Bank Nifty Trend : बैंकिंग इंडेक्स 0.5% गिरा, एक्सिस और HDFC बैंक ने बनाया सबसे ज्यादा दबाव, जाने आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Bank Nifty Trend : 19 अक्टूबर को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 0.5% की गिरावट आई। एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे प्राइवेट बैंकों के कारण बैंक निफ्टी पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ा है। जुलाई-सितंबर तिमाही के मुनाफे के अनुमानों पर खरे न उतरने के बाद प्राइवेट बैंकों में 1.7% की गिरावट आई है। इसमें HDFC बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में 2% और 4.1% की गिरावट आई है।

HDFC बैंक पर ट्रेजरी आय में गिरावट और बैड लोन के लिए किए गए ज्यादा प्रावधान का दबाव दिखा है। जबकि एक्सिस बैंक के ऑपरेटिंग एक्सपेंस अधिक रहे हैं वहीं, अन्य आय कम रही है। दोनों ही बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट आई है।

दूसरी ओर पब्लिक सेक्टर बैंकों में आज 2.2% की तेजी आई है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक सबसे आगे रहा है। आज इसके शेयरों में 5.4% का उछाल आया है। सरकारी बैंको के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

अरिहंत कैपिटल मार्केट्स में इंस्टीट्यूशनल बिजनेस हेड अनीता गांधी ने कहा कि तिमाही नतीजों के बाद निवेशक साफ तौर पर PSU बैंकों के शेयरों को प्राथमिकता देते दिख रहे हैं। मजबूत FCNR डिपॉजिट का असर निजी बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर पड़ रहा है।

19 अक्टूबर को सुबह 11 बजे, बैंक निफ्टी 0.5% गिरकर 55,571.3 पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी ओर, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 2.5% बढ़कर सबसे ज्यादा बढ़त वाला (टॉप गेनर) इंडेक्स बना हुआ था।

पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 3-6% की तेजी आई है। PNB के शेयरों में 6% की बढ़त दिख रही है। यह निफ्टी 200 इंडेक्स का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक चंद्र ने शुक्रवार को नतीजों के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिसंबर तिमाही में बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 6-7 बेसिस पॉइंट्स का सुधार होने की उम्मीद है। सितंबर तिमाही में PNB का घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.74% रहा था, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 10 बेसिस पॉइंट्स अधिक था।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर बैंक निफ्टी में गुरुवार के 56,065 के हाई के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउ देखने को मिलता है तो इसकी तेजी 56,500 और 56,900 के स्तर तक जा सकती है। ये लेवल 58,706 से 53,785 तक की पूरी गिरावट का 50% और 61.8% रिट्रेसमेंट हैं। हालांकि, अगर यह इस लेवल के ऊपर टिक नहीं पाता है, तो इंडेक्स 54,500–56,000 की रेंज में कंसोलिडेट हो सकता है।

बजाज ब्रोकिंग के पाबित्रो मुखर्जी का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 54,000-54,500 के स्तर पर एक अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट है। यह लेवल हाल के निचले स्तर और पिछली बढ़ के अहम रिट्रेसमेंट का संगम है। वीकली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ स्ट्रक्चर को नकार रहा है और पिछले वीक के आई के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे इसमें रिकवरी का रुझान बरकरार है। लगातार 56,000–56,065 के अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर बने रहने से तेजी का रुख और मजबूत होगा जिससे आगे इसके और ऊपर जाने के रास्ते खुलेंगे।

प्रभुदास लीलाधर की वैशाली पारेख ने कहा कि निवेशकों का भरोसा कायम रखने और आने वाले दिनों में और तेजी के लिए, 56900 के स्तर पर स्थित 200-पीरियड MA (मूविंग एवरेज) के ऊपर एक निर्णायक बढ़त जरूरी है। वहीं दूसरी ओर, 54000 का जोन एक अहम सपोर्ट का काम करेगा। कुल मिलाकर बाजार का रुख अच्छा बनाए रखने के लिए इस स्तर का कायम रहना जरूरी है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Union Bank of India Q1 results: मुनाफा 30% बढ़कर ₹5,332.30 करोड़ पर पहुंचा, नतीजों के बाद शेयर 3% चढ़ा

Union Bank of India Q1 results: पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया ने बुधवार, 15 जुलाई को बताया कि चालू फ़ाइनेंशियल ईयर (Q1FY27) की अप्रैल-जून तिमाही में उसका स्टैन्डर्डलोन प्रॉफ़िट साल-दर-साल (YoY) 29.6% बढ़कर ₹5,332.30 करोड़ हो गया। पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में लेंडर का प्रॉफ़िट ₹4,115.53 करोड़ था।

यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया Q1FY27 की खास बातें

1. जून तिमाही में बैंक की कुल इनकम साल- दर- साल आधार पर 1.3% बढ़कर ₹31,806.20 करोड़ हो गई। Q1FY26 में, इसकी कुल इनकम ₹31,405.03 करोड़ थी।

2. यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया का ऑपरेटिंग खर्च पिछले साल की इसी तिमाही के ₹6,689.67 करोड़ से 0.80%सालना आधार पर घटकर ₹6,637.66 करोड़ हो गया।

इस तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही के ₹6,908.66 करोड़ से लगभग 16% सालना बढ़कर ₹8,002.58 करोड़ हो गया।

3. टैक्स के अलावा इसके प्रोविज़न और कंटिंजेंसीज़, Q1FY27 में घटकर ₹979.42 करोड़ हो गए, जो पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में ₹1,664.51 करोड़ और Q4FY26 में ₹1,054.98 करोड़ थे।

4. तिमाही के दौरान ग्रॉस एडवांस में सालाना आधार पर 12.50% की बढ़ोतरी हुई, जबकि टोटल डिपॉज़िट में साल- दर साल आधार पर 3.50% की बढ़ोतरी हुई, जून तिमाही के आखिर तक टोटल डिपॉज़िट बेस ₹12,83,366 करोड़ था। बैंक ने कहा कि 30 जून 2026 तक उसका टोटल बिज़नेस ₹23,79,697 करोड़ था।

5. इस साल 30 जून तक ग्रॉस NPA (%) सालाना आधार पर 87 bps घटकर 2.65% और नेट NPA (%) सालाना आधार पर 15 bps घटकर 0.47% हो गया।

6. Q1FY27 के दौरान बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) क्रमशः 1.36% और 17.23% रहा।

7. सालाना आधार पर नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 10.15% और तिमाही आधार पर 6.71% बढ़कर ₹10,037 करोड़ हो गई, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) YoY में 4 bps और QoQ में 16 bps बढ़कर 2.80% हो गया।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

बुधवार को BSE पर दोपहर 1 बजे के आसपास यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शेयर 3% बढ़कर ₹175 पर ट्रेड कर रहे थे।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।