LPG Price 28 July: आज आपके शहर में क्या है घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत? बुक कराने से पहले जरूर चक करें

LPG Price 28 July: जुलाई का महीना खत्म होने में अब कुछ दिन ही बचे हैं, और फिर अगस्त का महीना शरू हो जाएगा। ऐसे में आपको सिलेंडर बुक कराने से पहले कुछ बातों को जरूर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अगले महीने से LPG कनेक्शन और बुकिंग के समय से लेकर PNG पर स्विच करने तक, आपकी कुकिंग गैस से जुड़े कई नियमों में बदलाव हो सकता है।

बता दें कि 1 अगस्त 2026 से LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होने की संभावना है। माना जा रहा है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अगले महीने की शुरुआत में गैस सिलेंडर के नए रेट जारी कर सकती हैं। इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में कंपनियां 5 किलो, 10 किलो, 14.2 किलो और 19 किलो वाले सिलेंडरों के दाम में बदलाव कर सकती हैं।

चेक करें अपने शहर का रेट

शहरघरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम)कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलोग्राम)
दिल्ली₹942.00₹1,766.00
मुंबई₹941.50₹1,717.00
कोलकाता₹968.00₹1,879.00
चेन्नई₹957.50₹1,929.00
बेंगलुरु₹945.50₹1,837.00
हैदराबाद₹995.50₹1,978.00
जयपुर₹956.50₹1,804.00
लखनऊ₹980.50₹1,910.00
चंडीगढ़₹955.50₹1,786.00
पटना₹1,001.00₹2,018.00

कब बदले थे कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर के दाम

1 जुलाई 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 183.50 की कटौती की गई थी। जिसका सीधा फायदा होटल, रेस्टोरेंट और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को मिला है। जबकि इससे पहले 7 जून को घरेलू LPG सिलेंडर का दाम 29 रुपये बढ़ा गया था।

कब बदलते हैं दाम

वैसे तो पेट्रोल-डीजल की तरह LPG सिलेंडर के दाम रोजाना नहीं बदलते। लेकिन तेल विपणन कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को ही कीमतों की समीक्षा करती हैं और जरूरत पड़ने पर उसी दिन नई दरें लागू की जाती हैं।

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महंगे पेट्रोल-डीजल से मिलेगी राहत! हर महीने ₹1000 की सीधी बचत, जानें RBL, HDFC और Axis के फ्यूल कार्ड्स में कौन है सबसे बेस्ट?

IndianOil Co-branded Credit Cards Comparison: देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच हर कोई अपने फ्यूल खर्च पर कुछ न कुछ बचत करना चाहता है। ऐसे में बैंकों द्वारा जारी ‘फ्यूल को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स’ काफी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया और विज्ञापनों में दावा किया जा रहा है कि ‘इंडियन ऑयल के फ्यूल स्टेशनों पर ईंधन भराने पर 8.5% तक की एक्स्ट्रा बचत’ मिल सकती है।

क्या यह दावा वाकई सच है? इसका जवाब है- हां, यह पूरी तरह सच है, लेकिन यह लाभ केवल एक खास क्रेडिट कार्ड पर ही उपलब्ध है। मार्केट में इंडियन ऑयल के साथ तीन बड़े बैंकों HDFC Bank, Axis Bank और RBL Bank के क्रेडिट कार्ड उपलब्ध हैं।

8.5% बचत का पूरा गणित: RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card

फ्यूल पर 8.5% की सबसे ज्यादा बचत आपको RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card पर मिलती है। यह पूरे देश में किसी भी फ्यूल क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली सबसे ऊंची सेविंग्स दरों में से एक है। बैंक के नियमों के अनुसार यह बचत दो हिस्सों में बंटी होती है:

7.5% फ्यूल वैल्यू-बैक: इस कार्ड से इंडियन ऑयल के आउटलेट्स पर प्रति ₹100 खर्च करने पर 15 फ्यूल पॉइंट्स मिलते हैं। चूंकि 1 फ्यूल पॉइंट की वैल्यू ₹0.50 (50 पैसे) होती है, इसलिए यह सीधे तौर पर 7.5% का वैल्यू-बैक बन जाता है।

