Toxic Release Date: ‘टॉक्सिक’ की नई रिलीज़ डेट का ऐलान, यश की फिल्म अब अगस्त 2026 में देगी दस्तक

Toxic Release Date: यश की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स’ के मेकर्स ने आखिरकार फ़िल्म की रिलीज़ डेट तय कर ली है। यह फ़िल्म अब इस साल 26 अगस्त को रिलीज़ होगी।इस की आधिकारिक घोषणा 2023 में मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स और वेंकट के. नारायण के KVN प्रोडक्शन्स ने की थी। फ़िल्म की शूटिंग अक्टूबर 2024 में शुरू हुई।

शुरू में इसे 10 अप्रैल 2025 को रिलीज़ किया जाना था, लेकिन शूटिंग और प्रोडक्शन में देरी के कारण इसे लगभग एक साल आगे बढ़ा दिया गया। इसके बाद फ़िल्म के लिए 19 मार्च 2026 की तारीख तय की गई, जो ईद, गुड़ी पड़वा और उगादि के समय के हिसाब से है।

हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और उसके बाद गल्फ में पैदा हुए संकट की वजह से ‘Toxic’ की रिलीज़ डेट को एक बार फिर 19 मार्च से बदलकर 4 जून कर दिया गया। बयान में कहा गया, “‘Toxic’ बनकर तैयार है और हम अभी ग्लोबल लेवल पर इसके डिस्ट्रीब्यूशन और पार्टनरशिप को व्यवस्थित कर रहे हैं। इसे देखते हुए हमने अपनी रिलीज़ की टाइमलाइन में बदलाव करने का फ़ैसला किया है।

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हालांकि हम पहले घोषित तारीख यानी 4 जून को इसे रिलीज़ नहीं करेंगे, लेकिन हम इसे बाद में किसी ऐसी तारीख पर रिलीज़ करेंगे जो ग्लोबल लेवल पर सही हो। ‘Toxic’ जल्द ही दुनिया भर के सिनेमाघरों में आएगी।” ‘वैरायटी’ को दिए एक पुराने इंटरव्यू में यश ने अपनी फ़िल्म में हुई देरी के बारे में बात करते हुए कहा, “यह ऐसी बात है जो मेरे फ़ैन्स या भारत के लोगों को पसंद नहीं आएगी। वे नाराज़ होंगे क्योंकि सांस्कृतिक रूप से, जब आप फ़िल्म की शूटिंग शुरू करते हैं, तो लोगों के मन में एक टाइमलाइन बन जाती है।”

कन्नड़ और अंग्रेज़ी में लिखी और शूट की गई इस फ़िल्म के हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम डब वर्शन भी होंगे। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में नयनतारा, हुमा कुरैशी, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे शानदार कलाकार शामिल हैं।

IND-A vs SL-A Final: मैदान पर पहले हुई थी कहासुनी, अब होगी खिताबी भिड़ंत, श्रीलंका से बदला लेने उतरेगी टीम इंडिया

IND-A vs SL-A: ट्राई नेशन सीरीज का फाइनल मुकाबला इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच दांबुला में 21 जून को खेला जाएगा। मेजबान श्रीलंका ए ने अफगानिस्तान ए को बड़े अंतर से हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। अब खिताब के लिए उसका मुकाबला भारत ए से होगा। वहीं दोनों टीमों के बीच पिछले मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच झड़प देखने को मिली थी। इस मैच के दौरान भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलाम्बेज के बीच मैदान पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली थी। ऐसे में फाइनल मुकाबले को लेकर खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच उत्साह और भी बढ़ गया है।

पिछले मुकाबले में मिली थी हार

इंडिया ए और श्रीलंका ए के खिलाफ हुए मुकाबले में निर्धारित 50 ओवरों के बाद मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ। इसके बाद मुकाबले में सुपर ओवर में खेला गया। सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 16 रन बनाए। जवाब में भारत ए की टीम टारगेट हासिल नहीं कर सकी और 9 रन ही बना पाई। श्रीलंका की जीत में युवा तेज गेंदबाज कुगाथास मथुलन ने अहम भूमिका निभाई। अपने अलग गेंदबाजी एक्शन के लिए चर्चा में रहने वाले मथुलन ने दबाव के बीच शानदार गेंदबाजी की और भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी तथा सूर्यांश शेडगे को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। श्रीलंका ए ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की थी।

