Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT निफ्टी से मिल रहे संकेतों को देखते हुए,6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद दिख रही है। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,643.50 के आसपास हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

बुधवार के कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद निफ्टी 24600 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 78,581.00 पर और निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 प्रतिशत बढ़कर 24,624.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:55 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 63.50 अंक यानी 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ 24,696.50 के स्तर पर दिख रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 1.47 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि,स्ट्रेट टाइम्स में 0.88 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 1.70 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 0.85 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। कोस्पी में 4.28 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। हालांकि, शांघाई कंपोजिट में 0.41 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

अमेरिकी बाजार

बुधवार को ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में प्रगति के संकेतों के बीच डाओ जोन्स रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ,जबकि तिमाही नतीजों के बाद SpaceX और AMD के शेयरों में गिरावट के कारण नैस्डैक (Nasdaq) में पिछले पांच सत्रों में पहली बार गिरावट नजर आई। कारोबार के अंत में डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 263.18 अंक या 0.49% बढ़कर 54,349.06 पर बंद हुआ। S&P 500 में 13.00 अंक या 0.17% की गिरावट आई और यह 7,723.52 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 221.55 अंक या 0.83% गिरकर 26,363.44 पर सेटल हुआ।

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार के शुरुआती कारोबार में डॉलर इंडेक्स दूसरी बड़ी मुद्राओं के मुकाबले सपाट दिख रहा था। फिलहाल ये 99.67 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 4.61% पर सपाट दिख रही है। वहीं, 2 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड मामूली बढ़त के साथ 4.18% पर आ गई है।

एशियाई करेंसी

ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बढ़त देखने को मिल रही है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.524% की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन (+0.313%) और थाई बाहत (+0.203%) का नंबर है। ताइवान डॉलर,मलेशियाई रिंगित,फिलीपीन पेसो,सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में भी थोड़ी बढ़त दिख रही है। दूसरी तरफ चीनी रेनमिनबी एकमात्र ऐसी करेंसी है जिसमें गिरावट आई है। यह अपने पिछले क्लोजिंग भाव से 0.018% नीचे दिख रहा है।

FII और DII फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5 अगस्त को लगातार छह सत्रों से जारी अपनी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और 943 करोड़ रुपये के शेयर बेचे (नेट सेलर बन गए)। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बॉयर रहे।

 

Asian Stock Market: वॉल स्ट्रीट की थमी तेजी, एशियन मार्केट धड़ाम, निक्केई करीब 2% और कोस्पी 4% टूटा

Asian Stock Market: एशियन मार्केट में 6 अगस्त को गिरावट आई है। आज आई यह गिरावट वॉल स्ट्रीट में हाल ही में टेक्नोलॉजी सेक्टर की वजह से आई तेजी की रफ्तार के धीमी पड़ने के कारण रही है। इस बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर दक्षिण कोरिया पर पड़ा, जहां कोस्पी (Kospi) 4.69% गिर गया। जापान का निक्केई (Nikkei) 1.88% नीचे आया। जबकि टोपिक्स (Topix) में मामूली 0.22% की गिरावट हुई। व्यापक MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.2% फिसला और हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.9% नीचे रहा, जिससे संकेत मिलता है कि सावधानी का माहौल पूरे क्षेत्र में फैल रहा था, न कि सिर्फ़ किसी एक बाज़ार तक सीमित था।

वॉल स्ट्रीट

वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में मिला-जुला कारोबार हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद होने के बाद निवेशक अब कंपनियों की अगली तिमाही की कमाई (कॉर्पोरेट अर्निंग्स) पर ध्यान दे रहे हैं।

डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 92 अंक या 0.2% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2% की तेजी आई। वहीं, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

पिछले सेशन में, डॉव 263.24 अंक या 0.49% चढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई पर पहुंचा और लगातार पांचवें सेशन में बढ़त बनाए रखी। इसके विपरीत, S&P 500 में 0.17% की गिरावट आई, जिससे चार दिन की तेजी का सिलसिला थम गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.83% गिरा।