1% फ्यूल सरचार्ज वेवर: ईंधन भराने पर लगने वाले 1% के सरचार्ज पर पूरी छूट मिलती है। जिससे कुल बचत: 7.5%+1%=8.5% हो जाती है।

कैपिंग और लिमिट: इस कार्ड में हर महीने अधिकतम 2,000 फ्यूल पॉइंट्स (यानी ₹1,000 मूल्य का ईंधन) ही कमाए जा सकते हैं। इस बचत का पूरा फायदा उठाने के लिए हर महीने अधिकतम ₹13,400 तक का फ्यूल इस कार्ड से भराना सबसे बेस्ट रहता है।

HDFC, Axis और RBL के इंडियन ऑयल कार्ड्स में अंतर

क्रेडिट कार्ड डेटा के आधार पर तीनों प्रमुख बैंकों के इंडियन ऑयल को-ब्रांडेड कार्ड्स की तुलना नीचे दी गई टेबल से आसानी से समझी जा सकती है:

HDFC, Axis और RBL के इंडियन ऑयल कार्ड्स में अंतर

तीनों कार्ड्स की खास बातें और लिमिट

1. HDFC Bank IndianOil Credit Card

यह कार्ड उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनका मासिक फ्यूल खर्च ₹3,000 के आसपास रहता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह RuPay नेटवर्क पर उपलब्ध है, जिससे आप इसे अपने Google Pay, PhonePe या Paytm से लिंक करके किसी भी मर्चेंट को सीधे UPI पेमेंट कर सकते हैं। साथ ही ग्रोसरी और यूटिलिटी बिलों पर मिलने वाला 5% का लाभ इसे एक अच्छा ऑल-राउंडर बजट कार्ड बनाता है।

2. Axis Bank IndianOil Credit Card

इसमें आपको कुल 5% की बचत होती है और महीने में अधिकतम ₹200 तक का फ्यूल रिवॉर्ड मिल सकता है। यह कार्ड भी RuPay नेटवर्क पर आता है, जिससे यूपीआई ट्रांजैक्शन आसान हो जाते हैं। इसके अलावा अगर आप बाहर खाना खाने या मूवी टिकट (BookMyShow) बुक करने के शौकीन हैं, तो वहां मिलने वाला 15% का डिस्काउंट इसकी वैल्यू को काफी बढ़ा देता है।

3. RBL Bank IndianOil XTRA Credit Card

सबसे बड़ी खूबी है 8.5% की रिकॉर्डतोड़ बचत जो भारी फ्यूल खर्च करने वालों के लिए वरदान है। इसकी सालाना फीस ₹1,500 (प्लस जीएसटी) है, जो बाकी दोनों कार्ड्स से ज्यादा है। हालांकि, अगर आप सालभर में ₹2.75 लाख रुपये इस कार्ड से खर्च कर देते हैं, तो यह फीस पूरी तरह माफ हो जाती है।

आपके लिए कौन सा कार्ड रहेगा सबसे बेस्ट?

अगर आपका फ्यूल खर्च बहुत ज्यादा है (महीने का ₹8,000 से ₹13,000) तो बिना सोचे समझे RBL Bank IndianOil XTRA कार्ड चुनें, क्योंकि इसकी 8.5% की बचत आपकी सालाना फीस से कहीं ज्यादा पैसा आपको वापस दिला देगी।

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अगर आपका बजट कम है और UPI पेमेंट की सुविधा चाहिए तो HDFC या Axis के इंडियन ऑयल कार्ड्स आपके लिए ज्यादा मुफीद रहेंगे, क्योंकि इनमें सालाना फीस कम है और यूपीआई पेमेंट का एक्स्ट्रा सपोर्ट मिलता है।

LPG Price Today: 14 जुलाई को LPG सिलेंडर सस्ता हुआ या महंगा? बुकिंग से पहले देखें अपने शहर का रेट

LPG Price Today: देशभर में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार (14 जुलाई) को भी 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की है। जून में हुई ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि के बाद कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, 1 जुलाई को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की गई थी, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है।

जानें अपने शहर का रेट

शहरघरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) कीमत (₹)कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलो) कीमत (₹)
दिल्ली9422930
नोएडा939.502930
मुंबई941.502885.50
कोलकाता9683081.50
पटना1031.503227
लखनऊ979.503052.50
चेन्नई957.503106
चंडीगढ़951.502954.50
जयपुर945.502957.50
हरियाणा943.502932
असम9913173.50

इन कारणों से बदलते हैं दाम

तेल कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करते हैं। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों, डॉलर-रुपये की विनिमय दर और दूसरे लागतों को देखते हुए नई दरें लागू की जाती हैं।

कैसे जानें ताजा रेट?