मैदान पर हुई थी कहासुनी

मैच खत्म होने के बाद मैदान पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। आखिरी गेंद के बाद दोनों टीमों के कुछ खिलाड़ियों के बीच बहस शुरू हो गई। टीवी कैमरों में भी खिलाड़ियों को आपस में बहस करते हुए देखा गया। भारतीय बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे भी नाराज दिखाई दिए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के विशेन हलाम्बेज के बीच भी कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया और सूर्यवंशी ने कथित तौर पर उन्हें धक्का दे दिया। मामला बढ़ता देख खिलाड़ियों और टीम स्टाफ ने बीच में आकर माहौल शांत कराया।

कहां पर देखें मुकाबला

भारत ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई सीरीज का फाइनल मुकाबला रविवार, 21 जून को खेला जाएगा। दोनों टीमें दांबुला के रंगिरी दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खिताब के लिए आमने-सामने होंगी।

कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

भारत ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई सीरीज का फाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा। वहीं मुकाबले का टॉस सुबह 9:30 बजे होगा।

कहां पर देखें लाइव मैच

भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले जाने वाले ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले का सीधा प्रसारण भारत में सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर देखा जा सकेगा। वहीं फैंस भारत ए और श्रीलंका ए के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले को ऑनलाइन देखना चाहते हैं, वे इसे Sony LIV ऐप और उसकी वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए देख सकते हैं।

दोनों देशों की पूरी टीम

भारत ए की पूरी टीम: तिलक वर्मा (कप्तान), प्रियांश आर्या, वैभव सूर्यवंशी, आयुष बदोनी, निशांत सिंधू, हर्ष दुबे, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), विपराज निगम, यश ठाकुर, युद्धवीर सिंह, अंशुल कंबोज, अरशद खान।

श्रीलंका ए की पूरी टीम: सहान अराचिगे (कप्तान), निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समाराविक्रमा, चमिका करुणारत्ने, विजयकांत व्यासकांत, रविंदु फर्नांडो, विशेन हलंबेज, दुलज समुदिथा, मोहम्मद शिराज, अहान विक्रमसिंघे, कुगथास मथुलन, वानुजा सहन, चमिका गुणसेकरा, गरुका संकेत।

‘अखिलेश यादव की सपा में होगी बड़ी टूट…कई नेता बीजेपी के संपर्क में ‘, यूपी के कैबिनेट मंत्री ने किया बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई जब राज्य सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के कई नेता बीजेपी के संपर्क में हैं। ओपी राजभर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के चुनावी और राजनीतिक झटकों के बाद समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, पार्टी के कई नेता मौजूदा नेतृत्व से खुश नहीं हैं और दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

ओम प्रकाश राजभर का बड़ा दावा 

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पार्टी के कुछ नेता और कार्यकर्ता मौजूदा नेतृत्व और पार्टी की दिशा से संतुष्ट नहीं हैं। राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और नेता बीजेपी के संपर्क में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भविष्य में पार्टी प्रमुख का पद छोड़ सकते हैं। हालांकि, राजभर ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत या ठोस जानकारी पेश नहीं की।

सपा ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

हालांकि, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव या पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता की ओर से अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि संगठन में किसी बड़े बदलाव या नेतृत्व परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस तरह के दावे समय-समय पर सामने आते रहते हैं। खासकर जब चुनाव नजदीक हों या किसी पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा चल रही हो, तब ऐसे राजनीतिक बयान और अटकलें तेज हो जाती हैं। फिलहाल समाजवादी पार्टी की ओर से नेतृत्व में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी या संकेत नहीं दिया गया है।

यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल

उत्तर प्रदेश में बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला लगातार तेज होता जा रहा है। दोनों पक्ष आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। बीजेपी जहां राज्य में अपनी स्थिति को मजबूत बता रही है, वहीं विपक्षी दलों का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के नेता इस तरह के बयान देकर राजनीतिक भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ओम प्रकाश राजभर के हालिया दावों के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनके बयानों का आगे कोई बड़ा राजनीतिक असर होगा या नहीं, यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा। फिलहाल, इन दावों ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बहस को जरूर तेज कर दिया है और सभी की नजरें आने वाले घटनाक्रम पर टिकी हैं।

‘मुझे लगता है मेरी नौकरी…’ एक ईमेल ने बदल दी युवक की पूरी जिंदगी, वायरल हुआ पोस्ट

सोशल मीडिया पर इस समय एक युवर की कहानी काफी चर्चा में है। ट्रेन से घर जा रहे एक व्यक्ति की लाइफ कुछ ही मिनटों में बदल गई। जब सफर के दौरान उनके फोन पर एक ईमेल आया, जिसमें उसकी नौकरी जाने की जानकारी दी गई थी। लिंक्डइन पर शेयर की गई ये घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लिंक्डइन यूजर पल्लबी मलिक ने बताया कि सफर के दौरान उनकी मुलाकात एक यात्री से हुई, जिसके साथ उन्होंने परिवार, करियर और आने वाले दिनों की योजनाओं पर लंबी बातचीत की। सब कुछ नॉर्मल चल रहा था, लेकिन तभी उसके फोन पर आया एक नोटिफिकेशन माहौल को पूरी तरह बदल गया। ये घटना कॉर्पोरेट दुनिया में नौकरी और भविष्य से जुड़ी अनिश्चितताओं को एक बार फिर सामने लेकर आई।

पल्लबी मलिक ने बताया कि सफर के दौरान वह व्यक्ति काफी खुश और उत्साहित था। उसने अपने नए घर, उसकी ईएमआई और इस साल अपने माता-पिता को चार धाम यात्रा पर ले जाने के सपने के बारे में बात की। उसे उम्मीद थी कि उसकी जिंदगी अब सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

अचानक आया एक मैसेज

पल्लबी मलिक ने अपनी पोस्ट में लिखा, “पिछले शुक्रवार को ट्रेन यात्रा के दौरान मेरी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई। अगले कुछ घंटों तक हमारी ज़िंदगी से जुड़े कई विषयों पर बातचीत होती रही। उसने अपने नए घर, उसकी भारी ईएमआई और इस साल अपने माता-पिता को चार धाम यात्रा पर ले जाने की योजना के बारे में बताया।” मलिक के मुताबिक, वह व्यक्ति अपने माता-पिता के साथ कुछ समय बिताने के लिए घर जा रहा था। बातचीत के दौरान अचानक उस व्यक्ति के फोन पर एक नोटिफिकेशन आया। मलिक ने बताया कि जैसे ही उसने संदेश देखा, उसके चेहरे के भाव पूरी तरह बदल गए।

खत्म हो गई एक्साईटमेंट

उन्होंने लिखा, “उसने अपना फोन देखा और कुछ ही सेकंड में उसका चेहरा उतर गया। मैंने उससे पूछा, ‘क्या सब ठीक है?’ इस पर उसने मेरी ओर देखा और कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरी नौकरी चली गई है।’” लिंक्डइन पोस्ट के अनुसार, उस व्यक्ति को जो संदेश मिला था, वह नौकरी से निकाले जाने की सूचना वाला ईमेल था। मलिक ने बताया कि एक पल में उसकी खुशी और उत्साह चिंता और तनाव में बदल गया। कुछ देर पहले तक वह अपने माता-पिता से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित था, लेकिन ईमेल पढ़ने के बाद उसकी सबसे बड़ी चिंता यह बन गई कि वह उन्हें अपनी नौकरी जाने की खबर कैसे बताएगा।

