Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : बुधवार को बैंकिंग,कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में आई खरीदारी के दम पर मेटल, IT और FMCG शेयरों में आई कमजोरी की भरपाई हो गई। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी सुबह की बड़ी बढ़त गंवाने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स में जोरदार तेजी आई थी,जिसमें सेंसेक्स 590 अंक से ज्यादा चढ़ा और निफ्टी ने 24,200 का स्तर पार किया। लेकिन बाद में प्रॉफिट-बुकिंग के कारण ज्यादातर बढ़त खत्म हो गई।

कारोबरी सत्र के अंत में सेंसेक्स 130.49 अंक या 0.17 प्रतिशत बढ़कर 77,185.43 पर और निफ्टी 26.45 अंक या 0.11 प्रतिशत बढ़कर 24,078.50 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ पॉजिटिव रहा। आज 2,203 शेयरों में बढ़त देखने को मिली और 1,896 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3.49 प्रतिशत की गिरावट आई।

अल्ट्राटेक सीमेंट,एटरनल और HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज,पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और टाटा स्टील इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी पीएसयू बैंक 0.95% ऊपर,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.73% ऊपर) और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.69% ऊपर बंद हुए। बैंक निफ्टी में 0.51% की बढ़त हुई, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.59% ऊपर चढ़ा।

दूसरी ओर निफ्टी मेटल में 1.11% की गिरावट आई। IT,एफएमसीजी,मीडिया और रियल्टी इंडेक्स में 0.67%, 0.49%, 0.46% और 0.38% की गिरावट दर्ज की गई।

एक ही सेशन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹1.5 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹479.5 लाख करोड़ से बढ़कर ₹481 लाख करोड़ हो गया।

Trading Plan : इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं, अभी इंट्राडे ही रहना है

इक्विरस एसेट मैनेजमेंट के MD और CIO (पब्लिक इक्विटीज़) आशुतोष तिवारी का कहना है कि मध्यम अवधि के नज़रिए से रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा लग रहा है। हालिया उछाल इस बात का सबूत है कि जब वैल्यूएशन आकर्षक हो जाते हैं तो सेंटीमेंट कितनी तेजी से बदल सकता है।

टेक्निक व्यू

बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट है। पिछले सेशन में 24,052 पर बंद होने के बाद आज इंडेक्स में रिकवरी दिखी।

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 (जो 20-डे मूविंग एवरेज के आसपास है)पर एक अहम सपोर्ट है। अगर यह सपोर्ट टूटता तो इंडेक्स में 23,900-23,800 की ओर कमजोरी बढ़ सकती है। हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि 24,200 का स्तर अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है और अगर इंडेक्स लगातार इसके ऊपर बना रहता है तो यह 24,350-24,500 की ओर बढ़ सकता है।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता के मुताबिक निफ्टी के लिए तत्काल ट्रेडिंग रेंज 23,900 से 24,250 के बीच रहने की उम्मीद है। ऊपर की ओर, 24,250 के स्तर को पार करने पर इंडेक्स 24,400-24,500 की ओर बढ़ सकता है। जबकि नीचे की ओर 23,900 के स्तर के टूटने पर इंडेक्स 23,800-23,700 के अहम सपोर्ट जोन की ओर जा सकता है। बाजार के कुल मिलाकर साइडवेज रहने की उम्मीद है। इसलिए जब तक कोई नया ट्रिगर नहीं मिलता,इंडेक्स के इसी दायरे में बने रहने की संभावना है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Union Bank of India Q1 results: मुनाफा 30% बढ़कर ₹5,332.30 करोड़ पर पहुंचा, नतीजों के बाद शेयर 3% चढ़ा

Union Bank of India Q1 results: पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया ने बुधवार, 15 जुलाई को बताया कि चालू फ़ाइनेंशियल ईयर (Q1FY27) की अप्रैल-जून तिमाही में उसका स्टैन्डर्डलोन प्रॉफ़िट साल-दर-साल (YoY) 29.6% बढ़कर ₹5,332.30 करोड़ हो गया। पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में लेंडर का प्रॉफ़िट ₹4,115.53 करोड़ था।

यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया Q1FY27 की खास बातें

1. जून तिमाही में बैंक की कुल इनकम साल- दर- साल आधार पर 1.3% बढ़कर ₹31,806.20 करोड़ हो गई। Q1FY26 में, इसकी कुल इनकम ₹31,405.03 करोड़ थी।

2. यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया का ऑपरेटिंग खर्च पिछले साल की इसी तिमाही के ₹6,689.67 करोड़ से 0.80%सालना आधार पर घटकर ₹6,637.66 करोड़ हो गया।

इस तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही के ₹6,908.66 करोड़ से लगभग 16% सालना बढ़कर ₹8,002.58 करोड़ हो गया।

