Market cues : निफ्टी 24500-24600 पर स्थित अगले रेजिस्टेंस की और बढ़ने को तैयार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : 30 जुलाई को सीमित दायरे में कारोबार करने के बावजूद निफ्टी मे 0.3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार,इंडेक्स का शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बने रहना, साथ ही अच्छे ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ’हायर हाई-हायर लो’पैटर्न का बनना, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और इंडिया VIX में नरमी जैसी बातों देखते हुए उम्मीद है कि इंडेक्स 24,400 (200 डे EMA) के अपने अगले रेजिस्टेंस लेवल की ओर बढ़ता नजर आएगा। मार्केट दिग्गजों का कहना है कि निफ्टी अब 24,400 (200 डे EMA) के आसपास स्थित अगले रेजिस्टेंस की ओर बढ़ता नजर आ सकता है। अगर यह 24,100 पर स्थित सपोर्ट को बचाए रख पाता है तो इसके लिए 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई) की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,223, 24,186 और 24,127

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,342, 24,379 और 24,438

निफ्टी ने पिछले हफ्ते हुए नुकसान की भरपाई करते हुए अपनी बढ़त बनाए रखी है। इसने डेली टाइमफ़्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर विक्स (wicks) के साथ एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है। यह 200-डे EMA और पिछले स्विंग हाई जैसे ओवरहेड रेजिस्टेंस लेवल के पास कंसोलिडेशन का संकेत है। वहीं,’हायर हाई-हायर लो’का पैटर्न भी बना हुआ है। निफ्टी अपने 20, 50 और 100 डे EMA के ऊपर बना हुआ है। यह तेजी बने रहने का संकेत है। RSI बढ़कर 57.66 पर पहुंच गया है और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका हुआ है। वहीं,MACD भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। ये सभी इंडिकेटर तेजी के मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं,बशर्ते अहम सपोर्ट लेवल बचे रहें।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,230, 57,340 और 57,519

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,872, 56,762 और 56,583

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 20 डे, 50 डे और 100 डे EMA के बीच और मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के दायरे में ट्रेड करता रहा। इससे बाजार की दिशा साफ न होने का संकेत मिलता है। इसने डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो एक और सेशन में मार्केट में दुविधा या अनिश्चितता बने रहने का संकेत है। RSI 49.44 पर स्थिर रहा और रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें कोई मजबूत तेजी या मंदी का मोमेंटम नहीं है। वहीं, MACD धीरे-धीरे जीरो लाइन की ओर नीचे आता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार्स में गिरावट में कमी दिखी। ये सभी संकेत बताते हैं कि बैंक निफ्टी के तब तक एक दायरे में ही घूमता रह सकता है, जब तक कि कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX गुरुवार को 1.23 प्रतिशत बढ़कर 12.15 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तरों के आसपास बना रहा और अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। यह मार्केट में स्थिरता के साथ तेजड़ियों के लिए अनुकूल माहौल का संकेत है। अगर यह लगातार 12 के स्तर से नीचे बना रहता है,तो इससे तेजड़ियों को और राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 30 जुलाई को बढ़कर 1.26 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.18 के लेवल पर था। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

UP News: योगी सरकार का बड़ा कदम, 3 से 10 अगस्त तक चलेगा ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’; ITI में लगेंगे विशेष रोजगार कैंप

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दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा प्रदेश भर में 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' का आयोजन 3 से 10 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस विशेष पहल का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त दिव्यांगजनों सहित अन्य योग्य इच्छुक दिव्यांग युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

 

अभियान के दौरान प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई में विशेष रोजगार गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को रोजगार के साथ-साथ विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक संस्थानों से समन्वय कर रिक्तियों की जानकारी जुटाएगा, वहीं एमएसएमई विभाग स्वरोजगार योजनाओं और लीड बैंक के माध्यम से ऋण व वित्तीय सहायता में सहयोग करेगा।

 

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी और जिला रोजगार सहायता अधिकारी रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को रिक्तियों से जोड़ेंगे। अभियान की खास बात यह है कि पिछले दो चरणों में लाभान्वित दिव्यांगजनों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन हो सके।

 

योगी सरकार की मंशा है कि कोई भी दिव्यांगजन रोजगार से वंचित न रहे। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनाई गई है, जो अभियान की निगरानी और समन्वय करेगी। 10 अगस्त तक सभी जनपदों से लाभान्वितों का विवरण शासन को भेजा जाएगा और सर्वाधिक रोजगार-स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाले शीर्ष पांच जनपदों के जिलाधिकारियों और उनकी टीम को शासन स्तर पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर 30 जुलाई को मिशन निदेशक पुलकित खरे ने सभी सीडीओ और संबंधित अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नकली दवाओं के सिंडिकेट पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, फर्जी बिलिंग और फेक ट्रांजैक्शन से खेल का खुलासा; 6 FIR दर्ज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नकली और अधोमानक दवाओं के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और फेक बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाओं को बाजार में खपाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना अमीनाबाद, लखनऊ में 6 एफआईआर दर्ज कराई हैं।

