पर्सनल लोन अपने तेज अप्रूवल प्रोसेस और बिना कोलेटरल (कोई एसेट गिरवी रखने की शर्त) की जरूरत के कारण भारत में एक लोकप्रिय फाइनेंसिंग विकल्प है. भारत में पर्सनल लोन पर इंटरेस्ट रेट आमतौर पर 10.5% से 24% सालाना तक होता है, जो अलग-अलग लेंडर पर निर्भर करता है. आपकी इनकम, क्रेडिट स्कोर, जॉब स्टेबिलिटी और उम्र जैसे फैक्टर यह तय करते हैं कि आपको कितने इंटरेस्ट रेट पर लोन मिलेगा.
अच्छा क्रेडिट स्कोर और स्टेबल इनकम होने पर सस्ते इंटरेस्ट रेट पर लोन मिल सकता है, वहीं जॉब स्टेबिलिटी जैसे अन्य फैक्टर भी अहम भूमिका निभाते हैं. पर्सनल लोन पर इंटरेस्ट रेट नेगोशिएबल भी होता है, यानी आप अपनी फाइनेंशियल प्रोफाइल के आधार पर बेहतर शर्तों पर लोन ले सकते हैं.
आप मनीकंट्रोल (Moneycontrol) के डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म पर अपना क्रेडिट स्कोर फ्री में चेक कर सकते हैं. मनीकंट्रोल पर आप 10+ लेंडर के 50 लाख रुपए तक के पर्सनल लोन ऑफर भी एक्स्प्लोर कर सकते हैं. ये लोन ऑफर 9.99% सालाना के किफायती इंटरेस्ट रेट से शुरू होते हैं. इसका प्रोसेस 100% डिजिटल है, जिससे कुछ ही मिनटों या घंटों में पैसा आपके अकाउंट में आ सकता है.
पर्सनल लोन पर इंटरेस्ट रेट कम कैसे करें?
लेंडर किसी ग्राहक को कम इंटरेस्ट रेट ऑफर करने से पहले कई क्राइटेरिया देखते हैं. हालांकि, सभी लेंडर इंटरेस्ट रेट नेगोशिएशन के लिए तैयार नहीं होते.
अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखें
हाई क्रेडिट स्कोर का मतलब है बेहतर क्रेडिटवर्थिनेस. जिन ग्राहकों का स्कोर अच्छा होता है, उन्हें बैंक और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन सबसे सस्ते इंटरेस्ट रेट पर पर्सनल लोन ऑफर करते हैं.
अगर आपका स्कोर 750 से कम है तो उसे सुधारने के तरीकों पर काम करें. 750 से ऊपर स्कोर होने पर आपको कम इंटरेस्ट रेट पर पर्सनल लोन मिलने की संभावना ज्यादा होती है.
एक्सक्लूसिव ऑफर देखें
बैंक अक्सर त्योहारों या सालगिरह जैसे खास मौकों पर पर्सनल लोन पर कम इंटरेस्ट रेट का ऑफर देते हैं. इन ऑफर की जानकारी पाने के लिए बैंक की वेबसाइट चेक करें या कस्टमर केयर से संपर्क करें.
ऐसे प्रमोशनल पीरियड में लोन अप्लाई करने से कम इंटरेस्ट रेट मिल सकता है और रीपेमेंट आसान हो जाता है. हालांकि, हिडन चार्ज से बचने के लिए ऑफर की टर्म्स एंड कंडीशंस ध्यान से जरूर पढ़ लें.
अगर आप समय पर EMI या क्रेडिट कार्ड बिल नहीं चुकाते, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिरता है. बैंक इंटरेस्ट रेट तय करते समय आपकी पेमेंट हिस्ट्री पर खास ध्यान देते हैं. इसलिए EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं, बार-बार लोन के लिए अप्लाई करने से बचें और क्रेडिट कार्ड यूज लिमिट कम रखें.
इंटरेस्ट रेट की तुलना करें
किसी एक बैंक से पर्सनल लोन लेने से पहले NBFCs और अन्य बैंकों के इंटरेस्ट रेट ऑफर की तुलना जरूर करें. इससे आप सबसे सस्ते रेट पर लोन पा सकते हैं.
फाइनेंशियल स्टेबिलिटी दिखाएं
जिन ग्राहकों की इनकम रेगुलर और स्टेबल होती है, उन्हें बैंक प्राथमिकता देते हैं. सैलरी स्लिप, ITR, जॉब लेटर और बैंक स्टेटमेंट जैसे डॉक्युमेंट देकर आप अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी साबित कर सकते हैं और कम इंटरेस्ट रेट पर लोन पा सकते हैं.
सही लेंडर से नेगोशिएशन करें
लोन अप्लाई करने से पहले अलग-अलग लेंडर के इंटरेस्ट रेट, टेन्योर, अमाउंट, रीपेमेंट शर्तों और फीस की तुलना करें. अगर आप पहले से किसी बैंक के ग्राहक हैं या आपकी उस लेंडर के साथ अच्छी रिलेशनशिप है, तो आपके पास इंटरेस्ट रेट नेगोशिएट करने का मौका होता है. सस्ता इंटरेस्ट रेट लेने के लिए लोन एप्लिकेशन के साथ लिखित में रिक्वेस्ट भेजना सबसे अच्छा तरीका है.
कुल मिलाकर, पर्सनल लोन पर कम इंटरेस्ट रेट पाने के लिए आपको अच्छे क्रेडिट स्कोर, स्टेबल इनकम और स्पेशल ऑफर पर ध्यान देना चाहिए. अलग-अलग विकल्पों की तुलना करके और शर्तों को समझकर आप बेहतर डील पा सकते हैं.
