Ardee Industries IPO 139 गुना सब्सक्राइब हुआ, अब 12 अगस्त को लिस्टिंग पर मुनाफा होगा या घाटा?

मेनबोर्ड सेंगमेंट में आरडी इंडस्ट्रीज का ₹425.87 करोड़ का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। अब 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने और 12 अगस्त को कंपनी की NSE और BSE पर लिस्टिंग का इंतजार है। शेयरों के अच्छी बढ़त में शुरुआत करने का संकेत है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 28.30 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया। Ardee Industries IPO के लिए प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Ardee Industries की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 57 प्रतिशत बढ़कर ₹1,168.88 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹743.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 155 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹84.68 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹33.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान आरडी इंडस्ट्रीज पर ₹182.75 करोड़ की उधारी थी।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को पूरी तरह या कुछ हद तक चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। इस IPO के लिए रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का ₹3,066.89 करोड़ का IPO 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इससे पहले एंकर बुक में कंपनी ने ₹918.3 करोड़ जुटाए हैं। BSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने 72 एंकर इनवेस्टर्स को ₹871 प्रति शेयर के भाव पर 1.05 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर अलॉट किए। घरेलू म्यूचुअल फंड्स का हिस्सा सबसे बड़ा रहा। 12 फंड हाउसेज ने 46 स्कीमों के जरिए निवेश किया। उन्हें 64.59 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए।

एंकर बुक में कई घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया। इनमें SBI म्यूचुअल फंड (MF), ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल AMC, निप्पॉन इंडिया MF, फ्रैंकलिन टेंप्लेटन, टाटा MF, इनवेस्को MF, HSBC MF, PGIM इंडिया MF, सुंदरम MF, व्हाइटओक, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक, एक्सिस MF, मिरे एसेट, अमंडी फंड्स, आलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स, गवर्नमेंट पेंशन फंड, SBI लाइफ इंश्योरेंस, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, बजाज आलियांस लाइफ इंश्योरेंस, HDFC लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस जैसे नाम शामिल हैं।

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं, जिनमें वायरिंग हार्नेस, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, बैटरी पैक, टर्मिनल, कनेक्टर, केबल और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी के प्रोडक्ट टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थ मूवर, खेती के उपकरण, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों के लिए इस्तेमाल होते हैं।

IPO में ₹1,400 करोड़ के नए शेयर

धूत ट्रांसमिशन के IPO में ₹1,400 करोड़ के 1.61 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,666.89 करोड़ के 1.91 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स- BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड और मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड, प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल की एक एंटिटी है। प्राइस बैंड ₹829-₹871 प्रति शेयर और लॉट साइज 17 शेयर है। IPO के 12 अगस्त को बंद होने के बाद अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

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IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने IPO में नए शेयर जारी कर जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपना और अपनी सब्सिडियरी कंपनियों का कर्ज चुकाने, हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर में वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने, पहले से न पता अधिग्रहणों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च करेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में धूत ट्रांसमिशन का शेयर अभी से 28.36 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Dhoot Transmission की वित्तीय सेहत

धूत ट्रांसमिशन का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 31 प्रतिशत बढ़कर ₹4,563.70 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,472.24 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹396.84 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹353.89 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ की उधारी थी। इस IPO के​ लिए एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), SBI कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bonus Share: हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर मिलेगा फ्री, 20 अगस्त रिकॉर्ड डेट

वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनी ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स बोनस शेयर देने जा रही है। कंपनी के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 20 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे। कंपनी पहली बार बोनस शेयर देगी।

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी 51,99,637 तक फुली पेड अप बोनस इक्विटी शेयर बांटने वाली है। इनके अलॉटमेंट की तारीख 21 अगस्त है। इनमें ट्रेडिंग 24 अगस्त से की जा सकेगी। कंपनी अक्टूबर 2023 में BSE SME पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 50 करोड़ रुपये का रहा था।

