‘समय के साथ बनेंगे शानदार लीडर’, शुभमन गिल की कप्तानी को लेकर मनोज तिवारी ने दिया बड़ा बयान

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए 3 मैचों की वनडे सीरीज को भारत ने अपने नाम किया है। शुभमन गिल ने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार कप्तानी करते हुए अफगानिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप किया। इसके साथ ही वह तीन मैचों की इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। वहीं रोहित शर्मा के बाद वनडे टीम की कमान मिलने के बाद से गिल पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है और अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि वह टीम को किस तरह आगे लेकर जाते हैं।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी का मानना है कि शुभमन गिल के पास एक अच्छे कप्तान बनने की पूरी क्षमता है और लगातार कप्तानी करने से उनका नेतृत्व कौशल और बेहतर होगा। तिवारी के मुताबिक, गिल अभी कप्तानी के मामले में अनुभव हासिल कर रहे हैं, लेकिन समय के साथ वह एक मजबूत लीडर बन सकते हैं।

मनोज तिवारी ने क्या कहा

मनोज तिवारी ने क्रिकबज पर कहा, “ये सीरीज उनके लिए कप्तान के तौर पर अच्छी रही। वह जितनी ज्यादा सीरीज में कप्तानी करेंगे, उतने ही बेहतर होते जाएंगे। वह अभी जन्मजात लीडर नहीं हैं, लेकिन समय के साथ सीखेंगे। एक नैचुरली लीडर के लिए कई चीजें अपने आप आती हैं, जबकि शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी एक्सपीरिएंस के साथ नेतृत्व करना सीखते हैं। इसलिए रोहित शर्मा, विराट कोहली और यहां तक कि केएल राहुल जैसे सीनियर खिलाड़ियों की सलाह उनके लिए काफी अहम होगी।”**

उन्होंने आगे कहा, “कप्तानी के दौरान जो गलतियां उन्होंने की हैं, उनसे वह सीखेंगे और उन्हें दोहराने की कोशिश नहीं करेंगे। इसके अलावा, जब टीम में इतने अनुभवी और बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हों, तो कप्तान पर दबाव भी काफी हद तक कम हो जाता है।”

भारत ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराया

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को बड़ी जीत दिलाई। अफगानिस्तान द्वारा दिया गया 219 रन का लक्ष्य भारतीय बल्लेबाजों के लिए ज्यादा मुश्किल साबित नहीं हुआ। भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 29 ओवर के भीतर ही लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला एकतरफा बना दिया। अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी का शानदार शतक भी टीम को हार से नहीं बचा सका।

वहीं, यशस्वी जायसवाल ने नाबाद 110 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि रोहित शर्मा ने 79 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों की दमदार बल्लेबाजी के दम पर भारत ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और मुकाबला नौ विकेट से जीत लिया। भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 29 ओवर के अंदर ही टारगेट हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में अफगानिस्तान का 3-0 से पूरी तरह सफाया कर दिया।

Upcoming Movies: अगस्त-सितंबर में सिनेमाघरों की होगी चांदी, ‘टॉक्सिक’ और ‘मिर्जापुर द मूवी’ बैक टू बैक देंगी दस्तक

Upcoming Movies: अगस्त-सितंबर में सिनेमाघरों की चांदी होने वाली है। 10 दिन के भीतर ‘टॉक्सिक’ और ‘मिर्जापुर द मूवी’ जैसी दो बड़ी फिल्में रिलीज की जाएंगी। अगस्त के आखिर और सितंबर की शुरुआत का समय सिनेमाघरों (एग्जीबिशन सेक्टर) के लिए बहुत ही एक्साइटिंग होने वाला है।

26 अगस्त को ‘टॉक्सिक’ और उसके तुरंत बाद 4 सितंबर को ‘मिर्जापुर: द मूवी’ की रिलीज के साथ, थिएटर्स को बैक-टू-बैक दो बड़ी बड़ी फिल्में मिलने वाली हैं। इसकी टाइमिंग वाकई काफी दिलचस्प है। आमतौर पर अगस्त और सितंबर का महीना दशहरा-दिवाली के त्योहारों से ठीक पहले का समय होने की वजह से थोड़ा ठंडा रहता है, इसलिए इतने कम समय के गैप में दो बड़े प्रोजेक्ट्स का आना काफी अनोखा है।

