मेटल डेकोर से चमकेगा घर का हर कोना? फेंगशुई में बताए गए हैं ये खास फायदे

फेंगशुई (Feng Shui) एक प्राचीन चीनी पद्धति है, जिसे घर और ऑफिस (Office) में सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) बनाए रखने के लिए अपनाया जाता है। इसमें धातु को पांच प्रमुख तत्वों में से एक माना गया है, जो प्रोग्रेस, डिसिप्लिन और सुख-समृद्धि का प्रतीक है। मान्यता है कि सही जगह पर धातु की कलाकृतियां (metal artifacts) रखने से घर का माहौल पॉजिटिव बना रहता है। आइए जानते हैं फेंगशुई में धातु की कलाकृतियों का क्या महत्व है और इन्हें किस तरह इस्तेमाल करना शुभ (auspicious) माना जाता है:

घर का माहौल बदल सकती है ये छोटी-सी चीज

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फेंगशुई (Feng Shui) के अनुसार धातु की कलाकृतियां (Feng Shui) घर या ऑफिस में एनर्जी के फ्लो को बैलेंस करने में मदद करती हैं। खासतौर पर पीतल, तांबा, स्टील या कांस्य से बनी डेकोरेटिव आइटम नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) को कम कर सकारात्मक माहौल बनाने का प्रतीक मानी जाती हैं। इन्हें ऐसी जगह रखना बेहतर माना जाता है, जहां लोग सबसे ज्यादा समय बिताते हैं।

सफलता से जुड़ा है इसका खास कनेक्शन

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धातु तत्व (metal element) को फोकस, डिसिप्लिन और डिसीजन लेने की एबिलिटी से जोड़ा जाता है। इसलिए ऑफिस (offices), स्टडी रूम (study room) या वर्कप्लेस (workplace) में धातु की कलाकृतियां (metal artifact) रखने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इससे काम के प्रति एकाग्रता बढ़ती है और करियर (career) या व्यवसाय (business) में नई संभावनाओं का माहौल बनता है।

खुशहाली का छिपा हुआ राज

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फेंगशुई में धातु के सिक्के (metal coin), धातु का जहाज (metal ship model), सुनहरे रंग की कलाकृतियां (gold-colored artifact) या धातु से बने शुभ प्रतीकों (metal symbol) को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इन्हें घर के उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखने की सलाह दी जाती है, ताकि पॉजिटिव एनर्जी का बैलेंस बना रहे।

सजावट के साथ मिलेगा डबल फायदा

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धातु की कलाकृतियां (Metal artifact) केवल फेंगशुई के लिहाज से ही नहीं, बल्कि इंटीरियर डेकोरेशन में भी खास भूमिका निभाती हैं। मॉडर्न डिजाइन वाली मेटल वॉल आर्ट, मूर्तियां या हैंगिंग पीस घर को स्टाइलिश और एलिगेंट लुक देते हैं। इससे घर का माहौल भी ज्यादा ऑर्गेनाइज्ड और अट्रैक्टिव दिखाई देता है।

मन को सुकून देने वाला आसान तरीका

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फेंगशुई के अनुसार धातु तत्व मेंटल क्लैरिटी और इमोशनल बैलेंस का प्रतीक है। शांत और सुंदर धातु की कलाकृतियां (metal artifact) देखने से मन को सुकून महसूस हो सकता है और घर में सकारात्मक वातावरण का एहसास बढ़ सकता है। हालांकि इसे व्यक्तिगत आस्था के रूप में देखा जाता है।

एक छोटी-सी गलती बिगाड़ सकती है असर

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फेंगशुई में धातु तत्व के लिए पश्चिम (West) और उत्तर-पश्चिम दिशा (Northwest direction) को शुभ माना जाता है। इसलिए धातु की कलाकृतियों को इन दिशाओं में रखना बेहतर माना जाता है। साथ ही इन्हें हमेशा साफ और अच्छी कंडीशन में रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि टूटी या जंग लगी वस्तुएं शुभ नहीं मानी जातीं।