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) समाधान देती है। इसके बिजनेस वर्टिकल में बिल्ड ओन ऑपरेट ट्रांसफर (BOOT) मॉडल, EPC मॉडल और मुख्य उपकरणों की सप्लाई शामिल है। कंपनी वेस्ट मैनेजमेंट में EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेवाएं, कमीशनिंग सेवाएं, वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर में कंसल्टिंग और एडवाइजरी सेवाएं; वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग, निर्माण और मैनेजमेंट; लेबोरेटरी सेवाएं और अन्य सेवाएं देती है।

Organic Recycling का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत कमजोर

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 241.05 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 15.07 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर की BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 315 रुपये और एडजस्टेड लो 206 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 ​तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 31 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 2.34 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 2.70 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 43.76 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 4 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 4.65 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 10 अगस्त से शुरू हफ्ते में Milky Mist, Shiprocket समेत 8 नए इश्यू, 8 कंपनियां होंगी लिस्ट

10 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से काफी अच्छा रहने वाला है। 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 4 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड हैं। जहां तक नई लिस्ट होने जा रही कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 8 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Dhoot Transmission IPO: ₹3,066.89 करोड़ का इश्यू 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इसमें 12 अगस्त तक ₹829-₹871 प्रति शेयर के भाव पर 17 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। इश्यू बंद होने के बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Molbio Diagnostics IPO: यह 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹939.70 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹768-₹807 प्रति शेयर है। लॉट साइज 18 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 अगस्त को होने वाली है।

Milky Mist Dairy Food IPO: कंपनी ₹1,553 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 11 अगस्त को खुलने वाला है। इसमें ₹133-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। IPO 13 अगस्त को बंद होगा। उसके बाद कंपनी NSE और BSE पर 18 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

Sham Foam IPO: यह 11 अगस्त को खुल रहा है। साइज ₹40.48 करोड़ है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹130 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,000 शेयर है। IPO की क्लोजिंग 13 अगस्त को होगी। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 18 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹66.98 करोड़ का इश्यू 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। बोली ₹148-₹156 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 18 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Behari Lal Engineering IPO: ₹302 करोड़ का पब्लिक इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹271-₹285 प्रति शेयर है। लॉट साइज 52 शेयर है। IPO में 14 अगस्त तक बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी के NSE और BSE पर 19 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Pramodini Medicare IPO: कंपनी का इरादा ₹69.04 करोड़ जुटाने का है। इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा और 14 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹110-₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 19 अगस्त को लिस्ट होने वाले हैं।

Shiprocket IPO: ₹1,617.48 करोड़ का इश्यू भी 12 अगस्त को ओपन होगा। बोली लगाने के लिए 14 अगस्त तक मौका रहेगा। प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर और लॉट साइज 154 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 19 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले IPO

LAPL Automotive IPO: ₹32.40 करोड़ का इश्यू 6 अगस्त को खुला था और 10 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 31.41 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹88-₹94 प्रति शेयर और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 13 अगस्त को होगी।

LEAP India IPO: इसका साइज ₹2,480 करोड़ है। यह 7 अगस्त को खुला था। अभी तक 28 प्रतिशत भरा है। इसमें 11 अगस्त तक ₹151-₹159 प्रति शेयर के भाव पर और 94 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 14 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Technocraft Ventures IPO: इस इश्यू की ओपनिंग भी 7 अगस्त को हुई थी और क्लोजिंग 11 अगस्त को होगी। कंपनी ₹251.88 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अभी तक 2.59 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹200-₹212 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 14 अगस्त को होने वाली है।

Optimystix Entertainment IPO: यह 7 अगस्त को खुला था और 11 अगस्त को बंद होगा। कंपनी 107.88 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड 165-174 रुपये प्रति शेयर है। इस पब्लिक इश्यू को अभी तक 73 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को होने की उम्मीद है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 10 अगस्त को NSE SME पर Anawil Wire & Engineering के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 11 अगस्त को BSE SME पर Aegeus Technologies की लिस्टिंग होने वाली है। 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसी दिन BSE SME पर G.V. Electricals की लिस्टिंग हो सकती है। 13 अगस्त को BSE SME पर LAPL Automotive के लिस्ट होने की उम्मीद है। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं। इसी दिन NSE SME पर Optimystix Entertainment के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Fall: सेंसेक्स 455 अंक गिरकर बंद, निफ्टी आया 24570 पर; निवेशकों के ₹1.60 लाख करोड़ साफ