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Startup News: गूगल (Google) के एक पूर्व कर्मचारी ने करीब 9.3 करोड़ रुपये (लगभग 10 लाख डॉलर) सालाना की नौकरी छोड़कर अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप शुरू किया है। 41 वर्षीय यूसुफ इमरान (Yousuf Imran) का कहना है कि AI ने लोगों के लिए अपना बिजनेस शुरू करने और नए अवसर बनाने के रास्ते खोल दिए हैं।
पूर्व गूगल अकाउंट एग्जीक्यूटिव यूसुफ इमरान ने कहा कि Google में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें FOMO (कुछ छूट जाने का डर) महसूस हुआ क्योंकि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियाँ ऐसे स्टॉक पैकेज दे रही थीं जिनमें जिंदगी बदलने की क्षमता थी।
एक साल में कमाए करीब 9.3 करोड़ रुपये
Business Insider में प्रकाशित एक आर्टिकल के अनुसार, यूसुफ इमरान ने बताया कि उन्होंने पिछले साल Google में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के तौर पर करीब 9.86 लाख डॉलर (लगभग 9.3 करोड़ रुपये) कमाए थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेस सैलरी करीब 1.70 लाख डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी। जबकि उनकी अधिकांश कमाई कमीशन से हुई।
AI बूम के बीच महसूस हुआ ‘FOMO’
इमरान ने कहा कि Google में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें AI इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ते अवसरों को लेकर फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) महसूस होने लगा। उन्होंने कहा कि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियां कर्मचारियों को ऐसे स्टॉक विकल्प दे रही थीं। इनकी भविष्य में बड़ी वैल्यू हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने नौकरी की सुरक्षा के बजाय अपने स्टार्टअप में हिस्सेदारी को ज्यादा महत्वपूर्ण माना।
बिना इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के शुरू किया AI प्रोजेक्ट
करीब 15 साल सेल्स सेक्टर में काम करने के बाद इमरान 2020 में Google से जुड़े थे। वहां वे ग्राहकों को Google के AI और मशीन लर्निंग समाधान अपनाने में मदद करते थे। उन्होंने बताया कि नौकरी के बाद रात और वीकेंड में वे ChatGPT, Claude और Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर ऐप्स और साइड प्रोजेक्ट्स बनाते थे। जबकि उनका सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का कोई औपचारिक अनुभव नहीं था।
छंटनी ने बदल दी सोच
इमरान के मुताबिक, Google में हाल के वर्षों में हुई छंटनी ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि केवल बड़ी कंपनी में नौकरी ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी नहीं है। उन्होंने देखा कि कई प्रतिभाशाली कर्मचारियों की भी नौकरी चली गई। इसके बाद उन्होंने अपना उद्यम शुरू करने का फैसला किया।
सेल्स में लगभग 15 साल बिताने के बाद, इमरान 2020 में गूगल से जुड़े और क्लाइंट्स को गूगल के AI मशीन लर्निंग सॉल्यूशन को लागू करने में मदद की। इमरान ने बताया कि उनकी बेस सैलरी लगभग 170,000 डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी, जबकि उनकी ज़्यादातर कमाई कमीशन से होती थी, जिससे उनकी सालाना W-2 कमाई लगभग 986,000 डॉलर (करीब 9.3 करोड़ रुपये) हो गई।
शुरू किया अपना AI स्टार्टअप
अप्रैल 2026 में उन्होंने Google छोड़कर Mangosteen Studio नाम से अपना AI स्टार्टअप शुरू किया। यह कंपनी सेल्स प्रोफेशनल्स के लिए AI आधारित टूल विकसित करती है। इमरान ने बताया कि उन्होंने पहले से पूरी वित्तीय योजना बनाई थी। स्टार्टअप को दो साल तक चलाने के लिए करीब 2 लाख डॉलर अलग रखे थे। जबकि अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के लिए 1.5 लाख डॉलर की बचत भी की थी।
‘AI हर किसी को नया मौका दे रहा है’
इमरान का कहना है कि AI केवल इंजीनियरों के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी लोगों के लिए भी नए अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा, “जो लोग अपने करियर में ठहराव महसूस कर रहे हैं या नई चुनौती चाहते हैं, उनके लिए AI कुछ नया बनाने का अवसर दे रहा है। सबसे जरूरी चीज आपके क्षेत्र का अनुभव है। मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं था, लेकिन मैंने 20 साल तक सेल्स प्रोफेशनल्स की समस्याओं को समझा और उसी अनुभव के आधार पर अपना बिजनेस शुरू किया।”
June was a busy month for automobile industry, bringing us the updated Toyota Innova Crysta, Mercedes-Benz S-Class facelift, Maruti Wagon R flex-fuel, Citroen eC3X and Porsche 911 GT3. With July marking the start of the second half of 2026, several more models are lined up. Here is a look at the cars set to either launch or debut next month.
2026 Renault Kwid facelift
Launch date: July 3
Current Renault Kwid (image used for representation).
Renault’s answer to Maruti Alto K10 was first launched in 2015, followed by a facelift in 2019. The current model has been on sale for seven years, and is pretty long in the tooth. Part of Renault’s “rethink strategy”, the entry-level hatchback is set to receive its second facelift in July. Based on spy shots from before, it could get fresh Y-shaped LED daytime running lamps similar to those on the international-spec Duster, new bumpers and tail-lights.
Upgrades such as standard six airbags, a bigger touchscreen, a new steering wheel and instrument cluster are likely. The Kwid is currently available only with a 69hp, 92.5Nm 1.0-litre petrol engine paired to either a manual gearbox or an AMT unit, which could be carried over. Currently priced between Rs 4.30 lakh and Rs 5.88 lakh, ex-showroom, a slight price bump is likely with the facelift.
Nissan Tekton
Debut date: July 9
Nissan has been drip-feeding teasers of the Tekton, the Japanese carmaker’s version of the Duster, revealing features such as LED headlights, pull-type door handles at the front and C-pillar-mounted ones at the rear, multi-spoke alloy wheels, a twin-ridge spoiler and C-shaped tail-lights.