आप Indane, Bharat Gas या HP Gas की ऑफिशियल वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने शहर का लेटेस्ट LPG रेट देख सकते हैं। गैस बुकिंग के समय भी अपडेटेड कीमत दिखाई जाती है।

क्यों स्थिर हैं घरेलू दाम?

तेल कंपनियों ने जून में अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण घरेलू सिलेंडर महंगा किया था। फिलहाल सरकार और कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है। इसलिए जुलाई संशोधन में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई।

अगले महीने बढ़ सकते हैं दाम?

फिलहाल, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को अभी किसी अतिरिक्त खर्च का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, अगले महीने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के रुख और सरकार की नियमित समीक्षा के बाद एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती की घोषणा की जा सकती है।

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भारत ने जून में रूस से खरीदा रिकॉर्ड 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, बना हुआ है फॉसिल फ्यूल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

भारत ने इस साल जून में रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया। यह मई महीने की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक रहा। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। पीटीआई के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2026 में भारत ने रूस से 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल खरीदा। रूस से भारत के कुल 5.5 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) आयात में इस तेल की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत रही। भारत, चीन के बाद रूस से हाइड्रोकार्बन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना हुआ है। चीन ने जून में 7.3 अरब यूरो का रूसी जीवाश्म ईंधन खरीदा।

भारत का कच्चे तेल का कुल आयात जून में मासिक आधार पर 5.4 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान भारतीय रिफाइनरियों में रूसी तेल की आपूर्ति में भारी बढ़ोतरी दिखी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी में रूस से तेल की आपूर्ति मई की तुलना में 150 प्रतिशत और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की पारादीप रिफाइनरी में 126 प्रतिशत बढ़ी। इसी तरह भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की कोच्चि रिफाइनरी में सप्लाई 83 प्रतिशत और नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी में 45 प्रतिशत बढ़ी।

रूस का कच्चे तेल के निर्यात से रेवेन्यू 8 प्रतिशत घटा

CREA के अनुसार, भारत की बढ़ी हुई खरीदारी से जून में रूस के कच्चे तेल के निर्यात की मात्रा 14 प्रतिशत बढ़ गई। हालांकि कम कीमतों के कारण रूस की कच्चे तेल के निर्यात से आय मासिक आधार पर 8 प्रतिशत घटकर 34.8 करोड़ यूरो प्रतिदिन रह गई। रूस की जीवाश्म ईंधन निर्यात से आय 1 प्रतिशत घटकर 73.4 करोड़ यूरो रह गई, जबकि निर्यात की मात्रा 7 प्रतिशत बढ़ी। रिपोर्ट कहती है कि जून में भारत द्वारा रूस से आयात किए गए 5.5 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन में 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, 48.8 करोड़ यूरो के पेट्रोलियम प्रोडक्ट और 44.4 करोड़ यूरो का कोयला शामिल था।

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रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का कितना निर्यात

भारत, रूस के कच्चे तेल से तैयार किए गए रिफाइंड फ्यूल के वैश्विक व्यापार में भी अहम भूमिका निभा रहा है। जून में भारत, तुर्किये, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को 81.4 करोड़ यूरो के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का निर्यात किया। इनमें से लगभग 36.9 करोड़ यूरो के प्रोडक्ट रूसी कच्चे तेल से तैयार किए गए थे। जिन देशों को ये प्रोडक्ट भेजे गए उनमें यूरोपीय संघ, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

LPG Price Today: घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों को बड़ी राहत, जानिए देश के प्रमुख शहरों में नई कीमतें

LPG Price Today: देशभर में घरेलू और कमर्शियल रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने जुलाई 2026 के लिए 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की है। जून में हुई ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि के बाद कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। तेल कंपनियों ने जुलाई महीने में घरेलू 14.2 किलोग्राम गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया है।