शानदार कमाई के बावजूद SpaceX के शेयरों में 14% की गिरावट आई, क्योंकि निवेशक गुरुवार को लगभग 101 अरब डॉलर के स्टॉक के ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होने की तैयारी कर रहे थे। चिप से जुड़ी कंपनियों के लिए निराशाजनक माहौल के बीच, डेटा-स्टोरेज फर्म Sandisk और Western Digital के शेयरों में उनके नतीजे आने के बाद ‘आफ्टर-आवर्स’ ट्रेडिंग में क्रमशः 7.5% और 11% की गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतें

गुरुवार को तेल की कीमतों में नरमी आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान के बीच चल रही बातचीत से अमेरिका-ईरान शांति समझौता हो सकता है। इससे पांच महीने से चल रहा संघर्ष खत्म हो सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 37 सेंट या 0.5% गिरकर 79.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 53 सेंट या 0.7% गिरकर 74.69 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले सेशन में, ब्रेंट में मामूली बढ़त हुई थी, जबकि WTI मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था।

अमेरिका-ईरान युद्ध

बुधवार को रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच एक प्रस्तावित समझौते पर बातचीत हो रही है। इसका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करना है। इस समझौते के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों पर तेहरान का अधिकार हो सकता है। अगर यह समझौता फाइनल हो जाता है, तो यह ईरान को अब तक मिली सबसे बड़ी रियायतों में से एक होगी।

अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए जल्द ही कोई समझौता हो सकता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का लगातार यही कहना है कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य (जो वैश्विक ऊर्जा शिपिंग का एक प्रमुख मार्ग है) तक पहुंच पर ईरान का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा।

इस बीच, पांच सूत्रों के अनुसार, ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके क्षेत्र पर कोई नया सैन्य हमला करता है, तो वह पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर जवाबी हमले करेगा। यह चेतावनी तेहरान की उस रणनीति को दर्शाती है जिसके तहत वह वाशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों के हितों को खतरे में डालकर सैन्य कार्रवाई की संभावित कीमत बढ़ाना चाहता है।

आज सोने की कीमत

गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई और यह सात हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह कमजोर अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में कमी थी, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीदों से भी इसे समर्थन मिला।

स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,285.69 प्रति औंस हो गया, जो 18 जून के बाद का उच्चतम स्तर है। इससे पिछले सत्र में भी इस कीमती धातु ने फरवरी के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की थी।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ईरान ने गल्फ देशों को हमले की धमकी दी:कहा- अमेरिका ने अटैक किया तो पूरे इलाके के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाएंगे

ईरान ने गल्फ देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके ऊर्जा ढांचे पर फिर हमला किया, तो वह पूरे इलाके के तेल ठिकानों, रिफाइनरियों, बिजली ग्रिड और दूसरे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से बात कर अमेरिका पर दबाव बनाने की अपील की, ताकि नया हमला टाला जा सके। ईरान का कहना है कि वह अभी भी कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन अगर हमला हुआ तो जवाब पहले से ज्यादा बड़ा होगा। इसके बाद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बात कर सैन्य कार्रवाई टालने और बातचीत जारी रखने की अपील की। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

Gold Silver Price Outlook: देश और दुनिया में सोने और चांदी की कीमतों में 5 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के तौर पर इन कीमती धातुओं की मांग के कारण घरेलू वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में दोनों में तेजी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 4,545 रुपये या 2.05 फीसदी बढ़कर 2,26,160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस साल 9 जुलाई को भी चांदी इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रही थी, जब कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने के वायदा भाव ₹2,165 या 1.5% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए।

ग्लोबल बाज़ार में, दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 2% बढ़कर $4,226.50 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 3.21% बढ़कर $61.46 प्रति औंस हो गए।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों का कहना है कि यह तेजी जियोपॉलिटिकल हालात, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच कीमती धातुओं की बढ़ती मांग की वजह से आई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त देखी गई, क्योंकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोना खरीदना बढ़ाया है।”

जानकारों के मुताबिक, मार्केट में नए सौदे होने से चांदी की कीमतों को भी फायदा हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बातचीत में प्रगति की खबरों से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिसके बाद बुलियन की कीमतों में बढ़त हुई।

कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम कर सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है और कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा मिलता है।

RBI का पॉलिसी फ़ैसला और उसका असर

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लगातार चौथी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

कैपिटलXB के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजिताभ भारती ने कहा कि RBI का यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और महंगाई के जोखिमों पर नजर रखने के बीच संतुलन को दिखाता है। “हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ग्लोबल महंगाई के आउटलुक पर असर डाल रहा है, लेकिन RBI का ध्यान विकास को बढ़ावा देने और साथ ही महंगाई पर बारीकी से नजर रखने पर बना रहेगा।”

इंडियन कंज्यूमर के लिए इस बढ़ोतरी का क्या है मतलब?