इसे अपनाते समय भूलकर भी न करें ये काम

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फेंगशुई में किसी भी एलिमेंट का बैलेंस सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए पूरे घर में केवल धातु की डेकोरेटिव आइटम (decorative item) रखने के बजाय लकड़ी, पौधे, पानी और मिट्टी जैसे अन्य तत्वों के साथ बैलेंस बनाकर डेकोरेट करने की सलाह दी जाती है। इससे घर का वातावरण बैलेंस्ड और खूबसूरत बना रहता है।

18% टूटे Medplus Health के शेयर, निवेश के दो तगड़े ऐलान के बावजूद कमजोर रिजल्ट पड़ा भारी

Medplus Health Share Price: देश की सबसे बड़ी रिटेल फार्मेसी ओमनी चैनल मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज के शेयरों को जून तिमाही के रिजल्ट से तगड़ा शॉक लगा है। इसके झटके से मेडप्लस के शेयर करीब 18% टूट गए और फिसलकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए। शेयरों को निवेश के दो बड़े ऐलान से भी सपोर्ट नहीं मिल पाया। अभी की बात करें तो फिलहाल 14.95% की गिरावट के साथ मेडप्लस का शेयर ₹676.45 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 17.80% टूटकर ₹653.80 तक आ गया था।

Medplus Health Services Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज के लिए किसी झटके से कम नहीं रही। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 21.7% गिरकर ₹33.17 करोड़ पर आ गया। मुनाफे में यह गिरावट ऐसे समय में आई, जब कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू इस दौरान 21.84% बढ़कर ₹1879.60 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए इस दौरान 1.9% बढ़कर ₹130.7 करोड़ पर पहुंचा लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन 8.5% से फिसलकर 7.1% पर आ गया। जून तिमाही में कंपनी ने 146 नए स्टोर खोले जिसमें 131 फ्रेंचाइजी स्टोर्स थीं।

कहां निवेश कर रही मेडप्लस?

एक्सचेंज फाइलिंनग में नतीजे के साथ-साथ कंपनी ने बताया कि इसकी मुख्य सब्सिडियरी ऑप्टिवल हेल्थ सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड तेलंगाना के हैदराबाद में एक फूड पार्क बनाने की योजना बना रही है। इसमें कोल्ड प्रेस ऑयल निकालने वाली यूनिट भी शामिल होगी। इसमें करीब ₹40 करोड़ की पूंजी लगेगी। इसके अलावा कंपनी की योजना हैदराबाद में एक कॉन्सिअर्ज हेल्थ एंड वेलनेस सर्विसेज फैसिलिटी शुरू करने की भी है। इसमें करीब ₹115 करोड़ का निवेश होगा जिसमें ₹90 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

मे़डप्लस हेल्थ सर्विसेज के शेयरों ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को कुछ ही महीने में बीमार कर दिया। 21 मई 2026 को बीएसई पर यह ₹1,020.35 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से दो ही महीने में यह 35.92% फिसलकर आज 22 जुलाई 2026 को ₹653.80 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Trump Tariffs: जेनेरिक्स पर ट्रंप का एक ऐलान, फार्मा सेक्टर में कोहराम, भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा इतना गहरा असर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Delhi Metro Stations closed: दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन अगले आदेश तक बंद, यहां देखें पूरी लिस्ट और जानिए कहां मिलेगी इंटरचेंज सुविधा

Delhi Metro Stations Closed: सुरक्षा कारणों से बुधवार (22 जुलाई) सुबह राजधानी दिल्ली में जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय समेत 16 मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। यह कदम जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया है।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संसद तक मार्च के ऐलान पर हजारों लोगों के मध्य दिल्ली में पहुंचने के कारण सोमवार को भी कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए थे।

डीएमआरसी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “नीचे दिए गए मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज (दूसरी लाइन की मेट्रो बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी।”

