EPFO: लगातार 10 साल तक सर्विस की है तो आपको मिलेंगी पेंशन, ऐसे कर सकते हैं मंथली पेंशन का कैलकुलेशन

ईपीएफओ अपने सब्सक्राइबर्स के लिए ईपीएफ के साथ ही एक रेगुलर पेंशन स्कीम भी चलाता है। इसका नाम एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (ईपीएस) है। इस स्कीम के तहत सब्सक्राइबर्स को रिटायरमेंट के बाद हर महीने पेंशन मिलती है। इसकी शुरुआत 16 नवंबर, 1995 को हुई थी। इस स्कीम ने फैमिली पेंशन स्कीम, 1971 की जगह ली थी। इसका मकसद सब्सक्राइबर्स को सोशल सिक्योरिटी देना है।

हर महीने ईपीएस में भी होता है कंट्रिब्यूशन

ईपीएफ के सब्सक्राइबर्स अपनी बेसिक मंथली सैलरी का 12 फीसदी ईपीएफ में कंट्रिब्यूट करते हैं। इतना ही कंट्रिब्यूशन एंप्लॉयर भी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में कंट्रिब्यूट करता है। लेकिन उसका कंट्रिब्यूशन दो हिस्सों में बंटा होता है। 8.33 फीसदी कंट्रिब्यूशन ईपीएफ में जाता है और बाकी 3.67 फीसदी ईपीएस अकाउंट में जाता है।

ईपीएस में हर महीने पेशन का प्रावधान

फैमिली पेंशन स्कीम, 1971 के तहत सब्सक्राइबर की मौत के बाद परिवार को बेनेफिट्स मिलते थे। लेकिन, ईपीएस में सब्सक्राइबर्स को पेंशन की सुविधा भी देने की शुरुआत हुई। इतना ही नहीं, सब्सक्राइबर के परिवार को भी पेंशन का प्रावधान इस स्कीम में है। इससे रिटायरमेंट के बाद सब्सक्राइबर और उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा हासिल होती है।

ईपीएस के बेनेफिट्स के लिए ये हैं शर्तें

ईपीएस का हिस्सा बनने के लिए सब्सक्राइबर्स के लिए कुछ शर्तें तय हैं। पहला, सब्सक्राइबर की नौकरी कम से कम 10 साल पूरी होनी चाहिए। इस दौरान पेंशन स्कीम में उसकी तरफ से रेगुलर कंट्रिब्यूशन किया गया होना चाहिए। सब्सक्राइबर 58 साल की उम्र में रिटायर करने के बाद ईपीएफए की तरफ से मंथली पेंशन का हकदार होगा।

न्यूनतम पेंशन हर महीने 1000 रुपये

केंद्र सरकार के 2014 के नियम के मुताबिक, ईपीएस के तहत न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये है। हालांकि, इसे बढ़ाकर हर महीने 7,500 रुपये करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। किसी सब्सक्राइबर को रिटायरमेंट पर हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी, इसका कैलकुलेशन उसकी पेंशनएबल सर्विस और रिटायरमेंट से पहले के 60 महीनों की एवरेज सैलरी के आधार पर होता है।

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ऐसे कर सकते हैं पेंशन का कैलकुलेशन 

इसके लिए पहले से एक फॉर्मूला है। इसमें पेंशनएबल सैलरी को पेंशनएबल सर्विस से गुणा किया जाता है। फिर जो संख्या आती है, उसमें 70 से भाग दिया जाता है। पेंशनएबल सैलरी का मतलब अंतिम 60 महीनों की एवरेज सैलरी से है। अगर किसी एंप्लॉयी की पेंशनएबल सैलरी 15,000 रुपये है और उसने 10 साल की सर्विस पूरी की है तो उसकी हर महीने की पेंशन करीब 2,143 रुपये बनेगी।

Viral Post: 35 KM के लिए मांगे 3000 रुपए…बेंगलुरु में 2 युवकों से ऑटो चालक ने की बदसलूकी! वायरल हुआ पोस्ट