हालांकि, इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल 19 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की गई थी, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है। कमर्शियल सिलेंडर की इन कीमतों में 1 जुलाई को ₹183.50 की कटौती शामिल है। वहीं, जून के महीने में तेल कंपनियों द्वारा की गई ₹29 की बढ़ोतरी के बाद घरेलू गैस के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं।

उपभोक्ताओं को राहत

फिलहाल घरेलू और कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है क्योंकि सिलेंडर की कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है। कमर्शियल LPG सस्ता होने से होटल, ढाबों और रेस्तरां कारोबार को लाभ मिलेगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिति आने वाले महीनों में LPG कीमतों की दिशा तय कर सकती है।

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर

ताजा दरों के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। जून में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद से कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिरता राहत लेकर आई है।

प्रमुख महानगरों में घरेलू LPG के दाम

शहर                                                                                          14.2 किग्रा घरेलू LPG (रुपये)

दिल्ली                                                                                          942

मुंबई                                                                                            941.50

कोलकाता                                                                                     लगभग 939

चेन्नई                                                                                            लगभग 928.50

(ये दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हैं और इनमें आज तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।)

कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता

तेल कंपनियों ने हाल ही में 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 183.50 रुपये की कटौती की थी। नई दरों के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 2,930 रुपये में उपलब्ध है। यह कटौती वर्ष 2026 की पहली बड़ी कमी मानी जा रही है।

प्रमुख शहरों में 19 किग्रा कमर्शियल LPG की कीमत

शहर                                                                                          कमर्शियल LPG (रुपये)

दिल्ली                                                                                         2,930

मुंबई                                                                                           2,885.50

कोलकाता                                                                                    3,072

चेन्नई                                                                                             3,100

पश्चिम एशिया संकट पर नजर

घरेलू LPG की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ऊर्जा बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। भारत अपनी LPG आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका सहित वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

थाली पर भी पड़ा असर

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार टमाटर, प्याज और LPG की बढ़ी हुई लागत के कारण जून में घरेलू थाली की लागत में 5 से 6 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई। इससे साफ है कि रसोई गैस की कीमतों का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है।

क्यों स्थिर हैं घरेलू दाम?

तेल कंपनियों ने जून में अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण घरेलू सिलेंडर महंगा किया था। फिलहाल सरकार और कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है। इसलिए जुलाई संशोधन में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई।

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LPG Price Today: घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ग्राहकों को राहत! जानिए आपके शहर में आज क्या है कीमत

LPG Price Today: अगर आप आज (10 जुलाई) गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा एलपीजी (LPG) रेट जरूर देख लें। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 10 जुलाई 2026 के लिए नई कीमतें जारी कर दी हैं। आज भी 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ शांति समझौते को खत्म बताने और अमेरिका द्वारा नए हमले शुरू करने के बाद LPG, CNG और PNG की कीमतों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

इससे एनर्जी सप्लाई के लिए अहम रास्ते, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी चिंता पैदा हो गई है। ट्रंप ने कहा है कि US-ईरान युद्ध को खत्म करने का अंतरिम समझौता खत्म हो गया है। 17 जून के समझौते को खत्म करने के कुछ घंटों बाद, अमेरिका ने बुधवार को ईरान के खिलाफ नए और बड़े सैन्य हमले किए। इन हमलों में देश के दक्षिणी तट पर मौजूद ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा करना बताया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि शुरुआती शांति समझौते और चल रही बातचीत के बावजूद उसने फिर से हमले शुरू कर दिए हैं।

भारत में इंडियन ऑयल ने 1 जुलाई से 19-kg वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत कम की, जो 2026 में पहली कटौती थी। अलग-अलग शहरों में यह कटौती ₹173 से ₹183.50 के बीच थी। सरकार ने कहा कि देश भर में घरेलू LPG, PNG और CNG की सप्लाई पूरी तरह से बनाए रखी जा रही है। सरकार ने यह भी कहा कि सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने के बाद होटलों, रेस्तरां और दूसरे व्यवसायों को कमर्शियल LPG की सप्लाई संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दी गई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल LPG की कीमतों में कटौती पिछले हफ्ते कमर्शियल ग्राहकों को सप्लाई बहाल होने के बाद की गई। घरेलू उत्पादन में सुधार और इंपोर्टेड LPG कार्गो के आने की उम्मीद के कारण कमर्शियल LPG सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटा ली गई थीं। इसके अलावा, बुधवार को एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण जेट फ्यूल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती थी। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट पर एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है।