ये मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद

1. लोक कल्याण मार्ग

2. राजीव चौक

3. पटेल चौक

4. रामकृष्ण आश्रम मार्ग

5. बाराखंभा रोड

6. सुप्रीम कोर्ट

7. सेवा तीर्थ

8. जनपथ

9. मंडी हाउस

10. सेंट्रल सेक्रेटेरिएट

11. ITO

12. दिल्ली गेट

13. इंद्रप्रस्थ

14. खान मार्केट

15. जोर बाग

16. शिवाजी स्टेडियम

ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज यात्रियों और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित विरोध मार्च के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने स्पेशल ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसके चलते संसद भवन और आसपास के इलाकों में भारी जाम, ट्रैफिक डायवर्जन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से यात्रा की पहले से योजना बनाने, अतिरिक्त समय लेकर निकलने और जहां तक संभव हो दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, संसद क्षेत्र के आसपास वाहनों की आवाजाही प्रभावित रह सकती है।

इन सड़कों पर जाने से बचें

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने निम्नलिखित रूट्स से बचने की सलाह दी है:-

रफी मार्ग

मोतीलाल नेहरू मार्ग

मौलाना आजाद रोड

के. कामराज मार्ग

रायसीना रोड

राजेंद्र प्रसाद रोड

संसद मार्ग

अशोक रोड

तालकटोरा रोड

पंडित पंत मार्ग

रकाबगंज गुरुद्वारा रोड

इन पर्यटन स्थलों पर भी पड़ सकता है असर

ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण राजधानी के कई प्रमुख पर्यटन स्थल भी प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें:-

इंडिया गेट

राष्ट्रपति भवन

कर्तव्य पथ

संसद भवन क्षेत्र

राष्ट्रीय संग्रहालय

जनपथ मार्केट

कनॉट प्लेस

जंतर-मंतर

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

  • घर से समय से पहले निकलें।
  • प्रभावित इलाकों और सड़कों से जानें से बचें।
  • IGI एयरपोर्ट या नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री अतिरिक्त समय रखें।
  • ट्रैफिक की लाइव अपडेट और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी पर नजर बनाए रखें।
  • जहां संभव हो, दिल्ली मेट्रो का उपयोग करें। लेकिन पहले DMRC के अकाउंट से अपडेट जरूर ले लें।

Video: 20 घंटे काम, पढ़ाई का दबाव और खर्चों की चिंता… विदेश में छात्रों की जिंदगी का सच आया सामने

विदेश में पढ़ाई करना आज कई भारतीय छात्रों का सपना बन चुका है। बेहतर करियर, नई संभावनाओं और अच्छी जीवनशैली की उम्मीद में हजारों छात्र हर साल दूसरे देशों का रुख करते हैं। लेकिन विदेश पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी हमेशा आसान नहीं होती। यूरोप में रह रहे भारतीय शख्स राहुल महाजन ने एक वीडियो में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की उन परेशानियों को सामने रखा, जिनका सामना उन्हें पढ़ाई के साथ करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कई छात्र भारी खर्च और कर्ज लेकर विदेश जाते हैं, लेकिन वहां पहुंचने के बाद पढ़ाई, पार्ट टाइम नौकरी और रोजमर्रा के खर्चों के बीच फंस जाते हैं।

सीमित काम के घंटे, आर्थिक दबाव और भविष्य की चिंता कई छात्रों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। राहुल की बातों ने विदेश जाकर पढ़ाई करने के सपने और उसकी वास्तविकता के बीच के अंतर पर नई चर्चा छेड़ दी है।

विदेश में शुरू होती है संघर्ष की दौड़

राहुल महाजन ने कहा कि कई छात्र भारत में अच्छी जिंदगी छोड़कर विदेश जाते हैं, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है। बड़ी फीस खर्च करने के बाद भी उन्हें पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम नौकरी करनी पड़ती है।

उनका कहना है कि कई बार छात्रों को ऐसे काम भी करने पड़ते हैं, जिन्हें उन्होंने भारत में कभी करने की कल्पना नहीं की थी।

20 घंटे काम की सीमा और बढ़ता खर्च

महाजन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए काम करने के घंटे सीमित होते हैं, जिससे कमाई करना आसान नहीं होता। पढ़ाई के साथ सीमित समय में नौकरी करना, किराया, खाने और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना काफी मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने बताया कि कई छात्र अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए हर तरह का काम करने को मजबूर हो जाते हैं।

