20 साल के भारतीय नागरिक वरुण बटचिगरी को जर्मनी में गिरफ्तार किया गया है। उन पर अमेरिका के एरिजोना में अपनी 19 साल की गर्लफ्रेंड जुलिसा रूबी सलाजार की गला दबाकर हत्या करने का आरोप है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, वरुण पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का शक है। जुलिसा का शव गुरुवार को एरिजोना यूनिवर्सिटी के पास टक्सन स्थित उसके अपार्टमेंट में मिला था। जुलिसा के परिवार ने उसकी चिंता होने पर पुलिस से वेलफेयर चेक कराने को कहा था। टक्सन पुलिस विभाग के मुताबिक, वे गुरुवार शाम करीब 4 बजे अपार्टमेंट पहुंचे, जहां जुलिसा बेहोश मिली। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने आरोपी को जर्मनी में ट्रेस किया जांचकर्ताओं का कहना है कि वरुण जुलिसा का फोन और क्रेडिट कार्ड लेकर गया था। उसने जुलिसा की मां को कई मैसेज भी भेजे। पुलिस को पता चला कि वरुण टक्सन से भाग चुका है। वह टक्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा और वहां से ह्यूस्टन की फ्लाइट ली। इसके बाद उसने जर्मनी के बर्लिन जाने वाली दूसरी फ्लाइट ली। अधिकारियों का मानना है कि वरुण भारत लौटने की कोशिश कर रहा था। उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अधिकारियों ने वरुण का पता लगाया और जर्मनी पहुंचने के बाद उसे हिरासत में लिया। उसे एरिजोना लाए जाने की उम्मीद है, जहां उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का आरोप लगाया जाएगा और उसे पिमा काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर में दर्ज किया जाएगा। रिश्ता खत्म करना चाहती थी जुलिसा इस मामले में वरुण और जुलिसा के रिश्ते और उनसे जुड़े दुर्व्यवहार के आरोपों की भी जांच हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलिसा यह रिश्ता खत्म करना चाहती थी। उसके साथ यौन हमले और दुर्व्यवहार होने की बात भी सामने आई है। 5 अगस्त को जुलिसा के रूममेट्स ने उसके कमरे से तेज चीखने की आवाज सुनी थी। इससे वे चिंतित हो गए और उन्होंने जुलिसा से संपर्क कर पूछा कि वह सुरक्षित है या नहीं। रूममेट्स को जवाब मिला कि वह ठीक है और कमरे में केवल बहस हुई थी। एक महिला ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया था कि वरुण ने हैलोवीन के दिन जुलिसा पर यौन हमला किया था। हालांकि, जुलिसा ने इस घटना की शिकायत उस समय नहीं की थी। वरुण को यूनिवर्सिटी से निकाला गया वरुण एरिजोना यूनिवर्सिटी में बिजनेस एनालिटिक्स की पढ़ाई कर रहा था। हालांकि, एक लड़ाई के बाद उसे यूनिवर्सिटी से निकाल दिया गया और उसकी पढ़ाई बीच में ही रुक गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके खिलाफ घरेलू हिंसा से जुड़े आरोपों का भी रिकॉर्ड रहा है। उसने हाल ही में नौकरी खो दी थी, जिससे उसके लिए किराया देना मुश्किल हो गया था और उसका इमिग्रेशन स्टेटस भी खतरे में पड़ गया था। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 27 साल की भारतीय महिला की हत्या:आरोपी बॉयफ्रेंड भारत से गिरफ्तार, उसी के अपार्टमेंट में शव मिला था अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में भारतीय मूल की महिला निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में उसके एक्स बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। निकिता न्यू ईयर से लापता थी। पूरी खबर पढ़ें…
महाराष्ट्र के पुणे जिले में रविवार को बारामती एयरस्ट्रिप के पास एक प्राइवेट कंपनी का ट्रेनिंग विमान क्रैश हो गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस के मुताबिक, विमान दोपहर करीब 12:30 बजे एयरस्ट्रिप के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद विमान के क्रैश होने की वजह की जांच शुरू कर दी गई।
हादसे की वजह नहीं हुई साफ
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी हादसे की सही वजह के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी आई थी या हादसे के पीछे कोई दूसरी वजह थी। अधिकारी विमान से जुड़ी सभी तकनीकी जानकारियों की जांच कर रहे हैं, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।
Baramati, Maharashtra: A trainee aircraft belonging to Karwar Aviation crashed at Baramati Airport while taxiing on the runway. Police and officials reached the spot. The exact cause of the crash is yet to be ascertained. Further details are awaited pic.twitter.com/XL52RQGQ8o
— IANS (@ians_india) August 9, 2026
