सिंगापुर और सऊदी अरब में एक मल्टी कैटेगरी होम सर्विस प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। इसके प्लेटफॉर्म पर क्लीनिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक वर्क, अप्लायंसेज रिपेयर, ब्यूटी ट्रीटमेंट और मसाज थेरेपी जैसी सर्विसेज मिलती हैं। इसका InstaHelp वर्टिकल बुकिंग के 10-15 मिनट के अंदर सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने और खाना बनाने के लिए लोग मुहैया कराने जैसी सर्विसेज देता है।

सितंबर 2025 में लिस्ट हुई थी Urban Company

अर्बन कंपनी 17 सितंबर 2025 को ​लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,900.24 करोड़ रुपये का था। कंपनी का शेयर शेयर एक सप्ताह में 17 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 19.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 22600 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

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Advance Technoforge Listing ने दिया झटका, 1% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद ₹95 का शेयर आया और नीचे

Advance Technoforge IPO Listing: फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाने वाली एडवांस टेक्नोफॉर्ज की आज BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ही ओवरसब्सक्राइब हो पाया था। आईपीओ के तहत ₹95 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹94.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 1.05% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹90.00 (Advance Technoforge Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.26% घाटे में हैं।

Advance Technoforge IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडवांस टेक्नोफोर्ज का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.43 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.68 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 25,30,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹7.19 करोड़ मौजूदा प्रेमिसेज में प्रिसिजन मशीन कंपोनेंट्स बनाने के लिए मशीनरी की खरीदारी और इंस्टॉलेशन, ₹7.25 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹2.40 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advance Technoforge के बारे में

एडवांस टेक्नोफोर्ज फॉर्ज्ड और प्रिसिजन मशीन्ड पार्ट्स बनाकर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स ऑटोमोटिव, ऑयल एंड गैस इंडस्ट्रीज, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, रेलवे समेत अन्य सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टो हुक असेंबली, रिटेनर प्लेट्स, क्रास मेंबर, कनेक्टिंग रॉड, बोडेन (एंड कैप) इत्यादि हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका मुनाफा सालाना 54% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹4.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी। वित्त वर्ष 2024 में ₹48.24 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹51.15 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में यह ₹50.73 करोड़ पर आ गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹7.19 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।