इस कार्रवाई से सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश में नकली दवाओं का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही वजह है कि जुलाई माह में लगातार कार्रवाई करते हुए एफएसडीए ने नकली दवाओं की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एक के बाद एक बड़े अभियान चलाए हैं। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दवाओं की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की आर्थिक और लॉजिस्टिक कड़ियों को तोड़ने पर केंद्रित है।

 

फर्जी बिलों के जरिए चल रहा था करोड़ों का खेल

एफएसडीए कमिश्नर डॉ रोशन जैकब ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एफएसडीए की जांच में सामने आया कि मिश्रा एसोसिएट्स (अमीनाबाद), मिश्रा मेडिकल एजेंसी (बछरावां, रायबरेली), श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स (अमीनाबाद), भारत फार्मा तथा एम.डी.एच. फार्मा के संचालक आपस में बिना वास्तविक दवा आपूर्ति के केवल कागजों पर क्रॉस-बिलिंग कर रहे थे। बैंक ट्रांजैक्शन के बिना ही फर्जी लेनदेन दर्शाकर नकली और काउंटरफिट दवाओं को वैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी आधार पर मनीष मिश्रा, आमोद कुमार मिश्रा, सन्नी कश्यप, देवेन्द्र शुक्ला और राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत थाना अमीनाबाद में एफआईआर दर्ज की गई है।

 

भौतिक सत्यापन में खुली पोल

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि भारत फार्मा और एम.डी.एच. फार्मा के नाम पर जिन फर्मों से करोड़ों रुपये की दवा खरीद-बिक्री दिखाई गई थी, वहां वास्तविक रूप से किसी भी प्रकार का दवा भंडारण नहीं मिला। संबंधित प्रोपराइटरों अमरीन अहसन और मंतशा ने लिखित बयान देकर बताया कि उनकी फर्मों का संचालन उनकी जानकारी के बिना देवेन्द्र शुक्ला द्वारा किया जा रहा था। एफएसडीए अधिकारियों ने जब मौके पर भौतिक सत्यापन किया तो वहां कोई दवा स्टॉक नहीं मिला, जिससे फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं के कारोबार की पुष्टि हुई। इन फर्मों के निरीक्षण में यह भी संज्ञानित हुआ कि इन फर्मों के पास इन औषधियों के क्रय बिल भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि इनके द्वारा नकली औषधियों का फर्जी बिल बनाकर सप्लाई की जा रही थी।

 

ब्रांडेड दवा की कीमत में बड़े अंतर से खुला राज

जांच में यह भी सामने आया कि मिश्रा मेडिकल एजेंसी और मिश्रा एसोसिएट्स ने प्रसिद्ध एंटीबायोटिक दवा Augmentin Duo 625 की खरीद वास्तविक लैंडिंग कॉस्ट करीब 116.70 रुपये के मुकाबले मात्र 56.60 रुपये में दिखाई। जब संबंधित वितरक मेडी किंग फार्मा से जानकारी ली गई तो उसने ऐसी किसी भी बिक्री से लिखित रूप से इनकार कर दिया। इससे जांच एजेंसियों को यह संदेह और मजबूत हुआ कि बाजार में नकली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी।

 

स्थानीय पुलिस की रही महत्वपूर्ण भूमिका

एफएसडीए के साथ इस अभियान में स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि लखनऊ कमिश्नर और उनकी पूरी टीम ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसकी मदद से फर्जी दवा के इन कारोबारियों पर शिकंजा कसने में काफी मदद मिली। डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एफएसडीए को लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को संदिग्ध थोक दवा कारोबारियों, एजेंटों और सप्लाई चेन पर सतत निगरानी रखने, दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने तथा कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

 

जुलाई में लगातार छठवीं एफआईआर, सिंडिकेट पर कसा शिकंजा

योगी सरकार के निर्देश पर एफएसडीए ने जुलाई माह में नकली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। 6 जुलाई को आलमबाग में नकली दवाओं की खेप पकड़कर पहली एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद 19 जुलाई को अमीनाबाद स्थित अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये मूल्य की नकली दवाएं बरामद हुईं। 16-17 जुलाई को बिना लाइसेंस दवा भंडारण और परिवहन के मामले में कार्रवाई हुई। 24 और 25 जुलाई को फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं का कारोबार करने वाले गिरोहों पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। अब 29 जुलाई को दर्ज छठवीं एफआईआर के साथ विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 

 