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह हादसा एयरस्ट्रिप के पास हुआ है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विमान में कोई तकनीकी खराबी आई थी या किसी दूसरी वजह से यह हादसा हुआ। अभी हादसे की वजह पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी।” हादसे में शामिल विमान की पहचान करवार एविएशन के ट्रेनिंग विमान के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बारामती एयरपोर्ट के रनवे पर टैक्सी करते समय विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल विमान के क्रैश होने की सही वजह सामने नहीं आई है। मामले की जांच की जा रही है।
IMD Issues Red Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली और NCR के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया है। दर्जनों पेड़ उखड़ गए हैं। ITO और महरौली-बदरपुर रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक जाम लग गया है। भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और अंडरपास में काफी पानी भर गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे और वजीराबाद रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक की रफ़्तार बहुत धीमी हो गई है।
इस बीच, एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने सलाह दी है कि IGI एयरपोर्ट जाने वाले यात्री यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। राजधानी में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने, तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान की स्थिति भी बनी हुई है।
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, रविवार (9 अगस्त) को दिल्ली में बादल छाए रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी में एक और दौर की बारिश का अनुमान लगाया है। IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में सुबह से लेकर दोपहर तक बहुत हल्की बारिश हो सकती है। शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर हो सकता है। दिन भर आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद है।
दिल्ली में कई दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जलभराव, ट्रैफिक की समस्या और कामकाज में रुकावटें आई हैं। शनिवार को सफदरजंग मौसम केंद्र ने सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 98.7 मिमी बारिश दर्ज की, जो पिछले दो वर्षों में दिल्ली में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला दिन रहा। शहर ने महीने के पहले आठ दिनों में ही अगस्त की सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। इस दौरान सफदरजंग में 230.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि महीने की सामान्य बारिश 233.1 मिमी होती है।
तापमान में होगी बढ़ोतरी
रविवार को मौसम विभाग को उम्मीद है कि बारिश कम होने के साथ तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर सुबह और शाम के समय जब बारिश की संभावना है। IMD ने इस सप्ताह पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है।
यूपी में भी बारिश का अलर्ट
उत्तर में प्रयागराज से सहारनपुर तक मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी-तूफान संग बादल जमकर बरसेंगे। इसी के साथ मानसून के फिर सक्रिय रहने का अनुमान है। यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। IMD ने यूपी के निवासियों को सलाह दी है कि वे जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले इलाकों में सावधानी बरतें। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।
इन राज्यों में मूसलाधार बारिश की आशंका
मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यूपी के अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की उम्मीद है। जबकि हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में भी भीषण बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है।
जबकि पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की आशंका है। बिहार में भी मूसलाधार बारिश जारी रहने की आशंका है।
हिमाचल और केरल में तबाही, असम में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 99 हुई
देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ। लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई। जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को भी राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। एक और मौत की खबर के साथ मरने वालों की संख्या 99 हो गई। इसमें कहा गया कि असम में 1.47 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
मौत का नया मामला गोलाघाट जिले से सामने आया है। इसके साथ ही, असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया कि बाढ़ से असम में 12 जिले-सोनितपुर, नागांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और विश्वनाथ प्रभावित हैं।
हिमाचल में 153 सड़कें बंद, ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी
हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई। उन्होंने बताया कि राज्य को कुल 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।