3. टैक्स के अलावा इसके प्रोविज़न और कंटिंजेंसीज़, Q1FY27 में घटकर ₹979.42 करोड़ हो गए, जो पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में ₹1,664.51 करोड़ और Q4FY26 में ₹1,054.98 करोड़ थे।

4. तिमाही के दौरान ग्रॉस एडवांस में सालाना आधार पर 12.50% की बढ़ोतरी हुई, जबकि टोटल डिपॉज़िट में साल- दर साल आधार पर 3.50% की बढ़ोतरी हुई, जून तिमाही के आखिर तक टोटल डिपॉज़िट बेस ₹12,83,366 करोड़ था। बैंक ने कहा कि 30 जून 2026 तक उसका टोटल बिज़नेस ₹23,79,697 करोड़ था।

5. इस साल 30 जून तक ग्रॉस NPA (%) सालाना आधार पर 87 bps घटकर 2.65% और नेट NPA (%) सालाना आधार पर 15 bps घटकर 0.47% हो गया।

6. Q1FY27 के दौरान बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) क्रमशः 1.36% और 17.23% रहा।

7. सालाना आधार पर नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 10.15% और तिमाही आधार पर 6.71% बढ़कर ₹10,037 करोड़ हो गई, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) YoY में 4 bps और QoQ में 16 bps बढ़कर 2.80% हो गया।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

बुधवार को BSE पर दोपहर 1 बजे के आसपास यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शेयर 3% बढ़कर ₹175 पर ट्रेड कर रहे थे।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Kusumgar के शेयरों की धांसू लिस्टिंग, IPO को 135 गुना बोली मिलने के बाद 37% का लिस्टिंग गेन

Kusumgar IPO Listing: एयरोस्पेस, डिफेंस और ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए खास तरह के फैब्रिक्स बनाने वाली मुंबई की दिग्गज कंपनी कुसुमर की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 135 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹419 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹574.00 और NSE पर ₹569.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹597.00 (Kusumgar Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 42.48% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹39 के डिस्काउंट पर मिला है।

Kusumgar IPO को मिला था धांसू रिप्सांस

कुसुमगर का ₹650 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8-10 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 135.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 299.51 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 174.28 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 27.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 11.09 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1,55,21,698 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। चूंकि इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है।

Kusumgar के बारे में

कुसुमगार एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव, और आउटडोर और लाइफस्टाइल सेगमेंट के लिए एडवांस्ड इंजीनियरिंग फैब्रिक्स बनाती है। इसके पास गुजरात में 6 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और उत्तर प्रदेश में 1 फैब्रिकेशन यूनिट है। यह कंपनी डिफेंस सेक्टर के लिए पैराशूट सिस्टम, स्टील्थ सॉल्यूशंस और रैपिड डिप्लॉयमेंट सिस्टम जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके अलावा ऑटोमोटिव और गारमेंट इंडस्ट्री के लिए भी यह खास फैब्रिक तैयार करती है। कंपनी की कुल कमाई में एयरोस्पेस और डिफेंस फैब्रिक्स की 32%, एयरोस्पेस और डिफेंस सॉल्यूशंस की 23%, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव फैब्रिक्स की 24% और आउटडोर और लाइफस्टाइल फैब्रिक्स की 19% हिस्सेदारी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹84.40 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹111.99 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹98.20 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में भी उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹474.55 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹790.21 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹711.78 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹223.58 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹491.05 करोड़ पड़े थे।

अमेरिका से आई राहत की खबर पर मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

डूबे निवेशकों के ₹2 लाख करोड़, Sensex में 550 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर 23052 पर बंद

Sensex-Nifty closes red: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच बढ़ी तो कच्चा तेल उबल पड़ा और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के काफी करीब पहुंच गया। इसने एशियाई बाजारों में कोहराम मचा दिया। घरेलू मार्केट में भी इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24050 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में कुछ अधिक ही इसकी आंधी चली। निफ्टी मिडकैप 100 आज आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सरकारी बैंकों, रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर ने मार्केटपर काफी दबाव बनाया। इसमें रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स तो करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुए तो पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी से कमजोर हुआ और निफ्टी आईटी भी 1% टूट गया। फार्मा और मेटल सेक्टर की रौनक भी बाजार को संभाल नहीं पाई। निफ्टी फार्मा आज 1% से अधिक तो निफ्टी मेटल आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 614.92 प्वाइंट्स टूटकर 77,001.48 तक और निफ्टी 187.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,023.70 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹2.19 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 15 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,40,381.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,19,285.18 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज छह ग्रीन जोन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा में रही तो दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, इंडिगो और बजाज फिनसर्व में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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134 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4433 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1501 शेयर आज मजबूत हुए तो 2737 में गिरावट रही जबकि 195 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 134 शेयर एक साल के हाई और 64 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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खामेनेई का बेटा 90% खत्म… ईरान पर भीषण हमले के बीच ट्रंप के इस दावे से मचा हड़कंप