लगातार 2 कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को बिकवाली का दबाव रहा। सेंसेक्स 455.59 अंकों की गिरावट के साथ 78,499.17 पर और निफ्टी 65.35 अंकों की गिरावट के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 577.69 अंक तक टूटकर 78,377.07 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी ​पिछली क्लोजिंग से 113.25 अंक तक टूटकर 24,522.75 के लो तक गया।

गुरुवार, 6 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,94,539.903 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,93,34,285.98 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,60,253.923 करोड़ रुपये की कमी। निफ्टी पर ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टीसीएस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलोजिज टॉप गेनर रहे। वहीं बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.89 प्रतिशत चढ़ा, जबकि मिडकैप सेलेक्ट 0.14 प्रतिशत के लाभ में रहा था।

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रुपये में हल्की तेजी

भारतीय करेंसी रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 2 पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.20 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

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वैश्विक बाजारों की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स लाल निशान में रहे। ताइवान वेटेड और SET कंपोजिट में भी गिरावट रही। वहीं हेंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट में तेजी रही। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 10% बढ़ा, NII में 15% का इजाफा; NPA घटा

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 19,160.44 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 2.86 प्रतिशत रहा।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसकी कुल स्टैंडअलोन इनकम सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 1,35,341.55 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर 33,529.18 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 30,544.47 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी कितनी सुधरी

जून 2026 तिमाही में SBI की एसेट क्वालिटी में और सुधार आया है। ग्रॉस NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो गिरकर 1.47 प्रतिशत रह गया। एक साल पहले यह 1.83 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो 0.38 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 0.47 प्रतिशत था। तिमाही आधार पर भी NPA रेशियो में गिरावट है। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.11 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 1.14 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही के आखिर तक SBI के डिपॉजिट 60,05,805.24 करोड़ रुपये के रहे। एक साल पहले ये 54,73,253.70 करोड़ रुपये के थे। एडवांसेज 49,92,003.69 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही के आखिर तक 41,96,205.12 करोड़ रुपये के थे।

Ola Electric Q1 Results: इलेक्ट्रिक टूव्हीलर मेकर के तिमाही नतीजे आज, 7 अगस्त को; शेयर 1% तक लुढ़का

SBI का शेयर 3 प्रतिशत चढ़ा

SBI के शेयर में 7 अगस्त को तेजी है। तिमाही नतीजे सामने आने के बाद शेयर BSE पर 3.6 प्रतिशत तक चढ़कर 1124.40 रुपये के हाई तक गया। बैंक का मार्केट कैप 10.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ा है। 2 सप्ताह में कीमत 10 प्रतिशत मजबूत हुई है। बैंक में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 55.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Fusion Klassroom Edutech IPO Listing: एडटेक कंपनी ने जीता दिल, 7% बढ़त में लिस्ट

फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक की शुक्रवार, 7 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्टिंग खुश करने वाली रही। कंपनी के शेयर ने BSE SME पर करीब 7 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 170 रुपये पर शुरुआत की। फाइनल IPO प्राइस 159 रुपये था। कंपनी का 39.04 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.50 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा फुली सब्सक्राइब हुआ था। नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.47 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO में 31.63 करोड़ रुपये के 20 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 7.41 करोड़ रुपये के 5 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक एक एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह कई शहरों में डिजिटल और हाइब्रिड लर्निंग मॉडल के जरिए प्रोफेशनल और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की कोचिंग देती है। कंपनी CA, CS, CMA और कॉमर्स से जुड़ी दूसरी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रोग्राम चलाती है। इसका एक सब्सक्रिप्शन बेस्ड एजुकेशन OTT प्लेटफॉर्म है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 11.08 करोड़ रुपये जुटाए थे। यह अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, टेक्नोलॉजी एंड AIML मॉडल के डेवलपमेंट, सर्वर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट डेवलपमेंट, नए ऑफलाइन सेंटर्स व AI/ML लैब्स के लिए डेस्कटॉप व लैपटॉप की खरीद, मार्केटिंग पहलों, पहले से न पता अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेकनिक ग्रोथ, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और अन्य खर्चों के लिए करेगी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 129 प्रतिशत बढ़कर 23.10 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू 10.11 करोड़ रुपये था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 162 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7.60 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025 में यह 2.90 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 3.43 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