एजुकेशन लोन का बोझ बढ़ाता है दबाव

विदेश में पढ़ाई का सपना पूरा करने के लिए कई छात्र एजुकेशन लोन लेते हैं। लेकिन विदेश पहुंचने के बाद पढ़ाई और नौकरी के साथ-साथ लोन चुकाने की चिंता भी लगातार बनी रहती है। महाजन ने कहा कि छात्रों पर आर्थिक दबाव के अलावा परिवार और समाज की उम्मीदों का भी बोझ रहता है। कई लोगों को बार-बार यह सवाल झेलना पड़ता है कि वे कब वापस आएंगे।

NRI बनने का सपना और हकीकत के बीच फंसे छात्र

राहुल महाजन ने बताया कि विदेश में बसने की प्रक्रिया, पढ़ाई पूरी करना और भविष्य की योजनाएं बनाना भी छात्रों के लिए आसान नहीं होता। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इस वीडियो के बाद कई लोगों ने विदेशी शिक्षा और वहां की जिंदगी की वास्तविक चुनौतियों पर चर्चा शुरू कर दी है।

यह वीडियो उन छात्रों के लिए एक सोचने का मौका है, जो विदेश जाने का फैसला केवल चमक-दमक देखकर लेते हैं, लेकिन वहां की वास्तविक चुनौतियों को समझना भी उतना ही जरूरी है।

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Indo-MIM IPO: पैसे कर लें तैयार! कल से खुलेगा ₹3,811 करोड़ का मेगा मेनबोर्ड आईपीओ, ग्रे मार्केट में 40% ऊपर चल रहा भाव

Indo MIM IPO Details & GMP: अगर आप आईपीओ मार्केट में दांव लगाने की योजना बना रहे हैं, तो बेंगलुरु बेस्ड प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर इंडो-एमआईएम का बड़ा आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से खुल रहा है। ₹3,811.21 करोड़ का यह मेनबोर्ड आईपीओ बाजार में दस्तक देने से पहले ही ग्रे मार्केट में धमाल मचा रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में करीब 40% के तगड़े प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहे हैं, जो लिस्टिंग के दिन शानदार रिटर्न का संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं इस आईपीओ की प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें, वित्तीय सेहत और अन्य प्रमुख बातें।

Indo-MIM IPO की सभी जरूरी डिटेल्स

  • एंकर इनवेस्टर्स के लिए बिडिंग: 22 जुलाई
  • इश्यू ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 23 से 27 जुलाई
  • प्राइस बैंड: ₹461 से ₹485 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,550
  • शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

इश्यू साइज और फंड का इस्तेमाल

यह आईपीओ कुल ₹3,811.21 करोड़ का है जिसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹3,312 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) है। ओएफएस के तहत ग्रीन मीडोज इन्वेस्टमेंट्स 6.05 करोड़ शेयर, अनुराधा कोडुरी 54.59 लाख शेयर और आईआईटी मद्रास 23.07 लाख शेयर बेच रहे हैं।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹500 करोड़ में से ₹400 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। कंपनी का मई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,212.3 करोड़ का बकाया कर्ज था। बाकी फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।

कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बिजनेस

1996 में स्थापित इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी ऑटोमोटिव, डिफेंस, मेडिकल, कंज्यूमर और एयरोस्पेस सेक्टर्स के लिए काम करती है। फाइनेंशियल ग्रोथ की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल (YoY) 26% बढ़कर ₹533.5 करोड़ हो गया। इसी अवधि में परिचालन राजस्व भी 26% बढ़कर ₹4,193 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

आईपीओ मार्केट पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स Investorgain और IPO Watch के मुताबिक, 22 जुलाई की सुबह इंडो-एमआईएम के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹194 से ₹195 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसकी संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹485 (अपर प्राइस बैंड) + ₹195 (GMP) = ₹680 प्रति शेयर हो सकती है। निवेशकों को इस आईपीओ की लिस्टिंग पर ही करीब 40.21% का मुनाफा हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

घर में कपूर-तेजपत्ता जलाने से होंगे अनोखे फायदे और बदल जाएगी किस्मत! or घर में एक साथ जलाएं कपूर और तेजपत्ता, फिर देखें कैसे पलट जाएगी आपकी किस्मत!