केरल में भी बारिश जारी
केरल में शनिवार को बारिश जारी रही। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन कई सड़कें और मकान अब भी जलमग्न होने के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड इलाकों तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर रहा। हालांकि कई स्थानों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है।
कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी केवल मामूली रूप से कम हुआ है। जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए या प्रभावित हैं, क्योंकि उनके मकान और सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। अलप्पुझा-चंगनास्सेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित है। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
दिल्ली में अगस्त के शुरुआती आठ दिन में ही पूरे महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त के पहले आठ दिन में ही इस महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग वेधशाला में अब तक 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सफदरजंग में इस महीने की शुरुआत से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 225.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच 4.4 मिलीमीटर और बारिश हुई, जिससे कुल वर्षा 230.1 मिलीमीटर हो गई।
IMD के अनुसार, 1991 से 2020 की जलवायु अवधि के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अगस्त में औसतन कुल 226.8 मिलीमीटर बारिश होती है। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को पिछले दो वर्ष में अगस्त के किसी एक दिन में सर्वाधिक बारिश भी दर्ज की गई। सफदरजंग में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 98.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले अगस्त में एक दिन में इससे अधिक बारिश एक अगस्त 2024 को दर्ज की गई थी। उस समय 107.6 मिलीमीटर वर्षा हुई थी।
शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान पालम में 104.6 मिलीमीटर, आयानगर में 115 मिलीमीटर, रिज में 89.8 मिलीमीटर और लोधी रोड में 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच आयानगर में सबसे अधिक 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, इसके अलावा रिज में 9.4 मिलीमीटर और लोधी रोड में 6.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सफदरजंग और पालम में 4.4-4.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिन दिल्ली में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।
पीएम मोदी ने शनिवार रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से फोन पर बातचीत की। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। मोदी ने लिखा, “अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन आया। हमने प्रमुख क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।” उन्होंने वेंस को बेटे के जन्म पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। दरअसल, 19 जुलाई को जेडी वेंस चौथी बार पिता बने थे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति पिछले साल भारत दौरे पर आए थे अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस 3 से 7 मार्च 2025 तक भारत में थे। उनके साथ-साथ उनकी पत्नी उषा और तीनों बच्चे- इवान, विवेक और मिराबेल भी भारत आए थे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन्हें दिल्ली में रिसीव किया था। एयरपोर्ट पर ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। उन्होंने PM मोदी से भी मुलाकात की थी। उपराष्ट्रपति बनने के बाद यह जेडी वेंस की पहली आधिकारिक भारत यात्रा थी। ट्रम्प भी 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। 27 जून को व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया। ये ट्रम्प की राष्ट्रपति रहते हुए दूसरी भारत यात्रा हो सकती है। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में पहली बार भारत यात्रा पर आए थे। वे अहमदाबाद में ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उषा वेंस के माता-पिता आंध्र प्रदेश से थे जेडी वेंस की पत्नी ऊषा का जन्म और स्कूली शिक्षा सैन डिएगो में हुआ है। उनके माता-पिता 1980 के दौरान आंध्र से अमेरिका आकर बसे गए थे। अमेरिका में रहने के बावजूद उनके माता-पिता ने वहां की मॉडर्न संस्कृति से प्रभावित हुए बिना उन्हें भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म के अनुसार शिक्षा और संस्कार दिए। बाद में वेंस भी इन संस्कारों से प्रभावित हुए। ऊषा की मां एक बायोलॉजिस्ट हैं और पिता इंजीनियर। ऊषा कहती हैं कि उन्होंने अपने माता-पिता के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए ही पढ़ाई की है। येल से बैचलर की डिग्री हासिल करने के बाद ऊषा ने गेट्स कैम्ब्रिज स्कॉलरशिप की मदद से कैम्ब्रिज से मास्टर ऑफ फिलॉसफी की डिग्री हासिल की। ऊषा ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स के लिए क्लर्क के रूप में काम किया। कल ही भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिका में पास हुआ अमेरिकी सीनेट ने शुक्रवार रात 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया गया। