भारत में Telegram की वासपी, Play Store और Apple App Store से करें डाउनलोड या अपडेट, नहीं खुल रहा ऐप तो करें ये काम

Telegram Ban Lifted: NEET UG Re-Test के समय लगाई गई अस्थायी पाबंदियों के बाद, भारत में अब यूजर्स के लिए टेलीग्राम की सर्विस धीरे-धीरे बहाल होती दिख रही है। यह मैसेजिंग ऐप एक बार फिर Google Play Store और Apple App Store से डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। वहीं, कई यूजर्स ने बताया है कि मैसेज सामान्य रूप से डिलीवर हो रहे हैं। हालांकि, कुछ लोगों को अभी भी चैट खोलने या मैसेज भेजने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में ऐप को एक बार रिफ्रेश या बंद करके दोबारा खोलने से यह समस्या ठीक हो सकती है।

अगर Telegram अभी भी काम नहीं कर रहा है, तो क्या करें?

जो यूजर्स मैसेज नहीं भेज पा रहे हैं या अपनी चैट्स को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं, वे Google Play Store या Apple App Store से Telegram को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें। इसके बाद ऐप को पूरी तरह बंद करें और फिर दोबारा खोलें। ऐसा करने से यूजर्स की समस्या ठीक हो सकती है।

Android यूजर्स ऐसे ठीक करें Telegram की समस्या:

  • Google Play Store खोलें और Telegram के अपडेट्स चेक करें।
  • अगर कोई अपडेट उपलब्ध हो, तो उसका लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल करें।
  • इसके बाद Settings > Apps > Telegram पर जाएं।
  • यहां Force Stop पर टैप करें।
  • अब Telegram को फिर से खोलें और इसे दोबारा कनेक्ट होने के लिए कुछ समय दें।

iPhone पर Telegram की समस्या ऐसे ठीक करें:

  • App Store खोलें और अगर Telegram का नया वर्जन उपलब्ध है, तो उसे अपडेट करें।
  • इसके बाद App Switcher खोलें और Telegram ऐप को ऊपर की ओर स्वाइप करके पूरी तरह बंद कर दें।
  • अब Telegram को दोबारा खोलें और कुछ सेकंड इंतजार करें, ताकि ऐप दोबारा सर्वर से कनेक्ट हो जाए।

इस प्रोसेस से ऐप Telegram के सर्वर के साथ नया कनेक्शन बना पाता है और इससे उन यूजर्स को सामान्य रूप से ऐप इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है जिन्हें अभी भी समस्याएं आ रही हैं।

टेलीग्राम की ऐप स्टोर पर वापसी

मैसेजिंग सर्विस फिर से शुरू होने के साथ-साथ, टेलीग्राम भी गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर वापस आ गया है। प्रतिबंध के दौरान यह ऐप उपलब्ध नहीं था, जिससे इसे डाउनलोड या री-इंस्टॉल करने की कोशिश कर रहे यूजर्स के बीच अनिश्चितता बनी हुई थी।

हालांकि, कई यूजर्स के लिए Telegram की वेबसाइट भी फिर से खुल रही है, जिससे पता चलता है कि अस्थायी पाबंदियां हटाई जा रही हैं।

टेलीग्राम पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?

यह अस्थायी प्रतिबंध तब लगाया गया जब अधिकारियों ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को टेलीग्राम तक पहुंच को अवरुद्ध करने का निर्देश दिया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि ऐसी आशंका थी कि NEET-UG पुनर्परीक्षा से संबंधित परीक्षा सामग्री इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित हो सकती है।

NEET-UG री-एग्जाम से जुड़ी जानकारी और परीक्षा सामग्री Telegram के जरिए शेयर होने की आशंका के चलते अधिकारियों ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) को कुछ समय के लिए Telegram की सेवाओं पर रोक लगाने का निर्देश दिया था।

हालांकि अब Telegram की मैसेजिंग सेवा धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन पहले जारी निर्देशों के अनुसार मैसेज एडिट करने का फीचर 30 जून तक बंद रह सकता है।

अगर किसी यूजर को अभी भी Telegram इस्तेमाल करने में दिक्कत आ रही है, तो वह ऐप को अपडेट करें और पूरी तरह बंद करके दोबारा खोलें। इससे ऐप सामान्य तरीके से काम करने लग सकता है।

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NEET-UG Re-Exam के लिए NTA का ‘अभेद्य सुरक्षा कवच’: 21 जून को 22 लाख छात्रों की परीक्षा, नकल रोकने के लिए AI और 51,000 जैमर तैयार