भारतीय घरों में कपूर और तेजपत्ते का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि घर के वातावरण को सुगंधित और सकारात्मक बनाए रखने के लिए भी किया जाता है। माना जाता है कि इन दोनों को एक साथ जलाने से कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कपूर के साथ तेजपत्ता जलाने से क्या होता है और इससे जुड़े फायदे:

घर की दुर्गंध कम करना

Miraculous Benefits of Burning Camphor Daily in Your Home, Religious Beliefs and Scientific Facts - शाम को घर में कपूर जलाने से मिलते हैं चमत्कारी लाभ, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक फायदे ...

कपूर और तेजपत्ता साथ में जलाने से उनकी सुगंध पूरे कमरे में फैल जाती है, जिससे बंद कमरे की बासी या हल्की दुर्गंध कम महसूस हो सकती है। अगर घर में खाना बनने या नमी की वजह से गंध आ रही हो, तो यह वातावरण को ज्यादा ताजा और खुशबूदार बना सकता है।

मन को शांत और रिलैक्स महसूस कराने में मदद 

साधारण चावल का स्वाद बढ़ाने के लिए बस कुछ तेज पत्ते ही काफी हैं।

कपूर और तेजपत्ते की महक कई लोगों को मानसिक शांति और सुकून का एहसास कराती है। दिनभर की थकान या तनाव के बाद इसे जलाने से वातावरण शांत महसूस हो सकता है, जिससे मन को आराम मिलने और मूड बेहतर होने में मदद मिल सकती है।

मच्छरों और छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद

मच्छरों को दूर रखने के 7 तरीके

घरेलू मान्यताओं के अनुसार कपूर का धुआं और तेजपत्ते की खुशबू कुछ हद तक मच्छरों व छोटे उड़ने वाले कीड़ों को दूर रखने में सहायक हो सकती है। हालांकि, इसे मच्छरों से बचाव का पूरी तरह प्रभावी नहीं माना जाता।

घर में ताजगी का एहसास बना रहता है

खाली कोनों को स्टाइलिश जगहों में बदलने के 10 रचनात्मक तरीके

अगर कमरे में लंबे समय तक खिड़कियां बंद रहती हैं, तो कपूर और तेजपत्ता जलाने से हल्की प्राकृतिक सुगंध फैल सकती है, जिससे घर का माहौल ज्यादा फ्रेश और सुखद महसूस होता है। यह अर्टिफिशियल रूम फ्रेशनर का एक ट्रेडिशनल ऑप्शन भी माना जाता है।

ध्यान और योग के लिए शांत वातावरण तैयार करता है

प्रकृति और स्वास्थ्य का संगम करने वाले योग मंच

कई लोग मेडिटेशन, योग या प्रार्थना से पहले कपूर और तेजपत्ता जलाते हैं। इसकी हल्की सुगंध मन को एकाग्र करने और शांत माहौल बनाने में मददगार महसूस हो सकती है, जिससे ध्यान लगाने में आसानी हो सकती है।

कपूर और तेजपत्ता कैसे जलाएं?

मंगलवार को कपूर के साथ जलाएं ये चीज, धन से भर जाएगी तिजोरी! – TV9 Bharatvarsh

कपूर और तेजपत्ता जलाने के लिए एक छोटी धातु की कटोरी या कपूरदानी में 1–2 कपूर की टिकियां और 1–2 सूखे तेजपत्ते रखें। सुरक्षित स्थान पर कपूर में आग लगाकर इसे कुछ मिनट तक जलने दें, ताकि इसकी सुगंध पूरे कमरे में फैल सके। इस दौरान कमरे में वेंटिलेशन रखें और जलते हुए कपूर को कभी भी बिना निगरानी के न छोड़ें।

ICSE 10th Improvement Result 2026: 10वीं के इंप्रूवमेंट नतीजे जारी, 24 जुलाई से डिजिलॉकर पर मिलेगी डिजिटल मार्कशीट