मलिक ने लिखा, “घर वही था, ईएमआई भी वही थी और जिम्मेदारियां भी नहीं बदली थीं, लेकिन नौकरी अब नहीं रही थी।” उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों से मिलने के लिए वह बेसब्री से इंतजार कर रहा था, वही लोग अचानक उसके लिए चिंता और डर की वजह बन गए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर कई लोगों को इमोशनल कर दिया। कई यूजर्स ने नौकरी जाने के बाद होने वाले मेंटल और फाइनेंशनल दबाव पर अपनी राय शेयक की। एक यूजर ने लिखा, “एक ईमेल आपकी सबसे खुशहाल यात्रा को पलभर में सबसे मुश्किल सफर में बदल सकता है।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, “ये बेहद दुखद है। एक पल पहले सब कुछ सामान्य लगता है और अगले ही पल पूरी तस्वीर बदल जाती है। जिंदगी कब करवट ले ले, कोई नहीं जानता।” कई लोगों ने कॉर्पोरेट दुनिया की अनिश्चितता पर चिंता जताई, जबकि कुछ ने उम्मीद जताई कि वह व्यक्ति जल्द ही नई नौकरी हासिल कर इस कठिन दौर से बाहर निकल आएगा।

‘अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दो, मेरी पर नहीं’, मेलोनी ने ट्रंप को दे दिया ये जवाब

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने दावा किया था कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने कई बार उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की इच्छा जताई थी। इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मेलोनी ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी और ट्रंप की दोस्ती से इटली में उनकी लोकप्रियता पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को गलत बताया।

मेलोनी ने ट्रंप को दिया जवाब

विवाद बढ़ने के बाद ट्रंप ने फिर दावा किया कि जी-7 सम्मेलन में मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बार-बार अनुरोध किया था। ट्रंप का यह भी कहना था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन नहीं करने के बाद मेलोनी अपनी कथित गिरती लोकप्रियता को सुधारने के लिए अमेरिका और वॉशिंगटन के साथ रिश्ते बेहतर बनाने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, मेलोनी ने ट्रंप के इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

कही ये बात

जॉर्जिया मेलोनी ने डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों का कड़े शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सहयोगी देशों पर इस तरह बार-बार और बिना किसी ठोस वजह के निशाना साधना सही नहीं है। मेलोनी ने ईरान को लेकर अमेरिका के सैन्य अभियान में शामिल न होने के अपने फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इटली ने जो फैसला लिया, वह देश के हितों और अपनी नीति के अनुसार लिया गया था। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक मैसेज में मेलोनी ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप, आपके ये लगातार और बेवजह के हमले समझ से परे हैं। जहां तक मेरी लोकप्रियता का सवाल है, तो आपकी दोस्त होने से मुझे कोई फायदा नहीं मिला है। मेरी लोकप्रियता और राजनीतिक स्थिति आपके साथ रिश्तों पर निर्भर नहीं करती।”

बढ़ा विवाद

मेलोनी ने अपने बयान में आगे कहा कि उनकी लोकप्रियता इस बात पर निर्भर करती है कि वह इटली के हितों की कितनी अच्छी तरह रक्षा करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनका हमेशा यही प्रयास रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों का जिक्र करते हुए कहा कि इटली में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के इस्तेमाल के लिए पहले से तय नियम और समझौते हैं। इटली ने हमेशा इन नियमों का पालन किया है और उनकी सरकार भी ऐसा ही करती रहेगी। उन्होंने साफ कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री हैं, किसी भी तय नियम का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।

मेलोनी ने कहा, “इटली एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है, इसलिए हमारे फैसले देश के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।” उन्होंने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा, “मेरी लोकप्रियता आपकी चिंता का विषय नहीं है। बेहतर होगा कि आप अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दें।”

IND vs AFG: भारत का अफगानिस्तान पर 3-0 से क्लीन स्वीप, शुभमन गिल की कप्तानी में जीती पहली वनडे सीरीज

IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए 3 मैचों की वनडे सीरीज को भारत ने अपने नाम किया है। टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। बतौर कप्तान शुभमन गिल ने पहली बार किसी वनडे सीरीज में जीत हासिल की है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और 218 रन पर सिमट गई।

