IND vs IRE: कड़ी सुरक्षा में होगी भारत-आयरलैंड टी20 सीरीज! बोर्ड ने दिया बड़ा अपडेट

अफगानिस्तान को वनडे सीरीज में 3-0 से हराने के बाद अब भारतीय टीम आयरलैंड के दौरे पर जाएगी। भारत को आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज का पहला मुकाबला 26 जून को वहीं दूसरा मुकाबला 28 जून को खेला जाएगा। इस सीरीज की शुरुआत होने से पहले बेलफास्ट में बिगड़े हालात ने बीसीसीआई की चिंता बढ़ा दी है। वहीं अब इन घटनाओं और भारतीय टीम की सुरक्षा को लेकर क्रिकेट आयरलैंड ने कहा कि, सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए मैचों के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

कड़ी सुरक्षा में होगा मैच

क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्रिकेट आयरलैंड ने कन्फर्म किया कि भारत और आयरलैंड के बीच होने वाली दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज तय कार्यक्रम के अनुसार बेलफास्ट में ही खेली जाएगी। क्रिकेट आयरलैंड ने इस संबंध में नॉर्दर्न आयरलैंड की पुलिस सर्विस से भी सलाह-मशविरा किया था, क्योंकि कुछ सप्ताह पहले शहर में सिविल डिस्टर्बेंस की घटनाएं सामने आई थीं।

कुछ दिन पहले हुआ था प्रदर्शन

नॉर्दर्न आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट में हाल ही में हुई चाकूबाजी की घटना के बाद दो दिन हालात तनावपूर्ण हो गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। विरोध-प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। वहीं, दक्षिणी इंग्लैंड के साउथैम्प्टन में भी एक हत्या के मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

टीम को कोई खतरा नहीं

क्रिकेट आयरलैंड ने कहा, “सीरीज से जुड़े सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों और अन्य लोगों की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हम नॉर्दर्न आयरलैंड की पुलिस सर्विस (PSNI), वेन्यू प्रबंधन और अपने सुरक्षा साझेदारों के साथ लगातार समन्वय में काम कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि दोनों मैचों का सुरक्षित और सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा चुके हैं।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा सुरक्षा आकलन में खिलाड़ियों, टीमों, मैच अधिकारियों, दर्शकों या स्टेडियम के लिए किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं पाई गई है। क्रिकेट आयरलैंड को मिली खुफिया जानकारी में भी ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि मैच के दिनों में किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन या गतिविधि से आयोजन प्रभावित हो सकता है।

तय तारीख पर होगा मैच

क्रिकेट आयरलैंड ने पुष्टि करते हुए कहा, “इसी वजह से 26 और 28 जून को स्टॉर्मोंट में खेले जाने वाले आयरलैंड और भारत के दोनों टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे।” क्रिकेट आयरलैंड ने कहा, “हम सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेंगे और मैचों से पहले होने वाले सभी घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे। मैच देखने आने वाले प्रशंसकों से अनुरोध है कि वे किसी भी अपडेट के लिए क्रिकेट आयरलैंड के आधिकारिक चैनलों को फॉलो करें और जरूरत पड़ने पर यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।”

Rudraprayag: 24 घंटे बाद भी नहीं निकला समाधान, नगरासू गुरुद्वारा पर निहंग सिखों का कब्जा…कर्णप्रयाग में इंटरनेट बंद

बीते मंगलवार को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय युवकों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव लगातार बना हुआ है। जानकारी के अनुसार शनिवार देर शाम पंजाब से आये कुछ निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग से आगे, रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारा पर कब्जा कर लिया है और वहां एक सेवादार को बंधक बना लिया है। वहीं नगरासू स्थित गुरुद्वारे में चल रहे निहंग सिख विवाद का 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया है। गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिख अब भी अपने रुख पर कायम हैं, जिससे प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधन और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

अलर्ट मोड में प्रशासन 

जानकारी के अनुसार, छत पर डटे निहंग सिख 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद जेल भेजे गए तीन निहंग सिखों की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं। इस बीच क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को रोक दिया गया है और ITBP के साथ ही PAC की टुकड़ी तैनात की गई है। वहीं कर्णप्रयाग, जहां झगड़े की शुरुआत हुई थी। वहां प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है, जो एक जगह पर लोगों के इक्कठा होने को प्रतिबंधित करती है।