ICSE 10th Improvement Result 2026: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) से 10वीं कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्र अपनी इंप्रूवमेंट परीक्षा के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इन छात्रों के लिए आज अच्छा दिन है। बोर्ड ने इंडियन काउंसिल फॉर सेकेंडरी एग्जामिनेशन (ICSE) 10वीं इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। 15 जून से 30 जून, 2026 तक हुई इम्प्रूवमेंट परीक्षा में शामिल छात्र अब सीआईएससीई रिजल्ट्स पोर्टल के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं। डिजिटल मार्कशीट भी 24 जुलाई, 2026 से डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगी।

इस साल, 37 विषयों/पेपर्स में 13,032 पेपर-वाइज एंट्रीज के साथ 5,321 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। यह परीक्षा 341 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जबकि 43 केंद्रों पर 185 परीक्षकों ने छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया था। सीआईएससीई ने स्पष्ट किया है कि मुख्य और इम्प्रूवमेंट परीक्षा में मिले अधिक अंकों को अंतिम अंक माना जाएगा।

आईसीएसई 10वीं कक्षा इम्प्रूवमेंट रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें?

छात्र आईसीएसई 10वीं इम्प्रूवमेंट रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं :

  • सीआईएससीई रिजल्ट्स पोर्टल cisce.org पर जाएं।
  • आईसीएसई इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन रिजल्ट 2026 लिंक चुनें।
  • ज़रूरी लॉगिन क्रेडेंशियल डालें।
  • रिजल्ट देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • आगे के रेफरेंस के लिए प्रोविजनल स्कोरकार्ड डाउनलोड करके सेव कर लें।
  • स्कूल CAREERS पोर्टल के जरिए टेबुलेशन रजिस्टर और कैंडिडेट-वाइज रिपोर्ट देख सकते हैं।

आईसीएसई 10वीं कक्षा इम्प्रूवमेंट रिजल्ट 2026: एक नजर

परीक्षा तारीख : 15 जून से 30 जून, 2026

कुल कैंडिडेट शामिल हुए : 5,321

पेपर-वाइज एंट्री : 13,032

कवर किए गए सब्जेक्ट/पेपर : 37

एग्जाम सेंटर : 341

इवैल्यूएशन सेंटर : 43

इवैल्यूएशन करने वाले एग्जामिनर : 185

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आईसीएसई 10वीं कक्षा इम्प्रूवमेंट स्कोरकार्ड 2026 डाउनलोड करके सुरक्षित रखें, क्योंकि मेन और इम्प्रूवमेंट एग्जाम में मिले मार्क्स में से जो ज्यादा होगा, उसे फाइनल स्कोर माना जाएगा। रिजल्ट से जुड़े किसी भी सवाल के लिए, स्कूल सीआईएससीई हेल्पडेस्क से helpdesk@cisce.org पर संपर्क कर सकते हैं या 1800-203-2414 पर कॉल कर सकते हैं।

Indian Army Recruitment 2026: जेईई, नीट या क्लैट का स्कोर दिला सकता है सेना में एंट्री, सीधे एसएसबी इंटरव्यू में शामिल होने का मिलेगा मौका

Bandhan Bank Share Price: RoA गाइडेंस में कटौती से शेयर 15% टूटा, ब्रोकरेज फर्मों ने भी घटाया भरोसा, अब क्या निवेशक!

Bandhan Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर की लीडिंग बैंक बंधन बैंक (Bandhan Bank) के शेयर में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। तिमाही नतीजों में शानदार बढ़त के बावजूद शेयर इंट्राडे में 15 फीसदी टूट गया। अच्छे नतीजों के बाद भी शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह ‘एग्जिट RoA’गाइडेंस में कटौती रही है। बंधन बैंक के मैनेजमेंट ने अपनी अर्निंग्स कॉल में बताया है कि इसने अपने ‘एग्जिट RoA’ गाइडेंस को पहले के 1.6%-1.8% से घटाकर 1.2%-1.4% कर दिया है। मैनेजमेंट ने यह भी कहा कि डिपॉजिट की अधिक लागत के कारण मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।

