FII DII Data: विदेशी निवेशकों की लगातार तीसरे दिन खरीदारी, क्या अब आने वाली है बड़ी तेजी?

FII DII Data: फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) ने मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे।

सोमवार को भी FIIs ने 243.03 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उस दिन DIIs ने 3,791.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। इससे पहले 3 जुलाई को FIIs ने चार दिन की लगातार बिकवाली के बाद वापसी करते हुए 1,355.33 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उसी दिन DIIs ने 1,953.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

बाजार में रही कमजोरी

हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी के बावजूद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 104 अंक टूटकर 78,181 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 32 अंक गिरकर 24,399 पर बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी चार दिनों की लगातार तेजी के बाद 24,400 के स्तर से नीचे फिसल गया।

Nifty Bank 91 अंक गिरकर 58,201 पर बंद हुआ। वहीं Nifty Midcap 186 अंक टूटकर 62,285 पर आ गया। कारोबार के दौरान यह अपने ऊपरी स्तर से 300 अंकों से ज्यादा फिसल गया।

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किन वजहों से गिरा बाजार?

बाजार पर हैवीवेट शेयरों में कमजोरी, मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली और डिफेंस व रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

इस बीच, वैश्विक जोखिम कम होने और Hormuz Strait से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से सप्लाई बाधित होने की चिंता घटी। इसका असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 48 पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 94.95 के स्तर पर बंद हुआ।

क्या अब गिरावट का दौर खत्म?

मार्केट के जानकार FII की लगातार तीन दिनों की खरीदारी को पॉजिटिव संकेत मान रहे हैं। Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार का सबसे मुश्किल दौर अब पीछे छूट चुका है।

संदीप टंडन के मुताबिक, विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारतीय बाजार को मजबूती मिलेगी और यह दूसरे वैश्विक बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उनका मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां आने वाले समय में निवेश के लिए सबसे आकर्षक सेक्टर बने रहेंगे।

Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

आखिरी 35 मिनट भारी, Sensex में 600 अंकों की गिरावट, डूबे निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़

Sensex-Nifty Closes Red: लगातार चार कारोबारी दिनों तक ग्रीन रहने के बाद आज भी सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले लेकिन शुरुआती बढ़त गंवाते हुए आखिरी में ये रेड जोन में बंद हुए। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी का दिन होने के चलते आज आखिरी 35 मिनट में माहौल ही पलट गया और रिकवरी की कोशिशें नाकाम हो गई। सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24500 के पार जाने के बाद फिसलकर 24400 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर तो और गहरा दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.30% की कमजोरी आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.55% टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी शेयरों ने ऊपर खींचने की काफी कोशिश और इंट्रा-डे में तो इसका निफ्टी इंडेक्स 4% उछल पड़ा था लेकिन दिन के आखिरी में इसकी बढ़त ढाई फीसदी से कम रह गई। मार्केट पर आज मेटल और रियल्टी सेक्टर्स ने काफी दबाव डाला। निफ्टी मेटल 1% से अधिक तो निफ्टी रियल्टी डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोर हुआ है। इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 104.35 प्वाइंट्स यानी 0.13% की फिसलन के साथ 78,180.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 प्वाइंट्स यानी 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 379.85 प्वाइंट्स उछलकर 78,664.92 तक पहुंचा था जिससे यह 633.88 प्वाइंट्स टूटकर 78,031.04 तक और निफ्टी 100.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,530.90 तक जाने के बाद टूट गया और 181.95 प्वाइंट्स गिरकर 24,348.95 तक आ गया।

निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 06 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,50,174.783 करोड़ था। आज यानी 07 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,,79,72,766.93 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,77,407.85 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 11 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट ट्रेंट और बीईएल में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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160 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4397 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1595 शेयर आज मजबूत हुए तो 2637 में गिरावट रही जबकि 165 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 160 शेयर एक साल के हाई और 193 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

4 वजहों से मार्केट पर आया दबाव

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जेफरीज ने बताई NSE की एक खास खूबी, 4% टूट गए BSE और MCX के शेयर

BSE-MCX Shares vs NSE IPO: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने आईपीओ की तैयारियों में जुटी एनएसई को अधिक डाईवर्सिफाइड कह दिया तो बीएसई और एमसीएक्स के शेयर 4% तक टूट गए। तेज गिरावट के साथ ये निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स के टॉप लूजर बन गए जो खुद 2% कमजोर हुआ है। बता दें कि एनएसई ने बाजार नियामक सेबी के पास ₹30 हजार करोड़ के रिकॉर्डतोड़ आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल किया है। इस ड्राफ्ट ने लिस्टेड मार्केट में हलचल बढ़ा दी है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा। अभी देश में सबसे बड़ा आईपीओ लाने का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया का है जिसने ₹27858 करोड़ का आईपीओ सालव 2024 में पेश किया था।