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। हालांकि, अभी ये कानून नहीं बना है। अभी इसे अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजा जाएगा। अगर वहां भी बिल पास हो जाता है, तो इसे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उनकी मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून बनेगा। पूरी खबर पढ़ें… ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में पहली बार ‘बर्थ टूरिज्म’ पर रोक:यहां पैदा हुए विदेशियों के बच्चे को नागरिकता नहीं मिलेगी; ट्रम्प बोले- बर्थराइट सिटीजनशिप मजाक बनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अमेरिका में जन्म लेने वाले लोगों को नागरिकता मिलने के दायरे को सीमित करने की कोशिश की है। पूरी खबर पढ़ें…
Kiara Advani: कियारा आडवाणी ने शनिवार सुबह अपनी आने वाली फ़िल्म ‘Toxic: A Fairy Tale For Grown-Ups’ के हाल ही में रिलीज़ हुए गाने ‘तबाही’ को लेकर चल रही चर्चा के बीच पहली बार लोगों के सामने उपस्थिति दर्ज कराई। एक्ट्रेस को बेंगलुरु पहुंचते समय पैपराज़ी ने देखा, जहां आज बाद में उनकी फ़िल्म का ट्रेलर रिलीज़ किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में, कियारा एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय ऑल-डेनिम लुक में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। उन्हें फ़ैन्स के साथ सेल्फ़ी लेते और पैपराज़ी के लिए पोज़ देते हुए भी देखा गया। कियारा के साथ फ़िल्म की डायरेक्टर गीतू मोहनदास भी मौजूद थीं।
‘तबाही’ के रिलीज़ से छिड़ी बहस
‘टॉक्सिक’ फ़िल्म के गाने ‘तबाही’ के रिलीज़ होने के बाद, कियारा आडवाणी को यश के साथ अपने इंटीमेट सीन्स को लेकर सोशल मीडिया यूज़र्स के एक वर्ग की आलोचना का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे बातचीत सिर्फ़ गाने से आगे बढ़कर कियारा की पर्सनल लाइफ़ तक पहुंच गई। ट्रोल करने वालों ने उनके पति सिद्धार्थ मल्होत्रा की सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कमेंट करना शुरू कर दिया और फ़िल्म को उनकी शादी से जोड़ने लगे।
Kiara Advani and Director Geetu Mohandas arrive in Bangalore for the grand trailer launch of #ToxicTheMovie #Yash #YashBOSS #KiaraAdvani #GeetuMohandas #ToxiconAugust26 pic.twitter.com/FWT3n92DGL
— Team Yash FC (@TeamYashFC) August 8, 2026
वहीं, यश, जो खुद भी शादीशुदा हैं, की तुलनात्मक रूप से कम आलोचना हुई। इससे ऑनलाइन यह बहस छिड़ गई कि क्या ऑन-स्क्रीन एक जैसी परफ़ॉर्मेंस के लिए महिला एक्टर्स को पुरुष एक्टर्स की तुलना में ज़्यादा सख़्ती से आंका जाता है।
हालांकि, इस चर्चा के बीच, हुमा कुरैशी – जो खुद भी ‘टॉक्सिक’ का हिस्सा हैं – ने हाल ही में कियारा का बचाव किया और कहा, “यह बहुत बुरा है। यह वाकई घिनौना है। लेकिन मुझे लगता है कि इस फ़िल्म में शामिल महिलाएं – यानी एक्ट्रेस और डायरेक्टर – ही अंत में बाज़ी मारेंगी। किसी चीज़ का बचाव करने की कोशिश करने का कोई फ़ायदा नहीं है, क्योंकि आप बातों से लोगों की सोच नहीं बदल सकते। मैं बस फ़िल्म को ही अपनी बात कहने दूंगी।”
कियारा, यश और हुमा के अलावा, ‘टॉक्सिक’ में नयनतारा, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी हैं। यह फ़िल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने गुरुवार को असम में NH-15 के 135.871 किलोमीटर लंबे, 4-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट NH(O) के तहत कुल 8970.20 करोड़ रुपये की लागत से ‘बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) टोल मोड पर विकसित किया जाएगा।
CCEA के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में तेजपुर बाईपास पर एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) (4.9 किमी) का निर्माण शामिल है। इसे भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया गया है। इस कॉरिडोर के बनने से ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले मौजूदा NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
बनाए जाएंगे 5 बड़े बाईपास