The Tekton will be offered with 100hp, 166Nm 1-litre and 163hp, 280Nm 1.3-litre turbo-petrol engine options. A 6-speed manual gearbox will be offered with both engines, but an automatic gearbox – a 7-speed DCT in this case – will be limited to the more powerful mill.
The Tekton is expected to be priced similarly to the Duster, which starts at Rs 10.49 lakh and goes up to Rs 18.69 lakh for the top-spec turbo-petrol variant. In addition to the Duster, the Tekton will take on the likes of the Tata Sierra, Hyundai Creta, Kia Seltos, Skoda Kushaq, Maruti Grand Vitara and more.
Wuling Starlight 560-based JSW-MG SUV
Debut date: July 16
Wuling Starlight 560 (image used for representation).
JSW-MG Motor’s new SUV debuting in July is likely to be a rebadged version of the Wuling Starlight 560 SUV, for which a design patent was filed in India in March. The Starlight 560 is a 4,745mm-long SUV and features LED headlights, 18-inch alloy wheels and LED tail-lights. Inside, the seven-seater SUV gets a dual-tone cabin, a 12.8-inch touchscreen, an 8.8-inch digital driver’s display, 6-speaker audio system, a 50W wireless phone charger and a panoramic sunroof.
In international markets, the Starlight 560 is available in plug-in hybrid and EV guises. For instance, the PHEV has a 1.5-litre petrol engine and a front-mounted electric motor powered by a 20.5kWh battery. Combined, this hybrid setup produces 195hp and 230Nm and offers a claimed range of over 1,000km. Meanwhile, the all-electric version gets a 69.2kWh battery and a 201hp motor at the front, with a CLTC-claimed range of 530km. It remains to be seen which powertrain is headed to India.
We expect it to be priced competitively, much like other MG models. The PHEV version could serve as an alternative to the Mahindra XUV 7XO and Tata Safari, while the EV may rival the Mahindra XEV 9S.
Maruti Brezza facelift
Debut date: July 23
Current Maruti Brezza (image used for representation).
The current-generation Maruti Brezza was launched in 2022, and it’s set to get a mid-lifecycle update towards the latter half of July. Several test mules of the Brezza facelift have been spied before, and among expected updates are revised bumpers and new alloy wheels and a larger 10.1-inch infotainment touchscreen, replacing the current 9-inch unit. The Brezza is currently offered with the 103hp, 137Nm 1.5-litre naturally aspirated petrol engine with a choice between 5-speed manual and 6-speed automatic gearboxes; a CNG option is on offer as well. The new Brezza could get a Victoris-like underbody CNG tank setup to liberate more space in the boot.
However, the biggest change to the new Brezza could be under the hood, as it’s expected to get a turbo-petrol engine for the first time. It’s likely going to be the 1.0-litre three-cylinder Boosterjet unit that powers the Fronx, where it generates 100hp and 148Nm. The engine could be paired with a new 6-speed manual transmission, something that was seen in one of the interior spy shots earlier.
Having a 1.0-litre turbo-petrol engine would also mean a lower 18 percent tax on the Brezza facelift variants with this engine, as they will then fall under sub-4m cars with petrol engines up to 1,200cc category. The current Brezza 1.5 attracts 40 percent GST, and is priced between Rs 8.26 lakh and Rs 12.86 lakh, ex-showroom.
Skoda Kodiaq RS
Launch date: Not disclosed yet
Even before the price announcement, the first 50 units of Skoda Kodiaq RS allocated for India are already sold out. Compared to the standard Kodiaq, the RS stands out with sportier bumpers, 20-inch alloy wheels, a larger roof spoiler, dual exhaust tips and RS badging
Under the hood, the RS has a retuned version of the standard Kodiaq’s 2.0-litre four-cylinder turbo-petrol engine, producing 265hp and 400Nm. That is 61hp and 80Nm more than the standard model. The engine is paired with a 7-speed dual-clutch automatic gearbox and an all-wheel-drive system. Skoda claims a 0-100kph time of 6.3 seconds, making it the “quickest Skoda ever [to be] launched in India”. It also gets Dynamic Chassis Control Plus adaptive suspension.
The fully imported Kodiaq RS is expected to be priced between Rs 60 lakh and Rs 65 lakh, ex-showroom). That would make it around Rs 15-20 lakh more expensive than the locally assembled Kodiaq L&K.
Honda ZR-V
Launch date: Not disclosed yet
Pre-bookings for the Honda ZR-V hybrid SUV have been underway since May and upon launch, it’ll be the brand’s flagship SUV here. It gets features like LED headlights, 18-inch alloy wheels, wraparound tail-lights, 9-inch touchscreen, a 10.25-inch digital driver’s display, dual-zone climate control, a wireless phone charger and a 12-speaker Bose sound system.
The ZR-V hybrid has a 2.0-litre four-cylinder petrol engine along with two electric motors, and this setup produces combined outputs of 184hp and 315Nm. An e-CVT sends drive to the front wheels and the SUV has a claimed 0-100kph time of 8 seconds and Honda claims a 22.79kpl mileage for the hybrid SUV. Being a CBU import, the Honda ZR-V hybrid may be priced around Rs 45 lakh, ex-showroom. If that happens, the ZR-V will find itself in the company of the Skoda Kodiaq and Volkswagen Tayron.
2026 Toyota Hilux
Launch date: Not disclosed yet
Toyota debuted the ninth-generation Hilux in 2025 and much like the outgoing model, the new pickup truck is based on the brand’s IMV body-on-frame platform. The new Hilux gets slimmer LED headlights, honeycomb-patterned grille, vertically oriented tail-lamps with C-shaped LED daytime running lamps and a chunky rear bumper. It is leagues more modern on the inside, featuring twin 12.3-inch displays, a new steering wheel, a wireless charging pad, powered and ventilated front seats and more.