​एक तरफ जहां ‘टॉक्सिक’ के जरिए यश की जबरदस्त पैन-इंडिया अपील फिर से सिनेमाघरों में लौट रही है, वहीं दूसरी तरफ ‘मिर्जापुर: द मूवी’ इंडिया की सबसे कामयाब और मशहूर OTT फ्रेंचाइजी की बड़े पर्दे पर शुरुआत करने जा रही है। दोनों ही फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही बहुत क्रेज और एक मजबूत फैन बेस है, जो सिनेमाघर मालिकों को लगातार कई हफ्तों तक बिजनेस को बनाए रखने का एक शानदार मौका देगा।

​ऐसे समय में जब फिल्म इंडस्ट्री लगातार ऐसी बड़ी फिल्मों की तलाश में है जो थिएटर्स में भीड़ खींच सकें, यह रिलीज टाइमिंग भारी संख्या में दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने का दम रखती है। यह इस ठंडे माने जाने वाले समय को त्योहारों के सीजन से पहले कैलेंडर के सबसे बेहतरीन और कमाई वाले दिनों में बदल सकती है।

Maruti, M&M और Tata Motors तैयार; भारत और यूके के कारोबारी समझौते से बन रहे तगड़े मौके

देश में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की यूनाइटेड किंगडम (यूके) में चरणबद्ध तरीके से ड्यूटी-फ्री एंट्री के लिए सौदा हुआ है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देश की दिग्गज कंपनियां मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra-M&M) और टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स (Tata Motors PV) इस मुक्त व्यापार समझौते यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से मौकों का कैलकुलेशन कर रही हैं। भारत और यूकेके बीच CETA (कंप्रहेंसिव इकनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) 15 जुलाई से लागू होगा। इसके तहत भारत में बनी इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन से चलते वाली पैसेंजर वेईकल्स को छठे वर्ष से कोटा-बेस्ड सिस्टम के तहत बिना किसी कस्टम ड्यूटी के यूके में एंट्री की मंजूरी मिलेगी।

निर्यात को लेकर क्या हुआ है एग्रीमेंट

एग्रीमेंट के तहत भारत में बनी ईवी को यूके में एंट्री पर ड्यूटी में राहत 20 हजार पाउंड से कम, 20-40 हजार पाउंड (करीब ₹25-और 40-80 हजार पाउंड (करीब ₹50 लाख-₹1 करोड़) वाली गाड़ियों को मिलेगी। 80 हजार पाउंड (करीब ₹1 करोड़) से महंगी गाड़ियों को यूके में बिना ड्यूटी एंट्री नहीं मिलेगी। गाड़ियों के निर्यात का यह कोटा छठे वर्ष में 17,600 गाड़ियों से शुरू होगा और धीरे-धीरे बढ़कर 15वें वर्ष में सालाना 88 हजार गाड़ियों तक पहुंच जाएगा।

छठे साल में भारत से 20,000 पाउंड से कम कीमत वाली 6,800 गाड़ियां और 20,000-40,000 पाउंड कैटेगरी की 6,800 गाड़ियां निर्यात हो सकेगी। वहीं 40,000-80,000 पाउंड कैटेगरी की 4,000 गाड़ियों का कोटा तय किया गया है। इस प्रकार कुल कोटा 17,600 गाड़ियों का होगा। 15वें वर्ष से यह कोटा बढ़कर 20,000 पाउंड से कम और 20,000-40,000 पाउंड कैटेगरी में 34,000-34,000 गाड़ियों तक पहुंच जाएगा, जबकि 40,000-80,000 पाउंड कैटेगरी के लिए 20,000 गाड़ियों का कोटा होगा।

क्या कहना है Maruti Suzuki, M&M और Tata Motors PV का

महिंद्रा एंड महिंद्रा ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट वेलुसामी आर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि इस समझौते से भारत में बनी ईवी के लिए नए मौके पैदा हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यूके राइट-हैंड-ड्राइव मार्केट है तो इलेक्ट्रिक एसयूवी के लिए वैश्विक विस्तार रणनीति के तहत इसका वैल्यूएशन किया जाएगा।