नौ संदिग्ध फर्मों पर रोक, दुकानें सील

एफएसडीए ने जांच पूरी होने तक अमीनाबाद की कई संदिग्ध दवा फर्मों के संचालन पर रोक लगा दी है। एसकेजी मेडिकल्स, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल, हेल्थ प्लस, एमके फार्मा, मां अम्बे फार्मा, आरएन फार्मा, सनलाइट फार्मा, सोनल फार्मा और सुपरविजन फार्मा के वित्तीय रिकॉर्ड और लेजर की जांच के लिए उनके संचालन पर रोक लगाने तथा कई प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।

 

राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क

एफएसडीए की जांच अब उत्तर प्रदेश से बाहर भी पहुंच चुकी है। विभाग के अनुसार अमीनाबाद से बरामद नकली दवाओं का मुख्य स्रोत राजस्थान से जुड़े कुछ आरोपी हैं, जिनके खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं उत्तराखंड के देहरादून में नकली दवा निर्माण करने वाली अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर चार आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। स्पष्ट है कि योगी सरकार केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि अंतरराज्यीय नकली दवा नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।

बाबा रामदेव अब बेचेंगे इंश्योरेंस! ₹4,500 करोड़ की पतंजलि-मैग्मा डील को मिली IRDAI की मंजूरी

Patanjali Magma General Insurance Deal: आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स के जरिए FMCG सेक्टर में तहलका मचाने के बाद अब बाबा रामदेव की ‘पतंजलि’ फाइनेंशियल सर्विसेज में धमाकेदार एंट्री करने जा रही है। बीमा नियामक IRDAI ने पतंजलि द्वारा ‘मैग्मा जनरल इंश्योरेंस’ के अधिग्रहण को अपनी मंजूरी दे दी है। यह पूरा सौदा करीब ₹4,500 करोड़ में तय हुआ है।

इस डील की खास बात यह है कि नया लाइसेंस लेने के लंबे पचड़े में फंसने के बजाय पतंजलि एक स्थापित इंश्योरेंस कंपनी को खरीदकर सीधे बाजार में कब्जा जमाने की रणनीति पर काम कर रही है।

पतंजलि और DS ग्रुप की हुई साझेदारी

यह अधिग्रहण अकेला पतंजलि नहीं, बल्कि ‘रजनीगंधा’ और ‘कैच’ स्पाइसेज बनाने वाले DS ग्रुप (Dharampal Satyapal Group) के साथ मिलकर किया जा रहा है।

पतंजलि आयुर्वेद की हिस्सेदारी: 73.56%

DS ग्रुप की हिस्सेदारी: 24.5%

कुल हिस्सेदारी: दोनों कंपनियां मिलकर मैग्मा जनरल इंश्योरेंस की 98% हिस्सेदारी खरीद रही हैं।

विक्रेता: यह हिस्सेदारी अदार पूनावाला ग्रुप की कंपनी सा नोटी प्रॉपर्टीज एलएलपी और अन्य शेयरधारकों से खरीदी जा रही है।

समय सीमा: IRDAI की मंजूरी 3 महीने के लिए वैध है, जिसके भीतर इस सौदे को औपचारिक रूप से पूरा करना होगा।

FMCG से फाइनेंशियल सेक्टर की तरफ बड़ा कदम

अब तक पतंजलि की पहचान आयुर्वेदिक दवाओं, घी, सरसों तेल, बिस्किट और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स तक सीमित थी। यह अधिग्रहण पतंजलि का फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में पहला और सबसे बड़ा विविधीकरण है। मैग्मा जनरल इंश्योरेंस को खरीदने से पतंजलि को तुरंत एक चालू बिजनेस, बना-बनाया कस्टमर बेस, प्रोडक्ट्स और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मिल जाएगा।

कैसी है मैग्मा जनरल इंश्योरेंस की वित्तीय सेहत?

मैग्मा जनरल इंश्योरेंस नॉन-लाइफ इंश्योरेंस क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी है। कंपनी मोटर इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, प्रॉपर्टी और कमर्शियल इंश्योरेंस बेचती है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी का ग्रॉस रिटन प्रीमियम बढ़कर ₹3,615.48 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 (FY25) में ₹3,334.4 करोड़ था। कंपनी के पास देशभर में हजारों एजेंट्स, कॉरपोरेट क्लाइंट्स, बैंक पार्टनर्स और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स का मजबूत नेटवर्क है।

गांवों और छोटे शहरों में पॉलिसी बेचने की तैयारी

भारत के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आज भी इंश्योरेंस की पहुंच काफी कम है। पतंजलि का रिटेल नेटवर्क देश के कोने-कोने और ग्रामीण इलाकों तक फैला हुआ है। साथ ही बाबा रामदेव के नाम पर देश के छोटे कस्बों में जो भरोसा है, उसका इस्तेमाल कंपनी अब हेल्थ और ऑटो इंश्योरेंस की पॉलिसियां बेचने में करेगी।

इस डील के पूरा होते ही पतंजलि भी टाटा, रिलायंस और बिड़ला जैसे देश के उन बड़े कॉरपोरेट घरानों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगी, जिनका अपना जनरल इंश्योरेंस बिजनेस है।

ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

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अगर आपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना आयकर रिटर्न (ITR) अभी तक दाखिल नहीं किया है, तो तुरंत सावधान हो जाएं! व्यक्तिगत करदाताओं और वेतनभोगियों के लिए बिना  किसी लेट फीस के ITR फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।

 

अंतिम समय में इनकम टैक्स पोर्टल पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से सर्वर स्लो होने या पेमेंट अटकने की समस्या हो सकती है। यदि आप 31 जुलाई की समय सीमा चूक जाते हैं, तो आपको  भारी लेट फीस, ब्याज और कई वित्तीय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
 

धारा 234F के तहत पेनल्टी (Late Fee Slabs) 

आयकर कानून की धारा 234F के अनुसार, नियत तारीख के बाद रिटर्न (Belated Return) दाखिल करने पर निम्नलिखित जुर्माना लागू होता है:

 

कुल वार्षिक आय (Total Income) 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने पर लेट फीस

2.5 लाख तक रुपए (मूल छूट सीमा) कोई पेनल्टी नहीं

2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक 1,000 रुपए अधिकतम लेट फीस

5 लाख रुपए से अधिक 5,000 रुपए लेट फीस

 

समय पर ITR न भरने के 4 बड़े नुकसान

1. धारा 234A के तहत ब्याज : यदि आपका कोई टैक्स बकाया है, तो समय सीमा समाप्त होने के बाद आपको बकाए टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना होगा। 
 

2. नुकसान (Losses) को कैरी फॉरवर्ड न कर पाना : शेयर बाजार, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) या बिजनेस से हुए नुकसान को अगले वर्षों के मुनाफे से एडजस्ट (Carry Forward) करने का विकल्प समाप्त हो जाता है।
 

3. ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प बंद: यदि आप पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनना चाहते थे, तो समय सीमा बीत जाने के बाद आप केवल न्यू टैक्स  रिजीम (New Tax Regime) के तहत ही बेलैटेड रिटर्न भर पाएंगे।

4. रिफंड में देरी : यदि आपका TDS कटा है और आप रिफंड के हकदार हैं, तो देर से फाइल करने पर आपका रिफंड अटक सकता है या उसमें काफी देरी हो सकती है।

 

पोर्टल पर ऑनलाइन ITR फाइल करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

समय सीमा समाप्त होने से पहले घर बैठे आधिकारिक पोर्टल (incometax.gov.in) पर आसानी से ITR फाइल करने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:
 

1.ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें: PAN और पासवर्ड तैयार रखें।

आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपनी यूजर आईडी (PAN) और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें।
 

2.File Income Tax Return चुनें:

लॉगिन के बाद मुख्य डैशबोर्ड पर e-File > Income Tax Returns > File Income Tax Return विकल्प पर क्लिक करें।
 

3.आकलन वर्ष (Assessment Year) का चयन करें:

आकलन वर्ष में AY 2026-27 का चयन करें। इसके बाद ऑनलाइन फाइलिंग (Online Mode) चुनें और 'Start New Filing' पर क्लिक करें।
 

4.करदाता स्थिति एवं सही ITR फॉर्म का चुनाव करें:

अपनी स्थिति Individual चुनें। यदि आपकी केवल वेतन, एक मकान संपत्ति या ब्याज से आय है, तो ITR-1 (Sahaj) चुनें।
 

5.AIS और Form 26AS से आंकड़ों का मिलान करें:

अपने फॉर्म 16, AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS के आंकड़ों की जांच करें। यदि कोई टैक्स बकाया दिखता है, तो e-Pay Tax  के माध्यम से तुरंत भुगतान करें।
 

6.समीक्षा करें और e-Verify पूरा करें:

अपनी सभी जानकारियों की दोबारा समीक्षा करके Submit पर क्लिक करें। इसके बाद अपने आधार OTP या नेट बैंकिंग का उपयोग करके e-Verification प्रक्रिया तुरंत पूरी  करें (बिना ई-वेरिफिकेशन के ITR अमान्य माना जाता है)।
 

ITR सबमिट करने से पहले अंतिम चेकलिस्ट 

– AIS/TIS की जांच: अपने पोर्टल पर जाकर AIS जरूर डाउनलोड करें और उसमें दर्ज ब्याज, डिविडेंड या शेयर ट्रेडिंग की जानकारी अपने रिकॉर्ड से मिलाएं।

– बैंक खाता वैलिडेट करें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता पोर्टल पर पूर्व-सत्यापित (Pre-validated) है ताकि रिफंड सीधे आपके खाते में आ सके।

– ई-वेरिफिकेशन न भूलें: ITR फाइल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है।

सलाह: यदि पोर्टल पर अत्यधिक लोड के कारण तकनीकी समस्या आए, तो स्क्रीनशॉट लेकर रखें और थोड़ा रुककर पुनः प्रयास करें। 31 जुलाई की मध्यरात्रि से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। 