इस प्रोजेक्ट के तहत 58.7 किलोमीटर लंबे 5 बड़े बाईपास भी बनाए जाएंगे। इससे घनी आबादी वाले इलाकों जैसे बाईहाटा चारियाली, सिपाझार, खरुपेटिया, डेकीयाजुली और तेजपुर में जाम की समस्या कम होगी और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और 1 हाथी अंडरपास (तेजपुर बाईपास पर) बनाने का प्रावधान है। ट्रैफिक की आवाजाही बनाए रखने के लिए प्रोजेक्ट के तहत 46 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और 210 किलोमीटर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, क्योंकि इस प्रोजेक्ट को एक्सेस-कंट्रोल्ड (सीमित प्रवेश-निकास वाली सड़क) के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है।
सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की होगी बचत
CCEA ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाहनों की औसत रफ्तार करीब 100 प्रतिशत तक बढ़ सकती है और यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, ईंधन की बचत होगी और वाहनों के संचालन पर आने वाला खर्च भी कम होगा। इससे क्षेत्र में आवाजाही आसान होगी और आर्थिक व सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
औद्योगिक पार्क, पर्यटन स्थल और लॉजिस्टिक हब से जुड़ेगा कॉरिडोर
इसके अलावा, अपग्रेड किए जाने वाले इस कॉरिडोर से PM गति शक्ति योजना के तहत चिन्हित 8 आर्थिक केंद्रों (8 इंडस्ट्रियल पार्कों), 2 सामाजिक केंद्रों (असम के आकांक्षी जिले दरांग और उदलगुड़ी), 3 पर्यटन स्थलों (मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरांग नेशनल पार्क) और 7 लॉजिस्टिक केंद्रों (3 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट और 2 जलमार्ग टर्मिनल) तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज और आसान होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में आयोजित 7वें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में भाग लेते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2030 तक देश के 500 गीगा वॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य नवकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण तथा हरित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। म.प्र. आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में शामिल होने के लिए एयरपोर्ट से दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के माध्यम से शिवाजी स्टेडियम तक यात्रा कर स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया। दिल्ली मेट्रो अपने संचालन में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा का उपयोग करती है, इसलिए मुख्यमंत्री ने हरित ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में मेट्रो से यात्रा की।
मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का दिया प्रेजेंटेशन-नई दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 में मध्यप्रदेश ने स्वच्छ एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की कार्य योजना का प्रभावी प्रेजेंटेशन दिया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी तथा भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री एच.ई. ल्योनपो जेम त्शेरिंग तथा श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणाथिलका, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा म.प्र. मनु श्रीवास्तव सहित देश-विदेश के ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में निवेश-अनुकूल नीतियों, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और पर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी ग्रीन एनर्जी हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश और अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। यह आयोजन स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने तथा सतत विकास के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 438 मेगावॉट से बढ़कर 11,000 मेगावाट हो गई है, जो लगभग 25 गुना वृद्धि है। पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण तथा बायोमास नीतियां लागू कर निवेश और नवाचार को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि 750 मेगावाट रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने देश में पहली बार सौर ऊर्जा का टैरिफ कोयला आधारित विद्युत से भी कम स्थापित किया। इस परियोजना को वर्ल्ड बैंक ग्रुप प्रेसिडेन्ट्स अवार्ड फॉर एक्सीलेंस प्राप्त हुआ तथा इसकी केस स्टडी हावर्ड युनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है। वहीं 1,500 मेगावाट आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रूपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम सौर टैरिफ प्राप्त हुआ है और इससे भारतीय रेलवे को 8 राज्यों में हरित ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 278 मेगावॉट क्षमता की देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना का लोकार्पण 25 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। इसके