14 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दाम (रुपये में)

दिल्ली: ₹942

नोएडा: ₹939.50

मुंबई: ₹941.50

कोलकाता: ₹968

पटना: ₹1,031.50

लखनऊ: ₹979.50

चेन्नई: ₹957.50

चंडीगढ़: ₹951.50

जयपुर: ₹945.50

हरियाणा: ₹943.50

असम: ₹991

19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम (रुपये में)

दिल्ली: ₹2,930

नोएडा: ₹2,930

मुंबई: ₹2,885.50

कोलकाता: ₹3,081.50

पटना: ₹3,227

लखनऊ: ₹3,052.50

चेन्नई: ₹3,106

चंडीगढ़: ₹2,954.50

जयपुर: ₹2,957.50

हरियाणा: ₹2,932

असम: ₹3,173.50

कब बदलती हैं LPG की कीमतें?

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, जरूरत पड़ने पर महीने के बीच में भी घरेलू या कमर्शियल सिलेंडर के दाम बदले जा सकते हैं।

घर बैठे ऐसे करें अपने शहर का LPG रेट चेक

अगर आप अपने शहर में एलपीजी सिलेंडर की सटीक कीमत जानना चाहते हैं, तो इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ताजा रेट देख सकते हैं। वहां हर शहर के अनुसार अपडेटेड कीमतें उपलब्ध रहती हैं। फिलहाल 10 जुलाई 2026 को एलपीजी उपभोक्ताओं को कीमतों में किसी तरह की राहत नहीं मिली है। घरेलू एवं कमर्शियल दोनों कैटेगरी के सिलेंडरों के दाम स्थिर बने हुए हैं।

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E20 Petrol : भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल ठुकराया? वायरल दावों पर केंद्र सरकार ने जारी किया फैक्ट चेक

E20 Petrol : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल खरीदने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय ने साफ किया कि भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव दिया ही नहीं था। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल भूटान को E20 पेट्रोल भेजने की कोई योजना भी नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में लोगों से अपील की कि इस तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल पेट्रोलियम मंत्रालय तथा तेल विपणन कंपनियों की आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

कांग्रेस ने लगाया था ये आरोप

यह सफाई ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने भारत का E20 ईंधन लेने से इनकार कर दिया है। वहीं, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भी E20 ईंधन को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। मंत्रालय ने कहा कि E20 पेट्रोल को बाजार में लाने से पहले देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में इसकी प्रयोगशाला, वाहनों और वास्तविक परिस्थितियों में व्यापक जांच की गई थी। इन सभी परीक्षणों में यह ईंधन भरोसेमंद और बेहतर प्रदर्शन करने वाला पाया गया।

इंजन और वारंटी को लेकर भी आया  ये जवाब

सरकार ने साफ किया है कि वाहन बनाने वाली कंपनियां अपने मॉडल तय एथेनॉल मिश्रण मानकों के अनुसार तैयार कर रही हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) के मुताबिक, अगर वाहन में स्वीकृत E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जाता है, तो सिर्फ इसी वजह से गाड़ी की कंपनी की वारंटी खत्म नहीं होती। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है और दुनिया के कई देशों में इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है। भारत भी अपने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के तहत इसी मानक को अपना रहा है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि E20 एक तय क्वालिटी वाला मानक ईंधन है, इसे पेट्रोल में मिलावट नहीं माना जा सकता।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने बताया कि ARAI, इंडियन ऑयल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) द्वारा किए गए विस्तृत परीक्षणों में पुराने वाहनों पर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन की मजबूती या प्रदर्शन पर कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। मंत्रालय ने यह भी कहा कि 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से लाखों वाहन इस ईंधन पर चल रहे हैं। अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि E20 पेट्रोल की वजह से किसी वाहन का इंजन खराब हुआ हो।

LPG Price Today: एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत! घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए रेट जारी, देखें- राज्यवार डिटेल्स