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेंगलुरु शहर की एक कहानी तेजी से वायरल हो रही है। बेंगलुरु में एक ऑटो चालक पर 2 युवकों के साथ मारपीट करने और उनसे जबरन पैसे लेने के आरोप लगे हैं। इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक हाल ही में शहर आए थे और इसी दौरान उनके साथ ये घटना हुई। मामला सामने आने के बाद बेंगलुरु में नए आने वाले लोगों की सेफ्टी को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

ये मामला तब चर्चा में आया जब सानू नाम के एक इंजीनियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट शेयर किया। उन्होंने दावा किया कि “बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के कुछ ही समय बाद गांव से आए 2 युवा लड़कों को निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में दावा किया गया कि गांव से आए 2 युवा रोजगार की तलाश में शहर पहुंचे थे। वे SMVT रेलवे स्टेशन से होसुर जाने के लिए अट्टीबेले तक ऑटो में बैठे थे। करीब 35 किलोमीटर की यात्रा के बाद ऑटो चालक ने उनसे 3,000 रुपये की मांग की।”

 

पोस्ट के अनुसार, “युवक घबराकर मदद के लिए फोन करने लगे, लेकिन चालक ने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन छीन लिया। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस और शहर पुलिस से मदद की अपील भी की गई।

पहली बार आए थे बेंगलुरु

सानू द्वारा शेयर की गई जानकारी के अनुसार, “2 युवा पहली बार बेंगलुरु पहुंचे थे और उन्हें होसुर जाने के लिए सही रास्ते की जानकारी नहीं थी। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर एक ऑटो चालक ने उनसे संपर्क किया और कहा कि वह उन्हें बस स्टैंड तक पहुंचा देगा। आरोप है कि ऑटो चालक ने दोनों युवकों को बताया कि इस सफर के लिए 50 रुपये प्रति व्यक्ति किराया देना होगा, जिसके बाद वे उसके साथ चले गए।” पोस्ट में आगे कहा गया कि, जब ऑटो चालक को पता चला कि दोनों युवक शहर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं, तो उसने रास्ते में एक अन्य व्यक्ति को भी अपने साथ शामिल कर लिया।

छिन लिए युवक के फोन

इसके बाद 2 युवकों को लेकर ऑटो शहर से बाहर अट्टीबेले की दिशा में बढ़ा। कुछ समय बाद ऑटो एक सुनसान इलाके में जाकर रुका, जिससे दोनों युवक घबरा गए। आरोपों के अनुसार, ऑटो चालक और उसके साथी ने दोनों किशोरों से सफर के बदले 3,000 रुपये की मांग की। जब युवकों ने बताया कि उनके पास इतनी रकम नहीं है, तो दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इतना ही नहीं, आरोप है कि उन्होंने दोनों युवकों के साथ मारपीट भी की और उन पर पैसे देने का दबाव बनाया। घटना के दौरान 2 पीड़ित किशोर किसी तरह उनसे संपर्क करने में सफल हो गए थे।

उनके अनुसार, बातचीत के दौरान फोन पर घबराहट और शोर-शराबे की आवाजें सुनाई दे रही थीं। हालांकि कुछ ही देर बाद कॉल अचानक कट गई। इसके बाद जब उन्होंने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो कोई जवाब नहीं मिला। आरोप है कि उस समय तक दोनों युवकों के मोबाइल फोन उनसे छीन लिए गए थे, जिससे उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया।

शेयर किया स्क्रीनशॉट

सानू ने बाद में सोशल मीडिया पर एक नई जानकारी साझा करते हुए बताया कि 2 किशोरों को उनके मोबाइल फोन वापस मिल गए, लेकिन इसके लिए उन्हें पैसे देने पड़े। उनके अनुसार, पहले 2,000 रुपये देने की बात सामने आई थी, जबकि बाद में उन्होंने दावा किया कि कुल 2,400 रुपये का भुगतान किया गया था। आरोप है कि युवकों के पास पर्याप्त नकदी नहीं थी, इसलिए यह रकम UPI के जरिए भेजी गई। सानू ने कथित लेनदेन का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया और बेंगलुरु पुलिस को टैग करते हुए मामले की जांच की मांग की। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड से आरोपियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