The new Hilux is expected to be offered with Toyota’s 204hp, 500Nm 2.8-litre diesel engine with a 48V mild hybrid system as the Fortuner Neo Drive. While the Hilux even gets an EV version in overseas markets, that is unlikely for India. The current Hilux is priced between Rs 28.52 lakh and Rs 36 lakh, ex-showroom.
Silver Rate Today: अगर आप भी चांदी के गहने खरदीने या निवेश करने का प्लान कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, आज यानी 30 जून को बुलियन मार्केट में चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। जिसके बाद दिल्ली के सर्राफा बाजार में 1 किलो चांदी की कीमत 2,19,412 हो गई। वहीं, कल सुबह चांदी का भाव 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला था लेकिन शाम में बुलियन मार्केट में 2.19 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
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शहर
चांदी का भाव (₹ प्रति किग्रा)
10 ग्राम का भाव (₹)
100 ग्राम का भाव (₹)
कल की गिरावट
दिल्ली
2,19,414
2,194
21,940
887 रुपये/किग्रा
लखनऊ
2,21,167
—
—
894 रुपये/किग्रा
मुंबई
2,19,631
—
—
जानकारी नहीं
हैदराबाद
2,19,850
—
—
जानकारी नहीं
पटना
2,19,412
—
—
887 रुपये/किग्रा
जयपुर
2,19,412
—
—
जानकारी नहीं
पिछले 5 महीने से 1.90 लाख रुपये सस्ती हुई चांदी
साल की शुरुआत में MCX पर चांदी का भाव 4,10,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। वहीं, इस समय चांदी का भाव 2,19,400 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। अगर शुरु से अब तक यानी बीते पांच महीने में चांदी के दाम की तुलना करें तो इसका रेटॉ अपने पीक से 1.90 लाख रुपये कम हो गया है। फिलहाल, चांदी में अभी भी लगातार गिरावट जारी है।
चांदी की बढ़ी सेल
पिछले कुछ हफ्तों में सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट का असर अब सर्राफा बाजार में साफ दिखने लगा है। ज्वैलर्स का कहना है कि दाम घटने से ग्राहकों की खरीदारी में बढ़ोतरी हुई है और बाजार में रौनक लौटती नजर आ रही है।
इसके साथ ही कई लोग कीमतों में और गिरावट की आशंका को देखते हुए घर में रखा सोना भी बेच रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि अगर आने वाले त्योहारों के सीजन में भी कीमतें इसी तरह नरम रहती हैं, तो इसका सीधा फायदा बिक्री में देखने को मिल सकता है।
Ramco Systems Share Price: रैमको सिस्टम्स के शेयरों में लगातार जारी तेजी ने इनवेस्टर्स को चौंकाया है। 30 जून को भी इस शेयर में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही यह शेयर रॉकेट बन गया। एक समय तक यह 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया था। 29 जून को भी इस शेयर में तूफानी तेजी दिखी थी। इससे शेयर का भाव 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया था।
एक महीने में 90 फीसदी चढ़ा शेयर
Ramco Systems का शेयर बीते एक महीने में करीब 90 फीसदी चढ़ चुका है। इस तेजी ने इनवेस्टर्स को चौंकाया है। खास बात यह है कि इस स्टॉक में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ी है। 29 जून को शेयर बाजार में गिरावट के बीच भी इसमें तेजी आई। 30 जून को भी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद रैमको सिस्टम्स के शेयरों में तेजी दिखी। इस तेजी से शेयर की वैल्यूएशन अचानक काफी बढ़ गई है।
FY21 के बाद पहली बार मुनाफे में आई कंपनी
30 जून को 10:15 बजे रैमको सिस्टम्स का शेयर 7.37 फीसदी चढ़कर 850 रुपये पर चल रहा था। यह कंपनी वर्ल्ड-क्लास एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रेडक्ट/प्लेटफॉर्म ऑफर करती है। इसने अपने मल्टी-टेनेंट क्लाउड एंड मोबाइल आधारित एंटरप्राइज सॉफ्टेवर से बड़ी हलचल मचाई है। कंपनी ने FY26 में 41.84 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया है। FY21 के बाद पहली बार कंपनी मुनाफे में आई है।
30 जून को शेयर बाजार में गिराव देखने को मिला। 10:25 बजे निफ्टी 0.34 फीसदी यानी 55 अंक गिरकर 23,892 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.15 फीसदी यानी 109 अंक की कमजोरी के साथ 76,615 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी और मिडकैप इंडेक्स में हरे निशान में कारोबार हो रहा था। निफ्टी आईटी इंडेक्स में गिरावट दिखी। हालांकि, 29 जून को अमेरिकी बाजारों खासकर नैस्डेक में अच्छी तेजी आई थी। इसके बावजूद 30 जून को भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। टीसीएस और इंफोसिस में 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।
Gold Silver price Today : सोने- चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। डॉलर के मजबूत होने और US में और इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से सोने की कीमतों में दबाव दिख रहा है क्योंकि यह सभी चीजें इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर डाल रही है, जिससे सोने -चांदी में हाल की गिरावट और बढ़ गई है। COMEX गोल्ड $3,981.50 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो $57.40 या 1.42% कम था, जबकि दिन में यह $3,955.40 प्रति औंस के निचले स्तर पर था। इससे पहले यह मेटल $4,032.50 प्रति औंस पर बंद हुआ था।
COMEX सिल्वर भी फिसला, जो सेशन के दौरान $57.035 प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 1.38% गिरकर $57.375 प्रति औंस पर आ गया।
मार्केट सेंटिमेंट पर इस उम्मीद का दबाव बना रहा कि US फेडरल रिजर्व महंगाई को कंट्रोल करने के लिए मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त कर सकता है। ट्रेडर अभी इस साल तीन इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं, CME फेडवॉच डेटा सितंबर में बढ़ोतरी की 63% संभावना दिखा रहा है।