साथ ही 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' के अंतर्गत लगभग 14,900 मेगावॉट क्षमता के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें किसानों और एमएसएमई क्षेत्र की उल्लेखनीय भागीदारी रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता को मजबूत करने के लिए राज्य में बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। मुरैना की 440 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं 880 मेगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना है, जिसमें प्रतिस्पर्धी दर पर विद्युत क्रय अनुबंध किए गए हैं। साथ ही 4 घंटे, 6 घंटे और 24 घंटे की सौर-सह-ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रूफटॉप सोलर योजना अंतर्गत 1,300 शासकीय भवनों पर 48 मेगावाट क्षमता विकसित की जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश के लगभग 1.5 लाख घरों में 566 मेगावॉट क्षमता के रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, हरित ऊर्जा की अपार संभावनाओं और औद्योगिक क्षमताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनेगा।
केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश जल्द ही 300 GW स्थापित गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता का आंकड़ा पार करेगा तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से 50 लाख से अधिक परिवार रूफटॉप सोलर का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों ने नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सभी राज्यों से सस्टेनेबल डेवलपमेंट, ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ ऊर्जा के व्यापक उपयोग पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
प्रेजेंटेशन के मुख्य बिन्दु
4 घंटे बैटरी ऊर्जा भंडारण : ऐसी परियोजनाएँ जो सौर ऊर्जा को संग्रहित कर सायंकालीन पीक मांग के समय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं तथा ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाती हैं।
6 घंटे बैटरी ऊर्जा भंडारण : ये परियोजनाएँ अधिक अवधि तक ऊर्जा आपूर्ति प्रदान कर नवकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण, मांग प्रबंधन एवं ग्रिड स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण परियोजनाएँ : सौर ऊर्जा एवं दीर्घावधि ऊर्जा भंडारण के संयोजन से विकसित ये परियोजनाएँ चौबीसों घंटे स्वच्छ एवं विश्वसनीय विद्युत उपलब्ध कराने में सक्षम हैं, जिससे उद्योगों, वितरण कंपनियों तथा डेटा सेंटर जैसे उच्च मांग वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त होगी।
एनआरईडी की भूमिका : नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्य प्रदेश शासन राज्य में नवकरणीय ऊर्जा नीति निर्माण, निवेश प्रोत्साहन, परियोजना विकास तथा ऊर्जा संक्रमण से संबंधित कार्यक्रमों के समन्वय हेतु प्रमुख विभाग है। विभाग प्रदेश को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए कार्यरत है।
रूम्सल की भूमिका : रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड, मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) का संयुक्त उपक्रम है। रूम्सल राज्य में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा, फ्लोटिंग सोलर, हाइब्रिड नवकरणीय ऊर्जा तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के विकास एवं क्रियान्वयन हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। रूम्सल द्वारा विकसित नवाचार आधारित परियोजनाएँ मध्य प्रदेश को देश में ऊर्जा भंडारण एवं चौबीसों घंटे नवकरणीय ऊर्जा आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही हैं।
असम की डिमा हसाओ पहाड़ियों में बसा जटिंगा गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ एक रहस्यमयी घटना के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है। हर साल मानसून के अंत में यहां पक्षियों से जुड़ी एक ऐसी घटना देखने को मिलती है, जिसने सालों से साइंटिस्ट, बर्ड स्पेशलिस्ट और टूरिस्ट का ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। आइए जानते हैं आखिर क्या है जटिंगा का रहस्य और यहां कैसे पहुंचा जा सकता है:
शांत पहाड़ी गांव, लेकिन एक रहस्यमयी पहचान

सालभर जटिंगा हरे-भरे जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य टूरिस्ट को अट्रैक्ट करता है, लेकिन सितंबर और अक्टूबर के महीनों में यह गांव एक अनोखी घटना की वजह से चर्चा में आ जाता है।
हर साल देखने को मिलती है अनोखी घटना

मानसून के अंत में शाम के समय कुछ पक्षी अचानक नीचे आने लगते हैं और पेड़ों, घरों या जमीन से टकरा जाते हैं। यह घटना कुछ घंटों तक ही देखने को मिलती है और खास बात यह है कि यह केवल गांव के एक छोटे से इलाके तक सीमित रहती है।
किन पक्षियों पर पड़ता है असर?