लग रहे हैं कई आरोप

वहीं मामले को लेकर गुरुद्वारा संचालक बेहंत सिंह ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि छत पर चढ़े लोग वास्तविक और मान्यता प्राप्त निहंग सिख नहीं हैं। उनका कहना है क‍ि असली निहंग सिख किसी पंजीकृत संगठन अथवा समिति से जुड़े होते हैं, जबकि यहां मौजूद लोगों का किसी अधिकृत संस्था से संबंध नहीं है।

बढा था विवाद

उत्तराखंड में हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। पार्किंग को लेकर शुरू हुई कहासुनी निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच तलवारबाजी तक पहुंच गई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। इस घटना में एक तीर्थयात्री समेत कुल पांच लोग घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत गंभीर होने पर उसे एयरलिफ्ट कर देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की पहचान कर्णप्रयाग निवासी प्रकाश रावत (26), सुदर्शन कंडारी (55), गजपाल सिंह (50) और हरेंद्र सिंह (42) के रूप में हुई है। वहीं पांचवां घायल मनप्रीत सिंह (21) है, जो पंजाब के मोहाली का रहने वाला है। सभी घायलों का इलाज चल रहा है। हेमकुंड साहिब यात्रा इस वर्ष 23 मई से शुरू हुई थी।

इस घटना के बाद स्थानीय जिलाधिकारी (डीएम) विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) हालात को सामान्य करने और तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है, क्योंकि इसका असर पंजाब और उत्तराखंड के बीच संबंधों पर भी पड़ सकता है। वहीं, हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन एन.एस. बिंद्रा ने बुधवार को कहा कि कृपाण सिख धर्म में एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह कमजोर लोगों की रक्षा करने, अन्याय और उत्पीड़न का सामना कर रहे लोगों की मदद करने तथा धर्म के मार्ग पर चलने के सिख कर्तव्य का प्रतीक माना जाता है। एन.एस. बिंद्रा ने कहा कि मंगलवार को हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान सिखों को उनके धर्म के पालन और अभ्यास के हिस्से के रूप में कृपाण रखने का अधिकार देता है। हालांकि, हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले युवा श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बिना किसी जरूरी कारण के तलवारें साथ न रखें।

ITR Filing 2026: रिटर्न फाइल करने के बाद रिवाइज कर रहे हजारों टैक्सपेयर, जानिए क्या है इसकी वजह

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के बाद उसे रिवाइज्ड करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसकी वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की बढ़ती डेटा निगरानी है। विभाग के पास अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा वित्तीय जानकारी पहुंच रही है। ऐसे में कई लोगों को रिटर्न भरने के बाद पता चलता है कि उनकी कुछ कमाई या लेनदेन रिकॉर्ड में बाद में जुड़ गए हैं। इसके बाद उन्हें रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करनी पड़ती है।

क्यों बढ़ रहे हैं रिवाइज्ड रिटर्न?

इसकी सबसे बड़ी वजह एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) है। AIS एक ऐसा दस्तावेज है, जिसमें आपकी कमाई और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी एक जगह दिखाई देती है। इसमें सैलरी, ब्याज, डिविडेंड, म्यूचुअल फंड और शेयरों के सौदे, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री, विदेशी धन भेजने और बड़े खर्च जैसी जानकारी शामिल होती है।

समस्या यह है कि AIS एक बार में पूरी तरह तैयार नहीं होता। बैंक, कंपनियां और दूसरी संस्थाएं समय-समय पर डेटा अपडेट करती रहती हैं। ऐसे में जो लोग जल्दी ITR भर देते हैं, उन्हें बाद में AIS में नई एंट्री दिखाई दे सकती है। इसके बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना जरूरी हो जाता है।

आज इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़े पैमाने डेटा जुटा रहा है। ऐसे में रिटर्न भरते समय छूटी हुई जानकारी बाद में सामने आ जाती है।

टैक्स रिकॉर्ड्स बदलते रहते हैं

AIS और टैक्सपेयर इन्फॉर्मेशन समरी (TIS) अब स्थिर दस्तावेज नहीं हैं। इनमें रिटर्न दाखिल होने के बाद भी बदलाव हो सकता है। यानी आपने जिस दिन ITR भरी, उसके बाद भी आपके रिकॉर्ड में नई जानकारी जुड़ सकती है। यही वजह है कि कई बार रिटर्न सही भरने के बावजूद बाद में बदलाव की जरूरत पड़ जाती है।

इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब डेटा एनालिटिक्स और फेसलेस स्क्रूटनी का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है। सिस्टम अपने आप आंकड़ों का मिलान करता है। अगर कोई अंतर दिखाई देता है, तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकता है।

पहले छोटी-मोटी गड़बड़ियां नजरअंदाज हो जाती थीं। अब ऐसा नहीं है। ऐसे में कई टैक्सपेयर नोटिस आने का इंतजार करने के बजाय खुद ही रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना बेहतर समझते हैं।

AY 2026-27 के लिए डेडलाइन?

  • असेसमेंट ईयर 2026-27 के रिटर्न अभी भी Income Tax Act, 1961 के तहत दाखिल किए जाएंगे। यह बात तब भी लागू रहेगी, जब 1 अप्रैल 2026 से नया Income Tax Act, 2025 लागू हो चुका होगा।
  • मौजूदा नियमों के अनुसार Section 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक दाखिल की जा सकती है। हालांकि असेसमेंट पूरा होने के बाद यह सुविधा नहीं मिलेगी।
  • फाइनेंस बिल 2026 में इस डेडलाइन को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 करने का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन दिसंबर 2026 के बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर शुल्क देना पड़ सकता है।
  • अगर यह समय सीमा भी निकल जाती है, तो Section 139(8A) के तहत Updated Return दाखिल करने का विकल्प मिलता है। यह सुविधा 48 महीने तक उपलब्ध रहती है। हालांकि इसमें अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है।

पहली बार में सही ITR भरना क्यों जरूरी?

बार-बार रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से बेहतर है कि पहली बार में ही सही रिटर्न भरी जाए। ITR दाखिल करने से पहले AIS, TIS और Form 26AS का मिलान अपने रिकॉर्ड से जरूर करना चाहिए। इसमें Form 16, बैंक स्टेटमेंट, ब्रोकर स्टेटमेंट, ब्याज के सर्टिफिकेट और कैपिटल गेन स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज शामिल हैं।

अगर AIS में कोई गलत जानकारी दिखाई देती है, तो ‘Report Incorrect Information’ सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

जिन लोगों की कमाई के कई स्रोत हैं, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए। शेयर बाजार में निवेश करने वाले, म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले, विदेशी लेनदेन करने वाले या कैपिटल गेन कमाने वाले लोगों को ITR भरने से पहले सभी दस्तावेजों का मिलान जरूर कर लेना चाहिए।

थोड़ी-सी सावधानी बाद में रिवाइज्ड रिटर्न भरने की जरूरत को कम कर सकती है। साथ ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच या नोटिस का जोखिम भी घट सकता है।

ITR Filing 2026: टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा अपडेट! AY 2026-27 के लिए ITR-3 यूटिलिटी लाइव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Viral Post: ‘1.2 लाख कमाकर भी खुश नहीं…’ सोशल मीडिया पर वायरल हुई टेक प्रोफेशनल की पोस्ट

Viral Post: अक्सर लोग सोचते हैं कि बड़े शहर में नौकरी और ज्यादा सैलरी का मतलब बेहतर जिंदगी होता है। वहीं हाल में ही एक टेक प्रोफेशनल ने सैलरी को लेकर किया गया पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया कि मुंबई में अच्छी सैलरी मिलने के बाद भी उनका काफी पैसा किराए, आने-जाने और रोजमर्रा के खर्चों में खर्च हो जाता था। इसके कारण वह न तो ज्यादा बचत कर पा रहे थे और न ही मन की शांति महसूस कर रहे थे। वहीं, अपने छोटे शहर में कम कमाई के बावजूद उन्हें ज्यादा सुकून और बेहतर जीवन का अनुभव हुआ। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

पोस्ट में व्यक्ति ने बताया कि, मुंबई में 1.2 लाख रुपये महीने कमाने के बावजूद उन्हें उतना सुकून नहीं मिला, जितना अपने छोटे शहर में 40,000 रुपये में मिलता था। व्यक्ति ने बताया कि, बड़ी सैलरी हमेशा बेहतर जीवन की गारंटी नहीं होती, क्योंकि बड़े शहरों में रहने का खर्च और तनाव भी उतना ही ज्यादा होता है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