LPG Price Today: देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। आज (5 जुलाई) भी 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आम उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही पुराने दाम पर सिलेंडर मिलेगा। कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी कीमतों में बड़ी कटौती का फायदा मिलेगा। अब उपभोक्ताओं की नजर अगले मासिक कीमत संशोधन पर रहेगी, जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार नए दाम तय किए जाएंगे।

जुलाई की शुरुआत राहत भरी

जुलाई 2026 में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर, CNG और PNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 1 जुलाई से ₹173 से ₹183.50 तक की कटौती की गई है।

कमर्शियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

इंडियन ऑयल ने वर्ष 2026 में पहली बार कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम घटाए हैं। इस फैसले से होटल, रेस्तरां, ढाबों, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत में कमी आने की उम्मीद है।

घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के बावजूद देशभर में घरेलू LPG, PNG और CNG की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। साथ ही, होटल और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी अब पहले की तरह नियमित गैस आपूर्ति मिल रही है।

ATF भी हुआ सस्ता

कमर्शियल LPG के साथ-साथ एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई है। इसके बाद दिल्ली में ATF का नया रेट ₹110 प्रति लीटर हो गया है। इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत कम होने की संभावना है।

पश्चिम एशिया संकट का असर

हालांकि, साल 2026 की पहली छमाही में भारत की LPG खपत में 8% की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते LPG आयात प्रभावित होना रहा। जनवरी से जून के बीच देश की LPG खपत करीब 1.47 करोड़ टन रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह लगभग 1.60 करोड़ टन थी।

अमेरिका बना सबसे बड़ा सप्लायर

मार्च से जून 2026 के दौरान अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बनकर उभरा। मई महीने में गैस की खपत घटकर पिछले पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि अब आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने लगी है।

जुलाई की मुख्य बातें

घरेलू 14.2 किलोग्राम LPG: कोई बदलाव नहीं।

CNG और PNG: कीमतें स्थिर हैं।

19 किलोग्राम कमर्शियल LPG: ₹173–₹183.50 तक सस्ता।

ATF: ₹5 प्रति लीटर की कटौती।

सरकार कादावा: देशभर में LPG, CNG और PNG की पर्याप्त आपूर्ति जारी है।

भारत में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की नई कीमतें हर महीने की पहली तारीख को जारी की जाती हैं। तेल कंपनियां (जैसे- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों, कच्चे तेल के रुझान, रुपये-डॉलर की कीमत और अन्य बाजार कारकों की समीक्षा करती हैं। फिर उसके आधार पर नई दरें लागू करती हैं।

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मुख्य बातें

  • कीमतें हर महीने की 1 तारीख को अपडेट होती हैं।
  • घरेलू बनाम कमर्शियल: 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में हर महीने बदलाव होता है क्योंकि यह सीधे अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ा होता है। वहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव सरकार की नीतियों और सब्सिडी के आधार पर तय होता है।

लेटेस्ट रेट चेक करने के तरीके: आप अपने शहर के सटीक रेट इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइटों, उनके मोबाइल ऐप या अपने गैस वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) से संपर्क करके जान सकते हैं।

E20 Petrol: क्या सच में एथेनॉल वाले पेट्रोल से कम हो जाता है गाड़ी का माइलेज और खराब होता है इंजन? इस डिटेल FAQ में हर सवाल का जवाब

देश में इस समय एथेनॉल और E20 पेट्रोल की काफी चर्चा हो रही है। E20 फ्यूल का मतलब है ऐसा पेट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत साधारण पेट्रोल मिला होता है। देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की अफवाहें और भ्रामक दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कोई कह रहा है कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब हो जाता है, तो कोई दावा कर रहा है कि इससे गाड़ी का माइलेज बहुत कम हो जाता है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि E20 बनाने में हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है।

वहीं इन दावों पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी जारी करते हुए कहा है कि ये बातें पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और वैज्ञानिक तथ्यों से परे हैं। मंत्रालय ने ऑटोमोबाइल अनुसंधान संस्थानों और वाहन उद्योग से जुड़ी कई रिपोर्टों का हवाला देते हुए इन अफवाहों को खारिज किया है।

  • E20 पेट्रोल क्या है और इसकी इतनी चर्चा क्यों हो रही है?