सोने-चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई है, जब भारत में आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। ऊंची कीमतें गहने खरीदने के फैसलों पर असर डाल सकती हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपनी मर्जी से या गैर-जरूरी चीजों के लिए खरीदारी करते हैं।

कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और बदलती आर्थिक स्थितियों की वजह से ग्राहक ज़्यादा सतर्क हो सकते हैं।शाह ने कहा, “आर्थिक हालात के अनिश्चित होने की वजह से लोग सतर्क हो रहे हैं। जैसे-जैसे हम त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहे हैं, इसका असर घरेलू मांग पर थोड़ा दिखेगा, खासकर सोना खरीदने के मामले में।”हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोने की पारंपरिक भूमिका यानी मूल्य को सुरक्षित रखने का जरिया – लंबे समय तक इसकी मांग को बनाए रख सकती है।

आगे कहां तक जाएंगे भाव

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि अगर सोने की कीमत $4,200 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसके $4,500 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, इससे सोने की कीमतें लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

वहीं चांदी के आउटलुक पर अगर कीमत लगातार $63 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो यह $70-$71 प्रति औंस की रेंज तक जा सकती है, जो लगभग ₹2.50-2.55 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर है।

Silver Price Today: तेजी से बढ़ रही है चांदी की कीमतें, खरीदारी से पहले जान लें 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty फ्लैट, Sensex में 152 अंकों की बढ़त, दो सेक्टर्स के दम पर बरसे ₹1 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes green: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई तो बाजारों में रौनक छा गई लेकिन मुनाफावसूली और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रास्ता बंद रहने पर ईरान को कड़े हमले की चेतावनी में मार्केट ने अधिकतर बढ़त गंवा दी। शुरुआती बढ़त गंवाते हुए सेंसेक्स डे-हाई से 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी भी फिसलकर 24500 के नीचे आ गया। हालांकि निचले स्तर पर इनमें थोड़ी रिकवरी हुई और ये ग्रीन जोन में बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर भी आज शानदार रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आज 0.18% की बढ़त के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.76% की मजबूती आई है।

सेक्टरवाइज आज पीएसयू बैंकिंग और ऑटो सेक्टर ने मार्केट को काफी सपोर्ट किया। निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी पीएसयू बैंक आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। जुलाई महीने के मजबूत सेल्स डेटा पर ऑटो सेक्टर और आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान ने सरकारी बैंकों के शेयरों की चमक बढ़ाई है। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹1 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 152.05 प्वाइंट्स यानी 0.19% की मजबूती के साथ 78,581.00 और निफ्टी 9.75 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 79,055.38 के हाई से 769.64 प्वाइंट्स टूटकर 78,285.74 और निफ्टी 24,677.60 प्वाइंट्स से 179.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,497.95 तक आ गया। इस गिरावट से पहले सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स और निफ्टी 62.70 चढ़ गया था।

₹1.03 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 4 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,91,15,078.89 करोड़ था। आज यानी 5 अगस्त 2026 को यह बढ़कर ₹4,92,18,206.44 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹103,127.55 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 18 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 18 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी और एसबीआई में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट टीसीएस और एचसीएलटेक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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202 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4448 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2310 शेयर आज मजबूत हुए तो 1923 में गिरावट रही जबकि 215 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 202 शेयर एक साल के हाई और 65 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बदला मार्केट का रंग, डे-हाई से Sensex में 700 प्वाइंट्स की गिरावट, 3 वजहों पर Nifty आया 24500 के नीचे