X पर अपनी पोस्ट में शुभ जैन ने लिखा, “मेरे होमटाउन में 40 हजार रुपये की कमाई, मुंबई में 1.2 लाख रुपये की सैलरी से ज्यादा बेहतर महसूस होती थी। मैं मुंबई में काम कर रहा था और हर महीने करीब 1.2 लाख रुपये हाथ में मिलते थे। सच कहूं तो कागज पर ये रकम काफी शानदार लगती थी, लेकिन महीने के अंत तक यह शायद ही कभी छह अंकों वाली सैलरी जैसी महसूस होती थी।”

 

बताए अपने खर्चे

शुभ जैन के अनुसार, मुंबई में उनकी 1.2 लाख रुपये की सैलरी का बड़ा हिस्सा खर्चों में चला जाता था। 1 BHK फ्लैट का किराया 30,000 रुपये, घरेलू खर्च करीब 60,000 रुपये, हाउस हेल्प और लॉन्ड्री पर 3,000 रुपये तथा बिजली और इंटरनेट पर 3,000 रुपये खर्च होते थे। इसके अलावा, फूड डिलीवरी पर 7,000 रुपये, यात्रा पर 5,000 रुपये और वीकेंड आउटिंग पर करीब 8,000 रुपये खर्च हो जाते थे, जिससे महीने के अंत तक बचत काफी कम रह जाती थी।

मेंटली थका हुआ था

उन्होंने लिखा, “मजेदार बात यह है कि 1.2 लाख रुपये कमाने के बाद भी, इसका एक बड़ा हिस्सा चुपचाप टियर-1 शहर में रहने की लागत में चला जाता था।” जैन के अनुसार, बड़े शहरों की सुविधाएं कई बार अतिरिक्त खर्च का कारण बन जाती हैं। उन्होंने कहा, “खाना बनाना है? तो खाना ऑर्डर कर दो। किराने की दुकान दूर है? तो ब्लिंकिट से मंगा लो। काम के बाद बहुत थक गए? कैब बुक कर लो। हफ्ता तनाव भरा रहा? तो वीकेंड पर खर्च करके खुद को राहत दो।” उन्होंने लिखा,”लेकिन एक समय के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं ज्यादा पैसा तो कमा रहा था, लेकिन मानसिक रूप से पहले से ज्यादा थका हुआ महसूस कर रहा था।”

घर पर मिल रही शांति

बड़े शहरों में नौकरी करने से करियर के बेहतर मौके मिलते हैं, लेकिन इसके साथ रहने का खर्च, लंबी यात्रा और व्यस्त लाइफस्टाइल जैसी चुनौतियां भी आती हैं। शुभ जैन ने बताया कि अपने होमटाउन लौटने के बाद उनकी मासिक आय घटकर करीब 40,000 रुपए रह गई, लेकिन इसके बावजूद उनकी जीवनशैली में पॉजिटिव बदलाव आया। उनका कहना है कि कम कमाई के बावजूद उन्हें पहले की तुलना में ज्यादा सुकून, बेहतर संतुलन और मानसिक शांति महसूस होने लगी, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी अधिक आसान और आरामदायक हो गई। उन्होंने लिखा, “और सबसे अजीब बात यह है कि मैं यहां आकर सच में खुद को पहले से ज्यादा अमीर महसूस करने लगा!”

जैन ने साफ किया कि उनका मकसद किसी एक शहर को दूसरे से बेहतर बताना नहीं था। उन्होंने लिखा, “मैं ये नहीं कह रहा कि टियर-3 शहर, टियर-1 शहरों से बेहतर हैं। मुंबई ने मुझे प्रोफेशनल तौर पर आगे बढ़ने का मौका दिया, लेकिन मेरे होमटाउन ने मुझे फिर से जिंदगी को करीब से महसूस करना सिखाया।” जैन ने अंत में कहा,”एक समय पर मुझे एहसास हुआ कि अच्छी कमाई करना और अच्छी जिंदगी जीना, दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं।”

कल का मौसम 22 June: IMD ने इन 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली हरियाणा राजस्थान तक आंधी तूफान, चेक करिए Weather

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और लू की स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 जून के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि मध्य भारत और कुछ उत्तरी राज्यों में लू का असर बना रहेगा।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। यहां कई जगहों पर बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में भी मानसून का असर साफ दिखाई दे रहा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। कोंकण और गोवा तथा लक्षद्वीप में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन इलाकों में बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