NSE को लेकर क्या कहना है Jefferies का

जेफरीज का कहना है कि एनएसई का प्रोडक्ट मिक्स बीएसई और एमसीएक्स की तुलना में अधिक डाईवर्सिफाईड है जिसमें से इंडेक्स ऑप्शंस और कमोडिटी एफएंडओ को छोड़ अधिकतर सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी 90% से अधिक है। जेफरीज ने जिक्र किया है कि एनएसई ने वैश्विक पियर्स की तुलना में अपना एक टेक प्रोडक्ट सुईट बनाया है और यह कमोडिटीज बिजनेस में विस्तार कर रही है। एनएसई के क्लियरिंग कॉरपोरेशन की कैश मार्केट में 88% और एफएंडओ मार्केट में 91% हिस्सेदारी है। एनएसई के पास टेक्नोलॉजी और डेटा ऑफरिंग्स का एक सुईट है जिसकी वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में 13% हिस्सेदारी है। जेफरीज के मुताबिक ओवरऑल इंडियन एक्सचेंज का 70% रेवेवन्यू एनएसई का है। इसके पोर्टफोलियो में इक्विटी कैश, इंडेक्स ऑप्शंस, सिंगल स्टॉक ऑप्शंस, इक्विटी फ्यूचर्स, कमोडिटी एफएंडओ, बॉन्ड्स और करेंसी डेरिवेटिव्स हैं।

कंपनी के सेहत की बात करें तो जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि कोलोकेशन और डार्क फाइबर केस से जुड़े प्रोविजंस में ₹1390 करोड़ और टीएपी मामले में ₹670 करोड़ के पेमेंट्स ने मिलकर एनएसई के वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के ऑपरेशनल ईबीआईटीडीए पर दबाव डाला। जेफरीज के मुताबिक सेबी सेटलमेंट फीस एक बार का होता है तो इसे निकालने पर देखें तो एनएसई का नॉर्मलाइज्ड ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए मार्जिन 76-77% पर काफी हद तक स्थिर है।

Options कितनी कमाऊ है एक्सचेंजेज के लिए?

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि वित्त वर्ष 2020-26 के बीच इक्विटी ऑप्शंस सालाना 56% की रफ्तार से बढ़ा जबकि कैश मार्केट टर्नओवर इस दौरन 19% की ही रफ्तार से बढ़ा। ऑप्शंस प्रीमियम का एवरेज डेली टर्नओवर (ADTO) वित्त वर्ष 2026 में डेली कैश मार्केट मार्केट टर्नओवर का 70% रहा। इस प्रकार इंडियन एक्सचेंजेज पर ऑपरेटिंग रेवेन्यू की 70% हिस्सेदारी है। जेफरीज के मुताबिक यह एक्सचेंजों के रेवेन्यू को मार्केट परफॉरमेंस साइकिल से जोड़ता है क्योंकि ऑप्शन ट्रेडिंग प्राइस की बजाय वोलेटिलिटी से अधिक जुड़ी है। अमेरिका से तुलना करें तो भारत में ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के ट्रेड्स अधिक हैं लेकिन प्रीमियम पांचवा हिस्सा।

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Market Outlook: ‘जून 2027 तक 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स’, मॉर्गन स्टेनली ने कहा- चौंका सकता है आईटी सेक्टर

Market Outlook: विदेशी ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का मानना है कि जून 2027 तक BSE Sensex 1 लाख के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसकी संभावना 25% ही है। ब्रोकरेज ने इसे अपना बुल केस (Bull Case) बताया है। यानी अगर ज्यादातर चीजें बाजार के पक्ष में रहीं, तो यह लक्ष्य हासिल हो सकता है।

Morgan Stanley का कहना है कि यह अनुमान कुछ अहम हालात के भरोसे है। मसलन, कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहे। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाली नीतियों का असर दिखने लगे। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनियों की कमाई में हर साल औसतन 19% की बढ़ोतरी हो।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि भारतीय शेयर बाजार की वैल्यूएशन में जो गिरावट आई है, वह स्थायी नहीं है। यह एक चक्रीय गिरावट है। यानी जैसे-जैसे ग्रोथ तेज होगी, बाजार की वैल्यूएशन में भी सुधार आ सकता है।

89,000 अंक को माना बेस केस

Morgan Stanley ने जून 2027 तक Sensex के 89,000 अंक तक पहुंचने की 50% संभावना जताई है। इसे उसने अपना बेस केस (Base Case) माना है।

ब्रोकरेज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिद्धम देसाई और नयंत पारेख का कहना है कि पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है। विदेशी निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी भी घटी है। ऐसे में अगर हालात सुधरते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर क्या होगा?