Sensex-Nifty turns red: शुरुआती बढ़त गंवाते हुए घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए। ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने जियोपॉलिटिल टेंशन बढ़ाई तो मार्केट पर दबाव बन गया। डे-हाई से सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24500 के नीचे आ गया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 02:06 PM पर सेंसेक्स 34.44 प्वाइंट्स यानी 0.04% की गिरावट के साथ 78,394.51 और निफ्टी 86.65 प्वाइंट्स यानी 0.35% की फिसलन के साथ 24,528.25 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 79,055.38 के हाई से 743.99 प्वाइंट्स टूटकर 78,311.39 और निफ्टी 24,677.60 प्वाइंट्स से 179.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,498.40 तक आ गया। इस गिरावट से पहले सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स और निफ्टी 62.70 चढ़ गया था।

Why Sensex-Nifty turns red: ये है वजह

ईरान को ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत जल्द फिर से खुल जाएगा लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो ईरान को बहुत कड़े हमले का सामना करना पड़ेगा। कैलिफोर्निया दौरे के दौरान फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने के मकसद से बहुत अच्छी बातचीत कर रहे हैं। ईरान के हालात के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 48 घंटे में पता चल जाएगा।

मुनाफावसूली

मार्केट की शुरुआती बढ़त का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली की जिसेस मार्केट पर दबाव बढ़ा।

24,700 के पास रेजिस्टेंस

निफ्टी 24,677.60 का लेवल छूने के बाद दबाव में आ गया। एक्सिस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि आज के कारोबारी सत्र के लिए पिछले कारोबारी सत्र का हाई 24,700 अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है और इसके ऊपर जाने पर ही 24900 का रास्ता खुलेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक नीचे की तरफ 24,500 और फिर एक कारोबारी दिन पहले के निचला स्तर 24427 सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है।

F&O Ban: LIC का कॉल-पुट बंद, इस कारण फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस के बैन लिस्ट में एंट्री

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Dubai Blast: जेबेल अली इंडस्ट्रियल एरिया में 20 मिनट में 7 धमाके, आसमान में उठा धुएं का गुबार, देखें वीडियो

Dubai Blast: दुबई के जेबेल अली इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार सुबह धमाकों की खबर से हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में आसमान में घना धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमीराती अधिकारियों ने बताया कि 20 मिनट के अंदर कम से कम सात धमाके हुए। हालांकि, इस घटना की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

बता दें कि ये धमाके दक्षिणी दुबई में जेबेल अली पोर्ट और इंडस्ट्रियल एरिया के पास हुए, जो संयुक्त अरब अमीरात में लॉजिस्टिक्स और ईंधन का एक अहम केंद्र है। हालांकि, अधिकारियों ने हताहतों या नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाकों और उसके बाद लगी आग के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे थे। इसके बाद अमीराती अधिकारियों ने घटना की रिकॉर्डिंग करने वाले दो लोगों को हिरासत में लिया।

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि ये धमाके यमन से दागी गई मिसाइल के हमले के कारण हुए, जबकि अमीराती मीडिया ने पुष्टि की कि कई धमाकों की आवाज सुनी गई थी, लेकिन कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया।

इस बीच, स्थानीय मीडिया के अनुसार, NASA की थर्मल इमेजिंग में जेबेल अली पोर्ट के पास एक गोदाम में आग लगने का पता चला है। यह इलाका ईंधन जमा करने और उसे एक जगह से दूसरी जगह भेजने के काम आता है। इससे धमाकों के बाद लगी बड़ी आग की खबरों को और बल मिला है।

लगभग उसी समय, यमन की राजधानी सना में भी धमाकों की खबरें आईं। कुछ खबरों में इन आवाजों को हवाई हमलों का नतीजा बताया गया, जबकि अन्य में कहा गया कि यमन के इलाके से मिसाइलें दागी गई थीं, जिससे घटनाओं के क्रम को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।

कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि यमन के हूथी विद्रोहियों ने जेबेल अली इंडस्ट्रियल एरिया को निशाना बनाया हो सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने इलाके में कई जगह आग, आसमान तक उठते धुएं के गुबार और लगातार हो रहे धमाकों की जानकारी दी है।

हालांकि, इस घटना की जिम्मेदारी को लेकर अमीराती अधिकारियों या हूतियों की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बता दें कि यह घटनाक्रम ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच सामने आया है, जिससे रणनीतिक रूप से अहम खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट बना हुआ है और टकराव जारी है।