 

आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय सही फॉर्म चुनना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को 'Defective Return' (धारा  139(9)) करार दे सकता है। 

व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 सबसे आम फॉर्म हैं। 

ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 में मुख्य अंतर 

विषय ITR-1 (Sahaj) ITR-2

पात्रता (Eligibility) केवल भारत के निवासी (Resident Individuals) निवासी (Resident), अनिवासी (NRI) और HUF

कुल आय सीमा ₹50 लाख तक ₹50 लाख से अधिक (कोई सीमा नहीं)

मकान संपत्ति (House Property) केवल 1 मकान संपत्ति से आय 1 से अधिक मकान संपत्तियों से आय

कैपिटल गेन्स (शेयर, MF, प्रॉपर्टी) केवल Section 112A के तहत ₹1.25 लाख तक LTCG सभी प्रकार के Capital Gains (STCG/LTCG,  प्रॉपर्टी, सोना आदि)

विदेशी संपत्ति / आय (Foreign Assets) अनुमति नहीं है विदेश में संपत्ति, शेयर (RSUs/ESOPs) या आय होने पर अनिवार्य

कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 तक ₹5,000 से अधिक होने पर

डायरेक्टर / अनलिस्टेड शेयर कंपनी में डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल नहीं कर सकते कंपनी के डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल कर सकते हैं

आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है?

1. आपको ITR-1 (Sahaj) चुनना चाहिए यदि:
 

आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख तक है। 

आपकी आय का मुख्य स्रोत वेतन (Salary), पेंशन (Pension) या ब्याज/डिविडेंड (Other Sources) है। 

आपके पास केवल 1 मकान संपत्ति (Single House Property) है। 

आपकी कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 या उससे कम है। 

आपने शेयर या म्यूचुअल फंड बेचे हैं, लेकिन आपका कुल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (Section 112A u/s) ₹1.25 लाख के अंदर है और कोई अन्य कैपिटल गेन  या लॉस नहीं है। 

2. आपको ITR-2 चुनना चाहिए यदि: 

आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख से अधिक है। 

आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, जमीन, मकान या सोना बेचा है और आपको Short-Term Capital Gain (STCG) या अधिक LTCG हुआ है। 

आपके पास 2 या उससे अधिक मकान हैं जिनसे किराया या आय आती है। 

आपकी विदेशी आय है या विदेश में कोई बैंक खाता/कंपनी शेयर (जैसे MNCs से मिले US Stocks/ESOPs) हैं। 

आपकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक है। 

आप किसी कंपनी में डायरेक्टर (Director) हैं या आपके पास अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं। 

आपका आवासीय दर्जा NRI (Non-Resident Indian) या RNOR है। 

ध्यान दें: बिजनेस या प्रोफेशन से आय (जैसे फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, ट्रेडिंग या बिज़नेस प्रॉफिट) कमाने वाले व्यक्ति ITR-1 या ITR-2 का उपयोग नहीं कर सकते। उनके लिए ITR-3  या ITR-4 लागू होता है। 

 

 

आयकर पोर्टल (Income Tax Portal) से AIS (Annual Information Statement) डाउनलोड करना और उसका Form 16 से मिलान  (Reconciliation) करना आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इससे आपके ITR में किसी प्रकार के मिसमैच की संभावना खत्म हो जाती है।
 

1. AIS कैसे डाउनलोड करें? (Step-by-Step Guide) 
 

1.इ-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें:

आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपने PAN (यूजर ID) और पासवर्ड से लॉगिन करें।

2.Services मेनू में जाएं:

लॉगिन के बाद मुख्य मेनू बार पर Services टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से Annual Information Statement (AIS) चुनें।

3.AIS पोर्टल पर रिडायरेक्ट हों:

स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज आएगा, वहां Proceed पर क्लिक करें। यह आपको एक नए Compliance Portal पर ले जाएगा।

4.असेसमेंट ईयर और फाइल फॉर्मेट चुनें:

Compliance Portal पर AIS टैब पर क्लिक करें। ऊपर से सही असेसमेंट ईयर (जैसे AY 2026-27) चुनें।

5.PDF या Excel में डाउनलोड करें:PDF खोलने के लिए पासवर्ड डालें.