X पर साझा की गई ये पोस्ट कुछ ही समय में तेजी से वायरल हो गईं। इस कथित घटना को लेकर कई यूजर्स ने हैरानी जताई और नाराजगी व्यक्त की। बड़ी संख्या में लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

‘तीन संजय की ताकत और ऑपरेशन टाइगर…’, 4 साल में दूसरी बार टूटी शिवसेना UBT, अब 6 सांसदों ने छोड़ा साथ

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से बड़ी हलचल देखने को मिली है। सोमवार 22 जून को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं। एकनाथ शिंदे ने इन नेताओं के पार्टी में शामिल होने की पुष्टि करते हुए इसे वर्ष 2022 में हुए राजनीतिक बदलाव का दूसरा चरण बताया। शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले सांसदों में संजय जाधव, संजय पाटिल, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल अष्टिकर और ओमप्रकाश निंबालकर शामिल हैं। इन सांसदों के जाने से उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका माना जा रहा है। लोकसभा में पार्टी के कुल नौ सांसद थे, जिनमें से अब छह सांसद शिंदे गुट के साथ चले गए हैं।

अब 6 सांसदों ने छोड़ा साथ

शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के लिए पार्टी के कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी था। 17 जून को दिल्ली में उद्धव ठाकरे गुट की संसदीय दल की बैठक हुई थी, लेकिन इसमें ये छह सांसद शामिल नहीं हुए थे। तभी से उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। उस बैठक में लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे के साथ राज्यसभा सांसद संजय राउत मौजूद थे। रविवार को नागेश पाटिल अष्टिकर और ओमप्रकाश निंबालकर ने भी सार्वजनिक रूप से यह साफ कर दिया था कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने जा रहे हैं। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) ने इन छह सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की बात कही थी और उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बताया था।

‘यही असली शिवसेना…’

अपने साथ आए छह सांसदों के साथ एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज उनके साथ छह मजबूत नेता खड़े हैं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि इन छह सांसदों में से तीन का नाम संजय है, इसलिए इसे “तीन संजय की ताकत” कहा जा सकता है। उन्होंने बिना नाम लिए शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर भी निशाना साधा और कहा कि जब उनके साथ इतने संजय मौजूद हैं, तो किसी दूसरे संजय की चर्चा करने की जरूरत नहीं है। शिंदे ने इस राजनीतिक घटनाक्रम की तुलना क्रिकेट से करते हुए कहा कि उनकी टीम ने अब “छक्का” लगा दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में उद्धव ठाकरे गुट से अलग होने का फैसला बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया था। उन्होंने कहा, “जहां शिवसेना की मूल विचारधारा है, वहीं असली शिवसेना है।”

चला ऑपरेशन टाइगर

शिंदे गुट ने छह सांसदों को अपने साथ जोड़ने के अभियान को “ऑपरेशन टाइगर” नाम दिया था। यह नाम शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की पार्टी के पुराने चुनाव चिह्न ‘बाघ’ से प्रेरित था। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अभियान की सफलता पर कहा कि इससे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर नेताओं का बढ़ता विश्वास दिखाई देता है। उन्होंने इस राजनीतिक स्थिति के लिए उद्धव ठाकरे को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, रविवार को भांडुप में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनका हौसला बिल्कुल नहीं टूटा है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह आगे भी अपनी पार्टी का नेतृत्व करते रहेंगे। ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी ही असली शिवसेना है और वह उसे मजबूत बनाने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।