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉरपोरेट अफेयर्स) राहुल भारती का कहना है कि इस एग्रीमेंट से भारतीय कंपनियों को निर्यात के मौकों का फायदा उठाने में मदद मिल सकती है। राहुल का कहना है कि मारुति सुजुकी ने पहले ही ईविटारा का यूरोप में निर्यात करना शुरू कर दिया है और लॉन्च के नौ महीनों के भीतर लगभग 36 हजार कारों का निर्यात किया जा चुका है और इस दौरान यूके इसका सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर्स वेईकल्स ने भारत और यूके के बीच एग्रीमेंट को सस्टेनेबल मोबिलिटी के निर्यात को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। टाटा मोटर्स के प्रवक्ता का कहना है कि इस एग्रीमेंट से भारत में बनी ईवी के लिए निर्यात के नए मौके खोलते हुए घरेलू मार्केट में कॉम्पटीशन को भी सपोर्ट मिलेगा।

Tata Motors को 3400 से ज्यादा eCV के ऑर्डर, सोमवार को शेयर भर सकता है फर्राटा

Tata Motors को 3400 से ज्यादा eCV के ऑर्डर, सोमवार को शेयर भर सकता है फर्राटा

टाटा ग्रुप के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस टाटा मोटर्स के शेयरों में सोमवार, 22 जून को अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। कंपनी को माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और यात्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स ने कहा कि इन ऑर्डर्स में लगभग 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल्स और पिक-अप्स, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

इनका इस्तेमाल कई तरह के कामों में होगा, जैसे कि ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, FMCG और FMCD डिस्ट्रीब्यूशन, शहर के अंदर आवाजाही, और साथ ही सीमेंट, स्टील, माइनिंग और एयरपोर्ट ऑपरेशन्स जैसे मुश्किल क्षेत्रों में भी। इसके अलावा, ये वाहन शहर के अंदर और शहरों के बीच यात्री परिवहन के लिए भी इस्तेमाल किए जाएंगे।

टाटा मोटर्स के मुताबिक, इतने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल असल हालात में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों पर ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। साथ ही, यह पायलट प्रोग्राम से आगे बढ़कर अलग-अलग तरह के कामों में EV को बड़े पैमाने पर और ऑपरेशनल तौर पर शामिल करने की दिशा में एक अहम बदलाव का संकेत है। टाटा मोटर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 401.95 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.48 लाख करोड़ रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है।

12 महीनों में eCV पोर्टफोलियो किया काफी मजबूत

कंपनी ने कहा कि पिछले 12 महीनों में उसने अपने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो को काफी मजबूत किया है। अलग-अलग तरह के कामों और ऑपरेशंस की स्थितियों के हिसाब से नई पीढ़ी के eCV पेश किए हैं। टाटा मोटर्स की पहले से ही बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक गाड़ियां चल रही हैं। कई शहरों में इसकी 3,800 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें ऑपरेशनल हैं। ये बसें कुल मिलाकर 55 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं। छोटे कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट की बात करें तो सड़कों पर 17,000 से ज्यादा Tata eSCV चल रहे हैं।

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हाल ही में सरकार के साथ किया है एक समझौता

हाल ही में टाटा मोटर्स ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को नई और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी। योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी।

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा 5 साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे। योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी। योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Javed Akhtar: ‘काश तुम्हारा छोटा दिमाग ये समझ पाता…’, जावेद अख्तर ने इस्लामोफोबिक कमेंट करने वाले ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब

Javed Akhtar: दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर अपनी राय खुलकर व्यक्त करने से कभी नहीं कतराते। हाल ही में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जब एक सोशल मीडिया यूजर ने उनके धर्म पर कमेंट किया, तो अख्तर ने पलटवार करते हुए कहा कि वह नास्तिक हैं।

जावेद अख्तर की ट्रंप विरोधी पोस्ट पर एक प्रशंसक ने कमेंट करते हुए कहा, “सर, आपकी कौम के भी झूठ के लिए एक शेर है मेरे पास… ‘जानते हैं हम जन्नत के हूरों की हकीकत, दिल के बहलाने के लिए ये ख्याल भी अच्छा है’। इसके जवाब में अख्तर ने कहा कि अगर आपका छोटा और कमज़ोर दिमाग़ यह बात समझ सकता है कि मैं एक नास्तिक हूं। तो मुझे मेरी ‘क़ौम’ के बारे में मत बताइए। मेरी ‘क़ौम’ सभी भारतीय हैं, जिसमें आप भी शामिल हैं।