इस घटना में शामिल पक्षियों की कई प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इनमें किंगफिशर, ड्रोंगो, बगुले, बिटर्न, बी-ईटर और पिट्टा जैसे पक्षी शामिल हैं। एक्सपर्ट के अनुसार इनमें ज्यादातर यंग और दिन में एक्टिव रहने वाले पक्षी होते हैं।
लोककथाओं में छिपी रहस्य की कहानी

पहले यहां के लोग इस घटना को अलौकिक शक्तियों से जोड़कर देखते थे। गांव में कई पीढ़ियों से ऐसी कहानियां सुनाई जाती रही हैं कि आसमान से आने वाली रहस्यमयी शक्तियां पक्षियों को अपनी ओर खींच लेती हैं। हालांकि समय के साथ इन मान्यताओं की जगह साइंटिफिक रिसर्च ने ले ली।
वैज्ञानिक क्या मानते हैं?

पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि घना कोहरा, कम ऊंचाई वाले बादल, तेज हवाएं और अर्टिफिशियल लाइट मिलकर पक्षियों के दिशा-ज्ञान को एफेक्ट कर सकती हैं। कुछ शोध चुंबकीय बदलाव की संभावना भी बताते हैं, लेकिन अब तक कोई एक कारण पूरी तरह साबित नहीं हो पाया है।
क्या पक्षी सच में सुसाइड करते हैं?

साइंटिस्ट का कहना है कि इसे पक्षियों की ग्रुप सुसाइड कहना सही नहीं होगा। अवेलेबल रिसर्च के अनुसार पक्षी किसी कारण से डिस्ट्रैक्ट होकर अपनी दिशा खो बैठते हैं, जिसके चलते यह घटना होती है। इसकी असली कारण पर अब भी स्टडी जारी है।
जटिंगा कैसे पहुंचें?

जटिंगा, असम के डिमा हसाओ जिले में है और हाफलोंग से करीब 9 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट गुवाहाटी का लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। रेल से आने वाले ट्रैवलर हाफलोंग हिल स्टेशन तक पहुंच सकते हैं, जबकि हाफलोंग से टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं। विजिट के दौरान फारेस्ट डिपार्टमेंट के रेगुलेशन और लोकल रेजिडेंट के इंस्ट्रक्शन को फॉलो करना जरूरी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आधिकारिक हेलिकॉप्टर मरीन वन की उड़ान के दौरान सुरक्षा में चूक हुई है। मंगलवार को व्हाइट हाउस से उड़ान भरते समय मरीन वन और एक यात्री विमान तय सुरक्षा दूरी से ज्यादा करीब आ गए। इसके बाद अमेरिकी विमानन नियामक FAA ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुई। ट्रम्प व्हाइट हाउस से जॉइंट बेस एंड्रूज जा रहे थे। उसी समय एनवॉय एयर का एक यात्री विमान भी रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर गया। FAA की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों विमानों के बीच सबसे कम करीब 1.3 किलोमीटर की क्षैतिज दूरी और 700 फीट की ऊर्ध्वाधर दूरी रह गई। अधिकारियों का कहना है कि दोनों विमान टक्कर की दिशा में नहीं थे और राष्ट्रपति की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं हुआ। घटना का वीडियो… सुरक्षा में चूक कैसे हुई?
वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, मरीन वन की उड़ान के दौरान रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों को कुछ देर के लिए रोक दिया जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। एयर ट्रैफिक कंट्रोल समय पर उड़ानें नहीं रोक सका। इसी वजह से यात्री विमान ने भी टेकऑफ कर लिया FAA अब यह पता लगा रहा है कि सुरक्षा प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं हुआ और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से चूक कैसे हुई। ATC को तीन बार सूचना दी, जवाब नहीं मिला द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, उड़ान से पहले मरीन वन के क्रू ने कंट्रोल टावर को तीन बार बताया कि हेलिकॉप्टर तीन मिनट में उड़ान भरेगा। लेकिन रेडियो पर संदेश साफ नहीं सुनाई दिया। कंट्रोलर की ओर से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद मरीन वन ने तय कार्यक्रम के मुताबिक उड़ान भर ली। कुछ देर बाद कंट्रोलर ने हेलिकॉप्टर को पास में उड़ान भर चुके यात्री विमान की जानकारी दी। पायलट ने बताया कि उसे दूसरा विमान दिखाई दे रहा है। इसके बाद हेलिकॉप्टर ने थोड़ी देर रुककर आगे उड़ान जारी रखी। नियम क्या कहते हैं? FAA के नियमों के मुताबिक, ऐसे मामलों में विमानों के बीच कम से कम करीब 2.4 किलोमीटर की क्षैतिज दूरी या 500 फीट की ऊर्ध्वाधर दूरी होनी चाहिए। इस घटना में ऊर्ध्वाधर दूरी तो तय सीमा से ज्यादा थी, लेकिन क्षैतिज दूरी घटकर करीब 1.3 किलोमीटर रह गई। इसी वजह से इसे ‘लॉस ऑफ सेफ सेपरेशन’ माना गया।
जालंधर से रूस गए एक युवक ने ट्रैवल एजेंट की ठगी का पर्दाफाश कर आपबीती सुनाई है। युवक ने दिल्ली एयरपोर्ट से मॉस्को पहुंचने तक के 5 वीडियो में अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा- कोई भी एजेंट के चक्कर में फंसकर रूस मत आना। हमें यहां जंगल में छोड़ दिया है। अब समझ नहीं आ रहा है कि कहां जाएं? एजेंट ने जो वादे किए, वे हकीकत में बहुत बुरे निकले। युवक ने वीडियो में बताया कि उसका नाम आकाशदीप है। वह जालंधर के रामनगर का रहने वाला है। 15 जून 2026 को वह दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर मॉस्को पहुंचा था। उसे जालंधर के ही एजेंट पवन कुमार ने यहां भेजा। उसने कहा था कि मॉस्को में फल तोड़ने का काम है। इसके मोटे पैसे मिलेंगे। रहने को AC कमरे और बढ़िया खाना मिलेगा। युवक का आरोप है कि एजेंट का आदमी उसे जंगल के बीच बने कबाड़खाने जैसे घर में छोड़ गया है। उसके साथ हरियाणा और राजस्थान के भी युवक हैं। बाथरूम जैसे एक कमरे में 10 लोग सो रहे हैं। उसने कहा कि किसी एजेंट पर भरोसा मत करो। ये युवकों को झांसा देकर रूसी सेना में भर्ती करवा रहे हैं। जानिए, युवक ने वीडियोज में अपना क्या एक्सपीरिएंस बताया युवक ने रहने की जगह के ये PHOTOS दिखाए यहां देखिए, युवक के बनाए पांचों वीडियो 1. दिल्ली से मॉस्को की फ्लाइट में वीडियो बनाया 2. जंगल में फंसने का हाल बताया 3. रास्ते में जहां रुके, उस जगह को दिखाया 4. कबाड़ जैसी जगह में रुके, माहौल और टॉयलेट दिखाया 5. छोटा सा कमरा दिखाया, जिसमें सभी युवक ठहरे हैं ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… महिला डॉक्टर ने शादीशुदा होकर खुद को बताया सिंगल:जालंधर में पासपोर्ट बनाया, गुपचुप कनाडा भागी, पति बोला- गहने-कैश भी ले गई जालंधर की एक महिला डॉक्टर (डेंटिस्ट) ने शादीशुदा होने के बावजूद पासपोर्ट दफ्तर में खुद को अविवाहित बताकर नया पासपोर्ट बनवा लिया और कनाडा चली गई। पति का आरोप है कि पत्नी घर से नकदी और गहने लेकर गई और सरकारी दस्तावेजों में गलत जानकारी देकर पासपोर्ट हासिल किया। पढ़ें पूरी खबर…