वहीं, UAE के अधिकारियों ने अभी तक धमाकों की वजह के बारे में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है और न ही इस बात की पुष्टि की है कि यह घटना किसी हमले का नतीजा थी।

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REPO Rate के ऐलान से पहले Sensex में 600 अंकों का उछाल, 5 वजहों से Nifty पहुंचा 24600 के पार

Share Market Rally: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई तो बाजारों में रौनक छा गई। घरेलू स्टॉक मार्केट में भी सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से ऊपर चढ़ गया और निफ्टी भी 24600 के पार चला गया। मार्केट में यह रौनक उस दिन आई है, जब आरबीआई (RBI) रेपो रेट (REPO Rate) को लेकर ऐलान करने वाला है। ब्रोडर लेवल पर भी आज शानदार रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:40 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 371.98 प्वाइंट्स यानी 0.47% की बढ़त के साथ 78,800.93 और निफ्टी (Nifty) 7.95 प्वाइंट्स यानी 0.03% के उछाल के साथ 24,622.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स चढ़कर 79,055.38 और निफ्टी 62.70 प्वाइंट्स उछलकर 24,677.60 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच जल्द सौदे की उम्मीद

अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ बहुत जल्द डील फाइनल हो सकती है। इसने जियो-पॉलिटिकल टेंशन के हल्के होने के आसार बढ़ा दिए हैं जिससे भारत समेत अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक छा गई।

कच्चे तेल में गिरावट

होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 5% से ज्यादा गिरकर $79 के पास आ गया है। इससे मार्केट को शानदार सपोर्ट मिला है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 4 अगस्त को लगातार छठे सेशन में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और ₹2,446 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

सरकारी बैंकों और ऑटो सेक्टर से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को ऑटो और सरकारी बैंकों से मजबूत सपोर्ट मिला है जिनके निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की बढ़त है। जुलाई महीने के मजबूत सेल्स डेटा पर ऑटो सेक्टर और आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान से पहले सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी है।

डॉलर इंडेक्स में नरमी

मिडिल ईस्ट को लेकर नई उम्मीदों के चलते डॉलर छह हफ्ते के निचले स्तर के पास बना रहा। छह बड़ी करेंसी के मुकाबले अमेरिकी करेंसी को ट्रैक करने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स सोमवार को छह हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद पर 99.85 पर दिख रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 5% से ज्यादा गिरकर 79 डॉलर के पास आ गया है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ बहुत जल्द डील फाइनल हो सकती है। हालांकि ईरान ने किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

4 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे चार सेशन की बढ़त का सिलसिला टूट गया। वीकली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी, NSE के नए क्लोजिंग ऑक्शन पॉलिसी सेशन (CAS) के रोलआउट के बाद बढ़ी वोलैटिलिटी और आरबीआई पॉलिसी से पहले निवेशकों ने प्रॉफिट बुक किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 फीसदी गिरकर 78,428.95 पर और निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 फीसदी गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08:40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 154.50 अंक यानी 0.62 फीसदी की बढ़त के साथ 24,734 के स्तर पर दिख रहा है। यह सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 3 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि, स्ट्रेट टाइम्स में 0.55 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.13 फीसदी और ताइवानी बाजार में 3.61 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी में करीब 4 फीसदी की बढ़त है। शांघाई कंपोजिट में भी 1.17 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 और Dow रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 907.47 अंक या 1.71% बढ़कर 54,085.88 पर, S&P 500 इंडेक्स 136.02 अंक या 1.79% बढ़कर 7,736.52 पर और नैस्डैक 671.10 यानी 2.59% बढ़कर 26,584.99 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट को लेकर नई उम्मीदों के चलते डॉलर छह हफ़्ते के निचले स्तर के पास बना रहा। छह बड़ी करेंसी के मुकाबले अमेरिकी करेंसी को ट्रैक करने वाला US डॉलर इंडेक्स सोमवार को छह हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद पर 99.85 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड थोड़ी बढ़ी है। 10-साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.62% हो गई है और 2-साल की ट्रेजरी यील्ड थोड़ी बढ़कर 4.20% हो गई है।