दिल्ली हरियाणा राजस्थान तक आंधी तूफान

उत्तर भारत में भी मौसम करवट ले रहा है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है, जबकि झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

गर्मी का प्रकोप भी रहेगा जारी 

हालांकि देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में लू चलने की संभावना है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में लू से लेकर भीषण लू तक की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी है। विदर्भ में गर्म रातों की स्थिति भी बनी रह सकती है, जिससे लोगों को रात में भी राहत मिलने की संभावना कम है।

इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग का कहना है कि 23 जून के आसपास मानसून इन राज्यों के और अधिक क्षेत्रों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ-साथ खेती के कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा। कहीं भारी बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है तो कहीं लू का असर जारी रहेगा। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

Stock in Focus: रेलवे से डिफेंस तक… इन 6 कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर, 22 जून को शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रेलवे, डिफेंस, डेटा सेंटर, पावर और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं। इनसे कंपनियों की ऑर्डर बुक और रेवेन्यू को सहारा मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि सोमवार के कारोबार में इन शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रह सकती है।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है। यह KMEW का पहला बाहरी कमर्शियल शिपबिल्डिंग ऑर्डर है। इसके जरिए कंपनी ग्रीन शिपबिल्डिंग सेगमेंट में भी कदम रख रही है।

इस बीच SBI Funds Management ने कंपनी में 1.64% हिस्सेदारी खरीदी है। वहीं प्रमोटर्स ने ब्लॉक डील के जरिए कुछ हिस्सेदारी बेची है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.91% की बढ़त के साथ 2,072.90 रुपये पर बंद हुआ।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

यह हाल के दिनों में कंपनी को मिला दूसरा बड़ा ऑर्डर है। इससे पहले जून में Adani Infrastructure Management Services से 266 करोड़ रुपये मिला था। अप्रैल में मुंबई मोनोरेल के संचालन-रखरखाव के लिए 296 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था। शुक्रवार को Power Mech Projects का शेयर NSE पर 1.24% की बढ़त के साथ 2,849 रुपये पर बंद हुआ।

RVNL

सरकारी रेल कंपनी RVNL को एक अन्य सरकारी कंपनी NMDC से 2,977 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 10 मिलियन टन सालाना क्षमता वाला बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही लौह अयस्क और दूसरे कच्चे माल की ढुलाई व हैंडलिंग को भी आसान बनाएगा।

प्रोजेक्ट को 42 महीने में पूरा करना है। बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड की मदद से स्टॉक का बेहतर मैनेजमेंट किया जा सकता है। इससे ग्राहकों को एक जैसी गुणवत्ता वाला माल उपलब्ध कराने में भी मदद मिलती है। RVNL के शेयरों में शुक्रवार को 1.32% की गिरावट आई थी और ये 244.31 रुपये पर बंद हुए थे।

Kirloskar Oil

इंजन बनाने वाली Kirloskar Oil Engines (KOEL) को HyperNext से भारत में बन रहे एक बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला है। कंपनी 192 मेगावाट क्षमता के पावर जनरेशन सिस्टम उपलब्ध कराएगी। इसके तहत KOEL के 2500 kVA Optiprime Dual Core सिस्टम की 96 यूनिट लगाई जाएंगी। इनका इस्तेमाल AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को बिजली बैकअप देने के लिए होगा।

कंपनी का कहना है कि AI और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच डेटा सेंटरों को मजबूत बैकअप पावर सिस्टम की जरूरत है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.83% की बढ़त के साथ 2,000 रुपये पर बंद हुआ।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से 425 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए Gas Turbine Generators (GTGs) की सप्लाई करेगी। ये 1.25 मेगावाट क्षमता वाले सिस्टम जहाजों पर बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल होंगे और मौजूदा कम क्षमता वाले सिस्टम की जगह लेंगे। इस ऑर्डर को अगले 5 साल में पूरा किया जाएगा।