219 रन के आसान टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 28.4 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर 224 रन बनाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। अफगानिस्तान के लिए हश्मतुल्लाह शाहिदी ने 102 रन की बेहतरीन पारी खेली, लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को हार से नहीं बचा सकी। भारत की जीत की नींव यशस्वी जायसवाल के दूसरे वनडे शतक और रोहित शर्मा के साथ उनकी शानदार ओपनिंग साझेदारी ने रखी।

भारत की शानदार बल्लेबाजी

टारगेट का पीछा करने आई भारत की टीम को रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। रोहित ने शुरुआत में थोड़ा संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन जल्द ही अपने पुराने अंदाज में नजर आए और बेहतरीन शॉट्स लगाए। उन्होंने राशिद खान की गेंद पर शानदार छक्का जड़कर अपना आत्मविश्वास दिखाया। वहीं, जायसवाल ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया और अजमतुल्लाह उमरजई के ओवर में लगातार चौके लगाकर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। उस ओवर में मिले पेनल्टी रन के साथ भारत ने तेजी से स्कोर आगे बढ़ाया और मजबूत शुरुआत हासिल की। रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 22.5 ओवर में 170 रन की शानदार पार्टनरशिप की।

भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन

इससे पहले भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अफगानिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उनकी सटीक गेंदों के सामने अफगान टीम ने महज 36 रन के भीतर अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। मुश्किल हालात में कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ने जिम्मेदारी संभाली और धैर्य के साथ शानदार शतक लगाया। उन्होंने 131 गेंदों में 102 रन की पारी खेलकर टीम को संभाला और अफगानिस्तान को 218 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

NEET-UG Re-Exam के लिए NTA का ‘अभेद्य सुरक्षा कवच’: 21 जून को 22 लाख छात्रों की परीक्षा, नकल रोकने के लिए AI और 51,000 जैमर तैयार

देशभर के 22 लाख से ज्यादा मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़ी सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG 2026 कल यानी 21 जून को आयोजित होने जा रही है। NEET पेपर लीक के बाद ये परीक्षा दोबारा कराई जा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए ‘मेगा तैयारी’ की है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा का ऐसा ‘अभेद्य कवच’ तैयार किया गया है, जिसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।

यह परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में एक साथ आयोजित की जाएगी। इसके लिए कुल 5,440 परीक्षा केंद्र (Exam Centers) बनाए गए हैं।

परीक्षा से जुड़े कुछ बड़े आंकड़े:

कुल छात्र: 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी मैदान में।

परीक्षा केंद्र: भारत और विदेश मिलाकर 5,440 केंद्र।

परीक्षा कक्ष (क्लासरूम): 95 हजार से ज्यादा कमरे तैयार।

भाषाएं: अंग्रेजी के साथ-साथ 12 भारतीय भाषाओं में होगी परीक्षा।

हाई-टेक सुरक्षा: AI और 1.38 लाख कैमरों से ‘तीसरी आंख’ का पहरा

इस बार की परीक्षा में तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि धांधली की कोई गुंजाइश न बचे:

लाइव निगरानी: हर परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। देशभर में कुल 1.38 लाख से अधिक कैमरों से पल-पल की निगरानी होगी।

दिल्ली से नजर: दिल्ली में बैठे 100 से ज्यादा वर्चुअल ऑब्जर्वर (वर्चुअल निरीक्षक) सीधे लाइव सीसीटीवी फुटेज पर नजर रखेंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): सीसीटीवी फुटेज की जांच के लिए एआई (AI) तकनीक की मदद ली जाएगी, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ लेगी।

51,000 जैमर: मोबाइल या ब्लूटूथ से नकल रोकने के लिए सेंटर्स पर रिकॉर्ड 51,311 जैमर लगाए गए हैं।

चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगा स्टाफ, सुरक्षा के कड़े नियम

कड़ी चेकिंग: परीक्षा केंद्र में एंट्री से पहले 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ (जांच कर्मी) अभ्यर्थियों की अच्छे से जांच करेंगे।

चेहरा और अंगूठा मिलान: फर्जी परीक्षार्थियों (सॉल्वर गैंग) को रोकने के लिए 48,448 बायोमेट्रिक कर्मी तैनात रहेंगे। इस बार अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचानना) भी अनिवार्य किया गया है।