मैनेजमेंट ने डिपॉजिट कॉस्ट, अनिश्चित ग्लोबल माहौल, मॉनसून और टेक्नोलॉजी पर अधिक खर्च को बैंक के लिए कुछ मुख्य जोखिमों के तौर पर बताया है। यहीं कारण है कि बैंक का शेयर 208.60 रुपये के मुकाबले सीधे 10 फीसदी लोअर सर्किट के साथ 187.75 रुपये पर खुला है और इसके बाद करीब 10 बजे तक ये 14 फीसदी गिरकर 179.25 रुपये पर है।

नतीजों के बाद ब्रोकरेज की क्या है राय

मैनेजमेंट के बयान के बाद ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग बदल दी है। इसने पिछली “Buy” रेटिंग को घटाकर “hold” कर दिया है। हालांकि इसका प्राइस टारगेट ₹225 प्रति शेयर बनाए रखा है, जो मंगलवार के क्लोजिंग लेवल से 8% ऊपर की बढ़त दिखाता है।

मोतीलाल ओसवाल ने बंधन बैंक के लिए फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के अर्निंग्स एस्टिमेट में क्रमशः 14% और 6% की कटौती की है और उम्मीद है कि लेंडर अगले दो सालों में क्रमशः 1% और 1.4% का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) देगा।

जेपी मॉर्गन 

जेपी मॉर्गन ने बंधन बैंक पर अपनी “Neutral” रेटिंग बनाए रखी है और 175 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है, जो स्टॉक में 15% की गिरावट दिखाता है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि गाइडेंस में कटौती बंधन बैंक की अर्निंग्स कॉल में एक मुख्य फोकस पॉइंट थी, जिसमें RoA और ग्रोथ गाइडेंस में बड़ी कटौती की गई थी।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि लेंडर ने अपने लोन ग्रोथ गाइडेंस को 14% से 15% के टारगेट के निचले सिरे तक घटा दिया है। बंधन बैंक ने ज़्यादा एनर्जी कॉस्ट और सप्लाई चेन में रुकावटों से बढ़ते एसेट क्वालिटी रिस्क के साथ-साथ अनिश्चित मॉनसून के कारण ग्रोथ में जानबूझकर मंदी का हवाला दिया है।

नोमुरा

नोमुरा ने बंधन बैंक पर अपनी “Neutral” रेटिंग की राय दी है और इसके लिए 190 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। नोमुरा ने कहा कि बंधन बैंक के एवरेज सेविंग्स अकाउंट रेट्स को 20 बेसिस पॉइंट्स और पीक टर्म डिपॉजिट रेट्स को भी पहली तिमाही के आखिर में 20 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाने के कदम का हवाला दिया, क्योंकि डिपॉजिट में बहुत ज़्यादा कॉम्पिटिशन था और इसलिए, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में कॉस्ट पर इसका असर दिखेगा।

ब्रोकरेज ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027-2028 अर्निंग्स पर शेयर अनुमानों में 4% की कटौती करके 7% कर दिया है और क्रेडिट कॉस्ट अनुमानों को पहले के 2% से घटाकर 1.8% करने के बाद भी, 18-24 बेसिस पॉइंट्स कम मार्जिन बना रहे हैं।

CLSA

डाउनग्रेड और सतर्क कमेंट्री के बीच, CLSA ने बंधन बैंक पर अपनी “Outperform” रेटिंग बनाए रखते हुए इसके लिए ₹235 टारगेट प्राइस तय किया है। CLSA का कहना है कि बैंक के RoA गाइडेंस में कटौती से बाजार डर सकता है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2028 के लिए 1.3% का उनका अनुमान वैसे भी कम था।

बंधन बैंक पर 26 एनालिस्ट का कवरेज है, जिनमें से 15 ने “buy” रेटिंग दी है, सात ने “hold” कहा है, और चार ने स्टॉक पर “Sell” रेटिंग दी है।

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Trump Tariffs: जेनेरिक्स पर ट्रंप का एक ऐलान, फार्मा सेक्टर में कोहराम, भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा इतना गहरा असर

Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार 22 जुलाई को 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ लगाने की नई टाइमलाइन का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद अब सन फार्मा (Sun Pharma), ल्यूपिन (Lupin), सिप्ला (Cipla) समेत देश की कई दवा कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका में आयात होने वाली दवाईयों पर सभी जेनेरेकि दवाओं पर अब दो साल तक कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। ट्रंप के ऐलान के मुताबिक इसके बाद 1 अगस्त 2028 से इन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा और 1 अगस्त 2029 से इसे बढ़ाकर 200% कर दिया जाएगा।

Trump Tariffs: अमेरिका के लिए कितना अहम है जेनेरिक्स?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मुकाबिक जेनेरिक दवाओं का उत्पादन अमेरिका में करने के लिए टैरिफ पॉलिसी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां तय समय के भीतर अमेरिका में अपने प्लांट और इक्विपमेंट नहीं लगाएंगी, उन्हें टैरिफ झेलना पड़ेगा। इससे पहले ट्रंप ने जो टैरिफ लगाए थे, उसके दायरे में ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाईयां थीं, जिसमें अभी भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले वाली पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयां शामिल नहीं थीं क्योंकि अमेरिका में डॉक्टर्स करीब 90% जेनेरिक्स दवाईयां ही लिखते हैं। ट्रंप सरकार ने ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट के सेक्शन 232 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर फार्मा इंडस्ट्री की जांच भी शुरू की थी। इसके अलावा आम लोगों सीधे सस्ती दवाओं की बिक्री के लिए Trump RX नाम से एक प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया।

भारतीय फार्मा कंपनियों पर क्या असर?

जेनेरिक्स पर अमेरिकी टैरिफ का भारतीय कंपनियों पर बहुत असर पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि भारतीय दवा कंपनियों का अमेरिका में जितना सेल्स वॉल्यूम है, उसका करीब 90% तो जेनेरिक्स दवाईयों का है तो अमेरिका जितना जेनेरिक्स आयात करता है, उसमें 40% भारत से है। भारत से अमेरिका को करीब $1 हजार करोड़ का फार्मा एक्सपोर्ट है। इसके अलावा भारत के बाहर अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से मंजूरी मिली हुई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में सबसे अधिक भारतीय कंपनियों की ही हैं, जिनकी संख्या लगभग 670 है।

अमेरिका की तुलना में भारत में क्यों बनती हैं अधिक दवाईयां

भारत में दवा बनाने की लागत अमेरिका की तुलना में 30-50% तक सस्ती पड़ती है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक इंडस्ट्री के कई जानकारों का मानना है कि अभी यह देखना बाकी है कि इस नीति को वास्तव में कैसे लागू किया जाएगा और ट्रंप के कार्यकाल के बाद इस पर क्या होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक लगातार कीमतों में गिरावट, तगड़े कॉम्पटीशन , अलग-अलग प्रकार की डोजेज और सख्त मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी के चलते अमेरिका में बड़े पैमाने पर जेनेरिक दवाओं का उत्पादन आसान नहीं है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अमेरिका में बड़े वॉल्यूम में प्रोडक्शन कैपेसिटी डेवलप करने में कई दशक लग सकते हैं, क्योंकि कम लागत वाली जेनेरिक दवाइयां बनाने को लेकर अमेरिका की क्षमता काफी हद तक कम हो चुकी है।

अमेरिका में किन भारतीय कंपनियों की है मौजूदगी

कई भारतीय कंपनियों की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। अरबिंदो फार्मा की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी मौजूदगी है तो डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, ल्यूपिन, सिप्ला और जाइडस लाइफ जैसी कंपनियों का भी अमेरिका में कारोबार फैला हुआ है। वहीं एल्केम लैब्स और टोरेंट फार्मा जैसी कंपनियां पूरी तरह से भारत में मौजूद मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर निर्भर हैं और अमेरिका से उनकी कमाई बहुत अधिक नहीं होती है। बायोकॉन जैसी कंपनियां बायोसिमिलर और जेनेरिक दवाओं के प्रोडक्शन के लिए भारत और मलेशिया की यूनिट्स पर निर्भर हैं, जबकि सेनोरेस फार्मा की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी है।

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