Morgan Stanley के मुताबिक, भारत की आर्थिक ग्रोथ अब निचले स्तर से उबरती दिख रही है। धीरे-धीरे इसमें सुधार भी आ रहा है। हालांकि, अभी भी भारत उन देशों से पीछे है, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे बड़े निवेश का फायदा मिल रहा है।

ब्रोकरेज का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशक भारत और दुनिया की ग्रोथ के अंतर को कैसे देखते हैं। अगर दुनिया में AI पर खर्च को लेकर उत्साह कम होता है और दूसरी तरफ भारत की ग्रोथ तेज होती है, तो बाजार का नजरिया बदल सकता है।

जून तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर

Morgan Stanley का मानना है कि जून तिमाही के नतीजे बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मजबूत आर्थिक संकेतकों की वजह से कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर रह सकते हैं। निवेशकों की नजर मानसून पर भी रहेगी। हालांकि, Morgan Stanley को इसकी ज्यादा चिंता नहीं है।

ब्रोकरेज का कहना है कि भारत में कई बड़े सुधार चल रहे हैं। इनसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए निवेश करना आसान हो सकता है। IPO की बढ़ती संख्या भी बाजार को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि, अगर IPO की बाढ़ आ गई, तो इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है। फिलहाल Morgan Stanley को ऐसा खतरा अगले कुछ महीनों तक नहीं दिखता।

किन सेक्टरों पर Morgan Stanley का भरोसा?

Morgan Stanley को घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर ज्यादा पसंद हैं। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ओवरवेट (Overweight) रेटिंग दी है।

वहीं एनर्जी, मटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर इसकी राय ज्यादा सकारात्मक नहीं है। इन सेक्टरों पर अंडरवेट (Underweight) रेटिंग दी गई है।

आईटी सेक्टर दे सकता है बड़ा सरप्राइज

Morgan Stanley का मानना है कि आईटी सर्विसेज सेक्टर आने वाले समय में सबसे बड़ा सरप्राइज दे सकता है। दुनियाभर की कंपनियां AI एप्लिकेशन और सॉल्यूशन बनाने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं।

हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती, कृषि उत्पादकता में कमजोरी, न्यायिक व्यवस्था में क्षमता की कमी और AI की वजह से रोजगार बाजार पर पड़ने वाला असर शामिल हैं।

HDFC Bank Share Price: Q1 में अच्छे बिजनेस और नए चेयरमैन की घोषणा से शेयर 3% तक उछला; ब्रोकरेज बुलिश

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shakti Pumps Share Price: ₹354 करोड़ का ऑर्डर मिलने पर निवेशक गदगद, शेयर 8% तक भागा

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली शक्ति पंप्स इंडिया के शेयरों में 6 जुलाई को दिन में 8 प्रतिशत तक की अच्छी बढ़त देखी गई। हालांकि बाद में तेजी की रफ्तार कम हो गई। शेयर में खरीद बढ़ने की वजह है कंपनी को 353.89 करोड़ रुपये का एक ऑर्डर मिलना। शक्ति पंप्स ने शनिवार को शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी थी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी को यह ऑर्डर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से मिला है।

यह ऑर्डर पूरे महाराष्ट्र के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP, 7.5 HP की 15,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवॉल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स (SPWPS) पंपों के लिए है। ऑर्डर ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’ के तहत है। इस काम को वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के अंदर पूरा किया जाना है।

शक्ति पंप्स पर इन SPWPS पंपों की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी है। ऑर्डर की वैल्यू GST के बिना 324.96 करोड़ रुपये और GST के साथ 353.89 करोड़ रुपये है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

2 साल में Shakti Pumps India शेयर 350 प्रतिशत चढ़ा

शक्ति पंप्स इंडिया का मार्केट कैप बढ़कर 7300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 510 प्रतिशत और 3 महीनों में 18 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में कीमत 36 प्रतिशत फिसली है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 949.95 रुपये और एडजस्टेड लो 457 रुपये है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।

PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 842.36 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 29.13 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 2,643.11 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 243.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। शक्ति पंप्स वित्त वर्ष 2026 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 29 जुलाई 2026 है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी पीसी ज्वेलर लिमिटेड के निवेशकों के लिए 6 जुलाई का दिन बेहद खराब बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर भाव 9.37 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 7900 करोड़ रुपये के करीब रह गया है। शेयर एक साल में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देख चुका है। कंपनी ने 2 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके बाद शुक्रवार, 3 जुलाई को शेयर में इंट्राडे के दौरान 10 प्रतिशत तक की तेजी दिखी थी। हालांकि बाद में शेयर BSE पर 4.4 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ था।

माना जा रहा है कि सोमवार की गिरावट शेयर में ऊंचे स्तरों पर की जा रही प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा हो। लेकिन एक वजह स्टॉक एक्सचेंज की ओर से मांगा गया क्लैरिफिकेशन भी हो सकता है। शुक्रवार को शेयर में हैवी वॉल्यूम को देखते हुए BSE ने पीसी ज्वेलर से सफाई मांगी थी।

तो क्या है PC Jeweller का जवाब

जवाब में पीसी ज्वेलर ने कहा है कि हम यह बताना चाहते हैं कि SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 के अनुसार, कंपनी उन सभी घटनाओं, जानकारियों आदि का समय पर खुलासा करती रही है, जिनका कंपनी के कामकाज/प्रदर्शन पर असर पड़ता है। इनमें प्राइस सेंसिटिव इनफॉरमेशन आदि भी शामिल हैं। कंपनी भविष्य में भी ऐसे खुलासे करती रहेगी।

आगे कहा कि किसी शेयर की कीमत/वॉल्यूम में कोई भी उतार-चढ़ाव बाजार पर निर्भर करता है और यह कई फैक्टर्स के कारण होता है, जिनमें कंपनी की ओर से दी गई कोई भी जानकारी, घटना या इवेंट आदि को लेकर निवेशकों की सोच भी शामिल है। पीसी ज्वेलर ने कहा है कि फिलहाल उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो शेयर की कीमत/वॉल्यूम पर असर डाल सकती हो और जिसका खुलासा करना जरूरी हो।

HDFC Bank Share Price: Q1 में अच्छे बिजनेस और नए चेयरमैन की घोषणा से शेयर 3% तक उछला; ब्रोकरेज बुलिश

Q1 में कैसा रहा बिजनेस

पीसी ज्वेलर का कहना है कि अप्रैल-जून 2026 में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 21% बढ़ा। कंपनी कर्ज-मुक्त होने के अपने लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और उसे उम्मीद है कि वह चालू तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यह मुकाम हासिल कर लेगी। कंपनी ने जॉइंट सेटलमेंट एग्रीमेंट की शर्तों के तहत बैंकों का बकाया कर्ज जून तिमाही के दौरान लगभग 24% कम किया है। चालू तिमाही में बाकी कर्ज चुकाने और कर्ज-मुक्त होने से आने वाले समय में उसकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adon Agro IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, ₹70 के शेयरों ने बरसाया ताबड़तोड़ पैसा, खुदरा निवेशकों को नहीं पसंद था आईपीओ!

Adon Agro IPO Listing: ड्राई फ्रूट्स बेचने वाली एडॉन एग्रो के शेयरों की आज बीएसई एसएमई पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹70 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹78.25 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11.79% का लिस्टिंग गेन (Adon Agro Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹82.16 (Adon Agro Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 17.37% मुनाफे में हैं।

Adon Agro IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडॉन एग्रो कमोडिटीज का ₹44 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह इश्यू 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 22.47 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.41 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 62.90 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adon Agro Commodities के बारे में

एडॉन एग्रो कमोडिटीज मुख्य रूप से ड्राई फ्रूट्स, नट्स, सीड्स और बेरीज की सोर्सिंग, इंपोर्ट, प्रोसेसिंग, पैकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, किशमिश, सूखी खजूर, खुबानी, अंजीर और अलग-अलग तरह के ड्राई फ्रूट मिक्स शामिल हैं, जो कई ग्रेड, रूप और पैक साइज में मिलते हैं। इन्हें कंपनी बिना प्रोसेस किए थोक में और प्रोसेस करके पैक करके, दोनों तरीके से बेचती है। कंपनी इसे अपने रिटेल ब्रांड हंगर नट्स (Hunger Nuts) ब्रांड के तहत 250 ग्राम से लेकर 30 किग्रा तक के पैक साइज में बेचती है। यह ड्राई फ्रूट हैम्पर्स और कस्टमाइज्ड मिक्स के जरिए कॉरपोरेट और फेस्टिव गिफ्टिंग का काम भी करती है। यह घरेलू मार्केट के साथ-साथ यूएई, अफगानिस्तान, यूएसए, चिली और श्रीलंका से कच्चा माल मंगाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹9 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1.79 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹7.22 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 114% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹103.04 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो 10 महीने में कंपनी को ₹21.55 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹287.33 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹10.19 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹30.45 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex IPO Listing: मुनाफा नहीं बुन पाया ₹136 का शेयर, रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा कंपनी का प्रॉफिट