एशियाई करेंसी

US डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज ऊपर ट्रेड कर रही थीं। साउथ कोरियन वॉन सबसे अच्छा परफॉर्मर है जिसमें 0.34% की बढ़त हुई है। उसके बाद फिलीपीन पेसो (+0.31%),ताइवान डॉलर (+0.21%),मलेशियन रिंगिट (+0.17%) और जापानी येन (+0.13%) ऊपर दिख रहे हैं। चीनी रेनमिनबी भी 0.09% बढ़ा है। जबकि सिंगापुर डॉलर में 0.02% की हल्की बढ़त दिख रही है। उधर इंडोनेशियाई रुपिया 0.17% गिरा है। जबकि थाई बहत पिछले बंद भाव से 0.003% नीचे दिख रहा है।

FII और DII फंड फ्लो

विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 4 अगस्त को लगातार छठे सेशन में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और ₹2,446 करोड़ के इक्विटी खरीदे। इस बीच,घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) नेट सेलर बन गए और लगभग ₹1,000 करोड़ के इक्विटी बेचे।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा हैं संकेत, RBI की पॉलिसी पर नजर

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। वॉल स्ट्रीट के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने , कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण एशियाई बाजारों में तेजी के बाद GIFT निफ्टी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। आज सबकी नजरें RBI के पॉलिसी फ़ैसले पर होंगी, जिससे बैंकों, NBFCs, ऑटो और रियल्टी जैसे ब्याज दरों से असर पड़ने वाले सेक्टर के शेयरों पर ध्यान रहेगा।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 165 अंक या 0.67 फीसदी की बढ़त के साथ 24,745 पर ट्रेड कर रहा था, जो यह संकेत देता है कि निफ्टी 50 मंगलवार के 24,614.90 के क्लोजिंग स्तर से काफी ऊपर खुल सकता है। बाजार के सकारात्मक शुरुआत के संकेत तब आए हैं जब भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने मंगलवार को लगातार चार सत्रों की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया था। सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 पर आ गया, जबकि निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। RBI के पॉलिसी फैसले और साप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पहले निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

एशियाई बाजारों में तेजी, वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड ऊंचाई पर

बुधवार को एशियाई इक्विटी में वैश्विक तेजी जारी रही, क्योंकि टेक्नोलॉजी कंपनियों की अच्छी कमाई और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति की उम्मीदों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। जापान का निक्केई 225 3 फीसदी बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.4 फीसदी चढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 1.5 फीसदी ऊपर चढ़ा।

शुरुआती एशियाई कारोबार में अमेरिकी फ्यूचर्स मिले-जुले रहे, जिसमें बेंचमार्क के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद S&P 500 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी ऊपर चढ़े।

अमेरिकी इक्विटी में रात भर आई तेजी के बाद वैश्विक धारणा में काफी सुधार हुआ। अच्छी कॉर्पोरेट कमाई और जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। डॉव 1.71 प्रतिशत चढ़ा, जबकि S&P 500 में 1.79 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 2.59 फीसदी की बढ़त हुई। पैलांटिर टेक्नोलॉजीज और कैटरपिलर जैसी AI से जुड़ी कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों और सालाना अनुमानों में बढ़ोतरी के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ावा दिया।

तेल की कीमतों में गिरावट जारी

पिछले सेशन में 5 प्रतिशत से ज़्यादा गिरने के बाद कच्चे तेल की कीमतें दबाव में रहीं, क्योंकि US-ईरान विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट के डर को कम कर दिया। ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी गिरकर $79.02 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.5 फीसदी गिरकर $75.35 पर आ गया।

RBI के पॉलिसी फैसले पर नज़र

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीद और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार के निकट-अवधि के नजरिए को मजबूत किया है, जबकि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी से भी बाजार की धारणा को मजबूती मिल रही है।

पोनमुडी ने कहा कि निवेशकों का ध्यान अब पूरी तरह से बुधवार को आने वाले RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के फैसले पर है। बाजार के प्रतिभागी महंगाई, लिक्विडिटी, ग्रोथ और व्यापक पॉलिसी आउटलुक पर केंद्रीय बैंक की टिप्पणी पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा बाजार के मजबूत खुलने की शुरुआत, RBI पॉलिसी पर होगी बाजार की नजर

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