निरीक्षकों की फौज: हर कमरे में दो-दो इनविजिलेटर (निरीक्षक) होंगे। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए 6,700 ऑब्जर्वर और हर केंद्र पर एक सेंटर सिस्टम ऑफिसर (CSO) तैनात रहेगा। साथ ही हर सेंटर पर 40 से 50 सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहेंगे।

सीक्रेट मटीरियल सुरक्षित: प्रश्नपत्र और गोपनीय सामग्री को देश के 1,500 बैंकों की शाखाओं में सुरक्षित लॉकर में रखा गया है। परीक्षा के बाद ओएमआर (OMR) शीट को सुरक्षित कलेक्ट करने के लिए डाक विभाग के 700 केंद्र बनाए गए हैं।

आज हुई ‘मेगा मॉक ड्रिल’, छात्रों की सहूलियत का भी रखा पूरा ध्यान

परीक्षा में कोई तकनीकी खराबी या चूक न हो, इसके लिए आज (20 जून) को देशभर के सभी केंद्रों पर एक ‘मेगा मॉक ड्रिल’ (रिहर्सल) की गई, जिसमें सभी सुरक्षा इंतजामों को जांचा गया।

सुरक्षा के साथ-साथ NTA ने चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए छात्रों और अभिभावकों की सहूलियत का भी पूरा ख्याल रखा है:

गर्मी से राहत: सेंटर्स पर पीने का साफ पानी, ओआरएस (ORS) के घोल और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी।

अभिभावकों के लिए इंतजाम: छात्रों के साथ आने वाले माता-पिता के लिए छायादार वेटिंग एरिया बनाया गया है।

कमरे के अंदर: समय देखने के लिए हर कमरे में दीवार घड़ी होगी। साथ ही छात्रों को रफ काम करने के लिए एक्स्ट्रा पेज दिए जाएंगे।

विशेष छूट: बाएं हाथ से लिखने वाले (Left-handed) छात्रों के लिए खास व्यवस्था की गई है। चेकिंग और एंट्री की लंबी प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए इस री-एग्जाम की अवधि (टाइम) को भी थोड़ा बढ़ाया गया है।

‘बार-बार की एग्जाम से थक गया हूं’… NEET री-टेस्ट से 2 दिन पहले छात्र ने दी जान

‘बार-बार की एग्जाम से थक गया हूं’… NEET री-टेस्ट से 2 दिन पहले छात्र ने दी जान

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार को एक दुखद घटना सामने आई है, यहां 22 वर्षीय जतिन कुमार अपने घर में मृत पाया गया। जतिन नीट (NEET) एग्जाम की तैयारी कर रहा था। ये दुखद घटना रविवार को आयोजित होने वाली NEET-UG री-टेस्ट से कुछ दिन पहले हुई। जतिन पिछले कई वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। हालांकि, कई बार प्रयास करने के बावजूद उसे सफलता नहीं मिल पाई थी। बताया जा रहा है कि वह लगातार एग्जाम और उसके दबाव को लेकर परेशान था।

आत्महत्या से पहले वीडियो किया था रिकॉर्ड

पुलिस जांच के दौरान जतिन के मोबाइल फोन से एक वीडियो भी मिला है। माना जा रहा है कि यह वीडियो उसने अपनी मौत से कुछ समय पहले रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह बार-बार एग्जाम देने, सफलता न मिलने और उससे पैदा हुई मानसिक थकान और निराशा के बारे में बात करता नजर आ रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मोबाइल से मिले वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

एग्जाम से पहले की आत्महत्या

परिवार के लोगों के अनुसार, नीट (NEET) एग्जाम की तैयारी कर रहा जतिन कुमार गुरुवार रात रोज की तरह अपने स्टडी रूम में पढ़ाई करने गया था। लेकिन जब वह शुक्रवार सुबह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो परिवार वालों को चिंता हुई। जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो वह बेसुध हालत में पड़ा मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।मामले की जानकारी मिलते ही विजय नगर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घर का निरीक्षण किया, जरूरी सबूत जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने दी ये जानकारी 