साल 2022 में हुई शिवसेना की टूट का बचाव करते हुए शिंदे ने कहा कि उस समय कई लोगों ने दावा किया था कि उनके साथ आने वाले 40 विधायक दोबारा चुनाव नहीं जीत पाएंगे। उन्होंने बताया कि तब उन्होंने कहा था कि अगर ये विधायक चुनाव नहीं जीतते हैं, तो वह मुख्यमंत्री पद छोड़कर अपने गांव लौट जाएंगे और खेती करेंगे। शिंदे ने कहा कि बाद में हुए चुनाव में उनके साथ जुड़े 60 नेता दोबारा जीतकर आए, जिससे यह साबित हुआ कि जनता ने उनके फैसले और नेतृत्व पर भरोसा जताया।

DA Hike: महंगाई भत्ते में 20% का तगड़ा इजाफा, बंगाल सरकार का अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा

DA Hike: पश्चिम बंगाल की नव-निर्वाचित बीजेपी सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट पेश किया। इसमें राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी। सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 20% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

इस बढ़ोतरी के बाद राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाला DA/DR उनकी बेसिक सैलरी का 38% हो जाएगा। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी।

यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से पश्चिम बंगाल के कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर DA की मांग कर रहे थे। नए ऐलान के बाद राज्य और केंद्र के कर्मचारियों के DA के बीच का अंतर 42 प्रतिशत अंक से घटकर 22 प्रतिशत अंक रह गया है।

क्या होता है DA?

महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। यह बेसिक सैलरी का एक हिस्सा होता है और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर समय-समय पर संशोधित किया जाता है। DA पूरी तरह टैक्सेबल होता है।

क्यों उठ रही थी DA बढ़ाने की मांग?

केंद्र सरकार के कर्मचारी फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन और भत्ते पा रहे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के कई कर्मचारी अभी भी 5वें और 6वें वेतन आयोग की व्यवस्था के दायरे में हैं। इससे दोनों के वेतन और भत्तों में बड़ा अंतर बना हुआ है। 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह अंतर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी।

7वें वेतन आयोग का भी वादा

कर्मचारी संगठनों के मुताबिक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जनवरी 2027 से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का भी आश्वासन दिया है। इसके अलावा सरकार ने बजट में 1 लाख सरकारी नौकरियां भरने, महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना पर ₹36,000 करोड़ खर्च करने और फ्री बस सेवा के लिए ₹550 करोड़ आवंटित करने की घोषणा की है।

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Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी में तेजी, इन वजहों से कीमती मेटल्स की बढ़ी चमक

देश और विदेश में सोने और चांदी में 22 जून को तेजी लौट आई। इससे विदेशी बाजारों में तीन दिनों से सोने में जारी गिरावट पर ब्रेक लग गया। इधर, भारत में गोल्ड और फ्यूचर्स में तेजी आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में भी दोनों कीमती मेटल्स की चमक बढ़ी।

चांदी में 4800 रुपये का उछाल

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,700 रुपये चढ़कर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी 4,800 रुपये के उछाल के साथ 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 19 जून यानी शुक्रवार को चांदी में 8,040 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.2 फीसदी चढ़कर 4,028 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 19 जून को सोना गिरकर 11 जून के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया था।

गोल्ड फ्यूचर्स-सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी

इधर, इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी दिखा। शाम के कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 1.21 फीसदी यानी 1,777 रुपये चढ़कर 1,48,980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2 फीसदी के उछाल के साथ 2,37,877 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

क्रूड में गिरावट का सेंटीमेंट पर असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच डील की बातचीत पॉजिटिव रहने पर क्रूड में गिरावट आई। उधर, फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख का असर इनवेस्टर्स पर पड़ा है। इंडिपेंडेंट एनालिस्ट रॉस नोरमैन ने कहा कि हॉट मनी ऑयल से निकलकर गोल्ड में आ रहा है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।