KKR समर्थित लॉजिस्टिक्स कंपनी ला रही है ₹2480 करोड़ का IPO! कल से करें अप्लाई, जानिए कितना चल रहा है GMP

LEAP India IPO Details: वैश्विक निवेश फर्म केकेआर के स्वामित्व वाली लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चैन कंपनी लीप इंडिया का ₹2,480 करोड़ का आईपीओ कल यानी 7 अगस्त 2026 से आम निवेशकों के सबस्क्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है।

इश्यू खुलने से ठीक पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे है। अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो दांव लगाने से पहले प्राइस बैंड, जीएमपी और इश्यू से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स जान लें।

LEAP India IPO की प्रमुख डिटेल्स

  • प्राइस बैंड: ₹151 से ₹159 प्रति शेयर
  • फ्रेश इश्यू : ₹480 करोड़ मूल्य के 3.02 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।
  • ऑफर फॉर सेल (OFS): मौजूदा निवेशक ₹2,000 करोड़ के 12.58 करोड़ शेयर बेचेंगे।
  • एंकर निवेशकों के लिए ओपनिंग: 6 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 7- 11 अगस्त 2026
  • शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 12 अगस्त 2026
  • शेयर लिस्टिंग की तारीख (BSE/NSE): 14 अगस्त 2026

इस इश्यू का बुक-रनिंग लीड मैनेजर जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इसका रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

क्या काम करती है LEAP India

2013 में स्थापित लीप इंडिया एंटरप्राइजेज को एसेट-पूलिंग और सप्लाई चैन सॉल्यूशन मुहैया कराती है। कंपनी ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की कंपनियों को इक्विपमेंट पूलिंग, रिटर्नेबल पैकेजिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्टेशन और रिपेयर एंड मेंटेनेंस जैसी सेवाएं देती है। साल 2023 में वैश्विक निवेश फर्म KKR ने अपनी एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति के तहत कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की थी।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

इश्यू खुलने से पहले अनलिस्टेड मार्केट ट्रैकर्स Investorgain और IPO Watch के मुताबिक, 6 अगस्त की सुबह लीप इंडिया का शेयर अपने अपर प्राइस बैंड से लगभग 3.5% के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि जीएमपी अनऑफिशियल मार्केट का सेंटिमेंट दिखाता है और लिस्टिंग गेन की कोई गारंटी नहीं देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Emcure Pharma Q1 Results: नमिता थापर की कंपनी का मुनाफा 42% बढ़ा, रेवेन्यू रहा 23% ज्यादा

एमक्योर फार्मा का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 293.98 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 206.95 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,580.45 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 2,100.54 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 2,188.99 करोड़ रुपये के रहे, जबकि एक साल पहले खर्च 1,809.97 करोड़ रुपये के थे।

एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड का नाता शार्क टैंक इंडिया में जज के तौर पर दिख चुकीं नमिता थापर से है। वह इसमें होल टाइम डायरेक्टर हैं। नमिता के पिता सतीश रमनलाल मेहता कंपनी के फाउंडर, CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA एक साल पहले से 27.8 प्रतिशत बढ़कर 532.5 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 20.6 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का कहना है कि जून 2026 तिमाही के दौरान उसका देश के अंदर कारोबार 10.2 प्रतिशत बढ़कर 1,095.3 करोड़ रुपये हो गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय कारोबार 34.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,485.1 करोड़ रुपये का रहा।

Emcure Pharma का शेयर लाल निशान में बंद

एमक्योर फार्मा जुलाई 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,952.03 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी का शेयर 6 अगस्त को BSE पर 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 1936.10 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 36700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 28 प्रतिशत और एक साल में 36 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 2 साल में कीमत लगभग 50 प्रतिशत बढ़ी है।

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45वीं सालाना आम बैठक 21 सितंबर को