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 सेकंड में ₹1.8 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 700 अंकों की गिरावट, Nifty धड़ाम

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के ऐलान पर कच्चा तेल उबल पड़ा। इससे वैश्विक स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में तबाही मची हुई है जिसमें निफ्टी प्राइवेट बैंक में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी के निफ्टी इंडेक्स 1% या इससे अधिक कमजोर हुए हैं। निफ्टी आईटी में हल्की बढ़त है। बिकवाली के इस चौतरफा माहौल में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 पर सेंसेक्स (Sensex) 670.36 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 76,899.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 196.50 प्वाइंट्स यानी 0.81% की गिरावट के साथ 24,010.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक और निफ्टी 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.83 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 10 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,30,322.70 करोड़ था। आज यानी 13 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,47,242.67 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,080.031 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 6 ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी टीसीएस, एचसीएलटेक और इंफोसिस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंडिगो, टाटा स्टील और मारुति में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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65 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 3113 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1104 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1769 में बिकवाली का दबाव है तो 240 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 65 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 75 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 77 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इंट्रा-डे में आज इन शेयरों पर फोकस

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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पिछले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक फायदा HDFC Bank और भारती एयरटेल को हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, भारती एयरटेल और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 49,294.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप सबसे अधिक 35,808.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये, LIC का 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मार्केट कैप 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इसके उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह L&T का मार्केट कैप 11,040 .23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये, TCS का 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये और SBI का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये रह गया।

टॉप 10 कंपनियों में RIL अव्वल

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, भारती एयरटेल, ICICI Bank, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, L&T और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। TCS बीते सप्ताह 9 जुलाई को नतीजे जारी कर चुकी है।

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नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Laser Power & Infra IPO: जबरदस्त रिस्पॉन्स से फुली सब्सक्राइब, अभी भी मौका; GMP दे रहा अच्छी लिस्टिंग के संकेत

लेजर पावर एंड इंफ्रा के ₹742 करोड़ के IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह 9 जुलाई को खुला था और फुली सब्सक्राइब हो चुका है। अभी इसमें पैसे लगाने के लिए एक दिन और बचा है। यह 13 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹203-₹214 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 14 जुलाई को फाइनल हो सकता है। लिस्टिंग NSE और BSE पर 16 जुलाई को हो सकती है।

ग्रे मार्केट से कंपनी की लिस्टिंग अच्छी रहने के संकेत हैं। investorgain.com के मुताबिक, ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹214 से 16.36% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Laser Power & Infra IPO में ₹542 करोड़ के 2.53 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही मौजूदा निवेशकों की ओर से ₹200 करोड़ के 93 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल है। पब्लिक इश्यू में अब तक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.68 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 2.03 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.85 गुना भर चुका है।

क्या करती है कंपनी

लेजर पावर एंड इंफ्रा लिमिटेड कोलकाता की कंपनी है, जो भारत में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए पावर केबल, कंडक्टर और दूसरे स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट और कंपोनेंट बनाती है। कंपनी पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) बेसिस पर भी काम करती है। कंपनी के प्रमोटर दीपक गोयल, देवेश गोयल, अक्षत गोयल और राखी गोयल हैं।

IPO में कितना हिस्सा रिजर्व

IPO में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। लेजर पावर एंड इंफ्रा अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कर्ज कम करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

क्या करना चाहिए निवेश?

मास्टर कैपिटल के IPO नोट के अनुसार, “निवेशक इस IPO को लंबे समय के निवेश के एक अच्छे मौके के तौर पर देख सकते हैं।” नोट में कहा गया है कि पूर्वी भारत में पावर केबल और कंडक्टर बनाने की क्षमता के मामले में कंपनी का नाम दिग्गज कंपनियों में शामिल है। हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। जैसे कि-

– कुछ ही ग्राहकों पर ज्यादा निर्भरता: कंपनी के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा टॉप 10 ग्राहकों से ही आता है।

– रेवेन्यू के बड़े हिस्से के लिए पावर केबल और कंडक्टर पर निर्भरता

– कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर

– लॉन्ग टर्म खरीद समझौतों के बिना सीमित सप्लायर बेस पर निर्भरता

SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़, SBI एंप्लॉयीज और शेयरहोल्डर के लिए भी शेयर रिजर्व

Laser Power & Infra की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹151.6 करोड़ रहा। रेवेन्यू 9% फिसलकर ₹2,347.89 करोड़ पर आ गया। उधारी ₹828.23 करोड़ की थी। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू ₹2,592.53 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹106.75 करोड़ दर्ज किया गया। लेजर पावर एंड इंफ्रा IPO के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड है। रजिस्ट्रार, MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़, SBI एंप्लॉयीज और शेयरहोल्डर के लिए भी शेयर रिजर्व