फेड के रुख से सोने में तेजी पर लगेगी लगाम

हालांकि उन्होंने कहा कि अभी इस तेजी को गोल्ड के रुख में बदलाव के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपना रुख आक्रामक बनाए रखने का संकेत दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड की कमेंट्री से लगता है कि शॉर्ट टर्म में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। यह गोल्ड की कीमतों के लिए अच्छा नहीं होगा।

गोल्ड ईटीएफ में फिर से बढ़ रही दिलचस्पी

इस बीच, मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स ने 19 जून को एक रिपोर्ट में पेश की। इसमें कहा गया है कि इस साल की दूसरी तिमाही में गोल्ड के 5,200 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच जाने का अनुमान है। इसकी बड़ी वजह यह है कि फिर से गोल्ड ईटीएफ में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है।

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मध्यपूर्व में शांति का पॉजिटिव असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी का असर सेंटिमेंट पर पड़ा है। अमेरिका-ईरान के बीच डील को लेकर बातचीत जारी रहने की खबरें हैं। इससे मध्यपूर्व में शांति बहाल होगी। इससे फिर से सोने और चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से बुलियन में गिरावट देखने को मिली थी।

Lucknow Fire: बचने के लिए बाथरूम में छिपे, छत से लगाई छलांग…लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड अब तक 14 छात्रों की मौत

यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक बेहद ही दर्दनाक घटना घटी है। लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में लपटें विकराल हो गई। आसपास के लोगों ने सूचना दमकल को दी। हादसे में अब तक 14 छात्रों की मौत हो गई है। वहीं कई स्टूडेंट्स घायल बताए जा रहे हैं। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दूसरे फ्लोर पर चल रही कोचिंग में छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। एक बच्चे ने पहले फ्लोर से कूद कर जान बचाई। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए।

13 छात्रों का किया गया रेस्क्यू

इस भयानक अग्निकांड की त्रासदी और इसमें जान गंवाने वाले मासूमों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बेहद भावुक हो गए।  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि अब तक 13 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर और दुखद घटना है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इमारत के अंदर काफी धुआं भरा हुआ है, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है। भवन के हर हिस्से और हर कमरे की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए। उन्होंने कहा कि इमारत में बड़ी मात्रा में लकड़ी का फर्नीचर था, जिसके जलने से घना धुआं फैल गया और कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

घटना को लेकर जांच के आदेश

उन्होंने बताया कि दमकल विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर मौजूद है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र था, जहां छात्र कार्टून और ग्राफिक्स से जुड़ी पढ़ाई करने आते थे। ब्रजेश पाठक ने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घायल छात्रों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उनकी उम्र लगभग 16 से 17 वर्ष बताई जा रही है। घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक को मौके पर बुलाया गया है। उन्हें आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम योगी ने रद्द किया अपना कार्यक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड की सूचना मिलने पर अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद कर दिया। अलीगढ़ में CM योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की घटना पर कहा कि मुझे अभी लखनऊ में हुए हादसे की जानकारी मिली है। आग की घटना में कुछ बच्चों की दुखद मौत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। इस दुखद घटना के चलते मैं तुरंत लखनऊ लौट रहा हूं।

Lucknow: लखनऊ की कोचिंग सेंटर में आग, 14 स्टूडेंट की मौत…मचा हड़कंप

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला बिल्डिंग में आग लग गई। इस हादसे में अबतक 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं कई स्टूडेंट्स घायल बताए जा रहे हैं। लखनऊ के अलीगंज इलाके में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। इस घटना पर पीएम मोदी और सीएम योगी ने खेद जताया है।

अधिकारियों के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे उषा मेहता मार्ग स्थित एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी।