जावेद अख्तर ने मेलोनी के बारे में ट्रंप की अपमानजनक टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा, “ट्रंप, जो हर दिन झूठ बोलने के लिए जाने जाते हैं, ने अपनी कभी न खत्म होने वाली झूठों की लिस्ट में एक और झूठ जोड़ दिया। उनका कहना है कि मेलोनी ने फोटो खिंचवाने के लिए उनसे ‘मिन्नत’ की थी।

सबसे पहली बात, एक आत्मविश्वासी, हाई-प्रोफाइल, लोकप्रिय और सशक्त महिला—जो इटली जैसे महान देश की प्रधानमंत्री हैं, जिसने मिस्टर ट्रंप के देश को संस्कृति, कला, आर्किटेक्चर और बेहतरीन सिनेमा के बारे में इतना कुछ सिखाया है—वह दुनिया के सबसे अलोकप्रिय व्यक्ति के साथ फोटो खिंचवाने के लिए क्यों मिन्नत करेगी? सिर्फ़ बहस के लिए मान भी लें कि ऐसा हुआ था, तो सोचिए कि कितना सस्ता, अभद्र और असभ्य व्यक्ति प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा दावा करेगा।”

जावेद अख्तर भारतीय सिनेमा के सबसे मशहूर लेखकों और गीतकारों में से एक हैं। उन्होंने ‘सिलसिला’, ‘दिल चाहता है’, ‘लगान’, ‘कल हो ना हो’, ‘जब तक है जान’ और कई अन्य फिल्मों के यादगार गानों के लिए गीत लिखे हैं। अपने करियर के दौरान, जावेद अख्तर को कई सम्मान मिले हैं, जिनमें उनके गीतों के लिए कई नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स और फिल्मफेयर अवॉर्ड्स शामिल हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा और साहित्य में उनके योगदान के लिए पद्म श्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था।

Gurudwara Clash Nihang Sikh: रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में भारी बवाल! मैनेजमेंट को बंधक बनाकर छत पर चढ़े निहंग सिख, लहरा रहे हथियार

Gurudwara Clash Nihang Sikh: उत्तराखंड में रुदप्रयाग जिले के नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे में कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं ने जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं मैनेजमेंट को बंधक बनाते हुए गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। आरोप है कि पंजाब से आए कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं ने रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे पर हंगामा करने के बाद डायरेक्ट कब्जा कर लिया। उन्होंने वहां मौजूद एक सेवादार को बंधक बना लिया। ‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुद्वारे की छत पर खड़े कुछ लोग हथियार लहराते भी नजर आए, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है।

पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल निहंग श्रद्धालु 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में एक घटना के बाद गिरफ्तार किए गए निहंगों को छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, निहंग गुरुद्वारे के मैनेजमेंट को भी अपने साथ ले गए और उनके पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे हथियार हैं।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

पुलिस ने बताया कि मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। निहंग श्रद्धालुओं से बात कर उन्हें नीचे आने के लिए मनाने के प्रयास जारी हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (SP) मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।

श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में 16 जून को मत्था टेककर वापस आ रहे कुछ निहंग सिखों का कर्णप्रयाग बाजार में कृष्णा पैलेस होटल के पास वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने कथित रूप से तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया।

8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे में मौजूद

पुलिस के मुताबिक, झड़प में एक सिख श्रद्धालु भी चोटिल हुआ था। घटना के संबंध में पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले चार सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार भी किया गया था। जानकारी के अनुसार, शनिवार को पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग की घटना में एकतरफा कार्रवाई के विरोध में रविवार को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधकों से सहयोग की अपील की थी।

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निहंगो ने अपेक्षा के अनुरूप सहयोग न मिलने पर शनिवार शाम को नगरासू गुरुद्वारे में हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान तोड़फोड़ के बाद मैनेजमेंट को लेकर गुरुद्वारे की छत पर चढ़े तथा नारेबाजी करने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे में मौजूद है। वे गुरुद्वारे के छत पर खड़े होकर हथियार लहरा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि निहंग सिखों की शिकायत ये है कि गुरुद्वारा मैनेजमेंट ने कर्णप्रयाग की घटना पर खुलकर निहांगो का स्टैंड नहीं लिया।

PM मोदी ने एयरपोर्ट पर 45 मिनट तक रोका काफिला, वजह बनी NEET परीक्षा….जानें पूरा मामला

देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET-UG परीक्षा जारी है। देश भर के करीब 22 लाख छात्र आज NEET की परीक्षा दे रहे हैं। वहीं NEET री-एग्जाम के बीच छात्रों को परेशानी न हो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा फैसला लिया। दरअसल दोपहर 1:15 बजे पीएम दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां से उन्हें अपने आवास जाना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पीएम एयरपोर्ट पर ही रुके रहे। ताकि छात्रों को एग्जाम सेंटर पहुंचने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।

NEET परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी। ऐसे में प्रधानमंत्री ने अपने काफिले की आवाजाही से छात्रों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए थोड़ी देर इंतजार किया। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा देने जा रहे छात्र समय पर अपने केंद्रों तक पहुंच सकें और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था भी सामान्य बनी रहे। बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में योग कार्यक्रम और भारतीय नौसेना के एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद नई दिल्ली लौटे थे।

22 लाख छात्र दे रहे हैं एग्जाम

बता दें कि, इससे पहले 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द कर दी गई थी जिसके बाद एग्जाम के लिए नई तारीखों का ऐलान किया गया था। अब इस परीक्षा को सही से करवाने के लिए सरकार और NTA कड़ी मशक्कत कर रही है। इसके पहले 20 जून को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था। इसके साथ ही 51 हजार से ज्यादा जैमर्स का यूज किया जा रहा है जिससे नकल को रोका जा सके। देश भर के करीब 22 लाख छात्र आज NEET की परीक्षा दे रहे हैं। इसके लिए भारत के 551 और विदेशों में 14 शहरों में सेंटर बनाए गए हैं। अभ्यर्थियों के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया और परीक्षा केंद्रों पर मल्टीलेवल सिक्योरिटी अरेंजमेंट लागू की गई।

IND-A vs SL-A: वैभव को लेकर बदले इस दिग्गज खिलाड़ी के सुर, पहले की थी एक मैच में बैन की मांग, अब…

इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई नेशन का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। दांबुला में खेले गए ट्राई-सीरीज के फाइनल में 15 वर्षीय वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज फिफ्टी जड़ने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया, लेकिन वह शतक पूरा करने से बेहद करीब रह गए। कुछ समय पहले वैभव सूर्यवंशी के मैदान पर व्यवहार को लेकर सवाल उठाने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर अब उनकी खुलकर तारीफ कर रहे हैं।

वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल रहे। शुरुआत से ही उन्होंने श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया।

श्रीलंका ए के खिलाफ वैभव की तूफानी पारी

टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में आते ही अपना आक्रामक अंदाज दिखा दिया। उन्होंने पहली ही गेंदों से श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर हमला बोला और शुरुआती पांच गेंदों में ही दो छक्के तथा तीन चौके जड़ दिए। वैभव की बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे। हालांकि, शानदार लय में होने के बावजूद वह शतक से कुछ कदम दूर रह गए, लेकिन उनकी तूफानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

संजय मांजरेकर ने क्या कहा

वैभव की इस पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय मांजरेकर ने एक पोस्ट में लिखा, “अभी एहसास हुआ कि वैभव 50 ओवर के क्रिकेट को एक ऐसे फॉर्मेट के तौर पर देखता है, जहां वह और भी ज्यादा धमाल मचा सकता है! 10 ओवर तक सर्कल के बाहर सिर्फ 2 फील्डर होते हैं, 6 नहीं।” बता दें, ट्राई-सीरीज के दौरान एक मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तनाव देखने को मिला था। मैच के दौरान हुई कहासुनी के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच बहस भी हुई, जिसने काफी चर्चा बटोरी।

पहले किया था ये पोस्ट

इस घटना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी नाराजगी जताई थी और युवा खिलाड़ी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी थी। उन्होंने उस समय कहा था कि मैदान पर खिलाड़ियों को संयम दिखाना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए। संजय ने इससे पहले पोस्ट में कहा, “अगर मैं इंडिया ए का कोच या मैनेजर होता, तो मैं अफगानिस्तान के खिलाफ इस मैच के लिए वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर रखता। सिर्फ उसे यह समझाने के लिए कि मैदान पर इस तरह की झड़प या मारपीट स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे सामने से कितना भी उकसाया गया हो।”