मज़बूत U.S. डॉलर ने दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए कीमती मेटल्स को महंगा बनाकर बुलियन की डिमांड को और कम कर दिया।
मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स पर सबकी नजर बनी रही। ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच तनाव बना रहा, लेकिन डिप्लोमैटिक बातचीत की उम्मीदों ने सोने में कुछ सेफ़-हेवन खरीदारी की दिलचस्पी कम कर दी। ईरानी और US की बातचीत करने वाली टीमों के दोहा में मिलने की उम्मीद है, हालांकि ईरान ने कहा है कि कोई फॉर्मल मीटिंग तय नहीं की गई है।
इन्वेस्टर्स अब इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले ADP एम्प्लॉयमेंट नंबर्स और नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों सहित US के ज़रूरी इकोनॉमिक डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं, ताकि फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर और ज़्यादा क्लैरिटी मिल सके।
मार्केट ट्रेंड पर कमेंट करते हुए, रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि सोने में गिरावट का सिलसिला अब लगातार चार हफ़्तों तक बढ़ गया है और यह जनवरी 2026 के अपने रिकॉर्ड हाई $5,597 प्रति औंस से लगभग 30% नीचे बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई की लगातार चिंताओं और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की तीखी टिप्पणियों ने सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों को और पक्का कर दिया है। कोठारी के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें $70 प्रति बैरल से ऊपर जाने से भी महंगाई की चिंता बढ़ गई है, जिससे कीमती धातुओं के लिए सपोर्ट कम हो गया है।
कोठारी ने आगे कहा कि सोने के लिए मुख्य सपोर्ट अभी $3,950–$4,000 प्रति औंस की रेंज में दिख रहा है, जबकि चांदी काफी कमजोर हुई है, और हाल के सेशन में COMEX पर लगभग 10% गिरी है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Stocks to Watch: कच्चे तेल की नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 22.00 प्वाइंट्स यानी 0.09% की मामूली बढ़त के साथ 23,976.00 पर है। चूंकि आज निफ्टी के साथ-साथ बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव्स और स्टॉक्स के F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की भी मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 30 जून को सेंसेक्स (Sensex) 372.10 प्वाइंट्स यानी 0.48% की गिरावट के साथ 76,728.37 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 109.75 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 23,946.25 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।
Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर
आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट
सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज, हेक्सागॉन न्यूट्रिशन, मैजेस्टिक रिसर्च सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस और सुपरहाउस आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।
HDFC Bank
एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने 30 जून से एडिशनल डायरेक्टर (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उन्हें आरबीआई की मंजूरी मिलने पर बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा बोर्ड ने एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा को 1 सितंबर, 2026 से एचडीएफसी बैंक का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेज़िनेट और 1 दिसंबर से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाने की मंजूरी दी।
Axis Bank
एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा ने 31 अगस्त से प्रभावी इस्तीफा दे दिया है।
Bandhan Bank
राजीव मंत्री ने नए मौकों की तलाश के लिए बंधन बैंक के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 25 सितंबर से लागू होगा।
Engineers India
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अतुल गुप्ता (डायरेक्टर-कमर्शियल) को इंजीनियर्स इंडिया का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। उन्होंने 29 जून से कंपनी के सीएमडी का पदभार संभाल लिया है।
SIS
एसआईएस के बोर्ड ने ₹120 करोड़ तक के शेयर बायबैक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अगस्त 2017 में कंपनी की लिस्टिंग के बाद से यह उसका पांचवां बायबैक होगा।
Crest Ventures
क्रेस्ट वेंचर्स ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी सतलज हाउसिंग (SHPL) के जरिए प्रफुल्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के साथ एक डेवलपमेंट एग्रीमेंट रजिस्टर किया है। यह सोसाइटी मुंबई के दादर में एक बड़े क्लस्टर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
Yes Bank
यस बैंक के बोर्ड ने इक्विटी सिक्योरिटीज जारी करके ₹7,500 करोड़ तक और डेट सिक्योरिटीज जारी करके ₹8,500 करोड़ तक जुटाने की मंज़ूरी दे दी है।
RITES, Container Corporation of India
राइट्स ने कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (CONCOR) के साथ एक एमओयू किया है। इसके तहत वे CONCOR के टर्मिनल और एस्टैब्लिशमेंट्स के विकास और सुधार के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सेवाओं पर मिलकर काम करेंगे, जिसमें कॉन्सेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक के प्रोजेक्ट शामिल होंगे।
Sterling and Wilson Renewable Energy
स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी ने मिस्र और MENA क्षेत्र के प्रमुख कॉन्ट्रैक्टर में से एक हसन अल्लाम कंस्ट्रक्शन के साथ 50:50 के जॉइंट वेंचर में मिस्र के मिन्या गवर्नरेट में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए लगभग $5 करोड़ का ऑर्डर हासिल किया है।