देशभर के 22 लाख से ज्यादा मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़ी सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG 2026 कल यानी 21 जून को आयोजित होने जा रही है। NEET पेपर लीक के बाद ये परीक्षा दोबारा कराई जा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए ‘मेगा तैयारी’ की है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा का ऐसा ‘अभेद्य कवच’ तैयार किया गया है, जिसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।

यह परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में एक साथ आयोजित की जाएगी। इसके लिए कुल 5,440 परीक्षा केंद्र (Exam Centers) बनाए गए हैं।

परीक्षा से जुड़े कुछ बड़े आंकड़े:

कुल छात्र: 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी मैदान में।

परीक्षा केंद्र: भारत और विदेश मिलाकर 5,440 केंद्र।

परीक्षा कक्ष (क्लासरूम): 95 हजार से ज्यादा कमरे तैयार।

भाषाएं: अंग्रेजी के साथ-साथ 12 भारतीय भाषाओं में होगी परीक्षा।

हाई-टेक सुरक्षा: AI और 1.38 लाख कैमरों से ‘तीसरी आंख’ का पहरा

इस बार की परीक्षा में तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि धांधली की कोई गुंजाइश न बचे:

लाइव निगरानी: हर परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। देशभर में कुल 1.38 लाख से अधिक कैमरों से पल-पल की निगरानी होगी।

दिल्ली से नजर: दिल्ली में बैठे 100 से ज्यादा वर्चुअल ऑब्जर्वर (वर्चुअल निरीक्षक) सीधे लाइव सीसीटीवी फुटेज पर नजर रखेंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): सीसीटीवी फुटेज की जांच के लिए एआई (AI) तकनीक की मदद ली जाएगी, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ लेगी।

51,000 जैमर: मोबाइल या ब्लूटूथ से नकल रोकने के लिए सेंटर्स पर रिकॉर्ड 51,311 जैमर लगाए गए हैं।

चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगा स्टाफ, सुरक्षा के कड़े नियम

कड़ी चेकिंग: परीक्षा केंद्र में एंट्री से पहले 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ (जांच कर्मी) अभ्यर्थियों की अच्छे से जांच करेंगे।

चेहरा और अंगूठा मिलान: फर्जी परीक्षार्थियों (सॉल्वर गैंग) को रोकने के लिए 48,448 बायोमेट्रिक कर्मी तैनात रहेंगे। इस बार अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचानना) भी अनिवार्य किया गया है।

निरीक्षकों की फौज: हर कमरे में दो-दो इनविजिलेटर (निरीक्षक) होंगे। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए 6,700 ऑब्जर्वर और हर केंद्र पर एक सेंटर सिस्टम ऑफिसर (CSO) तैनात रहेगा। साथ ही हर सेंटर पर 40 से 50 सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहेंगे।

सीक्रेट मटीरियल सुरक्षित: प्रश्नपत्र और गोपनीय सामग्री को देश के 1,500 बैंकों की शाखाओं में सुरक्षित लॉकर में रखा गया है। परीक्षा के बाद ओएमआर (OMR) शीट को सुरक्षित कलेक्ट करने के लिए डाक विभाग के 700 केंद्र बनाए गए हैं।

आज हुई ‘मेगा मॉक ड्रिल’, छात्रों की सहूलियत का भी रखा पूरा ध्यान

परीक्षा में कोई तकनीकी खराबी या चूक न हो, इसके लिए आज (20 जून) को देशभर के सभी केंद्रों पर एक ‘मेगा मॉक ड्रिल’ (रिहर्सल) की गई, जिसमें सभी सुरक्षा इंतजामों को जांचा गया।

सुरक्षा के साथ-साथ NTA ने चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए छात्रों और अभिभावकों की सहूलियत का भी पूरा ख्याल रखा है:

गर्मी से राहत: सेंटर्स पर पीने का साफ पानी, ओआरएस (ORS) के घोल और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी।

अभिभावकों के लिए इंतजाम: छात्रों के साथ आने वाले माता-पिता के लिए छायादार वेटिंग एरिया बनाया गया है।

कमरे के अंदर: समय देखने के लिए हर कमरे में दीवार घड़ी होगी। साथ ही छात्रों को रफ काम करने के लिए एक्स्ट्रा पेज दिए जाएंगे।

विशेष छूट: बाएं हाथ से लिखने वाले (Left-handed) छात्रों के लिए खास व्यवस्था की गई है। चेकिंग और एंट्री की लंबी प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए इस री-एग्जाम की अवधि (टाइम) को भी थोड़ा बढ़ाया गया है।

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