नगर कोतवाली की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) उपासना पांडे ने बताया कि जांच में मिले वीडियो को देखकर लगता है कि इसे जतिन ने अपनी मौत से कुछ समय पहले रिकॉर्ड किया था। पुलिस परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट (NEET) परीक्षा को लेकर देशभर में फिर से चर्चा तेज हो गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया था, जिसके बाद परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं, एक अन्य मामले में मध्य प्रदेश के धार जिले की रहने वाली 21 वर्षीय अवंतिका मौर्य की इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अवंतिका नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी और अपनी बड़ी बहन के साथ रह रही थी, जो पेशे से डॉक्टर हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात वह एक चार मंजिला इमारत से गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह थी।

फिर बंद होगा होर्मुज? ईरान की बड़ी चेतावनी, अमेरिका-इजरायल पर लगाया सीजफायर तोड़ने का आरोप!

ईरान ने एक बार फिर दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद करने का ऐलान किया है। ईरानी सेना के शीर्ष कमान का कहना है कि अमेरिका ने शांति समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, जबकि इजरायल लगातार लेबनान में हमले जारी रखे हुए है।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने संघर्षविराम समझौते की पहली शर्त का खुला उल्लंघन किया है और इजरायल दक्षिणी लेबनान में लगातार हमले कर रहा है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद किया जा रहा है।

“यह सिर्फ पहला कदम है”

ईरान ने चेतावनी दी है कि यह शांति समझौते के उल्लंघन के जवाब में उठाया गया पहला कदम है। अगर “आक्रामक कार्रवाई” जारी रही तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस निर्यात का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है।

लेबनान से सेना हटाने की मांग

ईरान लंबे समय से मांग कर रहा है कि इजरायल अपनी सेना लेबनान से वापस बुलाए। लेकिन इजरायल ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखी है।

हालांकि शुक्रवार को इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्षविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इसके बाद भी हिंसा थमती नजर नहीं आ रही है।

शनिवार को दक्षिणी लेबनान के सैदा (सिडोन) के पास एक गांव पर इजरायली हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, नबातियेह जिले में हुए हमलों में 16 लोगों की जान गई।

हिजबुल्लाह सांसद हसन फदलाल्लाह ने कहा कि संगठन को इजरायली हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है।

स्विट्जरलैंड जा सकते हैं जेडी वेंस

इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वह जल्द ही ईरान के साथ वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड जा सकते हैं।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौते के तहत घोषित संघर्षविराम अभी भी कायम है और उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में बंद कर दिया गया है।

शांति वार्ता पर संकट

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में होने वाली नई वार्ता शुक्रवार को टाल दी गई थी। इन बातचीतों का उद्देश्य 60 दिनों के भीतर लंबित मुद्दों, खासकर ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम, पर स्थायी समाधान तलाशना था।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विककोफ वार्ता को फिर से शुरू कराने के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। वहीं, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के भी वहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रंप ने फिर जताई नाराजगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार खुद को क्षेत्रीय युद्ध रोकने वाले नेता के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी समर्थन के बिना इजरायल की स्थिति बेहद कमजोर हो सकती थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप इजरायल की लगातार सैन्य कार्रवाई से नाराज हैं और उन्होंने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान उनके रवैये पर असंतोष भी जताया था।

अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में बंद होता है और क्या अमेरिका-ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता दोबारा पटरी पर लौट पाती है।

पत्नी से मांगी 50 लाख की फिरौती! शेयर बाजार में नुकसान के बाद शख्स ने रची किडनैपिंग खतरनाक साजिश

गुजरात के सूरत में किडनैपिंग का एक अनोखा मामला सामने आया है। इस मामले की जांच कर रही पुलिस को जब किडनैपिंग की सच्चाई पता चली तो हर कोई हैरान रह गया। गुजरात के सूरत में एक व्यक्ति पर खुद के किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, शेयर बाजार में बड़ा आर्थिक नुकसान होने के बाद उसने अपने परिवार से लाखों रुपये हासिल करने के लिए पूरी साजिश रची। शुरुआत में मामला किडनैपिंग का लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान ऐसे सुराग मिले जिनसे पता चला कि घटना के पीछे की हकीकत कुछ और ही थी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान गुजरात के सूरत में मोटा वराछा के रहने वाले जिग्नेश लालजीभाई तलाविया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसने किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाई, फिरौती के मैसेज भेजे और गुजरात और इस वजह से गुजरात के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी जांच एजेंसियों को सक्रिय होना पड़ा।