Afcons Infrastructure
एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए हर शेयर पर ₹2 के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दी है जिसकी रिकॉर्ड डेट 23 जुलाई है।
Juniper Hotels
जुनिपर होटल्स के सीएफओ तरुण जेटली ने नए मौकों की तलाश में इस्तीफा दे दिया है। जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा।
Jagsonpal Pharmaceuticals
जगसोनपाल फार्मा ने ₹20.8 करोड़ में मुंबई की एक फार्मा कंपनी इक्विटास हेल्थकेयर में 85% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है।
SJVN
एसजेवीएन ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स (PPAs) किया है। ये एग्रीमेंट्स हिमाचल प्रदेश में कंपनी की आने वाले समय में आने वाली पनबिजली परियोजनाओं—66 MW धौलासिध HEP, 210 MW लुहरी स्टेज-I HEP और 382 MW सुन्नी डैम HEP—से बिजली की सप्लाई के लिए हैं।
बल्क और ब्लॉक डील्स
Indo Tech Transformers
आईआईएफएल एसेट मैनेजमेंट ने प्रमोटर शिर्डी साई इलेक्ट्रिकल्स से प्रति शेयर ₹2,985 के भाव पर इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स के 2 लाख शेयर (1.88% हिस्सेदारी) ₹59.7 करोड़ में खरीदे हैं।
Bliss GVS Pharma
इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर मैटेउस (Mateus) ने एरियन इन्वेस्टमेंट से प्रति शेयर ₹490 के भाव पर ब्लिस GVS फार्मा के 11.5 लाख शेयर (1.08% हिस्सेदारी) ₹56.35 करोड़ में खरीदे हैं।
Goodluck India
सेजवन-फ्लैगशिप ग्रोथ OE फंड ने प्रति शेयर ₹1420 के भाव पर गर्ग परिवार की कंपनी गुडलक इंडिया के अतिरिक्त 2.5 लाख शेयर (0.75% हिस्सेदारी) ₹35.5 करोड़ में खरीदे हैं। हालांकि प्रमोटर मनीष गर्ग ने कंपनी के 2.9 लाख शेयर (0.87% हिस्सेदारी) ₹1,420.81 के भाव पर ₹41.2 करोड़ में बेचे हैं। सेजवन के पास फ्लैगशिप ग्रोथ OE फंड समेत अपनी दो स्कीमों के जरिए मार्च 2026 तक गुडलक इंडिया में 2.46% हिस्सेदारी थी।
Multi Commodity Exchange of India
यूटीआई म्यूचुअल फंड ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX के 14.65 लाख शेयर (0.57% हिस्सेदारी) ₹425.01 करोड़ में प्रति शेयर ₹2,899.23 के भाव पर खरीदा है।
Pondy Oxides & Chemicals
प्रमोटर मंजू बंसल ने प्रति शेयर ₹1,270.27 के भाव पर पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स के 9 लाख शेयर (2.94% हिस्सेदारी) ₹114.32 करोड़ में बेच दिए। दूसरी तरफ ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स के 4.72 लाख शेयर (1.54% हिस्सेदारी) ₹59.94 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,270 के भाव पर खरीदे।
Ramco Systems
ओरेगन पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम ने रामको सिस्टम्स के 1.9 लाख शेयर (0.5% हिस्सेदारी) ₹14.73 करोड़ में प्रति शेयर ₹772.4 के भाव पर खरीदे। वहीं जेन सिक्योरिटीज ने ₹18.78 करोड़ में 2.39 लाख शेयर (0.63% हिस्सेदारी) प्रति शेयर ₹785.4 के भाव पर बेचे।
Shankara Building Products
प्रमोटर ‘द बालीगंज फैमिली ट्रस्ट’ (The Ballygunge Family Trust) ने प्रति शेयर ₹123.54 के भाव पर शंकर बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के 1.36 लाख शेयर (0.56% हिस्सेदारी) ₹1.68 करोड़ में खरीदी है।
एक्स-डेट
आज बजाज फिनसर्व, बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट, बजाज फाइनेंस, महाराष्ट्र स्कूटर्स और वेल्सपन कॉर्प के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो पटेल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स के बायबैक की भी आज एक्स-डेट है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
GIFT Nifty ने मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत दिया, जो वॉल स्ट्रीट में रात भर की बढ़त और एशियाई बाजारों में तुलनात्मक रूप से स्थिर बढ़त को ट्रैक करता है, भले ही निवेशक US-ईरान की नई बातचीत से पहले सावधानी बरत रहे थे और मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट पर नज़र रख रहे थे।
GIFT Nifty सुबह 8.31 बजे के आसपास 24,004 पर ट्रेड कर रहा था, जो 23.80 पॉइंट या 0.23 प्रतिशत नीचे था, जिससे पता चलता है कि सोमवार का सेशन गिरावट के साथ खत्म होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी आज फिर दबाव के साथ खुल सकते हैं।
भारतीय इक्विटी ने 29 जून को दो दिन की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया क्योंकि बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग ने सेंटिमेंट पर असर डाला। सेंसेक्स 372.10 पॉइंट या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर आ गया, जबकि निफ्टी 109.75 पॉइंट या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। सेशन के दूसरे हाफ में ऑटो, IT, ऑयल एंड गैस और बैंकिंग स्टॉक्स की वजह से बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जबकि बड़े मार्केट में कमजोरी ने गिरावट को और बढ़ा दिया।
AI स्टॉक्स में रिकवरी के साथ वॉल स्ट्रीट में उछाल
US मार्केट्स में रात भर टेक्नोलॉजी शेयरों की वजह से अच्छी रिकवरी हुई, क्योंकि पिछले हफ्ते की तेज बिकवाली के बाद इन्वेस्टर्स पिटे हुए AI से जुड़े स्टॉक्स में लौट आए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.59 परसेंट बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 1.18 परसेंट और नैस्डैक कंपोजिट में 2.07 परसेंट की बढ़त हुई।