 फायर ब्रिगेड के लोग अंदर मौजूद

लखनऊ कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग लगने की घटना पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा, “कुल तेरह बच्चों को अभी बाहर निकाला गया है। उन सभी को हॉस्पिटल भेज दिया गया है। ये एक बड़ी घटना है। अंदर धुआं है और हर एक चीज को हटाकर चेक किया जा रहा है। हर कमरे की जांच की जा रही है।” डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने आगे कहा, “अंदर बहुत सारा लकड़ी का फर्नीचर था और उस फर्नीचर से निकलने वाले धुएं से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। फायर ब्रिगेड के लोग अंदर हैं। NDRF की टीमें मौके पर हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग एक एनिमेशन सेंटर में लगी, जहां बच्चे कार्टून और एनिमेशन से जुड़े कोर्स सीखने आते थे।”

कैसे लगी घटना अभी इसकी जानकारी नहीं

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने आगे कहा, ” मुझे अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि ये घटना कैसे शुरू हुई… घायलों को KGMC ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है। वे लगभग 16-17 साल के थे… घटना की हाई-लेवल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रिंसिपल सेक्रेटरी (होम) और DGP को मौके पर बुलाया गया है और उन्हें कारणों की जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। मैंने अपनी आंखों से 14 लाशें देखीं”

फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग पर नियंत्रण पाने के लिए 14 दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया, जिनमें 1 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाहन भी शामिल है। दमकल कर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हुए हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मामले से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है।

iPhone 18 Pro Max की डिटेल्स लीक! जानें कैमरा, कीमत, लॉन्च डेट और फीचर्स

iPhone 18 Pro Max: लंबे समय से आ रही कई लीक्स और अफवाहों को देखें तो ऐसा लगता है कि Apple iPhone 18 Pro Max जल्द ही लॉन्च हो सकता है। माना जा रहा है कि यह फोन iPhone 17 Pro Max की सफलता को आगे बढ़ाएगा, जिसे अपने दमदार फीचर्स और नए कलर ऑप्शंस की वजह से काफी पसंद किया गया था। ऐसे में iPhone 18 Pro Max से लोगों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं। आइए जानते हैं, अब तक सामने आई लीक्स, अफवाहों और रिपोर्ट्स के आधार पर इस फोन से जुड़ी सभी अनुमानित जानकारियां।

iPhone 18 Pro Max का कैमरा, स्पेसिफिकेशन्स और बहुत कुछ

Apple iPhone 18 Pro Max में 6.9-इंच का LTPO Super Retina XDR OLED डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और सिरेमिक शील्ड कोटिंग मिलेगी। इसके अलावा, यह फोन Apple A20 Pro चिपसेट पर चलेगा, जिसमें Apple का 8-कोर GPU, 12GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज होगा। अफवाहों के अनुसार, इस डिवाइस में 5100mAh की बैटरी के साथ 25W वायरलेस MagSafe चार्जिंग और 4.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है। वहीं, यह फोन तीन कलर ऑप्शन Purple, Burgundy और Coffee Brown में आने उम्मीद है।

कैमरे की बात करें तो इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप होगा, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) के साथ 48MP का प्राइमरी कैमरा, 4x ऑप्टिकल जूम वाला 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और 120-डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला 48MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा शामिल होगा। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का फ्रंट कैमरा भी दिया जाएगा।

भारत में iPhone 18 Pro Max की कीमत और लॉन्च डेट

अब तक सामने आई कई लीक्स और रिपोर्ट्स के मुताबिक, iPhone 18 Pro Max को भारत में 9 सितंबर से 14 सितंबर 2026 के बीच लॉन्च किया जा सकता है।

वहीं, इसकी 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट की अनुमानित शुरुआती कीमत ₹1,49,900 हो सकती है। हालांकि, Apple ने अभी तक इस फोन की लॉन्च डेट और कीमत को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

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Samay Raina: नेटफ्लिक्स समय रैना को दे रहा 15-20 करोड़ रुपये? वायरल पोस्ट में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ होस्ट की फीस को लेकर किया गया बड़ा दावा

Samay Raina: पिछले साल कुछ जोक्स की वजह से विवादों में घिरे शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) के दूसरे सीज़न के साथ स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना (Samay Raina) की वापसी हुई है। नए सीजन का पहला एपिसोड स्ट्रीम हो रहा है और इसमें एक्ट्रेस आलिया भट्ट के क्लिप्स ऑनलाइन तेज़ी से फैल रहे हैं, ऐसे में अब लोगों का ध्यान एक अलग सवाल पर गया है। इस शो से रैना ने कितना पैसा कमाया होगा?