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹136 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹130.00 और NSE पर ₹130.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 4.41% पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹133.00 (Aastha Spintex Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.21% घाटे में हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Split: 5 छोटे टुकड़ों में टूटने वाला है टोनर मेकर का शेयर, एक महीने में दिया 18% रिटर्न

केमिकल सेक्टर की कंपनी इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टॉक, स्प्लिट होने जा रहा है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। कंपनी पहली बार स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है। इसकी घोषणा इस साल मई महीने में हुई थी। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिनके नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

Indian Toners & Developers Ltd कम्पैटिबल कलर कॉपियर टोनर के मामले में भारत की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर होने का दावा करती है। इसने 1992 में मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी। प्रोडक्ट्स में लेजर टोनर, कलर टोनर, कॉपियर/डिजिटल टोनर, वाइड फॉर्मेट कॉपियर एंड प्रिंटर टोनर शामिल हैं।

इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 292.85 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 300 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 3 महीनों में 24 प्रतिशत और एक महीने में लगभग 18 प्रतिशत चढ़ा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 300 रुपये और एडजस्टेड लो 215.40 रुपये है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 45.74 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 7.62 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 165.81 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 27.23 करोड़ रुपये रहा। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 69.25 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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Mangalam Worldwide का स्टॉक भी होने वाला है स्प्लिट

स्टेनलेस स्टील सेक्टर की कंपनी मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड का स्टॉक भी स्प्लिट होने वाला है। 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 376.10 रुपये है। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kratikal Tech IPO: साइबर सिक्योरिटी कंपनी के इश्यू को 221 गुना का बंपर सब्सक्रिप्शन, क्या 7 जुलाई को लिस्टिंग भी होगी शानदार?

SME सेगमेंट में ₹39.69 करोड़ का Kratikal Tech IPO 2 जुलाई को बंद हो चुका है। अब 7 जुलाई को इसकी लिस्टिंग का इंतजार है, जो​ कि BSE SME पर होने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि लिस्टिंग अच्छी रहेगी क्योंकि इश्यू को बेहद शानदार रिस्पॉन्स मिला था। यह IPO 220.71 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 145.82 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 324.64 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 218.48 गुना भरा।

ग्रे मार्केट की मानें तो Kratikal Tech के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹135 से 40.74% के प्रीमियम पर लिस्ट हो सकते हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग होने तक ट्रेड करते हैं। Kratikal Tech IPO में 29 करोड़ नए शेयर जारी हुए थे। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से ₹11.22 करोड़ जुटाए थे।

क्या करती है Kratikal Tech

यह एक AI-बेस्ड साइबर सिक्योरिटी कंपनी है, जो अपने खास प्लेटफॉर्म और साइबर सिक्योरिटी कंसल्टिंग सर्विसेज के जरिए सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS)-बेस्ड साइबर रिस्क मैनेजमेंट सॉल्यूशन देती है। कंपनी दो इंटीग्रेटेड बिजनेस सेगमेंट में काम करती है- Threatcop ब्रांड के तहत पीपुल सिक्योरिटी मैनेजमेंट (PSM) सॉल्यूशंस और Kratikal ब्रांड के तहत टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेस सिक्योरिटी सर्विसेज। कंपनी भारत में और भारत के बाहर BFSI, फिनटेक, टेलीकॉम, IT/ITES, हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर के कस्टमर्स को सर्विस देती है। इसके प्रमोटर पवन कुमार, परतोष कुमार और दीप जंग थापा हैं।

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IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

Kratikal Tech अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल सब्सिडियरीज Threatcop FZ LLC, UAE और Threatcop AI Inc, USA में निवेश के लिए, प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 74% की बढ़ोतरी के साथ ₹36.86 करोड़ रही। शुद्ध मुनाफा 61% बढ़कर ₹6.14 करोड़ हो गया। उधारी ₹1 लाख थी। वित्त वर्ष 2025 में कुल इनकम ₹21.15 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹3.81 करोड़ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।