E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। इथेनॉल एक जैव ईंधन (बायोफ्यूल) है, जिसे गन्ना, मक्का और अतिरिक्त चावल जैसी कृषि फसलों से तैयार किया जाता है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को घटाना और देश में जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देना है।

भारत ने दिसंबर 2025 तक पूरे देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया, जबकि यह लक्ष्य पहले 2030 तक पूरा करना था। इसके बाद सोशल मीडिया पर ई20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इसका गाड़ी के इंजन, माइलेज, वारंटी और लंबे समय तक वाहन के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ेगा।

  • क्या E20 पेट्रोल से इंजन खराब होता है या माइलेज कम हो जाता है?

केंद्र सरकार ने उन दावों को गलत बताया है, जिनमें कहा जा रहा है कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब हो जाता है या गाड़ी का माइलेज बहुत कम हो जाता है। सरकार ने बताया कि इस विषय पर ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), इंडियन ऑयल, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (देहरादून) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने मिलकर अध्ययन किया था। इसमें अलग-अलग तरह के वाहनों पर E20 पेट्रोल की जांच की गई।

स्टडी के अनुसार, कारों पर 40,000 किलोमीटर और दोपहिया वाहनों पर 20,000 किलोमीटर तक किए गए टेस्च में इंजन की एफिशिएंसी, गाड़ी स्टार्ट होने या धातु और प्लास्टिक के पुर्जों पर कोई बड़ी समस्या नहीं मिली। हालांकि, कुछ पुराने मॉडल की गाड़ियों में रबर के कुछ हिस्सों और गैस्केट को पहले बदलने की जरूरत पड़ सकती है।

केंद्र सरकार का कहना है कि ई20 पेट्रोल, सामान्य पेट्रोल की तुलना में कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन जैसे प्रदूषकों का उत्सर्जन कम करता है। सरकार के अनुसार, इथेनॉल की ऑक्टेन क्षमता अधिक होने के कारण ई20 के लिए तैयार किए गए वाहनों में इंजन की नॉकिंग कम होती है, गाड़ी की रफ्तार बेहतर होती है और ड्राइविंग का अनुभव भी अच्छा रहता है।

माइलेज को लेकर सरकार ने कहा है कि E20 पेट्रोल से बहुत ज्यादा माइलेज घटने की बातें सही नहीं हैं। मंत्रालय के मुताबिक, किसी भी गाड़ी का माइलेज सिर्फ ईंधन पर नहीं, बल्कि चलाने के तरीके, टायर में सही हवा, समय पर सर्विस और एयर कंडीशनर के इस्तेमाल जैसी कई बातों पर निर्भर करता है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि रेसिंग कारों में लंबे समय से इथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इससे गाड़ी का प्रदर्शन बेहतर होता है और इंजन की नॉकिंग कम होती है। उन्होंने माना कि माइलेज में हल्की कमी आ सकती है, लेकिन इसके बारे में पहले से ही साफ जानकारी दी गई है।

  • क्या E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से गाड़ी का बीमा या वारंटी खत्म हो जाएगी?

केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से गाड़ी का बीमा या कंपनी की वारंटी खत्म नहीं होती। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, बीमा कंपनियों और वाहन बनाने वाली कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि अगर वाहन कंपनी के तय मानकों के अनुसार ई20 पेट्रोल के लिए उपयुक्त है, तो इस ईंधन के इस्तेमाल से बीमा या वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) का भी हवाला दिया है। सियाम के अनुसार, ई20 पेट्रोल के अनुकूल वाहनों पर कंपनी की वारंटी पहले की तरह लागू रहेगी और ग्राहकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

  • क्या इथेनॉल बनाने में बहुत ज़्यादा पानी का इस्तेमाल होता है?