इससे एक दिन पहले Bharat Forge की रक्षा इकाई Kalyani Strategic Systems ने अमेरिकी कंपनी AM General के साथ साझेदारी की थी। दोनों कंपनियां दुनिया भर की सेनाओं के लिए 155mm आर्टिलरी गन प्लेटफॉर्म पेश करेंगी। शुक्रवार को Bharat Forge का शेयर 1.45% की बढ़त के साथ 2,048 रुपये पर बंद हुआ।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं। इन गाड़ियों का इस्तेमाल ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, FMCG, सीमेंट, स्टील, माइनिंग, एयरपोर्ट ऑपरेशन्स और यात्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को अपनाए जाने का संकेत है।

हाल ही में कंपनी ने पुराने ट्रकों और बसों को बदलने की सरकारी योजना में शामिल होने के लिए MoRTH के साथ समझौता किया है। शुक्रवार को Tata Motors का शेयर 401.95 रुपये पर बंद हुआ।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Alia Bhatt: ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ में ‘एपस्टीन आइलैंड’ के जोक पर न हंसने के लिए आलिया भट्ट की लोगों ने का तारीफ, समय रैना हुए ट्रोल

Alia Bhatt: समय रैना के शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के नए सीज़न के प्रीमियर पर आलिया भट्ट और शरवरी पहली सेलिब्रिटी गेस्ट थीं। सीज़न 2 के प्रीमियर में कुछ स्टैंड-अप परफॉर्मेंस हुईं, जिनमें से एक में एक कॉमेडियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नकल की। ​​अमेरिका-ईरान के झगड़े से लेकर बॉलीवुड गाना गाने तक, पूरी परफॉर्मेंस में बहुत मज़ेदार पल थे।

हालांकि, एपस्टीन आइलैंड को लेकर की गई एक खास टिप्पणी ने अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। कई लोगों को लगा कि जेफ्री एपस्टीन के आइलैंड जैसे संवेदनशील मुद्दे पर मज़ाक करने की ज़रूरत नहीं थी, जिसका इस्तेमाल दशकों तक ‘यौन शोषण के अड्डे’ के तौर पर किया गया था। एपिसोड के दौरान आलिया उस मज़ाक पर नहीं हंसीं। उनके इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर तारीफ़ हो रही है।

कंटेस्टेंट अविनाश अग्रवाल, जिन्होंने ट्रंप के अंदाज़ और बोलने के लहज़े की हूबहू नकल की थी, उन्हें एपिसोड का विजेता घोषित किया गया। एक मौके पर उन्होंने कहा, “आपको तेल चाहिए? मेरे दोस्त, आइलैंड पर आ जाओ। वहां बहुत तेल है।” जब दर्शक उत्साह दिखा रहे थे और समय रैना ताली बजा रहे थे, तब आलिया ने दूसरी तरफ़ देखा और हंसी नहीं।

इस पल पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूज़र ने कहा, “मुझे यह बात बहुत अच्छी लगी कि आलिया एपस्टीन आइलैंड पर बने मज़ाक पर नहीं हंसीं।” एक और यूज़र ने कहा, “किसी व्यक्ति की जागरूकता और नैतिक मूल्यों का पता एक छोटे से हाव-भाव से ही चल जाता है। पैनल में मौजूद लोगों में से सिर्फ़ आलिया भट्ट ही थीं, जिन्होंने एपस्टीन आइलैंड से जुड़े मज़ाक पर हंसने से इनकार किया। उस पल में उन्होंने बाकी सभी लोगों की तुलना में कहीं ज़्यादा ईमानदारी और नैतिकता दिखाई।”

एक कमेंट में लिखा था, “क्या हम आलिया भट्ट की तारीफ़ कर सकते हैं कि उन्होंने अपने आस-पास के दबाव के बावजूद एपस्टीन आइलैंड वाले मज़ाक जैसे गंभीर विषय पर नहीं हंसा?” एक दूसरे यूज़र ने कहा, “पैनल में आलिया ही एकमात्र ऐसी व्यक्ति थीं जो पूरी तरह से चुप और निराश थीं, क्योंकि वह ट्रंप लगातार वॉर क्राइम, सेक्स ट्रैफ़िकिंग, बच्चों के शोषण, होमोफोबिक और पीडोफिलिक मज़ाक कर रहे थे, जो न तो मज़ेदार थे और न ही दिलचस्प।”