पुलिस में दर्ज करवाया टिकट

मामले की शुरुआत 12 जून को हुई, जब जिग्नेश की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनका पति एक दिन पहले 11 जून को घर से बिना किसी को बताए गए थे और उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। शिकायत दर्ज होने के कुछ समय बाद परिवार के पास मोबाइल फोन से मैसेज आने लगे, जिनमें दावा किया गया कि जिग्नेश का किडनैपिंग कर लिया गया है। संदेश भेजने वालों ने उसकी रिहाई के बदले 50 लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं मिलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इन संदेशों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने नंबर को किया ट्रैक

फिरौती वाले मैसेज के बाद परिवार को जिग्नेश के मोबाइल से एक वीडियो भी मिला, जिसमें वह काफी घबराया हुआ नजर आ रहा था। वीडियो में भी पैसों की मांग दोहराई गई, जिससे परिवार और पुलिस की चिंता बढ़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई विशेष टीमों को जांच में लगाया। पुलिस ने तकनीकी मदद और निगरानी के जरिए उसकी तलाश शुरू कर दी ताकि जल्द से जल्द उसकी सही लोकेशन का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, जिससे पता चला कि फोन मध्य प्रदेश के उज्जैन क्षेत्र में एक्टिव था। जिसके बाद पुलिस टीमों को सर्च जारी रखने के लिए वहां भेजा गया।

लेकिन एनालिसिस के दौरान, अधिकारियों को डिजिटल सबूतों में कमियां और गड़बड़ियां मिलीं। वीडियो और लोकेशन डेटा किडनैपिंग के दावों से पूरी तरह मेल नहीं खा रहे थे। आगे की जांच से पता चला कि वीडियो शायद गुजरात के गोधरा में रिकॉर्ड किया गया था। इसके आधार पर सर्च एरिया बदल दिया गया।

कब हुआ किडनैपिंग का खुलासा

जांच आगे बढ़ने पर 15 जून को पुलिस ने जिग्नेश को गोधरा के एक होटल से बरामद कर लिया। वह पूरी तरह सुरक्षित था, जिसके बाद किडनैपिंग की आशंका खत्म हो गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसके साथ कोई किडनैपिंग नहीं हुआ था और पूरी घटना एक सोची-समझी योजना का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार, वह 11 जून को खुद ही घर से निकला था। उसने अपना स्कूटर सूरत में एक जगह खड़ा किया, फिर सार्वजनिक वाहन से रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन पकड़कर उज्जैन चला गया था।

क्यों रची ये साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि जिग्नेश ने खुद ही अपने मोबाइल से परिवार को किडनैप होने और पैसे की मांग करने की बात कही गई थी। शक से बचने के लिए वह बीच-बीच में अपना फोन बंद और चालू करता रहा। जांच में ये भी पता चला कि वह दो दिन के लिए उज्जैन में ठहरा था और बाद में गोधरा पहुंच गया। अधिकारियों के अनुसार, आर्थिक परेशानी इस पूरे मामले की मुख्य वजह हो सकती है। जांच के दौरान पता चला कि शेयर बाजार में जोखिम भरे निवेश के कारण उसे भारी नुकसान हुआ था, जिसके चलते उसने यह पूरा नाटक रचा।

50-60 लाख रुपए का हुआ नुकसान

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिग्नेश को पहले हुए आर्थिक नुकसान से उबरने के लिए परिवार की मदद मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसने शेयर बाजार में निवेश जारी रखा। बताया जा रहा है कि बाद में उसे फिर से बड़ा नुकसान हुआ, जिसकी रकम करीब 50 से 60 लाख रुपए तक पहुंच गई। मामले की जांच के बाद उतरन पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।