हाल ही में वैल्यूएशन से हुई कमजोरी के बाद टेक्नोलॉजी स्टॉक्स ने बेहतर परफॉर्म किया, साथ ही इन्वेस्टर्स को मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से भी राहत मिली। यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के इस हफ्ते डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी रखने की उम्मीद है, हालांकि ईरान ने कहा कि वीकेंड में मिसाइल एक्सचेंज के बाद दोहा में अभी तक कोई मीटिंग तय नहीं हुई है, जिस पर इस महीने की शुरुआत में सहमति बनी थी।
एशियाई मार्केट्स मिले-जुले, US-ईरान बातचीत से पहले तेल में नरमी
शुरुआती बढ़त फीकी पड़ने के बाद मंगलवार को एशियाई मार्केट्स को दिशा पाने में मुश्किल हुई। तिमाही में अच्छी तेज़ी के बाद साउथ कोरिया के टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट आई, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.5 परसेंट और शंघाई के स्टॉक्स 0.4 परसेंट गिरे। जापान का टॉपिक्स और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 थोड़ा बदला। US फ्यूचर्स मोटे तौर पर स्थिर रहे, जबकि यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.5 परसेंट बढ़े।
US-ईरान बातचीत के बारे में निवेशकों को ज़्यादा क्लैरिटी का इंतज़ार है, जिससे तेल की कीमतें कम हुईं। ब्रेंट क्रूड लगभग 1 परसेंट गिरकर $72.4 प्रति बैरल के करीब आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $70.3 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था। यह गिरावट इस उम्मीद को दिखाती है कि वीकेंड में मिसाइल हमलों के फिर से होने के बावजूद डिप्लोमेसी से सप्लाई रिस्क कम हो सकता है।
दोहा बातचीत और मॉनसून की प्रोग्रेस पर मार्केट की नज़र
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान बातचीत के अगले राउंड से पहले इन्वेस्टर्स के डेवलपमेंट पर नज़र रखने की वजह से भारतीय इक्विटीज़ में सावधानी के साथ ट्रेड होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि हाल की जियोपॉलिटिकल उथल-पुथल के बावजूद ब्रेंट क्रूड $70-71 प्रति बैरल की रेंज के पास बना हुआ है, लेकिन चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग में कोई भी रुकावट महंगाई और ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट को लेकर चिंताएं फिर से जगा सकती है। घरेलू स्तर पर, निवेशक गर्मियों की फसल की बुआई पिछले साल की रफ्तार से पीछे रहने के बाद मानसून की प्रगति पर भी करीब से नज़र रखेंगे।
टेक्निकल नजरिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी को 24,100-24,200 ज़ोन में तुरंत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है, जबकि 23,900 पहला अहम सपोर्ट बना हुआ है। बैंक निफ्टी के लिए, 58,200-58,300 रीजन मुख्य रुकावट बना हुआ है, जबकि 57,600-57,500 ज़ोन से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
टेक्निकल नजरिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी को 24,100-24,200 ज़ोन में तुरंत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है, जबकि 23,900 पहला अहम सपोर्ट बना हुआ है। बैंक निफ्टी के लिए, 58,200-58,300 का इलाका मुख्य रुकावट बना हुआ है, जबकि 57,600-57,500 ज़ोन से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो मिला-जुला रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 29 जून को 1,350 करोड़ रुपये के भारतीय इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने लगातार पांचवें सेशन में 2,800 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी के साथ अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
भारत में कई ऐसी आध्यात्मिक और शांत जगहें हैं जो बहुत ज़्यादा भीड़भाड़ से दूर हैं और जहां जाकर मन को गहरी शांति मिलती है। ये जगहें सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक और मानसिक सुकून के लिए भी बेहद खास मानी जाती हैं। आइए जानते है भारत की 8 ऐसी शांत और कम भीड़ वाली आध्यात्मिक जगहों के बारे में जहां की खूबसूरती आपका मन को शांति और सुकून देती है:
1. तवांग मठ (अरुणाचल प्रदेश)
भारत का सबसे बड़ा मठ है, जो 400 साल पुराण और तिब्बती बौद्ध धर्म से गहराई से जुड़ा हुआ है। अक्टूबर से अप्रैल सबसे अच्छा समय होता है। यहां बर्फ से ढके हिमालय के बीच 500 से अधिक भिक्षुओं की सुबह की प्रार्थनाएं और बौद्ध मंत्रों का एक्सपीरियंस मिलता है। तवांग मठ जाने के लिए तवांग टाउन में ₹1200–₹3000 तक के होटल और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाते हैं, जबकि खाना मोमोज, थुकपा और लोकल नॉर्थ-ईस्ट डिशेज के रूप में मिलता है। यहां पहुंचने के लिए गुवाहाटी से लंबा रोड ट्रिप करना पड़ता है और परमिट भी जरूरी होता है, जिससे जर्नी थोड़ी एडवेंचरस हो जाती है।
2.ऋषिकेश, उत्तराखंड(नीलकंठ महादेव एवं वशिष्ठ गुफा की ओर)
ऋषिकेश का यह एरिया टूरिस्ट हब हो गया है, लेकिन ऊपरी तरफ जैसा नीलकंठ महादेव और वशिष्ठ गुफा अभी भी काफी शांतिपूर्ण है। सुबह 4 बजे गंगा आरती सिर्फ कम लोगों के साथ होती है, जहां सिर्फ घंटी और गंगा की आवाज सुनाई देती है। 2026 में सप्ताहांत वाहन जाना मना के बाद ये और भी चुप हो गया है। ऋषिकेश में रहने के लिए आश्रम और बजट होटल ₹500–₹3000 में मिल जाते हैं, और यहां का सात्विक भोजन बहुत सस्ता और शुद्ध शाकाहारी होता है। दिल्ली से यहां पहुंचना बहुत आसान है क्योंकि ट्रेन और बस दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं।
3. हम्पी,कर्नाटक (हेमकुटा पहाड़ी की ओर)
हम्पी का मुख्य मंदिर क्षेत्र बहुत भीड़भाड़ वाला है, लेकिन हेमकुटा हिल और अच्युतराय मंदिर के किनारे बिल्कुल शांत हैं। यहां 14वीं सदी के खंडहरों के बीच सूर्योदय ध्यान और तुंगभद्रा नदी की प्राकृतिक ध्वनि का एक्सपीरियंस मिलता है। रिवरसाइड होमस्टे ₹1500 में उपलब्ध हैं और यहां शोर-मुक्त नियमों का पालन होता है। हम्पी में रिवर साइड होमस्टे ₹800–₹2000 में मिल जाते हैं और यहां साउथ इंडियन खाना जैसे डोसा, इडली और स्थानीय थाली आसानी से उपलब्ध है। हुबली या होस्पेट से बस और ट्रेन के जरिए यहां पहुंचा जा सकता है।