वहीं, शो में ऐसे मज़ाक का मनोरंजन करने के लिए समय रैना की आलोचना हुई। एक कमेंट में लिखा था, “एपस्टीन फ़ाइलें कभी भी कोई मज़ाक का विषय नहीं थीं। उन्हें मज़ाक की तरह लेना उन अनगिनत बच्चों के दुख को कम करके आंकना है, जिनका शोषण और दुर्व्यवहार हुआ और जिन्हें न्याय नहीं मिला।” एक कमेंट में लिखा था, “तो, क्या उस मसखरे समय रैना के लिए एपस्टीन आइलैंड एक मज़ाक है, जबकि वह जानता है कि उस आइलैंड पर बच्चों और महिलाओं के साथ कितनी क्रूरता हुई है? वे सभी हंसे और मज़ाक का आनंद लिया। बीमार लोग।”

‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ का दूसरा सीज़न YouTube और Netflix पर एक साथ रिलीज़ किया गया था; दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर एपिसोड एक ही फ़ॉर्मैट और अवधि में दिखाए गए।

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर और बच्चों के यौन शोषण के दोषी व्यक्ति थे। उनके आइलैंड पर बच्चों के शोषण से जुड़े कई अपराधों की जांच की गई थी, जिसमें राजनीति, कला और व्यापार की दुनिया के कई बड़े लोगों के उनसे जुड़े होने के सबूत मिले थे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपस्टीन के अपराधों के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। हालांकि, यह मामला राजनीतिक रूप से उनका पीछा करता रहा है, खासकर तब से जब उन्होंने अपने 2024 के कैंपेन के दौरान एपस्टीन से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने का वादा किया था, लेकिन पद संभालने के तुरंत बाद ऐसा नहीं किया।

2019 में एपस्टीन अपनी जेल की कोठरी में मृत पाए गए थे। अधिकारियों ने उनकी मौत को आत्महत्या माना। तब से इस मामले को लेकर कई तरह की साज़िश की थ्योरी (conspiracy theories) सामने आई हैं, जिनमें से कुछ को ट्रंप ने अपने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन के दौरान और हवा दी।

चेन्नई: फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक से हड़कंप, 7 की मौत… 67 लोग अस्पताल में भर्ती

Tamil Nadu Ammonia Leak: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में पेरीपालयम के पास एक सीफूड प्रोसेसिंग कारखाने में अमोनिया गैस रिसाव से हड़कंप मच गया। गैस रिसाव की चपेट में आने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज करा रहे सात लोगों की मौत हो गई है। इस घटना में 67 अन्य लोग गैस के प्रभाव से प्रभावित हुए हैं। गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। आपात स्थिति से निपटने के लिए अरक्कोणम स्थित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की चौथी बटालियन को तुरंत अलर्ट किया गया और राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर भेजा गया।

सात  लोगों की हुआ मौत

फैक्टरी में काम करने वाले अधिकांश मजदूर ओडिशा, झारखंड और बिहार समेत उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए हुए थे। गैस लीक होने के बाद कई मजदूरों को सांस लेने में परेशानी, घबराहट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने लगीं। सभी प्रभावित लोगों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। तमिलनाडु के डिजिटल सेवा मंत्री आर. कुमार ने बताया कि गैस रिसाव की घटना से 60 महिलाएं और 4 पुरुष प्रभावित हुए हैं। फैक्ट्री में इस्तेमाल की जा रही अमोनिया गैस को प्रोसेसिंग कार्यों के दौरान कूलेंट के रूप में उपयोग किया जाता था।

सीएम ने दिए जांच के आदेश 

मंत्री ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कंपनी के दो मालिकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। साथ ही, अमोनिया गैस लीक होने के कारणों की जांच की जा रही है, ताकि हादसे की असली वजह का पता लगाया जा सके।

अमोनिया गैस लीक की घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। सरकार ने समिति को 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इस जांच समिति में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक शामिल होंगे। समिति घटना के कारणों, सुरक्षा मानकों में हुई किसी भी चूक और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

Gold Price: अपने रिकॉर्ड स्तर से 28% टूटा गोल्ड! खत्म हो गई तेजी या फिर लौट सकती है चमक?

Gold Price: 2025 में 65% की जोरदार तेजी के बाद 2026 अब तक सोने के लिए खास नहीं रहा है। साल की पहली छमाही में सोना करीब 4% टूट चुका है। जनवरी 2026 के आखिर में सोने ने 5,602 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।

लेकिन इसके बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, बाजार में मुनाफावसूली शुरू हुई और सोने में तेज गिरावट आ गई। जून में इसका भाव करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया। यह रिकॉर्ड स्तर से करीब 28% नीचे था। फिलहाल सोना करीब 4,144 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।

ईरान-अमेरिका समझौते के बाद क्या बदला?