यह चर्चा तब तेज़ हुई जब X यूजर पारितोष शर्मा ने एक डिटेल्ड ब्रेकडाउन शेयर किया, जिसमें अनुमान लगाया गया कि रैना ने नेटफ्लिक्स, यूट्यूब और शो से जुड़ी ब्रांड पार्टनरशिप के जरिए कितनी कमाई की होगी। इसे रैना के करियर का “सबसे बड़ा पल” बताते हुए, शर्मा ने दावा किया कि कॉमेडियन को इस प्रोजेक्ट के लिए नेटफ्लिक्स से 15 करोड़ रुपये से 20 करोड़ रुपये के बीच मिले होंगे। पोस्ट में यह भी अनुमान लगाया गया कि शो के पहले दिन यूट्यूब पर मिले 25 मिलियन व्यूज़ से लगभग 40 लाख से 50 लाख रुपये का एडसेंस (AdSense) रेवेन्यू मिल सकता है।

यूज़र ने शो में दिख रहे ब्रांड इंटीग्रेशन की ओर भी इशारा किया, जिनमें AI नोवा (AI Nova), फ्लिपकार्ट मिनट (Flipkart Minute), अवतार (Avvatar) और स्निच (Snitch) शामिल हैं। हर ब्रांड के साथ 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप डील का अनुमान लगाते हुए, शर्मा ने कहा कि इन पार्टनरशिप से कुल मिलाकर 8 करोड़ से 12 करोड़ रुपये और मिल सकते हैं।

इन हिसाब-किताब के आधार पर, पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कोई भी भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन एक ही शो से इतनी कमाई और लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया था। यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गई, जिससे डिजिटल एंटरटेनमेंट और क्रिएटर-आधारित कंटेंट की बदलती इकोनॉमिक्स पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

कई यूजर्स ने इस कथित सफलता को सालों तक दर्शकों का आधार बनाने का इनाम माना। एक कमेंट करने वाले ने कहा कि रैना ने लगातार ऐसा कंटेंट दिया जो दर्शकों को पसंद आया और अब उन्हें उस काम का फ़ायदा मिल रहा है जिसे करने में उन्हें सचमुच मज़ा आता है।

दूसरों ने कहा कि क्रिएटर्स पारंपरिक और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को मिलाने के तरीके तेज़ी से खोज रहे हैं। एक यूज़र ने कहा कि सफल कंटेंट क्रिएटर्स अब YouTube से कमाई जारी रखते हुए बड़े OTT डील भी हासिल कर रहे हैं, जिससे वे किसी एक प्लेटफ़ॉर्म को चुनने के बजाय कमाई के कई ज़रिया बना रहे हैं।

एक और कमेंट करने वाले ने कहा कि यह घटनाक्रम एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। एक दशक पहले, बड़े दर्शकों तक पहुंचने का एकमात्र ज़रिया अक्सर टेलीविज़न नेटवर्क ही होते थे। आज, क्रिएटर्स पहले बड़ी ऑनलाइन कम्युनिटी बना सकते हैं और फिर स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ फ़ायदेमंद डील कर सकते हैं।

हालांकि, कुछ यूज़र्स ने वित्तीय अनुमानों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। एक कमेंट करने वाले ने बताया कि OTT कॉन्ट्रैक्ट, विज्ञापन से होने वाली कमाई और ब्रांड इंटीग्रेशन डील का खुलासा शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से किया जाता है, जिससे ऑनलाइन शेयर किए जा रहे आँकड़ों की पुष्टि करना मुश्किल हो जाता है।