SBI फंड्स मैनेजमेंट के प्री-IPO राउंड के बाद इसके IPO का साइज घटकर ₹9812.9 करोड़ रह गया है। पहले यह ₹11692.91 करोड़ था। कंपनी ने प्री-IPO राउंड के दौरान 30 बड़े इनवेस्टर्स से ₹1880 करोड़ जुटाए। इस दौरान SBI ने 2.88 करोड़ शेयर (1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी) ₹1655 करोड़ में और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ने 39.19 लाख शेयर 225 करोड़ रुपये में बेचे। इस तरह कुल 3.27 करोड़ शेयरों या 1.6 प्रतिशत हिस्सेदारी को प्री-IPO राउंड में बेचा गया।

SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है और SBI म्यूचुअल फंड के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। कंपनी के प्रमोटर SBI और अमुंडी इंडिया होल्डिंग हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट का पब्लिक इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें नए शेयर जारी नहीं होंगे। लिहाजा IPO से होने वाली कमाई शेयर बेचने वालों के पास जाएगी।

OFS में पहले प्रमोटर्स की ओर से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखे जाने का प्लान था। लेकिन अब प्री-IPO राउंड के बाद 17.09 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी। अब OFS में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 9,95,01,649 शेयर (4.8851 प्रतिशत हिस्सेदारी) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग 7,14,54,982 शेयर (3.5082 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचेंगे। प्री-IPO राउंड के बाद अब SBI के पास SBI फंड्स मैनेजमेंट में 60.32 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि अमुंडी के पास 36.06 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पहले इनके पास क्रमश: 61.76 प्रतिशत और 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

प्री-IPO राउंड में किसने खरीदे शेयर

SBI Funds Management के प्री-IPO राउंड में SIG की कंपनी Susquehanna Asia Technology Pty Ltd और WhiteOak Capital India Opportunities Fund ने अमुंडी से SBI फंड्स मैनेजमेंट के 39.19 लाख शेयर खरीदे, जबकि बाकी 28 निवेशकों ने SBI से 2.88 करोड़ शेयर खरीदे। निवेशकों में अजीम प्रेमजी के निवेश वाला PI Opportunities Fund और आकाश मनेक भंसाली प्री-IPO राउंड में सबसे बड़े भागीदार रहे। दोनों ने 200 करोड़ रुपये मूल्य के 34.84 लाख शेयर खरीदे। प्रशांत जैन के निवेश वाले 3P India Equity Fund ने 150 करोड़ रुपये के 26.13 लाख शेयर खरीदे।

इसके अलावा, व्हाइटओक कैपिटल, Tata AIG General Insurance, Hara Global Capital Master Fund और Clarus Capital में से हर एक ने 99.9 करोड़ रुपये के 17.42 लाख शेयर खरीदे। प्री-IPO राउंड में भाग लेने वाले अन्य निवेशकों में मालाबार इंडिया फंड, 360 ONE, Carnelian, Dymon Asia, Bennett Coleman, गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस, आनंद राठी ग्लोबल फाइनेंस और NEO Series शामिल थे।

14 जुलाई से इस भाव पर ओपनिंग

IPO 14 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 16 जुलाई तक निवेश किया जा सकेगा। प्राइस बैंड ₹545-574 प्रति शेयर और लॉट साइज 26 शेयर है। एंकर इनवेस्टर 13 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल हो सकता है और कंपनी BSE, NSE पर 21 जुलाई को लिस्ट हो सकती है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI के कर्मचारियों को छूट पर मिलेंगे शेयर

SBI फंड्स मैनेजमेंट ने IPO में अपने कर्मचारियों के लिए 2.7 लाख शेयर, SBI के कर्मचारियों के लिए 29.87 लाख शेयर और SBI के शेयरहोल्डर्स के लिए 1.3 करोड़ शेयर रिजर्व रखे हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI, दोनों के कर्मचारियों को फाइनल ऑफर प्राइस पर प्रति शेयर 54 रुपये की छूट पर शेयर मिलेंगे। SBI के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को कोई छूट नहीं मिलेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

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ग्रे मार्केट में प्रीमियम गिरा

ग्रे मार्केट लिस्टिंग अच्छी रहने का संकेत दे रहा है, हालांकि प्रीमियम में थोड़ी गिरावट आई है। ग्रे मार्केट में SBI फंड्स मैनेजमेंट का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 574 रुपये से 15.33 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। एक दिन पहले प्रीमियम 17.42 प्रतिशत तक चला गया था। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। इस पब्लिक इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल, SBI कैपिटल मार्केट्स और BofA सिक्योरिटीज, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।