एमक्योर फार्मा की 45वीं सालाना आम बैठक 21 सितंबर 2026 को होने वाली है। इस मीटिंग में वित्त वर्ष 2026 के लिए घोषित किए जा चुके 3.60 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी भी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर 30 दिनों के अंदर डिविडेंड का पेमेंट कर दिया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI म्यूचुअल फंड का बड़ा धमाका: कम जोखिम में ज्यादा रिटर्न के लिए नई SIF स्ट्रेटेजी लॉन्च, जानिए कितना करना होगा मिनिमम निवेश

SBI Mutual Fund New SIF Launch: देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजर एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) फ्रेमवर्क के तहत दूसरी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पेश की है। फंड हाउस ने ‘मैग्नम इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग शॉर्ट फंड’ लॉन्च किया है।

यह फंड मुख्य रूप से मार्केट कैप के आधार पर भारत की टॉप 100 कंपनियों के बाहर की कंपनियों में निवेश करेगा। साथ ही उतार-चढ़ाव और जोखिम को मैनेज करने के लिए डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजिशन्स का इस्तेमाल करेगा।

NFO की प्रमुख तारीखें और बेंचमार्क

अगर आप एसबीआई म्यूचुअल फंड की इस नई स्ट्रेटेजी में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो ये मुख्य तारीखें याद रखें:

  • NFO ओपनिंग डेट: 7 अगस्त 2026
  • NFO क्लोजिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • फंड का प्रकार: ओपन-एंडेड स्ट्रेटेजी
  • बेंचमार्क: BSE 500 TRI (टोटल रिटर्न इंडेक्स)

पैसा कहां और कैसे निवेश करेगा यह फंड?

फंड हाउस के अनुसार, यह फंड अपनी कुल एसेट्स का बंटवारा इस तरह करेगा:

इक्विटी एलोकेशन: कुल एसेट्स का 65% से 100% हिस्सा टॉप-100 से बाहर की कंपनियों के शेयरों और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाएगा।

टॉप-100 कंपनियों में एक्सपोजर: जरूरत पड़ने पर 35% तक का हिस्सा टॉप-100 कंपनियों में लगाया जा सकता है।

डेट और अन्य विकल्प: 35% तक डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में, 20% तक InvITs में और 35% तक गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ (ETFs) सहित अन्य म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश किया जा सकता है।

विदेशी बाजारों में निवेश: रेगुलेटरी नियमों के तहत नेट एसेट्स का 35% तक ओवरसीज इक्विटीज, विदेशी ईटीएफ और डेट सिक्योरिटीज में अलॉट किया जा सकता है।

कम से कम कितना करना होगा निवेश?

सेबी के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) नियमों के तहत इसमें निवेश की सीमाएं इस प्रकार हैं:

नए निवेशकों के लिए: मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹10 लाख रखा गया है।

मौजूदा मैग्नम SIF निवेशकों के लिए: अगर पैन लेवल पर उनकी कुल मैग्नम SIF होल्डिंग कम से कम ₹10 लाख है, तो वे प्रति एप्लिकेशन ₹1 लाख से भी एक्स्ट्रा निवेश कर सकते हैं।

फंड मैनेजर, एग्जिट लोड और टैक्सेशन नियम

इस स्ट्रेटेजी का प्रबंधन गौरव मेहता करेंगे, जो एसबीआई के पहले SIF ऑफरिंग ‘मैग्नम हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट फंड’ को भी मैनेज करते हैं। अलॉटमेंट के 3 महीने के भीतर यूनिट्स रिडीम या स्विच करने पर 1% का एग्जिट लोड लगेगा। 3 महीने पूरे होने के बाद निकासी पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा।

चालू टैक्स नियमों के अनुसार, 12 महीने से अधिक समय तक होल्ड की गई यूनिट्स पर मिलने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स (प्लस सरचार्ज और सेस) लगेगा। एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक का कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ देबाशीष मिश्रा के अनुसार, ‘यह नया फंड शोध-आधारित निवेश और भारत के बढ़ते बाजार में निवेशकों के लिए विविधता लाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।’ बता दें कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान एसबीआई म्यूचुअल फंड का औसतन एयूएम (AAUM) ₹12.57 लाख करोड़ से अधिक रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।