इस समय बाजार की नजर अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर है। होर्मुज स्ट्रेट खुलने से तेल की कीमतों में नरमी आई है। समझौते की खबर के बाद तेल करीब 15% सस्ता हो चुका है। हालांकि निवेशकों के मन में अब भी सवाल है कि यह समझौता कितने समय तक टिकेगा और क्षेत्र में तनाव सचमुच कम होगा या नहीं।

तेल सस्ता होने पर भी क्यों नहीं बढ़ रहा सोना?

यही सबसे बड़ा सवाल है। आमतौर पर तेल सस्ता होने और तनाव कम होने से सोने को सहारा मिलता है। लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग है। फिलहाल सोने की चाल तेल नहीं, बल्कि अमेरिकी ब्याज दरें तय कर रही हैं।

सोने की कीमत पर एक साथ कई चीजें असर डालती हैं। इनमें महंगाई, ब्याज दरें, डॉलर और वैश्विक घटनाक्रम शामिल हैं। इस समय सबसे ज्यादा असर ब्याज दरों का दिख रहा है।

अमेरिकी फेड बना सबसे बड़ी चुनौती

17 जून को हुई अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद संकेत मिले कि 2026 में कम से कम एक बार और ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने भी साफ किया कि महंगाई को काबू में रखना उनकी प्राथमिकता है। इससे ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ गई है।

ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जातीं। वजह यह है कि सोना कोई ब्याज नहीं देता। ऐसे में निवेशकों का रुझान दूसरे विकल्पों की तरफ बढ़ सकता है।

डॉलर भी डाल रहा दबाव

2026 में डॉलर इंडेक्स करीब 2.6% मजबूत हुआ है। दूसरी तरफ सोना करीब 4% गिरा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इसका असर मांग पर पड़ता है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

एक्सपर्ट्स की गोल्ड पर राय

LKP Securities में वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी & करेंसी रिसर्च एनालिस्ट) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में एक बार ब्याज दर बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद सोने पर दबाव बढ़ गया है। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और सोने जैसी ऐसी एसेट्स की चमक कुछ कम हुई है, जो कोई ब्याज नहीं देतीं। फेड के सख्त रुख के बाद बुलियन बाजार में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली भी देखने को मिली है।

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि निवेशकों को अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर रखनी चाहिए। बातचीत में किसी भी तरह की प्रगति या रुकावट कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है।

क्या खत्म हो गई तेजी?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में महंगाई काबू में आती है और फेड ब्याज दरें घटाने की तरफ बढ़ता है, तो सोने में फिर तेजी लौट सकती है। दूसरी तरफ अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है, तब भी सोना निवेशकों के लिए बचाव का एक अहम विकल्प बना रह सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक पिछले कई सालों से लगातार सोना खरीद रहे हैं। उनका भरोसा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में सही समय पकड़ने की कोशिश करने के बजाय पोर्टफोलियो की 5% से 10% रकम सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में रखना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है।

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3000 तक हुआ सस्ता, चांदी ₹10000 लुढ़की

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IMD Heavy Rain Alert: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 23 जून तक इन राज्यों में पहुंचेगी बारिश….IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी लू का असर बना रहेगा।

दो दिन में आगे बढ़ेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और 23 जून के आसपास मानसून के इन राज्यों के और अधिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना है। इससे किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश 

पूर्वोत्तर भारत में अगले कई दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश होने की संभावना जताई गई है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है।

पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। बिहार और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर भारत में ऐसा रहेगा मौसम

उत्तर भारत में भी मौसम का असर दिखाई देगा। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में आंधी और धूल भरी हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं कर्नाटक और केरल में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है।

पश्चिमी भारत में कोंकण, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। कोंकण और गोवा में 22 जून के बाद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

यहां दिखेगा  गर्मी का प्रकोप

हालांकि देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है। विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। विदर्भ में कई स्थानों पर गंभीर लू की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, यातायात संबंधी सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। वहीं बिजली गिरने और तेज आंधी की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर आने वाला सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाला है। जहां कई राज्यों में मानसून राहत की बारिश लेकर आएगा, वहीं कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और लू दोनों की चुनौती बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।