सरकार का कहना है कि एक लीटर इथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी लगने का दावा सही नहीं है। सरकार के मुताबिक, धान की खेती में इस्तेमाल होने वाले पूरे पानी को इथेनॉल उत्पादन से जोड़ना गलत है, क्योंकि धान और गेहूं की खेती सबसे पहले देश की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए की जाती है। जब जरूरत से ज्यादा चावल बच जाता है, तभी उसका इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में किया जाता है।

सरकार का यही कहना गन्ने के मामले में भी है। उसके अनुसार, पहले देश में चीनी की जरूरत पूरी की जाती है और उसके बाद ही अतिरिक्त गन्ने या उससे बने कच्चे माल का उपयोग इथेनॉल बनाने के लिए किया जाता है।

सरकार ने यह भी बताया कि अब इथेनॉल बनाने में मक्के को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि मक्का उगाने में धान के मुकाबले काफी कम पानी लगता है। फिलहाल इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल में मक्के की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।

सरकार के अनुसार, इथेनॉल बनाने की प्रक्रिया के दौरान एक लीटर इथेनॉल तैयार करने में आमतौर पर केवल 3 से 5 लीटर पानी की जरूरत होती है। इसके अलावा कई आधुनिक कारखानों में पानी को दोबारा इस्तेमाल करने की तकनीक अपनाई जाती है, जिससे पानी की खपत और भी कम हो जाती है।

  • EBP प्रोग्राम से क्या फायदे हुए हैं?

सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) योजना से देश को आर्थिक और पर्यावरण दोनों स्तर पर बड़े फायदे हुए हैं। सरकार के मुताबिक, साल 2014-15 के बाद इस योजना की वजह से 1.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई गई है। साथ ही किसानों को 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।

सरकार के अनुसार, इस योजना से करीब 930 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का उत्सर्जन कम हुआ है और 310 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चे तेल की जगह इथेनॉल का इस्तेमाल किया गया है। इससे पेट्रोलियम पर देश की निर्भरता घटाने में भी मदद मिली है।

सरकार ने यह भी बताया कि इथेनॉल उत्पादन की सालाना क्षमता 2013-14 में करीब 38 करोड़ लीटर थी, जो अब बढ़कर लगभग 2,000 करोड़ लीटर हो गई है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत से ज्यादा इथेनॉल मिलाने का फैसला तभी लिया जाएगा, जब वैज्ञानिक जांच, परीक्षण और वाहन कंपनियों से चर्चा के बाद संबंधित विशेषज्ञ संस्था की मंजूरी मिल जाएगी।

Jet Fuel Price Cut: अब हवाई सफर होगा सस्ता, जेट फ्यूल की कीमतें 5 रुपये हुईं कम

Jet Fuel Price Cut: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच बुधवार (1 जुलाई) को जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में ATF की अब नई कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई है। वेस्ट एशिया में संकट के कारण ATF की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती है। बल्क में कीमत 1.15 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से घटाकर 1.10 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है। इससे घरेलू एयरलाइंस को फ्यूल की लागत में कुछ राहत मिलेगी।

यह कटौती हाल के हफ्तों में वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और सप्लाई बेहतर होने की उम्मीदों के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में नरमी आने के बाद की गई है। इससे एयरलाइंस को राहत मिली है, क्योंकि उनके लिए फ्यूल का खर्च सबसे बड़ा ऑपरेटिंग खर्च होता है। इस बदलाव से घरेलू एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, इसका कितना फायदा होगा, यह एयरलाइंस की फ्यूल खरीदने और हेजिंग की रणनीतियों पर निर्भर करेगा।

ATF की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को इंटरनेशनल बेंचमार्क कीमतों के औसत और मौजूदा रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के आधार पर बदलाव किया जाता है। इससे पहले बुधवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 जुलाई से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की। यह इस साल कमर्शियल LPG की कीमतों में पहली कटौती थी। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह बदलाव वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने के बाद ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद किया गया।

पेट्रोल-डीजल भी हुआ सस्ता

देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पूरे देश में पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। यह कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद की गई है। दो साल में यह पहली बार है जब किसी कंपनी ने फ्यूल की रिटेल कीमतों में कमी की है।

वेस्ट एशिया में तनाव कुछ कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद क्रूड ऑयल और LNG की सप्लाई बहाल हो गई है। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुई हैं। इसके बाद ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है।

इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि नई कीमतें देश भर में नायरा के 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल पंपों पर कीमतें अलग-अलग होती हैं, क्योंकि हर राज्य में वैट (VAT) जैसे लोकल टैक्स अलग-अलग होते हैं।

हालांकि, सरकारी फ्यूल रिटेलर कंपनियों ने अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सरकारी कंपनियों -इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में किसी बदलाव का ऐलान नहीं किया है।

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