4. स्पीति घाटी, हिमाचल प्रदेश (की, धनकर, ताबो मठ)
स्पीति के मठ जैसे की, धनकर और ताबो 1000 साल पुराने हैं और बेहद शांतिपूर्ण हैं। तबो मठ को “हिमालय का अजंता” भी कहा जाता है। यहां दिन में भी सिर्फ 10-15 लोग मिलते हैं। गर्मियों में नई शिमला-काजा रोड तक पहुंच आसान हो गई है, लेकिन सर्दियों में -20 डिग्री सेल्सियस के कारण पूरा सन्नाटा मिलता है। स्पीति घाटी में होमस्टे और बेसिक लॉज ₹1000–₹2500 में मिलते हैं, लेकिन यहां खाने के विकल्प सीमित होते हैं जैसे दाल, चावल और मैगी। मनाली या शिमला से रोड ट्रिप के जरिए यहां पहुंचना सबसे आसान तरीका है।
5. ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश
ये ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के बीच द्वीप पर बना है और उज्जैन जैसा भीड़भाड़ वाला नहीं है। सुबह की 7 किलोमीटर की परिक्रमा और मंदिर की घंटियों के साथ सिर्फ प्राकृतिक नदी की ध्वनि सुनाई देती है। 2026 में नया आध्यात्मिक गलियारा बना है, फिर भी ये जगह अभी भी काफी शांत है। ओंकारेश्वर में धर्मशालाएं ₹300–₹1000 में और होटल ₹1000–₹2000 में मिल जाते हैं, जबकि मंदिर के आसपास सस्ता शुद्ध शाकाहारी भोजन मिलता है। इंदौर से बस या टैक्सी के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है।
6. वेलानकन्नी चर्च,तमिलनाडु (समुद्रतट के पीछे का क्षेत्र)
चर्च क्षेत्र व्यस्त होता है, लेकिन 1 किमी का दरवाज़ा समुद्र तट के किनारे बिल्कुल शांत और शांतिपूर्ण है। लहरें और चर्च की घंटियों का मिश्रण एक आध्यात्मिक शांति का एहसास देता है। फरवरी-मार्च का समय सबसे अच्छा होता है जब त्योहार में भीड़ कम हो जाती है। वेलंकन्नी चर्च के आसपास ₹1200–₹3000 तक के होटल उपलब्ध हैं और यहां साउथ इंडियन खाना और कुछ जगहों पर सीफूड भी मिलता है। चेन्नई या तंजावुर से ट्रेन और बस द्वारा यहां पहुंचना आसान है।
7. माजुली द्वीप, असम
दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप, जहां वैष्णव सत्रों में भिक्षु भजन और रास-लीला करते हैं। यहां बांस की झोपड़ी, ब्रह्मपुत्र नदी और शाम के नाम-कीर्तन का शुद्ध मौन अनुभव मिलता है। गाड़ियाँ लगभग नहीं के बराबर हैं, इसलिए प्राकृतिक शांति मिलती है। माजुली द्वीप में बांस के बने इको-होमस्टे ₹800–₹2000 में मिल जाते हैं और यहां असमिया थाली, चावल, दाल और मछली का खाना मिलता है। जोरहाट से फेरी के जरिए इस शांत द्वीप पर पहुंचा जाता है, जो पूरी तरह प्राकृतिक और शांत अनुभव देता है।
भारत की ये सभी आध्यात्मिक जगहें सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं हैं, बल्कि आत्मिक शांति और मानसिक सुकून पाने के बेहतरीन स्थान हैं। पहाड़ों से लेकर नदी द्वीप और प्राचीन मंदिरों तक, हर जगह एक अलग आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस होती है। अगर आप शहर की भागदौड़ और तनाव से दूर शांति चाहते हैं, तो ये जगहें 2026 में आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकती हैं।
Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह इसमें भी मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है और यह पर्व भी 9 दिनों तक चलता है। हिंदू धर्म में वर्ष में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से दो प्रत्यक्ष (चैत्र और शारदीय) और दो गुप्त (माघ और आषाढ़) होती हैं। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाई जाने वाली नवरात्रि को ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।
प्रत्यक्ष नवरात्रि में जहां सांसारिक सुख, शांति और गृहस्थ जीवन की खुशहाली के लिए माता की पूजा की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से साधकों, तांत्रिकों और अघोरियों के लिए विशेष महत्व रखती है। गुप्त नवरात्रि में माता दुर्गा के 9 रूपों के साथ-साथ मुख्य रूप से दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। इनमें शामिल हैं
मां काली
मां तारा
मां त्रिपुर सुंदरी
मां भुवनेश्वरी
मां छिन्नमस्ता
मां भैरवी
मां धूमावती
मां बगलामुखी
मां मातंगी
मां कमला
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि तिथि
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ : 14 जुलाई, दोपहर 3:12 बजे से
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि समाप्त : 15 जुलाई को प्रातः 11:50 बजे तक
उदयातिथि के अनुसार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होगी और 23 जुलाई को इसका समापन होगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि पर ही घटस्थापना की जाती है, इसलिए इस बार 15 जुलाई को कलश स्थापना करनी होगी।
घटस्थापना मुहूर्त : प्रातः 6:01 से 10:17 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 4:11 से 4:52 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : इस दिन उपलब्ध नहीं
विजय मुहूर्त : दोपहर 2:45 से 3:40 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त : सायं 7:20 से 7:40 बजे तक
अमृत काल : दोपहर से सायं 5:27 बजे तक
पूजा की सामान्य विधि
कलश स्थापना : प्रतिपदा तिथि को सुबह शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है।
अखंड ज्योति : नौ दिनों तक मां के सामने घी या तिल के तेल की अखंड ज्योति जलाई जाती है।
मंत्र जाप : इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ या “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का मानसिक जाप करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।
सात्विकता : इन नौ दिनों में पूरी तरह सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य होता है।