आप पूरे विवरण को PDF या JSON/Excel फॉर्मेट में डाउनलोड करने के लिए Download बटन पर क्लिक करें।
 

PDF खोलने का पासवर्ड Format: 

AIS की PDF फाइल पासवर्ड प्रोटेक्टेड होती है। इसका पासवर्ड आपका PAN (स्मॉल लेटर्स में) + आपकी जन्मतिथि (DDMMYYYY) होता है। 

उदाहरण: यदि आपका PAN ABCDE1234F और DOB 15/08/1990 है, तो पासवर्ड होगा: abcde1234f15081990।

2. Form 16 और AIS का मिलान (Reconciliation) कैसे करें? 

Form 16 आपके एम्प्लॉयर (कंपनी) द्वारा दी गई सैलरी और काटे गए TDS का प्रमाण है, जबकि AIS में आपकी सैलरी के अलावा बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयर ट्रेडिंग आदि की भी  जानकारी होती है। 

दोनों का मिलान करते समय निम्नलिखित बिंदुओं को क्रमानुसार जांचें:

1. ग्रॉस सैलरी (Gross Salary) का मिलान 

Form 16 (Part B): अपनी कुल ग्रॉस सैलरी और एम्प्लॉयर द्वारा काटे गए कुल TDS की जांच करें। 

AIS (Part B – TDS/TCS section): सैलरी कोड (192) के सामने दिख रही रकम और काटे गए TDS का मिलान Form 16 के Part A से  करें। 

ध्यान दें: यदि आपने साल के दौरान नौकरी बदली है, तो दोनों एम्प्लॉयर्स के Form 16 की कुल रकम का जोड़ AIS की कुल सैलरी से मिलना चाहिए। 

2. TDS और Form 26AS से क्रॉस-चेक 

Form 16 में दर्ज कुल TDS कटौती, AIS के TDS/TCS टैब और आपके Form 26AS में दिख रहे टैक्स क्रेडिट से पूरी तरह मैच होनी चाहिए। 

3. अन्य आय (Other Income) की पहचान 

AIS में सैलरी के अलावा कई ऐसी आय दर्ज होती हैं जो Form 16 में नहीं होतीं: 

बैंक ब्याज (Savings/FD Interest): पासबुक और बैंक से मिले इंटरेस्ट सर्टिफिकेट से इसका मिलान करें। 

डिविडेंड (Dividend Income): शेयर या म्यूचुअल फंड से मिले डिविडेंड को क्रॉस-चेक करें। 

कैपिटल गेन्स (Shares/MF Sale): शेयर या प्रॉपर्टी बिक्री से हुई कमाई AIS के SFT Information में दिखती है।
 

यदि AIS में गलत जानकारी या अंतर दिखाई दे तो क्या करें? 
 

अगर AIS में कोई ऐसी इनकम दर्ज दिख रही है जो आपकी नहीं है या कोई आंकड़ा दो बार (Duplicate) दर्ज हो गया है, तो आप पोर्टल पर Feedback दे सकते हैं: 

1. AIS Portal पर उस गलत एंट्री/लाइन आइटम पर क्लिक करें। 

2. Optional / Feedback बटन चुनें।

3. उपयुक्त विकल्प चुनें (जैसे: Information is not correct, Income is not taxable, या Information relates to  other PAN/Year)।

4. इसे सबमिट कर दें। सबमिट करने के बाद आपकी TIS (Taxpayer Information Summary) अपने आप अपडेट हो जाएगी।

Claiming Will in India: वसीयत से संपत्ति कैसे करें क्लेम? नॉमिनी और प्रोबेट के ये नियम जानना है बेहद जरूरी

Inheritance and Will Rules in India: किसी रिश्तेदार या परिजन के निधन के बाद उनकी संपत्ति जैसे- बैंक में पड़े रुपए, इनवेस्टमेंट, म्यूचूअल फंड्स और प्रॉपर्टी के बंटवारे में वसीयत की भूमिका सबसे अहम होती है। हालांकि, वसीयत होने के बावजूद कई बार कानूनी जानकारी न होने के कारण वारिसों को संपत्ति अपने नाम कराने में लंबी कागजी कार्रवाई और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है।

सबसे बड़ी गलतफहमी ‘नॉमिनी’ और ‘वसीयत के लाभार्थी’ को एक ही समझने से होती है। आइए आपको बताते हैं कि भारत में वसीयत के जरिए संपत्ति का दावा कैसे किया जाता है और इसके लिए किन नियमों और दस्तावेजों की जरूरत होती है।

नॉमिनी ही मालिक नहीं होता, ये है सबसे बड़ी गलतफहमी

अधिकांश लोग यह मानते हैं कि बैंक खाते, म्यूचुअल फंड या शेयर में जिसे नॉमिनी बनाया गया है, वही उस संपत्ति का असली मालिक बन जाता है। कानूनी रूप से यह धारणा बिल्कुल गलत है। कानून की नजर में नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी या कस्टोडियन होता है। उसका काम सिर्फ संपत्ति को संभालना होता है।

संपत्ति का असली मालिकाना हक उसी व्यक्ति को मिलता है जिसका नाम वसीयत में लाभार्थी के रूप में दर्ज हो। अगर नॉमिनी और लाभार्थी अलग-अलग व्यक्ति हैं, तो नॉमिनी को वह संपत्ति वसीयत के हकदार को सौंपनी होगी।

प्रोबेट क्या है और यह कब जरूरी होता है?