बाजार की गिरावट में छुपा है अमीरी का सीक्रेट! कब गिरेगा बाजार यह सोचना छोड़ें, SIP के इन 4 सीक्रेट्स से बुढ़ापे में बरसेंगे नोट

The Secret behind SIP Success: शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले हर निवेशक के मन में एक सवाल हमेशा घूमता रहता है ‘क्या मुझे अभी निवेश करना चाहिए या मार्केट के गिरने का इंतजार करना चाहिए?’ यह चिंता जायज भी है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता कि उसके निवेश करते ही बाजार में गिरावट आ जाए।

लेकिन कड़वा सच यह है कि बड़े-बड़े दिग्गज फंड मैनेजर भी मार्केट की टाइमिंग का सही अंदाजा नहीं लगा पाते। ऐसे में आम निवेशकों के लिए सबसे बेहतरीन और परखा हुआ फॉर्मूला है- सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी। 4 आसान पॉइंट्स में समझिए लॉंग टर्म में वेल्थ क्रिएशन का असली सीक्रेट।

1. मार्केट की टाइमिंग नहीं, टाइम मायने रखता है

ज्यादातर लोग सही एंट्री पॉइंट की तलाश में सालों खराब कर देते हैं। छोटे समय में बाजार उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। लेकिन जब आप अपने निवेश का नजरिया 10, 15 या 20 साल का कर देते हैं, तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। लंबे समय में अर्थव्यवस्था बढ़ती है, कंपनियां बड़ी होती हैं और बाजार हर बड़े झटके से उबरकर नया हाई बनाता है। इसलिए बाजार कब ऊपर-नीचे हो रहा है, यह देखने के बजाय यह मायने रखता है कि आप कितने लंबे समय तक टिके रहते हैं।

2. मंदी ही है वो समय, जहां भविष्य का मुनाफा बनता है

जब बाजार ऊपर जाता है, तो हर किसी को अपनी एसआईपी का पोर्टफोलियो देखना अच्छा लगता है। लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब बाजार में बड़ी गिरावट आती है। समझदार निवेशक जानते हैं कि मंदी का समय एसआईपी के लिए ‘सेल’ की तरह होता है।

जब बाजार गिरता है, तो आपकी तय रकम जैसे- ₹5000 महीना में आपको उस म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। और जब बाजार दोबारा रिकवर होता है, तो यही मंदी के समय खरीदी गई ज्यादा यूनिट्स आपके रिटर्न को रॉकेट बना देती हैं।

3. इंसानी इमोशन और डर हो जाते हैं दूर

मार्केट की खबरों, हेडलाइंस और लोगों की बातों को सुनकर निवेशक अक्सर डर में गलत फैसले ले लेते हैं। एसआईपी इस डर को निवेश से पूरी तरह बाहर कर देती है। चूंकि हर महीने एक निश्चित तारीख को आपका पैसा खुद-ब-खुद कट जाता है, इसलिए आपको यह सोचने की जरूरत ही नहीं पड़ती कि आज मार्केट तेज है या मंदा। यह ऊंचे बाजार में कम यूनिट्स और गिरे हुए बाजार में ज्यादा यूनिट्स खरीदकर आपके निवेश की लागत को खुद ही एवरेज कर देता है।

4. निवेशक का अपना बर्ताव ही है उसका सबसे बड़ा दुश्मन

वेल्थ क्रिएशन के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बाजार का उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि खुद निवेशक का व्यवहार होता है। जब बाजार गिरता है और चारों तरफ नकारात्मक खबरें होती हैं, तो कई लोग घबराकर अपनी एसआईपी रोक देते हैं या घाटे में म्यूचुअल फंड बेच देते हैं। ऐसा करके वे ‘मंहगे में खरीदने और सस्ते में बेचने’ के जाल में फंस जाते हैं। एसआईपी में सफल वही होता है जो बाजार के सबसे खराब दौर में भी बिना डरे अपनी किस्त चालू रखता है।

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एसआईपी आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से नहीं बचा सकती और न ही यह रातों-रात अमीर बनने की गारंटी देती है। लेकिन यह आपको बिना ज्यादा परेशान हुए, हर महीने अनुशासित तरीके से बचत करने की आदत डालती है। निवेश में कामयाबी एक दिन में सही फैसला लेने से नहीं, बल्कि हर महीने सही फैसले को सालों तक दोहराने से मिलती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।