₹15 लाख की एक FD बनाएं या 3 अलग-अलग FD में बांटें? कहां होगा ज्यादा फायदा, समझिए पूरा हिसाब

FD calculator: आपके पास ₹15 लाख हैं। आप चाहते हैं कि पैसा सुरक्षित रहे और उस पर अच्छा ब्याज भी मिले। ऐसे में सवाल उठता है कि पूरी रकम एक ही FD में लगाएं या 5-5 लाख रुपये की तीन अलग-अलग FD बनाएं? पहली नजर में दोनों तरीके एक जैसे लगते हैं। लेकिन जरूरत पड़ने पर यही फैसला आपके काफी काम आ सकता है।

सबसे पहले समझिए कि तीन FD बनाने से ज्यादा ब्याज नहीं मिलता। अगर बैंक, ब्याज दर और निवेश की अवधि एक जैसी है, तो दोनों तरीकों से कुल कमाई बराबर होगी। असली फर्क पैसे निकालने की सुविधा और जमा रकम के बीमा कवर में पड़ता है।

₹15 लाख की FD पर कितना ब्याज मिलेगा?

मान लीजिए कि आप ₹15 लाख की FD तीन साल के लिए कराते हैं। बैंक सालाना 7% ब्याज दे रहा है। ब्याज हर तिमाही जुड़ता है। अब इसी दर और अवधि पर तीन अलग-अलग FD का हिसाब भी देखते हैं।

निवेश का तरीकाशुरुआती रकम3 साल बाद कुल रकमकुल ब्याज
सिंगल FD₹15,00,000₹18,47,159₹3,47,159
पहली FD₹5,00,000₹6,15,720₹1,15,720
दूसरी FD₹5,00,000₹6,15,720₹1,15,720
तीसरी FD₹5,00,000₹6,15,720₹1,15,720
तीनों FD का कुल₹15,00,000₹18,47,159₹3,47,159

नोट: कैलकुलेशन 7% सालाना ब्याज दर और तिमाही चक्रवृद्धि के आधार पर तीन साल के लिए किया गया है। वास्तविक रिटर्न बैंक की शर्तों के मुताबिक अलग हो सकता है।

तीन FD के मामले में हर FD में ₹5 लाख जमा होंगे। तीन साल बाद हर FD की रकम करीब ₹6.16 लाख होगी। तीनों को मिलाने पर कुल रकम करीब ₹18.47 लाख बनेगी। यानी दोनों तरीकों से करीब ₹3.47 लाख का ब्याज मिलेगा। सिर्फ FD की संख्या बढ़ाने से कमाई नहीं बढ़ती।

जरूरत पड़ने पर कौन-सा तरीका ज्यादा काम आएगा?

अब मान लीजिए कि आपने ₹15 लाख की एक FD बनाई है। कुछ समय बाद घर में कोई जरूरी खर्च आ जाता है। आपको ₹3 लाख चाहिए। ऐसे में पूरी FD समय से पहले बंद करनी पड़ सकती है। बैंक की शर्तों के मुताबिक, इससे मिलने वाला ब्याज कम हो सकता है या पेनाल्टी लग सकती है।

इसके बजाय आपने ₹5-5 लाख की तीन FD बनाई हैं। अब जरूरत पड़ने पर आप इनमें से एक FD बंद करा सकते हैं। बाकी दो FD चलती रहेंगी। इससे पूरी जमा रकम को समय से पहले निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अगर बैंक डूब जाता है, तो आपकी रकम का क्या होगा

अगर आप ₹15 लाख की एक FD एक ही बैंक में कराते हैं और वह बैंक डूब जाता है, तो DICGC के नियमों के तहत आपको मूल रकम और ब्याज मिलाकर अधिकतम ₹5 लाख वापस मिलेंगे।

वहीं, अगर आप ₹5-5 लाख तीन अलग-अलग बैंकों में जमा करते हैं और तीनों बैंक डूब जाते हैं, तो हर बैंक से अलग-अलग अधिकतम ₹5 लाख मिल सकते हैं। यानी कुल ₹15 लाख तक का बीमा कवर मिल सकता है, बशर्ते हर बैंक में मूल रकम और ब्याज मिलाकर जमा राशि ₹5 लाख से ज्यादा न हो।

तो ₹15 लाख कहां निवेश करना बेहतर होगा?

अगर आपका मकसद सिर्फ ब्याज कमाना है, तो एक FD और तीन FD के बीच कोई खास अंतर नहीं है। समान ब्याज दर और अवधि पर कुल रिटर्न बराबर रहेगा।

लेकिन अगर आप चाहते हैं कि जरूरत पड़ने पर पूरी FD न तोड़नी पड़े, तो रकम को तीन FD में बांटना सुविधाजनक हो सकता है। वहीं, अगर आप जमा रकम पर बीमा कवर को अलग-अलग बैंकों में बांटना चाहते हैं, तो सिर्फ FD की संख्या बढ़ाने के बजाय अलग-अलग बैंकों में निवेश करने पर विचार करें।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।