प्रोबेट अदालत द्वारा जारी किया गया एक कानूनी प्रमाण पत्र है, जो वसीयत की प्रामाणिकता और वैधता की पुष्टि करता है।

कब पड़ती है जरूरत?: अगर परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद हो, वसीयत की वैधता पर कोई संदेह जताए, या बहुत बड़ी संपत्ति/अचल जायदाद शामिल हो, तो वित्तीय संस्थान और अथॉरिटी प्रोबेट की मांग करते हैं।

क्या यह हर मामले में जरूरी है?: हर मामले में प्रोबेट की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन प्रेसिडेंसी शहरों जैसे- मुंबई, कोलकाता, चेन्नई के कुछ संपत्ति मामलों या विशेष संस्थानों के नियमों के तहत प्रोबेट अनिवार्य हो सकता है।

क्लेम करने के लिए जरूरी दस्तावेज

वसीयत होने के बावजूद संपत्ति हस्तांतरण के लिए सही कागजात होना अनिवार्य है। मुख्य दस्तावेजों की सूची नीचे दी गई है:

  1. मृत्यु प्रमाण पत्र: मूल या सत्यापित प्रति।
  2. वसीयत की प्रति: मूल वसीयत या प्रोबेट (अगर लागू हो)।
  3. वारिस का पहचान व पता प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि।
  4. कानूनी वारिस प्रमाण पत्र: कुछ मामलों में बैंक या संस्थाएं इसकी मांग कर सकती हैं।

बैंकों और म्यूचुअल फंड्स के अपने नियम

बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां, म्यूचुअल फंड हाउस और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन अथॉरिटीज के पास क्लेम प्रोसेस के लिए अपने अलग-अलग प्रोटोकॉल होते हैं। प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान के क्लेम फॉर्म और नियमों को ध्यान से पढ़ें। सभी आवश्यक दस्तावेजों को एक साथ जमा करने से क्लेम एप्लीकेशन रिजेक्ट नहीं होता है और प्रक्रिया तेजी से पूरी होती है।

शुरुआत से पहले पूरी संपत्ति का ब्योरा बनाएं

अक्सर एक वसीयत में कई तरह की संपत्तियों जैसे- बचत खाते, एफडी, डिमैट अकाउंट, प्रॉपर्टी, इंश्योरेंस पॉलिसी का जिक्र होता है। क्लेम प्रोसेस शुरू करने से पहले कानूनी वारिसों को सलाह दी जाती है कि वे मृतक की सभी संपत्तियों, खातों और निवेशों की एक व्यवस्थित सूची तैयार कर लें ताकि कोई भी संपत्ति क्लेम होने से न छूटे।

डॉलर में नरमी से रुपया 26 पैसे मजबूत

Rupee

डॉलर सूचकांक में नरमी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के भारत में निवेश बढ़ाने से गुरुवार को रुपया 26 पैसे मजबूत हुआ और कारोबार की समाप्त पर एक डॉलर 95.50 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

भारतीय मुद्रा की बढ़त का यह पांचवां दिन था। इन पांच दिनों में यह 123 पैसे मजबूत हो चुकी है। पिछले कारोबारी दिवस पर यह छह पैसे चढ़कर 95.76 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी।

भारतीय मुद्रा आज 17 पैसे की बढ़त में 95.59 रुपये प्रति डॉलर पर खुली। दोपहर तक यह नीचे 95.75 रुपये प्रति डॉलर तक गयी थी, लेकिन उसके बाद फिर अपनी बढ़त और मजबूत करते हुए 95.50 रुपये प्रति डॉलर तक उतरकर उसी स्तर पर बंद हुई।

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बुधवार को समाप्त दो दिन की बैठक के बाद केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में न तो वृद्धि की और न ही इसके कोई संकेत दिये। इससे निवेशकों ने भारतीय बाजार का रुख किया।

इसके अलावा, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में करीब एक फीसदी की गिरावट देखी गयी। इससे भी रुपये को समर्थन मिला। एफपीआई ने आज भारतीय पूंजी बाजार में 57.60 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश किया।

Pic Credit : ANI

आधार अपडेट कराने बैंक गया किसान, तभी गार्ड की बंदूक से चली गोली…हुआ दर्दनाक हादसा

राजधानी दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव में रहने वाले 27 वर्षीय किसान मनीष कुमार की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई। मनीष अपना आधार कार्ड अपडेट कराने दिल्ली के एक बैंक पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में वहां ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। बैंक में गलती से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।

 सिक्योरिटी गार्ड के बंदूक से चली गोली

यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, 53 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार अपनी 12 बोर की डबल बैरल बंदूक में कारतूस भर रहे थे। इसी दौरान गलती से बंदूक से गोली चल गई। गोली मनीष कुमार की पीठ में लगी और वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही बैंक में मौजूद कर्मचारी और ग्राहक बाहर की ओर भागे। बाद में उन्होंने मनीष कुमार को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। उन्हें तुरंत इलाज के लिए राव तुला राम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बंदूक में खराबी के कारण हुआ हादसा!

पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बैंक के सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से गलती से गोली चल गई है, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक घायल को अस्पताल भेजा जा चुका था। पूछताछ में सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार ने बताया कि वह उस दिन ड्यूटी पर देर से पहुंचे थे। बैंक खुल चुका था और कर्मचारी व ग्राहक अंदर मौजूद थे। इसी दौरान वह अपनी बंदूक में कारतूस भर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई। पुलिस का कहना है कि यह हादसा लापरवाही या बंदूक में किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ हो सकता है। पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय सेना में नौकरी कर चुके हैं और वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे। पिछले दो साल से वह एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिए बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।

गिरफ्तार हुआ गार्ड

पुलिस ने जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई बंदूक को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक मनीष कुमार के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली। जांच के तहत पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बैंक खुलने के बाद बंदूक में कारतूस भरना लापरवाही थी या नहीं। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब आगे की कार्रवाई जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

Trading plan : अब निफ्टी में थोड़ा रिस्क, चाहें तो इन लेवल्स पर थोड़ा प्रॉफिट बुक करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

दतिया विधानसभा सीट पर क्या टूटेगा 2023 की वोटिंग का रिकार्ड, बंपर वोटिंग में कौन मारेगा बाजी?

मध्यप्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल विधानसभा सीट दतिया में आज मतदान हो रहा है। दोपहर 3 बजे तक 61 फीसदी से करीब मतदान हो चुका है। आज मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। वहीं दतिया उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया। वोट डाले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की जीत का दावा किया।  

 

वोटिंग ट्रैंड से भाजपा-कांग्रेस में कांटे के मुकाबले के संकेत-दतिया विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी धनश्याम सिंह के बीच कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है। दतिया के शहरों इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में सभी 291 पोलिंग बूथों पर जिस तरह से मतदान का ट्रैंड देखने को मिल रहा है, उससे यह साफ है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है, वहीं एसी वर्ग का एक बड़ा वोट बैंक दमोदर यादव के साथ भी जा सकता है। जैसे-जैसे वोटिंग का समय बीतता जा रहा है वैसे-वैसे ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही है। 

दतिया विधानसभा सीट पर अब तक हुआ मतदान इस बात की ओर साफ इशारा है कि शाम 6 बजे तक मददान प्रतिशत 2023 के विधानसभा चुनाव की तरह 80 फीसदी के उपर जा सकता है। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया विधानसभा सीट पर 80.20 फीसदी मतदान हुआ था और भाजपा प्रत्याशी नरोत्तम मिश्रा को करीब 8 हजार वोटों से कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था।   

 

दमोदर यादव साबित होंगे किंगमेकर?- दतिया विधानसभा में आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दमोदर यादव गेमचेंजर साबित हो सकते है। दतिया विधानसभा में एससी वोटर्स की संख्या 60 हजार के करीब है और दतिया के ग्रामीण इलाकों में एससी वोटर्स का झुकाव दामोदर यादव की ओर हो सकता है। इसके साथ ओबीसी समाज का एक वोट बैंक भी दमोदर यादव के साथ जा सकता है।  

 

सोशल मीडिया से वायरल कंटेट से किसका नफा-किसका नुकसान?-दतिया में पोलिंग के दिन सोशल मीडिया पर जिस तरह कंटेट वायरल हुए उसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ सकता है। सुबह 7 बजे मतदान शुरु होते ही सोशल मीडिया पर भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह को उनके पद से निष्कासित करने का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस फर्जी पत्र के लिए भाजपा ने किश रावत नाम के शख्स के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। चुनाव आयोग से शिकायत भाजपा ने आरोप लगाया है कि किश रावत ने फेसबुक पर भ्रामक और आपत्तिजनक पत्र अपलोड किया, जिसके कारण दतिया के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है और इसके कारण कानून और व्यवस्था की स्थिति उत्तपन्न हो सकती है। भाजपा ने किश रावत के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

दतिया विधानसभा सीट पर कुशवाह वोटर्स की संख्या 40 हजार से उपर है और चुनाव में कुशवाह वोटर्स निर्णायक भूमिका निभा सकते है, इसलिए पोलिंग के ठीक पहले बुधवार शाम वार्ड एक से पार्षद रहे कल्लू कुशवाह हत्याकांड मामले में उनकी पत्नी संतोष कुशवाह का भाजपा का विरोध करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में कल्लू कुशवाह की पत्नी ने अपने पति के हत्याकांड के आरोपी साहब सिंह यादव के भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के साथ चुनाव प्रचार करने का आरोप लगाया। इसके साथ उन्होंने कुशवाह समाज के वोटर्स से भाजपा को हराने की अपील की। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दतिया के भाजपा के कुशवाह समाज के नेताओं और पार्षदों के वीडियो आए जिसमें  कुशवाह समाज से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की गई।